Category: national

  • Monsoon Session: मानसून सत्र से पहले केंद्र सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

    Monsson Session: संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हो रहा है. इसके एक दिन पहले यानि आज बुधवार को मोदी सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है. बैठक में सत्र से संबंधित कई मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा और इसे सुचारू रूप से चलाने को लेकर सभी दलों के साथ चर्चा होगी. सत्र शुरू होने से पहले सर्वदलीय बैठक की परंपरा रही है, जिसमें सरकार के वरिष्ठ मंत्री हिस्सा लेते हैं और विभिन्न दल बैठक में अपने मुद्दे रखते हैं. ऐसी बैठकों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हिस्सा ले चुके हैं. 

    जगदीप धनखड़ की बैठक टली-

    ऐसी ही एक बैठक राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को बुलाई थी लेकिन कई दलों के नेताओं की गैरमौजूदगी के चलते टालनी पड़ी. 18 जुलाई को विपक्षी दलों के नेता बेंगलुरु में होने वाली महाबैठक में थे, जबकि एनडीए के दलों की ऐसी ही बैठक इसी दिन दिल्ली में चल रही थी.  इसके पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कुछ वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठक की, जिसमें संसदीय कार्यमंत्री प्रल्हाद जोशी और राज्य सभा में सदन के नेता पीयूष गोयल भी मौजूद रहे. एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इसमें सर्वदलीय बैठक को लेकर पॉइंट तैयार गिए गए.

    संसद सत्र के हंगामेदार होने के आसार-

    मानसून सत्र के हंगामेदार होने की पूरी उम्मीद है. इस साल के आखिर तक कई राज्यों में विधानसभा चुनाव और अगले साल लोकसभा के चुनाव को देखते हुए बीजेपी और दूसरी पार्टियां एक दूसरे पर तीखे हमले बोल रही हैं. दिल्ली सरकार के अधिकार को लेकर केंद्र सरकार बिल लेकर आएगी, जिस पर काफी हंगामा मचने के आसार हैं. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पूरे देश में विभिन्न पार्टियों से इस बिल का विरोध करने की अपील की है. कांग्रेस ने भी बिल का विरोध के मुद्दे पर केजरीवाल को समर्थन दिया है.

    इसके साथ ही कांग्रेस और दूसरी पार्टियां मणिपुर के मुद्दे पर मोदी सरकार को घरने की तैयारी कर रही हैं. वहीं, केंद्रीय जांच एजेंसियों को गलत इस्तेमाल और महंगाई का मुद्दा भी संसद के मानसून सत्र में छाया रह सकता है. संसद का पिछला सत्र का भी ज्यादातर हिस्सा हंगामे की भेंट चढ़ गया था.

  • VIDEO : महिला पायलट और पति को भीड़ ने सड़क पर घसीट कर दी पिटाई, नाबालिक बच्ची से करवा रहे थे ये काम, घटना का वीडियो CCTV में कैद

    नई दिल्ली। दिल्ली के द्वारका में भीड़ ने कथित तौर पर 10 साल की एक लड़की को घरेलू सहायिका के रूप में नियुक्त करने और उसे प्रताड़ित करने के आरोप में एक पायलट और उसके पति, जो कि एक एयरलाइन कर्मचारी भी हैं, की घर के बाहर घसीट कर भीड़ ने पिटाई कर दी। घटनास्थल का वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गया। वीडियो में लोगों द्वारा महिला को जो अभी भी पायलट की वर्दी में थी। को बार-बार थप्पड़ मारते हुए दिखाया गया,  जब वह मदद के लिए चिल्लाती है तो कई महिलाएं उसके बाल पकड़ कर खींचती हैं और उसे एक साथ मारती हैं। एक बिंदु पर, वह बार-बार सॉरी चिल्लाने लगती है लेकिन महिलाओं का पीटना जारी रहता है।

    पायलट महिला के पति पर भीड़  द्वारा अलग से हमला किया जा रहा है। वह अपनी पत्नी के बचाव में आने की कोशिश करता है क्योंकि कुछ लोग भीड़ के हमले को रोकने के लिए हस्तक्षेप करते हैं। एक आदमी को चिल्लाते हुए सुना गया, वह मर जाएगी।

