Category: national

  • मोटो जीपी बाइक रेस को यमुना अथॉरिटी की हरी झंडी, बीआईसी ट्रैक पर होगा आयोजन

    यमुना प्राधिकरण ने बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (बीआईसी) ट्रैक पर मोटो जीपी बाइक रेस के आयोजन की अनुमति दे दी है। इसी 15 मई से फामूर्ला वन ट्रैक पर बाइक रेसिंग ट्रैक बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा। देश में पहली बार बीआईसी ट्रैक पर 22 से 24 सितंबर तक बाइक मोटो जीपी रेस होगी। प्राधिकरण हाईकोर्ट को भी इसकी जानकारी हलफनामे के माध्यम से देगा। यमुना अथॉरिटी के सीईओ डॉ. अरुण वीर सिंह से रेस के आयोजक फेयर स्ट्रीट स्पोर्ट्स कंपनी के सीईओ पुष्कर नाथ श्रीवास्तव ने गुरुवार को मुलाकात की और यमुना अथॉरिटी की तरफ से उन्हें अनापत्ति प्रमाणपत्र सौंपा। कंपनी ने सात साल के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगा था लेकिन प्राधिकरण ने फिलहाल एक साल के लिए ही एनओसी जारी किया है। कंपनी को आयोजन से होने वाली आमदनी एसक्रो खाते में जमा करानी होगी। आयोजन समाप्त हो जाने के बाद कंपनी के खर्च की राशि काटकर मुनाफा बांटा जाएगा। ट्रैक को सुधारने का खर्चा आयोजनकर्ता कंपनी ही वहन करेगी। आयोजन के बाद ट्रैक को पहले जैसा बनाने की जिम्मेदारी भी कंपनी की होगी।

    दरअसल यमुना प्राधिकरण ने बकाया जमा नहीं करने पर जेपी समूह के भूखंड के आवंटन को निरस्त कर दिया था। इसी भूमि पर बीआईसी ट्रैक बना हुआ है। आयोजन के लिए जेपी ने मोटोजीपी से अनुबंध करने का दबाव बनाया था। वही मामले में यीडा ने कंपनी को पत्र लिखकर जमीन की प्राधिकरण के कब्जे में होने की जानकारी दी। साथ ही कहा कि इसमें जेपी का कोई लेना-देना नहीं है। इसके बाद कंपनी ने मोटो जीपी रेस कराने के लिए यमुना अथॉरिटी से अनुमति मांगी। यमुना प्राधिकरण इस कार्यक्रम के आयोजन की सूचना हलफनामे के माध्यम से इलाहाबाद हाईकोर्ट को  देगा।

  • यूक्रेन ने अपने बेकाबू ड्रोन को मार गिराया

    यूक्रेन की वायुसेना ने राजधानी कीव के मध्य इलाके में अपने ही बेकाबू ड्रोन को मार गिराने की पुष्टि की है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार की रात लगभग 15 से 20 मिनट तक विस्फोटों की आवाज सुनाई देती रही। दरअसल हवाई रक्षा ने राष्ट्रपति के कार्यालय के पास एक क्षेत्र में ड्रोन को मार गिराने का प्रयास किया।

    वायु सेना ने एक बयान में स्वीकार किया कि बायरक्तर टीबी2 मानव रहित विमान कीव क्षेत्र में एक शिड्यूल उड़ान के दौरान रात 8 बजे के करीब बेकाबू हो गया। बयान में कहा गया है कि ड्रोन को मार गिराने का फैसला किया गया क्योंकि राजधानी के हवाई क्षेत्र में यूएवी की अनियंत्रित उपस्थिति के अवांछनीय परिणाम हो सकते हैं।

    ड्रोन गिरने से कोई हताहत या घायल नहीं हुआ। बीबीसी के अनुसार, बयान में कहा गया है, यह अफसोस की बात है, लेकिन यह टेक्न ोलॉजी है, और ऐसे वाकये होते हैं। यह शायद तकनीकी खराबी है, इसके कारणों का पता लगाया जा रहा है। शहर के सैन्य प्रशासन के प्रमुख सेरही पोपको ने कहा कि शहर के केंद्र के पश्चिम में सोलोमेन्स्की जिले में एक इमारत में आग पर काबू पा लिया गया था, जहां ड्रोन को गिराया गया था।

