Category: politics

  • पीएम मोदी के पसंदीदा मुख्यमंत्रियों की सूची में कौन?

     

    डेस्क। यूपी भाजपा में मतभेदों के बीच उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का एक और ट्वीट सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने हाल ही अपने ट्वीट में लिखा था कि संगठन सरकार से बड़ा है। जिसको लेकर तमाम तरह के सियासी कयास लगाए जा रहे हैं। ऐसा भी माना जा रहा है कि पार्टी केशव प्रसाद मौर्य को 2024 लोकसभा चुनाव को देखते हुए संगठन में बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकती है।

    साथ ही यूपी विधानसभा चुनाव से पूर्व केशव प्रसाद मौर्य और सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ के बीच अनबन की भी खबरें भी लगातार मीडिया का केंद्र बनी हुई थीं। हालांकि भाजपा नेताओं का अब यह कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी कार्यशैली और शासन करने के रिकॉर्ड के चलते प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के पसंदीदा लोगों में से एक बने हुए हैं।

    वहीं जानकारी के अनुसार पार्टी में इस बात की भी चर्चा है कि पार्टी के तीन मुख्यमंत्रियों में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा और मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपनी कार्यशैली के चलते पीएम के पसंदीदा मुख्यमंत्रियों की सूची में अपना नाम दर्ज किया है।

  • सोनिया, राहुल और प्रियंका की विदेश यात्रा से पहले क्या किसी गैर-कांग्रेसी की हो जाएगी पार्टी

     

    डेस्क। विदेश जाने से पहले कांग्रेस की कमान संभालने को लेकर सोनिया गांधी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से 23 अगस्त को भेंट की। इस दौरान उन्होंने अशोक गहलोत से पार्टी का नेतृत्व को संभालने को भी कहा। बता दें कि पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा मेडिकल जांच के लिए विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी की कमान अशोक गहलोत को सौंपने का मन पार्टी नेतृत्व ने बना लिया है।

    मीडिया रिपोर्ट्स को बुधवार को कांग्रेस महासचिव प्रभारी जयराम रमेश ने जानकारी दी कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ मेडिकल जांच के लिए विदेश यात्रा पर जाने वाली हैं। वहीं उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी सांसद राहुल गांधी 4 सितंबर को दिल्ली में ‘महंगाई पर हल्ला बोल’ रैली को संबोधित भी करने वाले हैं।”

    वहीं कांग्रेस की मौजूदा अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात भी की। ऐसा माना जा रहा है कि उन्होंने उनसे पार्टी नेतृत्व का पदभार संभालने को कहा है। राहुल गांधी ने यह भी साफ कर दिया है कि वह पार्टी की बागडोर फिर से अपने हाथ में नहीं लेंगे। वहीं दूसरी तरफ सोनिया गांधी के स्वास्थ्य और उम्र को लेकर भी चिंताएं जताई जा रही हैं। ऐसे में खबर है कि पार्टी अब किसी गैर-गांधी परिवार को अध्यक्ष पद सौंप सकती है।

  • BJP Vs AAP: मनीष सिसोदिया के दावे पर मनोज तिवारी हुए हमलावर बोले, जब फ़ोन जब्त हो गया तो ऑफर कहा से मिला

     

    डेस्क। मनीष सिसोदिया के खिलाफ चल रही सीबीआई जांच की वजह से आप और बीजेपी( BJP Vs AAP)  के बीच सियासी हमलों का दौर जारी है। मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia’s claim) ने ट्वीट कर भाजपा पर यह आरोप लगाया है कि उन्हें आप को तोड़कर भाजपा के साथ जाने का ऑफर मिला है। तो वहीं सिसोदिया ने कहा कि ऐसा करने पर मेरे खिलाफ चल रहे केस को खत्म करने की बात भी कही गई और मुझे मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया गया है। इस कड़ी में वायरल दावे पर अब बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने पलटवार किया है। 

    दिल्ली भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने ट्वीट कर पलटवार किया है। उन्होंने लिखा कि ‘मनीष का फोन तो CBI ले गयी, ये उन्होंने खुद ही बोला था तो फिर किसके फोन पर फोन या मैसेज आया, उसका नाम बताए और उनका फोन भी जांच के लिए जमा करवाया जाए। जिससे दूध का दूध और शराब का शराब हो सके!’ 

