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  • Manipur Violence: आप हमें चाहें जिस नाम से बुलाएं मोदी जी हम भारत हैं

    Manipur Violence:  मणिपुर  हिंसा को लेकर संसद में जारी हंगामे के बीच आज संसदीय दल की बैठक हुई और पीएम मोदी ने विपक्ष गठबंधन यानी  INDIA की ईस्ट इंडिया से तुलना कर दी। विपक्ष अब लगातार पीएम मोदी के बयान की आलोचना कर रहा है। 

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा- आप हमें चाहें जिस नाम से बुलाएं मोदी जी हम भारत हैं। हम मणिपुर के लोगों की मदद करेंगे। हम महिलाओं और बच्चों के आंसू पोंछेंगे। वह मणिपुर में प्यार और शांति वापस लाने में मदद करेंगे। हम मणिपुर में भारत के विचार का पुनर्निर्माण करेंगे। 

    वही कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड्गे कहते हैं- हम सदन में मणिपुर पर चर्चा करना चाहते हैं। पीएम बाहर INDIA” को “East India Company” बोल रहें हैं। कांग्रेस ने हमेशा भारत माता का सा साथ दिया है। अंग्रेजो के वंशज तो बीजेपी वाले रहे हैं। 

  • Weather Alert: अभी बारिश से नहीं मिलेगी राहत

    IMD Weather Prediction and Report 24 July: महाराष्ट्र और गुजरात समेत कई राज्यों में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं. वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यमुना एक बार फिर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई है. इस भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में मूसलाधार बारिश को लेकर चेतावनी (Rainfall Alert) दी है और कई राज्यों के लिए रेड अलर्ट (Red Alert for Rainfall) जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक 27 जुलाई तक पश्चिमी हिस्से से लेकर मध्य भारत और पूर्वी हिस्से तक तेज बारिश की संभावना जताई है.

    दिल्ली में आज बारिश के आसार

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज (24 जुलाई) भी बारिश के आसार हैं. इससे पहले कल शाम को भी दिल्ली-NCR के कई इलाकों में बारिश हुई थी, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, लेकिन यमुना के बढ़ते जलस्तर के बीच बारिश ने चिंता बढ़ा दी है. रविवार शाम को यमुना का जलस्तर 206.40 मीटर पर पहुंच गया था. इस बीच हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के बाद यमुना में एक बार फिर बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं. यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है और दिल्ली के कई हिस्सों में चेतावनी जारी की गई है.

    नोएडा में मंडराने लगा है बाढ़ का खतरा

    दिल्ली के साथ ही नोएडा में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है. हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद किनारे से पांच गांवों के 200 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने हिंडन नदी में बढ़ रहे जलस्तर के मद्देनजर निचले इलाकों के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी की है. अधिकारियों ने बताया कि 200 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है, जहां पर प्रशासन की ओर से खाने पीने और स्वास्थ्य देखभाल की व्यवस्था की गई है. काली नदी से लगातार हिंडन में पानी छोड़ा जा रहा है, जिसकी वजह से नदी का जलस्तर बढ़ा है. अधिकारियों के अनुसार, गाजियाबाद बैराज पर हिंडन नदी के खतरे का निशान 205.80 मीटर है और इस समय नदी का जल स्तर 200.65 मीटर है.

    गुजरात में आज भी बारिश के आसार

    गुजरात में लगातार हो रही बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं और जूनागढ़ में तीन हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. जूनागढ़ में बाढ़ और बारिश के बाद हालात बिगड़ गए हैं. इस बीच मौसम विभाग (IMD) ने आज (24 जुलाई) भी भारी बारिश होने का अनुमान जताया है. आईएमडी ने गुजरात के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए कहा कि राज्य में 24 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. अगले 24 घंटों में देवभूमि द्वारका, राजकोट, भावनगर और वलसाड जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का भी अनुमान जताया है. जूनागढ़ शहर  बीते 24 घंटे की अवधि में 241 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. इससे कई हिस्सों में जलभराव हो गया और कई कारें क्षतिग्रस्त पाई गईं.