    यह घटना रूस द्वारा यूक्रेन पर बुधवार को क्रेमलिन पर एक कथित ड्रोन हमले को अंजाम देने का आरोप लगाने के बाद हुई है। रूस का आरोप है कि यूक्रेन ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हत्या के उद्देश्य से यह हमला किया था, हालांकि राष्ट्रपति उस समय वहां नहीं थे। यूक्रेन ने कहा है कि क्रेमलिन पर कथित हमले से उसका कोई लेना-देना नहीं है, और मास्को पर तनाव बढ़ाने के लिए इस घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया है।

  • केरल: कांग्रेस ने सीएम पर लगाया आरोप, कहा के-फॉन सौदे में एआई कैमरे से ज्यादा भ्रष्टाचार

    केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने गुरुवार को मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को एक अन्य सौदे – के-फॉन परियोजना – पर चुनौती देते हुए आरोप लगाया कि यह एआई कैमरा परियोजना से भी बड़ा घोटाला है। केरला फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क (के-फॉन) परियोजना 2017 में शुरू की गई थी। परियोजना के तहत मुख्यमंत्री ने 30,000 सरकारी कार्यालयों के अलावा 20 लाख घरों में मुफ्त इंटरनेट का वादा किया था।

    नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीसन ने मीडिया से कहा, इसकी परियोजना लागत 1,028 करोड़ रुपये आंकी गई थी और निविदा प्रक्रिया पूरी होने पर, इसे बढ़ाकर 1,531 करोड़ रुपये कर दिया गया। यह घोर उल्लंघन था क्योंकि तत्कालीन वित्त सचिव के.एम. अब्राहम ने कहा था कि सरकारी परियोजनाओं के लिए लागत में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि नहीं होनी चाहिए और यहां यह 50 प्रतिशत अधिक है।

    उन्होंने कहा, इसमें भी वही कंपनी शामिल है जो एआई कैमरा घोटाले में थी – एसआरआईटी। केरल में एक कार्टेल है जिसे विजयन का आशीर्वाद प्राप्त है। सभी सौदे उन्हीं को मिलते हैं और आश्चर्यजनक रूप से ये ऐसी कंपनियां हैं जिनके पास कोई पूर्व अनुभव नहीं है। संक्षेप में, भ्रष्ट सौदों के सभी रास्ते अंतत: प्रेसाडियो टेक्नोलॉजीज तक जाते हैं जिसमें विजयन के करीबी परिवारिवारिक सदस्य शामिल हैं, क्योंकि इसके बारे में रिपोर्ट पहले ही सामने आ चुकी है।

    उन्होंने कहा कि के-फॉन के छह साल बाद स्थिति यह है कि अधिकारियों का कहना है कि 90 प्रतिशत काम खत्म हो गया है, अभी तक केवल 16,000 कार्यालयों को कनेक्शन दिए गए हैं और आरंभ में केवल 14,000 घरों को कनेक्शन मिलेगा।

    सतीसन ने कहा, अब तक, विजयन ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों के खिलाफ एक शब्द भी नहीं कहा है और के-फॉन परियोजना में सबसे दिलचस्प बात यह है कि विजयन के पूर्व प्रमुख सचिव- वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एम. शिवशंकर भी शामिल थे।

    विशेष रूप से, शिवशंकर – जो इस साल की शुरुआत में सेवानिवृत्त हुए थे – लाइफ मिशन परियोजना में भ्रष्टाचार को लेकर जेल में हैं।

    उन्होंने कहा, बार-बार अनुरोध के बावजूद, विजयन एआई कैमरा ‘घोटाले’ पर अपनी चुप्पी नहीं तोड़ रहे हैं। अब भी अगर विजयन नहीं बोलते हैं, तो हमें के-फॉन में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार पर और अधिक दस्तावेजों के साथ सामने आने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

