Category: national

  • अमेरिका में आम आदमी की तरह दिखे राहुल, लोगों ने पूछा सवाल

    देश :- कांग्रेस नेता राहुल गांधी अमेरिका दौरे पर गए हैं। अमेरिका में राहुल गांधी तीन राज्यों का दौरा करेंगे। वहां पहुंचते ही राहुल ने सबसे पहले सैन फ्रांसिस्को में प्रवासी भारतीयों से मुलाकता की। खबर यह भी है कि राहुल गांधी इस दौरान अमेरिकी सांसदों से मुलाक़ात कर सकते हैं। 

    राहुल जब बीते दिन अमेरिका पहुंचे तो वहां उनका स्वागत  इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा और आईओसी के सदस्य ने किया। राहुल गांधी ने आम लोगों की तरह लाइन में खड़े होकर इमिग्रेशन क्लीयरेंस करवाया जिसे देख उनके साथ यात्रा करने वाले लोग चकित रह गए। जब लोगों ने उनसे पूछा तो उन्होंने कहा अब मैं सांसद नहीं हूँ मैं एक आम आदमी हूँ मुझे यह अच्छा लगता है कि मैं सबकी तरह नार्मल लाइफ जीता हूँ। 

    सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ राहुल गांधी अमेरिका में एक प्रेस कॉन्प्रेंस को सम्बोधित करेंगे। इसके साथ ही उनका नफोर्ड यूनिवर्सिटी में छात्रों के बीच भाषण भी होगा।

  • पहलवानों के साथ किए गए व्यवहार को लेकर केटीआर ने केंद्र पर बोला हमला

     भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव ने नई दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान पहलवानों के साथ किए गए व्यवहार को लेकर केंद्र पर हमला बोला। केटीआर ने ट्विटर पर पूछा, क्या भारत सरकार का कोई जिम्मेदार नेता हमें बता सकता है कि ऐसा क्यों होना चाहिए?

    उन्होंने कहा, ये वे चैंपियन हैं, जिन्होंने हमें विश्व मंच पर गौरव दिलाया। वे हमारे समर्थन और सम्मान के पात्र हैं। केटीआर पहलवान साक्षी मलिक के एक ट्वीट पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिन्होंने एक वीडियो क्लिप पोस्ट की थी, जिसमें पुलिसकर्मी पहलवानों को घसीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने विरोध करने वाले पहलवानों को हिरासत में लिया था, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए जाने पर नई संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे।

    जंतर मंतर पर धरना स्थल से मार्च शुरू करने वाले पहलवानों को पुलिस ने नई संसद की ओर बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ा तो वहां भगदड़ मच गई।

    पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। वे अपने समर्थकों के साथ नए संसद भवन के पास ‘महिला महापंचायत’ आयोजित करना चाहते थे, जिसमें एक नाबालिग सहित महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न के आरोप में भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग की गई थी। बृजभूषण सिंह उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से बीजेपी सांसद हैं।

  • मोदी सरकार के नौ साल : आज से शुरू हो रहा भाजपा का मेगा जनसंपर्क अभियान

    केंद्र में मोदी सरकार के 9 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भाजपा आज से देशभर में अपना मेगा विशेष जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रही है। भाजपा ने इस विशेष अभियान को 30 जून तक चलाने की योजना बनाई है। 2024 में होने वाले लोक सभा चुनाव के मद्देनजर इसे पार्टी की एक बड़ी कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। इसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सरकार के मंत्री, भाजपा के दिग्गज नेता, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्री और प्रदेश, जिला और स्थानीय स्तर तक के नेता देश की सभी लोकसभा सीटों पर जाकर मतदाताओं से संवाद कर, उन्हें सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताएंगे और साथ ही पिछली सरकारों के कामकाज से मोदी सरकार के कामकाज की तुलना भी करेंगे।इस विशेष जनसंपर्क अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार, 31 मई को चुनावी राज्य राजस्थान के अजमेर में एक बड़ी रैली करने जा रहे हैं। इसके अलावा महीने भर तक चलने वाले अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री कई अन्य राज्यों में भी रैलियां कर सकते हैं। पार्टी ने इसके लिए देश की सभी लोक सभा सीटों को 117 कलस्टर में बांट दिया है। प्रत्येक कलस्टर में 3 से 5 लोकसभा सीटों को शामिल किया गया हैं। प्रत्येक कलस्टर में वरिष्ठ मंत्री , वरिष्ठ नेता और स्थानीय नेताओं की टीम को तैनात किया गया है।