  • Gyanvapi Masjid Survey: ज्ञानवापी का सच से सामना

    Gyanvapi Masjid Survey: वाराणसी की एक अदालत से आदेश मिलने के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम सोमवार (24 जुलाई) को सर्वे करने के लिए ज्ञानवापी परिसर पहुंच चुकी है. हिंदू पक्ष के अधिवक्ता मदन मोहन यादव के मुताबिक, एएसआई की टीम परिसर में वजूखाने को छोड़ कर पूरे परिसर का सर्वेक्षण शुरू करेगी. यही वजह है कि वजूखाने को पहले से ही सील कर दिया गया है. एएसआई इस सर्वे की रिपोर्ट 4 अगस्त तक जिला जज के सामने पेश करेगी. वहीं जिला जज वाराणसी के 21 जुलाई के आदेश को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल कर दी गई है. 

    संगीनों के साए में सर्वे 
    ASI की 20 से 30 सदस्यीय टीम ज्ञानवापी परिसर सोमवार सुबह पहुंची. इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. परिसर के बाहर सुबह से ही सर्वे को लेकर भारी संख्या में लोगों का जमावड़ा लग गया. सर्वे टीम के साथ फोटोग्राफर और वीडियोग्राफी टीम भी ज्ञानवापी परिसर में पहुंची. एएसआई सर्वे टीम पूरे परिसर की सर्वेक्षण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करा रही है. ज्ञानवापी परिसर के अंदर किसी को भी मोबाइल, स्मार्ट वॉच या कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर मनाही की गई है. जैसे ही एएसआई की करीब आधा दर्जन लोगों की टीम अपने आधुनिक उपकरणों के साथ जांच करने पहुंची तो ज्ञानवापी परिसर के आसपास पुलिस की सुरक्षा कड़ी कर दी गई. 

    हिंदू पक्ष का क्या है दावा
    दरअसल, पांच हिंदू महिलाओं ने कोर्ट में याचिका दायर करते हुए कहा था कि ज्ञानवापी मस्जिद में शिव मंदिर के प्रमाण हैं, इसीलिए यहां का सर्वे कराया जाना चाहिए. इस विवाद की शुरुआत 18 अगस्त 2021 को हुई थी. इससे पहले भी कोर्ट के आदेश पर मस्जिद का सर्वे कराया गया. सर्वे में सामने आई तस्वीरों ने विवाद खड़ा कर दिया. इन तस्वीरों को लेकर हिंदू पक्ष ने दावा करते हुए कहा कि ये मंदिर में बनी कलाकृतियां हैं. इसी बीच मस्जिद के वजूखाने से एक शिवलिंग की तस्वीर भी सामने आई जिसे लेकर असली विवाद शुरू हुआ. 

    वजूखाने पर कथित शिवलिंग को लेकर हिंदू पक्ष ने दलील दी कि ये एक प्राचीन शिवलिंग है, जिसे मंदिर में बनाया गया था. जैसे ही यह विवाद बढ़ा तो मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और इस जगह जाने पर रोक लग गई. हिंदू पक्ष की मांग है कि ज्ञानवापी मस्जिद उन्हें पूरी तरह सौंप दी जाए. साथ ही यहां पर जल्द से जल्द पूजा की व्यवस्था भी की जाए. इतना ही नहीं हिंदू पक्ष ये भी चाहता है कि यहां मुस्लिमों का प्रवेश बंद कर दिया जाए. 

    मुस्लिम पक्ष करता है ये दावा 
    वहीं ज्ञानवापी मामले को लेकर मुस्लिम पक्ष का दावा है कि ये मस्जिद काफी पुरानी है और इसके साथ छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए. इतना ही नहीं इसके लिए पूजा स्थल अधिनियम 1991 का हवाला भी दिया गया हालांकि इसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि मामला सुनने लायक नहीं है. फिलहाल अंजुमन इंजामिया मसाजिद कमेटी परिसर की देखभाल करती है जो इस मामले को लेकर अपना पक्ष रख रही है. मुस्लिम पक्ष का कहना है कि ज्ञानवापी मस्जिद वक्फ बोर्ड की संपत्ति है. इसीलिए वक्फ कोर्ट में ही इसकी सुनवाई की जानी चाहिए. 