    पुलिस से मिली खबरों के मुताबिक, पायलट दंपति ने करीब दो महीने पहले घरेलू कामकाज के लिए 10 साल की एक नाबालिक लड़की को काम पर रखा था।  आज, लड़की के एक रिश्तेदार ने उसकी बांह पर चोट के निशान देखे और पुलिस को सूचित किया। बताया जा रहा है कि चोरी के शक में लड़की के साथ मारपीट की गई। वहां स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया  कि पायलट दंपति लड़की को प्रताड़ित करते थे और उसकी पिटाई करते थे।

    स्थानीय ने लड़की की बांहों और आंखों के नीचे चोट के निशान देखे, भीड़ इकट्ठा हो गई और पति और पत्नी पर हमला बोल दिया. बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और जोड़े को गिरफ्तार कर लिया. मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
     

  • Priyanka Gandhi Speech: ‘मैं चाहूं तो…’, ज्योतिरादित्य सिंधिया को

    Priyanka Gandhi Speech on Jyotiraditya Scindia: इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव 2023 और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव 2024 के लिए प्रमुख राजनीतिक दल सक्रिय भूमिका में नजर आने लगे हैं. इसी क्रम में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी मध्य प्रदेश के दौरे पर रहीं और ग्वालियर में केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर तंज कसा.

    बीजेपी नेता सिंधिया की बगावत के बाद पहली बार उनके इलाके में पहुंची प्रियंका गांधी ने कोई हमला तो नहीं बोला, लेकिन उन्होंने कहा, “मैं चाहूं तो सिंधिया जी के लिए बोल सकती हूं कि किस तरह अचानक उनकी विचाराधारा ही पलट गई लेकिन आज मैं आपको भटकाने नहीं आपके मुद्दों की बात करने आई हूं. आपका सबसे बड़ा मुद्दा मंहगाई का है.”

    मणिपुर हिंसा पर प्रियंका गांधी

    मणिपुर हिंसा को लेकर पीएम मोदी पर हमला करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, “दो महीने से पूरा प्रदेश जल रहा है, मार काट मची है, महिलाओं के साथ भयानक अत्याचार हो रहा है लेकिन कार्रवाई छोड़िए पीएम ने 77 दिन तक एक शब्द नहीं बोला. भयावह विडियो के वायरल होने के कारण कल मजबूरी में बोले लेकिन उसमें भी विपक्ष शासित राज्यों का नाम लेकर राजनीति घोल दी.”

    महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर प्रियंका गांधी

    प्रियंका गांधी ने मंहगाई, बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए अग्निवीर योजना और मध्य प्रदेश के कथित पटवारी भर्ती घोटाले का जिक्र कर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा. प्रियंका ने कहा बीते तीन सालों में केवल 21 नौकरियां दी हैं.

    घोटालों और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते प्रियंका गांधी ने कहा कि ये पैसों से खरीदी हुई सरकार है इसलिए पूरा ध्यान लूट पर है. महाकाल तक को नहीं छोड़ा. प्रियंका गांधी ने दलित, आदिवासी और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार का मामला भी उठाया और कहा बीजेपी नेता के बेटे द्वारा बलात्कार की खबरें आती हैं. प्रियंका गांधी ने लोगों से कहा कि नेताओं से सवाल कीजिए, चुप मत रहिए.

  • UP News: सीमा हैदर पर भड़के योगी के मंत्री

    Sanjay Nishad on Seema Haider: पाकिस्तान से भारत आई सीमा हैदर के मामले को लेकर निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और योगी सरकार के मंत्री डॉ. संजय निषाद ने एक बड़ा बयान दिया है. देवरिया पहुंचे योगी के मंत्री संजय निषाद ने कहा कि सीमा हैदर को पाकिस्तान चला जाना चाहिए, वह यहां पर क्या कर रही है. उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने जिला मुख्यालय में एक कार्यक्रम के तहत यह बयान दिया है. पत्रकारों से बात करते हुए डॉ. संजय निषाद ने कहा कि दुश्मन के रूप में पाकिस्तान दुश्मनी साधता है और अगर कोई भी व्यक्ति पाकिस्तान का है तो उसे पाकिस्तान भेजना चाहिए. हालांकि जांच एजेंसी सीमा हैदर के मामले पर पूरी तरह से जांच कर रही हैं.

    यूपी एटीएस ने सीमा हैदर से पूछताछ की है और इस पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं. यूपी एटीएस की पूछताछ में जानकारी मिली है कि सीमा हैदर ने सचिन मीणा से पहले भी कई भारतीयों से संपर्क साधा था.  यूपी एटीएस की पहले दिन की पूछताछ में सीमा हैदर ने हर सवाल का जवाब नपा-तुला दिया. हालांकि दूसरे दिन की पूछताछ में कई बातें सामने निकलकर आईं.

