Category: politics

  • योगी के लाउडस्पीकर हटाने के फैसले को मिला सुप्रीम ससमर्थन

    उत्तरप्रदेश:- मस्जिद और मंदिर में लगे लाउडस्पीकर को हटाने के संदर्भ में लिए गए योगी सरकार के फैसले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुहर लगा दी है। कोर्ट ने उस याचिका को खरिज कर दिया है जिंसमे मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाना किसी का भी मौलिक अधिकार नहीं है। बता दें यह याचिका बदायूं के नूरी मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाने के संदर्भ में दाखिल की गई थी। 

    इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि लाउडस्पीकर लगाना और उससे आजन पढ़ना किसी का मौलिक अधिकार नहीं है। मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाने के उचित कारण बताए। क्योंकि बिना उचित कारण जाने इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है। जानकारी के लिए बता दें यह आदेश न्यायमूर्ति वीके बिड़ला और न्यायमूर्ति विकास की खंडपीठ ने इरफान की याचिका पर दिया है।
    याची ने याचिका दायर करते हुए कहा है कि मस्जिद में लाउडस्पीकर से नमाज पढ़ने को रोकना हमारे मौलिक अधिकारों का हनन है। लेकिन कोर्ट ने इनकी इस दलील को बेबुनियादी बताते हुए याचिका को खारिज कर दिया है।

  • केंद्र पर बरसे पी चिदंबरम मोदी को लेकर कही बड़ी बात

    राजनीति:- राजस्थान के उदयपुर में चल रहे कांग्रेस के चिंतन शिविर का आज दूसरा दिन है। वही आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चितम्बरम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई ओर महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा भारत की स्थिति दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है आगामी समय मे भारत की स्थिति श्री लंका जैसी होने की सम्भावना है। क्योंकि देश आज भीषण महंगाई झेल रहा है और देश मे महंगाई केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण आई है।

    उन्होंने कमजोर होते रुपये के संदर्भ में कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 में प्रति डॉलर रेट 14 रुपये लाने की बात कही थी लेकिन एक्सचेंज रेट तो बाजार के मुताबिक परिवर्तित होता है। बढ़ती महंगाई और ब्याज दर के चलते डॉलर बाजार जा रहा है लेकिन सरकार ने चुप्पी साध रखी है और इसपर वह कोई काम नहीं कर रही है।

    उदयपुर चिंतन शिविर में क्या हुई चर्चा:-

    आज कांग्रेस के चिंतन शिविर का दूसरा दिन है इस शिविर में कांग्रेस ने अलग अलग मुद्दों पर बात की है। आज चिंतन शिविर में भाजपा और RSS की हिंदुत्ववादी रणनीतियों पर विशेष चर्चा हुई है। चिंतन में कहा गया है कि हमे अलग विकल्प चुनना होगा और भाजपा आरएसएस की नीतियों से आगे बढ़कर राजनीति करनी होगी। अब जब देश मे भाजपा और आरएसएस हिंदुत्व की राजनीति कर रहे हैं और राजनीतिक गलियारों में अपने पैर पसार चुके हैं तो ऐसे में कांग्रेस अब इसके मजबूत विकल्प ढूढे पर राजनीति में अपनी धाक जमाने के लिए उसी मुद्दे पर काम करे।

  • कांग्रेस छोड़ने के बाद अपने ही बयानों के चलते मेमर्स के हाँथ चढ़े हार्दिक पटेल उड़ाई जा रही खूब खिल्ली

    Gujarat election:- गुजरात चुनाव से पूर्व कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस से हार्दिक के इस्तीफे के बाद सियासी गलियारों में इनके एक सप्ताह के भीतर भाजपा में शामिल होने की खबरों का गुब्बारा फुट गया है और हर तरफ़ यह खबर उड़ रही है कि हार्दिक जल्द ही भाजपा परिवार का हिस्सा होंगे।

