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  • पुतिन ने उड़ाए सारे दुश्मनों के होश

    Russia News: रूस में वैगनर ग्रुप की खिलाफत के बाद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले से ज्यादा सक्रिय हो गए हैं. दुश्मनों की हर चाल को नाकाम करने के लिए पुतिन का सीक्रेट प्लान अंदरखाने काम कर रहा है. जिसके बारे में किसी को कानों-कान खबर नहीं लग रही. वैगनर ग्रुप के विद्रोह के बाद अमेरिका और यूरोप भी अलर्ट मोड में आ गए हैं. इस पूरे घटनाक्रम में बेलारूस अब काफी चर्चा में है.

    पश्चिम देशों का मानना है कि बेलारूस, वैगनर ग्रुप को अपने यहां शरण दे सकता है. इतना ही नहीं बेलारूस फिर रूसी परमाणु हथियारों का ठिकाना बन सकता है. इस बारे में अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है. इस बीच वैगनर ग्रुप के विद्रोह के बाद यह सामने आ रहा है कि बेलारूस की राजधानी मिन्स्क में एक नया सैन्य शिविर तैयार किया गया है. इससे एक बात साफ हो गई है कि वैगनर ग्रुप भारी संख्याबल के साथ बेलारूस नहीं पहुंचा.

    लेकिन अभी तक, अमेरिकी और यूरोपीय अधिकारियों को स्पष्ट संकेत नहीं दिखे हैं कि कोई भी परिदृश्य सामने आ रहा है. जबकि अधिकारी दक्षिणी रूस में विद्रोह के बाद मिन्स्क के बाहर उभरे एक स्पष्ट सैन्य शिविर की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं, वैगनर सैनिक सामूहिक रूप से देश में नहीं आए हैं.

    बेलारूसी राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने गुरुवार को कहा, “ऐसा हो सकता है कि वैगनर पीएमसी यहां स्थानांतरित न होने का फैसला करे.” वैगनर नेता येवगेनी प्रिगोझिन बेलारूस में भी नहीं हैं, लुकाशेंको ने सीएनएन को बताया – वह रूस में हैं. और जबकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले महीने कहा था कि बेलारूस में सामरिक परमाणु हथियारों को संग्रहीत करने के लिए आवश्यक सुविधाएं 7 जुलाई तक तैयार हो जाएंगी. जबकि पश्चिमी अधिकारियों को इसका कोई संकेत नहीं मिला है. अधिकारियों ने कहा कि बेलारूस के पास अभी भी हथियारों को रखने के लिए उचित बुनियादी ढांचा नहीं है और तकनीकी रूप से ऐसा करने में कई महीने लगेंगे.

    सैटेलाइट इमेज से भी किसी तैयारी और सुरक्षा का कोई संकेत नहीं दिखा है जो रूसी परमाणु सुविधा में मानक होगा. फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स के अनुसार, रूस के पास परमाणु हथियारों का दुनिया का सबसे बड़ा शस्त्रागार है, जिसमें लगभग 1,900 सामरिक परमाणु हथियारों सहित 4,477 तैनात और आरक्षित परमाणु हथियार हैं. यह स्पष्ट नहीं है कि रूस संभावित रूप से उनमें से कितने को बेलारूस में तैनात करने की योजना बना रहा है.

    इस योजना को लेकर अमेरिका की चिंता बढ़ गई है. अमेरिका को चिंता यह है कि इन परमाणु हथियारों को वैगनर ग्रुप की निगरानी में न रखा जाए. ऐसा होने पर परमाणु हथियार गलत हाथों में होंगे. पश्चिम के खुफिया अधिकारियों ने अपना सारा तंत्र यह जानने के लिए खुला रखा है कि बेलारूस में रूस परमाणु हथियारों की रक्षा कैसे करेगा. ये सब पुतिन के फैसले पर निर्भर करता है और पुतिन ने अपने कदम के बारे में अभी तक कोई ठोस बयान नहीं दिया है.

  • Heavy Rain Alert Live: वेस्ट यूपी-हिमाचल-उत्तराखंड में रेड अलर्ट

    Weather LIVE Updates: उत्तर भारत के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश ने तबाही मचा दी है. बारिश से संबंधित घटनाओं में सोमवार (10 जुलाई) तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है. राहत और बचाव अभियान तेज करने के लिए सेना और एनडीआरएफ की कई टीम को तैनात किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों से स्थिति के बारे में बात की और उन्हें केंद्र सरकार से हर संभव मदद और सहयोग का आश्वासन दिया है.

