Category: national

  • वर्जीनिया में हाई स्कूल ग्रेजुएशन समारोह के दौरान हुई गोलीबारी, दो लोगों की मौत

    वर्जीनिया कॉमनवेल्थ यूनिवर्सिटी के परिसर में हाई स्कूल ग्रेजुएशन समारोह के दौरान हुई गोलीबारी में दो लोगों के मारे जाने की खबर है। द इंडेपेंडेंट की रिपोर्ट के अनुसार, रिचमंड में अधिकारियों ने कहा कि अल्ट्रिया थिएटर के बाहर, जहां यह समारोह हो रहा था, मंगलवार दोपहर हुई गोलीबारी में तीन लोगों को जानलेवा चोटें आईं हैं, जबकि अन्य चार खतरे से बाहर हैं। पुलिस का कहना है कि दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।

    घटना में घायल होने वाले पीड़ितों की स्थिति जारी नहीं की गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोलीबारी की सूचना मिलने पर हुगुएनोट हाई स्कूल के ग्रेजुएशन समारोह में अफरातफरी मच गई।

  • पाकिस्तान में पेश हो रहा FY2024 का बजट

    Pakistan Budget for FY 2024: भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान की वित्तीय सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है. ऐसे में पाकिस्तान सरकार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) से बेलआउट पैकेज पाने के लिए चुनाव से पहले वित्त वर्ष 2024 का बजट पेश करने जा रही है. माना जा रहा है कि सरकार इस बजट के जरिए आईएमएफ (Pakistan IMF Bailout Package) की सभी शर्तों को पूरा करने की कोशिश करेगी जिससे वह अपने नकदी संकट को दूर कर सके.

    पाकिस्तान के सामने है मुसीबतों का पहाड़

    पाकिस्तान सरकार का वित्तीय घाटा लगातार बढ़ रहा है और देश में महंगाई दर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. इसके साथ पाकिस्तानी रुपया डॉलर के मुकाबले पिछले एक साल में 30 फीसदी तक टूट चुका है. वहीं देश में विदेशी मुद्रा की भारी कमी है. देश में फॉरेक्स रिजर्व केवल इतने बचे हैं जिससे केवल एक महीने का ही आयात किया जा सकता है. ऐसे में वित्त वर्ष 2024 के बजट के जरिए पाकिस्तान अपनी कुछ मुश्किलों को कम करने की कोशिश कर सकता है.

    राजकोषीय घाटा 6.54 फीसदी रहने की संभावना

    रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2023-24 सकल घरेलू उत्पाद का कुल राजकोषीय घाटा 6.54 फीसदी रहने का अनुमान है. इसके साथ ही पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने कहा है पहले सरकार का अनुमान था कि राजकोषीय घाटा 4.9 फीसदी रहेगा, लेकिन अब यह गिरकर 6.54 फीसदी हो गया है. ऐसे में इसमें अनुमान की तुलना में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. ऐसे में सरकार की कुल आय 9.2 खरब पाकिस्तानी रुपये और खर्च 14.5 खरब रुपये रहने की संभावना है.

    पाकिस्तान का रक्षा बजट कितना रहेगा?

    गौरतलब है कि सरकार का लक्ष्य है कि देश में महंगाई दर कमी करें. फिलहाल देश में मुद्रास्फीति दर 38 फीसदी के आसपास है जिसे सरकार 21 फीसदी तक ले जाने की कोशिश कर रही है. इसके साथ ही पाकिस्तान सरकार वित्त वर्ष 2024 में रक्षा बजट पर कुल 1.8 अरब रुपये रखा है. ध्यान देने वाली बात ये है कि आने वाले कुछ महीनों में सरकार को 7.3 अरब रुपये के लोन की किस्त देनी है. ऐसे में 9.2 अरब रुपये के टैक्स कलेक्शन में सरकार इस कर्ज को कैसे चुकाएगी यह बड़ा सवाल है. शुक्रवार को पीएम शहबाज शरीफ ने कहा कि हमें उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक हम आईएमएफ प्रोग्राम को पूरा कर लेंगे. इसके साथ ही उन्होंने यूएई, सऊदी अरब और चीन को मुश्किल वक्त पाकिस्तान का साथ देने के लिए शुक्रिया अदा किया.

