Category: national

  • ‘टमाटर से सस्ता पेट्रोल’, सामना में केंद्र पर वार- जोड़-तोड़ की राजनीति में व्यस्त है सरकार

    Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र में अजित पवार की बगावत के बाद राजनीतिक भूचाल आ गया है. भतीजे अजित पवार ने शरद पवार की राजनीतिक पार्टी (एनसीपी) पर अपना दावा ठोंक दिया है. उद्धव ठाकरे गुट वाली शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए महाराष्ट्र में सियासी घमासान और महंगाई को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर वार किया है. कहा गया है कि पेट्रोल-डीजल के दाम ‘किफायती’ लगने लगें, इतने टमाटर के दाम बढ़ गए हैं. टमाटर की कीमतों की तुलना में पेट्रोल सस्ता है, ऐसी स्थिति निर्माण हो गई है.

    सामना में लिखा गया है कि महंगाई को लेकर यूपीए सरकार के नाम का ढिंढोरा पीटते हुए मोदी सरकार 2014 में सत्ता में आई थी. बीते नौ सालों से केंद्र में लगातार उन्हीं की सत्ता है, पर महंगाई का क्या? महंगाई बिल में छिपकर बैठ गई है क्या? हकीकत यही है कि मोदी राज में न दर वृद्धि थमी है, न ही महंगाई छिपकर बैठी है. टमाटर के दाम प्रति किलो 120 से 150 रुपये तक बढ़ गए हैं.

    ‘मोदी राज में भी अलग क्या हो रहा है?’
    सामना में मंहगाई को लेकर मोदी सरकार पर कई सवाल भी उठाए गए. पूछा कि जब वैश्विक दरें कम होती हैं, तब पेट्रोल-डीजल उस प्रमाण में सस्ते क्यों नहीं होते? महंगाई का ठीकरा आप कभी इस पर तो कभी उस पर फोड़नेवाले होंगे तो सरकार के रूप में जनता को आपका क्या लाभ? अब टमाटर 150 रुपये के पार पहुंच गया है फिर भी इसका ठीकरा मानसून पर फोड़ रहे हो. प्याज को लेकर भी सालों-साल से यही होता आया है. मोदी राज में भी अलग क्या हो रहा है? 9 सालों के शासनकाल में निर्णयों का ढोल आप सर्वत्र पीटते हो, फिर इन 9 सालों के बाद भी ‘महंगाई डायन’ आम जनता की गर्दन से उतरने का नाम लेती क्यों नहीं दिख रही है?

    ‘जोड़-तोड़ की राजनीति में व्यस्त है सरकार’
    सामना में महाराष्ट्र में घमासान से लेकर मणिपुर हिंसा और महंगाई तक पर हमला बोला. संपादकीय में लिखा गया कि साग-सब्जी की दरें ‘तिहरा शतक’ लगा रही हैं. टमाटर भड़क उठा है. जनता आक्रोश से लाल हो रही है. वहां मणिपुर जल ही रहा है लेकिन मोदी सरकार हमेशा की तरह शांत और उदासीन है. 9 सालों के शासनकाल का ढोल पीट रही है, जोड़-तोड़ की राजनीति में व्यस्त है. महंगाई के दावानल और उसमें झुलसती जनता की अवस्था की जानकारी इस सरकार को है क्या?

  • BIHAR NEWS: सुशील मोदी ने तेजस्वी के मामले पर किसे घेरा? CM नीतीश को किया चैलेंज

    BIHAR NEWS: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) ने मंगलवार (4 जुलाई) को नौकरी के बदले जमीन मामले में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) पर दायर चार्जशीट को लेकर सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) को चैलेंज किया. कहा कि क्या अब नीतीश कुमार डिप्टी सीएम तेजस्वी से इस्तीफा लेने की हिम्मत दिखाएंगे?