    इसके अलावा अभिनेता परेश रावल ने लिखा कि खुद के पैसे खुद को देकर खुद बिक रहे हैं, वाह आत्म निर्भरता वाह!

    लोगों भी इसपर खूब बढ़ चढ़कर प्रतिक्रिया दे रहें हैं। 

     

  • केजरीवाल ने पूछा भाजपा से सवाल, 800 करोड़ का कालाधन आया कहां से, तो इस नेता ने की ईडी द्वारा जांच की मांग

    डेस्क। दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि भाजपा अरविंद केजरीवाल की सरकार को गिराने का लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में वो पार्टी के 40 विधायकों को पैसे का लालच देकर उन्हें अपना दामन थामने को कह रही है। आप की तरफ से यह भी कहा गया है कि भाजपा 800 करोड़ रुपये से हमारे विधायकों को खरीदना चाहती है पर हम अपने विधायकों से संपर्क में रहेंगे और वे भी कहीं नहीं जा रहे।

    अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए ट्वीट कर कहा, “दिल्ली सरकार गिराने के लिए इन्होंने(BJP ने) 800 करोड़ रखे हैं और प्रति MLA 20 करोड़, ये 40 MLA तोड़ना चाह रहें हैं। उन्होंने पूछा कि देश जानना चाहता है कि ये 800 करोड़ किसके हैं और कहां रखे हैं? हमारा कोई MLA नहीं टूट रहा एवं हमारी सरकार भी स्थिर है। दिल्ली में चल रहे सभी अच्छे काम जारीरहने वाले हैं।”

    साथ ही आप विधायक दिलीप पांडेय ने यह भी कहा है कि हमारी एक साथी से बात हुई और उन्होंने बताया कि भाजपा आप के लगभग 40 विधायकों को तोड़ने की कोशिश में लगी है और हर विधायक को 20 करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं। 

    वहीं दिलीप पांडे ने कहा, “दिल्ली और देश की जनता जानना चाहती है कि भाजपा के पास 800 करोड़ का कालाधान आखिर कहां से आया? इस कालेधन की सीबीआई और ईडी को जांच करनी चाहिए तभी दूध का दूध और पानी का पानी होगा।”

  • मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर लगाया 5 नहीं 20 करोड़ देने का आरोप

    Delhi Excise Policy Case: दिल्ली सरकार की आबकारी नीति मामले में सीबीआई ने डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और अन्य भाजपा नेताओं के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी।

    जिसके बाद आम आदमी पार्टी (AAP) और भाजपा के बीच सियासत तेज हो गई है। जहां एक ओर मनीष सिसोदिया ने बुधवार को ट्वीट कर भाजपा पर आप विधायकों को 20-20 करोड़ के ऑफर देने के आरोप लगाए। वहीं इससे पहले आप ने 5-5 करोड़ देने  के ऑफर जिसको ऑपरेशन लोटस नाम दिया था उसको भी बेनकाब करने का दावा किया था।

    मनीष सिसोदिया ने अपने ट्वीटर पर पोस्ट कर कहा, “मुझे तोड़ने में फेल हो गए,तो अब AAP के अन्य विधायकों को 20-20 करोड़ का ऑफर देकर, रेड का डर दिखाकर उन्हें तोड़ने की साजिश भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा संभल जाए, ये अरविंद केजरीवाल के सिपाही है जो की भगत सिंह के अनुयायी हैं। जान दे देंगे पर किसी से भी गद्दारी नहीं करेंगे।”

    साथ ही दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पिछले 2-3 दिनों में पार्टी के कुछ विधायकों ने मुझसे कहा है कि उन्हें सीबीआई और ईडी का नाम ले कर  धमकी दी जा रही है। और आप छोड़ने के लिए पैसे का लालच भी दिखाया जा रहा है।

  • भाजपा चला रही ऑपरेशन लोटस आप विधायकों को दिया गया 5 करोड़ का ऑफर

    डेस्क। दिल्ली की आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर एक और आरोप लगाते हुए दिल्ली में सरकार गिराने के लिए बीजेपी की ओर से ‘ऑपरेशन लोटस’ चलाए जाने का दावा किया है। उन्होंने यह भी कहा है कि ये ऑपरेशन सफल नहीं रहा। बता दें कि AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया है कि बीजेपी ने AAP विधायकों को 5-5 करोड़ रुपये का ऑफर दिया था।

