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  • Brij Bhushan Singh Case: यौन उत्पीड़न के 10 मामले, 44 गवाह, छूने से लेकर पीछा

    Brij Bhushan Singh Case: बीजेपी सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष रहे बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है. बृजभूषण के खिलाफ महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. हालांकि अब तक उनके खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है. पुलिस ने इस मामले में 1599 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है. जिसमें आरोपी बृजभूषण शरण सिंह और WFI सेक्रेटरी विनोद तोमर के खिलाफ केस का जिक्र है. इस चार्जशीट में कुल 44 विटनेस हैं. चार्जशीट में कुल 108 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं. जिनमें 15 लोगों ने पीड़ित रेसलर्स के समर्थन में बयान दिए हैं. 

    पुलिस ने जुटाए सबूत-
    चार्जशीट में आरोपों को साबित करने के लिए चार महत्वपूर्ण पॉइंट हैं. सबसे पहले 15 लोगों के बयान दर्ज हैं, इसके अलावा 6 महिला रेसलर के CRPC 164 के बयान, उसके बाद 2021 के बाद की एक घटना का सीडीआर है. क्योंकि 2021 से पहले का सीडीआर उपलब्ध नहीं है. पुलिस को चार फोटो मिली हैं, जिनमें हाथ मिलाते हुए और गले लगाते हुए फोटो शामिल है. हालांकि, पुलिस को करीब 30 फोटो मिली है लेकिन सिर्फ चार फोटो लिंक हो रही हैं. 

    जरूरी बात ये है कि कोई भी डायरेक्ट एविडेंस यानी इस केस की जांच में पुलिस को अब तक कोई सीसीटीवी नहीं मिला है. 6 महिला रेसलरों की तरफ से जो शिकायत दी गई थी उसमे 10 ऐसे मामलों का जिक्र है जिसमें छेड़छाड़ का आरोप है. शिकायत के मुताबिक गलत तरीके से छूना, किसी बहाने से छाती के ऊपर हाथ रखने की कोशिश या हाथ रखना, छाती से पीठ तक हाथ को लेकर जाना, पीछा करना शामिल है. 

    कई धाराओं के तहत मामला दर्ज-
    ये शिकायत कनॉट प्लेस थाने में 21 अप्रैल को दी गई थी और दिल्ली पुलिस ने 28 अप्रैल को दो एफआईआर दर्ज की और फिर जून 15 को पुलिस ने राऊज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की. अब जानते हैं कि चार्जशीट में कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं. चार्जशीट में आईपीसी की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग), 354ए (यौन उत्पीड़न), 354डी (पीछा करना) और 34 (सामान्य इरादे) का हवाला दिया गया है. जिसमें एक में पांच साल की जेल की सजा है. ये चार्जशीट छह वयस्क पहलवानों के आरोप पर दर्ज एफआईआर पर दाखिल की गई. जिन घटनाओं का उल्लेख किया गया है वे कथित तौर पर 2012 से 2022 तक भारत और विदेशों में हुईं. 

    किस महिला पहलवान ने की क्या शिकायत-
    पहली महिला रेसलर ने अपनी शिकायत में कहा है कि जब मेडल जीतने के बाद रेसलर अपने कोच के साथ बृजभूषण से मिलने गई तो उसने जबरन गले लगाने की कोशिश की. इस घटना के सबूत के तौर पर दो तस्वीरें पुलिस को दी गई हैं. इसके अलावा महिला रेसलर के पति और दो रेसलर ने पुलिस में बयान दर्ज कराएं हैं. 

    दूसरी शिकायत भी गंभीर-
    दूसरी महिला रेसलर की शिकायत के मुताबिक वो जब अपने कोच के साथ फेडरेशन के ऑफिस गई तो वहां बृजभूषण को उसने अपनी चोट के बारे में बताया, आरोप के मुताबिक जवाब में बृजभूषण ने कहा की पूरी मदद मिलेगी लेकिन बदले में उन्हें समझौता करना पड़ेगा. महिला रेसलर ने बताया कि अगस्त 2022 में भी मैट पर प्रैक्टिस के दौरान मेरी टीशर्ट ऊपर उठाकर मेरी सांस की जांच करने के बहाने गलत तरीके से छुआ, मैं डर गई थी. इसके अलावा मुझसे पर्सनल सवाल पूछते थे कि मेरा क्या कोई बॉयफ्रेंड है? 