    इस महीने खत्म हो रहा आईएमएफ का बेलआउट पैकेज

    डिफॉल्ट होने की कगार पर खड़े पाकिस्तान का आईएमएफ के साथ हुई 6.5 बिलियन डॉलर का बेलआउट पैकेज की मियाद इस महीने खत्म हो रही है. ऐसे में नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह बेलआउट पैकेज प्राप्त करना बहुत आवश्यक है. सरकार को उम्मीद है कि वह 2.5 बिलियन डॉलर की अगली किश्त जल्द ही आईएमएफ से प्राप्त कर लेगी.

  • 17 महिलाओं से किया यौन शोषण

    Metoo Allegation On Vairamuthu: अपने ऊपर पांच साल पहले से ही यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे कवि और गीतकार वैरामुथु रामासामी के खिलाफ दक्षिण की ही गायिका भुवना शेषन ने कथित तौर पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं. उन्होंने वैरामुथु पर आरोप लगाया कि उन्होंने कथित तौर पर 17 महिलाओं का यौन शोषण किया है लेकिन उनके खिलाफ अभी तक सिर्फ चार महिलाएं ही सामने आई हैं. 

    गायिका भुवना शेषन ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, लगभग 17 औरतों ने उन (कवि और गीतकार वैरामुथु) पर आरोप लगाए हैं, लेकिन उनमें से केवल चार लड़कियों के अंदर ही इतना साहस था कि वह अपने साथ हुए उत्पीड़न के बारे में जानकारी दे सकें. अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न के बारे में जानकारी देना और उसको रिपोर्ट कर पाना बहुत ही साहस का काम है. 

    उन्होंने कहा कि मैं अपनी कहानी सिर्फ इसलिए साझा कर रही हूं क्योंकि मेरा सिर्फ एक ही मकसद है कि मैं नहीं चाहती हूं कि इस इंडस्ट्री में आने वाली और युवा गायिकाओं के सपने चूर-चूर हो जाएं.

    आरोपों के बीच कैसे आया डीएमके का नाम?
    गायिका के ये कथित आरोप राज्य की सत्तारूढ़ डीएमके सरकार के उस फैसले के बाद आए हैं जिसमें उनको सरकार ने वैरामुथु को ड्रीम हाउस योजना के माध्यम से सम्मानित किया है, जिसके मुताबिक वह राज्य के प्रसिद्ध लेखकों, गायकों और अन्य कलकारों को सम्मानित कर रही है. डीएमके सरकार के इसी फैसले के बाद गायिका ने वैरामुथु के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. 

    भुवना शेषन ने आगे कहा, वैरामुथु पहले ही एक अन्य गायिक चिन्मयी श्रीपदा के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपों  का सामना कर रहे हैं. मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है. शेषन ने चिन्मयी की तारीफ करते हुए कहा कि इतने आपमान के बावजूद और राज्य में सोशल मीडिया अकाउंट पर इतने विरोध के बाद भी चिन्मयी इस व्यक्ति के खिलाफ डटी हुई हैं जोकि काबिले तारीफ है.

    हालांकि अपने ऊपर 17 महिलाओं से यौन शोषण करने के आरोपों पर अभी तक गीतकार वैरामुथु ने खबर लिखे जाने तक कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी है.

  • पाकिस्तान में हिन्दू नहीं सुरक्षित लेकिन भारत में मुस्लिम सुरक्षित

    दुनिया: भारत जब अंग्रेजो की गिरफ्त से मुक्त हुआ तो अंग्रेजों ने भारत की एकता पर प्रहार किया। उनका मकसद भारत की एकता अखंडता को तोडना था और भारत के मुस्लिम समाज द्वारा अलग देश पाकिस्तान की मांग ने उनके मसूबों को सफल बना दिया। अब आजादी के बाद भारत के साथ एक देश पाकिस्तान खड़ा था। पाकिस्तान का नेतृत्व जिन्ना के हाथों में था यह एक मुस्लिम बाहुल्य देश था जहाँ हिन्दू भी निवास करते थे। 