    इन नेताओं को ए, बी और सी तीन कटेगरी में बांटकर, कटेगरी अनुसार अपने-अपने क्लस्टर वाली लोक सभा सीटों पर जाकर जनसंपर्क करने, जनसभाएं करने और पार्टी के कार्यक्रमों की निगरानी करने का जिम्मा सौंपा गया है। ए ग्रुप में केंद्रीय मंत्री, पार्टी के राष्ट्रीय नेता और पूर्व मुख्यमंत्रियों को रखा गया है, जो उन लोक सभा क्षेत्रों से जुड़े राज्यों की बजाय दूसरे राज्यों से होते हैं। बी ग्रुप में भी कलस्टर वाले राज्य को छोड़कर दूसरे राज्य से जुड़े सांसदों और वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है। सी ग्रुप में कलस्टर वाले राज्य के स्थानीय नेताओं को ही जगह दी गई है। हर कलस्टर में इन तीनों ग्रुप के नेताओं को शामिल कर उन्हें उनकी केटेगरी के हिसाब से अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है।

    वैसे तो भाजपा देश के सभी लोक सभा क्षेत्रों में यह मेगा जनसंपर्क अभियान चलाएगी, लेकिन इसमें से पार्टी लोक सभा की लगभग चार सौ सीटों पर विशेष फोकस रखने जा रही है। अभियान के दौरान भाजपा की योजना देश के लगभग चार सौ लोक सभा क्षेत्रों को टारगेट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा समेत सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों , पार्टी के दिग्गज नेताओं और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों की 51 बड़ी रैलियां आयोजित करने की है। इसके अलावा श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देशभर के 10 लाख से ज्यादा बूथों पर कार्यकर्ताओं को संबोधित भी करेंगे।

    एक महीने तक चलने वाले इस अभियान के तहत भाजपा नेता देशभर में एक लाख विशिष्ट और प्रभावशाली परिवारों, जिनमें प्रसिद्ध खिलाड़ी, उद्योगपति, कलाकार एवं देश सेवा के दौरान शहीद हुए लोगों के परिजनों जैसे परिवार होंगे से संपर्क साध कर बातचीत करेंगे। पार्टी की योजना हर लोक सभा क्षेत्र में कम से कम 250 ऐसे परिवारों से संपर्क साधने की है, कई लोक सभा क्षेत्रों में तो यह आंकड़ा एक हजार तक भी पहुंच सकता है। इसके साथ ही पार्टी नेता देशभर में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स से भी संवाद करेंगे।

    जून में एक से 22 तारीख के बीच भाजपा नेता देश के सभी लोक सभा क्षेत्रों में प्रेस कांफ्रेंस करेंगे, संपर्क साधेंगे, क्षेत्र विशेष के प्रबुद्ध, प्रभावशाली और इंफ्लुएंसर्स लोगों के साथ मुलाकात करेंगे, सभाएं और सम्मेलन करेंगे। इस दौरान भाजपा अपने सभी सातों मोचरें का संयुक्त सम्मेलन करेगी। लाभार्थियों तक पहुंचने के लिए इससे जुड़े सम्मेलन भी किए जाएंगे। इसके साथ ही पार्टी 20 से 30 जून के दौरान घर-घर संपर्क अभियान भी चलाएगी।