    इस मामले को लेकर डीजीपी मुख्यालय लखनऊ की तरफ से एक प्रेस नोट जारी किया गया है. जिसके मुताबिक सीमा हैदर ने यूपी के सोनौली बॉर्डर से नहीं, बल्कि सिद्धार्थनगर के रूपनहडेही- खुनवा बॉर्डर से भारत में एंट्री की थी. इसके साथ ही बताया गया है कि सीमा ने बताया था कि सचिन से उसकी बात 2019 में शुरू हुई थी लेकिन इनकी पहली बार बात 2020 में हुई थी. वहीं इस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि नेपाल में न्यू विनायक होटल के कमरा नंबर 204 में सीमा हैदर और सचिन फर्जी नाम और पते के साथ रहे थे. इस होटल में रहने के लिए सीमा ने खुद को भारतीय और सचिन की पत्नी बताया था.

  • Manipur: मणिपुर में महिला को नग्न कर सड़क पर घुमाया, मोदी सवालों के घेरे में, इस्तीफे की उठी मांग

    Manipur:बीते कई महीनों से मणिपुर दंगे का आग में झुलस रहा है। हर तरफ तबाही मची है लेकिन आज जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है उसने केंद्र की मोदी सरकार को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। हर कोई आज जानना चाहता है कि मणिपुर की घटना पर केंद्र सरकार चुप्पी क्यों साधे हुए है, जब मणिपुर में बीजेपी की सरकार है तो हिंसा रोकना का प्रयास क्यों नहीं किया जा रहा है।  क्यों सरकार लोगों से सिर्फ वोट चाहती है, जनता के लिए निर्णय लेने से पूर्व सरकार को इतना विचार क्यों करना पड़ता है। क्यों सोशल मीडिया पर लोग पीएम मोदी से इस्तीफ़ा देने की मांग कर रहे हैं। 

    जानें क्या है वीडियो में – ( वीडियो 4 मई का है )

    वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में दो महिलाओं के साथ पुरुषों द्वारा अभद्रता की सभी हदें पार कर दी गई हैं। महिलाओं को सड़क पर नग्न अवस्था में घुमाया जा रहा है। उनके यौन अंगो को बर्बरता के साथ स्पर्श किया जा रहा है, सड़क पर उनको घसीटते हुए खींचा जा रहा है, कोई उनकी यौनी को स्पर्श कर रहा है तो कोई उनकी छाती को। महिलाएं चिल्ला रही हैं लेकिन किसी को उनपर दया नहीं आ रही है। 

    वीडियो देख किसी का भी दिल दहल जाएगा। जो व्यवहार मणिपुर में महिलाओं के साथ हो रहा है वह मानवता को तार-तार करने वाला है। वही इस सब घटना क्रम पर सरकार मौन है। वैसे तो पीएम ने मणिपुर की घटना का जिक्र कभी बड़े स्तर पर नहीं किया या उन्होंने हिंसा को स्वयं ही शांत होने के लिए छोड़ दिया। लेकिन आज जो हुआ उसके बाद पीएम मोदी और मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह सवालों के घेरे में हैं। 

    सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के त्वरित इस्तीफे की मांग उठ रही है। वही अगर हम ट्रेंडिग की बात करें तो उसमें पीएम मोदी इस्तीफ़ा दो लगातार टॉप ट्रेड में बना हुआ है। अब सवाल यह भी उठता है की क्यों लोग पीएम के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। 

    क्यों सोशल मीडिया पर लोग उठा रहे पीएम के इस्तीफे की मांग –

    सोशल मीडिया पर लोग पीएम मोदी के इस्तीफे की मांग बार-बार उठा रहे हैं। लोगों का कहना है की पीएम ने अगर सही समय पर मणिपुर हिंसा के परिपेक्ष्य में सही कदम उठाए होते तो आज जो महिलाओं के साथ अभद्रता हुई है वह शायद नहीं होती। पीएम की चुप्पी ने देश में मानवता का क़त्ल किया है। 

    देखें क्या बोले लोग- 

     

  • Manipur Violence: महिलाओं को नग्न घुमाने का वीडियो शेयर करने से सरकार ने लगाई रोक

