Category: national

  • Manipur Violence: सर्वदलीय बैठक के बाद अमित शाह ने की पीएम मोदी से मुलाकात

    मणिपुर में पिछले करीब दो महीने से जारी हिंसा को लेकर विपक्ष मोदी सरकार पर लगातार हमलावर है. इसे लेकर जारी हंगामे के बीच गृहमंत्री अमित शाह ने सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें मणिपुर हिंसा को लेकर जानकारी दी गई. अब इस बैठक के बाद गृहमंत्री शाह ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की है. बताया गया है कि इस मुलाकात के दौरान गृहमंत्री ने पीएम मोदी को मणिपुर हिंसा और मौजूदा हालात की जानकारी दी. 

    अमित शाह ने बुलाई थी सर्वदलीय बैठक 
    पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की ये मुलाकात सर्वदलीय बैठक के बाद हुई है, जिसमें तमाम दलों ने मणिपुर हिंसा को लेकर सरकार से सवाल पूछे, इस दौरान अमित शाह ने सभी को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए थे, उनके ही मार्गदर्शन में पूरा काम हो रहा है. इस बैठक में 18 राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया. 

    सीएम बीरेन सिंह के साथ मुलाकात
    इसके अलावा गृहमंत्री अमित शाह ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह से भी दिल्ली में मुलाकात की, काफी देर तक चली इस मुलाकात में मणिपुर में मौजूदा हालात पर चर्चा हुई. इस मुलाकात के ठीक बाद मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने ट्विटर पर बताया कि गृहमंत्री शाह की निगरानी में राज्य और केंद्र सरकार की कोशिशों के बाद अब हिंसा पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है. सीएम सिंह ने दावा किया कि 13 जून के बाद से राज्य में हिंसा से किसी की भी मौत नहीं हुई है. 

    विपक्ष दाग रहा सवाल
    करीब दो महीने से चल रही इस हिंसा को लेकर पिछले कई दिनों से विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर है. विपक्ष ने पीएम मोदी की अमेरिकी और मिस्र यात्रा का भी विरोध किया, उनका कहना था कि देश का एक हिस्सा जल रहा है और पीएम मोदी विदेश यात्रा पर निकल पड़े हैं. विपक्ष के तीखे सवालों के बीच सरकार एक्टिव मोड में नजर आई और आखिरकार सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, वहीं अब पीएम मोदी को पूरी जानकारी दी गई है. मणिपुर में जारी हिंसा में अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं हजारों लोगों को विस्थापित होना पड़ा है. 

  • जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र हेतु आधार जरूरी नहीं

    देश: आधार कार्ड हमारी पहचान है यह भारत सरकार द्वारा हमें मुहैया करवाई गई एक वैलिड आईडी है। वहीं अब केंद्र सरकार ने रजिस्ट्रार जनरल के कार्यालय (RGI) देश में जन्म और मृत्यु के पंजीकरण के दौरान आधार प्रमाणीकरण करने की अनुमति दे दी है। बीते दिन जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि अब जन्म और मृत्यु के प्रमाण हेतु आधार का उपयोग किया जा सकेगा। लेकिन पंजीकरण हेतु आधार उपयोगी नहीं होगा। 

    जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 के मुताबिक़ – नियुक्त रजिस्ट्रार को रिपोर्टिंग फॉर्म जन्म या मृत्यु में मांगे गए अन्य विवरणों के साथ एकत्र किए जा रहे आधार नंबर के सत्यापन के लिए स्वैच्छिक आधार पर हां या नहीं आधार प्रमाणीकरण करने की अनुमति दी जाएगी। मामला जन्म के मामले में बच्चे, माता-पिता और सूचना देने वाले की पहचान स्थापित करने के उद्देश्य से हो सकता है और जन्म और मृत्यु के पंजीकरण के दौरान प्रदान किए गए मामले में माता-पिता, पति या पत्नी और सूचना देने वाले की पहचान स्थापित करने के उद्देश्य से हो सकता है। 

    राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन आधार प्रमाणीकरण के उपयोग के संबंध में मंत्रालय द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन करेंगे. साल 2020 में मंत्रालय ने नियमों को अधिसूचित किया, जिसमें कहा गया कि केंद्र सरकार सुशासन, सार्वजनिक धन के फ्लो को रोकने और जीवन में आसानी को बढ़ावा देने के लिए संस्थाओं से अनुरोध करके आधार प्रमाणीकरण की अनुमति दे सकती है

  • संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों में महिलाओं की भागीदारी पर बैठक की तैयारी

    संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा प्रमुख जीन-पियरे लैक्रोइक्स दिसंबर में घाना में होने वाली मंत्रिस्तरीय बैठक संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा में महिलाएं के लिए बांग्लादेश में तैयारी करने जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के उप प्रवक्ता फरहान हक ने शुक्रवार को कहा कि 5 दिसंबर से अकरा में शुरू होने वाले दो दिवसीय संयुक्त राष्ट्र मंत्रिस्तरीय सत्र से पहले ढाका सम्मेलन ऐसी चार बैठकों में से पहली है। ढाका बैठक 26 जून (सोमवार) को समाप्त होगी।

    समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक हक ने कहा कि बांग्लादेश, कनाडा और उरुग्वे द्वारा सह-आयोजित तैयारी सत्र में सेना और पुलिस योगदान देने वाले देशों के प्रतिनिधियों और संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना विशेषज्ञों को सुनना है, जो संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना में महिलाओं की सार्थक भागीदारी को बढ़ावा देने और लिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रगति, चुनौतियों और अच्छी प्रथाओं पर चर्चा करेंगे।

    उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से, अवर महासचिव लैक्रोइक्स 27 जून-3 जुलाई के बीच संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के लिए देशों के समर्थन पर बैठक करने को नेपाल व भूटान जाएंगे।

  • Barack Obama Remarks: भारत के मुस्लिमों का सऊदी, UAE और मिस्र से क्या लेना देना?

    Asaduddin Owaisi On Nirmala Sitharaman: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर उनके भारत के मुसलमानों की सुरक्षा पर दिए गए बयान को लेकर निशाना साधा था. अब वित्त मंत्री के इस बयान पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (AIMIM) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार (26 जून) को पलटवार किया.  

    महाराष्ट्र के अमरावती में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा, “हमारी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर उनके भारतीय मुसलमानों के अधिकारों को लेकर दिए गए बयान को लेकर निशाना साधा. वित्त मंत्री ने कहा कि आपके (ओबामा के) कार्यकाल में आपने कई मुस्लिम देशों में बमबारी की थी. पीएम मोदी को 13 देशों ने अपने शीर्ष राजकीय सम्मान से सम्मानित किया है. जिनमें से छह मुस्लिमों बहुल देशों ने पीएम को इन पुरस्कारों से नवाजा है.”

    दूसरे देशों के मुसलमानों पर ओवैसी का बयान

    उन्होंने कहा, “इन देशों में सऊदी अरब, यूएई, मिस्र और अन्य देश शामिल हैं तो मैं अपनी वित्त मंत्री साहिबा को बताना चाहता हूं कि मैडम अमरावती और भारत के मुसलमानों का सऊदी अरब के पीएम-राष्ट्रपति से कोई कनेक्शन नहीं है. अमरावती के मुसलमान का यूएई के राष्ट्रपति से कोई रिश्ता नहीं है. मिस्र के सीसी से हमें कोई मतलब नहीं है. अब आप एंटी नेशनल बात कर रही हो. भारत के 20 करोड़ मुसलमानों को इरान, यूएई, मिस्र, इरान के नेताओं और मुसलमानों से क्या करना.”

    ओवैसी का RSS को लेकर बयान

    ओवैसी ने आगे कहा, “हम भारतीय मुस्लिम हैं. वहां पर बादशाहत है मैडम लेकिन यहां पर अंबेडकर का बनाया हुआ संविधान है. आप भारत के मुसलमानों को इन देशों से जोड़ रही हो. अब आरएसएस वाले कहते हैं कि ओवैसी तुम उस मुल्क में चले जाओ. अब इनको कौन बताए कि हमने 1947 में फैसला ले लिया था कि हम भारत में रहेंगे. ये हमारी सरजमीं है. जहां पर हमारे पूर्वजों ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, फांसी पर चढ़ गई. काला पानी की सजा भुगती. हमने भारत को पसंद को किया. हमारी वफादारी की निशानियां भारत के कब्रिस्तान में नजर आएंगी.”

  • Rajnath Singh On Congress: ‘कांग्रेस ने किया था लोकतंत्र का गला घोंटने का काम

    Rajnath Singh Slams Congress: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के इस दावे की कड़ी आलोचना की कि लोकतंत्र खतरे में है. उन्होंने सवाल किया कि राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ में उनकी (कांग्रेस) सरकारें कैसे हैं? Rajnath Singh Slams Congress: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के इस दावे की कड़ी आलोचना की कि लोकतंत्र खतरे में है. उन्होंने सवाल किया कि राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ में उनकी (कांग्रेस) सरकारें कैसे हैं?