    1936 के दीन मोहम्मद बनाम भारत सरकार के मामले का हवाला देते हुए मुस्लिम पक्ष ने तर्क दिया है कि तब मुस्लिमों को ही मस्जिद में नमाज का अधिकार दिया गया था. इसीलिए उसे ही बरकरार रखा जाए. मुस्लिम पक्ष का तर्क है कि तमाम सरकारी दस्तावेजों में ज्ञानवापी को एक मस्जिद के तौर पर ही माना गया है. ये औरंगजेब के जमाने से चला आ रहा है, इसीलिए हिंदू पक्ष की दलीलों को खारिज किया जाना चाहिए.

    इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की गई कैविएट 
    वाराणसी में सर्वे शुरू होते ही जिला जज वाराणसी के 21 जुलाई के आदेश को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल कर दी गई है. अधिवक्ता सौरभ तिवारी के माध्यम से कैविएट पेटीशन ई-फाइलिंग मोड से कैविएट दाखिल किया है. श्रृंगार गौरी मामले में हिंदू पक्ष की मुख्य वादिनी राखी सिंह की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल की गई है. मुख्य वादिनी राखी सिंह एएसआई सर्वे के समर्थन में हैं, इस वजह से हाईकोर्ट में उनके द्वारा कैविएट दायर किया गया है. 

  • RO Water ATM: दिल्ली वालों के लिए केजरीवाल का बड़ा एलान, अब मुफ्त मिलेगा RO Water

    RO Water ATM: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने दिल्ली वासियों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए उन्हें 20 लीटर आरो वॉटर मुफ्त देने की बात कही है। इसके लिए दिल्ली में 500 अतिरिक्त एटीएम लगवाए जाएंगे। दिल्ली सरकार ने यह घोषणा झुग्गी बस्तियों और अन्य घनी आबादी वाले इलाकों के लिए की है। 

    मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कहा – झुग्गी बस्तियों और अन्य घनी आबादी वाले इलाकों के लोगों को पेयजल मुहैया करवाने के लिए दिल्ली सरकार की 500 अतिरिक्त एटीएम लगवाने की योजना है। अभी तक चार एटीएम स्थापित किए जा चुके हैं अब प्रथम चरण में 500 एटीएम लगाए जाएंगे। उन्होंने आगे कहा- प्रत्येक व्यक्ति को जल बोर्ड की ओर से आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान) कार्ड दिया जाएगा। कार्ड के माध्यम से लोग एटीएम से 20 लीटर आरो वॉटर मुफ्त प्राप्त कर सकेंगे। 

    बता दें अगर कोई व्यक्ति 20 लीटर से अधिक जल लेता है तो उसे 1.60 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से भुगतान करना होगा। यह एटीएम दिल्ली सरकार ने उन इलाको में लगवाएं हैं जहाँ पानी की पाइपलाइन नहीं है और सप्लाई वाटर टैंकर द्वारा की जाती है। 

     

  • ABP C-Voter Survey: बीजेपी पर भारी पड़ेगा विपक्ष

    ABP C-Voter Survey: एकजुटता वो हथियार है जिसके सामने बड़े-बड़े महारथी धराशयी हुए हैं। लोकसभा चुनवा के लिए विपक्ष ने भी एकजुटता का मंत्र स्वीकार किया है। 26 दलों में गठबंधन करके बीजेपी को टक्कर देने का संकल्प लिया और अपने गठबंधन का नाम इंडिया रखा। 2024 का चुनाव एनडीए बनाम इंडिया होगा। लेकिन इस सबके बीच एबीपी न्यूज़ के सी वोटर सर्वे ने बीजेपी की टेंशन बढ़ा दी है। सर्वे के मुताबिक़ विपक्ष  गठबंधन का नाम INDIA रखने से जनता के बीच एक सकारात्मक मैसेज गया है जो बीजेपी की चिंता बना है। 

    सर्वें में 48 फीसदी लोग ऐसे दिखे जिन्होंने कहा विपक्ष ने गठबंधन का नाम INDIA रखा है। यह बीजेपी के लिए समस्या है। अब बीजेपी को विपक्ष पर हमला करने में दिक्कत होगी। बीजेपी विपक्ष गठबंधन का नाम लेकर उसपर टिप्पणी नहीं कर सकती है क्योंकि गठबंधन के नाम से भारत की भावनाएं जुडी हुई हैं। 34 फीसदी लोग यह मानते हैं कि विपक्ष गठबंधन का नाम कुछ भी हो इससे बीजेपी को कोई फर्क नहीं पड़ता। बीजेपी का वोट बैंक निश्चित है। वही 18 फीसदी लोग ऐसे भी थे जिनको कुछ भी समझ नहीं आया कि विपक्ष का नाम बदलने से चुनाव में क्या असर दिखेगा। 

