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  • भारत के मुस्लिम मुगल से नहीं सम्बंधित लेकिन मुगलों की बीबियां कौन थी

    वाराणसी:- उत्तरप्रदेश की वाराणसी में चल रहे ज्ञानवापी मस्जिद विवाद को लेकर हर ओर चर्चाएं हैं। हर कोई इस मस्जिद के भीतर का सच जानना चाहता है वही अब इस मस्जिद विवाद पर सियासी रंग देंखने को मिल गया है। वही अब इस मामले के संदर्भ में एआईएमआईएम प्रमुख असुद्दीन ओवैसी ने मुसलमान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है और कहा है कि भारत का मुसलमान मुगल से सम्बंधित नहीं उनका मुगल से कोई रिश्ता नहीं है। लेकिन एक सवाल का जवाब दो की मुगल सम्राट की बीवियां कौन थी। 

    ओवैसी के इस बयान ने सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया है। ओवैसी के इस बयान के बाद अभी ओवैसी हिंदुओ के निशाने पर है और लोग ओवैसी को खरी खोटी सुना रहे हैं। जानकारी के लिए बता दें वाराणसी में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद को आलमगीर मस्जिद भी कहा जाता है। इसको लेकर इस समय पूरे भारत मे विवाद जारी है हिंदुओं का दावा है कि 1669 मे मुग़ल आक्रमणकारी औरंगजेब ने यहां स्थित विश्वेश्वर मंदिर तोड़कर ज्ञानवापी मस्जिद का निर्माण करवाया था। 
    वही अब इस मस्जिद में चल रही जांच के बाद एक आकृति प्राप्त हुई है जिसे लेकर यह दावा किया जा रहा है कि वह शिवलिंग है हालांकि मुस्लिम पक्ष इस आकृति को फब्बारा बता रहा है। अभी इस विषय को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है।

  • कांग्रेस धर्म विरोधी इसे पता नहीं क्यों राम से समस्या:- हार्दिक पटेल

    Gujarat politics:- गुजरात मे इस साल के अंत मे विधानसभा चुनाव होने को हैं वही कांग्रेस इस समय अपने प्रतिद्वंद्वी के निशाने पर है। अभी हाल ही में जहां कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने अपने पद से इस्तीफा दिया था और इस्तीफे के पीछे अनेको कारण बताए थे। वही अब कल भरत सिंह सोलंकी ने राम को लेकर विवादित बयान दिया जिसके बाद से सियासी गलियारों में हलचल मची हुई है। सोंलकी के राम मंदिर की शिला पर पेशाब करने वाले बयान पर अब हार्दिक पटेल ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है और गुजरात कांग्रेस की कड़ी आलोचना की है।

    हार्दिक पटेल ने कहा कि जब मैंने भाजपा का दामन छोड़ा और अपने पद से इस्तीफा देते हुए कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा जिंसमे मैने इस्तीफे के पीछे छुपे कारणों का उल्लेख किया तो लोगो ने मेरा विरोध किया और कहा मैं डर में हूँ जेल जाने के खौफ से ऐसा कर रहा हूँ मेरा अगला विकल्प भाजपा है मैं भाजपा में जाने के उद्देश्य से यह सब बोलता हूं और राम के प्रति प्रेम जाहिर कर रहा हूँ। लेकिन आज गुजरात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने राम विरोधी बयान देकर यह साबित कर दिया की गुजरात कांग्रेस के नेता ईश्वर और आस्था में कितना विश्वास रखते हैं। 
    उन्होंने आगे कहा लम्बे समय के बाद अब जब प्रभु श्री राम के मंदिर का निर्माण हो रहा है तो कांग्रेस की ओर से ऐसा बयान उनकी ओछी सोच का वर्णन कर रहा है। उनके इस बयान से यह स्पष्ट है कि वह जनता और आस्था के विरोधी है। यह हिन्दू धर्म विरोधी है और यह नहीं पता इन्हें प्रभु श्री राम से क्या समस्या है और वह इनकीं आंखों में क्यों खटकते रहते हैं। हार्दिक ने आगे कहा यह आज की बात नहीं है मैंने 2019 में कांग्रेस ज्वाइन की थी मैं तब से देख रहा हूँ यह धर्म विरोध में रहते हैं यह जनता की भावनाओं को नहीं समझते कांग्रेस की इन नीतियों के कारण वह पिछले 8 वर्ष से केंद्र में सत्ता से दूर है और गुजरात मे पिछले 27 साल से सत्ता से बाहर है।

