Category: politics

  • Bihar Politics: नीतीश बोले भाजपा के नेता नहीं सुनते थे हमारी बात

    Bihar Politics: बिहार में जेडीयू की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के अंतिम दिन रविवार यानी 4 सितंबर, 2022 को सीएम नीतीश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला है। 

    बता दें कि उन्होंने कहा है कि बीजेपी के नेता हमारी बात नहीं सुनते तब हम उदास होकर पड़े रहते थे। 

    साथ ही बता दें कि आज से नीतीश कुमार विपक्षी एकता के लिए दिल्ली के तीन दिवसीय दौरे पर ही रहेंगे। 

    नीतीश कुमार ने अपने बयान में कहा कि 2013 में हम एनडीए से अलग हो गए थे साथ ही हमने जब काम करना शुरू किया, एक गलती फिर हुई और हम फिर वापस चले गए। 

    उन्होंने आगे यह भी कहा, ‘हम वापस एनडीए में चले गए तो कुछ राज्यों के लोग हमसे अलग हो गए। अब जब हमने बीजेपी से अलग होने का फैसला लिया, तो कुछ लोग वापस एक साथ आए हैं, बोल रहे हैं कि बहुत अच्छा किया।

    BJP पर आगे हमलावर होते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि अपने साथ लाने के लिए इन लोगों ने बड़ी कोशिश की है पर हम चले गए। 2019 तक तो हमसे बात करते थे, लेकिन उसके बाद बात ही नहीं करते थे और न ही हमारी सारी बातें मानते थे। आगे उन्होंने कहा कि हम तो शुरू से ही बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए बोल रहे थे।’

  • भाजपा के केंद्रीय मंत्री बोले, मोदी ने किया आतंकवाद का समर्थन साथ में दी सेना को गाली

     

    डेस्क। रविवार, 4 सितंबर को कांग्रेस की तरफ से दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित “हल्ला बोल” कार्यक्रम का में कांग्रेस के लगभग सभी वरिष्ठ नेता शामिल हुए। 

    राहुल गांधी ने इस सभा को संबोधित किया और सरकार पर हमला भी बोला वहीं राहुल गांधी के भाषण का एक छोटा सा हिस्सा शेयर कर विरोध उन्हें ट्रोल करने लगे हैं। 

    इसके साथ ही जवाब में लोग पीएम मोदी के कई वीडियो शेयर कर रहे हैं। इसी बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का भी एक  वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह पीएम मोदी को आतंकियों का समर्थक बता रहे हैं।

    बता दें कि राहुल गांधी के “आटा को लीटर में मापने” वाले बयान पर गिगिराज सिंह ने खिंचाई  हुए लिखा कि राहुल जी अपने करियर की पिक पर पहुंचे हैं.. वो नहीं मानेंगे। 

    वहीं इसपर पत्रकार उमाशंकर सिंह ने गिगिराज सिंह का एक पुराना वीडियो शेयर कर लिखा कि जुबान कई तरह से फिसल जाती है। और यह कई करतेबार तो बहुत खतरनाक ढंग से फिसलती है। अब गिरिराज जी को ही सुन लीजिए, 2019 में कैरियर की पीक पर इन्होंने मोदी को आतंकवाद का समर्थक बताया था। 

    इस वायरल वीडियो में गिरिराज सिंह कह रहे हैं कि आज से नहीं बल्कि जब से मोदी जी की सरकार बनी है तब से कुछ लोग पाकिस्तान कबएजेंडे को स्थापित करने में लगे हैं वहीं मोदी जी ने आतंकियों का समर्थन किया, सेना को गाली भी दी। 

  • ममता क्यों तैयार हो गई कांग्रेस के साथ अपना मतभेद भुलाने के लिये

    देश– विपक्ष एकजुटता की लगातार बात कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि हम एकजुट होकर साल 2024 में सत्ता से नरेंद्र मोदी को हटा सकते हैं। वही अब विपक्ष एकता के संदर्भ में राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने बड़ा बयान दिया है। 