    जब पाकिस्तान का गठन हुआ तो किसी ने यह कल्पना नहीं की थी कि भारत से अलग हुआ, भारत के लोगों से बना यह देश एक दिन भारत के खिलाफ साजिश रचेगा, आतंकी गतिविधियों को अंजाम देगा और हिन्दू के खिलाफ मुस्लिम समाज के मन में जहर घोलेगा। लेकिन यह हुआ आज पाकिस्तान की नीतियां हिन्दू विरोधी हैं पाकिस्तान सिर्फ हिन्दू से नफरत नहीं करता अपितु भारत में मौजूद मुस्लिम समाज को हिन्दूओ के खिलाफ भड़काता है। 

    जानें पाक में हिन्दू की स्थिति –

    पाकिस्तान वर्तमान में रोटी को तरस रहा है, न मुस्लिम पाकिस्तान में खुश हैं न हिन्दू। खाने के लिए आज सभी एक दूसरे को मारने-काटने में लगे हुए हैं। लेकिन क्या आपको यह मालूम है कि पाकिस्तान में हिन्दुओं के साथ दोहरा व्यवहार होता है, मुस्लिम द्वारा हिन्दू महिलाओं का जबरन धर्म परिवर्तन करवाया जाता है, दिन-दहाड़े उनका रेप कर लिया जाता है, वह न तो मंदिर में पूजा करने जा सकती हैं और न ही सुकून से अपने पर्व और त्यौहार मना सकती है। 

    पाकिस्तान में दशा इतनी दयनीय है कि हिन्दुओं के खिलाफ दिन भर मुस्लिम जहर उगलते हैं और पाक में बैठे  बड़े नेता भारत के मुस्लिम की स्थिति पर सवाल करते हैं। यदि हम वास्तविक विश्लेषण करें तो पाकिस्तान की तुलना में भारत का मुस्लिम अधिक सुरक्षित और बेहतर जिंदगी जी रहा है। एक तरह पाक भारत में भी अपनी जहरीली नीतियों में भारत के हिन्दुओं को पकिस्तान में रह रहे हिन्दुओं के खिलाफ जहर उगलता है।  वही भारत में मुस्लिम स्वतंत्रता के साथ अपना जीवन यापन करता है उसे अपने हक के सभी अधिकार प्राप्त हैं। 

  • छत्तीसगढ़ में वादे पूरा करने की कवायद में बढ़ा कर्ज

    छत्तीसगढ़ में कांग्रेस द्वारा चुनाव के दौरान किए गए किसानों की कर्जमाफी, बेरोजगारों को भत्ता, धान के समर्थन मूल्य में इजाफा और ग्रामीणों को आर्थिक तौर पर सक्षम बनाने के वादों को पूरा करने की कोशिश में कर्ज का बोझ बढ़ाया है।

    बीते साढ़े चार सालों में राज्य पर 54 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज बढ़ा है। बीते दो सालों से राज्य सरकार की आर्थिक स्थिति सुधरी है, यही कारण है कि आधिक्य का बजट आ रहा है।

    छत्तीसगढ़ वर्ष 2000 में अस्तित्व में आया था, उसके बाद की राज्य की आर्थिक स्थिति पर गौर करें तो बीते 23 साल में एक लाख पांच हजार करोड़ का कुल कर्ज लिया गया है। कुछ कर्ज चुकाया भी गया है।

    राज्य में कांग्रेस की सत्ता आने के बाद जनवरी 2019 से मार्च 2023 तक 54 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज लिया गया है। वर्तमान में कुल कर्ज 84 हजार करोड़ से ज्यादा है। कर्ज के ब्याज के तौर पर 460 करोड़ रुपए प्रति माह का भुगतान किया गया।

    राज्य में कांग्रेस वर्ष 2018 में हुए विधानसभा के चुनाव में किसानों की कर्जमाफी का सबसे बड़ा वादा लेकर मैदान में उतरी थी और चुनाव जीतने के बाद उसने अपने इस वादे पर अमल भी किया। इसके चलते किसानों का लगभग 9278 करोड़ रुपए का कर्ज भी माफ किया गया, इसके अलावा लगभग पांच सौ करोड़ सिंचाई कर्ज की भी माफी हुई।