    पार्टी से इस्तीफा देते हुए हार्दिक ने एक पत्र लिख सोनिया गांधी को पार्टी की कमियों से अवगत करवाया और पार्टी छोड़ने की वजह भी बताई। उन्होंने पत्र में मुख्य तौर पर कांग्रेस की विरोध की राजनीति पर सवाल उठाए ओर कहा की आज युवा विरोध नहीं सामर्थ्य देखना चाहता है वह आज के समय मे देश को मजबूत नेतृत्व के हाँथो में सौंपने की उम्मीद लगाता है लेकिन कांग्रेस हमेशा विरोध की राजनीति करती है जिसके चलते उसे हर राज्य की जनता ने नकार दिया है। 
    मैं पिछले तीन साल से कांग्रेस से जुड़ा हुआ हूँ लेकिन मैंने देखा है कि कांग्रेस ने उन मुद्दों का भी विरोध किया जिनका उसे समर्थन करना चाहिए था। राम मंदिर, धारा 370, CAA हर मुद्दे पर मैंने कांग्रेस की विरोधीय राजनीति देखी है और जनता विरोध को नहीं उम्दा नेतृत्व को स्वीकारती है। हार्दिक के इस बयान ने कांग्रेस में हलचल मचा दी है वही पार्टी से इस्तीफे के बाद अब सोशल मीडिया पर हार्दिक पटेल के मीम्स बनने लगे हैं और लोग इनको खूब ट्रोल कर रहे हैं। 
    इन मीम्स के माध्यम से लोग हार्दिक के उन बयानों को याद दिला रहे हैं जो वह कांग्रेस का हिस्सा होने पर दिया करते थे मेमर्स लगातार हार्दिक के आज के बयान और तब के बयान की तुलना कर उनका माजक बना रहे हैं। एक यूजर ट्वीट कर हार्दिक के उस बयान को उन्हें याद दिलाता है जो उन्होंने उस वक्त दिया था जब उन्होंने कांग्रेस पार्टी जॉइन की थी। वही एक यूजर हार्दिक के मंदिर प्रेम को इंगित करते हुए कहता है कि क्या मैं भाजपा में प्रवेश कर सकता हूँ।
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  • ज्ञानवापी मस्जिद पर बोली माया यह धार्मिक भावनाओं को भड़काने की एक सोची समझी साजिश

    ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे :  ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग मिलने के बाद से सियासत तेज हो गई पक्ष विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर कर रहा है। वही अब इस मामले पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपना बयान दिया है। मायावती ने ज्ञानवीप मस्जिद में हिन्दू देव महाकाल के अवशेषों का मिलना एक साजिश बताया है। उन्होंने कहा है कि यह लोगो की धार्मिक भावनाओं को भड़काने की एक सोची समझी साजिश है इसलिए लोगो से मेरी अपील है कि वह आपसी भाईचारा बनाए रखे।

    उन्होंने भाजपा को इंगित करते हुए कहा आज जिस तरह देश में धार्मिक भावनाओं को भड़काया जा रहा है ऐसे में भाजपा को अपना ध्यान इस पर केंद्रित करना चाहिए की किन तमगों से हमारा देश मजबूत होगा। वही आज जो धार्मिक स्थलों पर छोटे छोटे बदलाव किए जा रहे हैं इससे हमारे देश मे सद्भवना नही स्थापित होगी यह हमारे देश की एकता और भाईचारे की भावना को प्रभावित करेंगे।
    उन्होंने आगे लोगो को चेताते हुए सचेत रहने की हिदायत दी है और कहा है आज जो माहौल उत्पन्न हो रहा है इससे किसी का फायदा नहीं है। न इससे कोई विशेष धर्म लाभप्रद होगा न कोई जाति। इसलिए लोगो से मेरी अपील है कि भड़काऊ चीजो से बचकर रहे और आपसी भाईचारे का परिचय दे । क्योंकि यह देश के हित के लिए आवश्यक है।

  • कांग्रेस अब न तो राष्ट्रीय पार्टी बची है न तो भारतीय:- नड्डा

    राजनीति:- भाजपा और कांग्रेस के मध्य आय दिन ठना ठानी देंखने को मिलती है जहां एक और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी केंद्र की मोदी सरकार पर कटाक्ष करते रहते हैं और देश के हर मुद्दे से उन्हें जोड़ते हैं वही भाजपा भी कांग्रेस को नीचे दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ती है। अब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया है।

    उन्होंने कहा आज कल के सियासी दलों में वंशवाद पनप रहा है लेकिन भाजपा एक मात्र ऐसी पार्टी है जहां वंशवाद का नाम तक नहीं है। आज के विपक्षी दलों में विचारधारा बाद में आती है और उनका पारिवारिक स्वार्थ पहले पनपता है। वही अगर हम बात कांग्रेस की करें तो इसकी स्थिति अत्यधिक गम्भीर है हालत डगमगाई हुई है। यह अब ऐसी पार्टी बन गई है जो न तो राष्ट्रीय बची है और न तो भारतीय। वही सबसे बड़ी बात अब यह प्रजातांत्रिक भी नहीं बनी है। आज यह सिर्फ वंशवाद की पार्टी बची है जिसमे आपसी कलह के अलावा कुछ नहीं दिखाई देता।
    उन्होंने आगे कहा आज सामाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल पार्टी, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, इंडियन नेशनल लोकदल, राष्ट्रीय जनता दल, अकाली दल, बीजू जनता दल और अन्य सभी दल पारिवारिक राजनीति तक सीमति है यह सिर्फ अपने व्यक्तिगत लाभ हेतु राजनीति करते हैं।