    शरद पवार ने कहा, ममता बनर्जी साल 2024 में होने वाले चुनाव के लिए विपक्ष के साथ आएगी। वह राष्ट्र हित हेतु कांग्रेस के साथ अपने मतभेद को भुलाने को तैयार है। 
    उन्होंने कहा, विपक्ष के कुछ नेता जैसे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला कांग्रेस से हाथ मिलाने को तैयार है। क्योंकि सभी का एकमात्र उद्देश्य एकजुट होकर बीजेपी को केंद्र से उखाड़ फेंकना है। 
    वही जब ममता बनर्जी को लेकर मीडिया कर्मियों ने शरद पवार से सवाल किया तो उन्होंने कहा, उनके लिए राष्ट्र हित सबसे पहले है। ममता बनर्जी कांग्रेस के साथ अपने मतभेद को भुला कर 2024 में होने वाले चुनाव के लिये विपक्ष के साथ आएगी और मैदान में खड़ी होगी।

  • भारत मे धर्म को बनाया जा रहा हथियार लोग डरे सहमे है

    राजनीति– कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया है कि लोग इस समय डर के साए में जी रहे हैं। लोगो के मन मे सरकारी जांच एजेंसियों और पुलिस का खौफ है। लोग अब धर्म का उपयोग आस्था के लिए नही अपितु अपने स्वार्थ हेतु हथियार के रूप में करते हैं।

     सांसद कपिल सिब्बल ने कहा, आज धर्म को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। वैसे तो यह पूरी दुनिया मे हो रहा है। लेकिन भारत मे अब इसकी हद पार हो गई है। ब्रिटेन के लेस्टर में जो कुछ हुआ उससे हर कोई परिचय है। यह वास्तव ने विचार का विषय है।
    धर्म के नाम पर लोगो को बांटना चिंताजनक है। आज हम धर्म विभेद विदेशों से भी सीख रहे हैं। लेकिन भारत मे स्थित अन्य देशों से ज्यादा खराब है। क्योंकि भारत में लोग नफरती भाषण से जुड़े हुए हैं। यह एक विशेष विचारधारा है जो नफरत का बीच रोपित करती है और उसके फल से लोगो को बांटती है।
    उन्होंने यह बात अपनी किताब ‘रिफलेक्शंस: इन राइम एंड रिदम’ की लॉन्चिंग के मौके पर बोली है। उन्होंने आगे कहा आज भारत की यह दशा हेट स्पीच के कारण हुई है लोग बोलते हैं लेकिन उनपर कोई कार्यवाही नही होती है। सब मूक दर्शक बनकर यह सब देखते रहते हैं।

  • राजस्थान कांग्रेस में बवाल विपक्ष हुआ हमलावर, नेता बोले राजस्थान को भगवान बचाए ये क्या राज चलाएंगे

    Politics – राजस्थान में जारी सियासी घमासान के बीच बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के ट्वीट ने घी डालने का काम किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा राजस्थान की भगवान रक्षा करे। वही बीजेपी की ओर से राजस्थान में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग उठाई जा रही है।

    राजस्थान बीजेपी के नेता राजेंद्र राठौड़ ने ट्वीट किया है कि जिनके इशारे पर त्यागपत्र देने का खेल चल रहा है इसे जनता भली-भांति समझ चुकी है। इस्तीफा-इस्तीफा का खेल कर समय जाया ना करें, अगर इस्तीफा देना ही है तो मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर विधानसभा भंग का प्रस्ताव राज्यपाल महोदय को तत्काल भेजें।
    वही बीजेपी अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कांग्रेस में मची उथल पुथल को लेकर कहा है कि इतनी अनिश्चितता तो आज भारत-आस्ट्रेलिया क्रिकेट मैच में भी नहीं है जितनी राजस्थान की कांग्रेस पार्टी में नेता को लेकर है। विधायकों की बैठकें अलग चल रही है,इस्तीफ़ों का सियासी पाखंड अलग चल रहा है। ये क्या राज चलाएँगे,कहाँ ले जाएँगे ये राजस्थान को,अब तो भगवान बचाए राजस्थान …

    जाने क्या है मामला-

    राजस्थान में मुख्यमंत्री के चुनाव को लेकर घमासान छिड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री के चुनाव से पूर्व अशोक गहलोत के समर्थक विधायक इस्तीफा देने विधानसभा अध्यक्ष के घर पहुँच गए थे। क्योंकि अशोक गहलोत के अध्यक्ष बनने के बाद राजस्थान में नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति होनी है और यह कयास लगाए जा रहे हैं कि अब सचिन पायलट को राजस्थान की बागडोर सौंपी जाएगी।