    किसानों को सरकार की ओर से लगभग छह हजार करोड़ रुपए की सब्सिडी भी मुहैया कराई जाती है तो वहीं धान का समर्थन मूल्य भी ढाई हजार रुपये किया गया है। बेरोजगार युवाओं को ढाई हजार रुपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ता दिया जा रहा है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए गौशालाओं की स्थापना हुई, गौठान बनाए गए, रुलर पार्क बनाए गए और गोबर तथा गौ मूत्र की खरीदी की जा रही है।

    सरकार के इन फैसलों ने जहां ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है, किसानों को फसल का उचित मूल्य मिल रहा है वही बेरोजगारों को भत्ता मिलने लगा है।

    कांग्रेस की भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार के सामने सबसे बड़ी समस्या कोरोना महामारी के दो साल रहे हैं, जिनमें एक तरफ जहां सरकार को अपने वादों को पूरा करना था तो वहीं दूसरी ओर सरकार को अपने खजाने को भरना चुनौतीपूर्ण रहा। कुल मिलाकर एक तरफ जहां आय के रास्तों पर अवरोध रहे तो दूसरी ओर वादों को पूरा करने के लिए धनराशि की जरूरत हुई और सरकार को बड़े पैमाने पर कर्ज लेना पड़ा।

    राज्य में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों का ही नतीजा है कि छत्तीसगढ़ देश के उन राज्यों में से एक है जहां बेरोजगारी दर सबसे कम है। इतना ही नहीं, आर्थिक स्थिति में बदलाव का बड़ा संकेत इस बात से भी मिला है कि राज्य में दोपहिया और चार पहिया वाहनों की बिक्री न केवल बढ़ी है बल्कि इन वाहनों की कंपनियों के शोरूम भी कई नए इलाकों में खुले हैं।

    राज्य सरकार का एक और बड़ा वादा कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना है, इसे सरकार ने लागू कर दिया है, वर्ष 2003 के बाद पदस्थ हुए कर्मचारी अभी सेवा निवृत्त नहीं हुए है, इसलिए सरकार पर बोझ नजर नहीं आया है।

    आगामी कुछ वर्ष बाद कर्मचारी सेवा निवृत्त होंगे, क्योंकि नई पेंशन योजना वर्ष 2003 के बाद ही लागू हुई थी। कर्मचारी आम तौर कम से कम 20 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त होता है, यही कारण है कि इस श्रेणी के कर्मचारी अभी सामने नहीं आए है।

    कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा का कहना है कि राज्य में 15 साल भाजपा की सरकार रही और उसने अपना एक भी वादा पूरा नहीं किया, फिर भी 41 हजार करोड़ का कर्ज लिया, कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने राज्य के हर वर्ग की स्थिति में सुधार लाने के लिए पहले दो साल कर्ज लिया, मगर बीते दो साल से सरकार का आधिक्य का बजट आ रहा है।

    किसानों का कर्ज माफ हुआ, किसानों को सब्सिडी दी जा रही है, भूमिहीनों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। यह स्थिति तब है जब केंद्र की ओर से राज्य के बकाया का भुगतान नहीं किया जा रहा है। केंद्र के पास राज्य की लगभग 55 हजार करोड़ की क्षतिपूर्ति की राशि लंबित है, अगर यह राशि मिल जाए तो राज्य कर्ज मुक्त हो जाएगा। केंद्र सरकार ने विभिन्न योजनाओं में राज्यांश के बढ़ाने का काम किया है।

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व विधायक रंजना साहू ने राज्य की भूपेश बघेल सरकार को घोटालों, कमीशनखोरी की सरकार बताते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में छत्तीसगढ़ का सालाना बजट महज छह हजार करोड़ रुपए का होता था जबकि भाजपा के शासनकाल में यही बजट 90 हजार करोड़ रुपए का हुआ।

    कांग्रेस के शासनकाल में किसानों से पांच लाख टन धान खरीदा जाता था, वह भाजपा शासनकाल के 15 वर्षों में 15 गुना बढ़ा। कांग्रेस की मौजूदा प्रदेश सरकार धान खरीदी के नाम पर गिरदावरी और रकबा कटौती कर किसानों को हैरान कर रही है। भाजपा ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के चरण पादुका, छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं शुरू की तो कांग्रेस की मौजूदा सरकार में इन योजनाओं का कहीं कोई पता नहीं है।

