Category: national

  • दिल्ली में बढ़ा कोरोना का कहर, एक दिन में आए 1700 नए मामले

    देश – भारत में एक बार पुनः कोविड केस की रफ़्तार तीव्रता के साथ बढ़ रही है। दिल्ली, मुंबई, केरल व अन्य बड़े राज्यों में कोविड के केस में बढ़ोतरी देखने को मिली है।  पिछले दो दिनों में 150 नए कोविड​​-19 के मामले दर्ज किए हैं। राज्यों में कोरोना से बचाव हेतु कई कड़े कदम उठाए हैं। 

    दिल्ली में बुधवार को कोरोना के 1767 न‌ए मामले आए। जिसके बाद संक्रमण दर बढ़कर 28.63% हो गई है। दिल्ली में पिछले 24 घंटों में 6172 टेस्ट किए गए और 1427 मरीज ठीक हुए। जबकी 6046 एक्टिव मरीज हैं। 

    महाराष्ट्र में बुधवार को कोविड-19 के 1100 नए मामले दर्ज हुए। राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 81,58,393 हो गई, जबकि संक्रमण से चार लोगों के दम तोड़ने के बाद मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 1,48,489 हो गई है। 

  • Surya Grahan 2023:आज लगा है साल का पहला सूर्य ग्रहण

    Surya Grahan 2023 Live: – आज 20 अप्रैल को साल का पहला सूर्य ग्रहण 7 बजकर 5 मिनट से लग गया है। ग्रहण आज 12 बजकर 29 मिनट तक लगा रहेगा। साल 2023 में 4 ग्रहण होंगे। जिसमे दो सूर्य ग्रहण होंगे और दो चंद्र ग्रहण होंगे। 

    ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक़- आज कोई भी व्यक्ति किसी भी मांगलिक कार्य की शुरुआत न करे इसका आपका दुष्प्रभाव झेलना पड़ सकता है। भोजन बगैर सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद बनाएं और ग्रहण करें। यदि आप सूर्य ग्रहण के दौरान भोजन बनाते हैं और इसको ग्रहण करते हैं तो इसे दूषित माना जाएगा। वहीं इस दौरान यात्रा करने से बचें। 

    सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। इस दौरान कोई भी शुभ काम नहीं होता है, मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं पूजा पाठ नहीं किया जाता है। वहीं जब सूर्य ग्रहण खत्म होता है तो सूतक काल स्वतः ही खत्म हो जाता है। 

  • दमोह की तस्वीर बदलने वाली पर्यावरण मित्र सिंचाई योजना पर संकट के बादल

    मध्य प्रदेश में बुंदेलखंड वह इलाका है जो पानी संकट के कारण हमेशा चर्चा में रहता है और इस इलाके का दमोह जिला इस समस्या के मामले में सबसे ऊपर है। यहां के बड़े हिस्से की तकदीर और तस्वीर बदलने के लिए जमीन पर उतारी जा रही पंचम नगर सिंचाई परियोजना पर संकट के बादल छाने लगे हैं। यह प्रदेश की पहली पर्यावरण मित्र परियोजना है।

    पंचम नगर मध्यम सिंचाई परियोजना के जरिए सागर और दमोह जिले के लगभग एक सैकड़ो गांव तक पानी पहुंचाने के लिए जमीन पर उतारा जा रहा है। इस परियोजना से जहां सिंचाई के लिए पानी मिलेगा तो वही पीने का पानी भी आसानी से सुलभ हो सकेगा इस परियोजना के तहत दमोह की पथरिया विधानसभा क्षेत्र में लगभग 29 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जा चुकी हैं और इसके जरिए आधा सैकड़ा गांव की 16 हजार हेक्टेयर क्षेत्र की खेती को पानी भी मिल रहा है। यह ऐसी गुरुत्वाकर्षण आधारित परियोजना है जिसमें प्रेशराइज्ड पाइप के जरिए पानी भेजा जा रहा है और इसके लिए बिजली की भी जरूरत नहीं पड़ रही है।