    इस मामले में पुलिस ने जांच में पाया की जिस कोच के साथ महिला रेसलर ने जाने की बात कही थी उस दिन उस कोच की लोकेशन उसी इलाके की आई है. विटनेस की बात करें तो इस मामले में पुलिस ने कोच के अलावा साथी लड़की रेसलर का बयान भी दर्ज किया जोकि बेहद महत्वपूर्ण है.  

    तीसरी शिकायत –
    तीसरी शिकायत में महिला रेसलर ने कहा, पूरी टीम की फोटो खींची जा रही थी. मैं आखिरी लाइन में थी. तभी मैंने देखा की बृजभूषण मेरे बगल में आकर खड़े हो गए और मेरे पीछे से गलत तरह से मुझे छुआ, जब मैंने जाने की कोशिश की तो कंधे पर हाथ रखकर जबरन रोका. इस मामले में पुलिस को दो रेफरियों के बयान भी मिले हैं, जिन्हें पुलिस ने दर्ज किया है. यहां से जुड़ी भी फोटो पुलिस को मिली है, एक फोटो में बृजभूषण पहलवानों के साथ फोटो खिंचवाते नजर आ रहे हैं, यहां बृजभूषण दूसरे पहलवानों के साथ पहली लाइन में हैं. 

    चौथी रेसलर ने लगाए ये आरोप-
    चौथी रेसलर ने दो घटनाओं का जिक्र किया है. पहली घटना में उसने बताया, जब मैं चटाई पर लेटी हुआ थी, आरोपी (सिंह) मेरे पास आया, मेरे कोच उस वक्त नहीं थे, मेरी अनुमति के बिना मेरी टी-शर्ट खींची, अपना हाथ मेरे ऊपर रख दिया छाती पर और मेरी श्वास की जांच के बहाने इसे मेरे पेट के नीचे सरका दिया. दूसरी घटना में फेडरेशन के ऑफिस में मैं अपने भाई के साथ थी, मुझे बुलाया और भाई को बाहर रुकने को कहा गया, फिर कमरे में अपनी तरफ खींचा. 

    इस शिकायत की जांच में सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने अपनी चार्जशीट में सबूत के तौर पर बृजभूषण की मौके पर उपस्थिति साबित करने की कोशिश की है. इसके जुड़ी एक फोटो पुलिस को मिली है जिसने पीड़िता रेसलर दूसरे रेसलर और बृजभूषण के साथ एक फोटो में नजर आ रहे हैं. इससे दोनों की उपस्थिति एक जगह साबित हो रही है. विटनेस की बात करें तो इस मामले में पुलिस ने दो बयान भी दर्ज किए हैं, जो कि चार्जशीट का हिस्सा हैं. ये बयान महिला रेसलर के पति और भाई का है.

    पांचवीं शिकायत- 
    पांचवीं महिला रेसलर की शिकायत में कहा गया कि उसे फोटो खिंचवाने के बहाने बृजभूषण ने अपनी तरफ खींचा. इस शिकायत की जांच में फेडरेशन ने पुलिस को इस इवेंट से जुड़ी कुछ फोटो दी हैं, जिससे ये पता लग रहा है कि वहां उस इवेंट में बृजभूषण और पीड़ित रेसलर मौजूद है. इस मामले में दो रेसलर ने बयान दर्ज कराए हैं. 

    छठी शिकायत में ये आरोप-
    छठी शिकायत में महिला पहलवान ने बताया कि बृजभूषण ने माता-पिता से बात कराने को कहा, दरअसल मेरे पास मोबाइल नहीं था. उस वक्त आरोपी अपने बेड पर बैठा था, उसने अचानक से मुझे बिना मेरी इजाजत गले लगाया. पुलिस ने इस मामले में फेडरेशन से नोटिस देकर जवाब मांगा है, पुलिस ने पूछा है कि कौन लोग वहां मोजूद थे और इवेंट से जुड़ी कितनी फोटो मोजूद है, ताकि जांच में सहयोग मिले. इस मामले में मां और दो साथी रेसलर ने बयान दिया है.

    चार्जशीट में रेसलर्स के की तरफ से दिए गए अलग-अलग घटना से जुड़े फोटोग्राफ और व्हाट्सऐप स्क्रीनशॉट्स भी शामिल हैं. इसके अलावा कुल 30 फोटोग्राफ और कुछ फोटो के प्रिंटआउट जोकि रेसलर्स ने दिए वो भी लगाए गए हैं. 

  • Maharashtra Politics: क्या बीजेपी के साथ जाएंगे शरद पवार?

    Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में भतीजे और करीबी नेताओं की बगावत के बाद एनसीपी चीफ शरद पवार अलग-थलग दिख रहे हैं, पार्टी पूरी तरह से टूट चुकी है और पाले में बचे विधायकों की स्थिति भी डामाडोल नजर आ रही है. इसी बीच अजित पवार और तमाम बागी नेताओं ने शरद पवार से मुलाकात की. इस दौरान बागियों ने शरद पवार से एनसीपी को एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि वो भी बीजेपी गठबंधन का हिस्सा बन जाएं. जिसके बाद अब शरद पवार ने इस पर जवाब दिया है. जिसमें उन्होंने ये साफ कर दिया कि वो बीजेपी के साथ नहीं जाने वाले हैं.

    शरद पवार ने दिया जवाब-
    एनसीपी चीफ शरद पवार ने यूथ एनसीपी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वो बीजेपी को समर्थन नहीं दे सकते हैं और उनकी विकासशील राजनीति लगातार जारी रहेगी. अजित पवार समेत तमाम बागी नेताओं से मुलाकात के कुछ ही घंटों बाद शरद पवार ने अपनी स्थिति साफ कर दी.

    हालांकि सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि शरद पवार बेंगलुरु में होने वाली विपक्षी दलों की बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं. फिलहाल इसे लेकर कोई कारण नहीं बताया गया है, लेकिन कहा जा रहा है कि उनकी जगह बेटी सुप्रिया सुले बैठक में शामिल हो सकती हैं.  

    अजित पवार समेत कई मंत्रियों ने की मुलाकात
    एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने शरद पवार से मुलाकात के बाद इसकी जानकारी दी थी. उन्होंने बताया था कि एनसीपी प्रमुख ने चुपचाप उनकी बात सुनी, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. बता दें कि अजित पवार ने एनसीपी मंत्रियों-हसन मुशरिफ, छगन भुजबल, अदिति तटकरे और दिलीप वलसे पाटिल के साथ वाई बी चव्हाण सेंटर में शरद पवार से मुलाकात की. 

    प्रफुल्ल पटेल ने दी जानकारी
    बैठक के बाद एनसीपी के राज्यसभा सदस्य प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि शरद पवार उन सबके लिए एक आदर्श की तरह हैं और वे आशीर्वाद लेने के लिए उनसे मिले. अजित खेमे में शामिल पटेल ने कहा, ‘‘हमने उनसे (शरद पवार से) राकांपा को एकजुट रखने का अनुरोध किया. हमने उनसे अगले कुछ दिनों में हमारे अनुरोध के बारे में सोचने और हमारा मार्गदर्शन करने के लिए भी कहा. उन्होंने चुपचाप हमारी बात सुनी, लेकिन कुछ नहीं कहा.’’ 

    इस बैठक पर टिप्पणी करते हुए, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की मुंबई इकाई के अध्यक्ष आशीष शेलार ने कहा, ‘‘अजित पवार गुट अभी भी शरद पवार को अपना नेता मानता है. किसी वरिष्ठ नेता से मिलने में कुछ भी गलत नहीं है.’

  • PM Modi France Visit: आतंकवाद से लड़ने के लिए फ़्रांस भारत के साथ

    PM Modi France Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय फ़्रांस दौरे पर गए हुए हैं। फ्रांस में पीएम ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कई मुद्दों पर वार्ता की है। वार्ता के दौरान पीएम ने कहा- आतंकवाद एक बीमारी है जो विश्व को खोखला कर देगी। भारत और फ़्रांस आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक साथ हैं। सीमा पर आतंकवाद को खत्म करना आवश्यक है। इसके लिए हमें कड़े कदम उठाने होंगे। फ़्रांस और भारत इसके लिए तैयार हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति स्थापित करना हमारा कर्तव्य है। 

    उन्होंने आगे कहा- कोरोना काल एक बुरा दौर था। यूक्रेन और रूस के मध्य हुए युद्ध ने पूरे विश्व को प्रभावित किया। हमें ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए सजग रहना चाहिए। ऐसी स्थितियों से एकजुटता के साथ आसानी से निपटा जा सकता है। यदि सभी देश एकसाथ आकर विचार करें तो समस्या का समाधान खोज सकते हैं। किसी भी समस्या का समाधान बातचीत है, बातचीत से हम समस्या का हल निकाल सकते हैं। भारत शांति प्रिय देश है हम सदैव शांति का प्रस्ताव लेकर आगे बढ़ते हैं। 