  • भारत में पत्रकारों के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार, भडके अनुराग ठाकुर

    देश – बीते दिन न्यू यार्क टाइम्स के  अध्यक्ष एजी सुल्जबर्गर ने दावा किया था कि भारत में पत्रकारों के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार हो रहा है. उनके इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए  केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा- भारत कानून के आधार पर काम करता है भारत के कानून ने आपना काम किया है कानून सभी के लिए समान है चाहें वह न्यूज़ रूम हो या अन्य कोई. सिर्फ पत्रकार होने से आपको कुछ भी करने का लाइसेंस नहीं मिल जाता है और न ही गैरकानूनी काम करने की छुट.

    उन्होंने आगे कहा- क्या यह कहना उचित है कि भारत में पत्रकारों के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार होता है.एनवाईटी जो भारत को बदनाम करने और वैश्विक स्तर पर भारत की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहा है.यह भारत को बदनाम करके,तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने और यूनिस्को के मंच का दुरूपयोग करने का प्रयास है.

    उन्होंने आगे कहा- भारत विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है यह बात लोगों को हजम नहीं हो रही है. एनवाईटी भारत के विरोध में लगातार मनमाने ढंग से लिख रहा है यह सब भारत की लोकप्रियता को धूमिल करने का प्रयास है.इस संस्थान ने मनगढ़ंत भारत-विरोधी कहानियां लिखने के लिए अपनी अलग जगह बनाई है.

  • वाह रे दिल्पली पुलिस हलवानों पर हमला, पत्रकार को दिया धक्का, महिला आयोग की अध्यक्ष को डाला जेल में

    ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और कॉमनवेल्थ पदक विजेता विनेश फोगाट की अगुवाई में जंतर मंतर पर कुश्ती संघ के प्रमुख ब्रज भूषण शरण सिंह के खिलाफयौन शोषण मामले में प्रदर्शन जारी है. वहीं कल जंतर-मंतर पर जब पहलवानों पर हमला हुआ तो दिल्ली पुलिस सवालों के घेरे में आ गई.

    पहलवानों का दावा है – दिल्ली पुलिस ने उनके साथ अभ्र्द्रता की और जब एक्शन लिया तो उनके दो साथी इसमें घायल हुए.घायल पहलवानों के नाम दुष्यंत फोगाट और राहुल बताया गया है. विनेश फोगाट का इस मामले में कहना है- यह सरासर न इंसाफी है हम यहाँ अपने लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं और हमारे ऊपर हमला हो रहा है. अगर यही है तो हमको सीधे ही मार दो यह सब क्यों. 

    दिल्ली पुलिस का दावा है कि आम आदमी पार्टी के नेता इस विवाद की जड़ हैं वह बिना अनुमति के प्रदर्शन स्थल पर फोल्डिंग बेड ला रहे थे जिसको लेकर उनकी और पुलिस की बहस हुई व विवाद को गति मिली. हालाकि पुलिस के दावे को पहलवानों ने खारिज कर दिया है.

    इसके अलावा कल पुलिस कर्मियों ने प्रदर्शन में पहुचे कई लोगों के साथ दोहरा व्यवहार किया दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल को प्रदर्शन में शामिल नही होने दिया.उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा- दिल्ली पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया है . वहीं स्वतंत्र पत्रकार साक्षी जोशी ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस ने उनके साथ अभद्रता की, उनको धक्का दिया,कैमरा बंद करवाया औरइस दौरान उनके कपड़े भी फाड़ दिए गये.

