Category: national

  • चार्ल्स तृतीय के राज्याभिषेक समारोह में शामिल हुए चीनी उपराष्ट्रपति हानचंग

    5 से 6 मई तक चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के विशेष प्रतिनिधि और उपराष्ट्रपति हानचंग ने लंदन में ब्रिटिश राजा चार्ल्स तृतीय के राज्याभिषेक समारोह में भाग लिया। हानचंग ने राजा चार्ल्स तृतीय को ब्रिटिश राजा, रानी, शाही परिवार और जनता के प्रति राष्ट्रपति शी चिनफिंग की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं पहुंचायीं और ब्रिटिश पक्ष को अपनी यात्रा के सम्पूर्ण इंतजाम के प्रति धन्यवाद दिया।

    चार्ल्स तृतीय ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग और उनकी पत्नी के बधाई संदेश के प्रति आभार व्यक्त किया और हानचंग का राज्याभिषेक समारोह में भाग लेने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन चीन सम्बंध बहुत महत्वपूर्ण है। आशा है कि दोनों पक्ष हरित व निम्न कार्बन, सतत विकास व जलवायु परिवर्तन समेत व्यापक क्षेत्रों में और सहयोग करेंगे और चीनी पक्ष हरित विकास का नेतृत्व करना जारी रखेगा।

    यात्रा के दौरान हानचंग ने ब्रिटिश प्रधान मंत्री और राजकुमार से मुलाकात की। हानचंग ने कहा कि वैश्वीकरण के युग में विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्थाएं गहराई से जुड़ गयी हैं। चीन गुणवत्ता विकास बढ़ा रहा है और उच्च स्तरीय खुलेपन का विस्तार करेगा। चीन ब्रिटेन के साथ सहयोग मजबूत कर पारस्परिक लाभ व साझी जीत और समान विकास पूरा करने को तैयार है।

    ब्रिटिश पक्ष ने कहा क ब्रिटेन और चीन दोनों यूएन सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्य हैं। ब्रिटिश पक्ष चीन के साथ सम्बंध के विकास को बड़ा महत्व देता है। ब्रिटेन चीन के साथ स्थिर व रचनात्मक संबंध स्थापित करने की समान कोशिश करेगा।

  • बजरंग दल ने की कांग्रेस से 100 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग

    कर्नाटक चुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के मध्य हंगामा मचा हुआ है. बीजेपी लगातार घोषण द्वारा बजरंग दल को बैन किये जाने के दावे पर हंगामा कर रही है इसे धर्म विरोधी बता रही है. वहीं बजरंग दल की अलग-अलग राज्यों की इकाई कांग्रेस कार्यालय पर हंगामा काट रही हैं.वहीं अब खबर है कि बजरंग दल की चंडीगढ़ इकाई ने इस मामले में कांग्रेस को मानहानि का नोटिस भेजा है. संगठन ने 100 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है.

    बजरंग दल की चंडीगढ़ इकाई ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड्गे को नोटिस भेजा है और कहा- बजरंग दल की तुलना पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से की गई है कांग्रेस ने हमारे परिपेक्ष्य में अपमानजनक बयान दिया है. विश्व हिन्दू परिषद कहता है कांग्रेस ने हिन्दू देवी देवताओं का अपमान किया है कांग्रेस को इसकी कीमत चुकानी होगी.

    जानकारी के लिए बता दें कांग्रेस  और बीजेपी अब जय बजरंग बली की राजनीति कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में जय बजरंग बली के नारे लगवाये थे वहीं अंत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड्गे ने भी अपने भाषण में जय बजरंग बली के नारे लगवाए. 

  • पीएम मोदी ने कर्नाटक में ‘द केरला स्टोरी’ को लेकर कांग्रेस पर उठाये सवाल, कहा-कांग्रेस आतंकियों के साथ खड़ी है !