    बता दें सर्वें में कांग्रेस को लेकर भी बड़ा खुलासा हुआ है। सर्वे में बताया गया INDIA में 26 दल हैं जिनमें कांग्रेस सबसे बड़े तमगे पर नजर आ रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पुनः खड़ी हो गई है। विपक्ष एकता में अभी जो पार्टी सबसे मजबूत और विपक्ष एकता की सूत्रधार नजर आ रही है वह कांग्रेस है। कांग्रेस लगातार विपक्ष को एकसाथ रखने और स्वयं को मजबूत बनाने के प्रयास में जुटी हुई है। कांग्रेस ने पीएम पद से पीछे हटकर विपक्ष एकता को नई दिशा दी है और कांग्रेस को नया जीवन। 

  • Tripura TMC President Resigns: ममता बनर्जी को झटका, TMC अध्यक्ष ने दिया इस्तीफ़ा

    Tripura TMC President Resigns: ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस की स्थिति त्रिपुरा में बेहद खराब चल रही है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी को त्रिपुरा की जनता ने नकार दिया। वही अब त्रिपुरा तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष पीजूष कांती बिस्वास ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। यह ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका है क्योंकि पीजूष कांती बिस्वास ने पार्टी का दामन उस वक्त छोड़ा है जब त्रिपुरा में पार्टी अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। 

    पीजूष कांती बिस्वास ने अपना इस्तीफ़ा पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी सौपते हुए कहा- मैं त्रिपुरा कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देता हूँ। साथ ही मैं तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ता हूँ। मैं ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का आभारी हूँ कि उन्होंने पार्टी में मुझे यह दायित्व सौंपा।  

    ;बता दें त्रिपुरा में 60 विधानसभा सींटो पर चुनाव हुआ था। ममता बनर्जी की पार्टी ने 28 सींटो पर चुनाव लड़ा। हालाकि टीएमसी का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और बीजेपी ने 32 सींटो पर जीत दर्ज कर सरकार बनाई। 

  • Devendra Fadnavis Birthday: सबसे कम उम्र के मेयर से लेकर CM

    Devendra Fadnavis Birthday Special: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के वर्तमान उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का 22 जुलाई को जन्मदिन होता है. अपने इस जन्मदिन पर वह 53 साल के हो गए हैं. बीजेपी की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य से लेकर नागपुर के सबसे कम उम्र के मेयर बनने, फिर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने और फिर राज्य का मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बनने तक के सफर में देवेंद्र फडणवीस की राजनीतिक उपलब्धियां कई हैं.

    देवेंद्र फडणवीस का जन्म महाराष्ट्र के नागपुर में रहने वाले एक मराठी हिंदू परिवार में हुआ था. उनके पिता का नाम गंगाधर फडणवीस और मां का नाम सरिता फडणवीस है. पिता गंगाधर फडणवीस नागपुर से महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य के रूप में कार्यरत थे और मां विदर्भ हाउसिंग क्रेडिट सोसाइटी के पूर्व निदेशक थीं.

    पिता के जेल जाने पर छोड़ दिया था इंदिरा कॉन्वेंट स्कूल 

    फडणवीस की शुरुआती शिक्षा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नाम पर चलने वाले स्कूल इंदिरा कॉन्वेंट से हुई थी. आपातकाल के दौरान फडणवीस के पिता को भी जन संघ का सदस्य होने के नाते और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के कारण जेल जाना पड़ा था. इस पर फडणवीस ने इंदिरा कॉन्वेंट में पढ़ने से इनकार कर दिया था. वह उस प्रधानमंत्री के नाम पर बने स्कूल में नहीं जाना चाहते थे जिसे उन्होंने अपने पिता के जेल जाने के लिए जिम्मेदार ठहराया था. इसके बाद वह नागपुर के सरस्वती विद्यालय में पढ़े. उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए उन्होंने धरमपेठ जूनियर कॉलेज में दाखिला लिया था.