  • ईरान ने पर्यावरण, स्वास्थ्य समस्याओं के लिए अमेरिकी प्रतिबंधों को जिम्मेदार ठहराया

    संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने ईरान के पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव के लिए अमेरिकी प्रतिबंधों को जिम्मेदार ठहराया है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए के हवाले से बताया कि आमिर सईद इरावनी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष साबा कोरोसी को लिखे पत्र में यह टिप्पणी की है।

    ईरानी राजनयिक ने अमेरिका से ईरान के खिलाफ अपने सभी अवैध प्रतिबंधों को हटाने का आग्रह किया, जो अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के विपरीत हैं। इरावनी ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों ने देश की पर्यावरणीय समस्याओं को बढ़ा दिया है, जिससे ईरानी नागरिकों के स्वास्थ्य को खतरा है।

    उन्होंने उद्धृत किया कि प्रतिबंध ईरान की पर्यावरण परियोजनाओं में विदेशी निवेश को रोक रहे हैं, क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों तक देश की पहुंच को अवरुद्ध कर रहे हैं और ईरानी वैज्ञानिकों को विदेशों में संयुक्त पर्यावरण अनुसंधान परियोजनाओं में शामिल होने से वंचित कर रहे हैं।

    ईरानी दूत ने कहा कि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने, पर्यावरण परियोजनाओं के कार्यान्वयन में बाधा डालने और ईरानियों के स्वास्थ्य और कल्याण को नुकसान पहुंचाने के लिए स्वच्छ ऊर्जा तक ईरान की पहुंच रोकने जैसे अमेरिका के कठोर उपायों का विनाशकारी प्रभाव पड़ रहा है।

    ईरान पिछले चार दशकों से अमेरिकी प्रतिबंधों के अधीन है। मई 2018 में औपचारिक रूप से संयुक्त व्यापक कार्य योजना (जेसीपीओए) के रूप में ज्ञात 2015 के परमाणु समझौते से अमेरिका की वापसी के बाद प्रतिबंध तेज हो गए।

  • बजरंग बली के नाम पर गुंडागर्दी नही, बैन पर हो सकता है विचार- भूपेश बघेल

    देश- जब सर्वे सामने आए तो उसने बीजेपी की चिंता बढ़ा दीं सभी को लगा कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बन रही है लेकिन जब कांग्रेस ने आपना चुनावी घोषणा पत्र जारी किया तो मानों बीजेपी की लाटरी लग गई और कांग्रेस के घोषणा पत्र ने बीजेपी को एक मुद्दा दे दिया. अब कर्नाटक में जय बजरंग बली की राजनीति तेज हो गई है क्योंकि कर्नाटक कांग्रेस ने सरकार बनने पर बजरंग दल को बैन करने का दावा कर दिया है.

    एक तरफ कांग्रेस बजरंग दल को बैन करने की बात कर रही है तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे बजरंग बली का अपमान बता रही है बीजेपी का दावा है कांग्रेस बजरंगियों को बैंक करना चाहती है यह धर्म विरोधी है. बीजेपी ने जहाँ कर्नाटक में धर्म की राजनीति तेज कर दी है वहीँ कांग्रेस मुद्दों की राजनीति कर रही है.कांग्रेस अपनी बात पर अड़ी है कि वह बजरंग दल को बैन करेगी. अब इस बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजरंग दल को लेकर बड़ा बयान दिया है.

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- धर्म की आड़ में बजरंग दल ने बच्चों को क्या बना दिया है. राम का नाम लेने से बच रहा यह बच्चा मुझे गाली दे रहा है. यह बजरंग दल का सदस्य है इन्होने बच्चों को क्या बना दिया है. मैं इस बच्चे के बेहतर भविष्य की कामना करता हूँ इसका भविष्य भगवान हनुमान की तरह उज्वल और बेहतर हो.

    उन्होंने आगे कहा-  गुंडागर्दी अनुचित है कोई भी अगर धर्म या बजरंग बली के नाम पर गुंडागर्दी करेगा तो बर्दाश्त नही किया जाएगा. यह अनुचित है. अगर बजरंग दल के सदस्यों ने छत्तीसगढ़ में हुडदंग किया या कोई गडबड की तो उनके खिलाफ एक्शन होगा और यहाँ भी उनको बैन करने पर विचार किया जा सकता है.

