Category: national

  • कनाडा में खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की गोली मारकर हत्या

    कनाडा में ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के पंजाबी बहुल सरे में स्थित गुरु नानक सिख गुरुद्वारे में खालिस्तान समर्थक नेता हरदीप सिंह निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह सरे में गुरु नानक सिख गुरुद्वारा का अध्यक्ष था।

    निज्जर अलगाववादी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) से जुड़ा था, जो भारत में प्रतिबंधित है।

    उसने ब्रैम्पटन शहर में खालिस्तान जनमत संग्रह कराने में अहम भूमिका निभाई थी।

    राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इससे पहले निज्जर के खिलाफ कथित तौर पर आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोप में आरोपपत्र दायर किया था।

    भारत ने कनाडा के अधिकारियों से पंजाब में आतंकवादी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के लिए निज्जर के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था।

  • क्या हनुमान जी बहरे थे, लगता तो यही है

    देश : फिल्म आदिपुरुष रिलीज के दिन से ही विवादों में घिरी हुई है। हनुमान के डायलोग को लेकर हिन्दू समाज जमकर फिल्म का विरोध कर रहा है। लेखक मनोज शुक्ला की हर तरह आलोचना हो रही है। लोग फिल्म की भाषा को टपोरी भाषा से कम्पेयर कर रहे हैं। वही अब इस बीच भगवान हनुमान को लेकर डायरेक्ट ओम राउम (Om Raut) का एक पुराना ट्वीट जमकर वायरल हो रहा है। ट्वीट में डायरेक्ट ओम राउम (Om Raut) पूछते दिख रहे है क्या हनुमान जी बहरे थे। 

    डायरेक्ट ओम राउम (Om Raut) के इस ट्वीट को लेकर खूब बवाल मचा हुआ है। डायरेक्ट ओम राउम (Om Raut)  ने यह ट्वीट 4 अप्रेल 2015 को हनुमान जयंती के दौरान किया था। उन्होंने लिखा क्या हनुमान जी बहरे थे जो यह लोग इतनी तेज म्यूजिक बजा रहे हैं हमारी बुल्डिंग के लोगों की हरकत देखकर यही प्रतीत होता है। डायरेक्ट ओम राउम (Om Raut) के ट्वीट पर यूजर्स कह रहे हैं अब तुम इसका बदला आदिपुरुष जैसी फिल्म बनाकर लोगे क्या?

    जानकारी के लिए बता दें फिल्म आदिपुरुष ने अभी तक सिर्फ हिंदी वर्जन 36-38 करोड़ रुपए और बाकी भाषाओं से 90 करोड़ रुपए का कलेक्शन कर लिया है. जिसके बाद ये KGF 2 और ‘पठान’ के बाद तीसरी सबसे बड़ी ओपनिंग वाली हिंदी फिल्म बन चुकी है.

  • दो विषयों में एक साथ हो सकेगी पीएचडी, नियम न मानने वाले संस्थानों की मान्यता होगी रद्द

    देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र एक से अधिक विषय में एक साथ पीएचडी कर सकेंगे। दरअसल नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत छात्रों को यह अवसर दिया जा रहा है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के आधार पर पीएचडी जैसे महत्वपूर्ण रिसर्च पाठ्यक्रमों में यह बदलाव किया गया है। यूजीसी के मुताबिक छात्र अंतर्विषयक (इंटरस्पिलिनरी) में दो या दो से अधिक शैक्षणिक विषयों में पीएचडी की रिसर्च कर सकेंगे।

    विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी कि यूजीसी ने बताया कि छात्र इसी वर्ष यानी शैक्षणिक सत्र 2023- 24 से ही एक साथ दो विषयों में पीएचडी करने का लाभ उठा सकेंगे। यह नियम इसी वर्ष से लागू होने जा रहा है।
    इस संदर्भ में यूजीसी ने देश के सभी विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षण संस्थानों को पीएचडी के नए नियमों से अवगत करा दिया है। यूजीसी द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद अब इस वर्ष विश्वविद्यालयों में नए नियमों के आधार पर ही दाखिले लिए जाएंगे। यूजीसी ने इसके लिए कई प्रावधान भी बनाए हैं। प्रावधानों का पालन न करने पर उच्च शिक्षण संस्थानों व डिग्री दोनों की ही मान्यता रद्द की जा सकती है।

