Category: national

  • मुझे कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनाएं या…’, खरगे को

    कर्नाटक में भले ही कांग्रेस ने 135 सीटें हासिल कर जीत दर्ज कर ली हो, लेकिन अब तक मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर नहीं लगा सकी है. कांग्रेस आलाकमान अभी अगला सीएम कौन होगा इसे लेकर गहन मंथन कर रहा है. डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया में से किसी एक चुनना कांग्रेस के लिए मुश्किल होता जा रहा है. सूत्रों की मानें तो, अब डीके शिवकुमार ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की है. इस दौरान उन्होंने अगला सीएम बनने की इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने 2019 में सरकार गिरने के बाद राज्य में पार्टी के पुनर्निर्माण में मदद की थी. 

    ‘सिद्धारमैया बन चुके, अब मेरी बारी है’

    10 मई के विधानसभा चुनाव में पार्टी की शानदार जीत के बाद कर्नाटक में सरकार गठन पर चर्चा करने के लिए इस वक्त शिवकुमार और सिद्धारमैया दोनों कांग्रेस नेतृत्व से मिलने के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं. इस दौरान शिवकुमार ने खरगे से अपनी मुलाकात के दौरान कहा कि सिद्धारमैया को पहले ही सीएम बनने का मौका दिया जा चुका है और अब उनकी बारी है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें सीएम की कुर्सी से वंचित किया जाता है, तो वह पार्टी में विधायक के रूप में ही काम करना पसंद करेंगे. 

    ‘सिद्धारमैया का कार्यकाल एक “कुशासन” था’

    शिवकुमार ने खरगे से यह भी कहा कि सीएम के रूप में सिद्धारमैया का कार्यकाल एक “कुशासन” था और कर्नाटक में एक प्रमुख समुदाय लिंगायत पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ थे. पार्टी सूत्रों ने कहा था कि कांग्रेस प्रमुख यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी के साथ गुप्त मतदान के परिणाम पर चर्चा करने के बाद कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री पर फैसला करेंगे. सोनिया गांधी इस समय शिमला में हैं. 

    बेंगलुरु में किया जा सकता है सीएम का एलान

    सूत्रों का कहना है कि कर्नाटक में सीएम पद पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. कांग्रेस अध्यक्ष ने सभी हितधारकों से मुलाकात की है. अब अंतिम फैसला वे राहुल गांधी और सोनिया गांधी से परामर्श करने के बाद लेंगे. माना जा रहा है कि बेंगलुरु में ही मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जा सकती है.

  • कानून मंत्री के रूप में सेवा करना मेरा सौभाग्य: रिजिजू

    केंद्रीय कानून मंत्री के पद से हटाए जाने के बाद गुरुवार को किरेन रिजिजू ने कहा कि कानून मंत्री के रूप में काम करना मेरा सौभाग्य रहा। उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़, अन्य न्यायाधीशों और कानून अधिकारियों को समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। इससे पहले दिन में एक बड़े कैबिनेट फेरबदल में, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को रिजिजू की जगह कानून मंत्रालय सौंपा गया। रिजिजू को केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई।

    ट्विटर पर रिजिजू ने लिखा, पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री के रूप में सेवा करना मेरे लिए सौभाग्य और सम्मान की बात रही है। न्यायाधीशों को धन्यवाद देते हुए, उन्होंने कहा: मैं भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, स्सर्वोच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीशों, उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों, निचली अदालतों के न्यायाधीशों और पूरे कानून अधिकारियों को न्याय की आसानी सुनिश्चित करने और हमारे नागरिकों के लिए कानूनी सेवाएं प्रदान करने में भारी समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं।

    उन्होंने कहा, मैं भू-विज्ञान मंत्रालय में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विजन को उसी जोश के साथ पूरा करने के लिए तत्पर हूं। मैं बीजेपी के एक विनम्र कार्यकर्ता के रूप में इसे स्वीकार करता हूं। प्रधानमंत्री मोदी ने अर्जुन राम मेघवाल को कानून और न्याय के नए मंत्री के रूप में नियुक्त किया और किरण रिजिजू को भू-विज्ञान मंत्रालय में स्थानांतरित कर दिया। मेघवाल को उनके वर्तमान मंत्रालय के साथ कानून और न्याय मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में स्वतंत्र प्रभार दिया गया है।