  • राजस्थान में मोदी मैजिक से गिरेगा विपक्ष का विकेट

    राजनीति:- राजस्थान में चुनावी हलचल आरम्भ हो गई है प्रत्येक राजनीतिक दल गुजरात भेदने की तैयारी में लग गया है। वही अगर हम भाजपा की बात करें तो यह इस बार राजस्थान मे सत्ता का सुख भोगने की योजना बना रही है। इसी योजना के तहत आज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया ने बड़ा खुलासा किया है और कहा है कि भाजपा राजस्थान में अपनी पार्टी के ग्रीन कार्ड यानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ेगी। 

    उन्होंने आगे कहा, राज्य पर केंद्र की नजर है यहां की रणनीति केंद्र के नेतृत्व में तैयार की जा रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा तीन दफ़ा राज्य का दौरा कर चुके हैं। वही भाजपा में एकता है हमारी पार्टी एक राय और एक नीति से जनता के नीच उतरती है और अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ती है। आलाकमान ने निर्णय लिया है कि राजस्थान में भाजपा मोदी मैजिक के साथ चुनाव लड़ेगी व अपनी जीत का परचम लहराएगी। तो अब भाजपा इसी रणनीति के साथ राजस्थान में काम करेगी और विपक्ष का विकेट गिराएगी।
    पुनिया ने राहुल पर तंज कसते हुए कहा, कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है जहां गुटबाजी की नीति चलती है। पार्टी में एकता जैसी भावना दिखाई नहीं देती। वही पार्टी के नेता राहुल गांधी आय दिन विरोध करते रहते हैं। सभी ने राहुल को यह कहते हुए सुना होगा की देश मे आग लग जाएगी। उनके इस प्रकार के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि उनकी नीति देश को आग लगाने की ही है। वास्तविकता यह है कि वह सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं इसलिए उन्हें जमीनी स्तर की राजनीति समझ नहीं आती लोगो से जुड़ाव समझ नहीं आता।

  • MP मंत्री ने उगली आग, जमकर पुलिस को दी गाली

    भोपाल । मध्यप्रदेश में आईएएस-आईपीएस अधिकारी भाजपा के चपरासी की तरह काम कर रहे हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। आप सब सुनिए, आज के बाद कल आता है और परसों के बाद परसों… तब आप देखेंगे कि आपका काम कैसे होता है। ये बातें हैं खिलचीपुर विधायक और पूर्व ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह के पूर्व मंत्री का ये वीडियो गुरुवार का बताया जा रहा है। इस दौरान वे बिजली कटौती के खिलाफ खिलचीपुर में कांग्रेस के धरना प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मंच पर पहुंचे पूर्व ऊर्जा मंत्री सिंह ने पिछले कुछ दिनों में खिलचीपुर में हुई आगजनी के मामले पर सवाल उठाए हैं। 

    वीडियो में नेता जी ने और कहा कहा…

    कुछ दिन पहले खिलचीपुर में शांति भंग करने का प्रयास किया गया था। 5-7 जगहों पर आगजनी की कार्रवाई की गई। पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा। लेकिन फिर भी पुलिस रुकी हुई है। मैं पुलिस को चेतावनी देना चाहता हूं। गौर साहेब टीआई सुनो… तुम्हारी ऐसी की तैसी करेंगे… अगर खिलचीपुर की शांति भंग होती है। अगर हमारे शहर में कोई गतिविधि होती है और अगर आप इन भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को बचाने की कोशिश करते हैं, तो हम सही काम करेंगे।
    कार्रवाई करें, पता करें कि इसके पीछे कौन हैं। साथ ही जानिए उनके पीछे किस बीजेपी नेता का हाथ है। उन्हें जेल में डाल दो। सभी जानते हैं कि ये गतिविधियां कौन कर रहा है। सही कदम उठाइए… वरना आज के बाद कल आता है और परसों… फिर हम देखेंगे कि आपका काम कैसे होगा।
    मैंने आज तक आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को ऐसी स्थिति में नहीं देखा। मजबूर हैं… मजबूर हैं। आईएएस और आईपीएस अधिकारी बीजेपी के चपरासी के रूप में काम कर रहे हैं। बड़े दुर्भाग्य की बात है, आपने शपथ ली है, भारत के संविधान की रक्षा के लिए। कलेक्टर साहब, एसपी साहब, सीईओ साहब और जो भी हो साहब, एसडीएम साहब! आपने भारत के संविधान की रक्षा करने की शपथ ली है। आप भी इस देश के नागरिक हैं। यह सरकारी प्रतिनिधि, प्रशासनिक सेवा के एक व्यक्ति होने के अलावा। आप लोगों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि आप लोक सेवक का कर्तव्य निभाएं। नेताओं के चपरासी और मंत्रियों के चपरासी का काम मत करो। सच सच बोलने की काबिलियत हो, सही बात कहने की काबिलियत हो। दिन को दिन और रात को रात कहने की क्षमता रखते हैं।