    उन्होंने यह भी कहा कि आपातकाल को हमेशा एक काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा, जब लाखों नेताओं को उठाकर जेल में डाल दिया गया था. आपातकाल के दौर को याद करते हुए उन्होंने कहा, ”मैं भी उस वक्त एक जिले में जिला अध्यक्ष के तौर पर काम करता था. उस वक्त मेरी उम्र 23 साल थी. मुझे ढाई महीने तक जेल में आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था. 16 महीने जेल में रहने के बाद मैं बाहर आया.”

    विपक्ष की बैठक को लेकर क्या बोले राजनाथ?

    उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों पर हमला बोलते हुए कहा, ”पीएम मोदी को किसी भी कीमत पर सत्ता से हटाने के एजेंडे के साथ विपक्षी दलों की बैठक बुलाई गई थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी दुनिया में देश का सम्मान बढ़ाया है. अर्थव्यवस्था के मामले में 2014 में 11वें स्थान पर आने वाला भारत आज दुनिया में पांचवें स्थान पर है.”

    इसी दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्षी एकजुटता पर कहा, ”एक शायर ने कहा- जुगनुओं ने शराब पी ली है, अब वो सूरज को भी गाली देंगे. ऐसे ही विपक्षी दलों को सत्ता का नशा चढ़ गया है, इसलिए वो पीएम मोदी के खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं. सच्चाई यह है कि लोकतंत्र का गला घोंटने का काम तो कांग्रेस ने किया था. साल 1975 में आपातकाल लगाया गया और लोगों को जेलों में डाला गया.”  

    मोदी सरकार की योजनाओं की सराहना 

    उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की योजनाओं की सराहना की, जिसमें हर घर में नल का पानी, मुफ्त राशन और अन्य कल्याणकारी योजनाएं शामिल हैं. उन्होंने कहा, “बीजेपी जो कहती है, वह करती है. हमने अनुच्छेद 370 को खत्म करने का वादा किया था और हमने किया और अब जम्मू-कश्मीर में तिरंगा फहराया जा रहा है.”

  • Unifrom Civil Code: पर्सनल लॉ के तहत मुस्लिमों को मिली हैं क्या छूट

    Unifrom Civil Code: लोकसभा चुनाव के पहले देश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बहस तेज हो गई है. पीएम मोदी के एक बयान के बाद इस बात की चर्चा उठने लगी है कि क्या केंद्र सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी में है. पीएम मोदी ने भोपाल में बीजेपी के बूथ कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि एक घर में दो नियम हो तो क्या घर चल पाएगा? ऐसे में दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चलेगा? 

    पीएम मोदी के बयान के बाद सिसासी घमासान शुरू हो गया है. विपक्ष ने इसे ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है. वहीं, मुसलमानों की सबसे बड़ी संस्था ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बैठक बुलाई, जिसमें इस मसले पर चर्चा की गई. बैठक में यूसीसी को लेकर एक ड्राफ्ट बनाने का फैसला लिया गया है, जिसे विधि आयोग को सौंपा जाएगा. ड्राफ्ट में शरीयत के जरूरी हिस्सों का जिक्र होगा. आइए समझते हैं, पर्सनल लॉ के तहत मुसलमानों को क्या छूट मिली है. यूसीसी के आने से क्या असर होगा, जिन्हें लेकर मुसलमान पशोपेश में हैं.

    यूसीसी से मुसलमानों को क्या दिक्कत?

    शादी- भारत में मुसलमान पुरुषों को चार शादी की इजाजत है. एक धारणा है कि मुस्लिम पुरुष ज्यादा शादियां करते हैं, लेकिन भारतीय मुसलमानों में एक से अधिक शादी का चलन हिंदुओं या दूसरे धर्मों की तरह ही है. हालांकि, 1961 के बाद से जनसंख्या के दौरान बहुविवाह के आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं. इस बारे में नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस) का ही डेटा अब मौजूद है. 2019-21 के दौरान एनएफएचएस-5 का डेटा कहता है 1.9 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं ने माना है कि उनकी पति के दूसरी पत्नियां हैं. 1.3 प्रतिशत हिंदू और अन्य धर्मों की 1.6 प्रतिशत महिलाओं ने पत्नि की दूसरी पत्नी की बात स्वीकार की है. इससे पता चलता है कि मुसलमानों भी अब चार शादी के पक्षधर नहीं है, लेकिन वो शरीयत में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं चाहते, इसलिए वे यूसीसी के खिलाफ हैं.