  • सिद्धारमैया बनेंगे मुख्यमंत्री, डीके शिवकुमार को मिला उपमुख्यमंत्री का पद

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया कर्नाटक के मुख्य मंत्री बनेगे। वहीं डी.के. शिवकुमार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस परिपेक्ष्य में कहा है कि घोषणा सभी की सहमति के साथ होगी। सूत्रों के मुताबिक 20 मई को बेंगलुरु में दोनों अपने पद की शपथ ग्रहण करेंगे। 

     

  • कांग्रेस ने लिंगायत और दलित समुदाय का किया अपमान, कर्नाटक को एटीएम की तरह करेगी इस्तेमाल- भाजपा

    भाजपा ने कर्नाटक में सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री और डीके शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री बनाने के कांग्रेस आलाकमान के फैसले की आलोचना करते हुए आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने राज्य के लिंगायत और दलित समुदाय का अपमान किया है। इसके साथ ही भाजपा ने यह भी आरोप लगाया है कि कांग्रेस अब कर्नाटक को भी एटीएम की तरह ही इस्तेमाल करेगी।

    भाजपा आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने कांग्रेस के फैसले की आलोचना करते हुए ट्वीट कर कहा कि, पहली बार कर्नाटक में एक ऐसी सरकार होगी जो न तो उप-क्षेत्रीय आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है और न ही राज्य के प्रमुख समुदायों का। मनोनीत मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, दोनों नेता दक्षिण कर्नाटक से आते हैं।

    मालवीय ने कांग्रेस पर लिंगायत और दलित समुदाय का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहली बार कर्नाटक में शक्तिशाली लिंगायत समुदाय या अनुसूचित जाति से कोई प्रतिनिधित्व नहीं होगा। कांग्रेस पर जानबूझकर एमबी पाटिल और जी परमेश्वर को छोड़ देने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेता ने कहा कि इन दोनों को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता था लेकिन कांग्रेस इन दोनों वरिष्ठ नेताओं और इनके समुदायों को अपमानित करने पर तुली हुई है।

    कांग्रेस पर अब कर्नाटक को एटीएम की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए मालवीय ने एक कार्टून भी शेयर किया जिसमें यह दावा किया गया है कि भ्रष्टाचार के मामले में सिद्धारमैया पर 50 आरोप और डीके शिवकुमार पर 19 आरोप हैं। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार की जीत करार देते हुए कहा कि सिद्धारमैया एक प्लेसहोल्डर सीएम तक ही सिमट कर रह जाएंगे और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ही सरकार चलाएंगे,ज्यादातर मंत्रियों को नियुक्त करेंगे और दिल्ली में गांधी परिवार को खुश करने के लिए कर्नाटक को एक एटीएम के तौर पर सीमित कर देंगे।

  • अरब के कुछ नेताओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर आंखें मूंदी : जेलेंस्की

    अरब लीग के 32वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए जेद्दा गए यूक्रेनी राष्ट्रपति ब्लादिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि क्षेत्रीय ब्लॉक के कुछ नेताओं ने कीव के खिलाफ रूस के आक्रमण पर आंखें मूंद ली हैं। उक्रेइंस्का प्रावदा की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि ऐसे लोग हैं जो कैद और अवैध कब्जे के लिए आंखें मूंद लेते हैं, लेकिन रूसी प्रभाव कितना भी मजबूत क्यों न हो, स्वतंत्र रहना महत्वपूर्ण है।

    उन्होंने कहा कि भले ही शिखर सम्मेलन में यूक्रेन में युद्ध के संबंध में अलग-अलग दृष्टिकोण रखने वाले लोग हों, कुछ इसे संघर्ष कहते हैं, वे अभी भी रूसी हमले से लोगों को बचाने के लिए एकजुट हो सकते हैं। अरब लीग के देशों में से केवल सीरिया ने खुले तौर पर रूस के आक्रमण का समर्थन किया है, जबकि अन्य ने मास्को के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की बात कही है।

    उन्होंने कहा, मुझे यकीन है कि लीग के सभी राष्ट्र इसे हमारी मुख्य भावना और मुख्य कॉल को समझेंगे जो मैं यहां छोड़ना चाहता हूं। उन्होंने कहा, मेरे साथ यहां, मुस्तफा डेजेमीलेव, क्रीमियन तातार लोगों के नेता, यूक्रेन के स्वदेशी लोगों में से एक हैं। जिनका घर क्रीमिया में है, जो यूक्रेन में मुस्लिम संस्कृति का केंद्र है। जेलेंस्की ने जोर देकर कहा कि क्रीमिया रूस द्वारा कब्जा किया जाने वाला पहला यूक्रेनी क्षेत्र था। रूस के दमन से मुसलमान पीड़ित हैं।

    उन्होंने यूक्रेन के क्षेत्र में रूसियों द्वारा कब्जा किए गए लोगों की मुक्ति में सऊदी अरब की भूमिका के बारे में लीग को याद दिलाया और कहा कि उनका मानना है कि इस अनुभव का विस्तार किया जाना चाहिए। शुक्रवार को जेद्दाह पहुंचने पर, जेलेंस्की का स्वागत सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने किया। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन के नेता रविवार को सऊदी अरब से जी7 शिखर सम्मेलन के लिए जापान रवाना होंगे। अधिकारियों ने कहा कि वह शिखर सम्मेलन के नेताओं के सत्र में भाग लेंगे और जापानी प्रधान मंत्री फुमियो किशिदा के साथ द्विपक्षीय बैठक में भाग लेंगे।

  • इतने साल होगी भयानक गर्मी

    रोचक- गर्मी से हर कोई परेशान है लू लोगों को बीमार कर  रही है घर से बाहर निकलना दुश्वार है वहीं अब गर्मी के संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र के विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने घोषणा करते हुए कहा है कि यह शुरुआती समय है आगामी पांच साल तक भयंकर गर्मी पड़ने की संभावना है। साल 2023 से 2027 में गर्मी  अपने रिकॉर्ड तोड़ेगी और आप आदमी की समस्याओं को बढ़ाएगी। 

    बता दें साल 2016 का एनुअल टेंपरेचर 1.28 डिग्री सेल्सियस था, जो प्री इंडस्ट्रियल टाइम (1850-1900 की अवधि का औसत) से ज्यादा था। अब तक के सबसे गर्म आठ साल 2015 से 2022 के बीच दर्ज किए गए थे।  अब जलवायु परिवर्तन में तेजी आने से तापमान में और बढ़ोतरी होने का अनुमान है।  WMO के अनुसार, 98 प्रतिशत संभावना है कि अगले पांच साल रिकॉर्ड स्तर की गर्मी दर्ज की जाएगी। 

    जानकारों का कहना है- कि तेजी  गर्मी मनुष्य के लिए बीमारियों का संकेत लेकर आएगी। हो सकता है गर्मी के प्रभाव से स्वास्थ्य दर प्रभावित हो और लोग अधिक बीमार रहने लगें इसलिए लोगों को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए गर्मी से बचाव के उपाय जरूर अपना लेने चाहिए –

    कैसे बचें गर्मी से होनी वाली बीमारियों से  –

    यदि आप गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचकर रहना चाहते हैं तो आपको सचेत रहना चाहिए और धूप में बाहर जाने से बचना चाहिए। इसके साथ ही आप जब भी घर से निकलें तो पानी अपने साथ लेकर निकलने, अधिक से अधिक पानी का सेवन करें, तेल वाली चीजों को  खाने से बचें, अगर बाहर जा रहे हैं और बार-बार भूंख लग रही है तो खीरा, ककड़ी, तरबूज जैसी चीजों का सेवन करें। 
     

