Category: national

  • भारत में 3,641 नए कोविड मामले दर्ज, आंकड़ों में आई मामूली गिरावट

    केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार मामलों के मंत्रालय के अनुसार, भारत में सोमवार को बीते 24 घंटे के दौरान 3,641 मामले सामने आए, जो रविवार के 3,824 के आंकड़ों की तुलना में मामूली गिरावट पर है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इसी अवधि में कोरोना से 1,800 मरीज ठीक हुए, जिसके चलते महामारी से ठीक होने वालों की संख्या बढ़कर 4,41,75,135 हो गई है। राष्ट्रीय रिकवरी दर 98.76 प्रतिशत दर्ज की गई है।

    डेली पॉजिटिविटी रेट 6.12 प्रतिशत है, वहीं वीकली पॉजिटिविटी रेट 2.45 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटों में कुल 59,512 टेस्ट किए गए हैं। पिछले सप्ताह 18,450 नए मामलों के साथ वृद्धि देखी गई थी, जो पिछले सप्ताह के 8,781 मामलों से काफी अधिक थी।

    कुल 220.66 करोड़ वैक्सीन डोज (95.21 करोड़ दूसरी डोज और 22.86 करोड़ प्रिकॉशन डोज) राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत पिछले 24 घंटों में 686 डोज दी गई है। रविवार को, देश में 3,824 नए कोविड मामले दर्ज किए गए, जो शनिवार के आंकड़ों से 27 प्रतिशत अधिक था।

  • दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ किया प्रदर्शन

    देश- कल बुधवार के दिन दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक- यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दो छात्रों को प्रतिबंधित किया था। यह प्रदर्शन इसी परिपेक्ष्य में हुआ।

    जानकारी के लिए बता दें दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बीबीसी की डॉक्युमेंट्री ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’… की स्क्रीनिंग करने के मामले में दो छात्रों को परीक्षा देने से रोक दिया था। अब छात्रों का कहना है कि कैम्पस में उनको प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है।

  • अमित शाह एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे हरिद्वार, कई कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत

    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह गुरुवार को अपने एक दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर हरिद्वार पहुंचे। यहां अमित शाह के आज तीन बड़े कार्यक्रम हैं। वो गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। ये गुरुकुल कांगड़ी विवि का 113वां दीक्षांत समारोह है। दीक्षांत समारोह में उन्हें विद्या मातर्ंड की उपाधि दी जाएगी। साथ ही पतंजलि योगपीठ में यूनिवर्सिटी का उद्घाटन भी करेंगे। गुरुकुल कांगड़ी विवि के कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने बताया कि विवि के 113वें दीक्षांत समारोह में 8 वर्षों के करीब 1800 छात्र-छात्राओं को स्नातक, परास्नातक, पीजी डिप्मोला, पीएचडी और गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा। वर्ष 2014 से लेकर वर्ष 2022 तक के छात्र-छात्राओं को दीक्षांत समारोह में उपाधि देने के लिए आमंत्रित किया है। इस दौरान गृह मंत्री को संस्कृत भाषा में अंकित विद्यामार्तण्ड की मानद उपाधि से अलंकृत किया जाएगा। अमित शाह गुरुकुल के बाद ऋषिकुल और पतंजलि में होने वाले कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे।

    इस दौरान राज्यसभा सांसद नरेश बंसल कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, निरंजन पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत भी पहुंचे। दरअसल पतंजलि में योग गुरु बाबा रामदेव द्वारा 100 संन्यासी और 500 ब्रह्मचारी कर्मचारियों को संन्यास दिलाया जा रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का यह एक दिवसीय दौरा काफी महत्वपूर्ण है, जिसे देखते हुए हरिद्वार में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। 1500 पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। इसके साथ ही तीन बटालियन पीएसी और तीन बीडीएस की टीमें भी सुरक्षा के लिए तैनात हैं। बुधवार को उत्तराखंड के एडीजी लॉ एंड आर्डर बी मुरूगेशन ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ब्रीफ किया था। मुरुगेशन ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही और चूक बर्दाश्त नहीं होगी।

    इसके अलावा डीआईजी सिक्योरिटी राजीव स्वरूप ने भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। हरिद्वार के जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय ने कहा कि सुरक्षा में लगे सभी लोगों को सामंजस्य बनाकर वीवीआईपी ड्यूटी को जिम्मेदारी से निभाना है।

  • इंदौर मंदिर हुआ हादसा

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    इंदौर मंदिर हुआ हादसा

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    अब तक 11 लोगों की मौत

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    रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

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    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ हादसा अत्यंत दुःखद

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    डिजास्टर मैनेजमेंट एक्सपर्ट अंजलि क्वात्रा ने कहा कि प्रशासन ने तेजी से रिस्पॉन्स किया है