    कानून और बिजनेस मैनेजमेंट में हासिल की डिग्रियां

    फडणवीस ने नागपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से कानून में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की. उन्होंने बिजनेस मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएशन की. इसके अलावा, उन्होंने जर्मनी के बर्लिन स्थित डीएसई-जर्मन फाउंडेशन फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट से परियोजना प्रबंधन के तरीकों और तकनीकों में डिप्लोमा किया है.

    फडणवीस का राजनीतिक करियर

    फडणवीस ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत नब्बे के दशक के मध्य में की थी. एक छात्र के रूप में वह बीजेपी से संबद्ध एबीवीपी के सक्रिय सदस्य थे. 1992 में 22 वर्ष की उम्र में वह एक कोर्पोरेटर बन गए थे. 5 साल बाद 1997 में 27 वर्ष की उम्र में वह नागपुर नगर निगम के सबसे कम उम्र के मेयर बने थे और इसी के साथ वह भारत के इतिहास में दूसरे सबसे कम उम्र के मेयर बन गए थे.

    फडणवीस 1999 से महाराष्ट्र विधानसभा में नागपुर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. उन्होंने 31 अक्टूबर 2014 से 12 नवंबर 2019 तक महाराष्ट्र के 18वें मुख्यमंत्री के रूप में काम किया. 44 वर्ष की उम्र में शपथ लेने के बाद वह शरद पवार के बाद महाराष्ट्र के इतिहास में दूसरे सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बने थे.

    फडणवीस 2019 से 2022 तक महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे. वह 2013 से 2015 तक बीजेपी की महाराष्ट्र राज्य इकाई के अध्यक्ष भी रहे. महाराष्ट्र के राजनीतिक संकट के चलते 28 नवंबर 2019 को इस्तीफा देने से पहले उन्होंने 2019 के दौरान मुख्यमंत्री के रूप में 5 दिनों का दूसरा कार्यकाल पूरा किया था.

    बीजेपी और आरएसएस के सदस्य देवेंद्र फडणवीस ने 2009 से महाराष्ट्र विधानसभा में नागपुर दक्षिण पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है. इससे पहले 1999 से 2009 तक उन्होंने नागपुर पश्चिम का प्रतिनिधित्व किया. वह 1997 से 2001 तक नागपुर के मेयर रहे थे.

    फडणवीस के इस बयान पर मचा था घमासान

    इसी साल जून कोल्हापुर में मुगल शासक औरंगजेब का महिमामंडन करने वाले सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुईं झड़पों के बाद फडणवीस का एक बयान काफी चर्चा में रहा था. उन्होंने कहा था कि अचानक औरंगजेब की इतनी औलादें कहां से पैदा हो गईं. इसके बाद उन्होंने यह स्पष्ट करने की कोशिश की थी कि वह मुसलमानों को औरंगजेब का वंशज नहीं मानते हैं और राष्ट्रवादी मुसलमान औरंगजेब को अपने नायक के रूप में नहीं देखते हैं.

  • Stock Market Opening: शेयर बाजार में मजबूती, सेंसेक्स 146 अंक चढ़कर 66530 पर खुला

    Stock Market Opening: शेयर बाजार की आज की चाल हल्की तेजी के साथ आगे बढ़ रही है. इसके साथ बैंक निफ्टी के शेयरों में भी तेजी के साथ कारोबार देखा जा रहा है और ये 46,000 के अहम लेवल के ऊपर ही कारोबार कर रहा है.

    कैसी रही आज बाजार की ओपनिंग

    आज शेयर बाजार की ओपनिंग में बीएसई का 30 शेयरों वाला इंडेक्स सेंसेक्स 146.42 अंक या 0.22 फीसदी की बढ़त के साथ 66,531 के लेवल पर खुला है. वहीं एनएसई का 50 शेयरों वाला इंडेक्स निफ्टी 57.00 अंक या 0.29 फीसदी की ऊंचाई के साथ 19,729.35 के लेवल पर कारोबार की ओपनिंग दिखाने में सफल हुआ है.