    इस परियोजना में एक बड़ी बाधा नरसिंहगढ़ इलाके में आ गई है जहां पर सीमेंट संयंत्र है और उसे लाइमस्टोन खनन के लिए राज्य सरकार द्वारा लीज दी गई है। इस संयंत्र को 1247 हेक्टेयर भूमि का पट्टा दिया गया है, जिसमें से लगभग साढ़े चार हेक्टेयर जमीन की जरूरत इस परियोजना के लिए है। सीमेंट संयंत्र यह जमीन को देने के लिए तैयार नहीं है।

    यह मामला सरकार के स्तर पर भी हैं और न्यायालय तक पहुॅचा, इसे आपसी समन्वय से निपटाने की कोशिशें हुई हैं, मगर अब तक सफलता नहीं मिली है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि इस परियोजना में बड़ा बदलाव किया जाना है और इसके लिए पाईप लाइन की दिशा ही बदली जाएगी, जिसका सीधा असर पानी की आपूर्ति पर पड़ना तय है। एक तरफ जहां परियोजना की लागत बढ़ जाएगी, वहीं पानी गुरुत्वाकर्षण के जरिए खेतों तक नहीं पहुंच पाएगा, इसके लिए बिजली मोटर आदि का उपयोग जरूरी हो जाएगा।

    जानकारों का कहना है कि यह पर्यावरण मित्र परियोजना है, प्रदेश की ऐसी पहली सिंचाई परियोजना है, जिसमें बगैर बिजली के खर्च के पानी को खेतों तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा, इसमें पगारा बांध से पानी छोड़ा जाएगा और इस बांध की ऊंचाई अधिक होने की वजह से पानी 25 हजार हेक्टेयर की क्षेत्र की सिंचाई में मददगार होगा, इसमें बिजली का उपयोग नहीं होगा और हर साल लगभग बीस करोड की बिजली भी बचेगी। अब सीमेंट संयंत्र के असहयोगत्मक रुख के चलते परियोजना के जल्दी पूरे होने पर कुहासा गहराने लगा है।

    यहां हम आपको बता दें कि यह परियोजना जिस क्षेत्र में है वह केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल का संसदीय क्षेत्र दमोह है. उसके बावजूद यह परियोजना अधर में लटकने की स्थिति में पहुंचती जा रही है। यहां बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इस परियोजना का जमीनी खाका तो तभी खींचा गया होगा जब सारे तथ्यों का परीक्षण किया गया होगा, मगर अब सीमेंट संयंत्र के असहयोगात्मक रुख ने एक बड़ी येाजना केा मुसीबत मंे डाल दिया है।

  • नागपुर में एक फैक्ट्री में लगी भीषण आग, तीन की मौत

    नागपुर में सोनेगांव-निपानी इलाके में हिंगना एमआईडीसी की एक फैक्ट्री में भीषण आग लग गई जिसमें कम से कम तीन मजदूरों की मौत हो गई। अधिकारियों ने सोमवार को ये जानकारी दी। घटना कटारी एग्रो प्रा. लिमिटेड प्लांट में घटी जिसके बाद दमकलकर्मियों की टीमें आग बुझाने के लिए रवाना हुईं।

    चश्मदीदों ने कहा कि कारखाने के परिसर से गहरे धुएं के गुबार निकलते देखे गए, जो दूर से ही दिखाई दे रहे थे।

    आग में कम से कम तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि अन्य तीन गंभीर रूप से झुलस गए और उन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया।

    अपुष्ट रिपोटरें के अनुसार, कुछ और मजदूर कथित रूप से धधकते कारखाने के परिसर के अंदर फंसे हुए हैं और उन्हें बचाने के प्रयास जारी हैं, हालांकि आग लगने का कारणों का पता नहीं चला है।

    उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने त्रासदी पर दुख व्यक्त किया और एजेंसियों को तत्काल बचाव और राहत अभियान चलाने का निर्देश दिया।

    उन्होंने अधिकारियों से घायल मजदूरों का उचित इलाज सुनिश्चित करने को कहा है और मुंबई से स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

  • खराब मौसम के चलते केदारनाथ तीर्थयात्रा के लिए 30 अप्रैल तक रजिस्ट्रेशन बंद

    उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम खराब है। खराब मौसम की मार केदारनाथ धाम तीर्थयात्रा के रजिस्ट्रेशन पर भी पड़ी है। बर्फबारी के चलते फिलहाल यहां जाने वाले तीर्थयात्रियों के रजिस्ट्रेशन रोक दिए गए हैं। फिलहाल 30 अप्रैल तक रजिस्ट्रेशन रोके गए हैं। देहरादून जिले के एसएसपी दिलीप सिंह कुंवर ने ऋषिकेश के रजिस्ट्रेशन सेंटर जाकर तीर्थयात्रियों से संयम बनाए रखने की अपील की। यात्रा के दौरान पुलिस को सहयोग देने के लिए भी कहा। ट्रैफिक व्यवस्था का निरीक्षण करने के बाद एसएसपी वापस देहरादून लौट गए।

    रविवार को वीकेंड के मौके पर एसएसपी दिलीप सिंह कुंवर ऋषिकेश पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने यात्रा ट्रांजिट कैंपस का निरीक्षण किया। मौके पर पुलिस कर्मियों को उन्होंने यात्रियों की हर समस्या को गहराई से सुनने और उसका समाधान तत्परता से करने के निर्देश दिए। मौके पर एसएसपी ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों के साथ बातचीत की। उनको भारी बर्फबारी की वजह से केदारनाथ धाम के बंद किए गए रजिस्ट्रेशन के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया।

    एसएसपी ने बताया कि भारी बर्फबारी की वजह से फिलहाल रजिस्ट्रेशन बंद किए गए हैं। जो व्यवस्था बनते ही खोल दिए जाएंगे। यात्रियों से मुलाकात करने के बाद एसएसपी चंद्रभागा पुल से लेकर श्यामपुर फाटक होते हुए नेपाली फार्म पहुंचे। पूरे रास्ते एसएसपी ट्रैफिक व्यवस्था पर खुद नजर रखते हुए दिखाई दिए। उन्होंने अधीनस्थ पुलिस कर्मियों से ट्रैफिक व्यवस्था के बारे में फीडबैक भी लिया। अधिकारियों को रूट प्लान समय-समय पर जरूरत के हिसाब से लागू करने के लिए फिर से निर्देशित किया।

    एसएसपी दिलीप सिंह कुंवर ने कहा कि सड़कें संकरी हैं। ट्रैफिक बहुत ज्यादा है। इसलिए पुलिस की तत्परता से ही ट्रैफिक को नियंत्रित किया जा सकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही ना की जाए। एसएसपी ने बताया कि चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार होने की वजह से वह लगातार तमाम व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग खुद कर रहे हैं। लगातार अधिकारियों से फीडबैक भी लेने में लगे हुए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर वह बार-बार ऋषिकेश का दौरा कर रहे हैं।

    देहरादून एसएसपी ने बताया कि उन्होंने यात्रियों से केदारनाथ धाम के बंद हुए रजिस्ट्रेशन की वजह से हो रही दिक्कतों को लेकर पुलिस का सहयोग करने की अपील की है। मौके पर एसपी देहात कमलेश उपाध्याय कोतवाल खुशीराम पांडे एसएसआई दर्शन सिंह काला उपस्थित रहे।

    चारधाम यात्रा के लिए हरिद्वार और ऋषिकेश में रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं। फिलहाल केदारनाथ धाम के लिए रजिस्ट्रेशन 30 अप्रैल तक रोके गए हैं।रजिस्ट्रेशन टोल फ्री नंबर 1364 (उत्तराखंड से) या 0135-1364 या 0135- 3520100 पर कॉल करके कराया जा सकता है। उत्तराखंड सरकार के मुताबिक चारधाम यात्रा के लिए अब तक 15 लाख से भी ज्यादा यात्री अपना पंजीकरण करवा चुके हैं।

    उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 2023 शनिवार 22 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। 22 अप्रैल को उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट खुल चुके हैं। 25 अप्रैल यानी मंगलवार को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने हैं। 27 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।