  • बिहार में महिलाएं जगा रही अच्छी सेहत, संस्कारों की अलख

    आमतौर पर देखा जाता है कि छोटे शहरों और ग्रामीण परिवेश में रहने वाली महिलाएं अपने सेहत के प्रति सतर्क नहीं रहती। लेकिन अब बिहार की महिलाएं भी अपने स्वास्थ्य और संस्कारों को लेकर सतर्क हो रही हैं।

    आज बिहार के मुंगेर जैसे शहर की महिलाएं खुद को फिट रखने के लिए प्रयास कर रही हैं। यह बहुत आसान नहीं था लेकिन तीन महिलाओ ने अन्य महिलाओं को इसके लिए प्रेरित किया और अब कारवां बढ़ता जा रहा है।

    दरअसल, मुंगेर जिला मुख्यालय में स्वस्थ भारत मिशन का तीन महिलाओं की टोली अन्य महिलाओं में सेहत और संस्कार के अलख जगा रही हैं। ये ऐसी महिलाएं हैं जो कि अपने घरों के कामकाज को करते हुए भी खुद की फिटनेस रखने के साथ-साथ समाज की अन्य महिलाओं को भी फिट रहने के गुर नि:स्वार्थ भाव से नि:शुल्क सिखाती हैं।

    आज इनकी टोली में 100 से ज्यादा महिलाएं शामिल हैं, जो प्रतिदिन इस कार्य में लगी हैं। इन सभी महिलाओं के लिए प्रशिक्षक की भूमिका निभा रही शालिनी, गुड़िया और अंजू इन्हें स्वास्थ के प्रति जागरूक भी कर रही हैं और कई बीमारियों को लेकर सचेत करती हैं तथा उन्हें इससे बचने के लिए शारीरिक रूप से अभ्यास भी कराती हैं।

    शालिनी बताती हैं कि आम तौर पर शरीर के अस्वस्थ होने के कारण ही मोटापा, थायरॉइड, ज्वाइंट पेन, कमर दर्द जैसी अन्य बीमारियां होती हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर महिलाएं स्वास्थ्य की अनदेखी करती हैं जिससे उनका वजन बढ़ जाता है। आज यहां कई महिलाओं ने अपना वजन 15 से 20 किलो तक कम किया है।

    प्रशिक्षक की भूमिका निभा रही अंजू बताती हैं कि महिलाओं के जीवन में परिवार के बीच समय बिताने के साथ-साथ अपने लिय समय निकालना मुश्किल हो जाता है, जिस कारण वे खुद पर ध्यान नहीं देती।

    उन्होंने आम महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि चाहे तो आप बीमारी के लिए चिकित्सक को पैसा दें या अपने परिवार का ध्यान रखते हुए खुद को स्वस्थ और फिट रखने के लिए एक घंटे का समय निकालकर व्यायाम और योग करें।

    वे बताती हैं कि दो साल पहले हम दो महिलाओं ने इसकी शुरूआत की थी, इसके बाद फिर तीन महिलाओं की जोड़ी बन गई। शुरूआत में तो कम महिलाएं इसके लिए जागरूक थी, लेकिन आज 100 से अधिक महिला हमारे साथ जुड़ गई हैं।

    उन्होंने बताया कि ये योग के साथ-साथ जुबां और एरोबिक्स कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा महिलाओं को संस्कार भी सिखाया जाता है।

    उन्होंने बताया कि कई ऐसी महिलाएं हैं जिनका थायरॉइड कम हो गया है, शरीर के विभिन्न जोड़ों में जो दर्द होता था उसमें भी कमी हुई है। इसके अलावा योगासन करने से शरीर भी स्वस्थ और हल्का हो रहा है।

    शालिनी कहती हैं कि महिलाएं जागरूक हों और अपने आप को बीमारी से मुक्त करने के लिए योग और व्यायाम को अपनाएं।

    पटना अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के चिकित्सक डॉ रमण किशोर भी मानते हैं कि आज के दौर में किसी के लिए भी व्यायाम, योग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जागरूकता सबसे जरूरी है।