    वहीं सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर यह आरोप लगाते हुए दावा भी किया, “बीजेपी के नेताओं द्वारा AAP विधायकों को फोन किये जा रहे हैं कि आप हमारे साथ आ जाइए और 5-5 करोड़ रुपये के ऑफर दिए जा रहे हैं।”

    सौरभ भारद्वाज ने आगे बताया कि, “ बीजेपी मुख्यालय से ऑपरेशन लोटस चलाया जाता है। जिस भी राज्य में जनता बीजेपी को हरा देती है, वहां बीजेपी दूसरी पार्टियों के एमएलए ख़रीद कर सरकार बनाने की कोशिश करती है।

    उन्होंने आगे कहा कि मध्य प्रदेश, गोवा, कर्नाटक के बाद पिछले महीने महाराष्ट्र में शिव सेना से विधायकों को तोड़ कर बीजेपी ने सरकार बनाई।”

  • आम आदमी पार्टी को कौन तोड़ेगा इनका अहंकार तो जनता चूर चूर करेगी

    दिल्ली: दिल्ली सरकार और भाजपा में तना तनी जारी है। जहां एक और आबकारी नीति में भ्रष्टाचार मामले में भाजपा लगातार आम आदमी पार्टी को सावालो के कटघरे में ले रही है। वही मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर से उन्हें भाजपा परिवार का हिस्सा बनने का ऑफर मिला है। उनसे कहा गया है कि वह भाजपा में शामिल हो जाये सारे केस बन्द हो जाएंगे।

    वही अब गौरव भाटिया ने मनीष सिसोदिया को करारा जवाब दिया है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कहा है कि जिनकी सोच छोटी है। जो इस प्रकार की बाते करते है। उन्हें कोई क्यों ही तोड़ेगा। इनका अहंकार तो दिल्ली जी जनता तोड़ देगी। इस तरह की बाते करना बंद कीजिए और अगर आपको इस बात का अहंकार है कि आप जनता का पैसा लूट लेगे और आपसे सवाल भी नही किया जाएगा। तो यह आपका भ्रम है।
    उन्होंने आगे कहा, दिल्ली सरकार जो आबकारी नीति लेकर आई थी वह सिफारिशों को अनदेखा करके लाई थी। आप सरकार को सरकारी एजेंसियों से समस्या है। वह नफरत करती है सरकारी एजेंसियों से। वही अब अरविंद केजरीवाल की पार्टी आम आदमी भ्रष्टाचार का एक नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रही है।

  • विधानसभा की सीढ़ियों पर गढ़ी गई सियासत, उद्धव और शिंदे गुट के बीच नारेबाजी

    Clash between Shinde and Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार गिरने के बाद शिवसेना के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में नई सरकार तो बन गई है लेकिन विधायकों के बीच टकराव अभी खत्म शांत होने को नहीं है। वहीं बुधवार को मानसून सत्र के दौरान इसका नजारा विधानसभा की सीढ़ियों पर भी देखने को मिला। विधानसभा के गेट पर शिवसेना के शिंदे गुट और उद्धव ठाकरे गुट के विधायकों में जमकर मारपीट भी हुई।

    शिंदे गुट और भाजपा के कुछ विधायक पिछली उद्धव ठाकरे सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे जिनका यह कहना भी था कि पिछली सरकार के दौरान कोविड के टीके को लेकर भ्रष्टाचार की काफी शिकायतें की गई थीं, पर सीएम उद्धव ठाकरे इसके प्रति उदासीन बने रहे। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक शिवसेना-भारतीय जनता पार्टी (BJP) गठबंधन की सरकार पर तंज कसने के लिए अपने साथ गाजर लेकर भी आए थे।

    वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को देखते ही उद्धव ठाकरे के समर्थक विधायक “50 खोखे, एकदम ओके” के नारे लगाने लगे। जिसपर शिंदे गुट के विधायको ने भी इसका विरोध करते हुए उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। दोनों ही पक्षों की नारेबाजी की वजह से वहां मारपीट की नौबत जैसे हालात भी बन गए।

  • गुलाम नबी आजाद से यह उम्मीद कभी नही थी, इस्तीफे पर क्या बोलूं शब्द नही है:- गहलोत

    Politics: गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे ने कांग्रेस को हिला कर रख दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सोनिया गांधी के विश्वशनीय अशोक गहलोत ने उनके इस्तीफे पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए उनके पत्र की निंदा की है। उन्होंने कहा, उन्होंने कभी नही सोचा था की गुलाम नबी आजाद ऐसा करेंगे।