  • इंडोनेशिया में 6.4 तीव्रता का भूकंप, कोई हताहत नहीं

    इंडोनेशिया के पश्चिमी प्रांत उत्तरी सुमात्रा में भूकंप आया। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.4 मापी गई। इसमें किसी के हताहत होने या नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है। एक स्थानीय अधिकारी ने यह जानकारी दी। प्रांत के सर्च और रेस्क्यू ऑफिस की ऑपरेशन यूनिट के प्रमुख जूल इंद्र ने कहा कि सोमवार देर रात आए भूकंप से कोई नुकसान या हताहत नहीं हुआ है।

    उन्होंने न्यूज एजेंसी शिन्हुआ को फोन पर बताया, हमें मिली सभी रिपोटरें में कहा गया है कि कोई इमारत या घर नष्ट नहीं हुआ है। किसी व्यक्ति की मौत या घायल होने की भी सूचना नहीं है। भूकंप रात 9.59 बजे आया। एजेंसी ने कहा कि भूकंप का केंद्र पडंग सिदेमपुआन शहर से 82 किमी दक्षिण पश्चिम में और समुद्र तल के नीचे 102 किमी की गहराई में स्थित है। भूकंप के झटके पास के आचे, पश्चिम सुमात्रा और रियाउ प्रांतों में भी महसूस किए गए।

  • ताकतें भ्रष्टाचार नहीं छुपा सकती हैं- मोदी

    देश- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचारी को लेकर अपना मत रखते हुए कहा, आज भ्रष्टाचार से लड़ाई के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी नहीं है। अधिकारी किसी भी भ्रष्ट व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए स्वतंत्र हैं। किसी की ताकत उसके भ्रष्टाचार को नहीं छुपा सकती।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार को लोकतंत्र और न्याय के मध्य आने वाला सबसे बड़ा रोड़ा कहा है।उन्होंने आगे कहा, बीते कई वर्षों में सरकारी एजेंसी न्याय और सत्य के साथ विकसित हुई हैं। देश के नागरिकों की अभिलाषा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम उठाए जाएं। किसी भी भ्रष्ट व्यक्ति को नहीं छोड़ा जाएगा। सभी के खिलाफ कार्यवाही होगी।
    उन्होंने आगे कहा, भ्रष्टाचार से उन लोगों को लाभ हुआ। यह एक चेन है। यह लोग एजेंसियों को बदनाम करते हैं। लेकिन इनकी कहानियों से एजेंसियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह लोग ध्यान भटकाने के लिए ऐसी चीजें करते हैं। लेकिन न्याय देश की इच्छा है। कानून और न्याय सभी के लिए समान है।

  • पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्लोरिडा से न्यूयार्क के लिए भरी उड़ान

    गिरफ्तारी की आशंका के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को फ्लोरिडा से न्यूयार्क के बीच उड़ान भरी। वह कार्यवाहक न्यायाधीश जुआन मर्चेन के साथ आमने-सामने आएंगे, जिस पर उन्होंने जोर देकर कहा था, वह मुझसे नफरत करते हैं। मैनहट्टन अभियोजक एल्विन ब्रैग, जिन पर ट्रम्प ने उनके खिलाफ विच हंट करने का आरोप लगाया है, भी हाथ में होंगे। ट्रम्प देश के 246 साल के इतिहास में गिरफ्तार होने वाले और मुकदमे का सामना करने वाले पहले पूर्व राष्ट्रपति होंगे। वह अगले साल के राष्ट्रपति चुनाव के लिए भी उम्मीदवार हैं, रिपब्लिकन नामांकन के लिए अग्रणी उम्मीदवार हैं, और रियलक्लियर पॉलिटिक्स द्वारा किए गए सर्वे में राष्ट्रपति जो बाइडेन से केवल दो प्रतिशत पीछे हैं।ट्रंप पर 2016 के चुनाव से पहले पोर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को अपने पूर्व वकील के माध्यम से कथित रूप से भुगतान करने के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है, जिन्होंने 2006 में उनके साथ संबंध होने का दावा किया था।
    मीडिया द्वारा बताया गया है कि ट्रंप पर लगाए गए आरोपों में उन्हें अधिकतम चार साल की जेल की सजा हो सकती है।

    ट्रम्प के वकीलों ने कहा है कि वह मुकदमे में आरोपों से लड़ेंगे जो महीनों बाद होगा। मामले में दोषी ठहराए जाने पर भी संविधान पूर्व राष्ट्रपति को फिर से राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने से नहीं रोकता।अरबपति व्यवसायी ने फ्लोरिडा में अपने घर से अपने निजी बोइंग 757 पर ट्रम्प के साथ न्यूयार्क के लिए उड़ान भरी। उन्हें हवाई अड्डे से ट्रम्प टॉवर में उनके घर तक पुलिस सुरक्षा के साथ एक काफिले में ले जाया गया। ट्रम्प की अदालत में उपस्थिति के लिए व्यापक सुरक्षा सावधानी बरती गई है और मेयर एरिक एडम्स ने समर्थकों को चेतावनी जारी की है। विरोध प्रदर्शनों के बारे में पूछे जाने पर राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा, मुझे न्यूयॉर्क पुलिस विभाग पर भरोसा है। अगर जरूरी हुआ, तो न्यूयॉर्क के अधिकारियों द्वारा ट्रम्प की गिरफ्तारी की निगरानी सीक्रेट सर्विस द्वारा की जाएगी। उनके वकील जो टैकोपिना ने कहा है कि ट्रंप को हथकड़ी नहीं लगाई जाएगी.