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व विधायक साहू ने कहा कि साढ़े चार साल में घोटालों, भ्रष्टाचार व कमीशनखोरी की सारी हदें कांग्रेस की मौजूदा प्रदेश सरकार ने लांघ दी है।

    कांग्रेस की प्रदेश सरकार ने न केवल केन्द्र से जनकल्याण की योजनाओं के लिए मिली राशि को भ्रष्टाचार करके लुटाया, बल्कि गरीबों के हजारों क्विंटल मुफ्त अनाज पर डाका डालने का काम किया। अब छत्तीसगढ़ में दो-दो हजार करोड़ रुपए के शराब घोटाले हो रहे हैं।

  • जल जीवन मिशन से कम होगा मौत का आकड़ा

    देश: खराब पानी के सेवन से देश में प्रति वर्ष लाखों लोगों की जान चली जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ जल पहुंचाने हेतु जल जीवन मिशन (जेजेएम) मिशन काम कर रहा है। अगर यह मिशन सही तरीके से काम करे और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल हो तो इससे हजारों लोगों को मौत से बचाया जा सकता है। विश्व स्वास्थ संगठन के प्रतिनिधि डॉ. रोडेरिको एच. आफ्रिन ने जेजेएम को इंगित करते हुए कहा- योजना का उद्देश्य गांव में साफ जल पहुंचाना है। अगर योजना 2024 तक देश के सभी साढ़े छह लाख गांवों में नल से जल की सुविधा उपलब्ध कराने के लक्ष्य में सफल होती है तो इससे देश में डायरिया से मरने वालों का आकड़ा कम होगा। 

    उन्होंने आगे कहा- यह योजना ग्रामीण परिवेश में जल की समस्या दूर करने, स्वच्छ जल मुहैया करवाने, जल जनित बीमारियों से लोगों के बचाव के उद्देश्य से लागू की गई है। यदि यह योजना व्यवस्थित तरीके से काम करती है तो जलजनित बीमारियों पर लगाम लगेगी और लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होगा। बताते चलें भारत में 5 साल तक के बच्चों की मौतों का तीसरा बड़ा कारण डायरिया है और यह 13 फीसदी मौतों की वजह भी बनता है। लिहाजा इससे निपटने के लिए देश को दीर्घकालीन प्रयासों की जरूरत है।

    जानें जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य –

    जल जीवन मिशन योजना ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जल सुविधा प्रदान करवाना, गांव -गांव नल लगवाना, जलजनित बीमारियों से लोगों को बचाव हेतु जागरूक करना है। बता दें 2018 में भारत की कुल आबादी के 36 फीसदी और ग्रामीण आबादी के 44 फीसदी लोगों के लिए शुद्ध पेयजल की पहुंच नहीं थी। उन्हें गुणवत्तापूर्ण पानी के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ती है।

  • मुंबई में विधायकों के सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे यूपी बीजेपी विधायक

    उत्तर प्रदेश के भाजपा विधायक 15 से 17 जून के बीच मुंबई में होने वाले तीन दिवसीय राष्ट्रीय विधायक सम्मेलन भारत (एनएलसी भारत) में शामिल नहीं होंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई ने पार्टी विधायकों से मुंबई जाने के बजाय राज्य में चल रहे जनसंपर्क अभियान पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है। उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल के उच्च सदन के सदस्यों सहित लगभग 200 सांसदों ने एनएलसी के लिए नामांकन किया है, जिसमें अलग-अलग विधानसभाओं के सांसदों और वक्ताओं के भाग लेने की उम्मीद है।

    हालांकि पार्टी के फैसले के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी पार्टी के कुछ सदस्यों द्वारा पुष्टि की गई यह कदम स्पष्ट रूप से यह सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है कि पार्टी के विधायक ‘महा जनसंपर्क अभियान’ पर ध्यान केंद्रित करें, जो जून के अधिकांश समय तक चलेगा। इस जनसंपर्क अभियान के तहत, पार्टी ने राज्य भर के 80 लोकसभा क्षेत्रों में से प्रत्येक में रैलियों और वरिष्ठ नेताओं के दौरे की योजना बनाई है। पार्टी नेतृत्व इन आउटरीच अभियानों में सांसदों की उपस्थिति चाहता है।