  • केंद्र सरकार पर विपक्ष के रिपोर्ट कार्ड में सिर्फ लाल निशान

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के इस सप्ताह 9 साल पूरे होने के साथ, सत्ता पक्ष पर सत्ता बरकरार रखने को लेकर घबराहट है और विपक्षी दलों के बीच इसे हटाने की नई आशा है। जबकि जनता अभी भी ‘अच्छे (पुराने) दिनों’ के सपने देख रही है।

    महाराष्ट्र के विपक्षी दल कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी व समाजवादी पार्टी और अन्य भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए शासन के खराब ट्रैक रिकॉर्ड पर भड़क गए।

    एमवीए प्रभारी का नेतृत्व करते हुए, शिवसेना (यूबीटी) की सांसद, प्रियंका चतुवेर्दी, कांग्रेस महासचिव सचिन सावंत और एनसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने कई ज्वलंत मुद्दों पर भाजपा पर हमला किया, विशेष रूप से नई संसद के उद्घाटन जैसे सामयिक मुद्दों पर।

    चतुर्वेदी ने कहा, पीएम मोदी के कार्यकाल को मंथन की अवधि के रूप में चिह्न्ति किया जाएगा, जिस तरह से लोकतंत्र का क्षरण हुआ और संवैधानिक रूप से चुनी गई राज्य सरकारों को बेरहमी से गिराया जा रहा है और कुलीन वर्गों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    चतुर्वेदी ने कहा, राष्ट्रपति के अपमान से लेकर उप-राष्ट्रपति को ‘सम्राट’ के सामने झुकना, राज्यपालों के राजनीतिक प्रतिनिधि/एजेंट होना और सत्ता की भूख मिटाने के लिए पद का खुलेआम दुरुपयोग, इस सरकार ने राजनीतिक शालीनता के सभी मानदंडों को तोड़ दिया है।

    सावंत ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारतीय अर्थव्यवस्था लड़खड़ा रही है और कई दशकों के बाद पहली बार करोड़ों लोगों को गरीबी रेखा (बीपीएल) से नीचे धकेल दिया गया है जबकि अमीर और अमीर होते जा रहे हैं।

    सांवत ने कहा, भाजपा 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के बारे में बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन वर्तमान में मुद्रास्फीति ने अभूतपूर्व स्तर को छू लिया है, बेरोजगारी ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, सभी वर्ग के लोग पीड़ित हैं, विशेष रूप से गरीब और मध्यम वर्ग, लेकिन सरकार इवेंट मैनेजमेंट में व्यस्त है।

    क्रेस्टो ने भाजपा के शासन में जिस तरह से लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है और व्यवस्थित रूप से नष्ट किया जा रहा है, उस पर अफसोस जताया।

    क्रेस्टो ने कहा, देखें कि कितनी कानूनी रूप से चुनी गई राज्य सरकारों को धन बल का उपयोग करके तोड़ा और गिराया गया। राजनीतिक, वैचारिक या बौद्धिक सभी प्रकार के विपक्ष का मुंह बंद किया जा रहा है और विरोधियों को दुश्मनों और ‘गद्दारों’ की तरह माना जाता है, जबकि सभी संवैधानिक संस्थानों की स्वतंत्रता को ध्वस्त किया जा रहा है।

    चतुर्वेदी ने कहा, विमुद्रीकरण (2016) और 2000 रुपये के नोट प्रयोग की विफलता, भ्रष्टाचार को रोकने, सीमाओं पर चीन को नियंत्रित करने में असमर्थता, सभी की विश्वसनीयता और उत्तरदायित्व के क्षरण जैसी चौतरफा विफलताओं को देखते हुए सरकार को छवि निर्माण से परे जाने की आवश्यकता है।

    सावंत ने कहा कि शायद मोदी शासन की एकमात्र सफलता चुनाव जीतने के लिए सांप्रदायिक जहर फैलाना, मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने के लिए धार्मिक अत्याचार करना और ‘सामाजिक-धार्मिक सद्भाव और शांति’ को नुकसान पहुंचाना है।

