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  • Pakistan से India आईं Seema Haider क्या Spy है ? Sachin की भी होगी जांच …!

    Pakistan से India आईं Seema Haider का कहना है कि उसकी उम्र 27 साल है! लेकिन पासपोर्ट के हिसाब से वह 22 की है! पाकिस्तान से भारत आकर Seema Haider सेलिब्रिटी बन गई है! जिस सचिन के साथ रह रही है, उसके घर मीडिया वालों की लाइन लगी है! सचिन और Seema Haider कहते है कि दोनो को PUBG खेलते हुए प्रेम हो गया! चौकाने वाली बात यह है कि ग्लोबल वर्जिन का PUBG भारत मे 2020 से बैन है! तो प्यार कैसे हुआ? 5वीं पास सीमा के पास 3 आधार कार्ड, 1 से अधिक पासपोर्ट, 1 से अधिक मोबाइल है!

    इंडिया आने से पहले सारे व्हाट्सएप चैट डिलीट कर दी, क्यों? नेपाल पहुंचते ही पाकिस्तान का सिम तोड़ दिया! नेपाल मे नया सिम भी ले लिया! बस मे दो अलग अलग व्यक्ति से नेट कनेक्ट किया और मैसेज किया, कैसे? Seema Haider मुस्लिम देश पाकिस्तान मे पैदा हुई, लेकिन इस्लाम की जानकारी नही, कैसे? सचिन और सीमा हैदर बहुत बड़ा राज छुपा रहे है?? संदिग्ध महिला के साथ साथ सचिन की भी बड़े लेवल की जांच होनी चाहिए! चोकने वाली बात यह है की सारे मुल्लिम जिहादी इसके पीछे क्यों पड़े हैं?

    Seema Haider  प्रेमी के साथ नई दुनिया बसाने के इरादे से बॉर्डर पार कर भारत आ गई है। वह अपने साथ चार बच्चों को भी ले आई है। उसे नोएडा के सचिन से पबजी के जरिए इश्क हुआ था और आज वह हिंदू बनने को भी तैयार है। बच्चों के नाम भी बदल दिए। सोशल मीडिया पर यह लव स्टोरी चर्चा में है। उस समय भारत में लॉकडाउन चल रहा था जब पहली बार Seema Haider और सचिन आपस में कनेक्ट हुए। पबजी से मिले, बातें होने लगीं, प्यार हुआ। नेपाल में दोनों सात दिन तक साथ रहे और आजकल Seema Haider नोएडा में सचिन के घर पर हैं। एक इंटरव्यू में सीमा ने अपनी जिंदगी के बारे में कई बड़े खुलासे किए हैं।

  • Rain Live Updates: जारी है बारिश का कहर

    Heavy Rain And Flood Live Updates: उत्तर भारत में हो रही लगातार बारिश ने कई इलाकों में तबाही की स्थिति ला दी है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश और बाढ़ के चलते जान-माल का नुकसान हुआ है. उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में रेड अलर्ड जारी किया गया है.

    इधर, देश की राजधानी दिल्ली में भी भारी बारिश की चलते यमुना का जलस्तर पहले ही खतरे के निशान को पार कर गया है. बारिश के चलते दिल्ली के कई इलाकों में पानी भरा हुआ है. दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने बारिश की स्थिति की समीक्षा करने और दिल्ली में जलभराव को दूर करने के लिए मंगलवार (11 जुलाई) को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की.

    उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया है कि कुछ ज़िलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट था, जिन्हें अब रेड अलर्ट कर दिया गया है. उत्तरकाशी में हादसा हुआ है जिसमें 3 गाड़ियों पर पत्थर गिरने से 4 लोगों की मौत और 7 लोग घायल हो गए. यात्रियों को लगातार चेतावनी दी जा रही कि कहीं भी ऐसी जगह न जाएं जहां पत्थर गिरने की आशंका हो. मुख्यमंत्री धामी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.