    Manipur Violence: मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र अवस्था में घुमाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लगातार लोग राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और पीएम मोदी के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने महिला के आपत्तिजनक वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करने से रोक लगा दी है। 

    केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को निर्देश जारी करते हुए कहा है- सोशल मीडिया पर महिला को निर्वस्त्र घुमाने का वीडियो शेयर न करें, कानून का पालन करना अनिवार्य है। मामले की जाँच जारी है।  जल्द इस मामले में सरकार सख्त कार्यवाही करेगी। 

  • Patna Lathicharge: बिहार पुलिस के लाठीचर्ज से नहीं, हार्ट अटैक से गई बीजेपी नेता की जान

    Patna Lathicharge : बिहार में 20 जुलाई जुलाई को बीजेपी नेताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन रोकने के लिए पुलिस ने लाठीजार्च शुरू कर दिया। प्रदर्शन स्थल पर काफी अफरा-तफरी मच गई और बीजेपी नेता विजय सिंह की मौत हो गई। बीजेपी ने दावा किया था की नेता विजय सिंह की मौत का कारण पुलिस की लाठियां बनीं लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खुलास किया है कि उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। 

    पटना के डीएम ने कहा- हमने मामले की सटीक जानकारी प्राप्त करने का हर संभव प्रयास किया। इसके लिए हिस्टोपैथोलॉजिकल  जाँच करवाई। पीएमसीएच ने इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध करवाई। जिसके माध्यम से यह साफ़ हुआ है नेता जी की मौत का कारण पुलिस नहीं है। हार्ट अटैक के चलते उनकी मौत हुई है। 

    वही रिलीज में आगे कहा गया कि सीसीटीवी फ़ुटेज, इंक्वेस्ट रिपोर्ट, उनके साथी के बयान और पोटमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि विजय सिंह की मृत्यु प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज में नहीं हुई थी। 

  • Manipur Viral Video: ‘जानवरों की तरह भीड़ आई, महिलाओं को अपने साथ अलग ले गई और उन्हें

    Manipur Viral Video News: मणिपुर से करीब दो महीने पहले का वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. अब इसको लेकर लगातार कई खुलासे हो रहे हैं. वीडियो में जिन महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया गया इनमें से एक महिला के पति ने 4 मई को हुई घटना के बारे में बताया. 

    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक महिला और उसके पति का आरोप है कि मणिपुर में भीड़ ने महिलाओं को नग्न कर घुमाया. महिला ने कहा, “पुलिस ने हमें भीड़ के पास छोड़ दिया. महिलाओं के कपड़े उतार दिए गए और उन्हें नग्न होकर चलने के लिए मजबूर किया गया. भीड़ ने उन्हें घेर लिया और उन्हें एक खेत में खींच लिया और कथित तौर पर उनमें से एक के साथ गैंगरेप किया.”

    वीडियो को लेकर पति का बयान

    इस वीडियो में शामिल एक महिला के पति सेना में रहे हैं और कथित तौर पर कारगिल युद्ध में लड़े थे. उन्होंने इंडिया टीवी से बात करते हुए कहा कि यह उनके जीवन का सबसे दर्दनाक समय था. उन्होंने कहा, “भीड़ जानवरों की तरह हथियारों के साथ हत्या के इरादे से आई थी. भीड़ महिलाओं को अपने साथ अलग ले गई और उन्हें कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया.”

    पुलिस के पास दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, जब उनके गांव पर हमला हुआ तो महिलाएं एक समूह में थीं जो भीड़ से बच रही थीं. शिकायत में कहा गया है कि समूह को पुलिस ने बचाया और पुलिस स्टेशन ले जाया जा रहा था. भीड़ ने उन्हें रोका और पुलिस हिरासत से छीन लिया. इस घटना में तीन महिलाओं के साथ हैवानियत की गई. इनमें से एक महिला 20 साल की है, दूसरी 40 साल और तीसरी महिला 50 साल की है. 

    पुलिस पर गंभीर आरोप 

    इनमें से एक महिला ने गुरुवार (20 जुलाई) को इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए बताया कि पुलिस ने बहुत कम सुरक्षा दी. उन्होंने कहा, “पुलिस उस भीड़ के साथ थी जो हमारे गांव पर हमला कर रही थी. पुलिस ने हमें घर के पास से उठाया और गांव से थोड़ी दूर ले जाकर सड़क पर भीड़ के साथ छोड़ दिया. पुलिस ने हमें उन लोगों को सौंप दिया.”