    भाजपा ने उन 17 नगर निगमों में से प्रत्येक में ‘धन्यवाद मोदी (धन्यवाद मोदी)’ की बैठक की भी योजना बनाई है, जहां इस बार भाजपा जीती है। 2017 में, जब केवल 16 नगर निगम थे, भाजपा ने उनमें से 14 में महापौर पद जीते थे जबकि बसपा ने दो जीते थे। इस बार बीजेपी ने नवगठित शाहजहांपुर नगर निगम समेत सभी सीटों पर जीत हासिल की। इनमें से अधिकांश जनपहुंच पहलों में, भाजपा आम आदमी तक मोदी-योगी सरकारों की नीतियों, पार्टी नेताओं की नीतियों के साथ पहुंचने का प्रयास कर रही है।

  • ब्लाक प्रमुख की अध्यक्षता में क्षेत्र पंचायत सदस्यो की बैठक हुई आयोजित

    सफीपुर/ उन्नाव ।

    सफीपुर विकास खंड परिसर में ब्लाक प्रमुख की अध्यक्षता में क्षेत्र पंचायत सदस्यो की बैठक आयोजित की गई ।बैठक में सदस्यों ने पेयजल ,विद्युत व गावो में साफ सफाई न होने की शिकायत की ।क्षेत्र पंचायत बैठक में 2.40 करोड़ की धनराशि के प्रस्ताव क्षेत्र पंचायत सदस्यो ने दिया है । बीडीओ ने बताया कि उपलब्ध धनराशि के अनुसार विकास कार्य कराए जायेंगे ।सफीपुर विकास खंड परिसर के फतेहबहादुर ब्लाक सभागार में ब्लाक प्रमुख निर्मला रावत की अध्यक्षता में क्षेत्र पंचायत सदस्य व ग्राम प्रधानों की बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में देवगन मऊ ग्राम प्रधान दिलीप मिश्रा ने गांव में सफाई कर्मी न आने की शिकायत की,मिर्जापुर क्षेत्र पंचायत सदस्य ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में विधुत व्यवस्था धड़ाम हो चुकी है ,साथ ही विभाग कटौती के नाम पर आंख मिचौली करता रहता है । अतहा क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि संदीप ने बताया कि गांव में कई इंडिया मार्का हैंड पंप खराब पड़े है ,जिससे गांव में पेयजल की समस्या है ।क्षेत्र पंचायत की बैठक में लगभग 2.40 करोड़ की धनराशि के प्रस्ताव आमंत्रित किए गए है ।ब्लाक प्रमुख निर्मला रावत ने बताया कि क्षेत्र में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य कराए जा रहे है ।

    बीडीओ गुलाब चंद्र ने बताया कि क्षेत्र पंचायत निधि में उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष विकास कार्य कराए जाएंगे ।बैठक में जिला पंचायत सदस्य गुड्डू मिश्र ,भाजपा नेता अनूप सिंह चंदेल , एडीओ पंचायत छोटेलाल , केके तिवारी ,सर्वेश दीक्षित,जयकांत , रश्मि यादव ,प्रदीप यादव ,सकुशल सिंह ,आशीष शुक्ला आई लोग मौजूद रहे ।

  • कोलंबिया के अमेजन के जंगलों में प्लेन क्रैश के 40 दिन बाद 4 बच्चों को जिंदा रेस्क्यू किया गया

    डेस्क रिपोर्ट:

    कोलंबिया के अमेजन के जंगलों में प्लेन क्रैश के 40 दिन बाद 4 बच्चों को जिंदा रेस्क्यू किया गया है। ये सभी भाई-बहन हैं। मिलिट्री जवानों को बच्चे कोलंबिया के कैक्वेटा और गुआवियारे प्रांत की सीमा पर शुक्रवार को मिले। एक मई को प्लेन क्रैश के बाद जंगल से उसका मलबा बरामद हुआ ।राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने इस दिन को मैजिकल डे बताया है। इन बच्चों की उम्र 13, 9, 4 और एक साल है। राष्ट्रपति ने मिलिट्री के जवानों के साथ इन बच्चों की तस्वीरें भी शेयर कीं।हादसा एक मई को हुआ था। इस हादसे में पायलट समेत 3 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें इन बच्चों की मां भी शामिल थी। हादसे के बाद चारों बच्चे लापता हो गए थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद कोलंबिया सरकार और मिलिट्री ने बच्चों के रेस्क्यू के लिए ऑपरेशन होप शुरू किया था। सेसना 206 प्राइवेट प्लेन था और इसमें बच्चों समेत 7 लोग सवार थे।