    यूजीसी के मुताबिक छात्र जिस विभाग में पंजीकरण कराएंगे, पीएचडी की डिग्री में उसी विषय का नाम अंकित होगा। जबकि दूसरे विषयों के शोध में मदद के लिए छात्रों को सुपरवाइजर और क्रेडिट दिए जाएंगे। इस प्रकार के पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियम तय किए गए हैं। यूजीसी ने एक स्थायी समिति भी गठित की है। इस स्थाई समिति का मूल उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की नियुक्ति और पीएचडी डिग्री प्रदान करने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करना है। यह स्थाई समिति नियमों का पालन न करने वाले उच्च शिक्षण संस्थानों की शिकायत यूजीसी से कर सकती है। समिति यूजीसी से ऐसे शिक्षण संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश भी कर सकती है।

    यूजीसी ने इस विषय में जानकारी देते हुए बताया कि स्थायी समिति विशिष्ट संस्थानों का चयन, संकाय नियुक्तियों और पीएचडी डिग्री पुरस्कारों पर जानकारी एकत्रित करेगी। साथ ही यह समिति यहां इन संस्थानों में यूजीसी नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए दस्तावेज को सत्यापित भी करेगी। इसके अलावा कई विश्वविद्यालय कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के आधार पर पीएचडी का दाखिला देने का नियम बना चुके हैं। इनमें दिल्ली विश्वविद्यालय भी शामिल है।

    गौरतलब है कि दिल्ली विश्वविद्यालय समेत सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में सभी अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के दाखिले सीयूईटी से हो रहे हैं। इस फैसले को आगे बढ़ाते हुए विश्वविद्यालय ने पहले पोस्ट ग्रेजुएट के लिए सीयूईटी को अनिवार्य किया और अब पीएचडी प्रोग्राम में भी कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर एडमिशन देने का फैसला लिया है। हालांकि दिल्ली विश्वविद्यालय में कार्यरत टीचिंग और नॉन-टीचिंग कर्मचारी पीएचडी दाखिले के लिए सीधे साक्षात्कार दे सकते हैं।

    दरअसल दिल्ली विश्वविद्यालय नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की मदद से यह कदम उठाने जा रहा है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी पीएचडी के लिए शैक्षणिक वर्ष 2023-24 से सीयूईटी परीक्षाएं आयोजित करेगा। इन परीक्षाओं को ‘सीयूईटी पीएचडी’ का नाम दिया जाएगा। इस वर्ष उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आने वाले नए सत्र से क्रांतिकारी बदलाव आने रहे हैं। उच्च शिक्षा से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले के तहत यूनिवर्सिटी के अंडर ग्रेजुएट छात्र एक साथ 2 कोर्स में दाखिला ले सकेंगे। सरकारी तौर पर इस योजना को मंजूरी मिल चुकी है। वहीं देशभर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने भी इस योजना को अपनी मंजूरी दे दी है। केंद्रीय विश्वविद्यालयों की स्वीकृति के बाद यहां पढ़ने वाले छात्र दूसरे कोर्स में एडमिशन लेने के लिए ऑफलाइन पढ़ाई भी कर सकेगें। छात्रों के पास विकल्प होगा कि वे एक कोर्स ऑफलाइन रेगुलर कक्षाओं के जरिए और दूसरा कोर्स डिस्टेंस लनिर्ंग सिस्टम के माध्यम से कर सकते हैं।

    शिक्षाविद जीएस कांडपाल के मुताबिक सेंट्रल विश्वविद्यालयों को दो कोर्स एक साथ कराने व ऑनलाइन कोर्स से जुड़ने की स्वतंत्रता नई शिक्षा नीति प्रदान करती है। यह नई शिक्षा नीति ही है जिसके अंतर्गत देश भर के छात्र एक साथ दो डिग्री कार्यक्रम पूरा कर सकते हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी ने इसके लिए नए प्रावधान तैयार किए हैं। यूजीसी द्वारा बनाए गए नियमों के अंतर्गत देशभर के विश्वविद्यालय अब छात्रों को एक साथ 2 डिग्री लेने की इजाजत दे रहे हैं।

  • राष्ट्रपति मुर्मू व पीएम मोदी ने जगन्नाथ रथ यात्रा पर लोगों को दी बधाई

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और कई अन्य नेताओं ने मंगलवार को पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के पावन अवसर पर लोगों को बधाई दी। राष्ट्रपति ने इस मौके पर सभी देशवासियों, विशेषकर महाप्रभु श्री जगन्नाथ के भक्तों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी।

    उन्होंने भगवान जगन्नाथ के समक्ष प्रार्थना की, कि भक्ति का यह महापर्व सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाए।

    सभी को रथ यात्रा की शुभकामनाएं देते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने एक ट्विटर पोस्ट में कहा, जैसा कि हम इस पवित्र अवसर को मनाते हैं, भगवान जगन्नाथ की दिव्य यात्रा हमारे जीवन को स्वास्थ्य, खुशी और आध्यात्मिक समृद्धि से भर दे।

    रविवार को अपने ‘मन की बात’ संबोधन के दौरान, पीएम मोदी ने कहा था कि रथ यात्रा दुनिया भर में एक अनूठी पहचान रखती है।

    पीएम मोदी ने कहा, जब मैं गुजरात में था तो मुझे अहमदाबाद की रथ यात्रा में शामिल होने का अवसर मिलता था। इन रथ यात्राओं में जिस तरह देश भर से, हर समाज, हर वर्ग से लोग आते हैं, वह अपने आप में अनुकरणीय है। यह आंतरिक विश्वास के साथ-साथ एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना का भी प्रतिबिंब है।

    उन्होंने प्रार्थना की, कि भगवान जगन्नाथ सभी देशवासियों को अच्छे स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद दें।

    इसी तरह, इस पवित्र दिन पर लोगों को बधाई देते हुए, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा, ईश्वर के आशीर्वाद और आपके सहयोग से, आइए हम नए ओडिशा के विकास का मार्ग प्रशस्त करें।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा सनातन धर्म का एक बहुत ही पवित्र त्योहार है, जिसे देश भर के करोड़ों श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा से मनाते हैं। उन्होंने कामना की, रथ यात्रा का यह त्योहार सभी के जीवन में शांति और समृद्धि लाए।

    अन्य नेताओं में, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और अश्विनी वैष्णव ने लोगों को बधाई दी।

  • शिवराज सरकार की अब कर्मचारियों को खुश करने की तैयारी

     मध्य प्रदेश में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ दल भाजपा की शिवराज सरकार द्वारा हर वर्ग को खुश करने की कोशिश की जा रही है। आधी आबादी और किसानों के लिए सरकार कई फैसले कर चुकी है। आने वाले दिनों में कर्मचारी वर्ग को खुश करना भी सरकार का लक्ष्य है।

    राज्य में कर्मचारियों और पेंशनर की संख्या पर गौर किया जाए तो यह संख्या लगभग 14 लाख के आसपास है। इनमें साढ़े सात लाख नियमित कर्मचारी हैं तो साढ़े चार लाख पेंशनर हैं, इसके अलावा सवा दो लाख संविदा कर्मचारी हैं। सरकार इन कर्मचारियों और पेंशनरों को खुश करने की रणनीति पर काम कर रही है। नियमित कर्मचारियों की जहां महंगाई भत्ता बढ़ाने की तैयारी है तो वही पेंशनरों की समस्या का भी निपटारा किया जाना है। इसके अलावा संविदा कर्मचारियों को भी बड़ी सौगात सरकार की ओर से दी जा सकती है। इस पर कर्मचारी कल्याण समिति के माध्यम से विचार-विमर्श जारी है।

    जानकारों की माने तो 14 लाख कर्मचारी, पेंशनर्स और संविदा कर्मचारियों से जुड़े परिवार और उनसे जुड़े मतदाताओं की संख्या 60 लाख के आसपास पहुंच जाती है। लिहाजा, सरकार कर्मचारियों को खुश कर बड़ा सियासी दांव खेलना चाहती है।

    राज्य की शिवराज सिंह चौहान सरकार इससे पहले लाडली बहना के जरिए महिलाओं के बड़े वर्ग को खुश करने में कामयाब हुई है और किसानों को भी सम्मान निधि में बढ़ोतरी कर अपनी तरफ आकर्षित किया है। अब इसी क्रम मे कर्मचारियों को महंगाई भत्ता, पेंशनर्स की अन्य समस्याओं और संविदा कर्मचारियों के लिए कोई फैसला करती है तो चुनावी दांव साबित हो सकता है।

  • आज है राहुल गाँधी का जन्मदिन, ऐसे दी गईं बधाई

    देश: आज कांग्रेस नेता व पूर्व सांसद राहुल गाँधी का जन्मदिन है। राहुल गाँधी को सोशल मीडिया पर जन्मदिन की जमकर बधाई मिल रही हैं। तो आइये जानते हैं आज राहुल गाँधी को किसने किस अंदाज में दी जन्मदिन की बधाई। 

    डी० के० शिवकुमार- 

    Sending warmest birthday wishes to Sri @RahulGandhi Your dedication and commitment to public service is truly inspiring.  May this year bring you immense happiness, good health and more strength to bring positive change.

    Indian Youth Congress-

    ·Warmest birthday greetings to our visionary leader and hope of the nation, Shri  @RahulGandhi ji! Your unwavering commitment to leadership and humility sets an example for us all. May this day bring you immense joy and good health.

    अलका लांबा :

    श्री @RahulGandhi द्वारा की गई “भारत जोड़ो यात्रा” की आपार सफ़लता और हिमाचल के बाद कर्नाटक की एतिहासिक जीत के बाद मैं यह बात पूरे विश्वास के साथ कह सकती हूँ कि अगर कॉंग्रेस समय रहते अपने मजबूत संगठन और मुद्दों के साथ जनता में निकल जाए तो उसे अपने दम पर 2024 में सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता – 23 जून को पटना में विपक्षी दलों के साथ मीटिंग में तस्वीर काफ़ी हद तक साफ़ हो जायेगी – की कौन भाजपा के साथ है और कौन दिखावा मात्र कर रहा है और कौन सही मायनों में कॉंग्रेस की तरह बिना डरे एक मजबूत विपक्ष की भूमिका में रहते हुए भाजपा की विभाजनकारी नीतियों से लड़ रहा है.
    #AAP के महा ठग को कल राजस्थान में सुनने के बाद एक बार फिर कह रही हूँ – #AAP ने भाजपा से अधिक कॉंग्रेस का नुक़सान पहुंचाया है – ज़ंग के मैदान में पीठ पर धोखा खाने और हारने से बेहतर है सीने पर गोली खा कर शहीद होना.
    लड़ेंगे – जीतेंगे 

  • जन्मदिन मुबारक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, देखें किसने किस अंदाज में दी शुभकामनाएं

    देश: देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आज जन्मदिन हे। बीजेपी से लेकर प्रत्येक राजनीतिक दल के नेता अपने-अपने अंदाज में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जन्मदिन की बधाई एवं शुभकामनाऍं दे रहें तो। तो आइये देखते हैं किसने किस अंदाज में द्रौपदी मुर्मू को दी जन्मदिन की बधाई। 

    योगी आदित्यनाथ :

    नारी सशक्तिकरण की सशक्त हस्ताक्षर, मा. राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई! भगवान श्री जगन्नाथ जी से आपके आरोग्यपूर्ण एवं सुदीर्घ जीवन की प्रार्थना है।

    चिराग पासवान:

    भारत की महामहिम राष्ट्रपति, आदरणीय श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। ईश्वर से प्रार्थना है कि आप सदैव स्वस्थ एवं दीर्घायु हो।

    केशव प्रसाद मौर्या:

    सहज-सरल स्वभाव की धनी, महिला सशक्तिकरण की प्रतिमूर्ति, देश के सर्वांगीण विकास में उत्कृष्ट योगदान देने वाली, भारत की महामहिम राष्ट्रपति आदरणीया श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी, आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रभु श्री राम जी से प्रार्थना है कि आप सदैव स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें और हम सबका मार्गदर्शन करती रहें।

    अरविन्द केजरीवाल :

    देश की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को जन्मदिवस की अनंत शुभकामनाएँ। ईश्वर से आपके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करता हूँ।

    संबित पात्रा :

    नारी सशक्तिकरण की सशक्त हस्ताक्षर महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। राष्ट्र सेवा, वंचित वर्ग के उत्थान एवं लोक कल्याण हेतु आपका समर्पण, प्रेरणास्पद है। महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी से आपके उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु जीवन की प्रार्थना करता हूँ।

    अमित शाह :

    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं। राष्ट्र सेवा व समाज के हर वर्ग के कल्याण के प्रति आपका समर्पण प्रेरणीय है। प्रशासनिक व जनसेवा के क्षेत्र में आपके अनुभव का लाभ देश को मिल रहा है। आपके स्वास्थ्यपूर्ण सुदीर्घ जीवन की कामना करता हूँ। 

    नीतीश कुमार :

    माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आपके स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की कामना है। 

    स्मृति ईरानी :

    भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। सार्वजनिक जीवन में आपका अनुभव एवं देशवासियों के लिए संवेदनशील नेतृत्व अनुकरणीय है। आप स्वस्थ रहें एवं दीर्घायु हों ऐसी कामना करती हूं।
     

  • गीता प्रेस ने गांधी शांति पुरस्कार के लिए नकद इनाम लेने से किया इनकार

    गोरखपुर स्थित गीता प्रेस ने गांधी शांति पुरस्कार के लिए एक करोड़ रुपये नकद पुरस्कार लेने से इनकार कर दिया है। इसने कहा कि वह केवल प्रशस्ति पत्र स्वीकार करेगा न कि नकद पुरस्कार। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली जूरी ने सर्वसम्मति से गीता प्रेस को पुरस्कार के प्राप्तकर्ता के रूप में चुना था। गांधी शांति पुरस्कार की घोषणा रविवार को की गई। पुरस्कार में एक करोड़ रुपये, प्रशंसा का एक प्रमाण पत्र और एक पट्टिका शामिल है।