  • बजरंग दल विवाद : ईश्वरप्पा ने कांग्रेस का मैनिफेस्टो जलाया, खड़गे ने किया पलटवार

    बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने के कांग्रेस के वादे पर कर्नाटक में विवाद और बढ़ गया है। कांग्रेस और भाजपा के बीच इसको लेकर आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गया है। विवाद को अगले स्तर पर ले जाते हुए पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक के.एस. ईश्वरप्पा ने गुरुवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन के बाद कांग्रेस के घोषणापत्र की कॉपी जलाई। इस पर पलटवार करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि ईश्वरप्पा ने घोषणापत्र की कॉपी जलाकर लोगों का अपमान किया है।

    ईश्वरप्पा ने घोषणापत्र में कांग्रेस पर जाति और धार्मिक मामलों को उछालने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि विपक्ष के नेता सिद्दारमैया और कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार को गिरफ्तार किया जाना चाहिए, चुनाव आयोग को इस संबंध में कार्रवाई करनी चाहिए।

    उन्होंने बजरंग दल की तुलना बजरंग बली से करते हुए कहा, जब राक्षसों ने बजरंग बली की पूंछ में आग लगा दी, तो लंका राख हो गई (रामायण का संदर्भ)। इसी तरह बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रही कांग्रेस का भी नाश हो जाएगा। चुनाव में और राज्य में विपक्ष में बैठने के लिए पर्याप्त सीटें भी नहीं मिलेंगी। यह कांग्रेस का घोषणापत्र नहीं है, यह मोहम्मद अली जिन्ना का घोषणापत्र है।

    उन्होंने कहा, धर्म की रक्षा करने वाले युवाओं का समूह बजरंग दल है। आप गायों को बचाने और गोहत्या को रोकने में शामिल बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाना चाहते हैं? मैं घोषणापत्र को यहीं जला दूंगा और जला दिया। ईश्वरप्पा ने प्रश्न किया, कांग्रेस इसे हिंदू-मुस्लिम चुनाव बनाना चाहती है। वे खुद को मुसलमान बता रहे हैं। क्या मुस्लिम वोट आपके लिए काफी हैं? क्या आपको हिंदू वोट नहीं चाहिए? इस बीच, खड़गे ने कांग्रेस के घोषणापत्र को जलाने के लिए ईश्वरप्पा की निंदा की। उन्होंने कहा, चाहे आप इसे पसंद करें या नहीं, घोषणापत्र को जलाना उचित नहीं है।

    बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव का स्पष्टीकरण घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष डॉ. जी. परमेश्वर, डी.के. शिवकुमार और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला देंगे। उन्होंने कहा, ईश्वरप्पा ने कांग्रेस के घोषणापत्र को जला दिया है। इसका मतलब है कि उन्होंने लोगों को दी गई गारंटी योजनाओं के आश्वासनों को भी जला दिया है। उन्होंने कहा, ईश्वरप्पा ने लोगों का अपमान किया है। लोकतंत्र में सहनशीलता होनी चाहिए। वे दावा कर रहे हैं कि कांग्रेस हिंदू विरोधी है। बीजेपी की विचारधारा और आस्था हमसे अलग है। हम भी हिंदू हैं। आप (बीजेपी) भी हिंदू हैं। लेकिन, हमारे पास वह आजादी नहीं है, जिसका आपने आनंद लिया।

  • भगवना आप मुझे 1.5 मिलियन डॉलर, एक गर्लफ्रेंड दे दीजिए

    अपनी मनोकामनाओं को लेकर इंसान ऊपर वाले के दर जाता है, अरदास लगाता है. दुआ करता है कि उसकी हर ख्वाइश ऊपर वाला पूरी करे. लेकिन एक श्ख्स का वीडियो देख लोग जितनी हैरानी जता रहे हैं उससे ज्यादा हंस-हंसकर लोटपोट भी हो रहे हैं. ये शख्स 2 हजार किलोमीटर पैदल चलकर बुद्ध की प्रतिमा के पास पहुंचा .

     चीन की सोशल मीडिया वीवो पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है. इसमें 71 मीटर लंबी बुद्ध प्रमिमा के कान के पास बड़ा स्पीकर दिखाई दे रहा है. झांग नाम का शख्स अपने फोन से आवाज तेज कर के बुद्ध प्रतिमा तक अपनी इच्छाओं को पूरी करवाना चाहता है.