  • अमेरिका में फ्लू से 19 हजार से ज्यादा मौतें

    सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) द्वारा प्रकाशित नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में इस सीजन में अब तक 2.6 करोड़ लोग फ्लू से बीमार हुए। इनमें से 2 लाख 90 हजार लोग अस्पताल में भर्ती हुए हैं और 19 हजार मौतें हुईं। समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने सीडीसी के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि इस सीजन में अब तक देश में फ्लू से 143 बच्चों की मौतें हुई हैं।

    सीडीसी के आंकड़ों से पता चलता है कि 15 अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह में फ्लू से पीड़ित लगभग 2,000 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    सीडीसी ने सिफारिश की है कि जब तक फ्लू का प्रकोप है, तब तक 6 महीने और उससे अधिक उम्र के सभी लोगों को वार्षिक फ्लू का टीका लगवाना चाहिए।

  • 24 घंटे में कोरोना के 197 नए मरीज, 20 बच्चे भी शामिल

    नोएडा में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बीते 24 घंटे में 197 नए मरीज सामने आए। वही ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 151 है। पीड़ितों में 18 साल से कम उम्र के 20 बच्चे भी है। जिनकी निगरानी की जा रही है। सीएमओ डॉक्टर सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि 24 घंटे में कुल 1999 सैंपल लिए गए। जिनकी जांच रिपोर्ट आई है। वहीं अस्पतालों में 27 मरीज भर्ती है। लेकिन किसी मरीज को ऑक्सीजन सपोर्ट की आवश्यकता नहीं है। जिले में सक्रिय मामले बढ़कर अब 750 हो गए है।

    जिनका होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है। उन सभी से कंट्रोल रूम से निरंतर जानकारी ली जा रही है। सीएमओ ने सभी स्कूलों में कोविड की गाइड लाइन का पालन करने के निर्देश दिए है। वहीं स्कूलों में लगातार सैनिटाइजेशन और जिन सेक्टर और सोसाइटी में मरीज मिले है, वहां भी सैनिटाइजेशन कराने के लिए कहा गया है।

    सीएमओ ने बताया कि ये अच्छी बात है कि ठीक होने वाले मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। ये आकड़ा निरंतर बना रहे तो कोरोना की लहर को रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कोरोना के लक्षण मिलने पर तुरंत जांच कराए।

  • हिंसाग्रस्त सूडान से भारतीयों को निकालने के लिए केरल के सीएम ने मोदी को लिखा पत्र

    केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हिंसा प्रभावित सूडान में फंसे भारतीयों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए उनके हस्तक्षेप और मार्गदर्शन की मांग की। विजयन ने कहा, केरल के काफी लोग सूडान में काम कर रहे हैं। केरल सरकार के पास फोन कॉल आ रहे हैं जिनमें बताया जा रहा है कि संघर्ष शुरू होने के बाद से बहुत से लोगों को पीने का पानी, बिजली, भोजन और दवाओं जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। हमें यह भी बताया गया है कि केरल के कई लोग सूडान के सुदूर इलाकों में फंसे हुए हैं और उन्हें स्वदेश वापस लाने की जरूरत है।

    पत्र में कहा गया है, इस संदर्भ में मैं आपके हस्तक्षेप और संबंधित लोगों को मार्गदर्शन का अनुरोध करता हूं ताकि सूडान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनकी जल्द से जल्द सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके। उल्लेखनीय है कि सूडानी सशस्त्र बल (एसएएफ) और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) के बीच खार्तूम और अन्य शहरों में शनिवार को हिंसक झड़पें शुरू हुईं। दोनों पक्षों ने संघर्ष शुरू करने का आरोप एक-दूसरे पर लगाया है। प्रधानमंत्री ने सूडान से भारतीयों की स्वदेश वापसी के मुद्दे पर चर्चा के लिए शुक्रवार को दिल्ली में अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है।

  • हिंसाग्रस्त सूडान से भारतीयों को निकालने के लिए केरल के सीएम ने मोदी को लिखा पत्र

    केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हिंसा प्रभावित सूडान में फंसे भारतीयों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए उनके हस्तक्षेप और मार्गदर्शन की मांग की। विजयन ने कहा, केरल के काफी लोग सूडान में काम कर रहे हैं। केरल सरकार के पास फोन कॉल आ रहे हैं जिनमें बताया जा रहा है कि संघर्ष शुरू होने के बाद से बहुत से लोगों को पीने का पानी, बिजली, भोजन और दवाओं जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। हमें यह भी बताया गया है कि केरल के कई लोग सूडान के सुदूर इलाकों में फंसे हुए हैं और उन्हें स्वदेश वापस लाने की जरूरत है।

    पत्र में कहा गया है, इस संदर्भ में मैं आपके हस्तक्षेप और संबंधित लोगों को मार्गदर्शन का अनुरोध करता हूं ताकि सूडान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनकी जल्द से जल्द सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके। उल्लेखनीय है कि सूडानी सशस्त्र बल (एसएएफ) और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) के बीच खार्तूम और अन्य शहरों में शनिवार को हिंसक झड़पें शुरू हुईं। दोनों पक्षों ने संघर्ष शुरू करने का आरोप एक-दूसरे पर लगाया है। प्रधानमंत्री ने सूडान से भारतीयों की स्वदेश वापसी के मुद्दे पर चर्चा के लिए शुक्रवार को दिल्ली में अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है।

  • भारतीय मूल के सीओपी26 अध्यक्ष ने सिविल सेवकों को ‘धमकाने’ से किया इनकार

    भारतीय मूल के सीओपी26 के अध्यक्ष और ब्रिटेन के पूर्व व्यापार सचिव आलोक शर्मा ने सिविल सेवकों को धमकाने के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें कभी भी कर्मचारियों की ओर से किसी भी शिकायत के बारे में अवगत नहीं कराया गया था। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, चार वरिष्ठ अधिकारियों ने शर्मा पर मुश्किल, अप्रत्याशित और जल्दी से आपा खोने का आरोप लगाया था, इसमें डांटना, अपशब्दों का प्रयोग करना आदि शामिल है।

    2020 और 2022 के बीच शर्मा के साथ काम करने वाले चार स्टाफ सदस्यों में से दो ने कहा कि महामारी के दौरान वह माइक्रोसॉफ्ट टीम्स के जूनियर सिविल सेवकों को उनके काम को लेकर डांटा। कर्मचारियों ने दावा किया कि 2020 में कम से कम चार मौकों पर शर्मा के व्यवहार के बारे में वरिष्ठ प्रबंधकों के साथ चिंता जताई गई, लेकिन कोई औपचारिक शिकायत नहीं की गई। उनमें से एक ने ब्लूमबर्ग को बताया कि उसने मंत्री के अधीन काम करने के दबाव से निपटने के लिए एंटीडिप्रेसेंट और मानसिक स्वास्थ्य सहायता का सहारा लिया।

    रिपोर्टों के जवाब में, शर्मा ने ब्लूमबर्ग से कहा, मुझे कभी भी कर्मचारियों से किसी भी तरह की ‘अनौपचारिक शिकायत’ या के बारे में अवगत नहीं कराया गया है। कैबिनेट कार्यालय ने पुष्टि की है कि मेरे बारे में सरकार में किसी भी अनौपचारिक या औपचारिक शिकायत का कोई रिकॉर्ड नहीं है। मैं इन आरोपों का खंडन करता हूं।

    मैंने एक सरकारी मंत्री के रूप में सैकड़ों अधिकारियों के साथ काम किया है और हमेशा महसूस किया है कि मैंने उनके साथ एक अच्छा रिश्ता बनाए रखा है। शर्मा के डराने-धमकाने के दावों की रिपोर्ट उप प्रधान मंत्री डॉमिनिक रैब के शुक्रवार को सरकार से इस्तीफा देने से कुछ दिन पहले आई, जब एक स्वतंत्र रिपोर्ट में पाया गया था कि उन्होंने अधिकारियों को धमकाया था। आगरा में जन्मे शर्मा, सिर्फ पांच साल की उम्र में यूके चले गए थे। पिछले साल किंग चार्ल्स तृतीय द्वारा 26वें संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के अध्यक्ष के रूप में जलवायु परिवर्तन से निपटने में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया था।