राजनीति: कांग्रेस पार्टी में नेताओ का इस्तीफा थमने का नाम नही ले रहा है। अब आज गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस का दामन छोड़ दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुलाम नबी आजाद पार्टी की जिम्मेदारी से असंतुष्ट थे। उन्होंने कई बार इस विषय मे पार्टी से बातचीत भी की लेकिन उनकी समस्या का कांग्रेस पार्टी की ओर से समाधान नही किया गया और आज उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
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Gulam Nabi Azad:- कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष का चुनाव खेल, राहुल का नेतृत्व बचकाना बताकर गुलाम नबी आजाद ने छोड़ी कांग्रेस
राजनीतिज्ञ विशेषज्ञ का कहना है कि पार्टी से गुलाम नबी आजाद का जाना कांग्रेस के लिए बड़ी हानि है। पार्टी को इससे उन सभी राज्यों में बड़ा नुकसान हो सकता है। जहाँ चुनाव होने को है। क्योंकि कांग्रेस की पहले से ही जनमत के मध्य टूटी छवि बनी हुई है और जनता कांग्रेस को खत्म होती पार्टी के रूप में आंक रही है।पार्टी से इस्तीफा देते हुए गुलाम नबी आजाद ने पार्टी के नेतृत्व पर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में कांग्रेस के नए अध्यक्ष को बनाने का मंथन चल रहा है। लेकिन पार्टी का नया अध्यक्ष पार्टी के हाथों की कठपुतली होगा। क्योंकि पार्टी में नए अध्यक्ष का चुनाव एक खेल है। नबी ने राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा वह अभी बच्चो की तरह चीजे करते हैं। उन्होंने पार्टी में अपनी बात रखने की जगह नही रखी है।जानकारी के लिए बता दें अभी हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद को केंद्र शासित प्रदेश में पार्टी की प्रचार समिति का प्रमुख नियुक्त किया था। लेकिन उन्होंने उनका यह प्रस्ताव ठुकरा दिया और आज कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाते हुए पार्टी का दामन छोड़ दिया है।कांग्रेस पार्टी में मची अंदरूनी कलह को लेकर राजनीतिज्ञ के जानकारों का कहना है कि पार्टी का नेतृत्व उचित हाथों में नही है। पार्टी टुकड़े टुकड़े में टूट रही है। कांग्रेस नेता अपना मोह त्याग कर पार्टी की बागडोर किसी अन्य क हाथ मे नहीं देना चाहते। उनकी यह नीति उनके ऊपर भारी पड़ रही है। वही अगर गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे की बात करे तो वह सिर्फ पार्टी से असंतुष्ट नही थे बल्कि उन्हें पार्टी के अध्यक्ष के चुनाव से भी कही न कही खलन थी।जिसका जिक्र उन्होंने किया है। क्योंकि गहलोत का नाम अध्यक्ष पद के लिए सामने आना और उनका इनकार यह स्पष्ट कर रहा है। की कांग्रेस का अगला अध्यक्ष गांधी परिवार का कोई होगा। लोग यह भी कयास लगा रहे हैं कि इस अब कांग्रेस के अगले अध्यक्ष राहुल गांधी ही होंगे। जो कही न कही गुलाम नबी आजाद को खटक रहे थे। -
राहुल बीजेपी के लिये तुरुप का इक्का बने
राजनीति: इस समय राजनीतिक गलियारों में गुलाम नबी आजाद की हर ओर चर्चा है। पक्ष विपक्ष इनको लेकर एक दूसरे पर हावी है। कांग्रेस नेता नबी के इस फैसले को गलत ठहरा रहे हैं। वही विपक्ष राहुल के नेतृत्व पर तरह तरह की टिप्पणी कर रहा है।