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक के बेल्लारी में ‘द केरला स्टोरी’ फिल्म का जिक्र किया और कहा कि देश का दुर्भाग्य देखिए कि कांग्रेस आज समाज को तहस-नहस करने वाली  आतंकी प्रवृत्ति के साथ खड़ी नजर आ रही है। इतना ही नहीं, ऐसी आतंकी प्रवृत्ति वालों से कांग्रेस पिछले दरवाजे से राजनीतिक सौदेबाजी तक कर रही है। 

    प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि आतंकी साजिश पर बनी फिल्म ‘केरला स्टोरी’ की इन दिनों काफी चर्चा है। केरल में चल रही आतंकी साजिश का खुलासा इस फिल्म में किया गया है। यह आतंकवाद की बदसूरत सच्चाई को दिखाता है, लेकिन कांग्रेस आतंकवाद पर बनी फिल्म का विरोध कर रही है। 

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘द केरला स्टोरी’ फिल्म आतंकी साजिश पर आधारित है। उस केरला में चल रही आतंकी साजिश का खुलासा इस फिल्म में किया गया है।

    प्रधानमंत्री ने कर्नाटक की रैली में बजरंग बली का भी मुद्दा उठाया और कहा कि कांग्रेस को अब जय बजरंगबली बोलने पर भी आपत्ति होने लगी है। कांग्रेस तुष्टिकरण की गुलाम हो चुकी है। कांग्रेस अपनी वोट बैंक पॉलिटिक्स की गुलाम हो चुकी है। ऐसी कांग्रेस कर्नाटक का कभी भी भला नहीं कर सकती है।

    उन्होंने यह भी कहा कि देश का इतना खूबसूरत राज्य, जहां के लोग इतने परिश्रमी और प्रतिभाशाली होते हैं,  बम-बंदूक और पिस्तौल की आवाज तो सुनाई देती है लेकिन समाज को भीतर से खोखला करने की आतंकी साजिश की कोई आवाज नहीं होती। कोर्ट तक ने आतंक के इस स्वरुप पर चिंता जताई है।

  • कर्नाटक के लोगों को किसी का आशीर्वाद नहीं चाहिए : सोनिया गांधी

    कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने यहां शनिवार को कहा कि कर्नाटक के लोग कड़ी मेहनत करके अपना जीवन जी रहे हैं और उन्हें किसी के आशीर्वाद की जरूरत नहीं है। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान का जवाब देते हुए कहा कि “अगर भाजपा दोबारा सत्ता में नहीं आती है, तो राज्य को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद नहीं मिलेगा।” कांग्रेस संसदीय दल की नेता ने यहां एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। सोनिया गांधी ने कहा कि भाजपा उनके बेटे और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को मिली कामयाबी से चिंतित और परेशान है, क्योंकि यह यात्रा उन लोगों के खिलाफ थी, जो देश में नफरत फैला रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि भाजपा की लूट, झूठ, अहंकार और नफरत के माहौल को खत्म किए बिना कर्नाटक और यहां तक कि भारत भी प्रगति नहीं कर सकता, क्योंकि भाजपा अहंकारी राजनीतिक दल में बदल चुकी है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कर्नाटक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के हाथ मरोड़ने की रणनीति काम नहीं करेगी। वह कांग्रेस नेताओं के खिलाफ राज्य में ईडी और आयकर के छापे का जिक्र कर रही थीं।

    कांग्रेस नेता ने यह भी याद किया कि वह 24 साल पहले बेल्लारी निर्वाचन क्षेत्र से जीती थीं और कर्नाटक के लोगों ने उनके साथ कैसा व्यवहार किया था। उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक ने 1978 में चिकमंगलुरु से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को चुना था। सोनिया गांधी ने कहा कि कर्नाटक के लोग वे हैं जो गर्व के साथ जीते हैं, और वे केंद्र और राज्य की सरकारों द्वारा भ्रष्टाचार को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार के ‘अंधेरे शासन’ के खिलाफ आवाज बुलंद करना लोगों की जिम्मेदारी है।

    सोनिया गांधी ने कहा कि 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा बौखला गई है और पार्टी राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ सभी तरह के हथकंडे और हर तरह का दमन कर रही है। सोनिया ने राज्य में भ्रष्टचार का जिक्र करते हुए सार्वजनिक कार्यो के लिए वसूले जा रहे 40 प्रतिशत कमीशन पर ठेकेदार संघ द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र का भी अप्रत्यक्ष संदर्भ दिया। भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार भी सोनिया गांधी के साथ मंच पर मौजूद थे।