    बता दें फ़्रांस और भारत के मध्य ‘यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस’ (यूपीआई) का समझौता हुआ है। फ़्रांस पहला ऐसा यूरोपीय देश बन गया है। इससे पहले फ्रांस से राफेल जेट के 26 नौसैनिक स्वरूप खरीदने और तीन फ्रांसीसी-डिज़ाइन वाली स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों की खरीद के प्रस्तावों को मंजूरी दी। उन्होंने आगे कहा – भारत और फ़्रांस के मध्य बेहतर संबंध हैं हमें अपने मैत्री संबंधो पर गर्व है।

  • Vijay Sampla Resigns: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला ने दिया इस्तीफा

    Vijay Sampla Resigns: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) उन्हें जल्दी ही नई जिम्मेदारी दे सकती है. सूत्रों के मुताबिक सांपला को आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी में जल्द कोई अहम जिम्मेवारी दी जा सकती है. विजय सांपला पंजाब से अनुसूचित जाति वर्ग से महत्वपूर्ण नेता हैं.

    विजय सांपला दो बार राष्ट्रीय अनसूचित जाति आयोग के चेयरमैन रह चुके हैं. जालंधर कैंट में स्थित गांव सोफी पिंड के सरपंच के तौर पर 1998 में अपना राजनीतिक सफर शुरू करने वाले विजय सांपला होशियारपुर से लोकसभा सांसद के साथ-साथ केंद्रीय राज्यमंत्री रह चुके हैं.

  • Naked Protest : युवा नग्न होकर प्रदर्शन करने पहुंचे विधानसभा के सामने, जानें पूरा मामला !

    छत्तीसगढ़ में आज से शुरू हुए विधानसभा के मानसून सत्र के बीच राजधानी की सड़कों पर एसटी एससी वर्ग के युवाओं ने नग्न प्रदर्शन किया है। उस समय मंत्रियों का काफिला सड़कों से गुजर रहा था। टाइम्स नाउ के अनुसार फर्जी जाति प्रमाण पत्र से नौकरी करने वालों पर कार्रवाई की मांग को लेकर एससी एसटी वर्ग के युवाओं ने ये प्रदर्शन किया है। 

    मीडिया मिली जानकारी के अनुसार अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के कुछ युवक अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को अचानक विधानसभा की तरफ बढ़ने लगे। ये लोग पूरी तरह से नग्न होकर नारेबाजी करते नजर आये। अधिकारियों की मानें तो, पुलिस को जब घटना की जानकारी मिली, तब इन युवकों को हिरासत में ले लिया गया। प्रदर्शन कर रहे युवकों ने मीडिया के समक्ष अपनी बात रखी।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 267 लोग अनुसूचित जाति और जनजाति का फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर नौकरी कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। यही वजह है कि हमें इस प्रकार से प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ा। एक प्रदर्शनकारी युवक ने कहा कि इन लोगों की गिरफ्तारी और इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए हमनग्न प्रदर्शन कर रहे हैं। यदि हमारी मांगें नहीं मानी गईं, तो हम और उग्र प्रदर्शन भविष्य में करेंगे। 
      

  • Rajnath Singh: वो जितनी मीटिंग चाहें कर लें, लेकिन…विपक्षी एकता

    Rajnath Singh Interview: देश में लोकसभा चुनाव अगले साल होने है लेकिन उसको लेकर रणनीति अभी से ही बननी शुरू हो गई है. एक तरफ देश भर की विपक्षी पार्टियां तीसरी बार मोदी के विजयरथ को रोकने के लिए रणनीति बना रही है तो वहीं बीजेपी भी एक बार फिर मोदी सरकार बनाने के लिए प्रयासरत है. इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश में विपक्षी एकता को लेकर तंज कसा है. 

    हिंदुस्तान टाइम्स को दिए गए इंटरव्यू में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि विपक्ष के लोग जितनी चाहें उतनी मीटिंग कर लें लेकिन बावजूद इसके वह आगामी चुनाव में मोदी को नहीं हरा पाएंगे, क्योंकि उनके बराबर का करिश्मा किसी के पास नहीं है.

    दुनिया में बढ़ा मोदी का कद
    रक्षामंत्री ने कहा कि हर दिन मोदी सरकार की नीतियों के कारण एनडीए का कुनबा बढ़ रहा है और मोदी के नेतृत्व में इसमें अधिक सहयोगी शामिल हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनके पास महान नेतृत्व के साथ प्रतिबद्ध कार्यकर्ता भी हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि बीजेपी के पास महान नेतृत्व के साथ-साथ प्रतिबद्ध कार्यकर्ता भी हैं. केंद्र में इन नौ वर्षों में, बीजेपी ने कई गरीब-समर्थक योजनाएं शुरू की हैं. भारत का वैश्विक कद कई गुना बढ़ गया है. इसकी आवाज पहले से कहीं अधिक मायने रखती है.