  • कांग्रेस नेता हर्ष महाजन ने थामा बीजेपी का दामन, कांग्रेस को बताया अर्थहीन, राहुल पर बरसे

    राजनीति– राजनीतिक दल कांग्रेस में उथल पुथल जारी है। आय दिन कांग्रेस नेता बीजेपी का दामन थामते दिखाई देते हैं। नेताओ की पलटखोरी की नीति कांग्रेस के राजनीतिक करियर को काफी प्रभावित कर रही है और इससे जनता के मध्य कांग्रेस की छवि बिगड़ रही है।

    वही अब नेता की पटल बाजी का नया मामला हिमाचल प्रदेश से सामने आया है। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हर्ष महाजन ने कांग्रेस को अलविदा कह दिया है और अब वह बीजेपी परिवार का हिस्सा बन गए हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े की मौजूदगी में बीजेपी का दामन थामा है।
    बीजेपी से हाथ मिलाने के बाद हर्ष ने कांग्रेस पर हमला बोल दिया और उन्हें कांग्रेस की नीतियां चुभने सी लगी। हर्ष बोले अब कांग्रेस में दम नही बचा है पार्टी अंदर से खोखली हो गई है। अब कांग्रेस के पास दिशा नहीं है वह सब चलती जा रही है बिना उद्देश्य के। 
    उन्होंने आगे कहा, अगर हम हिमाचल प्रदेश की बात करे तो जब तक वीरभद्र सिंह थे तब सब बढिया चल रहा था। कांग्रेस उम्दा रणनीति के साथ आगे बढ़ रही थी। लेकिन अब कांग्रेस के पास अच्छी रणनीति नही है। जनता के बीच जो घोषणा पत्र प्रस्तुत किये जाते हैं। उनमें झूठ परोसा जाता है। कांग्रेस के पास अब वास्तव में कुछ नहीं है।
    वह आगे राहुल पर बरसे, राहुल गांधी जो पार्टी को मजबूत बनाने का दावा कर रहे हैं। लेकिन जबसे उन्होंने पार्टी की बागडोर संभाली है पार्टी स्वाहा हो गई है। पार्टी में अब कुछ नही बचा है। पार्टी साफ हो गई है और पार्टी के नेताओ का मनोबल टूट गया है। एक ओर वह भारत जोड़ो की बात करते हैं लेकिन वह पार्टी को नही जोड़ पा रहे हैं।

  • बीजेपी नेता कोई मौका नही छोड़ते स्वार्थ साधने का, इन्होने जुबान फिसलने का किया राजनीतिकरण

    राजनीति– देश का राजनीतिक परिदृश्य काफी बदल गया है। अब राजनेता व्यक्तिगत प्रहार करने से नही चूकते। अगर हम बीजेपी की बात करे तो इस पार्टी के नेता एक भी ऐसा मौका नही छोड़ते जब वह विपक्षियों पर उनके व्यक्तिगत जीवन को लेकर टिप्पणी न करे। 