    सावंत चेतावनी दी कि मोदी सरकार के सत्ता हथियाने के अनैतिक और अलोकतांत्रिक साधनों को दी गई वैधता ने सामाजिक-राजनीतिक माहौल को पूरी तरह से चीर दिया है, लोकतंत्र को एक अस्तित्वगत खतरे का सामना करना पड़ रहा है और आईसीयू में हांफ रहा है। देशवासियों को जागने का समय आ गया है।

    लाखों लोगों, विशेष रूप से मध्यम वर्ग और समाज के निचले वर्ग को बर्बाद करने वाले कोविड -19 महामारी लॉकडाउन के खराब कार्यान्वयन की आलोचना करते हुए, क्रेस्टो ने कहा कि गैस, पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कम करने में भाजपा की अक्षमता से स्थिति और खराब हो गई है।

  • आरबीआई के खिलाफ याचिका को हाईकोर्ट ने किया खारिज

    दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की उन अधिसूचनाओं को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी, जिसमें बिना किसी पहचान प्रमाण के नोट बदलने की अनुमति दी गई थी। मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने 23 मई को अपना फैसला सुरक्षित रखने के बाद याचिका को खारिज कर दिया। आरबीआई के वरिष्ठ अधिवक्ता पराग पी. त्रिपाठी के वकील ने पिछले हफ्ते जनहित याचिका (पीआईएल) पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि इसे खारिज किया जाना चाहिए।

    जनहित याचिका भाजपा नेता और अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने दायर की थी। त्रिपाठी ने आगे कहा था कि यह एक वैधानिक कवायद है न कि नोटबंदी।

    उन्होंने कहा, मेरे विद्वान मित्र द्वारा उठाया गया कोई भी बिंदु सार्वजनिक मुद्दों पर किसी भी तरह से प्रभावित नहीं होता है।

    जनहित याचिका में कहा गया कि 19 और 20 मई को प्रकाशित अधिसूचनाएं मनमानी थीं और भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करती थीं।

    याचिका में आरबीआई और एसबीआई को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने की भी मांग की गई कि 2000 रुपये के नोट संबंधित बैंक खातों में ही जमा किए जाएं, ताकि काला धन और आय से अधिक संपत्ति रखने वाले लोगों की पहचान की जा सके।

    –आईएएनएस

  • तेजस्वी यादव कन्हैया कुमार को मानते हैं अछूत

    बिहार की राजधानी पटना में 12 जून को होने वाली विपक्षी एकता सम्मेलन से पहले बुधवार को आरजेडी नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव कुम्हार समाज समन्वय समिति द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम से दूर रहे. इसकी वजह कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार को माना जा रहा है, जिन्हें आयोजकों ने भी इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया था.

    सूत्रों ने दावा किया कि तेजस्वी यादव कन्हैया कुमार की वजह से ही इस कार्यक्रम से दूर रहे. आयोजन के लिए तेजस्वी यादव को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने वाले आयोजकों ने काफी देर तक इंतजार किया और आरजेडी नेता के कार्यालय में बार-बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आया. राज्यमंत्री अशोक चौधरी और मोहम्मद इस्राइल मंसूरी ने कन्हैया कुमार के साथ दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की.

    कार्यक्रम के दौरान जब कन्हैया कुमार से पूछा गया कि तेजस्वी यादव कार्यक्रम में क्यों नहीं आए, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया और कहा, कार्यक्रम के अध्यक्ष कुछ कह रहे हैं, कृपया उनके भाषण का सम्मान करें. मैं लोगों को देखना चाहता हूं, जो यहां आए हैं. मैं आपसे (मीडिया) अनुरोध करता हूं कि मुझे उन्हें देखने के लिए कुछ जगह दें.

    अशोक चौधरी ने अपनी ओर से कहा, हो सकता है कि आयोजकों ने निमंत्रण भेजा हो, लेकिन उन्होंने इसकी पुष्टि नहीं की. डिप्टी सीएम कह रहे थे कि उन्हें बहुत काम पूरा करना है.