    क्या है पूरा मामला

    दरअसल, बुधवार (19 जुलाई) से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. यह वीडियो मणिपुर का है. इसमें पुरुषों के एक समूह की ओर से दो महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाया जा रहा है. घटना दो महीने से भी ज्यादा पुरानी है. वीडियो वायरल होने के बाद अब इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. गुरुवार (20 जुलाई) को इस मामले में पहली गिरफ्तारी हुई. इसके बाद बाकी तीनों को भी गिरफ्तारी कर लिया गया है. 

  • Manipur News Live: महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने के मामले में आरोपी गिरफ्तार

    Manipur Video:  महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने के मामले में वीडियो वायरल होने के बाद इस घटना में शामिल मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार किए गए शख्स का नाम खुयरूम हेरादास  है और उसको मणिपुर के थॉउबल जिले से गिरफ़्तार किया गया है. उसने विडियो में हरी शर्ट पहन रखी है. हेराडास की उम्र 32 साल है. वीडियो से उसकी पहचान की गई है. बीते ढाई महीने से भी अधिक समय से देश में हिंसा के दंश को झेल रहे मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने से देश में आक्रोश का माहौल है. आम जनता से लेकर समुचा विपक्ष राज्य के सीएम एन बीरेन सिंह के इस्तीफे की मांग कर रहा है. वहीं विपक्ष अब तक प्रधानमंत्री की इस मुद्दे पर चुप्पी पर भी सवाल उठा रहा है और उनसे जवाब मांग रहा है. 

    देश में आज (20 जुलाई) से मानसून सत्र की शुरुआत भी हो रही है, ऐसे में ये माना जा रहा है कि मणिपुर के मुद्दे को लेकर विपक्ष आज संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में हंगामा करेगा और सरकार से जवाब मांगेगा. इसका अंदाजा विपक्षी पार्टियों के ट्वीट से भी लगाया जा सकता है. इस मुद्दे पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मणिपुर में भारत की अवधारणा पर हमला हुआ है इसलिए विपक्षी दलों का गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस’ (इंडिया) इस मामले पर बिल्कुल भी चुप नहीं रहेगा. 

    इस वीडियो के सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘प्रधानमंत्री की चुप्पी और निष्क्रियता ने मणिपुर को अराजकता की ओर धकेल दिया है. जब मणिपुर में भारत की अवधारणा पर हमला किया जा रहा है तो ‘इंडिया’ चुप नहीं रहेगा. हम मणिपुर के लोगों के साथ खड़े हैं. शांति ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है.’

    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने ट्वीट किया, ‘मणिपुर से आ रही महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा की तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं. महिलाओं के साथ घटी इस भयावह हिंसा की घटना की जितनी निंदा की जाए, कम है. समाज में हिंसा का सबसे ज्यादा दंश महिलाओं और बच्चों को झेलना पड़ता है. प्रियंका गांधी ने सवाल किया, ‘केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री जी आखिर मणिपुर की हिंसक घटनाओं पर आंख मूंदकर क्यों बैठे हैं? क्या इस तरह की तस्वीरें और हिंसक घटनाएं उन्हें विचलित नहीं करतीं?’

    णिपुर में एक महिला को निर्वस्त्र कर घुमाने के मामले में देश भर में आक्रोश का माहौल है, इसी माहौल में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि मणिपुर में सभ्यता का चीरहरण हुआ है और संस्कृति का पाताल-पतन. वहीं उनकी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि  वहां पर (मणिपुर में) जो हुआ है वो बीजेपी की सरकार की वजह से हुआ है इसलिए वहां राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए. पीएम मोदी भाषण तो अच्छे देते हैं लेकिन देश में क्या हो रहा है इस पर नहीं बोलेंगे.

    NCP प्रमुख शरद पवार ने ट्वीट किया, “…मणिपुर से परेशान करने वाले दृश्य, विशेष रूप से महिलाओं के खिलाफ अत्याचार, जो घृणित है, को देखकर व्यथित हूं. यह एकजुट होने, अपनी आवाज उठाने और मणिपुर के लोगों के लिए न्याय की मांग करने का समय है. गृह विभाग और PMO को मणिपुर में शांति बहाल करने के लिए तुरंत आवश्यक कार्रवाई करने की जरूरत है.”