    पीएम मोदी की तुलना में कन्फयूज है विपक्ष
    रक्षामंत्री ने विपक्ष की मीटिंग को लेकर कहा कि मैं उन लोगों में बहुत भ्रम और निराशा देख रहा हूं. लोकतंत्र में, सभी को अपने विचार रखने का अधिकार है, और हर चुनाव अहम है. उन्होंने कहा लेकिन मुझे लगता है कि विपक्ष को पहले से ही पता है कि बीजेपी को जीत की हैट्रिक बनाने से कोई नहीं रोक सकता. उन्होंने कहा जहां हमारे पास मोदी जैसे नेता हैं तो जबकि विपक्ष दिशाहीन है.

  • PM NARENDRA MODI: पीएम मोदी 5वां यूएई दौरा

    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM NARENDRA MODI) संयुक्त अरब अमीरात का दौरा पूरा कर चुके हैं. प्रधानमंत्री ने अपने यूएई दौरे के दौरान भारतीय रुपये और दिरहम (यूएई के मुद्रा) में कारोबार करने का एलान किया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही भारत और अरब अमीरात का कारोबार 85 अरब से बढ़कर 100 अरब डॉलर हो जाएगा.

    भारत और यूएई के बीच अपनी-अपनी मुद्रा में कारोबार किए जाने का एलान करना ही दोनों देशों के संबंधों के बीच नया मील का पत्थर माना जा रहा है. दरअसल पिछले कुछ सालों में भारत अरब देशों के काफी नजदीक आ गया है. यूएई के देशों में से ही एक देश संयुक्त अरब अमीरात है. जहां पीएम 15 जुलाई को पहुंचे थे.

    नरेंद्र मोदी ने जब से प्रधानमंत्री का पद संभाला है तब से यानी साल 2014 से उनकी ये पांचवीं यूएई यात्रा है. पिछले साल ही यूएई ने पीएम नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान यानी ऑर्डर ऑफ जायद से भी नवाजा था. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार अरब देश क्यों जा रहे हैं और इससे भारत का कैसे फायदा हो सकता है… 

    पहले जानते हैं 9 सालों में कब कब यूएई पहुंचे पीएम मोदी 

    साल 2015: नरेंद्र मोदी ने साल 2014 में भारत के पीएम पद का शपथ ग्रहण किया था. तब से ही खाड़ी के इस्लामिक देशों के साथ भारत के संबंध लगातार मजबूत हुए हैं. साल 2015 के अगस्त महीने में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूएई पहुंचे थे. ये पिछले 34 सालों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा था. इनसे पहले साल 1981 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने यूएई का दौरा किया था.

    साल 2018: पीएम मोदी ने यूएई का दूसरा दौरा फरवरी 2018 में किया. इस दौरान भी दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के प्रयासों की तारीफ की गई.

    साल 2019: पीएम ने यूएई का तीसरा दौरा अगस्त 2019 में किया था. इस दौरान उन्हें यूएई के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘ऑर्डर ऑफ जायद’ से सम्मानित किया गया था. 

    साल 2022: पीएम ने चौथा दौरा जून 2022 में किया था. पिछले साल पीएम यूएई पहुंचे थे तब राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़ायद अल-नाह्यान ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए खुद अबू धाबी पहुंचकर एयरपोर्ट पर मोदी का स्वागत किया था. 

    साल 2023: 15 जुलाई को प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे थे. इस दौरान दुनिया की सबसे ऊंची इमारतों में शामिल बुर्ज खलीफा पर तिरंगे के रंग की लाइट और पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर प्रदर्शित की गई थी. पीएम मोदी ने यहां के राष्ट्रपति और अबू धाबी के शासक शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी मुलाकात की. इन दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते भी हुए.

    भारत की विदेश नीति में यूएई को क्यों दिया जा रहा है तवज्जो 

    भारत पिछले कुछ सालों में अरब देशों के साथ अपने संबंधों को लगातार गहरा करने की कोशिश कर रहा है. ऐसा करने के पीछे सबसे बड़ी वजह है रूस और चीन के बीच गहराते रिश्ते. भारत में कच्चे तेल के आयात में की बात करें तो वर्तमान में रूस की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है और ओपेक देशों की हिस्सेदारी घट रही है. रूस से कच्चे तेल के आयात का आंकड़ा सऊदी अरब, इराक, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका से सामूहिक रूप से खरीदे गए तेल के आंकड़ों से  भी ज्यादा हो गया है.