    हालांकि, सूत्रों ने कहा कि तेजस्वी यादव कन्हैया कुमार के साथ मंच साझा करने के इच्छुक नहीं हैं. 2019 में कन्हैया कुमार ने बेगूसराय से भाजपा के गिरिराज सिंह के खिलाफ वामपंथी उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ा था. वामपंथी नेताओं ने तब आरजेडी से अनुरोध किया था कि वह सीट से अपना उम्मीदवार न उतारे.

    हालांकि, आरजेडी द्वारा वहां से उम्मीदवार खड़ा किए जाने के बाद कन्हैया कुमार चुनाव हार गए, क्योंकि महागठबंधन के वोट कन्हैया कुमार और आरजेडी प्रत्याशी के बीच बंट गए. सूत्रों ने दावा किया कि लालू प्रसाद के परिवार का मानना है कि अगर कन्हैया कुमार बिहार की राजनीति में खुद को स्थापित करते हैं तो तेजस्वी यादव मुस्लिम वोटों से चूक सकते हैं.

    खबर जी न्यूज़ से ली गई है टीम द्वारा खबर में कोई एडिटिंग नहीं हुई है। 

  • एसजीपीसी ने की ओलंपियन महिला पहलवानों के खिलाफ कार्रवाई की निंदा

     शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने दिल्ली के जंतर मंतर पर न्याय के लिए प्रदर्शन कर रही महिला ओलंपियन पहलवानों पर सरकार की कार्रवाई की निंदा की है। एसजीपीसी के महासचिव गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि मानवाधिकारों के लिए आवाज उठाने वालों के खिलाफ सरकार की कठोर कार्रवाई लोकतंत्र पर एक धब्बा है।

    उन्होंने कहा कि एक ओर नवनिर्मित संसद का उद्घाटन हो रहा है और दूसरी ओर देश का नाम रोशन करने वाली महिला पहलवानों पर अत्याचार हो रहे हैं, जिससे पूरा देश शर्मसार हुआ है।

    ग्रेवाल ने कहा कि एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी के निर्देश के अनुसार, एसजीपीसी के एक प्रतिनिधिमंडल को जंतर-मंतर पर पहलवानों के समर्थन में न्याय के लिए विरोध प्रदर्शन में शामिल होना था, लेकिन रविवार को सरकार द्वारा धरना हटाने की जबरन कार्रवाई के कारण यह कार्यक्रम फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

    उन्होंने कहा कि एसजीपीसी इन महिला पहलवानों के साथ मजबूती से खड़ी है और जो भी कार्यक्रम बनेगा उसमें पूरा सहयोग देगी।

    ग्रेवाल ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि जब भी सिख समुदाय अपने इतिहास और परंपराओं को निभाते हुए मानवाधिकारों के लिए लड़ने वालों के साथ खड़ा होता है तो कुछ लोगों द्वारा एक नकारात्मक नैरेटिव गढ़ा जाता है। सिखों ने हमेशा देश की रक्षा के लिए बलिदान दिया है और सिखों को किसी से देशभक्ति सीखने की जरूरत नहीं है।

    उधर, एसजीपीसी की कार्यकारी सदस्य गुरिंदर कौर भोलूवाल ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि खेलों में पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली लड़कियों को परेशान किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि सरकार इन लड़कियों की बात सुनने के बजाय उन्हें सड़कों पर घसीट रही है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी किसी भी अन्याय के खिलाफ इन लड़कियों के साथ हमेशा मजबूती से खड़ी रहेगी।

  • लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए किया हर फैसला : मोदी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने पर कहा है कि उन्होंने हर फैसला लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए ही लिया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हम भारत को विकसित भारत बनाने के लिए आने वाले दिनों में और भी ज्यादा मेहनत करते रहेंगे। प्रधानमंत्री ने सेवा के 9 वर्ष के टैगलाइन के साथ ट्वीट करते हुए भारत की विकास यात्रा को जानने और विभिन्न सरकारी योजनाओं से लोगों को मिले लाभ की जानकारी हासिल करने के लिए सभी को अपनी वेबसाइट पर विजिट करने का निमंत्रण भी दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा,आज, जब हम राष्ट्र की सेवा में 9 वर्ष पूरे कर रहे हैं, मैं विनम्रता और कृतज्ञता से भर गया हूं। किया गया हर फैसला, उठाया गया हर कदम, लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की इच्छा से निर्देशित होता है। विकसित भारत के निर्माण के लिए हम और भी अधिक मेहनत करते रहेंगे।