    ‘मेरे पास न घर है न कार और न…’ – झांग

    झांग चिल्लाते हुए कहता है… भगवना मैं 27 साल का हूं. मेरे पास न घर, न कार, न ग्रर्ल्फ्रेंड है. सबसे पहले मैं बहुत अमीर बनना चाहता हूं. मुझे ज्यादा नहीं चाहिए बस आप मुझे 1.5 मिलियन डॉलर दे दीजिए. और खास बात ये कि मुझे गर्लफ्रेंड चाहिए जो सुंदर और कोमल हो. वो मुझे प्यार करें मेरे पैसों को नहीं.

    झांग ने बताया कि उसने…

    झांग ने बुद्ध प्रतिमा के पास करीब 12 घंटे का वक्त बिताया. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, झांग ने बताया कि उसकी किस्मत बहुत खराब है जिस कारण वो बुद्ध प्रतिमा के पास आया. झांग ने बताया कि उसने एक वेबसाइट पर स्पीकर खरीदा क्योंकि उसे लगा कि ये “बुद्ध के साथ एक अच्छी लगेगी. 

    वहीं, यूजर्स ने इस पर तरह-तरह की टिप्पणियां की. एक यूजर ने लिखा, “दूसरों पर भरोसा करने और खुद पर भरोसा करने के बीच, उन्होंने बुद्ध पर भरोसा करना चुना.” एक अन्य यूजर ने लिखा, “बुद्ध के लिए डिज़ाइन किया गया एक ईयरफ़ोन लाना- भगवान की पूजा करने के लिए नया तरीका है” 

    by- abp news

  • बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने का कोई सवाल ही नहीं

    कर्नाटक में कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में बजरंग दल के ऊपर प्रतिबंध लगाने की बात कही है. इसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता जगदीश शेट्टार ने कहा है कि बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने का सवाल ही नहीं है. जगदीश शेट्टार ने आगामी 10 मई को चुनाव में टिकट न मिलने के बाद भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे.

    कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में कहा गया है कि पार्टी जाति और धर्म के आधार पर नफरत फैलाने वाले व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ दृढ़ और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है. इसमें कहा गया है कि हम कानून और संविधान को पवित्र मानते हैं. किसी भी व्यक्ति या संगठन जैसे बजरंग दल, पीएफआई या अन्य द्वारा समुदायों के बीच नफरत फैलाकर इसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता है. हम ऐसे किसी भी संगठन के खिलाफ कानून के मुताबिक प्रतिबंध लगाने समेत निर्णायक कार्रवाई करेंगे.

    प्रतिबंध केंद्र का अधिकार

    बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात पर शेट्टार ने एएनआई से कहा कि चुनाव घोषणापत्र में कई बातें हैं. हम केवल इस पर ही क्यों रुके हुए हैं? किसी भी संगठन पर प्रतिबंध लगाना केंद्र सरकार का अधिकार है, राज्य सरकार का नहीं. वीरप्पा मोइली पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने का कोई सवाल ही नहीं है.

    शेट्टार से जब प्रतिबंध पर राय पूछी गई तो उन्होंने कहा कि जहां तक बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात हैं, मैं पार्टी के मंच पर नेताओं के साथ इसकी चर्चा करूंगा. मैं पार्टी नेताओं से इस विषय पर अपनी राय साझा करूंगा, मेरा मानना है कि किसी भी संगठन लगाना राज्य सरकार नहीं बल्कि केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में है. यह मेरा स्पष्ट रुख है.

    मंदिर बनवाने वाले बयान पर भी बोले

    कर्नाटक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार के सरकार में आने में मंदिर बनवाने वाले बयान पर शेट्टार ने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है. मंदिर सभी पार्टियों के लिए खुले हैं. कांग्रेस ने जो कहा है, इसमें गलत क्या है. शेट्टार लिंगायत समुदाय से दूसरे बड़े नेता हैं, जो पिछले महीने बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने गए थे. इससे पहले कर्नाटक के पूर्व उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी कांग्रेस में शामिल हुए थे.

    source- abp