    प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पीएम मोदी ने देश के विभिन्न हिस्सों में अत्यधिक बारिश से पैदा हुई स्थिति की वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा की. गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में पिछले दो दिनों में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से 18 लोगों की मौत हो गई. वहीं, पंजाब और हरियाणा में नौ, राजस्थान में सात और उत्तर प्रदेश में तीन लोगों की मौत हो गई. उत्तर भारत में, दिल्ली में यमुना सहित कई नदियां उफान पर हैं.

    उत्तर भारत के कई इलाकों में सड़कें और आवासीय इलाके घुटने तक पानी में डूब गए हैं. कई जगहों पर सैलाब में वाहन बहते नजर आए. रविवार को रिकॉर्ड बारिश के कारण नगर निकाय भी स्थिति सुधारने में असहाय नजर आए. उत्तर भारत के चार राज्यों में हो रही भारी बारिश और बाढ़ से निपटने के लिए एनडीआरएफ की कुल 39 टीम तैनात की गई हैं. अधिकारियों ने कहा कि एनडीआरएफ की 14 टीम पंजाब में काम कर रही हैं, जबकि एक दर्जन टीम हिमाचल प्रदेश, आठ उत्तराखंड और पांच हरियाणा में तैनात हैं.

    एनडीआरएफ के एक प्रवक्ता ने बताया, ”बचाव अभियान वास्तविक स्थिति के अनुसार और राज्य के अधिकारियों के समन्वय से चलाया जा रहा है.” पंजाब में भारी बारिश के कारण पानी भर जाने के बाद सेना ने राज्य के एक निजी विश्वविद्यालय से 910 छात्रों और 50 अन्य को बचाया. पंजाब और हरियाणा में नागरिक प्रशासन ने पूर्व में सेना से बचाव अभियान के लिए मदद मांगी थी और सेना ने दोनों राज्यों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की सहायता के लिए पश्चिमी कमान की बाढ़ राहत टुकड़ियों को भेजा है.

    हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन से शिमला में चार और लोगों की जान चली गई. पर्वतीय राज्य में लगातार तीसरे दिन भारी बारिश के कारण शिमला-कालका राजमार्ग सोमवार सुबह अवरुद्ध हो गया. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, ”पिछले दो दिन में राज्य में बारिश से संबंधित घटनाओं में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई है. चंद्रताल में तथा लाहौल एवं स्पीति में पागल एवं तेलगी नाले के बीच फंसे 400 पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बचाने के प्रयास जारी हैं. राज्य में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, घरों को नुकसान पहुंचने और कई लोगों की मौत होने के एक दिन बाद मौसम विभाग ने सोमवार को ‘अत्यंत भारी बारिश’ के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया.

  • Chandrayaan 3 Launch: इस दिन लॉन्च होगा Chandrayaan 3

    Chandrayaan 3 Launch:   Chandrayaan 3 का लॉन्च आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा (Sriharikota) से शुक्रवार (14 जुलाई) को दोपहर 2:35 होगा। इसरो ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा- भारत  Chandrayaan 3 के लॉन्च के लिए तैयार है, लॉन्च की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी हैं।  Chandrayaan 3 ने लॉन्च से पूर्व होने वाली 24 घंटे की रिहर्सल की प्रक्रिया को पूरा कर लिया है। 

    वरिष्ठ अंतरिक्ष वैज्ञानिक जी माधवन नायर ने कहा- चन्द्रमा पर जाने  से पूर्व Chandrayaan को सभी सर्वेक्षण के पहलुओं पर खरा उतरना होगा। हम कोई भी गलती नही चाहते हैं। यदि Chandrayaan सभी पहलुओं पर सही है तो यह भारत के लिए अच्छी खबर है। वही Chandrayaan की चन्द्रमा पर सॉफ्ट लैंडिग बेहद कठिन है। 

    जानकारी के लिए बता दें 2019 में चंद्रयान-2 मिशन के चन्द्रमा पर सॉफ्ट लैंडिग को सफलता नही मिल पाई थी। यह भारत के परिपेक्ष्य से बेहद अहम मिशन था। इसरो के प्रयास के लिए हर तरह भारत की सराहना हुई थी। वही Chandrayaan 3 के लॉन्च से पूर्व इस बार सारी तैयारी पुख्ता की गई हैं। इसरो इस बार कोई भी गलती करने के लिए तैयार नही है। 