वही अब इस मामले पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपना मत रखा है। उन्होंने कहा, पार्टी के विश्वशनीय लोग पार्टी का दामन अगर छोड़ रहे हैं तो उसका कारण सोनिया गांधी की नीति और राहुल का नेतृत्व है। उन्होंने आगे कहा, यह बात जगजाहिर है कि राहुल गांधी ठीक तरीके से राजनीति नही कर पा रहे हैं लोग उनको लेकर तरह तरह के सवाल कर रहे हैं।राहुल गांधी की आलोचना हो रही है। सोनिया गांधी पार्टी का नेतृत्व नही संभाल पा रही है। वह अपने पुत्र को राजनीति में आगे लाना चाहती है। उनकी यह रणनीति कांग्रेस पर भारी पड़ रही है और विश्वास परस्त लोग पार्टी छोड़ रहे हैं। -
केजरीवाल बोले इतना टैक्स तो अंग्रेजों ने नहीं वसूला था जितना भाजपा ले रही
AAP vs BJP in Delhi: दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल दिल्ली की विधानसभा में विश्वासमत पेश करते हुए नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर बरसें।
आपको बता दें कि निशाना साधते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, ’10 लाख करोड़ इनके दोस्त खा गए, 6300 करोड़ से MLA खरीदे और लाल किले पर खड़े होकर ये कहते हैं कि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहा हूं।’
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने यह भी दावा पेश किया है कि ये विश्वासमत भारतीय जनता पार्टी के ऑपरेशन लोटस को आम आदमी पार्टी फेल कर चुकी है। इसको बस दिखाने के लिए किया जा रहा है।
केजरीवाल का यह भी कहना है कि दिल्ली में ऑपरेशन लोट सफल नहीं हो पाएगा। बता दें कि सोमवार को दिल्ली विधानसभा में सदन की कार्रवाई हंगामे के साथ शुरू हुई। वहीं भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने वेल में उतरकर हंगामा करने की कोशिश की जिसके बाद स्पीकर ने उन्हें मार्शल दिया।
सीएम केजरीवाल ने बीजेपी की टैक्सनीति पर हमला बोलते हुए यह भी कहा कि,”आज पूरा देश महंगाई की मार झेल रहा है। इन्होंने तो दूध, दही,लस्सी, छाछ, गेहूं, चावल और नमक पर भी अब टैक्स लगा दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि आजादी के 75 सालों में इतना टैक्स आजतक किसी सरकार ने नहीं लगाया। सरकार तो छोड़ ही दीजिए अंग्रेजों ने भी इतना टैक्स नहीं वसूला था।”
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राजस्थान में होगा बड़ा खेल रिपीट होगी गहलोत सरकार
देश: बीते कई दिनों से राजस्थान के अध्यक्ष चुनाव के लिए अशोक गहलोत का नाम सुर्खियों में है। हालाकि अशोक गहलोत की यह इच्छा है कि पुनः कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जाए। लेकिन इस सबके बीच राजस्थान में मुख्यमंत्री की कुर्सी का अलग हंगामा मच गया है।
अशोक गहलोत ने दावा किया है कि इस बार राजस्थान में वो होगा जो कभी नही हुआ। इस बार सरकार रिपीट करेगी। अशोक गहलोत के इस दावे से पहले पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने बयान दिया कि जब सरकार बदलती है तो उससे सबसे ज्यादा जनता प्रभावित होती है। जनता के काम रुक जाते हैं और पार्टी विकास कार्य को उतनी रफ्तार के साथ नही कर पाती है।अशोक गहलोत का यह दावा राजस्थान कांग्रेस के लिए अब बड़ी चुनौती बन सकता है। क्योंकि लम्बे दशक से राजस्थान में किसी सरकार को रिपीट सत्ता का सुख नही मिला है। राजस्थान की जनता हर 5 साल में अपने राज्य की बागडोर किसी अन्य पार्टी के हाथ मे सौंप देती है। कभी अगर भाजपा सत्ता में होती है तो दूसरी बार राजस्थान में राज करने का मौका देती है।