    रूस यूक्रेन युद्ध के बाद से ही तेल आयात के मामले में रूस भारत का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है. लेकिन अगर रूस सस्ते में भारत को तेल बेच रहा है तो इसका सबसे बड़ा कारण है रूस, यूक्रेन के बीच का युद्ध. जब यह जंग शुरू नहीं हुई थी तो उस समय भारत के कच्चे तेल के आयात में रूस का हिस्सा एक प्रतिशत से भी कम था.

    दरअसल रूस का यूक्रेन पर किए गए हमले के बाद अमेरिका सहित कई पश्चिमी देशों ने रूस पर तमाम पाबंदियां लगा दी थी. जिसके बाद युद्ध पर हो रहे खर्च की भरपाई के लिए रूस की मजबूरी थी कि वह भारत को कम कीमत पर कच्चा तेल देकर खजाने को भर सके. 

    लेकिन जब इन दोनों देशों के बीच का युद्ध खत्म हो जाएगा और रूस की अर्थव्यवस्था पटरी पर आने लगेगी, तो हो सकता है कि रूस कच्चे तेल के मामले में भारत के साथ अपनी शर्तों पर फिर मोलभाव करे. ऐसे में भारत के लिए जरूरी है कि वह अरब देशों के साथ संबंधों को और बेहतर करे क्योंकि संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब काफी सालों से भारत के लिए कच्चे तेल के बड़े आपूर्तिकर्ताओं में से एक रहा है. 

    इसके अलावा भी वजहें

    भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच गहराते रिश्ते का एक कारण पिछले साल हुआ सीईपी ( कॉम्प्रिहेन्सिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप) समझौता माना जा रहा है. 

    यह पिछले 10 सालों के बाद भारत की तरफ से किया गया पहला मुक्त व्यापार समझौता है. भारत ने पिछला मुक्त व्यापार समझौता साल 2011 में जापान से किया था.

    इससे पहले साल 2017 में उठाया गया था बड़ा कदम 

    भारत ने यूएई के साथ अपने रिश्तों को बेहतर करने की कवायद तो साल 2015 से ही शुरू कर दी थी लेकिन इसकी पहली झलक साल 2017 में गणतंत्र दिवस के मौके पर मिली. इस मौके पर मोदी सरकार ने मोहम्मद बिन ज़ाएद अल नाह्यान को ही चीफ गेस्ट के रूप में न्योता दिया था. उस वक्त मोहम्मद बिन ज़ाएद अल नाह्यान राष्ट्रपति नहीं बल्कि अबू धाबी के क्राउन प्रिंस थे.

    ऐसी परंपरा रही है कि गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत गणतंत्र किसी देश के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति को ही मुख्य अतिथि बनाता है. लेकिन अल नाह्यान साल 2017 में गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनकर आए थे.

    तीन E पर आधारित है भारत-यूएई के रिश्ते 

    भारत और संयुक्त अरब अमीरात का रिश्ता एनर्जी, इकोनॉमी और एक्सपेट्रिएट यानी आप्रवासी (भारतीय) पर टिका हुआ है. भारत पिछले वित्त वर्ष यानी 2022 से 23 के दौरान यूएई से कच्चा तेल आयात करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश था. 

    लेकिन अब दोनों देशों ने तेल के आलावा भी कारोबार को बढ़ाने का फैसला किया है. 15 जुलाई को पीएम के यूएई दौरे में फैसला लिया गया कि साल 2030 तक गैर तेल कारोबार को बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य पार किया जाएगा. 

    अब जानते हैं इस दौरे पर भारत- यूएई के बीच क्या समझौता हुआ 

    • भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच रुपये और दिरहम में कारोबार होगा. 
    • यूएआई में आईआईटी दिल्ली का कैंपस बनाया जाएगा. इस समझौते को लेकर पीएम मोदी की मौजूदगी में शिक्षा मंत्रालय और अबू धाबी के शिक्षा एवं ज्ञान विभाग के साथ इस उद्देश्य से समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये गए. 
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2023 में होने वाले COP28 के चयनित मेजबान देश होने के लिए यूएई को बधाई दी और यूएई की COP28 की आने वाली अध्यक्षता के लिए अपना पूर्ण समर्थन दिया. 
    • यूएई के राष्ट्रपति अल नाह्यान से मुलाकात के बाद भारत के प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले साल व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर हस्ताक्षर के बाद से भारत-यूएई व्यापार में 20 प्रतिशत की बढ़त हुई है. दोनों देशों का कुल व्यापार फिलहाल लगभग 85 अरब अमेरिकी डॉलर है. हम उम्मीद करते हुए कि ये जल्द ही 100 अरब अमेरिकी डॉलर हो जाएगा. 