    मणिपुर में महिला को निर्वस्त्र करने के मामले पर कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने ट्वीट करके कहा कि आज हमें शर्म आ रही है कि इस (मणिपुर वायरल वीडियो) पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए लेकिन पीएम, गृह मंत्री कहां हैं और क्या कर रहे हैं? उन्होंने कहा मैं पूछना चाहता हूं कि पीएम चुप क्यों हैं? उन्होंने कहा कि हम मणिपुर के लिए रोडमैप तैयार कर रहे हैं. आप कई देशों का दौरा कर रहे हैं और कह रहे हैं कि भारत में सब कुछ ठीक है. हम पूछना चाहते हैं कि क्या आप अपने सीएम से इस्तीफा मांगेंगे या नहीं?

    मणिपुर के वायरल वीडियो की घटना पर विपक्ष लगतार पीएम पर हमलावर हैं. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि आज हम  संसद में मणिपुर का मुद्दा उठाएंगे. मैंने भी नोटिस दिया है. हम देखेंगे कि हमारे सभापति (राज्यसभा) हमें इसे उठाने की अनुमति देंगे या नहीं. इस पर पीएम चुप हैं. आपके पास 38 दलों को (एनडीए बैठक के लिए) बुलाने का समय है लेकिन आपके (प्रधानमंत्री) पास वहां जाने का समय नहीं है.

    मणिपुर हिंसा के दौरान महिला के वायरल वीडियो पर चर्चा करने के लिए सरकार तैयार है. संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि मैंने कल भी इस बारे में बात की थी. वे (विपक्ष) नहीं चाहते कि सदन चले, इसलिए वे पहले से ही कैविएट ला रहे हैं.’ उन्होंने (मणिपुर पर) चर्चा की मांग की और जब हमने इसके लिए हां कहा, तो वे नए बहाने ढूंढ रहे हैं. यह ठीक बात नहीं है. 

  • ManipurViolence: कुर्सी है तुम्हारा ये जनाज़ा तो नहीं है ? कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते ?

    ManipurViolence:  मणिपुर में हिंसा खत्म होने का नाम नहीं ले रही। सोशल मीडिया पर मई का एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, वीडियो में दो महिलाओं को नर्वस्त्र कर घुमाया जा रहा है, उनके साथ अभद्रता की जा रही है, उनके यौन अंगो को बर्बरता के साथ स्पर्श किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर लगातार बीजेपी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना हो रही हैं। लोग मुख्यमंत्री एन बीरेन से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर पीएम मोदी इस्तीफ़ा दो ट्रेड कर रहा है। 

    वही अब इस घटना को इंगित करते हुए कवि कुमार विश्वास ने एक पोस्ट किया है जो वायरल हो रहा है। कुमार विश्वास लिखते हैं- “कुर्सी है तुम्हारा ये जनाज़ा तो नहीं है ? कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते ?”

    एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा- मणिपुर देश के मनहर पूर्वोत्तर का प्यारा प्रदेश है। अगर वहाँ भारत की किसी बेटी को सरेआम निर्वसन सड़क पर घुमाया जा रहा है तो यह हमारे समाज, समय और सरकारों, सब की सामूहिक चिंता का विषय होना ही चाहिए। प्रदेश के मुख्यमंत्री व देश के गृहमंत्री जी से अपेक्षा कि वे इन पिशाचों को ऐसा सबक़ सिखाएँ जो उदाहरण बने।फ़्रांस की हालातों पर तपसरा करने वाले पक्षकारों से यूँ तो आशा कम है पर फिर भी अनुरोध है कि अपनी ज़िम्मेदारी निभाएँ। 

    याद रहे भरी सभा में बेटियों के चीरहरण को चुपचाप देखने वाले चाहे राजनीति के भीष्म हों या ज्ञान के द्रोणाचार्य अंततः पतन न अपयश के भागी बनते ही हैं। मन रो रहा है, आत्मा घायल है। जातीय वैमनस्य की आग में जलते-जलते ये हम कहाँ आ पहुँचे हैं। 

    ट्विटर की, की-बोर्ड-क्रांतिकारी जनता व छुटभैये-पक्षकारों से भी अनुरोध है कि ज़रा सी भी शर्मो-हया बची हो तो विडियो को शेयर करना बंद करें। खबर लगाएँ पर वीडियो हटाएँ।अपनी आँखों की नहीं तो घर-परिवार के बच्चों की तो सोचें। अपने निजी और राजनैतिक हित कम से कम इस सब से तो न साधें।