    प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र के विकास के लिए 9 साल के अटूट समर्पण की बात करते हुए देश की विकास यात्रा की एक झलक पाने के लिए सभी को अपने वेबसाइट पर आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि यह इस बात को उजागर करने का अवसर भी देता है कि विभिन्न सरकारी योजनाओं से लोगों को कैसे लाभ हुआ है।

  • फाइटर जेट, पनडुब्बी, युद्धपोत, मिसाइल ने बढ़ाई भारत की सैन्य ताकत

    आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं में से एक है। हमारी सेना के शौर्य और पराक्रम की चर्चा पूरी दुनिया में होती है। बीते कुछ महीनों या सालों में भारत की सैन्य ताकत तेजी से बढ़ी है। फ्रांस से खरीदे गए लड़ाकू विमान ‘राफेल’ की पूरी खेप भारत को मिल चुकी है। आईएनएस विक्रांत और मोरमुगाओ जैसे आधुनिक और स्वदेशी युद्धपोत भारतीय सेनाओं का हिस्सा हैं। वागीर पनडुब्बी और कई मिसाइलों ने भी भारत की सैन्य क्षमता में इजाफा किया है। बीते वर्ष दिसंबर में फाइटर जेट राफेल की अंतिम किस्त भारत पहुंची। इसी के साथ ही भारत फ्रांस के बीच हुआ राफेल सौदा पूरा हो गया। भारत और फ्रांस के बीच कुल 36 राफेल फाइटर जेट को लेकर सौदा हुआ था और अब भारत को सभी 36 राफेल मिल चुके हैं।

    जानकारी के मुताबिक, राफेल लड़ाकू विमानों का एक स्क्वाड्रन पाकिस्तान से लगी पश्चिमी सीमा और उत्तरी सीमा की निगरानी के लिए है। जबकि एक दूसरा अन्य स्क्वाड्रन भारत की पूर्वी सीमा क्षेत्र की निगरानी के लिए है। रक्षा विशेषज्ञ भी मानते हैं कि राफेल डील पूरी होने से भारतीय वायुसेना की ताकत में बड़ा इजाफा हुआ है। विशेष रूप से ऐसे समय में जब चीन के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर तनाव और संघर्ष छिड़ा है।

    एक अन्य बड़ी उपलब्धि के अंतर्गत रक्षा मंत्रालय ने इसी वर्ष भारतीय सेना के कोर ऑफ इंजीनियर्स के लिए मॉड्यूलर पुलों के 41 सेट के स्वदेशी निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। यह पुल नहरों एवं खाइयों जैसी विभिन्न प्रकार की बाधाओं पर काबू पाने में सक्षम है।

    इन बहुउपयोगी एवं परिवर्तनकारी पुलों को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा डिजाइन तथा विकसित किया गया है। मॉड्यूलर पुलों को लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) द्वारा डीआरडीओ-नामित उत्पादन एजेंसी के रूप में तैयार किया जाएगा।

    रक्षा मंत्रालय के मुताबिक मॉड्यूलर ब्रिज की खरीद के लिए 8 फरवरी, 2023 को एलएंडटी के साथ 2,585 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत पर अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं। मॉड्यूलर ब्रिज के प्रत्येक सेट में 8 गुणा 8 हैवी मोबिलिटी व्हीकल पर आधारित सात कैरियर व्हीकल और 10 गुणा 10 हेवी मोबिलिटी व्हीकल पर लगने वाले दो लॉन्चर व्हीकल शामिल होंगे।

    रक्षा मंत्रालय के मुताबिक 24 मार्च को लगभग 3,000 करोड़ रुपये के दो एकीकृत इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली ‘प्रोजेक्ट हिमशक्ति’ की खरीद के लिए बीईएल के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। यह खरीद परियोजना स्वदेशी रूप से विकसित डिजाइन और निर्मित श्रेणी के तहत है, जिसमें समकालीन और उन्नत प्रौद्योगिकियां शामिल हैं।

    भारतीय नौसेना ने बीते सप्ताह ही एक और मील का पत्थर हासिल किया है। नौसेना के आईएनएस विक्रांत पर पहले ‘मिग-29के’ फाइटर जेट ने नाइट लैंडिंग की है। नौसेना का कहना है कि यह रक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    भारतीय नौसेना के मुताबिक, भारत के स्वदेशी आईएनएस विक्रांत युद्धपोत पर ‘मिग-29के’ को रात में सफलतापूर्वक लैंडिंग कराई गई है। नौसेना की यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती ताकत की ओर बड़ा कदम है।

    गौरतलब है कि इससे पहले तेजस विमान के नौसैनिक वर्जन ने आईएनएस विक्रांत पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की थी। इससे पहले भारतीय नौसेना ने कामोव 31 हेलीकॉप्टर को भी 28 मार्च को आईएनएस विक्रांत पर उतारा गया था।

    भारतीय नौसेना के डिस्ट्रॉयर युद्धपोत आईएनएस ‘मोरमुगाओ’ ने भी भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा किया है। इसी महीने मोरमुगाओ से एक एडवांस मिसाइल की बेहद महत्वपूर्ण व सफल टेस्टिंग की गई है। ‘सी स्कीमिंग’ के नाम से विख्यात इस मिसाइल की टेस्टिंग के दौरान मिसाइल ने समुद्र में तैरते हुए टारगेट को नीचे से हिट किया। भारतीय नौसेना के मुताबिक टेस्टिंग के दौरान मिसाइल का निशाना बिल्कुल सटीक था और वह अपने लक्ष्य को भेदने में सफल रही। नौसेना का कहना है कि यह मिसाइल 300 किलोमीटर की दूरी तक अपने लक्ष्य को भेदने में सक्षम है।

    इसी वर्ष मार्च में भारतीय नौसेना ने ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। यह मिसाइल स्वदेशी बूस्टर से लैस है। नौसेना ने अरब सागर में अपने समुद्री जहाज से इस मिसाइल का परीक्षण किया है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस ब्रह्मोस मिसाइल के बूस्टर को डीआरडीओ ने डिजाइन किया है। नौ सेना द्वारा किए गए परीक्षण के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल ने अरब सागर में सटीक हमला करते हुए अपने टारगेट को भेदा है।

    भारतीय नौसेना कलवारी श्रेणी की पांचवीं पनडुब्बी वागीर के परिचालन की शुरूआत (कमीशन) करने जा रही है। यह पनडुब्बी सतह-रोधी युद्ध, पनडुब्बी-रोधी युद्ध, खुफिया जानकारी एकत्र करने, माइन बिछाने और विभिन्न निगरानी मिशनों में सक्षम है। नौसेना के बेड़े में शामिल होने पर यह पनडुब्बी भारतीय नौसेना की शक्ति और अधिक बढ़ाएगी। नौसेना के 23 जनवरी को इसे नौसेना में कमीशन किया है।

    हालांकि इन कामयाबियों के बीच भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने अपने मिग-21 लड़ाकू विमानों के उड़ान भरने पर रोक लगा दी है। गौरतलब है कि मिग-21 फाइटर जेट बीते 5 दशकों से भारतीय वायु सेना के बेड़े का महत्वपूर्ण विमान है। वायु सेना के मुताबिक यह रोक मिग-21 लड़ाकू विमानों के पूरे बेड़े पर लगाई गई है। बीते दिनों राजस्थान में हुई मिग-21 लड़ाकू विमान कि दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अब वायु सेना ने यह निर्णय लिया है।