    हिमाचल प्रदेश में भी बारिश ने कहर बरपा रखा है. मंगलवार (11 जुलाई) को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दो दिनों में 29 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, 24 जून को हिमाचल प्रदेश में मानसून के आदेश के बाद अब तक 63 लोगों की जान जा चुकी है. प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया. मंगलवार को सीएम सुक्खू कसोल, खीरगंगा और अन्य प्रभावित जगहों का दौरा किया और वह इस दौरान लोगों से भी मिले. 

    मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से भी बात की है. केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल प्रदेश को हर संभव मदद देने का आश्वासन मिला है. भारी बारिश के कारण भूस्खलन होने से चंडीगढ़-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई थी. मंगलवार बारिश कम होने पर लोगों के लिए फिर से आवाजाही शुरू हो गई है. 

  • Tamil Nadu CM Stalin: महंगाई पर लगे लगाम, तमिलनाडु के सीएम ने केंद्र सरकार से की यह मांग

    देश: महंगाई ने आम आदमी का जीना मुश्किल कर दिया है। रोज मर्रा की चीजों के दाम में आए उछाल से हर कोई परेशान है। वही अब तमिलनाडु सरकार(Tamil Nadu CM Stalin) ने केंद्र सरकार(CENTRAL GOVERNMENT) से केंद्रीय स्टॉक से हर महीने 10,000 टन गेहूं और अरहर दाल आवंटित करने का आग्रह किया। 

    तमिलनाडु सरकार(Tamil Nadu CM Stalin) ने ऐसा अपने राज्य में दाल और गेहूं के दाम में आए उछाल को स्थिर करने के लिए किया है। तमिलनाडु सरकार(Tamil Nadu CM Stalin) का यह भी कहना है – यह उत्पाद माध्यम वर्ग के दुकानदारों द्व्रारा बेचें जाएंगे। 

    केंद्रीय खाद्य मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन(Tamil Nadu CM Stalin) ने कहा- महंगाई बढ़ गई है। खाद्य पदार्थ में हुआ इजाफ चिंताजनक है। मध्यम वर्ग को महंगाई से राहत मिले इसलिए आपसे यह गुजारिश की है। क्योंकि इससे आम आदमी की रीढ़ टूट रही है और वह अब महंगाई का बोझ नहीं उठा पा रहे हैं। बता दें राज्य सरकार ने घरेलू या विदेशी उत्पादकों से जरूरी वस्तुओं की खरीद के लिए बोलियां मंगाई हैं। 

    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा-  केंद्रीय स्टॉक से यदि आवंटन होता है तो आपूर्ति की स्थिति सुधर सकती है और महंगाई पर लगाम लग सकती है। केंद्र सरकार से मेरा अनुरोध है कि राज्य को द्रीय स्टॉक से प्रति माह 10,000 टन गेहूं और अरहर दाल आवंटित की जाए। 

  • बारिश के लिए तरस रहे ये राज्य, फसलों पर पड़ सकता है असर

    Rain Deficit: पिछले करीब दो हफ्तों से देश के तमाम राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ के के हालात बने हुए हैं. कई राज्यों में हो रही लगातार तेज बारिश ने जमकर तबाही मचाई है. उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों में बारिश का कहर सबसे ज्यादा देखने को मिला. हालांकि लगातार हो रही इस बारिश ने मानसून की कमी को पूरा कर दिया. वहीं देश के कुछ राज्य ऐसे भी हैं, जो बारिश के लिए तरस रहे हैं और अब भी मानसून का इंतजार कर रहे हैं. तेलंगाना, केरल समेत मध्य दक्षिणी और कुछ पूर्वोत्तर राज्यों में तय सीमा से कम बारिश हुई है. ये राज्य कमजोर मानसून से गुजर रहे हैं. जिसका असर फसलों पर भी पड़ रहा है. 

    फसलों पर पड़ सकता है असर
    मौसम विभाग की तरफ से बताया गया था कि 1 जून से देशभर के तमाम राज्यों में मानसून की शुरुआत हुई. इसमें बताया गया कि तमिलनाडु को छोड़कर सभी दक्षिणी राज्यों में इस सीजन में उम्मीद से कम बारिश हुई है. यानी यहां पूरी तरह से मानसून नहीं आया है. जिससे किसानों पर भी असर पड़ रहा है. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि कमजोर मानसून के चलते तेलंगाना, आंध्र, कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों में फसलों की बुआई में देरी हो गई है. इतना ही नहीं कर्नाटक और तेलंगाना सरकार ने मानसून के ठीक से नहीं आने पर सूखे की भी आशंका जताई है. 

    तेलंगाना में बारिश का इंतजार
    तेलंगाना राज्य विकास और योजना सोसायटी (टीएसडीपीएस) के बुलेटिन के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि 1 जून से लेकर 11 जुलाई तक होने वाली कुल बारिश 150.4 मिमी थी, जबकि सामान्य बारिश 197.5 मिमी होनी चाहिए. यानी बारिश में 24% की कमी देखी गई है. आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल इस दौरान राज्य में भारी बारिश दर्ज की गई थी. तेलंगाना में पिछले साल जून-जुलाई में 395.6 मिमी बारिश दर्ज की गई. इस बुलेटिन में बताया गया है कि राज्य में पिछले साल के मुकाबले 65% कम बारिश हुई है. 

    कर्नाटक में सूख रहा बांधों का पानी
    वहीं दक्षिण के ही राज्य कर्नाटक की बात करें तो यहां भी वही हाल हैं. अधिकारियों की तरफ से बताया गया है कि ज्यादातर बांध कम बारिश के चलते सूखने की कगार पर हैं. कृष्णराजसागर (केआरएस) बांध, जिससे बेंगलुरु और बाकी जगहों के लिए पानी की सप्लाई होती है, वो लगातार सूख रहा है. इसका जलस्तर 30 फीट तक नीचे चला गया है. इसके अलावा हैदराबाद और आसपास के इलाकों में पानी की आपूर्ति करने वाला तुंगभद्रा बांध में भी पानी का स्तर लगातार कम हो रहा है. ऐसे बांधों और नदियों को भरने के लिए पर्याप्त मात्रा में बारिश नहीं हो रही है. अधिकारियों ने बताया है कि अगर ऐसे ही हालात बने रहे तो बिजली उत्पादन और पीने के पानी की समस्या हो सकती है. 

    केरल में भी कम बारिश
    उधर केरल में भी कम बारिश के चलते यही हाल है. केरल के कई हिस्सों में कम बारिश हुई है. अधिकारियों के मुताबिक उत्तर केरल के कुछ हिस्सों को छोड़ दें तो ज्यादातर जगहों पर सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है. केरल में बारिश में करीब 31% की कमी देखने को मिली है. करीब 9 जिलों में बारिश की भारी कमी है. 

    दक्षिण के अलावा पूर्वी राज्यों बिहार, झारखंड और ओडिशा के भी यही हाल हैं. जहां पिछले साल के मुकाबले काफी कम बारिश दर्ज की गई है. वहीं असम को छोड़कर सभी पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश की कमी है. इन राज्यों में देश के बाकी हिस्सों के मुकाबले ज्यादा बारिश होती है, इसके बावजूद यहां पर्याप्त मानसूनी बारिश नहीं हुई है.

  • Bengal Panchayat Elections Result 2023 : बंगाल पंचायत चुनाव में टीएमसी की प्रचंड जीत

    Bengal Panchayat Election Results 2023 Live: आज (11 जुलाई) पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव के नतीजों का दिन है. हिंसा की कई घटनाओं के बीच 8 और 10 जुलाई में संपन्न हुए मतदान की मतगणना के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है. राज्य के ग्रामीण इलाकों की 73,887 सीटों के लिए मतदाताओं ने वोट डाले हैं. 2 लाख ज्यादा उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है.

    8 जुलाई को हुए तीन स्तरीय पंचायत चुनाव के लिए 61,000 से ज्यादा मतदान केंद्रों पर हुए मतदान के दौरान व्यापक हिंसा हुई थी. हिंसा के दौरान कई स्थानों पर मतपेटियां लूटी गईं, जिनमें आग लगा दी गई या उन्हें तालाब में फेंक दिया गया. इसके बाद उन 19 जिलों के करीब 700 मतदान केंद्रों (बूथ) पर सोमवार (10 जुलाई) को पुनर्मतदान हुआ जहां मतदान अमान्य घोषित कर दिया गया था.

    राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) ने 696 बूथ पर पुनर्मतदान का रविवार (9 जुलाई) शाम को आदेश दिया था. इसके बाद पुनर्मतदान सोमवार सुबह सात बजे शुरू हुआ था. सोमवार को किसी बड़ी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई लेकिन राज्य के पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा में 15 लोगों ने जान गंवा दी.

    बता दें कि सभी मतगणना केंद्रों पर केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है, सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने सोमवार (10 जुलाई) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात कर चुनाव के दौरान हुई हिंसा के बारे में उन्हें अवगत कराया है.

    बैठक में हुई चर्चा से जुड़े सवाल पर राज्यपाल ने मीडिया से कहा, ”सुबह से ठीक पहले के ‘घने अंधेरे’ का वक्त है, जल्द ही ‘उजाला’ होगा.” उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में स्थिति बेहतर होगी. सबकी नजरें नतीजों पर हैं क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले बंगाल पंचायत चुनाव को लिटमस टेस्ट के रूप में देखा जा रहा है.

  • VIDEO : हरियाणा में गृह मंत्री का आवास बाढ़ में डूबा, नाव में सवार हो पहुंचे घर

    हरियाणा राज्य में लगातार भारी बारिश के होने बाद राज्य के गृह मंत्री अनिल विज के अंबाला स्थित आवास में पानी भर गया। पानी का स्तर लगभग 4 फीट तक बढ़ गया, जिससे घर का भूतल जलमग्न हो गया। अनिल विज और उनके परिवार को सुरक्षित पास के एक होटल में ले जाया गया है।  बारिश कुछ और दिनों तक जारी रहने की उम्मीद है और राज्य सरकार हाई अलर्ट पर है।

    भारी बारिश के कारण हरियाणा में बड़े पैमाने पर बाढ़ आ गई है, जिससे कई जिले प्रभावित हुए हैं। हरियाणा राज्य सरकार ने अंबाला, कुरुक्षेत्र और करनाल जिलों में आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी है. विज ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की है। पानीपत में यमुना का पानी गोशाला में घुस गया।.

    इस पानी में सैंकड़ों गाय फंस गई। रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और गायों को निकालने की कोशिश की जा रही है।  कुरुक्षेत्र के ठोल कस्बे में नरवाना ब्रांच तटबंध टूटने से दर्जनभर गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराया है। हथिनी कुंड बैराज में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है, इसलिए निचले इलाकों में रह रहे लोगों को तटीय इलाकों से दूर रहने के लिए कहा गया है।

    उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सभी प्रभावित लोगों को भोजन, आश्रय और चिकित्सा सहायता प्रदान की जाए।  सरकार ने लोगों से निचले इलाकों से दूर रहने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

  • Assam Polygamy Ban: असम में बैन होगा बहुविवाह

    Assam Polygamy Ban: देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष लगातार इसका विरोध कर रहा है। प्रत्येक समुदाय के लोग यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल को लेकर अपनी अलग राय रख रहे हैं। वही असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल का मैं हमेशा से समर्थक रहा हूँ। लेकिन उससे पूर्व मैं असम में तत्काल प्रभाव से बहुविवाह पर रोक लगाना चाहता हूँ। 

    उन्होंने आगे कहा- यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल का कब आएगा यह संसद द्वारा तय किया जाएगा। लेकिन मैं इसके समर्थन में आरम्भ से रहा हूँ। इसमें कई अहम मुद्दे उठाए गए हैं जो जनता के लिए फायदेमंद साबित होंगे। मैं स्वयं तत्काल प्रभाव से बहुविवाह को बैन करना चाहता हूँ। आने वाले विधानसभा चुनाव में बहुविवाह को लेकर बिल पेश होगा .