    यूएई भारत के साथ बेहतर रिश्ते बनाने की कोशिश में क्यों लगा है

    संयुक्त अरब अमीरात अब सऊदी अरब की तरह ही अपनी अर्थव्यवस्था में विविधता लाने पर फोकस कर रहा है और यह देश अपनी ‘सर्कुलर इकोनॉमिक पॉलिसी’ पर काम कर रहा है. अब तक यूएई का ज्यादातर अर्थव्यवस्था तेल के आयात पर ही निर्भर था लेकिन अब ये देश इसे कम कर और भी चीजों का कारोबार बढ़ाना चाहता है. यही कारण है कि यूएई दुनिया भर में निवेश के नए ठिकाने ढूंढ रहा है.

    यूएई का इरादा साल 2031 तक अपने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को दोगुना करना है. इसके अलावा यह देश फूड बिजनेस, ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट कारोबार और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी फोकस कर रहा है. यूएई इन कारोबारों के आयात के लिए भारत को एक भरोसेमंद पार्टनर के तौर पर देख रहा है. यह देश भारत में निवेश भी करना चाहता है और इन सेक्टरों में उसकी दक्षता का लाभ भी उठाना चाहता है.

  • Manipur Viral Video: मणिपुर में महिलाओं को नग्न घुमाने पर छलका PM मोदी का दर्द

    PM Modi On Manipur Viral Video: हिंसाग्रस्त राज्य मणिपुर में वायरल वीडियो की घटना पर गुरुवार (20 जुलाई) को पीएम मोदी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. पीएम मोदी ने संसद सत्र से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि घटना से बहुत दुखी हूं और इस मामले में दोषियों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाएगा. 

    आज जब लोकतंत्र के मंदिर के पास खड़ा हूं, तब मेरा मन क्रोध और पीड़ा से भरा हुआ है, किसी भी सभ्य समाज के लिए ये शर्मसार करने वाली घटना है. पाप करने वाले, गुनाह करने वाले कितने हैं, कौन हैं, वो अपनी जगह पर है, लेकिन बेइज्जती पूरे देश की हो रही है. 140 करोड़ देशवासियों को शर्मसार होना पड़ रहा है.

    ‘मणिपुर की बेटियों के साथ जो हुआ उसे…’
    पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सभी मुख्यमंत्रियों से अपील है कि वह अपने राज्यों में कानून व्यवस्था मजबूत करें. घटना चाहे राजस्थान की हो, छत्तीसगढ़ की हो या मणिपुर की हो, कानून व्यवस्था कायम करें जहां पर नारी का सम्मान किया जाए. किसी भी गुनाहगार को नहीं बख्शा जाएगा. मणिपुर की इन बेटियों के साथ जो हुआ है, इसको माफ नहीं किया जा सकता है. 

    सावन का पवित्र मास चल रहा है. इस बार तो डबल सावन है. इसलिए सावन की अवधि भी थोड़ी ज्यादा है. सावन मास पवित्र कार्यों के लिए अति उत्तम माना जाता है. आज जब लोकतंत्र के मंदिर में सावन के पवित्र मास में मिल रहे हैं. लोकतंत्र का मंदिर ऐसे पवित्र कार्य करने के लिए इससे बढ़िया अवसर नहीं हो सकता है.

    संसद सत्र को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?
    पीएम मोदी ने कहा कि उनको विश्वास है कि सभी सांसद मिलकर इस सत्र का जनहित में सर्वाधिक उपयोग करेंगे. संसद की जो जिम्मेवारी है और संसद में हर सांसद की जो जिम्मेवारी है, ऐसे अनेक कानूनों का बनाना, उस पर विस्तार से चर्चा करना बहुत ही आवश्यक है. चर्चा जितनी ज्यादा पैनी होती है, उतना जनहित में दूरगामी परिणाम देने वाले अच्छे निर्णय होते हैं.