  • Balasore Accident Report: ‘जवाबदेही से भागने के लिए पीएम और रेल मंत्री ने फैलाई थी झूठी थ्योरी

    Balasore Accident Report: ओडिशा के बालासोर में हुए रेल हादसे को लेकर जो रिपोर्ट सामने आई है, उसमें बताया गया है कि गलत सिग्नल सिस्टम के चलते ये भीषण हादसा हुआ. अब इस रिपोर्ट को लेकर विपक्ष ने मोदी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. टीएमसी के बाद अब कांग्रेस ने भी सवाल उठाए हैं. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि मोदी सरकार की गलत प्राथमिकताओं के चलते ये हादसा हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और रेल मंत्री ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने के लिए एक थ्योरी तैयार की थी, जो अब फेल हो चुकी है. 

    कांग्रेस नेता ने उठाए सवाल-

    कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्विटर पर लिखा, ये साफ हो चुका है कि प्रधानमंत्री और रेल मंत्री की तरफ से पेश की गई थ्योरी जवाबदेही से बचने और हेडलाइन मैनेजमेंट के लिए किया गया. रेल सेफ्टी कमिश्नर ने अपनी जांच में बताया है कि संबंधित प्रक्रियाओं और प्रणालियों में गंभीर कमियों के कारण बालासोर ट्रेन दुर्घटना हुई. लेकिन आखिर सुन कौन रहा है? वंदे भारत ट्रेनों का उद्घाटन लगातार जार है… मोदी सरकार की गलत प्राथमिकताओं के चलते एक भीषण हादसा हो गया. 

    जयराम रमेश ने एक अंग्रेजी न्यूजपेपर में छपे आर्टिकल का जिक्र करते हुए लिखा कि इसमें साफ तौर पर बताया गया है कि जिस ट्रिपल ट्रेन हादसे में करीब 300 लोगों की मौत और 100 से ज्यादा घायल हुए, उसकी जांच में क्या पाया गया है. इसके बाद जयराम रमेश ने अलग-अलग प्वाइंट में इसके कारणों को बताया है. 

    1. लोकेशन बॉक्स में वायरिंग में एक खराबी, जिस पर पिछले पांच सालों में सिग्नल और टेलीकॉम (एस&टी) कर्मचारियों की तरफ से ध्यान नहीं दिया गया था.

    2. विफलता का पहला स्तर सर्किट की गलत लेबलिंग में था.

    3. दूसरा स्तर यह जांचने में असफल होना था कि सर्किट काम कर रहे हैं या नहीं.

     

  • DIG ने अपनी पिस्टल से खुद को मार कर ली आत्महत्या ! सुसाइड की वजह तलाश ने में जुटी पुल‍िस

    कोयंबटूर. कोयंबटूर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक सी विजयकुमार ने शुक्रवार सुबह रेस कोर्स स्थित अपने कैंप कार्यालय में सर्विस पिस्टल से खुद को गोली मार ली. इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. आईपीएस अध‍िकारी ने खुद को गोली क्‍यों मारी, इसकी वजह अभी पता नहीं चल सकी है. सी विजयकुमार ने 6 जनवरी, 2023 को कोयंबटूर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक के रूप में कार्यभार संभाला था. उन्होंने एमएस मुथुसामी की जगह ली थी, जिनका ट्रांसफर वेल्लोर रेंज के उपमहानिरीक्षक के रूप में क‍िया गया था.  व‍िजयकुमार 2009 बैच के सी‍नियर आईपीएस अधिकारी (2009 Batch IPS Officer) थे. उन्होंने पुलिस अधीक्षक के रूप में भी कार्य किया है.

     बताया जाता है क‍ि डीआईजी विजयकुमार ने अपने साथी अधिकारियों को बताया था कि वह कुछ सप्‍ताह से ठीक से सो नहीं पा रहे हैं और गंभीर ड‍िप्रेशन में हैं. पुलिस ने बताया कि आत्महत्या का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है और इसकी जांच की जा रही है. व‍िजयकुमार सुबह टहलने के ल‍िए निकले और करीब 6.45 बजे अपने कैंप ऑफिस आए.

    उन्होंने अपने निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) से अपनी पिस्टल सौंपने को कहा और वह उसे लेकर कार्यालय से बाहर आ गए. उन्होंने सुबह करीब 6.50 बजे खुद को गोली मार ली. कैंप कार्यालय में ड्यूटी पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचित किया जो तुंरत मौके पर पहुंचे. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए कोयंबटूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया. आगे की जांच की जा रही है.