  • राष्ट्रपति और पीएम चखेंगे मुजफ्फरपुर की मशहूर शाही लीची का स्वाद

    बिहार के मुजफ्फरपुर की मशहूर शाही लीची का स्वाद इस बार राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित कई गणमान्य लोग चखेंगे। जून के प्रथम सप्ताह में मुजफ्फरपुर की शाही लीची दिल्ली भेजने को लेकर तैयारी प्रारंभ कर दी गई है। बताया जाता है कि मुजफ्फरपुर के कांटी, मीनापुर, मुसहरी और बोचहां प्रखंड क्षेत्र के लीची बगानों से पुष्ट, रसीली और गुद्दे वाली शाही लीची की तलाश शुरू कर दी गई है। इस साल करीब एक हजार पेटी लीची भेजने की योजना बनाई गई है।

    अधिकारियों के मुताबिक, यहां से लीची पहले दिल्ली स्थित बिहार भवन भेजा जाएगा, जहां से माननीयों के घरों तक लीची पहुंचाई जाएगी। इसे लेकर मंगलवार को मुजफ्फरपुर लीची टास्क फोर्स की बैठक की गई। बैठक में एक टीम का गठन किया गया है। इसमें उद्यान पदाधिकारी, कृषि पदाधिकारी एवं अन्य कई अधिकारी को शामिल किया गया है।

    मुजफ्फरपुर के उप विकास आयुक्त आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित लोगों की एक कमेटी बनाई गई है। अच्छी बागवानी, जिसमें अच्छे फल लगे होंगे, उन्हें चिन्हित कर उसकी तुड़ाई की जाएगी। उसके बाद करीब 1000 पेटी लीची दिल्ली स्थित बिहार भवन भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि जून के प्रथम सप्ताह में लीची दिल्ली के बिहार भवन पहुंच जाएगी। वहां से देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों को पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक साल शाही लीची राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजी जाती है।

  • सिद्दारमैया व शिवकुमार के अलावा आठ और मंत्री आज लेंगे शपथ

    कर्नाटक के मनोनीत मुख्यमंत्री सिद्दरमैया के अलावा मनोनीत उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार व आठ अन्य मंत्री भी शनिवार को बेंगलुरु में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह राज्य की राजधानी के कांटेरावा स्टेडियम में दोपहर 12.30 बजे होगा। एआईसीसी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने समारोह के लिए 19 समान विचारधारा वाले दलों के नेताओं को आमंत्रित किया है। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए कांग्रेस के तीनों मुख्यमंत्री भी बेंगलुरु पहुंच चुके हैं।

    सिद्दारमैया को लिखे पत्र में पार्टी के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, कांग्रेस अध्यक्ष ने कर्नाटक सरकार में कैबिनेट मंत्रियों की सूची को मंजूरी दे दी है। इनमें ए.जी. परमेश्वर, के.एच. मुनियप्पा, के.जे. जॉर्ज, एमबी पाटिल, सतीश जरकिहोली, प्रियांक खड़गे, रामलीमगा रेड्डी और बी.जेड. जमीर अहमद खान के नाम शामिल हैं।

    शुक्रवार को सिद्दारमैया और शिवकुमार कैबिनेट मंत्रियों की नियुक्ति पर चर्चा करने और शनिवार के समारोह में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में पहुंचे थे। उन्होंने राज्य मंत्रिमंडल पर चर्चा करने के लिए वेणुगोपाल और कर्नाटक कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ बैठकें कीं।

    दोनों ने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से भी मुलाकात की। तीन दिनों तक लगातार बैठकों के बाद गुरुवार को कांग्रेस ने कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के नाम का रहस्य खत्म कर दिया था। 10 मई को हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 224 में से 135 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी 66 और जेडी-एस 19 सीटों पर सिमट गई थी।

  • दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर तुंगनाथ 5-6 डिग्री झुका: एएसआई

    भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा किए गए एक हालिया अध्ययन में पाया गया है कि रुद्रप्रयाग का तुंगनाथ मंदिर थोड़ा झुका हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मंदिर लगभग पांच से छह डिग्री झुका हुआ है, और परिसर के भीतर की मूर्तियां और छोटी संरचनाएं भी 10 डिग्री तक झुकी हुई हैं।