    तलाक- मुसलमानों में तलाक को लेकर अपना शरिया कानून है. शरीयत में इस बारे में विस्तार से है, जिसके तहत मुसलमानों को पर्सनल लॉ में छूट मिली है. शरिया तलाक का कानून, भारत में मौजूद दूसरे धर्मों के कानून या स्पेशल मैरिज एक्ट से अलग है.

    विरासत- मुस्लिम महिलाओं को विरासत में हिस्से का अधिकार इस्लाम के आगमन के साथ ही है, लेकिन उनके बंटवारे का हिसाब-किताब अलग है. मौजूदा दौर में हिंदुओं का विरासत कानून अलग है. हिंदुओं में बेटा और बेटी को संपत्ति में बराबर का अधिकार दिया गया है. मुसलमानों को इस मामले में हस्तक्षेप का डर बना हुआ है.

    गोद- इस्लाम में गोद लेने की इजाजत नहीं है. भारत में गोद लेने का अधिकार है, लेकिन पर्सनल लॉ के कारण मुसलमानों को इस कानून से बाहर रखा गया है. इस वजह से कोई बेऔलाद शख्स किसी बच्चे या बच्ची को गोद नहीं ले सकता है.

    शादी की उम्र- भारत में लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 18 साल रखी गई है, जबकि पर्सनल लॉ में मुस्लिम लड़की के लिए 15 साल के बाद शादी की अनुमति दी गई है. यहां एक समस्या है, भारत में बाल विवाह निषेध अधिनियम भी है, जो नाबालिग लड़कियों की शादी किए जाने को अपराध बताता है. इसी साल मार्च में सुप्रीम कोर्ट के सामने ऐसा ही मामला उठ चुका है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने विचार करने को कहा था.

  • N Biren Singh On Resignation: क्या मणिपुर के मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देंगे एन बीरेन सिंह?

    Manipur CM Biren Singh Resigns News: मणिपुर में जारी हिंसा के बीच मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह (N Biren Singh) के इस्तीफा देने की चर्चा तेज हो गई है. शुक्रवार (30 जून) को इंफाल में मुख्यमंत्री के आवास और गवर्नर हाउस के बाहर बीरेन सिंह के समर्थक जमा हो गए. इस बीच सोशल मीडिया पर एक रिजाइन लेटर वायरल हो रहा है जिसमें लिखा है कि मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं.

    ये रिजाइन लेटर फटा हुआ है. मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने अपने आवास के बाहर एकत्रित लोगों से मुलाकात भी की है. ये लोग एन बीरेन सिंह से इस्तीफा न देने की बात कह रहे थे. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के अनुसार, एन बीरेन सिंह को उनके समर्थकों ने उस समय रोक दिया था जब वह अपना इस्तीफा सौंपने के लिए इंफाल में गवर्नर हाउस जा रहे थे. 

    मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने किया ट्वीट

    इसी बीच बीरेन सिंह ने ट्वीट किया कि इस महत्वपूर्ण समय पर मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दूंगा. इससे पहले मणिपुर के स्थानीय लोगों ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा कि हम नहीं चाहते कि सीएम इस्तीफा दें, उन्हें इस्तीफा नहीं देना चाहिए. वह हमारे लिए बहुत काम कर रहे हैं. हम सीएम को समर्थन दे रहे हैं. हम 2 महीने से उथल-पुथल की स्थिति में हैं. 

    “हमें सीएम पर भरोसा”

    लोगों ने कहा कि हम उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जब भारत सरकार और मणिपुर सरकार इस संघर्ष को लोकतांत्रिक तरीके से हल 

  • PM Modi in Bhopal: पीएम मोदी ने भोपाल में कार्यकर्ताओं को दिया ‘बूथ विजय’ का मंत्र

    PM Modi Speech in Bhopal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भोपाल पहुंचकर एक साथ 5 वंदे भारत ट्रेनों की सौगात दी. रानी कमलावती रेलवे स्टेशन से चलने वाली इन सभी वंदे भारत ट्रेनों को पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाई. इसके बाद पीएम मोदी कमला नेहरू स्टेडियम में आयोजित ‘मेरा बूथ, सबसे मजूबत कार्यक्रम’ में पहुंचे, जहां वे बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे हैं.

  • राहुल गांधी को मणिपुर जाने से रोका गया

    देश: कांग्रेस नेता राहुल गाँधी को मणिपुर पुलिस ने रोक दिया है। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी इंफाल पहुंचने के बाद चुराचांदपुर के लिए रवाना हुए थे। पुलिस ने हिंसा के भय से उन्हें रोका है। हालाकि कांग्रेस इसको दुर्भाग्यपूर्ण बता रही है कांग्रेस  का कहना है मोदी सरकार की यही नीति है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट कर लिखा- It is most unfortunate that the Modi Govt is preventing RahulGandhi from visiting relief camps and interact with the people outside Imphal. His 2-day visit to Manipur is in the spirit of the Bharat Jodo Yatra. The Prime Minister may choose to remain silent or be inactive but why stop  Rahul Gandhi’s efforts to listen to all sections of the Manipuri society and provide a healing touch?

    कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा – राहुल गांधी जी मणिपुर हिंसा के पीड़ितों से मिलने जा रहे थे। BJP सरकार ने पुलिस लगाकर उन्हें रास्ते में रोक दिया। राहुल जी शांति का संदेश लेकर मणिपुर गए हैं। सत्ता में बैठे लोगों को शांति, प्रेम, भाईचारे से सख्त नफरत है। लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए… ये देश गांधी के रास्ते पर चलेगा, ये देश प्यार के रास्ते पर चलेगा।

  • Barack Obama Interview: हिमंता बिस्व सरमा बोले- ‘भारत में कई हुसैन-ओबामा हैं’ तो कांग्रेस ने दिया ये जवाब

    Barack Obama Interview: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के दिए गए इंटरव्यू को लेकर तंज कसते हुए कहा कि भारत में भी कई ऐसे लोग हैं. ‘‘क्या असम पुलिस भारत में अल्पसंख्यकों की कथित असुरक्षा पर टिप्पणी के लिए पूर्व अमेरिकी प्रेसिडेंट बराक ओबामा को गिरफ्तार करेगी’’, इस पर सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सीएम हिमंता बिस्व सरमा ने दावा किया भारत में कई हुसैन ओबामा है. इन लोगों से निपटना उनकी प्राथमिकता होगी. 

    उन्होंने कहा कि असम पुलिस अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार कार्रवाई करेगी. सरमा ने ट्विटर पर लिखा, “भारत में ही कई हुसैन ओबामा हैं. वाशिंगटन जाने के बारे में विचार करने से पहले हमें उन पर गौर करने को प्राथमिकता देनी चाहिए.असम पुलिस अपनी प्राथमिकताओं के आधार पर कार्रवाई करेगी.”” 

    क्या सवाल किया गया?
    ट्वीट में पूछा गया था कि क्या असम पुलिस पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने के लिए अमेरिका जाएगी? लिखा गया कि भावनाएं आहत करने के लिए क्या ओबामा के खिलाफ गुवाहाटी में अभी तक कोई एफआईआर दर्ज की गई है? क्या असम पुलिस ओबामा को किसी उड़ान से उतारने और गिरफ्तार करने के लिए वाशिंगटन जा रही है?

    पवन खेड़ा और जिग्नेश मेवानी का हुआ जिक्र
    सवाल असम में विपक्षी नेताओं के खिलाफ शिकायत को लेकर था. देश के विभिन्न हिस्सों में उनकी टिप्पणियों को लेकर असम में एफआईआर दर्ज की गई हैं. इनमें फरवरी में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को फ्लाइट से उतारना और उन्हें गिरफ्तार करना. पिछले साल गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी को भी अरेस्ट किया गया था.  

    कांग्रेस ने क्या कहा?
    सरमा पर पलटवार करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, ”मेरे दोस्त बराक अब हुसैन ओबामा हो गए. हिमंत ने वो जवाब दिया जो कि पीएम मोदी से व्हाइट हाउस में किया गया था. उनका यह आग्रह – राष्ट्रपति ओबामा एक मुस्लिम हैं और भारतीय मुसलमानों को सबक सिखाया जाना चाहिए. इस पर पीएम, विदेश मंत्रालय और भारत सरकार का क्या कहना है.”

    बराक ओबामा ने क्या कहा था?
    न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक ओबामा ने सीएनएन को दिए इंटरव्यू में कहा था, “यदि (अमेरिकी) राष्ट्रपति प्रधानमंत्री मोदी से मिलते हैं तो हिंदू बहुसंख्यक भारत में मुस्लिम अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का उल्लेख करना उचित है. अगर मेरी प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत हुई, जिन्हें मैं अच्छी तरह से जानता हूं, तो मेरे तर्क का एक हिस्सा यह होगा कि यदि आप भारत में जातीय अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा नहीं करते हैं तो इस बात की प्रबल संभावना है कि हिंदुस्तान किसी बिंदु पर अलग-थलग होने लगेगा.