    हादसे के बाद सरकार और मिलिट्री ने होप ऑपरेशन शुरू किया था। इस दौरान जंगल से बच्चों का सामान बरामद किया गया था। इसमें कैंची, दूध की बोतल, हेयर-टाई और टेम्पररी शेल्टर शामिल था। इसके अलावा कई जगहों पर बच्चों के पैरों के निशान भी नजर आए थे। सर्चिंग के दौरान मिलिट्री हेलिकॉप्टर से बच्चों की दादी की आवाज में एक रिकॉर्डेड मैसेज भी सुनाया गया था, जिससे बच्चे एक जगह रुक जाएं या कोई सिग्नल दे सकें।

    इसके बाद 17 मई को रष्ट्रपति ने ट्वीट कर बच्चों के मिलने की बात कही थी। हालांकि, सर्च ऑपरेशन में जुटी सेना ने इसकी पुष्टि नहीं की थी। उन्होंने कहा था कि अगर बच्चे किसी को मिले भी हैं तो वो उनकी कस्टडी में नहीं हैं। इसके बाद कोलंबिया में राष्ट्रपति को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था। वहां के लोगों ने सरकार पर बच्चों के मिलने की झूठी उम्मीद देने का आरोप लगाया था।अधिकारियों ने बताया, ‘एक मई को प्लेन अराराक्वारा से सैन जोस डेल ग्वावियारे जा रहा था। इसी बीच क्रैश हो गया था। हादसे के 16 दिन बाद यानी 16 मई को प्लेन का मलबा मिला था। हमें मलबे में पायलट समेत 3 शव मिले थे। इनमें से एक शव रानोक मुकुटुय नाम की महिला का था। ये ही 4 बच्चों की मां थी।

    अफसर ने बताया, ‘सैन जोस डेल ग्वावियारे शहर कोलंबिया अमेजन इलाके का मुख्य शहर है। यहां सड़कें काफी कम हैं, इसलिए लोग छोटे प्लेन से आना-जाना करते हैं। सेसना 206 के पायलट ने इंजन में खराबी होने की सूचना दी थी, जिसके कुछ मिनट बाद ही प्लेन रडार से गायब हो गया था।’100 से ज्यादा जवान शामिल थे सर्च ऑपरेशन में सेना के एक अधिकारी ने बताया था कि रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन में 100 से ज्यादा जवान शामिल थे। मिलिट्री के एयरप्लेन्स और हेलिकॉप्टर भी बच्चों की तलाश में जुटे हुए थे। स्निफर डॉग्स की भी मदद ली गई थी। सिविल एविएशन अथॉरिटी के मुताबिक, प्लेन क्रैश होने के बाद बच्चे मदद मांगने के लिए वहां से निकल गए थे। हालांकि, बच्चे इतने दिनों तक कैसे बचे रहे इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है।

  • मप्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का 13 हजार होगा मानदेय

    मध्यप्रदेश में लाडली बहना योजना के जरिए महिलाओं को हर माह एक हजार रुपये देने की सौगात के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अब मानदेय के रूप में 13 हजार रुपये मिलेंगे। साथ ही सेवानिवृत्त होने पर एकमुश्त सवा लाख रुपये दिए जाएंगे। राजधानी के भेल क्षेत्र स्थित दशहरा मैदान में आयोजित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 10 हजार रुपये के स्थान पर 13 हजार रुपये कर दिया जाएगा। इसी तरह मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय भी बढ़ाकर साढ़े छह हजार कर दिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री चौहान ने ऐलान किया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सेवानिवृत्त होने पर उन्हें एक मुस्त सवा लाख रुपए दिए जाएंगे, वहीं आंगनबाड़ी सहायिका को एक लाख रुपये मिलेगा। इतना ही नहीं इन सभी का पांच लाख रुपये तक का हेल्थ और दुर्घटना बीमा भी किया जाएगा। आंगनबाड़ी सहायिका को पदोन्नति में आरक्षण 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाएगा।