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  • भारतीय अमेरिकी के सामने झुके मस्क, मानहानि केस में सुलह के लिए देंगे 10,000 डॉलर

    टेस्ला के सीईओ एलोन मस्क आलोचक और स्वतंत्र शोधकर्ता भारतीय-अमेरिकी सिख रणदीप होथी द्वारा उनके खिलाफ दायर एक मानहानि मामले में सुलह के लिए 10,000 डॉलर देने पर सहमत हुए हैं। मिशिगन विश्वविद्यालय में एशियाई भाषाओं और संस्कृतियों में डॉक्टरेट के छात्र होथी ने 2020 में मस्क के खिलाफ मानहानि का मामला दायर किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि अरबपति व्यवसायी ने उन पर टेस्ला कर्मचारियों को सक्रिय रूप से परेशान करने और लगभग मारने का झूठा आरोप लगाया था।

    मार्च 2023 में एक लंबी लड़ाई के बाद मस्क ने होथी से मामले को निपटाने के लिए कहा। होथी ने एक बयान में मस्क के सुलह प्रस्ताव को स्वीकार करने की घोषणा करते हुए कहा, यह मामला प्रसिद्धि या पैसे की मांग के बारे में नहीं था। यह एक अपना पक्ष रखने के बारे में था। मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा, मैं यह केस अपने काम का बचाव करने, अपना नाम को पाक-साफ करने और एक संदेश देने के लिए किया था ..मुझे विश्वास है कि मैंने इसे पूरा कर लिया है। मस्क को बहुत-बहुत धन्यवाद। पिछले एक साल में उनके व्यवहार ने यह साफ कर दिया है कि उन्हें अपने हर शब्द और हर काम की समीक्षा करने की जरूरत है।

    होथी के वकीलों में से एक डी. गिल स्पेलिन ने कहा, पिछले साल मस्क ने कहा था कि वह ‘अन्यायपूर्ण मामले को कभी नहीं सुलझाएंगे’।फिर भी उन्होंने होथी से उसे सुलझाने के लिए कहा है। हम मस्क की विलंबित स्वीकारोक्ति का स्वागत करते हैं कि यह मामला न्यायपूर्ण था। टेस्ला के साथ होथी का आमना-सामना तब हुआ जब उन्होंने ट्वीटर पर एकरेटएसकेएबीओओएसएचकेए के नाम से अकाउंट बनाया और इलेक्ट्रिक वाहन निमार्ता के स्वचालन, प्रौद्योगिकी और उत्पादन प्रक्रियाओं के बारे में मस्क और उनकी कंपनी के प्रकाशित दावों के बारे में फैक्ट चेक किए। होथी 2018 की शुरुआत में एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में टेस्ला के कैलिफोर्निया स्थित कारखाने में उत्पादन प्रक्रिया को देखा था।

    अप्रैल 2019 में टेस्ला ने होथी के खिलाफ एक निरोधक आदेश की मांग की। उसने आरोप लगाया कि होथी ने एक कर्मचारी को टेस्ला फैक्ट्री की पार्किं ग में अपनी कार से मारा। होथी ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। जब होथी और उनकी कानूनी टीम ने कथित टक्कर का वीडियो सौंपने के लिए टेस्ला के खिलाफ अदालत से आदेश प्राप्त कर लिया तो टेस्ला ने जुलाई 2019 में अचानक अपना मुकदमा वापस ले लिया। इसके बाद अगले महीने मस्क ने होथी पर सक्रिय रूप से परेशान करने और टेस्ला के कर्मचारियों को लगभग मारने (आईएनजी) का आरोप लगाते हुए एक रिपोर्टर को ई-मेल किया।

    उस टिप्पणी को बाद में प्रकाशित किया गया और ट्विटर पर सैकड़ों हजारों लोगों के लिए प्रसारित किया गया। मस्क के आरोपों के व्हिसलब्लोअर, शोधकर्ताओं, पत्रकारों और आलोचकों सहित सभी वर्ग से होथी के लिए समर्थन आने लगे। होथी ने अगस्त 2020 में मानहानि का मुकदमा किया।मस्क ने यह तर्क देकर मामले को निपटाने का प्रयास किया कि उनके आरोप संरक्षित भाषण थे और इसलिए कैलिफोर्निया के एंटी-एसएलएपीपी कानून के तहत खारिज कर दिया जाना चाहिए।जनवरी 2021 में ट्रायल कोर्ट ने मस्क की दलीलों को खारिज कर दिया। अदालन ने कहा कि होथी ने संभावना दिखाई है कि वह अपने दावे पर सफल हो सकता है क्योंकि मस्क की टिप्पणी अपराधिक आरोप के समान है और इस प्रकार मानहानि की श्रेणी में आता है। होथी ने 30 अप्रैल को मस्क के सुलह प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।

  • मीडिया के दावे को ओवैसी ने कहा झूठा

    देश : एआईआईएम प्रमुख असुद्दीन ओवैसी अपने बयानों को लेकर अक्सर सुखियों में बने रहते हैं। वही इन दिनों वह एक कब्र को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं। असल में सोशल मीडिया पर एक लॉक लगी कब्र का वीडियो वायरल हो रहा है मीडिया इस कब्र को पाकिस्तान का बता रही है दावा किया जा रहा है कि पकिस्तान में लोग अपनी बेटियों को रेप से बचाने के लिए उनकी कब्र को लॉक कर रहे हैं। 

    वहीं ओवैसी ने मीडिया के इन दावों को झूठ करार देते हुए कहा – अरे यार कब्र को छोड़ दो लॉक लगे कब्र के दावे झूठे हैं। यह कब्रिस्तान हैदराबाद के पुराने शहर में स्थित है जहाँ एक कब्र में ताला लगा हुआ है। तो किसी पर जाली लगा दी गई है। मीडिया इसे पकिस्तान का बता रही है जो सरासर गलत है। यह पड़ोसी मुल्क का नहीं है यह हमारे देश का है यह हैदराबाद का है। 

    उन्होंने आगे कहा – पूरे मीडिया का ये समझ नहीं आता कि वे हैदराबाद में क्यों फंस जाते हैं. जब ये पता चला कि कब्र असल में हिंदुस्तान का ही है तो मीडिया ने इसे नहीं चलाया. कम से कम मालूम कर लेते कि कब्रिस्तान क्या है, कहां का है? हम पैदा इसी ज़मीन में हुए, मरते भी इसी ज़मीन में हैं, ये हमारी वफ़ादारी है. हर चीज को पड़ोसी मुल्क से जोड़ देते हो.

  • जंतर मंतर पहुंची प्रियंका गांधी, पहलवानों का देंगी साथ

    देश – कुश्ती संघ के प्रमुख ब्रिज भूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों ने यौन शोषण का मामला दर्ज करवाया है। अपने लिए न्याय की आस में बैठे पहलवान 7 दिनों से जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। कई दिग्गज नेता पहलवानो के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंच चुके हैं। वहीं आज कांग्रेस नेता और उत्तरप्रदेश कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी जंतर मंतर पहुंची। उनके साथ कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा भी मौजूद हैं। 

    सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रियंका गांधी और कांग्रेस का पहलवानों को पूर्ण सहयोग मिलेगा और ब्रिज भूषण के खिलाफ पहलवानों की लड़ाई में कांग्रेस उनका ओपन समर्थन करेगी। 

  • सेना भर्ती अभियान में धांधली की प्राथमिकी दर्ज

    मार्च में रसोइया, धोबी और अन्य सहायक कर्मचारियों के पदों के लिए विशेष रूप से नागरिकों के लिए आयोजित सेना भर्ती अभियान में अनियमितताओं के लिए दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। कुछ उम्मीदवारों ने लिखित परीक्षा देते समय सॉल्वर का इस्तेमाल किया और जांच के दौरान अनुचित साधनों का यह प्रयोग सामने आया। आर्मी मेडिसिन कोर मुख्यालय के लेफ्टिनेंट कर्नल पी.के. सिंह ने एक आरोपी पर दूसरे परीक्षार्थी के स्थान पर परीक्षा देने का मामला दर्ज कराया था।

    अधिकारियों ने धोबी के पद के लिए आवेदन करने वाले आगरा के रोहन सिंह नाम के एक परीक्षार्थी की जांच की। इस परीक्षार्थी के मूल फॉर्म पर चिपकाई गई तस्वीरें लिखित परीक्षा के दौरान क्लिक की गई तस्वीरों से मेल नहीं खातीं। जब उसे अपनी अकादमिक साख प्रस्तुत करने के लिए बुलाया गया।

    एक अन्य युवक पर एएमसी में रसोइया के पद के लिए उसकी लिखित परीक्षा को पास करने के लिए एक अन्य व्यक्ति की मदद लेने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि मथुरा के हेमंत के स्थान पर परीक्षा में आगरा का दीपू शामिल हुआ था।

  • अमेरिका में 2022 में चीन से ज्यादा भारतीय छात्र आए

    अमेरिका में पिछले साल अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई और चीन की तुलना में भारतीय छात्रों को वहां ज्यादा दाखिला मिला। अमेरिकी आव्रजन की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इंफोर्समेंट की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, चीन और भारत के छात्रों की संख्या ने इस मामले में एशिया को सबसे लोकप्रिय महाद्वीप बना दिया।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2020 के मुकाबले 2021 में आई गिरावट के बाद 2022 में भी चीन से आने वाले छात्रों की संख्या में 24,796 की कमी आई है। वहीं, भारतीय छात्रों की संख्या में एक साल पहले के मुकाबले 64,300 की वृद्धि देखी गई। कैलिफोर्निया प्रांत में वर्ष 2022 में 2,25,173 अंतर्राष्ट्रीय छात्रों ने दाखिला लिया जो किसी भी अमेरिकी प्रांत में सबसे अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के सभी चार क्षेत्रों में 2021 के मुकाबले 2022 में अंतर्राष्ट्रीय छात्र रिकॉर्ड में 8 से 11 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई है।

    एक्सचेंज कार्यक्रमों के तहत 2022 में देश में 2,76,723 छात्र आए जबकि 2021 में 240,479 छात्र आए थे। इस प्रकार इसमें 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई। ग्रेड केजी से 12वीं तक के किसी भी स्कूल में नामांकित अंतर्राष्ट्रीय छात्रों की संख्या 700 से अधिक नहीं रही। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पिछले साल प्री और पोस्ट कंप्लीशन ऑप्शनल प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए आने वाले छात्रों की संख्या 1,17,301 रही जबकि 2021 में यह संख्या 1,15,651 थी। इस प्रकार इसमें 1.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

  • मुझे फांसी दे दो लेकिन किसी के भविष्य के साथ मत खेलो – बृजभूषण शरण सिंह

    कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह शोषण के आरोपों में घिरे हुए हैं। उनके खिलाफ पहलवान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। बृजभूषण शरण सिंह का कहना है कि यदि उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह या जेपी नड्डा कहते हैं तो वह अपने पद से इस्तीफ़ा दे देंगे। 

    वहीं अब एक सम्बोधन के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने कहा – पहलवानों से मेरा आग्रह है नए खिलाड़ियों का भविष्य न खराब करें। भले ही मुझे फांसी पर लटका दो लेकिन किसी के भविष्य के साथ मत खेलो नौजवान खिलाड़ियों का भविष्य खराब नहीं होना चाहिए। 

    उन्होंने आगे कहा – देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाडी प्रदर्शन में बैठे हैं इससे कुश्ती प्रभावित हुई है सभी गतिविधियां थप हो गई हैं यह नहीं होना चाहिए। मुझे फांसी चढ़ा दो मैं यह स्वीकार कर लूंगा लेकिन नौजवान खिलाड़ियों का भविष्य नहीं खराब होना चाहिए टूर्नामेंट नहीं रुकने चाहिए। उन्होंने आग्रह करते हुए कहा –  कैडेट्स नेशनल गेम्स होने दें, चाहे कोई भी राज्य इसे आयोजित करे। महाराष्ट्र, तमिलनाडु, त्रिपुरा कोई भी राज्य हो लेकिन कुश्ती की गतिविधि रुकनी नहीं चाहिए। 

     

  • पहलवान और कांग्रेस की है मिली भगत, मेरे पास हैं सबूत – ब्रिज भूषण शरण सिंह

    देश :– यौन शोषण के आरोपों में घिरे ब्रिज भूषण शरण सिंह ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा – पहलवानों का विरोध प्रदर्शन उनके खिलाफ साजिश है। यह सब कांग्रेस का किया धरा है। बजरंग पुनिया और कांग्रेस की मिली भगत है। उनके पास इसके सबूत भी हैं। 

    उन्होंने आगे कहा – मेरे पास ऑडियो क्लिप है मैं सच्चाई सामने ला सकता हूँ। जिस दिन सच्चाई सामने आएगी सबको अफ़सोस होगा। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को भी इस मामले में पछताना होगा कि उन्होंने पहलवानों का समर्थन किया और वह जंतर-मंतर गईं। 

    जानकारी के लिए बता दें ब्रिज भूषण शरण सिंह के खिलाफ विनेश फोगाट, साक्षी मालिक ने यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। पहलवानों का कहना है कि कुश्ती संघ के अध्यक्ष ब्रिज भूषण शरण सिंह ने 1000 से अधिक महिलाओं का यौन शोषण किया है, कोर्ट की फटकार के बाद कुश्ती संघ के अध्यक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं पहलवान लगातार उनकी गिरफ्तारी की मांग उठा रहे हैं। 

  • सोनिया गांधी शनिवार को कर्नाटक में करेंगी चुनाव प्रचार

    स्वास्थ्य कारणों से कर्नाटक में चुनाव प्रचार से अब तक दूर रहीं कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी शनिवार को हुबली में एक जनसभा को संबोधित करेंगी। चुनावी राज्य में यह उनकी पहली जनसभा होगी। इस बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा दक्षिणी राज्य में आक्रामक रूप से प्रचार कर रहे हैं, जहां 10 मई को मतदान होगा। सोनिया गांधी पिछले साल 6 अक्टूबर को कर्नाटक के मांड्या में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुई थीं और राहुल गांधी के साथ चल रही थीं। वह इन दिनों स्वास्थ्य कारणों से सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रह रही हैं।

    कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष को इस साल 2 मार्च को बुखार के बाद सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछले साल जून में उन्हें कोविड-19 हो गया था। इससे पहले, भाजपा नेता बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने सोनिया गांधी पर निशाना साधा था। उन्होंने कांग्रेस नेता को विष कन्या और पाकिस्तान तथा चीन का एजेंट बताया था। कांग्रेस ने भाजपा नेता की टिप्पणी की निंदा की थी। कर्नाटक में 224 सदस्यों वाली विधानसभा के लिए चुनाव 10 मई को निर्धारित है और वोटों की गिनती 13 मई को होगी।

    सत्तारूढ़ भाजपा को कांग्रेस से कड़ी टक्कर मिल रही है, जिसने भगवा पार्टी को भ्रष्टाचार सहित कई मुद्दों पर किनारे कर दिया है। कांग्रेस ने मंगलवार को अपना घोषणापत्र जारी किया और सत्ता में आने के एक साल के भीतर राज्य में भाजपा सरकार द्वारा पारित सभी अन्यायपूर्ण कानूनों और अन्य जनविरोधी कानूनों को निरस्त करने का वादा किया है। कांग्रेस ने गृह ज्योति (200 यूनिट मुफ्त बिजली); गृह लक्ष्मी – परिवार की प्रत्येक महिला मुखिया को 2,000 रुपये मासिक; और अन्ना भाग्य – बीपीएल परिवार के प्रत्येक व्यक्ति को उनकी पसंद का 10 किलो अनाज (चावल, रागी, ज्वार, बाजरा के बीच) देने का वादा किया है।

    इसने जाति या धर्म के आधार पर समुदायों के बीच नफरत फैलाने वाले व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ कड़ी और निर्णायक कार्रवाई करने का भी वादा किया। इसने कहा कि अगर बजरंग दल और पीएफआई जैसे किसी भी संगठन ने नफरत फैलाने की कोशिश की तो वह उस पर प्रतिबंध लगाएगा।

  • पहलवानों ने जंतर-मंतर पर दुर्व्यवहार करने वाले पहलवानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

    राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर बुधवार रात प्रदर्शन स्थल पर उनके साथ कथित मारपीट के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पत्र में उन्होंने विरोध प्रदर्शन में वाटरप्रूफ टेंट, बिस्तर, जिम के उपकरण, कुश्ती मैट और साउंड सिस्टम लाने की अनुमति भी मांगी है।

    पत्र में उन्होंने लिखा है, हम, ओलंपियन और अंतर्राष्ट्रीय पहलवान, पिछले 11 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक विरोध कर रहे हैं। (बुधवार रात) लगभग 11 बजे, हम रात में रुकने के लिए सुविधाओं की व्यवस्था कर रहे थे, जब दिल्ली पुलिस के एसीपी धर्मेंद्र ने लगभग 100 पुलिस कर्मियों के साथ हम पर हमला किया। हमले में दुष्यंत फोगट और राहुल यादव के सिर पर चोट आई है।

    पहलवानों ने आरोप लगाया कि एसीपी ने ओलंपियन विनेश फोगट को गालियां दीं, जबकि साक्षी मलिक और संगीता फोगट को पुलिस ने पीटा।