    उन्होंने आगे कहा, गुलाम नबी आजाद को आज अगर किसी से इतना महत्व मिल रहा है। तो इसका कारण कांग्रेस पार्टी है। कांग्रेस पार्टी ने गुलाम नबी आजाद को हर चीज दी। आज वह अगर चर्चाओं में है तो उसके पीछे इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी है। लेकिन आज उन्होंने कांग्रेस का दामन छोड़ दिया और कांग्रेस पर ही सवाल उठाए हैं।
    उन्होंने आगे कहा, मैं उनके इस्तीफे पर क्या कहूं। शब्द नही है। नही समझ आ रहा है। क्योंकि उन्होंने जो किया है उसकी कल्पना नही की थी। हमे कभी यह उम्मीद नही थी की गुलाम नबी आजाद कुछ ऐसा करेंगे। वह पार्टी का विश्वास थे। लेकिन उन्होंने सोनिया गांधी को तब पत्र लिखा जब वह मेडिकल चेकअप के लिये अमेरिका गई थी।
    जानकारी के लिए बता दें गुलाम नबी आजाद ने आज कांग्रेस पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोनिया गांधी को पांच पन्ने का पत्र लिखते हुए पार्टी छोड़ी है। पत्र में उन्होंने खुलकर कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है आज कांग्रेस जहां है वहां से लौटना मुश्किल है। कांग्रेस का नेतृत्व अब सही हाथो में नही है। 
    पार्टी के कई नेताओं को किनारे कर दिया गया है। वही अब पार्टी में उन लोगो को मौका दिया जा रहा है। जिन्हें राजनीति की समझ नही है। अब पार्टी में चापलूसों के लिए जगह है और उन्हीं का बोलबाला है। वही राहुल गांधी के नेतृत्व ने पार्टी में सलाह लेने की प्रक्रिया को खत्म कर दिया है। मै आज यह इस्तीफा बहुत भारी मन से लिख रहा हूँ।

  • गुलाम नबी आजाद बनाएंगे अपनी अलग पार्टी, जानिए क्या बोले

    Ghulam Nabi Azad Quits Congress: ”मैं स्कूल समय से ही कांग्रेस, गांधी और नेहरू के बारे में पढ़ता रहा था। मरते दम तक मैं कांग्रेस नहीं छोडने वाला।” 18 महीने पहले यह बयान देने वाले गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) ने कांग्रेस पार्टी के सभी पदों सहित प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर सिर्फ पार्टी को ही नहीं विपक्षियों को भी सदमा दे दिया है। इसी के साथ उन्‍होंने नई पार्टी बनाने का ऐलान भी किया है।

    आजाद के इस्‍तीफा देने के बाद उनके कई समर्थकों ने भी कांग्रेस का दामन छोड़ दिया है। साथ ही गुलाम नबी आजाद के समर्थन में जम्मू-कश्मीर के पूर्व विधायक गुलाम मोहम्मद (जीएम) सरूरी , हाजी अब्दुल राशिद, मोहम्मद अमीन भट, गुलजार अहमद वानी और चौधरी मोहम्मद अकरम ने भी कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। 

    अपने पांच पन्नों के इस्तीफे के साथ आजाद का कांग्रेस से पांच दशक पुराना रिश्ता भी खत्म हो गया है। बता दें कि अपने त्याग पत्र में आजाद ने सोनिया, राहुल, कांग्रेस और पार्टी के भविष्य पर विस्तार से लिखा है। वहीं राहुल गांधी पर उनका खास निशाना इस पत्र में साफ नजर आ रहा है। 

    कांग्रेस की खस्ता हालात और 2014 लोकसभा चुनाव में हार के लिए राहुल गांधी को जिम्मेदार बताते हुए  गुलाम नबी आजाद ने अपने पत्र में लिखा है कि, ”राहुल की अपरिपक्वता का सबसे बड़ा उदाहरण राहुल गांधी द्वारा मीडिया के सामने अध्यादेश को फाड़ना रहा था। जहां इस बचकाने व्यवहार ने प्रधानमंत्री और भारत सरकार के अधिकारों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया था 2014 में यूपीए सरकार की हार के लिए यह घटना सबसे ज्यादा जिम्मेदार रही थी।”

    सोनिया पर कटाक्ष करते हुए आज़ाद ने लिखा कि”2014 से आपके नेतृत्व में और उसके बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की दो लोकसभा चुनावो में करारी हार बहुत ही अपमानजनक भी रही।