लेकिन इस बार गहलोत सरकार के नेताओ का दावा है कि जनता सरकार रिपीट करवाएगी। क्योंकि इस सरकार ने जनता के हित के लिए काम किया है। कई जनकल्याण कारी योजनाओं को लागू किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किया गया है और सरकार ने राजस्थान के विकास के लिए कई सुचारु कदम उठाए हैं। -
मोदी जनता के नेता उन्हें हटाने के विचार विपक्ष 2029 तक न करे
देश: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मोदी की तुलना गांधी से करते हुए कहा, वह एकमात्र ऐसे नेता हैं जो गांधी के समान है। जो गांधी की तरह सीधा जनता से सम्पर्क साधते हहै और जमीन स्तर की राजनीति करते हुए जनता का विश्वास जीतते हैं।
उन्होंने हमेशा जनता की भावनाओं को समझा है और उनका सम्मान किया है। राजनाथ सिंह ने ‘द आर्किटेक्ट ऑफ द न्यू बीजेपी : हाऊ नरेंद्र मोदी ट्रांसफार्म्ड द पार्टी’ किताब का विमोचन करते हुए यह बात कही है।उन्होंने आगे विपक्ष को आड़े हाथ लिया और कहा, विपक्ष मोदी को मात देना चाहता है। विपक्ष लगातार मोदी का तोड़ खोज रहा है। लेकिन यह अभी सम्भव नही है। विपक्ष को इस विषय मे साल 2029 तक सोचना चाहिए।क्योंकि मोदी जनता के नेता है। उन्होंने पार्टी का विस्तार सिर्फ चुनावी लाभ हेतु नही किया। बल्कि उन्होंने ऐसा विचारधारा के फैलाव और देश की संकीर्ण सोच को बदलने के लिये किया है।उन्होंने आगे कहा, आज जो मोदी को लोकप्रियता हासिल हुई है। वह जनता के बलबूते पर है। उन्होंने हमेशा जनता को पहले रखा। वह जनता से जुड़कर आगे बढ़े और एक लोकप्रिय नेता के रूप में उभरे।जनता से अगर आप जुड़कर रहते हैं तो आपको जनता का साथ मिलेगा और सफलता खुद आपके पास आ जायेगी। मोदी की सफलता का एक मूल मंत्र जनता का साथ है। -
राहुल के चौकीदार चोर अभियान के खिलाफ थे कई वरिष्ठ नेता
Politics: कांग्रेस पार्टी से अपने सभी पदों से इस्तीफा दे चुके गुलाम नबी आजाद ने राहुल गांधी को लेकर बड़ा देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता चौकीदार चोर है अभियान का हिस्सा नही बनना चाहते थे। लेकिन राहुल गांधी ने नेताओ पर इस अभियान से जुड़ने का दबाव बनाया था।
उन्होंने अपने बयान से एक बार फिर राहुल के नेतृत्व को सावालो के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा साल 2019 में कांग्रेस की ओर से राहुल के नेतृत्व में चौकीदार चोर है अभियान चलाया गया। इस अभियान से कांग्रेस के कई बड़े नेता हताश हुए। उन नेताओं की इच्छा नही थी कि वह इस अभियान से जुड़े।साल 2019 में कांग्रेस पार्टी चुनाव हारी राहुल ने अपने पद से यह कहकर इस्तीफा दे दिया। कि वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी सहमति नही बन पा रही है। वही जब यह प्रस्ताव राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं के साथ रखा की चौकीदार चोर है तो मैं स्तम्भ था। मैं सोच रहा था यह कैसी भाषा है।आज से पहले भी कई लोग प्रधानमंत्री के पद पर बैठे। लेकिन कभी भी विपक्ष की ओर से सम्मानित पद के लिए इस तरह की भाषा का उपयोग नही किया गया। वही यह सब जनता के सामने बोला जाएगा। हम किसी भी इंसान पर इस तरह से व्यक्तिगत रूप से अटैक नही कर सकते। यह शोभा नही देता। -