  • Rajasthan Congress Meeting: राहुल गांधी ने अशोक गहलोत को दी सलाह

    Rajasthan Congress Meeting: राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की अहम बैठक हुई, जिसमें राहुल गांधी और अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल रहे. इस बैठक को राजस्थान चुनाव की तैयारियों और अशोक गहलोत-सचिन पायलट के बीच की तनातनी खत्म करने की कोशिश के तौर पर देखा गया. इस दौरान मुख्यमंत्री गहलोत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में मौजूद रहे. बताया गया कि राहुल गांधी ने राजस्थान के सीएम को बैठक में कई सुझाव भी दिए, जिनमें से एक ब्यूरोक्रेसी पर लगाम लगाने का सुझाव भी था. इस बैठक के दौरान राजस्थान में गहलोत सरकार के कामकाज की तारीफ भी की गई. 

    ब्यूरोक्रेसी पर नियंत्रण की बात
    इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं ने ओबीसी रिजर्वेशन, एग्रेसिव कैंपेनिंग, टिकट रद्द करने समेत कई मुद्दों पर चर्चा की. इसी दौरान राहुल गांधी और अशोक गहलोत के बीच भी बातचीत हुई. जिसमें राहुल ने गहलोत से कहा कि राज्य के बड़े फैसलों में नौकरशाही को हावी न होने दें. राहुल ने गहलोत से ब्यूरोक्रेसी पर नियंत्रण और पार्टी कार्यकर्ताओं को महत्व देने की बात कही. 

    कार्यकर्ताओं की बात सुनें- राहुल गांधी
    रिपोर्ट में बताया गया है कि राहुल गांधी ने गहलोत से कहा कि राजस्थान में कुछ योजनाओं में पार्टी कार्यकर्ताओं की राय नहीं ली जा रही है. इसके उलट नौकरशाही को तरजीह दी जा रही है. कार्यकर्ताओं को काम पर लगाना चाहिए और आने वाले वक्त में उन्हें एक मैसेज दिया जाना चाहिए. जिससे आने वाले चुनाव में पार्टी मजबूती के साथ उतर पाए. 

    राहुल-खरगे ने किया जीत का दावा
    इस बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं की तरफ से राजस्थान में दोबारा सरकार बनाने का दावा भी किया गया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के नेतृत्व में आज राजस्थान के कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की. कांग्रेस राजस्थान में एक बार फिर सरकार बनाएगी और जनता के बेहतर भविष्य के लिए कार्य करती रहेगी.

    राहुल के अलावा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी बैठक को लेकर ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, ‘‘जन-सेवा, राहत और सबका उत्थान, प्रगति के पथ पर बढ़ता राजस्थान… कांग्रेस पार्टी ने राजस्थान में समावेशी विकास एवं जन-कल्याण की योजनाओं को घर घर पहुंचाया है. पार्टी एकजुट होकर आगामी चुनाव में जनता के बीच जाएगी.

  • हमें मिलकर करना होगा UCC का विरोध

    देश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जबसे समान नागरिक सहिंता का जिक्र छेड़ा है देश में इसको लेकर बहस छिड़ी हुई है। विपक्ष लगातार इसका विरोध कर रहा है वही मुस्लिम समाज इसके सख्त खिलाफ है। बीते दिन मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा – हमें बड़ी संख्या में इसका विरोध करना चाहिए। मुस्लिम को एकसाथ इसके खिलाफ खड़ा होना चाहिए। सिर्फ मुस्लिम ही इसका विरोध नहीं कर रहे कई अन्य लोग भी इसके विरोध में खड़े हैं। 

    उन्होंने आगे कहा – देश में समान नागरिक सहिंता कानून की कोई आवश्यकता नहीं है। यह कानून मुस्लिम और अल्पसंख्यक समाज के लोगों पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा। इसका कोई समाज को बेहतर लाभ नहीं मिलने वाला है। सभी मस्जिदों के मौलानाओं से हमारा निवेदन है कि वह जुम्मे से पूर्व होने वाले खुत्बे में लोगों को इसके विषय में बताएं। 