  • पहले अंग्रेज हिन्दू को मुस्लिम के विरुद्ध भड़कते थे अब भाजपा:- महबूबा मुफ्ती

    Gujarat:- इस साल के अंत मे जहां गुजरात मे विधानसभा चुनाव होने को हैं वही पूरे देश मे हिन्दू मुस्लिम विवाद छिड़ा है। ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर दोनो धर्म आपस मे भिड़े है। हिन्दू पक्ष दावा कर रहा है कि ज्ञानवापी मस्जिद नहीं मंदिर है वही सर्वे में दी गई रिपोर्ट में मंदिर के अंदर हिन्दू देवी देवताओं से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। वही अब इस पर राजनीति तेज हों गई है और पीपुल डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने इस मामले पर भाजपा को घेरा है। 

    महबूबा मुफ्ती ने कहा यह सब सिर्फ मुस्लिम को भड़काने के लिए किया जा रहा है लोग चाहते हैं मुसलमान भड़के और उनकी इन हरकतों पर प्रतिक्रिया करे जिससे माहौल बिगड़े और जो घटाएँ गुजरात मे हुई उन्हें यूपी में दोहराया जा सके। उन्होंने कहा जब हमारा देश गुलाम था और अंग्रेजों का भारत पर आधिपत्य था तो यह हिंदुओं को मुसलमान के विरोध में भड़काते थे लेकिन आज अंग्रेजों की नीति पर भाजपा चल रही है और लोगो को भड़का रही है। 
    हमारे प्रधानमंत्री को लगता है यह सब अच्छा है देश मे शांति का माहौल बना हुआ है। लेकिन वास्तविकता कुछ और हैं आज भाजपा सरकार देश को बांटने में जुटी हुई है और आज पूरा देश गुजरात मॉडल , यूपी मॉडल , असम या मध्य प्रदेश मॉडल बनने की फिराक में आगे बढ़ रहा है। आज सभी राज्यों के मुख्यमंत्री यह नहीं देख रहे की उनके राज्य में विकास कितना हुआ है लेकिन वह यह देख रहे हैं कि मुसलमान को अधिक परेशान कौन कर सकता है। इसी उद्देश्य के चलते हर राज्य में मंदिर मस्जिद का मुद्दा उठाया जा रहा है और दो गुटों को आपस मे लड़वाया जा रहा है।

  • आरसीपी सिंह के इस्तीफे नीतीश कुमार ने कही बड़ी बात

    भारत:- इस समय आरसीपी सिंह चर्चा का विषय बने हुए हैं और हर ओर इनके इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई है। आरसीपी सिंह की राज्यसभा सदस्य की सदस्यता 7 जुलाई को समाप्त हो रही है और इस बार उन्हें उनकी पार्टी द्वारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया है। वही सोचने वाली बात यह है कि जेडीयू के पास अब कोई सीट भी नहीं है जिसपर वह आरसीपी सिंह को राज्यसभा भेज दे। 

    आरसीपी सिंह के इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने कहा, अभी उनकी सांसदी का कार्यकाल बाकी है और चुनाव से पूर्व ही चुनाव चल रहा है। अभी उन्हें इस्तीफा देने की क्या आवश्यकता है अभी उनका काम चल रहा है। बाकी की जो भी चीजे है वह आगे निर्धारित की जाएगी और कौन मंत्री बनेगा यह भी बाद में निर्धारित होगा। अभी चीजे ठीक चल रही हैं समय आने पर निर्धारित किया जाएगा की क्या होगा। पार्टी में अभी हालात सही है कोई दिक्कत नहीं है। 
    नीतीश ने आगे कहा पार्टी में किसी प्रकार का कोई मतभेद नहीं है। खीरू महतो हमारे झारखंड के पुराने साथी है इसलिए हमने उन्हें उम्मीदवार बनाया है। उनके उम्मीदवार बनाए जाने के बीच किसी को किसी भी प्रकार का कोई मतभेद नहीं है।  
    खबर यह है कि जेडीयू में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह के बीच सब कुछ ठीक नहीं है उनके बीच जारी मतभेद को राज्यसभा का उम्मीदवार नहीं बनाए से जोड़ा जा रहा है। 
    खबर है कि आरसीपी सिंह इस बात से नीतीश सरकार से रुष्ट है बीजेपी के पास 303 सांसद हैं और उन्हें किसी ज़रूरत नहीं है. ये तो उनकी उदारता थी कि उन्होंने जेडीयू को मंत्री का एक पद दिया. चुनाव पूर्व गठबंधन था लेकिन चुनावी नतीजे के बाद सरकार बनाने में हमारी कोई भूमिका नहीं रह गई थी. कुछ लोग झगड़ा लगाने का काम करते हैं. उन्होंने एक पद दे दिया, वही बड़ी बात है।