गुलाम नबी ने क्यों किया भाजपा में मिलने से इनकार
राजनीति: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने अभी हाल ही में कांग्रेस का दामन छोड़ है। उनके इस्तीफे ने कांग्रेस की रीढ़ को दरका दिया है। वही अब गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि अगर आपके घर वाले आपको पराया समझे तो आपको उनसे दूर हो जाना चाहिए और खुद को अलग रखना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा, घर वालो ने मुझे घर छोड़ने पर मजबूर किया। यह इतना आसान नही था। कोई भी अपना घर खुशी के साथ नही छोड़ता है। उन्होंने आगे भाजपा में शामिल होने के सवाल पर अपना पक्ष रखते हुए कहा उनका और मेरा मेल नही है। मेरा एक अलग वोट बैंक है और उनका अलग। उनका क्या वोट बैंक है यह सभी जानते हैं तो मैं और बीजेपी एक कैसे हो सकते हैं।जानकारी के लिए बता दें गुलाम नबी आजाद ने बीते दिनों कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने सोनिया गांधी को पांच पन्नो का इस्तीफा लिखा था और कहा था कि वह भारी मन के साथ यह पत्र लिख रहे हैं। उन्होंने इस्तीफे में दावा किया था कि कांग्रेस ने कभी उनके सुझाव को नही माना। वही कांग्रेस का नेतृत्व अब ठीक हाथों में नही है। राहुल गांधी अभी बचकाने है। -
Gulam Nabi Azad: मोदी और शाह के बेहद करीबी होने के बाद भी क्यों भाजपा से नही जुड़े नबी
Gulam Nabi Azad resign: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद का इस्तीफा किसी को नही पच रहा है। उनके इस्तीफे से कांग्रेस की रीढ़ चटक गई है। कांग्रेस उनपर संघर्ष के समय साथ छोड़ने का आरोप लगा रही है तो बीजेपी उनके इस्तीफे के पीछे राहुल का हाथ बता रही है।
जैसे ही गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे की बात कल सामने आई। तो राजनीतिक गलियारों में यह हलचल मचने लगी की भाजपा ने कांग्रेस के एक और मजबूत नेता को तोड़ लिया है। और अब गुलाम नबी आजाद भाजपा परिवार का हिस्सा बन जायेंगे। लेकिन ऐसा नही हुआ उन्होंने भाजपा में शामिल होने से इनकार कर दिया।लोगो का यह सोचना मुनासिब था कि वह भाजपा परिवार से जुड़ जाएंगे। क्योंकि उनके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से बहुत अच्छे सम्बंध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई दफा सदन में उनकी जमकर तारीफ की है। लेकिन आजाद का बीजेपी में न जाना एक बड़ा संकेत है।खबर सामने आई की आजाद जम्मू कश्मीर में अपनी अलग पार्टी बना रहे हैं। भाजपा के एक नेता ने दावा किया है कि भाजपा ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 इसलिए नही हटाई थी। की वह जम्मू ने एक मुस्लिम मुख्यमंत्री बनाना चाहती है। भाजपा की कोशिश है कि जम्मू कश्मीर में वह एक हिन्दू मुख्यमंत्री बना सके।जानकारो का कहना है नबी का भाजपा परिवार से जुड़ना। नबी और भाजपा दोनो के लिए घातक साबित हो सकता है। क्योंकि अगर यह भाजपा में शामिल हुए और भाजपा ने इन्हें मुख्यमंत्री का चेहरा बना दिया तो भाजपा को मुस्लिम वोट तो मिलेगा। लेकिन भाजपा अपने खेमे से हिंदूओ का समर्थन खो देगी। जो की राजनीतिक परिदृश्य से भाजपा और नबी दोनो को चोट देगा।नबी एक अच्छे नेता हैं। भाजपा ने हमेशा उनका सम्मान किया है और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में उनकी तारीफ की है। लेकिन इस सबके बाबजूद वह भाजपा में नही आ रहे इसका एक मात्र कारण उनका भाजपा की राजनीति के मुताबिक फिट न बैठना है। -