    इसके साथ ही सभी लोग एकजुट होकर समान नागरिक सहिंता के विरोध में अपनी आवाज बुलंद करें। जिम्मेदार नागरिक बनें और  लॉ कमीशन ऑफ इंडिया को इस कानून के परिपेक्ष्य  में अपनी राय व्यक्त करें। 
     

  • Weather Update:जानें आज के मौसम का हाल

    Weather Today: देशभर में हो रही बारिश की वजह से हाहाकार मचा हुआ है. पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों का जीवन अस्त व्यस्त कर दिया है. राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार 10 जुलाई को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. दिल्ली में बीते 24 घटें के दौरान हुई बारिश में 15 इमारतें ढह गई है. कई सांसदों के घरों में घुसा पानी घुस गया है. गाजियाबाद, दिल्ली में आज स्कूल बंद कर दिए गए है. गुरुग्राम में बारिश के चलते लोगों का हाल बेहाल है.

    उत्तराखंड के कई जिलों में मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. जिसे देखते हुए पांच जिलों देहरादून, उत्तरकाशी, नैनीताल, अल्मोड़ा और ऊधमसिंह नगर में कक्षा एक से 12 तक के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए है. उत्तरकाशी और देहरादून में 10 जुलाई , ऊधमसिंह नगर में 10 और  11 जुलाई, अल्मोड़ा में तीन दिन 10 से 12 जुलाई और नैनीताल में 10 से 13 जुलाई तक चार दिवसीय अवकाश घोषित किया गया है.

    कहां-कहां होगी बारिश
    मौसम विभाग ने सोमवार को पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 10-12 जुलाई तक भारी से बहुत भारी वर्षा होने के आसार है. कोंकण, गोवा, महाराष्ट्र और गुजरात  के कुछ स्थानों पर अगले 3 दिनों तक भारी वर्षा जारी रहने की उम्मीद है. हालांकि इसके बाद कम होने की आशंका जताई गई है. मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों में पूरे क्षेत्र में मध्यम से तेज बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. कर्नाटक और केरल में अगले 5 दिनों में हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है.

    मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों में पश्चिम बंगाल और सिक्किम, असम और मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मणिपुर में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि झारखंड में 10-12 जुलाई के बीच भारी बारिश होने की संभावना है.  अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में सोमवार से अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, और बिहार में 11-13 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है.