    उन्होंने कहा, इस तरह से अंतर्राष्ट्रीय पहलवानों पर हमला करना और उनका अपमान करना एथलीटों का मनोबल तोड़ने वाला है। यह उनके आत्मविश्वास को कम करता है। इससे देश की भी बदनामी हो रही है। हम आपसे तत्काल कार्रवाई करने का अनुरोध करते हैं।

  • प्राथमिकी दर्ज होने, सुरक्षा दिए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पहलवानों की याचिका पर सुनवाई बंद की

    सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पहलवानों की याचिका पर गुरुवार को सुनवाई बंद कर दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि पहलवानों को सुरक्षा मुहैया करा दी गई है। साथ ही उसने पूर्व जज से मामले की जांच की उनके अधिवक्ता की मांग भी खारिज कर दी। भारत के मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि ..प्राथमिकी दर्ज होने के बाद हम फिलहाल सुनवाई बंद कर रहे हैं। उचित राहत के लिए याचिकाकर्ता संबंधित मजिस्ट्रेट या हाईकोर्ट की शरण में जा सकते हैं। खंडपीठ में न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और जे.बी. पारदीवाला भी शामिल थे। खंडपीठ ने कहा कि इस अदालत में याचिका का उद्देश्य प्राथमिकी दर्ज कराना था। साथ ही पुलिस ने कहा है कि शिकायतकर्ताओं को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई गई है। पहलवानों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नरेंद्र हूडा ने कहा कि खबरों के मुताबिक बुधवार की रात एक पुलिस अधिकारी ने प्रदर्शन स्थल पर नशे में पहलवानों के साथ दुर्व्यवहार किया।

    दिल्ली पुलिस की ओर से सॉलिसिटर जेनरल तुषार मेहता ने कहा कि दो राजनीतिक दलों के नेता ट्रक पर फोल्डिंग बेड लेकर वहां पहुंचे थे जिसे पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इसी दौरान हाथापाई हुई। मेहता ने कहा कि पहलवानों का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने पी रखी थी, लेकिन मेडिकल जांच में पाया गया कि किसी ने नहीं पी थी। हूडा ने कहा कि सिंह खुलेआम पहलवानों के नाम ले रहे हैं। वह टीवी स्टार बन गए हैं। वह इंटरव्यू दे रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि इन सबके पीछे कोई कारोबारी है। उन्होंने उनकी पहचान गुप्त रखने के बारे में पूछा। मेहता ने कहा कि शिकायतकर्ता भी इंटरव्यू दे रहे हैं और उनका नाम ले रहे हैं। सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने हूडा के बात पर आपत्ति जताई।

    उन्होंने अदालत को बताया कि एक वरिष्ठ महिला आईपीएस अधिकारी मामले की जांच कर रही हैं। शिकायतकर्ताओं के बयान रिकॉर्ड किए जा चुके हैं और एक-दो दिन में कुछ और बयान रिकॉर्ड किए जाएंगे। सुनवाई के अंत में हूडा ने कहा, मुझे पूरा विश्वास है कि जैसे ही यह केस समाप्त हो जाएगा दिल्ली पुलिस की कार्रवाई सुस्त पड़ जाएगी। इसकी एक पूर्व न्यायाधीश से निगरानी कराई जाए। खंडपीठ ने कहा, हमने याचिका में जो अनुरोध किया गया था वहीं तक खुद को सीमित रखा है और वह उद्देश्य पूरा हो चुका है। यदि मजिस्ट्रेट कोर्ट से आपको शिकायत है तो आप दिल्ली उच्च न्यायालय में जा सकते हैं।

    पहलवानों द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि वे कई बार प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए दिल्ली पुलिस के पास गईं, लेकिन विफल रहीं। आरोप था कि देश को गौरवांवित करने वाली महिला एथलीटों को यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। उनकी मदद करने की बजाय उन्हें न्याय के लिए यहां से वहां दौड़ाया जा रहा है। याचिका में कहा गया था कि आरोपी एक प्रभावशाली व्यक्ति है और वह न्याय से बचने के लिए कानूनी प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल कर रहा है और वैधानिक व्यवस्था का दुरुपयोग कर न्याय में बाधा डाल रहा है। पहलवानों ने कहा, यह महत्वपूर्ण है कि पुलिस यौन उत्पीड़न की सभी शिकायतों को गंभीरता से ले और तुरंत प्राथमिकी दर्ज करे तथा प्राथमिकी दर्ज करने में देरी करके इसमें और बाधा न पैदा करे।