    संसद में जो सांसद आते हैं, वे धरती से जुड़े हुए होते हैं, जनता के दुख और दर्द को समझने वाले होते हैं. चर्चा होती है तो उनकी ओर से जड़ों से जुड़े हुए विचार आते है. चर्चा समृद्ध होती है, तो निर्णय भी परिणामकारी होते हैं. 

    ये सत्र महत्वपूर्ण है. इस सत्र में जो बिल लाए जा रहे हैं, वे सीधे सीधे जनता के हितों से जुड़े हुए हैं. युवा पीढ़ी डिजिटल वर्ल्ड का नेतृत्व कर रही है, उस समय डेटा प्रोटेक्शन बिल देश के हर नागरिक को एक नया विश्वास देने वाला बिल है. विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला भी है. नेशनल रिसर्च फाउंडेशन नई शिक्षा नीति के संदर्भ में एक नया कदम है. सदन में गंभीरता से इन बिलों पर चर्चा करेंगे और राष्ट्रहित के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे.

  • Wrestlers Protest News: बिना ट्रायल पुनिया और विनेश फोगाट का हुआ एशियन गेम में चयन, मचा बवाल

    Wrestlers Protest: पहलवान बजरंग  पुनिया और विनेश फोगाट को बिना ट्रायल के एशियन गेम खेलने की एंट्री मिलने से पहलवानों का एक गुट नाराज है और एड-हॉक कमेटी पर पक्ष-पात करने का आरोप लगा रहा है। पहलवानों का कहना है वह बीते कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्होंने न प्रैक्टिस  की है न उनका ट्रायल हुआ। हम काफी वक्त से प्रैक्टिस कर रहे हैं। जिस तरह से उनका चयन एशियन गेम में हुआ है वह अनुचित है। 

    पहलवान विशाल कालीरमन  कहते हैं – हमारे साथ गलत हुआ है मैं भी अंडर 65kg खेलता हूँ। हम बीते कई सालों से इसके लिए प्रैक्टिस कर रहे हैं। बजरंग और विनेश बीते एक साल से प्रदर्शन करने में लगे हैं। हम इसमें अपना कोई लाभ-हानि नहीं देख रहे हैं। लेकिन उनका चयन भी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। उनका भी ट्रायल हो। क्योंकि अब अगर वह एशियन गेम खेलने  करेंगे तब किसी और को मौका मिलेगा। हम बहुत लम्बे समय से खेलने के लिए इन्तजार कर रहे हैं। अगर उनका ट्रायल नहीं होता है तो हम भी कोर्ट की तरफ रुख करेंगे। 

    बता दें रेसलर बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट बीते कई दिनों से बीजेपी सांसद ब्रज भूषण शरण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। उनपर महिला पहलवानो का यौन शोषण करने का आरोप है। मामले की सुनवाई कोर्ट में हो रही है। बीते दिन की सुनवाई में ब्रज भूषण शरण सिंह को दो दिन की अंतरिम जमानत पर छोड़ा गया। 

  • Seema Haider News: सीमा हैदर का झूठ पकड़ा गया

    Seema Haider News: नेपाल के रास्ते भारत आई सीमा हैदर सचिन मीणा से अपनी मोहब्बत को लेकर सुर्ख़ियों में बनी हुई हैं। सीमा नेपाल के रास्ते भारत आई जो  भारत की सीमा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है। शक यह भी जताया गया है कि सीमा हैदर पाकिस्तानी जासूस तो नहीं है। वही बीते दो दिनों से यूपी एटीएस की टीम सीमा हैदर से पूछताछ में जुटी हुई है। जिसमें कई बड़े खुलासे हुए हैं। 

    समाचार चैनल एबीपी की मानें तो सीमा और सचिन ने भारत में झूठ भी बोला है। दोनों ने बताया की उन्होंने नेपाल के पशुपति के गुएश्वरी मंदिर में शादी की थी। लेकिन एबीपी की टीम ने जब इस मामले की जाँच की – पशुपति नाथ मंदिर नेपाल की देख रेख करने वाले आधिकारिक पशुपति क्षेत्र विकास कोष के प्रवक्ता रेवती रमण कहते हैं – मंदिर या मंदिर प्रांगण में शादी करने का प्रावधान नहीं है ,यहां शादियां नहीं होती हैं। 

    वही जब नेपाल के उस होटल में टीम के लोगों ने पूछताछ की तो मैनेजर ने बताया रूप की बुकिंग मैंने ही की थी। वह 204 रूम नम्बर में रुके थे। दोनों ने दावा किया था वह भारत के रहने वाले हैं और नेपाल घूमने आए हैं।