    गढ़वाल हिमालय में 12,800 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर है। देहरादून मंडल के अधीक्षक पुरातत्वविद मनोज कुमार सक्सेना ने मंदिर के झुके होने पर गंभीर चिंता जताई है, इससे भविष्य में परेशानी हो सकती है, इसलिए मंदिर का निरीक्षण किया जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि मंदिर का झुकाव किस कारण से हुआ है और इससे क्या नुकसान हुआ है।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर इसकी तुरंत मरम्मत की जा सकती है, तो एएसआई क्षति के मूल कारण का पता लगाएगा। साथ ही मंदिर परिसर का निरीक्षण कर पूरा डाटा तैयार किया जाएगा। साथ ही एएसआई के अधिकारी मंदिर के निचले हिस्से के खिसकने और धंसने के कारणों का भी पता लगा रहे हैं, जो इसके झुके होने का कारण हो सकता है।

    सक्सेना के मुताबिक विशेषज्ञों से सलाह के बाद क्षतिग्रस्त हिस्से को बदला जाएगा। इससे पहले भी केंद्र सरकार की ओर से मंदिर को कब्जे में लेने के लिए एएसआई को पत्र लिखा जा चुका है। सरकार इसे राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित करने पर विचार कर रही है। आपत्ति दर्ज कराने के लिए दो माह का समय दिया है। बद्री केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) और मंदिर के स्थानीय अधिकारियों ने तुंगनाथ मंदिर को एएसआई को सौंपने पर आपत्ति जताई है।

    यह मंदिर भी केदारनाथ धाम की तरह बद्री केदार मंदिर समिति के अंतर्गत आता है। तुंगनाथ मंदिर में स्थानीय लोग ही पूजा करते हैं। हालांकि, बद्री केदार मंदिर समिति द्वारा यहां पुजारियों की नियुक्ति नहीं की जाती है। आज तक इस मंदिर का प्रबंधन बद्री केदार मंदिर समिति और स्थानीय अधिकारियों के अधीन रहा है। बद्री केदार मंदिर समिति व अधिकार धारकों ने मंदिर को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किए जाने का विरोध करने का निर्णय लिया है।

    बदरी केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि तुंगनाथ मंदिर को अपने संरक्षण में लेने के लिए एएसआई की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है. साथ ही मामले में आपत्तियां भी मांगी हैं। बोर्ड की बैठक में स्थानीय अधिकारियों से इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई है।
    तुंगनाथ मंदिर में भगवान शिव को पंच केदारों में तीसरे केदार के रूप में पूजा जाता है। यह मंदिर एक धार्मिक स्थल होने के साथ-साथ एक खूबसूरत पर्यटक आकर्षण भी है, जहां साल भर श्रद्धालुओं और पर्यटकों का तांता लगा रहता है। तुंगनाथ धाम, पर्यटन स्थल को ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से भी जाना जाता है।

  • 22 देशों के दिग्गज नेताओं को पछाड़ मोदी बनें सबसे लोकप्रिय नेता

    देश- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता किसी से छुपी नहीं है जनता उन्हें काफी पसंद करती है बीजेपी अधिक चुनाव मोदी मैजिक के बलबूते पर ही लड़ती है लेकिन क्या आपको पता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता भारत के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी काफी है। वहीं अब  ग्लोबल लीडर अप्रूवल रेटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टॉप पर अपनी जगह बना ली है। 

    अमेरिका स्थित कंसल्टिंग फर्म ‘मॉर्निंग कंसल्ट’ के एक सर्वे के अनुसार 78 प्रतिशत रेटिंग के साथ पीएम मोदी को दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं वहीं अमेरिका के प्रधानमंत्री जो बाइडेन इस लिस्ट में छठे नम्बर पर और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक १० वें नम्बर पर हैं।  ग्लोबल लीडर अप्रूवल रेटिंग में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज को चौथा पायदान पर हैं। 

    बता दें यह सर्वे 100 फीसदी लोगों पर हुआ जिसमे से 78 फीसदी लोगों की पसंद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रहे हैं। मोदी ने अपनी लोकप्रियता से 22 देशों के दिग्गज नेताओं को पीछे छोड़ दिया है। लोगों को मोदी के बोलने और जनता को साध कर संवाद करना काफी पसंद आता है।