  • राजस्थान सरकार:- कांग्रेस के मंत्री ने अपने पद को बताया ज़लालत भरा कहा चाहिए आजादी

    राजनीतिक:- कांग्रेस में मची हलचल की खबरे तूल पकड़े हुए थी कि अब राजस्थान कांग्रेस के खेल एंव युवा मामलों के मंत्री अशोक चांदना ने पार्टी से नाराजगी जाहिर करते हुए अपने पद से इस्तीफा देने की बात कही है। उनके इस्तीफे की खबर जैसे ही सियासी गलियारों में आई उसने कांग्रेस की नींव हिला दी और कांग्रेस एक बार पुनः अपनी पार्टी के नेताओ को जोड़कर रखने के विषय मे फेल साबित कर दिया । 

    अशोक चन्दना ने अपने इस्तीफे का जिक्र अपने ऑफिशियल ट्वीटर अकाउंट से किया और कहा आज वह जिस पद पर असित हैं उसे गहलोग के प्रमुख सचिव कुलदीप रांका दे दिया जाए। 

    पढ़े अशोक चन्दना का ट्वीट:-

    अशोक चन्दना ने ट्वीट किया की माननीय मुख्यमंत्री जी मेरा आपसे व्यक्तिगत अनुरोध है की मुझे इस ज़लालत भरे मंत्री पद से मुक्त कर मेरे सभी विभागों का चार्ज श्री कुलदीप रांका जी को दे दिया जाए, क्योंकि वैसे भी वो ही सभी विभागों के मंत्री है। धन्यवाद अशोक के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया है और लोग इस पर जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। 

     

    अशोक चन्दना के ट्वीट पर क्या बोले यूजर्स:-

    अशोक के इस ट्वीट पर एक यूजर लिखता है कि प्रदेश में CHA शुरुआत करने जा रहा “कांग्रेस छोड़ो आंदोलन”
    प्रदेश के सभी जिलों,विधानसभा,गाँव ढाणी में जाकर CHA शुरुआत करेगा युवाओं के साथ मिलकर कांग्रेस पार्टी छोड़ो की। सरकार 30 मई तक CHA के पक्ष में न्याय नही करती तो 1 जून से CHA द्वारा कांग्रेस छोड़ो आन्दोल की शुरुआत।

     

    एक अन्य यूजर लिखता है कि ये भाजपा को जिताने के लिए माननीय मंत्री जी की साज़िश चल रही है जो कांग्रेस सरकार को बदनाम कर रहे हैं। अगली बार सचिन पायलट भी भाजपा से मुख्यमंत्री बनेंगे। ये सभी मिलकर राजस्थान से कांग्रेस को खत्म करने का भाजपा से बिडा उठा चुके हैं।

     

    एक यूजर सचिन और इनपर आरोप लगाते हुए बोला व्यक्तिगत अनुरोध मिलकर किया जाता है माननीय मंत्री महोदय, पार्टी और कार्यकर्ताओ की छवि को धूमिल करने का क्या मतलब है , आपको समस्याएं थी तो माननीय मुख्यमंत्री जी से मिलकर हल कीजिए ..हम लोगो को मेहनत पर पानी फेरने का क्या मतलब है पहले सचिन पायलट ने कार्यकर्ताओ का मज्जाक बनाया अब आप।

     

    पहले से जारी कांग्रेस में खींचातानी:-

    उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और अशोक गहलोत के मध्य सियासी उठापटक जारी है। राजस्थान कांग्रेस इस वक्त एकजुटता की भाषा नहीं बोल रही वह दो गुटों में विभक्त है और दो तरह की बात कर रही है। पार्टी में मची अंदरूनी कलह कांग्रेस को राजस्थान में कमजोर बना रही है और उसके आगामी भविष्य को खतरे में डाल रही है। राजनीतिज्ञ विशेषज्ञ का कहना है कि कांग्रेस इस समय जिस स्थिति में है उससे यह स्पष्ट है कि आगामी समय मे अगर कांग्रेस का नेतृत्व सही हाँथो में नहीं दिया गया तो इसे खत्म होने से कोई नहीं बचा पाएगा। क्योंकि अभी हाल ही में कांग्रेस को पांच राज्यों में करारी हार का सामना करना पड़ा। गुजरात में हार्दिक पटेल ने कांग्रेस का दामन यह कहकर छोड़ दिया की कांग्रेस की नीतियों विरोधी है न की हितकारी वही अब राजस्थान कांग्रेस के नेता अशोक चंदना का यह ट्वीट कांग्रेस के अस्तित्व पर कई सवाल खड़े कर रहा है।

    चंदना के ट्वीट पर भाजपा ने दी प्रतिक्रिया:-

    चंदना के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा की राजस्थान में स्किल डेवलपमेंट और यूथ अफेयर्स मंत्री अशोक चांदना जी ने अपने पदभार को ” जलालत” भरा बताते हुए गहलोत जी से मुक्त करने की मांग की है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे युवा द्वारा ये शब्द कहना कांग्रेस सरकार को सामंतवादी साबित करता है। युवा मामलों के मंत्री यदि जलालत का अनुभव कर रहे हैं तब राज्य के युवाओं का सोचिए?

     

  • हार्दिक ने जॉइन की भाजपा, सोशल मीडिया पर बरसा गुस्सा, यूजर बोला जूती बनकर आगे बढ़ने को तैयार हार्दिक भाई

    Gujarat election:- गुजरात कांग्रेस से इस्तीफा देखकर आज पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने भारतीय जनता पार्टी जॉइन कर ली है। भाजपा जॉइन करने से पूर्व हार्दिक ने कहा वह भाजपा के लिए छोटा सिपाही बनकर काम करेंगे। 

    हार्दिक पटेल ने ट्वीट कर कहा कि , राष्ट्रहित, प्रदेशहित, जनहित एवं समाज हित की भावनाओं के साथ आज से नए अध्याय का प्रारंभ करने जा रहा हूँ। भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र भाई मोदी जी के नेतृत्व में चल रहे राष्ट्र सेवा के भगीरथ कार्य में छोटा सा सिपाही बनकर काम करूँगा।

    भाजपा से जुड़कर बोले हार्दिक मुझे पद का मोह नहीं:-

    भाजपा जॉइन करते हुए हार्दिक पटेल ने कहा मुझे पद का लालच नहीं है मैं काम करना चाहता हूं मैने कांग्रेस का दामन काम की मांग करते हुए छोड़ा। वही भाजपा को मैंने काम के उद्देश्य से चुना है और काम की परिभाषा पर ध्यान केंद्रित करते हुए मैं भाजपा से जुड़ा हूँ। मुझे पद की अभिलाषा न कांग्रेस में रहते हुए थी न भाजपा में रहेगी। 

     

    हार्दिक पटेल के भाजपा से जुड़ने के बाद यह खबरे तेज हो गई है कि अब यह इस बार चुनावी पाटीदार समाज को भाजपा की ओर करने के लिए चुनावी रणभूमि में कूदेंगे। सूत्रों का कहना है कि हार्दिक सौराष्ट्र की मोरबी या अहमदाबाद जिले में अपने पैतृक गांव वीरमगाम सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। 

    हार्दिक जुड़े भाजपा से तो सोशल मीडिया पर बरस पड़ी आलोचनाएं:-

    हार्दिक पटेल ने आज जहां भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा है वही अब सोशल मीडिया पर लोग हार्दिक पटेल की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। एक यूजर हार्दिक के ट्वीट पर लिखता है कि गुलामी मुबारक। हार्दिक भाई पछताओगे बहुत यहां आज नहीं तो कल मुख्यमंत्री होते अब आप उसी अडानी अम्बानी के गुलाम बनकर रहोगे जिसके साहब बन चुके हैं।

     

     

    अन्य यूजर लिखता है जूती बनकर आगे बढ़ने को तैयार हार्दिक भाई को हार्दिक बधाई। 

     

     

  • आरएसएस अब नहीं करेगा मंदिर को लेकर कोई आंदोलन हर मस्जिद में शिवलिंग तलाशना गलत:- मोहन भागवत

    India:- भारत मे जहाँ इस समय मंदिर मस्जिद का मसला उफनाया हुआ है और इस मंदिर मस्जिद के मसले को लेकर हिन्दू मुस्लिम आपस मे भिड़े हुए हैं। वही अब इस बीच आरएसएस संघ प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान सामने आया है। मोहन भागवत ने नागपुर में संघ के कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा है कि अब आरएसएस मंदिर को लेकर कोई आंदोलन नहीं करेगा। उन्होंने कहा आरएसएस ने राम मंदिर आंदोलन में हिस्सा लिया था और इस बात को कोई झुठला नहीं सकता। क्योंकि उस समय संघ ने अपने उद्देश्य का विरोध किया था और राम मंदिर आंदोलन का संघ हिस्सा बना था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। 

    मोहन भागवत ने ज्ञानवापी का जिक्र करते हुए कहा इतिहास को कोई बदल नहीं सकता और न उससे अपना मुह मोड़ सकता है। ज्ञानवापी वास्तव में एक बड़ा मुद्दा है लेकिन इसे हिन्दू मुस्लिम से जोड़ना बिल्कुल ठीक नहीं है। जो मुसलमान आक्रमणकारी थे वह बाहर से आए थे उनके किये कृत्यों के लिए देश का माहौल बिगाड़ना उचित नहीं है। उन्होंने कहा संघ का उद्देश्य प्रेम का व्यापक प्रचार प्रसार करना है और हिंदुत्व के भाव से आगे बढ़ना है। संघ अब देश मे किसी प्रकार का विवाद नहीं देखना चाहता है क्योंकि अब हम भारत को विश्व गुरु बनाने की राह पर आगे बढ़ रहे हैं और अब हमें एकता के साथ आगे बढ़ना होगा व सभी को शान्ति का पाठ पढ़ाना होगा।
    भागवत बोले अब हर मस्जिद में शिवलिंग तलाशने की आवश्यकता नहीं है कुछ आस्था के स्थल हो सकते हैं लेकिन हर बात को बड़ा करके मुद्दा बनाकर विवाद बढाना उचित नहीं है। वही हमे हिन्दू धर्म को मजबूत बनाने का प्रयास करना चाहिए न कि फजूल के विवादों को बढ़ाना चाहिए हिंदू धर्म को और ताकतवर बनाना है लेकिन न खुद डरना है और न ही किसी को डराना है. सभी के साथ मिलकर रहना है और विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर होना है।

  • भाजपा कर रही मुसलमान का अपमान:- assudin owaisi

    Politics:- पैगम्बर मोहम्मद पर टिप्पणी के मामले में भारतीय जनता पार्टी ने आज अपनी प्रवक्ता नूपुर को पार्टी से बाहर कर दिया है। नूपुर के पार्टी से निकलने के बाद भी मामला शान्त नहीं पड़ा है और इस मामले पर एआईएमआईएम प्रमुख असुद्दीन ओवैसी ने टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी होनी चाहिए। वही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा की जब देश में मुस्लिम की बात आती है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नहीं सुनाई देता है भाजपा मुसलमान का अपमान कर रही है।

    उन्होंने आगे कहा भाजपा मुस्लिम हितैषी नहीं है आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 10 दिन बाद यह क्यों याद आया की नूपुर शर्मा को पार्टी से निष्कासित करना चाहिए। यह भाजपा ही है जो अपने लोगो को बोलती है कि जाकर गाली दो और उनके प्रवक्ता टीवी डिबेट में हेट स्पीच करते हैं। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नाकामी है कि उन्होंने नूपुर शर्मा को पार्टी से तब निष्कासित किया जब बाहरी देशो ने उनकी इस टिप्पणी की आलोचना की। 
    उन्होंने आगे कहा, अब भाजपा को अपनी नींद खोल लेनी चाहिए और नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी करवानी चाहिए। अगर हम कानपुर की घटना की बात करे तो वहां भाजपा ने त्वरित कार्यवाही की और जो लोग दोषी पायेंगे उनपर उसने NSA लगा दिया। लेकिन जब इस मामले की बात आई तो वह नूपुर शर्मा को पार्टी से निष्कासित कर इस मामले को दबाना चाहते हैं।

  • आजमगढ़ से धर्मेन्‍द्र यादव ने भरा पर्चा, कहा-यहां न मुकाबला था न रहेगा, 2024 के मिल मिलेगी नई दिशा

    UP News लखनऊ । समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजमगढ़ उपचुनाव के उम्मीदवार को लेकर नामांकन के आखिरी दिन सस्पेंस खत्म कर दिया है। पार्टी ने यहां से पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है। टिकट मिलते ही धर्मेंद्र यादव आजमगढ़ आ गए और पार्टी की ओर से अपना फॉर्म भरा। इस मौके पर धर्मेंद्र यादव ने कहा कि आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी के लिए कभी कोई मुकाबला नहीं था, न है और न ही होगा। उन्होंने कहा कि इस उपचुनाव के नतीजे 2024 को नई दिशा देंगे।

    बताया जा रहा है कि आजमगढ़ की सभी दस विधानसभा सीटों से जीतकर आए समाजवादी पार्टी के विधायक धर्मेंद्र का पर्चा भरने आए थे। नामांकन दाखिल करने के बाद धर्मेंद्र यादव ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला। ANI से बातचीत में धर्मेंद्र यादव ने कहा कि चुनाव आते ही महंगाई कम हो जाती है और चुनाव के बाद महंगाई बढ़ जाती है। इसलिए हमारी लड़ाई ऐसे लोगों से है। मैं खुशनसीब हूं कि आजमगढ़ के लोगों ने ऐसी ताकतों को कभी पनपने नहीं दिया, यह अब तक का इतिहास है और हमारा यह इतिहास लगातार चलता रहेगा। 

    धर्मेंद्र यादव ने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि इस उपचुनाव में भी ऐतिहासिक रूप से जनता समाजवादी पार्टी को ताकत देगी। समाजवादी पार्टी से मुकाबला न तो इस जिले में था और न ही किसी का होगा।’

    बीजेपी की तरफ से चुनाव लड़ेंगे निरहुआ

    बीजेपी ने आजमगढ़ सीट उपचुनाव में दिनेश लाल निरहुआ को फिर से उम्मीदवार बनाया है। वह 2019 का चुनाव अखिलेश यादव से हार गए थे। निरहुआ ने भी आज अपना फॉर्म भरा। उन्होंने लोगों से उन्हें एक मौका देने की अपील की और कहा कि अगर दो साल में अच्छा काम नहीं किया तो उन्हें हटा दें। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह निरहुआ का पर्चा दाखिल करने पहुंचे थे। ANI से बातचीत में उन्होंने कहा कि यहां के समीकरण को देखकर लगता है कि बीजेपी का सीधा मुकाबला बसपा से होगा। 

  • अरविंद केजरीवाल ने दिया लोगो को धोखा बोला झूठ

    राजनीति:- भारत का राजनीतिक व्यवहार अब बदल गया है आज राजनेता भारत मे मुद्दों को छोड़कर आरोप प्रत्यारोप की राजनीति का खेल खेल रहे हैं। वही अगर हम बात कांग्रेस की करें तो इस समय भारत मे।इसकी छवि आलोचनात्म पार्टी के रूप में बनी हुई है और यह हर दल की आलोचना करते दिख जाती है। इनके नेताओं की नजर अपने प्रतिद्वंद्वी नेताओ पर ही रहती है और वह अपने मार्ग से भटके नही की कांग्रेस उन्हें आड़े हाँथ लेती है और उनपर जमकर बरस जाती है।

    वही अब दिल्ली कांग्रेस प्रवक्ता नरेश कुमार ने आम आदमी पार्टी पर जमकर हमला बोला है और कहा है कि अरविंद केजरीवाल ने लोगो को धोखा दिया है उन्हें गुमराह किया है। उन्होंने कहा केजरीवाल ने तीन साल में मुंडका खेल विश्व विद्यालय खोलने का दावा किया था लेकिन वह कहां है नहीं पता। अब झूठे केजरीवाल को यह ज्ञात हो जाना चाहिए कि कंठ का बर्तन बार बार नहीं चढ़ाया जाता है। वैसे ही जनता बार बार गुमराह नहीं होगी। अरविंद केजरीवाल इस बार आपका असली चेहरा जनता के सामने आ चुका है अब आपको भी नींद से जाग जाना चाहिए और मुंडका खेल विश्व विद्यालय पर कुछ बोलना चाहिए।
    जानकारी के लिए बता दें कांग्रेस प्रवक्ता ने यह बयान केजरीवाल के उस बयान के सन्दर्भ में दिया है जिंसमे उन्होंने कहा है कि उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट लंदन और दिल्ली विश्वविद्यालय के साथ करार किया है और वह जल्द ही खेल के संदर्भ में कुछ बड़ा करेंगे। वही उन्होंने जो विश्व विद्यालय के मध्य समझौता किया है उससे हमे विश्व स्तरीय खिलाड़ी तैयार करने में मदद मिलेगी।