  • Rain Live Updates:दिल्ली में बाढ़ का खतरा

    देश: हिमाचल प्रदेश में बारिश ने तबाही मचा रखी है। मौसम विभाग ने अधिसूचना जारी कर 24 राज्यों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। IMD के मुताबिक आज यानी बुधवार को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है। बारिश के कारण इन दोनों राज्यों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, बिहार,उत्तरप्रदेश, राजस्थान में भारी बारिश हो सकती है। 

    एनडीआरएफ की ओर से लगातार बचाव कार्य जारी है। जगह-जगह सेना और एनडीआरएफ की टीम तैनात की गई हैं। 15 से लेकर 16 तारिख तक भारी बारिश की संभावना है। वही दिल्ली में हाई अलर्ट जारी है। यनुमा उफान पर चल रही है जिससे बाढ़ आने का खतरा बढ़ता जा रहा है। 

  • UN Report On Poverty:भारत में गरीबी को लेकर UN की चौंकाने वाली रिपोर्ट

    UN Report On Poverty: महंगाई और बेरोजगारी के तमाम आंकड़ों के बीच एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि भारत में 2005 से 2021 के बीच करीब 41.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकल गए. वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) के हवाले से ये आंकड़े जारी किए गए हैं. इसमें बताया गया है कि भारत उन 25 देशों में शामिल है, जिन्होंने 15 साल में सफलतापूर्वक अपने एमपीआई मूल्यों को आधा कर दिया. भारत के अलावा तमाम ऐसे देश हैं, जो इस लिस्ट में शामिल हैं. यूएन की इस रिपोर्ट में इन देशों का भी जिक्र किया गया है.  

    81 देशों को किया गया शामिल
    भारत की तरह गरीबी सूचकांक में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले देशों में चीन, कंबोडिया, कांगो, होंडुरास, इंडोनेशिया, मोरक्को, सर्बिया और वियतनाम जैसे देश शामिल हैं. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) की तरफ से बताया गया कि साल 2000 से लेकर 2022 तक तमाम देशों में अलग-अलग तरीके से विश्लेषण किया गया. जिसके बाद ये रिपोर्ट सामने आई है. इस पूरे प्रोसेस में कुल 81 देश शामिल थे. इसमें कई चीजों को देखा गया, जैसे- लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी कैसे जी रहे हैं, शिक्षा और स्वास्थ्य तक कितनी पहुंच है, आवास, पेयजल और बिजली जैसी सुविधाओं पर भी नजर रखी गई.

    गरीबी रेखा से बाहर आए लोग
    भारत का जिक्र करते हुए इस रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2005/2006 में जहां 55% (करीब 64.45 करोड़) लोग गरीबी रेखा से नीचे थे, वहीं साल 2019/2021 तक ये संख्या घटकर 16% (23 करोड़) हो गई. इस हिसाब से भारत में इन 15 सालों में 41.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आ गए. जिससे गरीबी सूचकांक में भारत का प्रदर्शन बेहतर हुआ. 

    इन चीजों में भी हुआ सुधार
    इसके अलावा यूएन की इस रिपोर्ट में कुछ और आंकड़े भी दिए गए हैं, जिनमें बताया गया है कि पोषण से वंचित लोग 2005-06 में 44% से घटकर 2019/21 में 12% हो गए और बाल मृत्यु दर 4% से घटकर 1.5% हो गई. जो लोग इतने गरीब हैं कि खाना पकाने के लिए उनके पास लकड़ी के अलावा कोई विकल्प नहीं है, ऐसे लोगों की संख्या 53% से घटकर 14% हो गई है. वहीं सफाई से वंचित लोग 50% से घटकर 11.3% हो गए हैं. इन 15 सालों में पीने के पानी से वंचित लोगों की संख्या भी 16% से गिरकर 3% हो गई. 

  • PM Modi France Visit: फ्रांस में पीएम मोदी की मौजूदगी में लॉन्च हो सकता है UPI

    PM Modi France Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिन की फ्रांस यात्रा पर रवाना हो चुके हैं. जहां वो राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मुलाकात करेंगे और कई मुद्दों पर चर्चा होगी. फ्रांस के लिए रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने अपनी यात्रा को कई मायनों में खास बताया और कहा कि दोनों ही देश तमाम क्षेत्रों में एक दूसरे का सहयोग कर रहे हैं. पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान फ्रांस के साथ कई अहम रक्षा समझौते भी हो सकते हैं, इसी बीच बताया जा रहा है कि फ्रांस और भारत के बीच यूपीआई को लेकर भी डील पक्की हो सकती है. 

    फ्रांस में यूपीआई हो सकता है लॉन्च-
    हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस और भारत के बीच यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) को लेकर बातचीत पिछले लंबे समय से चल रही है. जिसके बाद अब पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान फ्रांस में यूपीआई को लॉन्च किया जा सकता है. साल 2023 में यूपीआई और सिंगापुर के PayNow ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसमें यूजर्स को देश और देश से बाहर ट्रांजेक्शन की छूट दी गई. अब फ्रांस सरकार भी कुछ ऐसा ही कदम उठा सकती है. इसे लेकर यूपीआई को बनाने वाली एनपीसीआई और फ्रांस की कंपनी लायरा (Lyra) के बीच पिछले एक साल से बातचीत हो रही है. 

    अगर फ्रांस में यूपीआई लॉन्च होता है तो ये यूपीआई को अपनाने वाला पहला यूरोपीय देश होगा. बताया जा रहा है कि अगर सब कुछ ठीक रहा और समझौते पर दोनों देश तैयार हुए तो पीएम मोदी की मौजूदगी में ही पेरिस की किसी खास जगह से यूपीआई को फ्रांस में लॉन्च किया जा सकता है.  

    पीएम मोदी की फ्रांस यात्रा का शेड्यूल-
    पीएम मोदी की फ्रांस यात्रा को लेकर विदेश मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रपति मैक्रों, प्रधानमंत्री के सम्मान में एक राजकीय भोज की मेजबानी करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी का फ्रांस के प्रधानमंत्री और वहां की सीनेट और नेशनल एसेम्बली के अध्यक्षों से मुलाकात का भी कार्यक्रम है. वह फ्रांस में भारतीय समुदाय के लोगों, भारतीय और फ्रांसीसी कंपनियों के सीईओ और फ्रांस के गणमान्य लोगों से भी संवाद करेंगे. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी फ्रांस की यात्रा पूरी करने के बाद 15 जुलाई को अबू धाबी जाएंगे. इस दौरान राफेल-एम फाइटर जेट्स और स्कॉर्पीन सबमरीन को लेकर फ्रांस से डील हो सकती है. 

  • दर्दनाक घटना : ऑनलाइन लोन ने ले ली पति-पत्नी और 2 बच्चों की जान !

    मध्यप्रदेश, भोपाल, ऑनलाइन कम्पनी मे काम करने वाले व्यक्ति ने पूरे परिवार के साथ सुसाइड कर ली! सुसाइड करने से पहले की सेल्फी ली है । खबर के मुताबिक जिनसे कर्ज लिया था, उन लोगों ने बहुत ज्यादा प्रताड़ित किया। इसलिए पहले बच्चों को जहर दिया और फिर पति पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पिछले 9 सालों में देश की जो स्थिति हुई है, पहले किसान और बेरोजगार आत्महत्या कर रहे थे, अब जिनके पास काम है वह भी..किसी न किसी कारणों से आत्महत्या कर रहे है। आखिर सरकार कब तक मूकदर्शक बनकर बैठी रहेगी ?

    मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार भूपेन्द्र ने अप्रैल में कोलंबिया की एक कंपनी में आनलाइन काम करना शुरू किया था। काम के शुरूआत में कंपनी कुछ दिनों तक लाभ देती रही। फिर कंपनी ने भूपेन्द को अधिक लाभ का झांसा देकर उनकी कमाई पंूजी और घर की पूरा पैसा कंपनी में लगवा दिया। 

    इसके बाद एक एप के जरिये एग्रीमंेट करवाकर लोन भी दिलवा दिया। इसके बाद कंपनी 17 लाख रूपये मांगने लगी। रूपये न देने पर ठगों ने निजी फोटो वीडियो हासिल कर लिये। इसके बाद मोबाइल में मौजूद सार कंटेक्टस को भेज दिये। इसके बाद भूपेन्द्र इतने परेशान हो गये कि आत्महत्या जैसा कदम उठाया लिया।

  • मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिव मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-इस्सा ने पीएम मोदी से की मुलाकात

    Mohammed Bin Abdulkarim Al-Issa Meets PM Modi: मुस्लिम वर्ल्ड लीग (एमडब्ल्यूएल) के महासचिव शेख मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-इस्सा ने मंगलवार (11 जुलाई) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस दौरान दोनों ने कई मुद्दों पर चर्चा की. 

    प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक ट्वीट में यह जानकारी दी.  पीएमओ ने कहा, ”पीएम नरेंद्र मोदी ने मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिव और मुस्लिम विद्वानों के संगठन के अध्यक्ष शेख मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-इस्सा से मुलाकात की. दोनों ने अंतर-धार्मिक सद्भाव, शांति को आगे बढ़ाने और मानव प्रगति की दिशा में काम करने के विभिन्न पहलुओं पर व्यावहारिक चर्चा की.”

    शेख मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-इस्सा भारत क्यों आए
    भारत की यात्रा पर आए अल-इस्सा ने दिल्ली में खुसरो फाउंडेशन और इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर के आयोजित एक कार्यक्रम को भी संबोधित किया. अल-इस्सा भारत सरकार के आधिकारिक निमंत्रण पर यहां आए हैं. एमडब्ल्यूएल एक अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन है जिसका मुख्यालय मक्का में है. इसमें सभी इस्लामी देशों और संप्रदायों के सदस्य शामिल हैं.

    मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-इस्सा ने कार्यक्रम में क्या कहा?
    शेख मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-इस्सा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अपनी पूर्ण विविधता के साथ केवल जुबानी तौर पर ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी सह-अस्तित्व का एक शानदार मॉडल है. 

    खुसरो फाउंडेशन और इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर के आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने अरबी भाषा में अपने संबोधन में कहा, ‘‘भारतीय मुसलमान भारतीय समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. उन्हें अपनी राष्ट्रीयता और अपने संविधान पर गर्व है. अल-इस्सा ने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि भारत एक हिंदू बहुसंख्यक देश है और यहां एक धर्मनिरपेक्ष संविधान है, जो एक राष्ट्र के तहत एकजुट विभिन्न संप्रदायों के लिए एक छतरी की तरह है.”

  • मनी लांड्रिंग मामले में पीएम का बेटा हुआ बरी

    विदेश: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शहबाज़ शरीफ़ के बेटे सुलेमान शरीफ़ को 16 अरब पाकिस्तानी रूपये के मनी लांड्रिंग मामले में लाहौर हाई कोर्ट से राहत मिल गई है और उन्हें बरी कर दिया गया है। उनके खिलाफ यह केस फ़ेडरल इनवेस्टिगेशन एजेंसी यानी एफ़आईए ने दर्ज करवाया था। 

    बता दें सुलेमान शरीफ़ दिसंबर 2022 में पाकिस्तान लौटे थे। उनके ऊपर पाकिस्तान के नेशनल अकाउंटिबिलिटी ब्यूरो मामले में केस दर्ज हुआ था। सुलेमान पर जो आरोप लगे थे उनमे वह अपराधी माने  जा रहे थे लेकिन कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। वही अब इस मामले में अदालत ने उनको बरी कर दिया है। 

  • मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिव ने की भारत की सराहना

    देश: वैसे तो भारत में हिन्दू मुस्लिम विवाद की बातें आए दिन सुनने को मिल जाती हैं। वही भारत दौरे पर मुस्लिम वर्ल्ड लीग (Muslim World League) के महासचिव डॉक्टर इस्सा ने कहा, भारत की शांतिपूर्ण व्यवस्था सराहनीय है, मैं भारत की जनसंख्या, संवैधानिक नियम और सद्भावना के भाव का सम्मान करता हूँ। 

    उन्होंने आगे कहा- भारत के लोगों में विविधता है, पीएम से लेकर अन्य सभी लोगों से मिलकर मुझे अच्छा लगा। भारत के लिए विभेद के बाद भी एकजुटता से एक साथ रहते हैं यह सराहनीय है। भारत की बुद्धिमत्ता का लाभ दुनिया को मिल सकता है। मानव जाति के विकास में भारत की अहम भूमिका है। किसी के विषय में यदि सत्य जानना है तो उससे संवाद जरुरी है। संवाद हमारे रिश्तों को बेहतर बनाता है जबकि मौन से हम भ्रम में फसे रहते हैं। 

    उन्होंने आगे कहा- युवा आज भ्रमित है। उनके मन में नफरत का बीज रोपित किया जा रहा है। यह बीच ज्ञान के अभाव के कारण अधिक फल फूल रहा है। इसका कारण यह भी है कि समाज में सकारात्मक विचारों का प्रवाह उतना प्रभावशाली नहीं है जितना नफरत के विचार प्रभावी हैं। यदि नहीं धर्म के नाम पर फ़ैली हिंसा का निजात चाहते हैं तो हमें शिक्षा की गुणवत्ता और अंतर धार्मिक संवाद को बढ़ाना होगा।