    उन्होंने आगे कांग्रेस पर बरसते हुए कहा- कांग्रेस ने सिर्फ मुसलमान पुरुषों का हित देखा है .वह मुस्लिम महिलाओं का दुःख नही समझ सकते हैं .क्या कोई कांग्रेस नेता ऐसे पुरुष के साथ अपनी बेटी का विवाह करना चाहेगा जो एक से अधिक पत्नियाँ रखता हो .बता दें कि लॉ कमीशन की तरफ से यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर देशभर से सुझाव मांगे गए हैं. जिसके बाद करीब 20 लाख से ज्यादा लोगों और संगठनों की तरफ से अपने सुझाव दिए गए हैं. इनमें से ज्यादातर लोग यूसीसी के समर्थन में हैं, जबकि कई ऐसे भी संगठन हैं जिन्होंने इसका विरोध किया है. राजनीतिक दल भी यूसीसी को लेकर अलग-अलग राय रखते हैं. 

  • Chandrayaan 3: क्या होता है प्रपल्शन मॉड्यूल?

    Chandrayaan 3: देश के तीसरे मून मिशन चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मिशन मून के तहत शुक्रवार (14 जुलाई) को चंद्रयान 3 को श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा. इसरो के तीसरे चंद्र मिशन का मकसद चंद्रमा की सतह पर लैंडर की सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग कराना है. वैज्ञानिकों का लक्ष्य होगा कि लैंडिग के बाद रोवर को चांद की सतह पर चलाकर दिखाया जाए.

    अगर इसरो का चंद्र मिशन आज पूरा हो जाता है तो भारत ऐसा करने वाला चौथा देश बन जाएगा. भारत से पहले अमेरिका, रूस और चीन ने अपने मिशन मून के तहत चांद की सतह पर रोवर उतारने में कामयाबी हासिल कर चुके हैं. आइए जानते हैं कि इसरो के मिशन मून के कितने हिस्से हैं और ये कैसे काम करेगा?

    चंद्रयान-3 यानी मिशन मून के कितने हिस्से हैं?
    इसरो के मिशन मून के तहत शुक्रवार की दोपहर 2 बजकर 35 मिनट पर लॉन्च होने जा रहे चंद्रयान-3 के तीन मुख्य हिस्से हैं. इनमें पहला है प्रपल्शन मॉड्यूल, दूसरा है लैंडर मॉड्यूल और तीसरा है रोवर. चंद्रयान-3 का मकसद लैंडर की चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग कराना है.

    क्या है प्रपल्शन मॉड्यूल?
    प्रपल्शन मॉड्यूल की बात करें तो चंद्रयान-3 लॉन्च के बाद ये धीरे-धीरे धरती की कक्षा को छोड़कर चांद की ओर बढ़ेगा. प्रपल्शन मॉड्यूल लैंडर और रोवर को चंद्रमा की कक्षा यानी ऑर्बिट में 100 किलोमीटर ऊपर छोड़ेगा. प्रपल्शन मॉड्यूल चंद्रमा के ऑर्बिट में लैंडर और रोवर से कम्युनिकेशन बनाए रखने के लिए चक्कर लगाता रहेगा.

    क्या है लैंडर मॉड्यूल और रोवर?
    लैंडर मॉड्यूल की बात करें तो इसके तहत सॉफ्ट लैंडिंग होने के बाद लैंडर से रोवर को चांद की दक्षिणी सतह पर उतारा जाएगा. इसरो ने चंद्रयान-2 की तरह ही इस बार भी लैंडर का नाम ‘विक्रम’ और रोवर का ‘प्रज्ञान’ रखा है. वहीं, मिशन मून के तहत चंद्रयान-3 के तीसरे चरण की बात करें तो रोवर प्रज्ञान चांद की सतह पर उतरकर उसका वैज्ञानिक परीक्षण करेगा.