    प्री-ओपनिंग में कैसा रहा था कारोबार

    आज स्टॉक मार्केट की प्री-ओपनिंग में बीएसई का सेंसेक्स 156.10 अंक या 0.24 फीसदी चढ़कर 66540.88 के लेवल पर कारोबार कर रहा था. वहीं एनएसई का निफ्टी 63.15 अंक या 0.32 फीसदी की मजबूती के साथ 19735.50 के लेवल पर कारोबार कर रहा था.

  • Shashi Tharoor On Manipur: पीएम अच्छे वक्ता हैं उन्हें संसद में बोलना चाहिए

    Shashi Tharoor On Manipur: मणिपुर हिंसा को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद जारी है। सदन में लगातार विपक्ष मणिपुर मामले पर चर्चा की मांग कर रहा है। वही इस बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केंद्र सरकार और पीएम मोदी की जमकर आलोचना की है। 

    उन्होंने कहा- हम संसदीय प्रणाली वाले देश में रहते हैं। पीएम संसद के सदस्यों के प्रति जवाबदेह होता है।  उनका यह कर्तव्य है कि वह संसद के सदस्य और जनता के विश्वास दिलायें और संसद में यह स्पष्ट करें की उन्होंने अभी तक राज्य के मुख्यमंत्री को बर्खास्त क्यों नहीं किया है। ऐसा क्या कारण रहा कि मणिपुर में राज्य सरकार अभी तक कोई कार्यवाही नहीं कर पाई है। 

    उन्होंने आगे कहा – पीएम अच्छे वक्ता हैं, वह जो बोलते हैं साध कर बोलते हैं। उन्हें जब कोई मंच मिलता है तो वह बोलने से पीछे नहीं हटते हैं। लेकिन मणिपुर मसले पर वह चुप हैं। उन्हें इस मामले पर बोलना चाहिए। संसद में जवाबदेही के प्रति उनकी जिम्मेदारी है। उन्हें अपने दायित्व का निर्वहन करना चाहिए। 

  • Seema Haider ISI Agent: सीमा का होगा पॉलीग्राफ टेस्ट (Polygraph Test)

    Seema Haider ISI Agent:  सीमा हैदर से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। सीमा के  कई बयान झूठे साबित हो चुके हैं। शक यह भी जताया जा रहा है कि   सीमा हैदर पाकिस्तानी जासूस है। अभी तक इस मामले में कोई स्पष्ट खुलास नहीं हुआ है। सूत्रों का दावा है कि अब भारत में सीमा हैदर का पॉलीग्राफ टेस्ट (Polygraph Test) होगा। यह टेस्ट नार्को टेस्ट से अलग होता है। पॉलीग्राफ टेस्ट (Polygraph Test) करवाने के लिए कोर्ट ने इजाजत लेनी पड़ती है। अब सीमा हैदर का पॉलीग्राफ टेस्ट (Polygraph Test) होगा या नहीं अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है। लेकिन इस आर्टिकल में जानेंगे हम पॉलीग्राफ टेस्ट (Polygraph Test) के विषय में। 

    जब आरोपी का पॉलीग्राफ टेस्ट (Polygraph Test) होता है तो उसे बेहोशी का इंजेक्शन लगाया जाता है। फिर उसके शरीर पर कार्डियो कफ जैसी मशीनें लगाई जाती हैं। मशीन से व्यक्ति की ब्लड प्रेशर, नब्ज, सांस और ब्लड शर्कुलेशन नापा जाता है। फिर आरोपी से सवाल पूछे जाते हैं, आरोपी अगर गलत जवाब देता है तो वह घबराने लगता है। जिससे आरोप के संदर्भ में सबूत इक्कट्ठा होते हैं। पॉलीग्राफ टेस्ट (Polygraph Test) में जो जानकारी इकट्ठा होती है उसे पुख्ता सबूत के तौर पर नहीं देखा जाता है। इसके माध्यम से आरोपी के बारे में सिर्फ जानकारी इकट्ठा होती है। 

    बता दें सीमा हैदर का पॉलीग्राफ टेस्ट (Polygraph Test) करवाने के पीछे एक कारण यह भी बताया जा रहा है कि उसकी रूचि भारतीय सेना में है। उसने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से कई सेना के जवानों से जुड़ने का संपर्क किया है।