किस सीक्रेट लेटर से मची झारखंड में सियासत, कांग्रेस ने किया खुलासा
डेस्क। झारखंड में चल रहे सियासी हलचल के बीच कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने BJP पर जमकर हमला किया है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि भाजपा जनता द्वारा चुनी गई सरकार को गिराने में लगी हुई है।
आपको यह भी बता दें कि अविनाश पांडे झारखंड के प्रभारी और पार्टी के महासचिव हैं और उनके पास झारखंड की यूपीए सरकार में शामिल कांग्रेस के 18 विधायकों को एक साथ रखने का कार्यभार भी है।
द इंडियन एक्सप्रेस के साथ साक्षात्कार में अविनाश पांडे ने चुनाव आयोग द्वारा राज्यपाल को लिखे गए सीक्रेट लेटर के बारे में भी बताया।
पांडे का मानना है कि इस लेटर की ही वजह से सियासी हलचल जन्म ले रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इसने राज्य में घबराहट पैदा हो गई है। जब पांडे से यह पूछा गया कि इस बात की चर्चा है कि यूपीए के विधायकों को दूसरे राज्य में ले जाया जा रहा है और यह कितना सही है?
वहीं इसपर अविनाश पांडे ने कहा, “अभी कुछ भी फाइनल नहीं बताया जा सकता है। हम अपनी कार्रवाई तय करने के लिए बैठकें भी कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि हम अलग-अलग घटनाओं के बारे में सीएम से बात कर रहे हैं कि संकट के समय में क्या करना इसपर भी विचार किया जा रहा है।
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दावा भले 150 का है लेकिन 2024 में 50 पर सिमटेगी बीजेपी
Politics: अभी कुछ वक्त पहले तक भाजपा और मोदी मैजिक का गुणगान करने वाले नीतीश कुमार अब भाजपा के विपक्षी हो गए हैं। उन्होंने अभी हाल ही में बीजेपी एक साथ अपना गठबंधन तोड़कर बिहार में जेडीयू एक साथ मिलकर नई सरकार बना ली। इस नई सरकार में मुख्यमंत्री का चेहरा नीतीश कुमार ही रहे लेकिन उपमुख्यमंत्री का चेहरा बदल गया। इस पद के हकदार तेजस्वी यादव बने।
वही जब से बिहार की सत्ता में परिवर्तन हुआ है। बीजेपी और सत्ताधारी दल एक दूसरे पर कटाक्ष करने का कोई भी मौका नही छोड़ते है। लेकिन अब इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीजेपी को सत्ता से हटाने का मंत्र विपक्ष के सम्मुख रखा है। नीतीश कुमार ने दावा किया है कि अगर पूरा विपक्ष एक साथ खड़ा हो जाए। तो भाजपा 2024 के चुनाव में महज 50 सींटो पर सिमट जाएगी और उसके हाथ से सत्ता चली जायेगी।नीतीश कुमार ने आगे कहा, मैं इस समय इसी विषय पर काम कर रहा है। अलग अलग राजनीतिक दलों से मेरी बातचीत हो रही है। हम सबके साथ सम्पर्क साध रहे हैं। मैं जल्द ही दिल्ली भी जाऊंगा। अभी ललन सिंह तो 150 सीट का दावा कर रहे हैं। लेकिन मैं दावे के साथ कह रहा हूँ कि बीजेपी 50 पर सिमट जाएगी।सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नीतीश कुमार पांच सितंबर को दिल्ली की दो दिवसीय यात्रा पर जाने वाले हैं। इस यात्रा के दौरान नीतीश कुमार कई अलग अलग दलों के नेताओ से सम्पर्क साधेंगे। उन्होंने कहा केंद्र के नेतृत्व में लोकतंत्र पर खतरा मंडराया है।