  • आज विदेश मंत्री जयशंकर भरेंगे चुनाव के लिए नामांकन

    S. Jaishankar: केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर सोमवार (10 जुलाई, 2023) को गुजरात राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने वाले हैं। कुल 10 राज्यसभा सीटों पर इसी महीने चुनाव होना है जिसमें गुजरात की तीन सीटें शामिल हैं।
    इनमें से एक सीट के लिए जयशंकर कल दोपहर 12 बजे अपना नामांकन दाखिल करने वाले हैं। अगस्त में उनका राज्यसभा का कार्यकाल खत्म भी हो रहा है।
    जयशंकर के अलावा, गुजरात से राज्यसभा सांसद दिनेश जेमलभाई अनावडीया और लोखंडवाला जुगल सिंह का भी कार्यकाल 18 अगस्त को खत्म होने वाला है। कांग्रेस ने गुजरात राज्यसभा चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया है साथ ही कांग्रेस ने कहा कि वह इस बार चुनाव में हिस्सा नहीं लेगी क्योंकि राज्य विधानसभा में उसके पास ज्यादा सीटें भी नहीं हैं। गुजरात में कांग्रेस अध्यक्ष मनीष दोषी ने बताया है कि पार्टी ने पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में अच्छे आंकड़े भी हासिल नहीं किए हैं इसलिए इस बार फैसला लिया है कि आने वाले राज्यसभा चुनाव में पार्टी हिस्सा नहीं लेने वाली।
    किन राज्यों में होना है राज्यसभा चुनाव
    देश के तीन राज्यों की कुल 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है उनमें गुजरात, गोवा और पश्चिम बंगाल शामिल है। पश्चिम बंगाल की 6, गोवा की 1 और गुजरात की तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव है।
     गोवा में विनय तेंदुलकर का कार्यकाल 28 जुलाई को खत्म हो रहा है वहीं, डेरेक ओ ब्रायन, डोला सेन, सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रे, प्रदीप भट्टाचार्य और शांता छेत्री का कार्यकाल 18 अगस्त को समाप्त होने वाला है।
    राज्यसभा चुनाव में शामिल होने के लिए उम्मीदवार 13 जुलाई तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं और अगर कोई अपना नाम वापस लेना चाहता है तो उसके पास 17 जुलाई तक का समय होने वाला है। चुनाव के लिए 6 जुलाई को नोटिफिकेशन जारी किया गया था और इसके बाद 24 जुलाई को मतदान होगा और इसी दिन मतगणना भी होनी है।
    राज्यसभा सदस्य चुनने के लिए राज्यों की विधानसभा के सदस्य वोट करते हैं लेकिन विधान परिषद के सदस्य इसमें भाग नहीं ले सकते और नामांकन दाखिल करने के लिए उम्मीदवार के पास 10 सदस्यों की सहमति होना भी जरूरी होता है।
    राज्यसभा चुनाव की वोटिंग का फॉर्मुला राज्यों से जुड़ा हुआ होता है। किसी राज्य की जितनी राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है, उसमें 1 जोड़कर उस राज्य की कुल विधानसभा सीटों से भाग दिया जाता है और इसके बाद जो संख्या आती है, उसमें फिर 1 जोड़ दिया जाता है। इसके बाद जो संख्या आएगी, उम्मीदवार को जीत के लिए उतने वोटों की जरूरत होती है।

  • Shimla Heavy Rainfall : शिमला में नदियां मचा रही हैं तबाही, नदियों की खौफनाक लहरों में मकान, दुकान, पुल, कारें, होटल गये बह गये !

    हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता से मूसलाधार वर्षा हो रही है। राजधानी शिमला समेत राज्य के ज्यादातर हिस्सों में  पिछले तीन दिन से आफत की बारिश बरस रही है। पहाड़ दरक रहे हैं और नदियों में सुनामी आयी हैं। नदियों की शक्तिशाली लहरें  मिट्टी, सड़क, मकान, दुकानें, पुल, कारें यहां तक बड़े-बड़े होटल तिनके की तरह बहे जा रहे हैं।

    जगह-जगह बारिश से भूस्खलन की घटनाओं से कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। मनाली में कुदरत के कहर की जो तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं वो किसी प्रलय से कम नहीं है। मनाली में सबसे ज्यादा तबाही देखने को मिल रही है। यहां नदी किनारे बना तीन मंजिला होटल पानी में बह गया।

    मंडी का एकं खौफनाक वीडियो सामने आया है। यहां के थुनाग इलाके में पहाड़ से बड़े बड़े पेड़, मलबा पत्थर मिट्टी के साथ बहकर सड़क पर आ गया है। इस दौरान लोगों में भगदड़ मच गई। मंडी में सुकेती पर बना पुल बह गया। पंडोह में बाजार डूबा है। यहां 100 साल पुराना लाल पुल बह गया है। 

    लगातार भारी बारिश के बाद ब्यास नदी में आए उफान के कारण मंडी का पंचवक्त्र मंदिर पानी में डूब गया है। बारिश के चलते चंबा में भूस्खलन और बाढ़ के कारण रास्ता बंद हो गये हैं।  चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन और बाढ़ के कारण अवरुद्ध है।

    कुल्लू के कसोल इलाके में 25 लोगों का रविवार को रेस्क्यू हुआ। करीब 20 से 21 लोग किसान भवन कुल्लू में फंसे थे। जो  चारों तरफ से नदियों से घिरा हुआ था। वहां के हालात देखते हुए ग्राउंड रेस्क्यू मुश्किल था। इसके बाद होम गार्ड टीम ने रेस्क्यू किया। इन्हें दूसरे छोर पर पहुंचाया गया और सभी सुरक्षित है। 

    मनाली-लेह राजमार्ग के समानांतर बहने वाली ब्यास नदी इस समय उग्र स्थिति में है। इसने अपना मार्ग बदल लिया है और अब मुख्य सड़क के किनारे बह रही है, जिसके परिणामस्वरूप इसके मार्ग में महत्वपूर्ण विनाश हुआ है। भारी बारिश के कारण हिमाचल सड़क परिवहन निगम की 403 बसें विभिन्न स्थानों पर फंस गई हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार, बिलासपुर, शिमला, सिरमौर, कुल्लू, मंडी, सोलन, किन्नौर, लाहौल स्पीति में बारिश का कहर अभी जारी रहेगा। यहां भारी से अत्यधिक बारिश हो रही है।

     

  • Supreme Court: ‘एकदूसरे को खुलेआम इतना प्यार ना दिखाएं

    Dushyant Dave-Tushar Mehta: अक्सर अदालतों में अपने मुवक्किल का पक्ष रखते हुए वकीलों में बहस हो जाती है,लेकिन कभी-कभी यह बहस कुछ ज्यादा ही बढ़ जाती है. ऐसा ही एक वाकिया सोमवार (11 जुलाई, 2023) को सुप्रीम कोर्ट में देखने को मिला. उत्तर प्रदेश सरकार की बुलडोजर कार्रवाई को लेकर चल रहे एक मामले में अपना पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और सीनियर एडवोकेट दुष्यंत दवे के बीच जोरदार बहस हो गई. दोनों वकीलों के बीच बहस बढ़ती देख कोर्ट ने चुटकी लेते हुए कहा कि ‘आप खुलेआम एक-दूसरे के लिए इतना प्यार मत दिखाया कीजिए.

    सुप्रीम कोर्ट में क्यों की ये टिप्पणी
    बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की सुनवाई जस्टिस बीआर गवई और जेबी पारदिवाला की बेंच कर रही थी. इस दौरान, वकीलों में बहस शुरू हो गई और जब माहौल गरमाने लगा तो कोर्ट ने कहा, “आप दोनों एक-दूसरे के लिए इतना प्यार और स्नेह मत दिखाया कीजिए. हमारा आपसे बस ये एक आग्रह है.” 

    दोनों के बीच क्यों हो गई थी बहस
    दुष्यंत दवे ने कोर्ट में कहा कि इस समय बुलडोजर कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी का ट्रेंड बन गया है. इस दौरान, उनकी आवाज थोड़ी ऊंची हो गई. इस पर तुषार मेहता ने कहा कि वह दवे की तरह चिल्ला नहीं सकते हैं.

    एसजी ने आगे कहा कि बिना तैयारी के ऐसे दावे करना गलत है और कोर्ट को इस पर ध्यान नहीं देना चाहिए क्योंकि वह अपनी हताशा की वजह से इस तरह की बातें कर रहे हैं. दवे ने जवाब देते हुए कहा, “मेरे दोस्त मिस्टर मेहता मुझे 40 सालों से जानते हैं और फिर भी वह इस बात को नहीं मान रहे कि मैं ऊंची-आवाज में ही बात करता हूं. वह बार-बार कहते हैं कि मैं चिल्लाता हूं.” दोनों वकीलों के बीच हो रही इस बहस पर कोर्ट की ओर से यह टिप्पणी आई है. इसके बाद वहां मौजूद एक और वकील संजय हेगडे ने कहा कि कोर्ट के बाहर भी वर्बल बुलडोजर रख दिया जाना चाहिए.

    इस मामले में हो रही थी सुनवाई
    सुप्रीम कोर्ट जमियत उलमा-ई-हिंद की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. इसमें प्रयागराज में कई लोगों पर हुई यूपी सरकार की बुलडोजर कारर्वाई को चुनौती दी गई थी. याचिका में कहा गया की एक टीवी डिबेट में पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी को लेकर बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों की प्रॉपर्टी को बुलोडजर से गिरा दिया गया.