  • तेहरान व मास्को ने आर्थिक संबंधों में और सुधार पर की चर्चा

    ईरान और रूस ने विशेष रूप से व्यापार और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में संबंधों को और विस्तार देने के तरीकों पर विचारों का आदान-प्रदान किया है। ईरानी विदेश मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री होसैन अमीर-अब्दोलाहियन और उनके रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव ने बुधवार को मास्को में सीरिया मुद्दे पर एक बैठक के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा की, जिसे सीरियाई और तुर्की विदेश मंत्रियों द्वारा भी प्रस्तुत किया गया था।

    समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, आमिर-अब्दोल्लाहियन ने ईरान और रूस के बीच पहले से ही सुधर रहे द्विपक्षीय संबंधों को उनके वर्तमान रास्ते पर तेज करने के लिए अधिक प्रयास करने का आह्वान किया और कहा कि बुधवार की उच्च स्तरीय बैठक इस तरह के सहयोग का एक सकारात्मक परिणाम है। लावरोव ने कहा कि तेहरान में रूस-ईरान संयुक्त आर्थिक आयोग की आसन्न पकड़ द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ईरान के व्यापार और आर्थिक क्षेत्रों में सक्रिय उपस्थिति होगी।

    दोनों विदेश मंत्रियों ने अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन कॉरिडोर के साथ-साथ द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापार संबंधों को सुधारने और गहरा करने पर वित्तीय और बैंकिंग क्षेत्रों के विकास में सहयोग के सकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डाला। दोनों देशों ने निजी क्षेत्रों में आपसी गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने का आह्वान किया। गौरतलब है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के तहत ईरान और रूस दोनों अमेरिकी कदमों का मुकाबला करने के लिए अपने राजनीतिक और आर्थिक संबंधों का विस्तार कर रहे हैं।

  • पीएम मोदी के रोड शो से कोई फायदा नहीं होगा : देवेगौड़ा

    पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा ने रविवार को एक चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, कर्नाटक में भाजपा कमजोर हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां आ रहे हैं और दो दिनों के लिए रोड शो कर रहे हैं। यह संसद का चुनाव नहीं है। कोई भी रोड शो के जरिए लोगों को बेवकूफ नहीं बना सकता। चिक्कबल्लापुर जिले के सिडलघट्टा शहर में रैली को संबोधित करते हुए गौड़ा ने पूछा, भाजपा सरकार में एक भी मुस्लिम को मंत्री नहीं बनाया गया। हम सभी ‘भारत माता’ की संतान हैं। भाजपा भेदभाव क्यों कर रही है?

    जनता दल (सेक्युलर) के संस्थापक ने ‘ऑपरेशन लोटस’ के तहत कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले कर्नाटक के भाजपा नेता के. सुधाकर का जिक्र करते हुए कहा कि यह बताना होगा कि 18 विधायकों को मुंबई किसने भेजा था और कर्नाटक में भाजपा सरकार के गठन के लिए कौन जिम्मेदार थे। गौड़ा ने कहा कि वह अपने बेटे एचडी कुमारस्वामी के फिर से कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनने का इंतजार कर रहे हैं।

    पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, पिछले विधानसभा चुनाव में मैंने सोचा भी नहीं था कि रवि (स्थानीय जद-एस उम्मीदवार) को हार का सामना करना पड़ेगा। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि चार एकड़ जमीन कब्रिस्तान को नहीं दी गई। मैंने ईदगाह मैदान के लिए जमीन दान की है और मुसलमानों और वाल्मीकि समुदाय को आरक्षण दिया है। हम सभी एक मां की संतान हैं और भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।

    पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी के रोड शो के कारण लोगों को असुविधा हो रही है। उन्होंने कहा, पीएम मोदी लोगों को परेशान कर रोड शो कर रहे हैं। उनके रोड शो के कारण रोजी-रोटी कमाने वाले बेहाल हो रहे हैं। क्या है रोड शो का मकसद? इसका नकारात्मक असर नीट परीक्षा में शामिल होने वाले बच्चों पर पड़ेगा।

  • मणिपुर हिंसा : एनआईटी इंफाल में फंसे आंध्र के 70 छात्र

    आंध्र प्रदेश के 70 छात्र राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) इंफाल में फंसे हुए हैं और उनके परिवारों ने राज्य सरकार से उन्हें हिंसा प्रभावित मणिपुर से सुरक्षित निकालने के लिए एक विशेष विमान भेजने की मांग की है। छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंतित उनके माता-पिता ने आंध्र प्रदेश सरकार से तेलंगाना सरकार की तर्ज पर व्यवस्था करने का अनुरोध किया है, जो अपने नागरिकों को निकालने के लिए एक विशेष विमान भेज रही है। आंध्र प्रदेश सरकार ने मणिपुर में आंध्र प्रदेश के छात्रों को किसी भी प्रकार की सहायता प्रदान करने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।

    हेल्पलाइन नंबर 011-23384016 और 011-23387089 हैं।

    एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया, हम हर तरह की मदद सुनिश्चित करने के लिए मणिपुर सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं। राज्य में वर्तमान कानून व्यवस्था की स्थिति से प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए मणिपुर सरकार द्वारा निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबर प्रदान किए गए हैं।

    आईआरएस एमएन माइकल एकोम- 8399882392

    संयुक्त सचिव (गृह) रेहानुद्दीन चौधरी- 9436034077

    संयुक्त सचिव (गृह) पीटर सलाम- 7005257760

    संयुक्त सचिव (गृह) डॉ. चरणजीत सिंह- 8794475406

    उप सचिव (गृह) डॉ. मायेंगबाम वीटो सिंह- 8730931414

    डीएसपी(होम) एस रुद्रनारायण सिंह- 7085517602

    बयान में कहा गया, वार्ड के माता-पिता जो मणिपुर में हैं, वे एपी भवन नई दिल्ली में स्थापित हेल्पलाइन के विवरण के साथ अपने बच्चों को हेल्पलाइन नंबर बता सकते हैं। हम छात्रों से अनुरोध करते हैं कि वे इंफाल या एपी भवन, नई दिल्ली में हेल्पलाइन के माध्यम से संपर्क करें।

    तेलंगाना सरकार ने मणिपुर में फंसे अपने लोगों को निकालने के लिए एक विमान भेजा है। राज्य सरकार ने कहा कि वह तेलंगाना के छात्रों और मणिपुर में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय कर रही है। मणिपुर राज्य की स्थिति पर नजर रखने और मणिपुर में तेलंगाना के लोगों के हितों की रक्षा के लिए एक स्पेशल सेल खोला गया है।

    उपलब्ध जानकारी के अनुसार, तेलंगाना से संबंधित लगभग 250 छात्र इंफाल और आसपास के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ रहे हैं। तेलंगाना सरकार ने तेलंगाना के छात्रों को तत्काल इंफाल से हैदराबाद एयरलिफ्ट करने का फैसला किया है। इसके लिए रविवार को इंफाल से हैदराबाद के लिए विशेष उड़ान की व्यवस्था की गई है। तेलंगाना के मुख्य सचिव ने इम्फाल से हैदराबाद तक तेलंगाना के छात्रों के सुरक्षित पारगमन की सुविधा के लिए मणिपुर के मुख्य सचिव से संपर्क किया है। मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक, तेलंगाना मणिपुर राज्य में तेलंगाना के लोगों/छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मणिपुर राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ निकटता से संपर्क में हैं।
     

  • पवन कल्याण ने दिया संकेत, आंध्र के मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा रखते हैं

    अभिनेता और राजनेता पवन कल्याण ने गुरुवार को संकेत दिया कि उनकी आंध्र प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा है। कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कि जद-एस नेता एच.डी. कुमारस्वामी केवल 30 विधानसभा सीटें जीतकर मुख्यमंत्री बने, जन सेना पार्टी के नेता ने कहा कि अगर लोगों ने उन्हें 2019 में 40 सीटें दी होतीं, तो वे भी मुख्यमंत्री पद की मांग करते।

    यहां मंगलागिरि में जेएसपी कार्यालय में संवाददाताओं से बात करते हुए अभिनेता-राजनेता ने कहा कि अगर वह मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं, तो ऐसा कहने में उन्हें संकोच नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लिए नहीं कहेंगे। मैं अपनी ताकत दिखाऊंगा और पूछूंगा।

    पवन की पार्टी, जिसने 2019 के चुनावों में वाम दलों और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ गठबंधन किया था, 175 सदस्यीय विधानसभा में सिर्फ एक सीट जीत सकी। अभिनेता खुद उन दोनों सीटों पर हार गए, जिन पर उन्होंने चुनाव लड़ा था। उन्होंने गुरुवार को स्पष्ट किया कि जेएसपी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के शासन को समाप्त करने के लिए प्रमुख दलों के साथ गठबंधन की तलाश कर रही है।

  • SC: गरीबों के आरक्षण पर फिर “सुप्रीम” मुहर

    सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लूएस) को शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश और नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर मुहर लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने ईडब्लूएस आरक्षण को सही ठहराने वाले फैसले पर पुनर्विचार की मांग खारिज कर दी है। प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने सभी पुनर्विचार याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि फैसले में प्रत्यक्ष रूप से कोई खामी नजर नहीं आती।

    पांच  सदस्यीय संविधान पीठ ने सात नवंबर, 2022 को तीन-दो के बहुमत से फैसला देते हुए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के संवैधानिक प्रविधान 103वें संविधान संशोधन को सही ठहराया था। सुप्रीम कोर्ट में करीब एक दर्जन याचिकाएं दाखिल हुईं थीं जिनमें ईडब्लूएस आरक्षण को सही ठहराने वाले फैसले पर पुनर्विचार की मांग की गई थी।

    पांच  सदस्यीय संविधान पीठ ने सात नवंबर, 2022 को तीन-दो के बहुमत से फैसला देते हुए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के संवैधानिक प्रविधान 103वें संविधान संशोधन को सही ठहराया था। सुप्रीम कोर्ट में करीब एक दर्जन याचिकाएं दाखिल हुईं थीं जिनमें ईडब्लूएस आरक्षण को सही ठहराने वाले फैसले पर पुनर्विचार की मांग की गई थी।

    ईडब्लूएस आरक्षण पर फिर मुहर लगाने वाला यह फैसला प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस दिनेश महेश्वरी, जस्टिस एस. रविंद्र भट, जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी और जस्टिस जेबी पार्डीवाला की पीठ ने पुर्नविचार याचिकाओं पर चैंबर में सर्कुलेशन के जरिये विचार करने के बाद गत नौ मई को दिया। लेकिन आदेश की प्रति मंगलवार को उपलब्ध हुई। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल करने में हुई देरी तो माफ कर दी, लेकिन पुनर्विचार याचिकाओं पर खुली अदालत में सुनवाई की मांग ठुकरा दी। संविधान पीठ ने कहा कि उन्होंने पुनर्विचार याचिकाएं देखीं, उन पर विचार किया और पाया कि फैसले में प्रत्यक्ष तौर पर कोई खामी नहीं है।

    सात  नवंबर, 2022 का फैसला सुनाने वाली पांच सदस्यीय पीठ में जस्टिस दिनेश महेश्वरी, जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी और जस्टिस जेबी पार्डीवाला ने आर्थिक आधार पर आरक्षण को सही ठहराया था, जबकि तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश यूयू ललित और जस्टिस एस. रविंद्र भट ने बहुमत के फैसले से असहमति जताई थी। सुप्रीम कोर्ट का नियम है कि पुनर्विचार याचिका पर वही पीठ चैंबर में सर्कुलेशन के जरिये मामले पर विचार करती है जिसने फैसला सुनाया होता है। लेकिन इस मामले में जस्टिस ललित सेवानिवृत्त हो चुके हैं इसलिए पुनर्विचार याचिकाओं पर जस्टिस ललित की जगह प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ पीठ में शामिल हुए थे।

    जस्टिस जेबी पार्डीवाला ने जस्टिस महेश्वरी और जस्टिस त्रिवेदी के फैसले से सहमति जताई थी। जस्टिस पार्डीवाला ने कहा था कि निहित हितों के लिए आरक्षण अनंतकाल तक जारी नहीं रहना चाहिए। जबकि जस्टिस ललित और जस्टिस भट ने ईडब्लूएस आरक्षण से एससी-एसटी और ओबीसी को बाहर रखने को भेदभावपूर्ण माना था।