  • रद्द हुई तापी नर्मदा परियोजना के पीछे है भाजपा का बड़ा राजनीतिक दांव

    Gujarat election:- इस साल के अंत मे गुजरात में विधानसभा चुनाव होने को है। सभी दलों के मध्य आपसी घमासान मचा है। सत्ताधारी दल और विपक्ष में शाब्दिक कटाक्ष जारी है। वही हर कोई इस समय गुजरात में आदिवासी वोट बैंक को साधने की फिराक में है। प्रत्येक दल की नजर गुजरात के आदिवासी समाज पर है क्योंकि गुजरात मे यह समाज एक ऐसा समाज है जिसे निर्णायक समाज कहा जाता है और इसी से राजनीति दल की हार जीत तय होती है। 

    पिछले कई वर्षों से भाजपा को इस समाज का समर्थन प्राप्त है। भाजपा लगातार इस समाज के कंधे पर बंदूक रखकर अपनी जीत का लक्ष्य भेदती है। लेकिन वर्ष 2017 में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव में स्थित कुछ बदली दिखी और गुजरात मे इस समाज का काफी हद तक समर्थन कांग्रेस को प्राप्त हुआ इसके समर्थन से गुजरात मे कांग्रेस एक बडी पार्टी के रूप में उभर कर आई वही अब इस बार के चुनाव में हर किसी की नजरें आदिवासी समाज पर टिकी हुई है। 

    तापी नर्मदा प्रोजेक्ट का चुनावी कनेक्शन:-

    अगर हम भाजपा की बात करें तो पिछले चुनाव में कांग्रेस की शानदार धमक के चलते भाजपा को इस समाज से कोई खास समर्थन नहीं प्राप्त हुआ था। वही अब भाजपा ने इस समाज को तोड़ने और अपने खेमे की रणनीति तैयार कर ली। वही अब इस बीच केंद्र सरकार की तापी नर्मता लिक परियोजना को चुनावी सरगर्मी के चलते सत्ताधारी सरकार ने रद्द कर दिया। इस परियोजना के अगर हम राजनीतिक परिपेक्ष्य को समझे तो इसको लेकर विपक्ष हमेशा राज्य और केंद्र की मोदी सरकार को घेरती रही है विपक्ष गुजरात मे इस परियोजना के नाम पर आदिवासी वोट बैंक के बीच बड़ा दांव खेल सकती थी।
    विपक्ष के मुद्दे को विफल करने और अपनी आदिवासी समाज मे उम्दा छवि स्थापित करने के उद्देश्य से गुजरात सरकार ने यह निर्णय लिया है। हालांकि गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस बात की घोषणा करते हुए कहा है कि आदिवासी समाज भाजपा और भाजपा की नीतियों पर विश्वास करता है उन्हें पता है भाजपा उनके विरोध में कोई नीति नहीं लागू करेगी।