    यदि बीजेपी के किसी नेता की जुबान फिसल जाए तो वह गलती होती है और उस मुद्दे को दबाया जाता है। लेकिन यदि जुबान विपक्ष के राजनेताओं की फिसल जाए तो उसे मुद्दा बनाने से बीजेपी एक बाद भी पीछे नहीं हटती।
    अभी हाल ही का उदाहरण ले तो कल पटना के कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार की जुबान फिसल गई। उन्होंने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री कहकर संबोधित किया। यह हर कोई जानता है की नीतीश की जुबान फिसने के कारण हुआ है। लेकिन बीजेपी के राजनेताओं ने इस बात का फायदा उठाया और जुबान फिसले का राजनीतिकरण कर डाला।
    बीजेपी नेता बीजेपी प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा की नीतीश कुमार के बयान से साफ पता चल रहा है कि उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है। उनके उस बयान से यह साफ पता चल रहा है कि आज की राजनीति किन मुद्दों पर अपना स्वार्थ साध रही है। 
    राजनेता आज जनता का हित लेकर मैदान में उतरते हैं और जब उन्हें सत्ता हासिल हो जाती है और वह जनता के हित को सूली चढ़ा कर उसकी चिता जला देते हैं। और बाद में उस चिता की आंच पर अपने व्यक्तिगत स्वार्थ की रोटियां सेकते है।
    आज समय ऐसा है की देश मे अपराध धडले से बढ़ रहा है। युवा बेरोजगार घूम रहा है। महंगाई आसमान छू रही है। हर ओर महिलाओं का शोषण हो रहा है। लेकिन सरकार अपनी धुन में मगन है। वह विपक्ष की कमियां गिनाने से फुर्सत नही पा रही है। 
    आज देश के कर्ताधर्ता युवाओं को धर्म का ज्ञान दे रहे हैं। उन्हें धर्मवादी बना रहे हैं। धर्म के नाम पर खून बहाया जा रहा है। लेकिन मुद्दों के नाम पर कोई फरमान जारी नही हो रहा है। यदि कोई मुद्दों की बात उताता है तो उस मुद्दे को दबाने के लिए आज के राजनेताओं के पास धर्म का ऐसा चूरन है जिसे वह हर दिन जनता को चटा कर उन्हें धर्म स्मोकिंया बना रहे हैं और उनकी मानवता की हत्या कर रहे हैं।
    आज देश मे जितना भी मतभेद है यह लोगो के मन की उपज नही है। बल्कि यह राजनेताओं की गढ़ी हुई कहानी है। कोई हिंदू हितैषी बनता है तो कोई मुस्लिम हितैषी किसी को दलित प्यारा है। तो किसी को ब्राह्मण। लेकिन आज एक भी राजनेता ऐसा नही है जो यह कह दे की मुझे इंसान प्यारा है और अब हम राजनीति इंसान के लिए करेंगे उनके हित के लिए करेंगे।

  • मैं एलीट नही हूँ , मुझे अलग न समझे- शशि थरूर

    Politics – कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एनडीटीवी से बातचीत के दौरान एक्सेंट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा मैं जिस एक्सेंट के साथ अंग्रेजी बोलता हूं उसको मैं स्टेफिएन बोलता हूं। लेकिन अगर कोई इसकी वजह से मुझे एलीट समझता है तो यह गलत है मैं एलीट तो बिल्कुल नही हूँ।

    उन्होंने आगे अध्यक्ष पद के चुनाव की ओर इशारा करते हुए कहा, कुछ लोग जो मुझे एक्सेंट से अलग नही देख पा रहे हैं वह मेरा समर्थन नही करेगे। मुझे उनका वोट नही प्राप्त होगा। हम सब लोकतांत्रिक देश के नागरिक हैं यहां सब कुछ मतदाताओं के आधार पर तैयार होता है।
    वही एलीट शब्द को लेकर शशि थरूर ने कहा, अगर किसी को यह लगता है कि मैं एलीट वर्ग से हूं तो उन्हें मैं यह बताना चाहता हूं। कि मैं अलग से नही हूँ मैं तीन दफ़ा लोकसभा का सदस्य चुना जा चुका हूं।
    तिरुवनंतपुरम सिर्फ केरला की राजधानी नही है मेरा संसदीय क्षेत्र भी है। यहाँ ज्यादातर आबादी ग्राम परिवेश है है। मुझे उन लोगो को जोड़ने के लिए मेहनत करनी पड़ती है। लेकिन मैंने यह करके दिखाया है। मुझे उन ग्रामीणों का समर्थन मिला है और उनके समर्थन से मैं यहां तक पहुँचा हूँ।

  • पीएम मोदी का दौरा कवर करने से पहले पत्रकारों को दिखाना पड़ेगा चरित्र प्रमाण पत्र

    डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हिमाचल प्रदेश दौरे से पहले नया विवाद आग पकड़ता दिखाई दे रहा है। आपको बता दें पीएम मोदी बुधवार (5 अक्टूबर, 2022) को मंडी के एक दिवसीय दौरे पर भी जाने वाले हैं। वहीं इस दौरान वह एक रैली भी करेंगे। साथ ही जिला प्रशासन ने एक नोटिस जारी कर पीएम मोदी की रैली को कवर करने के लिए पत्रकारों को चरित्र सत्यापन के लिए प्रमाण पत्र लाने का भी निर्देश जारी किया है। जिला प्रशासन का यह कहना है कि रैली कवर करने के लिए पत्रकारों को चरित्र प्रमाण पत्र दिखाना होगा, जिसे लेकर काफी विवाद शुरू हो गया है।
    आपको यह भी बता दें कि प्रधानमंत्री की यह रैली 24 सितंबर को होनी थी पर खराब मौसम के कारण इसे टाल दिया गया था और अब कल प्रधानमंत्री यहां रैली करने जा रहे हैं। वहीं इसे लेकर जिला प्रशासन ने एक नोटिफिकेशन जारी कर कहा है कि रैली को कवर करने के लिए पत्रकारों को चरित्र सत्यापन के लिए प्रमाण पत्र भी लाना पड़ेगा। इसको दिखाए बिना उन्हें पीएम मोदी की रैली कवर करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं यह नोटिफिकेशन सिर्फ प्राइवेट प्रिंट, डिजिटल और टीवी मीडिया के लिए ही नहीं बल्कि ऑल इंडिया रोडियो और दूरदर्शन समेत सरकारी मीडिया संस्थानों के लिए भी है।
    इस नोटिफिकेशन में जिला जनसंपर्क अधिकारी को सभी प्रेस संवाददाताओं, फोटोग्राफरों, वीडियोग्राफरों और दूरदर्शन एवं आकाशवाणी की टीमों की सूची के साथ उनके चरित्र सत्यापन प्रमाण पत्र भी देने के लिए कहा गया है। साथ ही इसमें यह भी कहा गया है कि चरित्र सत्यापन का प्रमाण पत्र पुलिस उपाधीक्षक, सीआईडी, बिलासपुर के कार्यालय द्वारा दिया जाना है।
    साथ ही जिला प्रशासन के इस आदेश को लेकर विपक्षी दलों की तरफ से सवाल खड़े किए जा रहे हैं। वहीं कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने इसकी निंदा भी की है। वहीं आप के प्रवक्ता पंकज पंडित ने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा कि पत्रकारिता के 22 सालों के अपने करियर में उन्होंने पहली बार इस तरह की विचित्र अधिसूचना देखी। 

  • गुजरात मे फेल हो रही विपक्ष की नीति बन रही बीजेपी की सरकार

    राजनीति– गुजरात मे इस साल के अंत मे होने वाले चुनाव को लेकर सत्ताधारी दल बीजेपी और विपक्षी दल अपनी कमर कस चुके हैं और जनता को लुभाने के लिए मैदान में उतर चुके हैं। गुजरात मे बीते कई महीनों से बड़े नेताओं का दौरा चल रहा है।

    बीजेपी जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के बलबूते पर सत्ता में वापसी करना चाह रही है। वही आम आदमी पार्टी अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में गुजरात मे अपनी धमक बना रही है और कांग्रेस नई रणनीतियों और जनता के मुद्दों के बलबूते पर गुजरात मे अपनी जीत का डंका बजाना चाहती है।
    लेकिन आज तक समाचार चैनल की एक खबर के मुताबिक एक बार फिर गुजरात की जनता मोदी मैजिक के साथ आगे बढ़ना चाहती है। एक बार पुनः गुजरात मे विपक्ष की रणनीति फेल होती दिखाई दे रही है और बीजेपी की सरकार बनती दिखाई दे रही है।
    बताया जा रहा है की सी वोटर के ओपिनियन पोल में सबसे अधिक वोट बीजेपी को मिल रहे हैं। वही इस बार भी बीते विधानसभा चुनाव की तरह कांग्रेस बीजेपी को कांटे की टक्कर देते नजर आ रही है और आम आदमी पार्टी अपनी लाख कोशिशों के बाद भी बीजेपी की मुख्य प्रतिद्वंद्वी नही बन पा रही है।
    कहा जा रहे हैं कि 182 सींट वाले गुजरात मे बीजेपी को 47 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है. वहीं कांग्रेस को 32 फीसदी तो आम आदमी पार्टी को 17 फीसदी वोट मिलने का अनुमान जताया जा रहा है। इस अनुमान के मुताबिक यदि गुजरात चुनाव के नतीजे आए तो गुजरात मे पुनः बीजेपी का डंका बजेगा और कांग्रेस पुनः बीजेपी से सवाल करने के लिए मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरेगी।