Category: national

  • सचिन पायलट ने अपने पिता को दी श्रद्धांजलि, दौसा कार्यक्रम पर सबकी नजर

     राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने रविवार को अपने दिवंगत पिता राजेश पायलट को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देते हुए एक ट्वीट साझा किया। उन्होंने कहा, मैं मेरे पूज्य पिताजी, श्री राजेश पायलट जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन करता हूं। उनका कार्यक्षेत्र से लगाव, जनता से उनका जुड़ाव और जनकल्याण के प्रति उनकी समर्पित कार्यशैली मेरे मार्गदर्शक हैं। उन्होंने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।

    उन्होंने कहा, मैं हमेशा उनके विचारों और आदशरें का पालन करूंगा। पायलट ने यह ट्वीट उन अटकलों के बीच साझा किया कि वह नई पार्टी बना सकते हैं। हालांकि कांग्रेस के दिग्गज नेता और उनके ही समर्थक इससे इनकार कर रहे हैं। रविवार को पायलट और उनके समर्थक दौसा में राजेश पायलट को श्रद्धांजलि देंगे और प्रतिमा का अनावरण करेंगे। सबकी निगाहें दौसा पर टिकी हैं कि क्या यह आयोजन शक्ति प्रदर्शन में बदल जाएगा या फिर पायलट नई पार्टी की घोषणा करेंगे।

  • जी20 की सक्रिय भागीदारी के लिए 1.19 करोड़ छात्र जनभागीदारी में शामिल

     जी20 की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए शिक्षा मंत्रालय कई नई पहल लेकर आया है। मंत्रालय का मूल उद्देश्य देशभर में मूलभूत शिक्षा और साक्षरता ज्ञान को बढ़ावा देना है। मंत्रालय के मुताबिक अभी तक आयोजित कार्यक्रम में 5.01 लाख स्कूलों के 1.19 करोड़ छात्रों और 13.9 लाख शिक्षकों सहित 1.53 करोड़ की भागीदारी हुई है। शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी के अलावा समुदाय के 19.5 लाख सामान्य लोगों ने इसमें भाग लिया है, जो न केवल अभूतपूर्व है, बल्कि जनसमुदाय के बीच इस कार्यक्रम के प्रति रुचि और जुड़ाव को भी दर्शाता है।

    शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि जन भागीदारी का पूरा कार्यक्रम एक शानदार सफलता का पर्याय बन गया है। जी20 की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए शिक्षा मंत्रालय इस प्रकार की गतिविधियों और कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से मिश्रित शिक्षा के संदर्भ में ‘मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान सुनिश्चित करने (एफएलएन)’ को बढ़ावा देना और उसका समर्थन करना है। इस उद्देश्य के अनुसरण में शिक्षा मंत्रालय ने सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के साथ साझेदारी की है। इसके अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता सुनिश्चित करने के लिए देश भर में जनभागीदारी कार्यक्रम हो रहा है।

    इस संदर्भ में एक से 15 जून, 2023 तक कार्यशालाओं, प्रदर्शनियों, सेमिनारों और सम्मेलनों सहित कई गतिविधियों की योजना बनाई गई है। इन कार्यक्रमों का आयोजन देश भर में राज्य, जिला, ब्लॉक, पंचायत और विद्यालय स्तर पर व्यापक रूप से किया जाएगा और ताकि हर वर्ग के लोगों को इसमें शामिल किया जा सके। जनभागीदारी कार्यक्रम 19 से 21 जून, 2023 के बीच महाराष्ट्र के पुणे में मुख्य कार्यक्रम अर्थात चौथी शिक्षा कार्य समूह (चौथी एडडब्ल्यूजी) चर्चा का नेतृत्व करेगा और 22 जून, 2023 को शिक्षा मंत्रिस्तरीय बैठक के साथ सम्पन्न होगा।

    महाराष्ट्र के पुणे में 17 से 22 जून, 2023 तक स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा और कौशल शिक्षा के क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं को प्रदर्शित करने के लिए प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी । 17 और 18 जून, 2023 को बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान पर 2 दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।

  • यूपी के हर मंडल में तैयार होगी सैनिकों की नर्सरी

    उत्तर प्रदेश के हर मंडल में सैनिक स्कूल खुलने जा रहे हैं। यहीं से सैनिकों की नर्सरी तैयार होगी। इन स्कूलों से पढ़े युवाओं में फौज एवं अर्धसैनिक बलों में अफसर बनने की संभावना अधिक होगी। अब यहां के युवाओं के देश प्रेम के जज्बे एवं जुनून का रंग और चटक होगा। जानकारों की मानें तो वैसे भी फौज, बीएसएफ, सीआरपीएफ एवं अन्य सैन्य बलों में यूपी के जवानों एवं अफसरों की संख्या सर्वाधिक है।

    एक सरकारी अफसर के अनुसार गाजीपुर स्थित एशिया के सबसे बड़े गांव गहमर की तो पहचान ही फौजियों के गांव के रूप में है। एक लाख 20 हजार आबादी वाले इस गांव के हर घर से कोई न कोई सेना या अर्धसैनिक बल में है। किसी किसी घर में तो यह तारतम्यता तीन पीढ़ियों से है। इसी तरह बस्ती के पचवस गांव को भी सैनिकों का गांव कहा जाता है। उत्तराखंड एवं हरियाणा से सटे इलाके में भी ऐसे कई गांव हैं जहां के लोग सेना और अर्धसैनिक बलों में बड़ी संख्या में हैं।

    जिस परीक्षा के द्वारा सेना के लिए अधिकारियों का चयन होता है, वह बेहद प्रतिष्ठापरक होती है। उसमें बमुश्किल पूरे देश के कुछ सौ चुनिंदा कैडेट्स प्रशिक्षण के लिए चुने जाते हैं। इनमें आम तौर पर उत्तर प्रदेश के युवाओं की संख्या सबसे अधिक होती है। आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं। मसलन इंडियन मिल्रिटी एकेडमी (आईएमए) के इस साल के पासिंग आउट परेड में यह संख्या 63 है। जून 2022 में 50, दिसंबर 2021 में 45, जून 2021 में 66, दिसंबर 2020 में 50, जून 2020 में 66 रही। यह संख्या देश में सर्वाधिक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल यानी हर मंडल में सैनिक स्कूल की स्थापना, से इस संख्या का आने वाले सालों में और बढ़ना तय है।

    सरकार से मिली जानकारी के अनुसार, मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश में 4 सैनिक स्कूल हैं। इसमें से अमेठी, झांसी, मैनपुरी रक्षा मंत्रालय द्वारा और लखनऊ का सैनिक स्कूल प्रदेश सरकार द्वारा संचालित है।

    गोरखपुर के फर्टिलाइजर कारखाने में करीब 50 एकड़ रकबे में एक सैनिक स्कूल निमार्णाधीन है। अगले सत्र से यहां पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर मंडल में एक सैनिक स्कूल खोले जाने की घोषणा कर चुके हैं। घोषणा के मुताबिक आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज, आजमगढ़, बस्ती, बरेली, मुरादाबाद, बांदा, झांसी, देवीपाटन, अयोध्या, कानपुर नगर, मेरठ, सहारनपुर, मीरजापुर और वाराणसी में पीपीपी (पब्लिक, प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर सैनिक स्कूल खोले जाएंगे।

    दरअसल, योगी आदित्यनाथ जिस गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर हैं, उस पीठ का शुरू से ही यह मानना रहा है कि शिक्षा संस्कार का जरिया बने। यह युवाओं को किताबी ज्ञान तक सीमित रखने की बजाय उनमें देश प्रेम का जज्बा और जुनून भी पैदा करे। यही वजह है कि 1932 में तत्कालीन पीठाधीश्वर ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ ने तब हर लिहाज से पिछड़े पूर्वांचल में शिक्षा का अलख जगाने के लिए जिस शिक्षा परिषद की स्थापना की, उसका नाम महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद रखा। महाराणा प्रताप का देश प्रेम के प्रति जोश, जज्बा और जुनून जगजाहिर है। तमाम चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने समय के सबसे ताकतवर सम्राट अकबर को लोहे के चने चबवा दिए। परिषद से जुड़े शिक्षण संस्थानों के बच्चों में भी प्रताप की तरह ही देश प्रेम का जोश, जज्बा और जुनून हो, नामकरण के पीछे यही सोच थी।

  • खड़गे के पत्र पर भाजपा सांसदों की आलोचना असहिष्णुता का उदाहरण: चिदंबरम

    ओडिशा ट्रेन हादसे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे अपने पत्र में रेलवे की आलोचना करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की आलोचना करने वाले चार भाजपा सांसदों के जवाब में, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने शनिवार को भगवा पार्टी पर किसी भी आलोचना के प्रति असहिष्णुता के लिए निशाना साधा। ट्विटर पर चिदंबरम ने कहा, खड़गे राज्यसभा में विपक्ष के नेता भी हैं। उन्हें प्रधानमंत्री को पत्र लिखने का अधिकार है। एक कार्यशील लोकतंत्र में लोग प्रधानमंत्री से पत्र के उत्तर की अपेक्षा करते हैं। लेकिन हमारा लोकतंत्र ऐसा है कि प्रधानमंत्री इसे जवाब देने के लायक नहीं समझेंगे।

    इसके बजाय, बीजेपी के चार सांसद खुद जवाब भेजने की जिम्मेदारी लेते हैं, जो तथ्यों पर सतही और तर्को पर खोखला होता है। दिसंबर 2022 में प्रस्तुत दो कैग रिपोर्ट खड़गे की तर्कपूर्ण आलोचना को पूरी तरह से सही साबित करती हैं।

    दक्षिण पश्चिम रेलवे के प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक का दिनांक 9 फरवरी 2023 का पत्र एक पूर्व चेतावनी था कि बालासोर जैसी त्रासदी होने की संभावना है। मुझे कोई संदेह नहीं है कि पत्र दक्षिण पश्चिम रेलवे की किसी फाइल में अनुपचारित पड़ा था और धूल खा रहा था। क्या भाजपा सांसद बताएंगे कि पत्र पर क्या कार्रवाई हुई?”

    तेजस्वी सूर्य सहित चार भाजपा सांसदों ने मोदी को खड़गे के पत्र पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ से प्राप्त तथ्यों के आधार पर पीएम को पत्र लिखना आपके कद के नेता को शोभा नहीं देता है।

    खड़गे को लिखे चार पन्नों के पत्र में, भाजपा सांसदों ने कहा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आपके हालिया पत्र के जवाब में हमें यह कहना है कि पत्र में सिर्फ बयानबाजी थी और उसमें तथ्यों की कमी थी।

    रोजगार को लेकर खड़गे के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में रेलवे ने 4.58 लाख नई नियुक्तियां की हैं और वर्तमान में लगभग 1.52 लाख उम्मीदवारों को नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही है।

    सांसदों ने कहा, इस प्रकार, हमारे 10 वर्षों में, हम 6.1 लाख से अधिक युवाओं को नियुक्त करेंगे, जो यूपीए के 10 वर्षों के दौरान नियुक्त किए गए 4.11 लाख उम्मीदवारों से लगभग 50 प्रतिशत अधिक है।

    पत्र में कहा गया है कि 5,518 नए नियुक्त सहायक लोको पायलट इस क्षेत्र की उपेक्षा करने के आपके आरोपों को खारिज करते हैं।

    कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि यह भी ध्यान दिया जा सकता है कि मैसूर में कोई टकराव नहीं हुआ जैसा कि आपके पत्र में कहा गया है।

  • CM स्टालिन की अमित शाह से मांगी योजनाओं की लिस्ट

    Tamil Nadu Politics: तमिलनाडू के मुख्यमंत्री और डीएमके पार्टी के मुखिया एमके स्टालिन (MK Stalin) ने गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए केंद्र सरकार की ओर किए गए कामों की लिस्ट मांगी है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह पिछले नौ सालों में केंद्र सरकार की ओर से तमिलनाडु में लागू की गईं योजनाओं की एक लिस्ट जारी करें.

    मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम यानी डीएमके के पदाधिकारियों को सेलम में संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर जमकर हमला बोला. इसके साथ ही स्टालिन ने यूपीए शासन में साल 2004 से 2014 के दौरान लागू की गई योजनाओं को भी सूचीबद्ध किया. 

    एमके स्टालिन ने अमित शाह से की ये मांग

    दरअसल, गृह मंत्री अमित शाह रविवार को अपने चेन्नई दौरे में पिछले 9 सालों में मोदी सरकार की उपलब्धियों को उजागर करने के लिए तमिलनाडु के वेल्लोर में एक जनसभा संबोधित करने जा रहे हैं. इससे पहले शनिवार को अमित शाह ने कहा था कि मोदी सरकार के नौ साल के कार्यकाल में मध्यम वर्ग की आर्थिक स्थिति तेजी से बेहतर हुई है. जिसके बाद एमके स्टालिन का ये बयान सामने आया और उन्होंने मांग करते हुए कहा कि मैं अमित शाह से पिछले 9 सालों में केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के लिए क्या काम किया है इसकी एक सूची जारी करने के लिए कह रहा हूं.एमके स्टालिन ने कहा, ‘पिछले दो दिनों से मैं अखबारों में पढ़ रहा हूं कि केंद्रीय गृह मंत्री चेन्नई आ रहे हैं. यह सब उनकी 2024 के चुनाव की तैयारी का हिस्सा है. हालांकि, मैं पूछना चाहता हूं कि क्या वह मुझे उन चीजों की सूची दे सकते हैं जो केंद्र ने पिछले नौ वर्षों में तमिलनाडु के लाभ के लिए की हैं?” इतना ही नहीं एमके स्टालिन ने अमित शाह को चुनौती भी दे डाली और पूछा कि क्या उनमें इस अनुरोध को पूरा करने का साहस है. 

  • Wrestlers Protest: सरकार बचा रही बृजभूषण को

    देश : भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) चीफ और उत्तर प्रदेश से बीजेपी के सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पहलवानों  किया है कि सरकार उनको बचाने का प्रयास कर रहे है। हम बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी चाहते हैं जब तक सरकार उनको सलाखों के पीछे नही डाल देती हम विरोध प्रदर्शन समाप्त नही कर सकते। 

    न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, यह पूछे जाने पर कि बृजभूषण को गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा है, इसपर पहलवान ने कहा, “आपको अमित शाह से पूछना होगा कि उन्हें (डब्ल्यूएफआई प्रमुख) गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा है. वह इतने शक्तिशाली व्यक्ति हैं कि सरकार उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है. ऐसे में उन्हें गिरफ्तार करना आसान नहीं है, लेकिन हम अपनी लड़ाई जारी रखे हुए हैं.”

    बता दें सरकार ने पहलवानों की कई मांगों को स्वीकार कर लिया है, जिसमें बृजभूषण के परिवार के किसी भी सदस्य या सहयोगी को आगामी डब्ल्यूएफआई चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी. विश्व चैम्पियनशिप में दो बार पदक जीतने वाली विनेश ने रविवार (11 जून) को अमित शाह से मुलाकात वाले सवाल पर कहा, “उन्होंने कुछ प्रस्ताव दिए थे कि वे हमारे लिए इतना कर सकते हैं लेकिन बृजभूषण की गिरफ्तारी को छोड़कर और सब काम हो रहा है.”

  • गाजियाबाद धर्मांतरण मामला गेमिंग प्लेटफॉर्म के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग को उजागर करता है

    30 मई को गाजियाबाद के थाना कविनगर क्षेत्र में एक नाबालिग बच्चे के पिता ने तहरीर दी थी कि उनके बेटे को एक गेमिंग ऐप के जरिए बहला-फुसलाकर धर्मांतरण किया गया है। इस मामले में पुलिस ने करवाई करते हुए आरोपी मौलवी को गिऱफ्तार कर जेल भेज दिया। उस वक्त पुलिस को भी अंदाजा नहीं था कि पकड़े गए मौलवी से जो बातें निकल कर सामने आएंगी वह पुलिस और देश की जांच एजेंसियों को एक ऐसी दिशा में दौड़ने को मजबूर कर देगी जो देश के लिए सबसे बड़ा सवाल बन जाएगा।

    पुलिस ने इस मामले में मौलवी के अलावा शाहनवाज मकसूद खान और बद्दो की गिऱफ्तारी के लिए महाराष्ट्र में टीम भेज दी है।

    लेकिन पुलिस को क्या पता था को मजह 24 साल का बद्दो ही इस मामले में मास्टरमाइंड है और इतना शातिर है कि देश की बड़ी बड़ी जांच एजेंसियों को वो चकमा देकर फरार हो जाएगा।

    इस मामले में अभी 4 नाबालिग बच्चे सामने आए हैं जिनका गेम के जरिए धर्मांतरण करवाया गया है। लेकिन अब कई और राज्य से भी पुलिस को इनपुट मिले हैं कि धर्मांतरण होने वालों की संख्या हजारों में पहुंच सकती है।

    ये लोग ऑनलाइन गेम के जरिए बच्चों को अपने जाल में फंसा कर उनसे नमाज पढ़वाते थे। इनके तार डॉक्टर जाकिर नायक से भी जुड़े हैं। नाबालिग लड़के मोबाइल-कम्प्यूटर पर फोर्टनाइट ऐप पर गेम्स खेलते थे। अगर लड़के गेम हार जाते थे तो फेक आईडी से उनके चैट में जुड़े दूसरे लड़के उन्हें कुरान की आयत पढ़ने को कहते थे और फिर उन्हें गेम जिताकर कुरान पर भरोसा दिलाया जाता था।

    सेकेंड स्टेप में डिस्कॉर्ड ऐप के द्वारा मुस्लिम लड़के हिंदू नाम की यूजर आईडी बनाकर हिंदू लड़कों से चैटिंग करते थे। उन्हें इस्लामिक रीति-रिवाज अपनाने के लिए बहलाते थे। तीसरे स्टेज में वे प्रतिबंधित इस्लामिक प्रवक्ता जाकिर नाईक के कुछ वीडियो स्पीच सुनाकर इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित करते थे। साथ ही वे इस्लामिक कल्चर और रीति-रिवाज के संबंध में सारी जानकारी उपलब्ध कराते थे।

    धर्मांतरण का शिकार हुआ पीड़ित नाबालिग लड़का ‘यूथ क्लब’ नामक यूट्यूब चैनल से जुड़ा हुआ था, जो पाकिस्तान आधारित है। इस चैनल के 1.3 मिलियन फॉलोअर्स हैं और ज्यादातर इस्लामिक प्रवक्ताओं के वीडियो अपलोड हैं।

    पुलिस जांच में ये भी सामने आया है कि गेमिंग एप, चैट और यूट्यूब चैनलों से ईसाई धर्म के कुछ लड़के भी जुड़े हुए हैं, जो पहले ही इस्लाम कुबूल कर चुके हैं। माना जा रहा है कि ये रैकेट काफी बड़ा है, जिसके तार कई शहरों से जुड़े हैं।

    डीसीपी निपुण अग्रवाल ने बताया, अभी तक धर्मांतरण के शिकार चार पीड़ित सामने आए हैं। चारों नााबलिग हैं। इसमें एक जैन और तीन हिन्दू हैं। ये गाजियाबाद, फरीदाबाद और चंडीगढ़ के रहने वाले हैं। चारों से गाजियाबाद पुलिस ने बातचीत की है। इसके अलावा स्टेट और सेंट्रल एजेंसियों ने भी इन पीड़ितों से पूछताछ की है। जांच एजेंसियों का जो हमसे कॉर्डिनेशन है, उसमें हम पूरी मदद कर रहे हैं।

    डीसीपी ने बताया, चारों पीड़ितों की मॉडस ऑपरेंडी एक जैसी है। ये चारों पहले गेमिंग ऐप पर जुड़े। फिर गेम जीतने के लिए कुरान की आयतें पढ़वाई गईं। फिर चैट करके इनका ब्रेनवॉश किया गया। आखिर में इन्हें प्रतिबंधित इस्लामिक प्रवक्ता जाकिर नाईक और तारिक जमील के वीडियो भी दिखाए गए। हम इस मामले में गाजियाबाद से मौलवी अब्दुल रहमान को गिरफ्तार कर चुके हैं। मुख्य आरोपी महाराष्ट्र के ठाणे निवासी बद्दो को पकड़ने के लिए गाजियाबाद पुलिस की टीम वहां पहुंची हुई है, लेकिन वो हाथ नहीं आ रहा है।

    गाजियाबाद के कविनगर थाने में 30 मई 2023 को एक उद्यमी ने एफआईआर कराई थी। इसके मुताबिक, उनका 17 वर्षीय बेटा दिन में पांच बार जिम जाने की बात कहकर घर से निकलता था। उन्हें शक हुआ तो बेटे का पीछा किया। पता चला कि वो संजयनगर सेक्टर-23 की मस्जिद में पांच बार नमाज पढ़ने के लिए जाता है। पूछताछ में बेटे ने धर्मांतरण की बात कुबूली। पुलिस ने इस मामले में तीन दिन पहले मस्जिद के मौलवी अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया।

    मोबाइल की जांच में पता चला कि धर्मांतरण वाला गैंग एक गेमिंग ऐप से जुड़ा है, जहां पर हिन्दू नाबालिग लड़कों को ब्रेनवॉश किया जाता है।

    धर्मांतरण का मास्टरमाइंड बताया जा रहा शहनवाज खान मकसूद ऊर्फ बद्दो बहुत बड़ा टेकसेवी भी बताया जा रहा है। उसके बारे में पुलिस को पता चला है कि वह 12वीं पास होने के बावजूद भी गेम का बहुत अच्छा प्लेयर है और काफी दिनों से वह इन बच्चों के टच में था। उत्तर प्रदेश पुलिस की कई टीमें और जांच एजेंसियों की टीमें शाहनवाज और बद्दो की तलाश कर रही है लेकिन उसे पकड़ पाने में अभी फिलहाल सफलता हाथ नहीं लगी है।

    सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शहनवाज उर्फ बद्दो बीते 5 दिनों में कई बार अपने सिम कार्ड बदल चुका है। वह अपने आसपास के लोगों से संपर्क भी कर रहा है और अपने निजी काम भी कर रहा है। लेकिन इसके लिए वह कई अत्याधुनिक ऐप का इस्तेमाल कर रहा है जिसको ट्रेस कर पाना फिलहाल काफी मुश्किल हो रहा है।

    वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है और इंटरनेट कॉलिंग के जरिए लोगों से बातचीत कर रहा है। बद्दो काफी चालाक और शातिर भी है किसी से भी इंटरनेट कॉलिंग के जरिए भी बात करने के बाद तुरंत अपना मोबाइल फोन बंद कर लेता है और अपनी लोकेशन बदल देता है इसीलिए उसकी लोकेशन का पता लगा पाना काफी मुश्किल हो रहा है।

    इस मामले में आईएएनएस ने साइकैटरिस्ट डॉक्टर अनुनीत सबरवाल ने खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि अक्सर यह देखने को मिलता है कि घर में अगर माहौल शुरूआत से अच्छा नहीं है और बच्चे को उपेक्षा मिल रही है और वह अकेलेपन का शिकार हो रहा है तो कहीं ना कहीं वह मोबाइल और टीवी को ज्यादा तवज्जो देने लगता है।

    उन्होंने बताया कि कुछ लोगों के साथ उनका जीवन ट्रामेटिक होता है और मान लीजिए उनके साथ किसी प्रकार का कोई यौन शोषण हुआ होता है और उन्होंने जो आसपास अपने चीजें देखी होती हैं, उसी के अनुरूप दिमाग विकसित होने लगता है।

    बच्चों का दिमाग फॉरमेशन स्टेज में होता है इसीलिए जो कुछ भी वो देखते और समझते हैं उसी को वह वास्तविक स्वरूप समझने लगते हैं।

    कम उम्र में बच्चों को कोई भी अगर बहला-फुसलाकर कुछ भी बताता है तो वह उनके दिमाग पर चिपकने लगता है और असर करने लगता है। धर्मांतरण जैसे मुद्दे पर भी अब जो गैंग है वह ऐसे ही बच्चों की तलाश कर रहा है जिनका स्क्रीन टाइम बहुत ज्यादा रहता है। घर परिवार से वह कटे रहते हैं और सोशल गैदरिंग में कम शामिल होते हैं। यह गैंग ऐसे बच्चों पर पूरा फोकस करता है और उन्हें अपने जाल में फंसा लेता है।

    गेम पहले भी बनते थे और अभी भी बन रहे हैं लेकिन अब बन रहे गेम में काफी अंतर आ चुका है। पहले गेम सिर्फ इंटरटेनमेंट के लिए हुआ करते थे लेकिन अब गेम आपको रियल दुनिया से वर्चुअल दुनिया में बहुत आसानी से ट्रांसफार्म कर देते हैं और इनमें ऐसे फीचर्स आ रहे हैं जिनके जरिए आप ग्रुप बना कर चैटिंग कर भी कर सकते हैं। वह काफी घातक हो सकते हैं जिसमें आपको पता नहीं होता कि फेक आईडी के जरिए आपसे कौन बात कर रहा है और आप किसके इंस्ट्रक्शंस पर फॉलो कर रहे हैं।

    डॉक्टर अनुनीत ने बताया कि अब जो नए गेमिंग एप आ रहे हैं उनमें नए नए फीचर्स भी डाले जा रहे हैं जिनमें चैटिंग का भी फीचर है और यह सब यूजर को काफी देर तक गेमिंग ऐप पर इंगेज रखने के लिए किया जाता है।

  • नेपाल की दो पवित्र शिलाएं अयोध्या में पूजा के लिए रखी जाएंगी

     नेपाल से अयोध्या लाई गई दो पवित्र शिलाओं को राम मंदिर परिसर में संरक्षित रखा जाएगा, लेकिन रामलला की मूर्ति बनाने में इनका इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। मंदिर का प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने कहा कि मूर्ति के लिए नेपाल से लाई गई प्राचीन चट्टानों को बाहर करना एक कठिन निर्णय था। ट्रस्ट के एक सदस्य ने कहा,कई परीक्षणों के बाद, नेपाल की चट्टानें राम लला की मूर्ति के लिए उपयुक्त नहीं पाई गईं, क्योंकि उनमें दरारें आ गईं थीं। हालांकि, ट्रस्ट ने इन चट्टानों को राम मंदिर परिसर में ही रखने का फैसला किया है, ताकि भक्त उनकी पूजा कर सकें। वे ‘देवशिला’ हैं, उन्हें पूरा सम्मान दिया जाएगा।

    इस बीच, प्रसिद्ध मूर्तिकार कर्नाटक और राजस्थान से लाई गई चट्टानों से भगवान राम की तीन मूर्तियों को तराश रहे हैं। उनमें से सर्वश्रेष्ठ मूर्ति को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा। सदस्य ने कहा, ट्रस्ट ने रामलला की मूर्ति के लिए कर्नाटक और राजस्थान की चट्टानों का उपयोग करने का फैसला किया है। कर्नाटक के गणेश भट्ट नेल्लिकरू चट्टानों (काले पत्थरों) से मूर्ति बना रहे हैं, जिन्हें भगवान कृष्ण के रंग के समान होने के कारण श्याम शिला या कृष्ण शिला के रूप में भी जाना जाता है।

    उम्मीद है कि राजस्थान के सत्य नारायण पांडे सफेद मकराना संगमरमर के पत्थरों से मूर्ति बनाएंगे। मैसूर के मशहूर मूर्तिकार अरुण योगिराज कर्नाटक से मंगाई गई दूसरी चट्टान से मूर्ति बनाएंगे। मुक्तिनाथ क्षेत्र में नेपाल की गंडकी नदी से दो देवशिलाएं इसी साल दो फरवरी को अयोध्या पहुंची थीं। उनका वजन 14 और 26 टन है। ट्रस्ट ने अगले साल जनवरी में मकर संक्रांति पर एक भव्य समारोह की योजना बनाई है, जब भगवान राम की उनके बचपन को दर्शाने वाली मूर्ति को अयोध्या मंदिर के गर्भगृह में विराजित किया जाएगा।

  • पाकिस्तान सरकार ने चक्रवात लैंडफॉल से पहले बड़े पैमाने पर निकासी का आदेश दिया

    पाकिस्तान के अधिकारियों ने सोमवार को दक्षिणी सिंध प्रांत में निचले तटीय इलाकों से 80,000 नागरिकों को निकालने के प्रयास शुरू कर दिए हैं, क्योंकि तेजी से बढ़ रहे गंभीर चक्रवात बिपारजॉय के इस सप्ताह के अंत में तट से टकराने की संभावना है। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, चक्रवात अरब सागर के पार पाकिस्तान और भारत के तटीय इलाकों की ओर अपना रास्ता बना रहा है, इस सप्ताह के अंत में लैंडफॉल करने का अनुमान है।

    सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने कहा कि एक आपात स्थिति घोषित की गई थी और सेना को जोखिम में 80,000 से अधिक लोगों को स्थानांतरित करने में मदद करने के लिए तैयार किया गया था।

    डॉन ने बताया, हम लोगों से अनुरोध नहीं करेंगे, लेकिन उन्हें खाली करने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि यह आदेश सोशल मीडिया, मस्जिदों और रेडियो स्टेशनों के माध्यम से जारी किया जा रहा है।

    शाह के एक प्रवक्ता ने कहा कि लगभग 2,000 लोगों को पहले ही भारत के गुजरात राज्य के 45 किमी (28 मील) पश्चिम में मैंग्रोव डेल्टा के बीच बसे एक मछली पकड़ने वाले शहर शाह बंदर के क्षेत्र से सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया था।

    डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी दी है कि पारंपरिक मिट्टी और पुआल के घर, जो पाकिस्तान में सबसे गरीब घरों में रहते हैं, तेज हवाओं में बिखरने की चपेट में आ जाएंगे।

    कराची – लगभग 20 मिलियन का एक बंदरगाह शहर – भी धूल और गरज के तूफान से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के कारण जलमग्न हो सकता है।

    मीडिया ने बताया कि बिलबोर्ड हटा दिए जाएंगे और शहर में 70 कमजोर इमारतों को खाली कर दिया जाएगा, जबकि पूरे प्रभावित क्षेत्र में निर्माण रोक दिया जाएगा।

    अधिकारियों ने कहा कि भारी बारिश और तेज हवाओं ने शनिवार देर रात पश्चिमोत्तर पाकिस्तान में आठ बच्चों सहित 27 लोगों की जान ले ली।

    प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रविवार को ट्विटर पर कहा, निस्संदेह, ये जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव हैं।

    पिछली गर्मियों में पाकिस्तान भारी मानसूनी बारिश से प्रभावित हुआ था, जिसने देश के एक तिहाई हिस्से को पानी में डुबो दिया था, बीस लाख घरों को नुकसान पहुंचाया था और 1,700 से अधिक लोग मारे गए थे।

  • इस्लाम को बदनाम करने के लिए BJP कह रहा लव जिहाद?

    AIMIM Chief Asaduddin Owaisi: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार (11 जून) को एक कार्यक्रम में बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाया. ओवैसी ने कहा कि बीजेपी ने महाराष्ट्र में नफरत फैलाने के लिए 50 जलसे करवाए. उन्होंने कहा, यह सिर्फ मुसलमान और इस्लाम को बदनाम करने के लिए किया गया. 

    सांसद ओवैसी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, बीजेपी बोलती है लव जिहाद… अगर महाराष्ट्र में लव जिहाद हो रहा है तो एक खाका दो कि अहमदनगर में ये हुआ, कोल्हापुर, सांगली या फिर मराठवाड़ा में लव जिहाद हुआ… बताओ कहां लव जिहाद हो रहा है? किधर हो रहा है? बीजेपी की सरकार ने महाराष्ट्र में 50 जलसे करवाए. यह सिर्फ नफरत फैलाने, मुसलमान और इस्लाम को बदनाम करने के लिए किया गया. 
      
    इम्तियाज जलील ने 3 घंटे एक मंदिर की रक्षा की
    असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, मैं पूरी जिम्मेदारी से कहता हूं कि साजिश यही है कि लोकसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र में कोई दंगा करवाया जाए. उन्होंने कहा कि मैं औरे रंगाबाद के लोगों को सलाम करता हूं कि जब यहां दंगा करवाने की कोशिश हो रही थी तो इम्तियाज जलील ने 3 घंटे एक मंदिर से सामने खड़े होकर उसकी रक्षा की थी और दंगा नहीं होने दिया. इम्तियाज जलील स्क्रिट पर पानी डाल दिया.

    बीजेपी से दंगों को रोकने की अपील- ओवैसी
    ओवैसी ने महाराष्ट्र बीजेपी और केंद्र सरकार से दंगों को रोकने की अपील की. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में बीजेपी को लोकसभा चुनाव जीतना है वो अलग बात है… मगर इस तरह से नहीं होगा. इससे पहले असदुद्दीन ओवैसी ने यूपी के बरेली डिपो से सरकारी एसी बस में बैठे दो यात्रियों के सड़क किनारे नमाज पढ़ने की वजह से बस के ड्राइवर और संविदा पर नौकरी कर रहे कंडक्टर को नौकरी से हटा देने को लेकर बीजेपी पर हमला किया. 

    नमाज पढ़े तो क्या कयामत आ गई? ओवैसी
    सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने नमाज पढ़ने को लेकर कहा, “अगर नमाज पढ़े तो क्या कयामत आ गई? अगर नमाज पढ़ना गुनाह है तो पूरे सरकारी दफ्तरों में किसी के धार्मिक निशान नहीं होने चाहिए. किसी भी कलेक्टर के दफ्तर का उद्धाटन हो.. सचिवालय हो, कोई भी मजहबी त्यौहार नहीं होना चाहिए. दो मिनट के लिए बस रूकी तो आपने बस के ड्राइवर को सस्पेंड और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी कंडक्टर मोहित यादव को बर्खास्त कर दिया. आप सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास की बात करते हैं.”