    जाने क्या था तापी नर्मदा प्रोजेक्ट:-

    अगर हम तापी नर्मदा प्रोजेक्ट की बात करें तो इस प्रोजेक्ट के माध्यम से सौराष्ट्र और कच्छ में पानी की कमी को पूरा किए जाने की योजना थी। लेकिन आदिवासी समाज इस प्रोजेक्ट के विरोध में खड़ा था। आदिवासियों का मानना था कि इस प्रोजेक्ट की वजह से कई आदिवासी विस्थापित हो जायेगे और 60 से ज्यादा गांव पानी से डूब जाएंगे। आदिवासी समाज सरकार का इस परियोजना को लेकर खूब विरोध करते दिखी और विपक्ष ने भी इस मुद्दे को खूब तूल पकड़ाई और भाजपा सरकार की जमकर आलोचना की।
    वही अब जब गुजरात मे चुनाव नजदीक है तो भाजपा सरकार ने बड़ा दांव खेला है और खुद को आदिवासी हितैषी बताते हुए तापी नर्मदा परियोजना को रद्द कर दिया है। भाजपा इस योजना को रद्द कर आदिवासी वोट बैंक के।साथ अपनी सांठ गांठ करना चाहती है लेकिन अब गुजरात मे विपक्ष भाजपा की नीतियों पर हावी है जिससे भाजपा इतनीं आसानी से आदिवासी समाज को नहीं लुभा पाएगी।

  • क्या आजम की रिहाई अखिलेश को नहीं भाई

    उत्तरप्रदेश:- लम्बे समय से सुर्खियों में चल रहे सपा नेता आजम खान आज 27 महीने बाद जेल से रिहा हो गए हैं। आजम खान की रिहाई पर इनके समर्थकों में काफी खुशी देंखने को मिली है। वही आज रिहाई के बाद सपा नेता आजम खान को जेल से लेने के लिए उनके दोनों बेटे अब्दुल्ला और अदीब आजम के साथ ही शिवपाल यादव भी सीतापुर जेल पहुंचे। शिवपाल यादव का आज़म खान के साथ दिखाना बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत दे रहा है और आजम की रिहाई के तुरंत बाद अब यह खबरें हवा में उड़ने लगी है कि आज़म खान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को बड़ा झटका देंगे।

    हालाकि अभी तक इस सब बातों पर आजम खान ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जेल से निकलने के बाद अंजाम खान सबसे पहले पूर्व सपा विधायक अनूप गुप्ता के घर पहुंचे जहां उनसे मिलने के लिए समर्थकों का जमावड़ा उमड़ पड़ा। आजम समर्थकों ने खूब नारेबाजी की और आजम खान पर अपना प्यार लुटाया। 
    वही बड़ी बात यह है कि आजम खान सपा के बड़े नेता है और सपा को खड़ा करने में आजम खान ने अहम भूमिका निभाई है लेकिन आजम की रिहाई पर काफी देर तक सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की जिसके बाद अखिलेश के इस मौन ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी और लोग यह कयास लगा रहे हैं कि शायद अखिलेश को आजम का जेल से निकलना रास नहीं आया है।  
    लेकिन अब अखिलेश ने विराम के बाद आजम की रिहाई के संदर्भ में कहा है कि सपा के वरिष्ठ नेता व विधायक आजम खान जी के जमानत पर रिहा होने पर उनका हार्दिक स्वागत है। जमानत के इस फैसले से सर्वोच्च न्यायालय ने न्याय को नए मानक दिए हैं। पूरा ऐतबार है कि वो अन्य सभी झूठे मामलों-मुकदमों में बाइज्जत बरी होंगे। झूठ के लम्हे होते हैं, सदियां नहीं!

  • बोले पीके गुजरात और हिमाचल में कांग्रेस की होगी हार

    राजनीति:- लम्बे समय से कांग्रेस की रणनीति तैयार करने को लेकर सुर्खियों में रहे प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और अब उन्होंने उदयपुर में कांग्रेस के तीन दिवसीय चिंतन शिविर पर तंज कसते हुए कहा है कि चिंतन शिविर कुछ भी तय करने में विफल रहा है और उसमें अच्छी रणनीतियां नहीं तैयार की गई है। कांग्रेस की इन नीतियों के बाद यह स्पष्ट है कि गुजरात और हिमाचल में सत्ता कांग्रेस के हाँथ नहीं आएगी उनकी हार निश्चित है।

    प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर लिखा कि कई दिनों से लोग यह सवाल कर रहे थे कि कांग्रेस के चिंतन शिविर पर वह क्या सोचते हैं। उन्होंने कहा कांग्रेस का चिंतन शिविर विफल रहा वह पार्टी को मजबूती नहीं दे पाया वह लम्बा खींचने और समय खराब करने से ज्यादा कुछ नहीं था। कम से गुजरात और हिमाचल में मिलने वाली हर तक।

     

    जानकारी के लिए बता दें प्रशांत के इस ट्वीट पर लोग जमकर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं एक यूजर लिखता है सत्य परेशान हो सकता है, पार्टी बदल सकता है और अंत में चुनाव भी जीत सकता है। विचारधारा तो हमारे-आप के लिए है, नेताओं का ‘सत्य’ अक्सर स्वार्थ है।