    कितनी होगी मून मिशन की लाइफ?
    चंद्रयान-3 के लैंडर और रोवर की मिशन लाइफ चंद्रमा के एक दिन (एक लूनर डे) की होगी. एक लूनर डे पृथ्वी के 14 दिनों के बराबर होता है. इसी तरह एक लूनर नाइट यानी चंद्रमा की एक रात पृथ्वी के 28 दिनों के बराबर होती है. लैंडर और रोवर चंद्रमा की रात का तापमान सहन नहीं कर सकेंगे, क्योंकि इसके माइनस 100 डिग्री से ज्यादा तक पहुंचने की संभावना रहती है.

  • Chandrayaan-3 Launch Live: आज लॉन्च होगा Chandrayaan-3

    आज का दिन भारत के लिए गर्व का दिन है क्योंकि आज हरिकोटा स्थित केंद्र से चंद्रयान-3 को लॉन्च किया जाएगा। चंद्रयान-3 साल  2019 में लॉन्च हुए मिशन चंद्रयान-2 की तरह है। इसरो ने इस बार सभी तैयारियों के साथ अपना मिशन तैयार किया है। सूत्रों का दावा है की Chandrayaan-3 23-24 अगस्त को चन्द्रमा पर सॉफ्ट लैंडिग करेगा। वही अगर कोई दिक्कत हुई और सूर्य के उगने के समय में परिवर्तन हुआ तो इसकी लैंडिंग का समय परिवर्तित किया जा सकता है। 

    इसरो के मुताबिक  हम धीरे -धीरे चन्द्रमा की तरफ आगे बढ़ंगे और अगस्त या सितम्बर में चाँद पर इसकी सॉफ्ट लैंडिंग करवाएंगे। चंद्रयान 3 शुक्रवार दोपहर 2:35 बजे लॉन्च होने वाला है। Chandrayaan-3 के लॉन्च विंडो 19 जुलाई तक बढ़ाई गई है। 
     

  • Chandrayaan 3: चंद्रयान 3 हुआ लॉन्च

    Chandrayaan 3 Launch Video: भारत ने अपने चंद्र मिशन के तहत शुक्रवार (14 जुलाई) चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण कर दिया. श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से निर्धारित समय के अनुसार दोपहर 2:35 बजे चंद्रयान को लॉन्च किया गया. चंद्रयान-3 के लॉन्च का वीडियो सामने आया है .इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने लॉन्च के बाद कहा, ”भारत को बधाई, चंद्रयान ने चंद्रमा की अपनी यात्रा शुरू कर दी है.” इसरो चीफ सोमनाथ ने बताया कि एलवीएम 3-एम4 रॉकेट ने चंद्रयान-3 को इसकी सटीक कक्षा में स्थापित कर दिया है. इसरो के मुताबिक, चंद्रयान 3 इसे ले जाने वाले रॉकेट LVM3-M4 से सफलतापूर्वक अलग कर दिया गया है.

    इसरो वैज्ञानिकों के बीच खुशी का महौल

    इसरो अध्यक्ष के अलावा, चंद्रयान-3 के मिशन डायरेक्टर एस मोहन कुमार और प्रोजेक्ट डायरेक्टर पी वीरामुथुवेल ने भी देशवासियों को इस अहम क्षण पर सफलता की बधाई दी है. इस दौरान सतीक्ष धवन अंतरिक्ष केंद्र में वैज्ञानिकों के बीच बेहद खुशनुमा माहौल देखा गया. शीर्ष वैज्ञानिकों ने कहा कि इस बारे में विस्तार से जानकारी बाद में साझा की जाएगी. इस मौके पर पृथ्वी विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह भी केंद्र में मौजूद रहे और ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रिएक्शन

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वक्त फ्रांस में हैं. उन्होंने ट्वीट किया, ”चंद्रयान-3 ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक नया अध्याय लिखा. यह हर भारतीय के सपनों और महत्वाकांक्षाओं को ऊपर उठाते हुए ऊंची उड़ान भरता है, यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हमारे वैज्ञानिकों के अथक समर्पण का प्रमाण है. मैं उनकी भावना और प्रतिभा को सलाम करता हूं!’