    2022 को जस्टिस महेश्वरी ने ईडब्लूएस आरक्षण को संविधान सम्मत घोषित करते हुए ईडब्ल्यूएस आरक्षण को चुनौती देने वाली सभी याचिकाएं खारिज कर दीं थीं। उन्होंने कहा था कि आर्थिक आधार पर आरक्षण देना और उस आरक्षण से एससी-एसटी और ओबीसी को बाहर रखने से संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन नहीं होता। यह संविधान के मूल ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचाता है। जस्टिस मेहेश्वरी ने यह भी कहा था कि आरक्षण की 50 प्रतिशत की अधिकतम सीमा का उल्लंघन होने के आधार पर भी इस आरक्षण को संविधान के मूल ढांचे के विरुद्ध नहीं कहा जा सकता क्योंकि 50 प्रतिशत की सीमा गैर-लचीली नहीं है।

    जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी ने जस्टिस महेश्वरी के फैसले से सहमति जताते हुए कहा था कि विधायिका लोगों की जरूरतों को समझती है। वह लोगों के आर्थिक बहिष्कार से अवगत है। इस संविधान संशोधन के जरिये राज्य सरकारों को एससी-एसटी और ओबीसी से अलग अन्य के लिए विशेष प्रविधान कर सकारात्मक कार्रवाई का अधिकार दिया गया है। संविधान संशोधन में ईडब्लूएस का एक अलग वर्ग के रूप में वर्गीकरण एक उचित वर्गीकरण है। इससे बराबरी के सिद्धांत का उल्लंघन नहीं कहा जा सकता। उन्होंने फैसले में जनहित को देखते हुए आरक्षण की अवधारणा पर फिर विचार का सुझाव दिया था।

  • अमेरिका पर कर्ज़ संकट, बाइडन ने ऑस्ट्रेलिया दौरा रद्द किया

    अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने जी-7 शिखर सम्मेलन के बाद पापुआ न्यू गिनी और ऑस्ट्रेलिया के तय दौरे रद्द कर दिए हैं. इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि वह जापान में जी-7 समिट में हिस्सा लेने के बाद लौट जाएंगे और ऑस्ट्रेलिया में क्वाड नेताओं की समिट में हिस्सा लेने नहीं जाएंगे.

    बाइडन ने ये फ़ैसला अमेरिका में आए कर्ज़ संकट के बीच लिया है. बाइडन ने मंगलवार को इस संबंध में व्हाइट हाउस में एक आपातकालीन बैठक भी की. अमेरिका पर फ़िलहाल 31400 अरब डॉलर का कर्ज़ है. अमेरिकी सरकार उधार लेने की तय सीमा को पार कर चुकी है. लेकिन, कर्ज़ को चुकाने के लिए अमेरिकी सरकार को और कर्ज़ लेना होगा यानी डेट लिमिट बढ़ानी होगी. इसके लिए अगर कोई सौदा नहीं हुआ तो एक जून तक अमेरिका डिफ़ॉल्ट कर जाएगा.

    क्वाड देशों की बैठक 22 से 24 मई के दौरान ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में होनी थी. भारत भी इस गुट का हिस्सा है. इसके अलावा बाइडन का पापुआ न्यू गिनी दौरा भी ऐतिहासिक माना जा रहा था, क्योंकि यहाँ जाने वाले वो पहले अमेरिकी राष्ट्रपति होते. जो बाइडन का दौरा रद्द होने के बाद क्वाड की मेज़बानी कर रहे ऑस्ट्रेलिया ने भी सिडनी में होने वाली चारों देशों के नेताओं की बैठक स्थगित कर दी है.

    प्रधानमंत्री एंथनी एल्बनीज़ के हवाले से ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने इसकी जानकारी दी है. साथ ही ये भी बताया है कि संभवतः चारों देशों के नेता जापान में होने जा रही जी-7 की बैठक से इतर मुलाक़ात करेंगे.