    मानदेय लेने से इनकार करते हुए गीता प्रेस ने एक बयान में कहा कि सरकार को पैसा कहीं और खर्च करना चाहिए। गीता प्रेस ने कहा कि वह केवल प्रशंसा प्रमाणपत्र स्वीकार करेगी। गीता प्रेस को अवॉर्ड देने का फैसला कांग्रेस को रास नहीं आया। पार्टी नेता जयराम रमेश ने इस कदम की आलोचना की और पुरस्कार के लिए गीता प्रेस के चयन को एक उपहास बताया।

    उन्होंने यह भी कहा कि गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार 2021 देना, सावरकर और गोडसे को पुरस्कृत करने जैसा होगा। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुरस्कार जीतने के लिए गीता प्रेस को बधाई दी और क्षेत्र में इसके योगदान की सराहना की।

  • कर्नाटक में सांप्रदायिक झगड़ों के लिए जगह नहीं : सिद्दारमैया

    कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने सोमवार को कहा कि वह राज्य में अप्राकृतिक मौतों को कोई मौका नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में सांप्रदायिक झड़पों के लिए कोई जगह नहीं है। राज्य में साम्प्रदायिक झगड़ों में मारे गए छह पीड़ितों के परिवारों को 25 लाख रुपये के चेक वितरित करने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, कोई भी हिंदू, मुस्लिम या कोई अन्य धर्मावलंबी हो, किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। किसी की मौत नहीं होनी चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा, पुलिस को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। किसी के पास कानून हाथ में लेने की ताकत नहीं है। मैं राज्य के लोगों को एक स्पष्ट संदेश देना चाहता हूं। चाहे वे हिंदू हों, ईसाई हों, सिख हों या बौद्ध हों, सभी को सरकार से सुरक्षा मिलेगी। सभी व्यक्तियों के जीवन और संपत्तियों की रक्षा की जाएगी। कोई सवाल ही नहीं है। यही कारण है कि मुआवजे से वंचित रह गए पीड़ितों से बात की जाती है और मुआवजा दिया जाता है।

    चाहे वह मुस्लिम हो या हिंदू, सरकार को उनके साथ समान व्यवहार करना चाहिए। यह लोगों का पैसा है। मारे गए प्रवीण कुमार नेतारू और हर्ष के परिवारों को तत्कालीन सत्तारूढ़ भाजपा से 25 लाख रुपये का मुआवजा मिला। लेकिन, अन्य को नहीं दिए गए। सीएम ने कहा, मरने वाले सभी इंसान हैं। मृतकों को समान रूप से देखा जाना चाहिए। तत्कालीन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई प्रवीण कुमार नेतारू के घर गए थे, मोहम्मद फाजिल का घर करीब था, वह नहीं गए।

    उन्होंने आगे कहा कि प्रवीण और हर्ष के परिवारों को दिया गया मुआवजा सही है, लेकिन उन्हें दूसरों के लिए भी मुआवजा देना होगा। उन्होंने कहा, सरकार अन्य मृतक व्यक्तियों के परिवारों को रोजगार प्रदान करेगी।

  • मणिपुर हिंसा : अमित शाह ने 24 जून को बुलाई सर्वदलीय बैठक

    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मणिपुर की स्थिति पर चर्चा के लिए 24 जून को नई दिल्ली में सर्वदलीय बैठक बुलाई है। गृह मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मणिपुर की स्थिति पर चर्चा करने के लिए 24 जून को दोपहर 3 बजे नई दिल्ली में एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की बुधवार शाम नई दिल्ली में शाह से मुलाकात के तुरंत बाद सर्वदलीय बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

    सरमा, जो एनडीए के पूर्वोत्तर अध्याय एनईडीए (नॉर्थ-ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस) के संयोजक भी हैं, ने 10 जून को इंफाल का दौरा किया था और मणिपुर के अपने समकक्ष एन बीरेन सिंह और अन्य विभिन्न संगठनों के साथ कई बैठकें की थीं। सरमा ने 11 जून को गुवाहाटी में कुकी समुदाय के कुछ उग्रवादी समूहों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की थी।

    कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (केएनओ) के प्रवक्ता सेलेन हाओकिप ने असम के मुख्यमंत्री के साथ गुवाहाटी बैठक के बारे में मीडिया से बात करते हुए कहा कि चर्चा बहुत सकारात्मक थी और सही दिशा में जा रही थी।