    मीडिया रिपोटरें में कहा गया है कि उससे डीएनए का नमूना नहीं लिया जाएगा, न ही पहचान के लिए गिरफ्तारी की तस्वीर मगशॉट बनाई जाएगी। उसकी गिरफ्तारी और कार्यवाही के बाद, डिटेंशन सेल में रखने के बजाय सीधे शहर की अदालत की इमारत में 15वीं मंजिल के कोर्ट रूम में ले जाया जाएगा। डेमोक्रेट सीनेटर जो मैनचिन ने अभियोग की आलोचना करते हुए कहा, यह अमेरिका के लिए बहुत दुखद दिन है, बहुत दुखद दिन है। उन्होंने कहा, विशेष रूप से जब लोग, शायद, यह मानते हैं कि कानून या न्याय का शासन उस तरह से काम नहीं कर रहा है जैसा कि माना जाता है और यह पक्षपाती है। हमारे पास ऐसा नहीं हो सकता है।

  • जम्मू-कश्मीर में आज मौसम शुष्क रहने की संभावना

    जम्मू संभाग में पिछले 24 घंटों के दौरान आमतौर पर मौसम शुष्क रहा और कश्मीर में बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने बुधवार को कहा कि अगले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क रहेगा। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा, अगले 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

    श्रीनगर में 2.7, पहलगाम में 1.7 और गुलमर्ग में माइनस 0.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। लद्दाख क्षेत्र के कारगिल कस्बे में न्यूनतम तापमान शून्य से 1.2 डिग्री नीचे और लेह में शून्य से 5.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। जम्मू में 13.1, कटरा में 11.5, बटोटे में 6.6, बनिहाल में 5.7 और भद्रवाह में 3.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा

  • बाइडेन प्रशासन ने अफगानिस्तान से जल्दबाजी में सेना बुलाने का जिम्मा ट्रंप पर थोपा

    अमेरिकी प्रशासन ने अफगानिस्तान में वर्ष 2021 में सत्ता पर तालीबान के कब्जे के मद्देनजर जल्दबाजी में वहां से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने के लिए पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समय में लिए गए फैसलों को जिम्मेदार ठहराया है। उसने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति के कार्यकाल में लिए गए निर्णयों के कारण जो बाइडेन विवश थे। इसमें युद्ध की समाप्ति के संदर्भ में 2020 का दोहा समझौता भी शामिल है। ह्वाइट हाउस नेशनल सिक्युरिटी काउंसिल द्वारा गुरुवार को सार्वजनिक की गई एक नई रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। राष्ट्रपति बाइडेन की राय का भी रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि जनवरी 2021 में राष्ट्रपति बनने के बाद बाइडेन का मानना था कि अमेरिकी इतिहास के सबसे लंबे युद्ध को समाप्त कर अपने सैनिकों को देश वापस लाना ही उचित होगा। लेकिन इस काम को कैसे अंजाम देना है इस संबंध में पूर्व राष्ट्रपति द्वारा लिए गए निर्णयों के कारण उनके विकल्प सीमित थे। रिपोर्ट में कहा गया है, जब ट्रंप 2017 में राष्ट्रपति बने अफगानिस्तान में 10,000 अमेरिकी सैनिक थे। अठारह महीने बाद यथास्थिति बनाए रखने के लिए 3000 और सैनिकों की तैनाती के बाद उन्होंने तालिबान से सीधे वार्ता करने का आदेश दिया। उन्होंने हमारे साझेदारों और सहयोगियों से भी बात नहीं की और न ही अफगानिस्तान की सरकार को बातचीत के लिए बुलाया।

    सितंबर 2019 में 9/11 की बरसी पर तालिबान को कैम्प डेविड में बुलाकर ट्रंप ने उसका हौसला और बढ़ा दिया। फरवरी 2020 में अमेरिका और तालिबान के बीच दोहा समझौता हुआ जिसके तहत अमेरिका मई 2021 तक अफगानिस्तान से अपनी सेना को वापस बुलाने पर सहमत हो गया। इसके बदले तालिबान शांति वार्ता में हिस्सा लेने के लिए राजी हो गया। उसने अमेरिकी सैनिकों और अफगानिस्तान के बड़े शहरों पर हमला न करने का वादा किया, लेकिन तभी तक जब तक अमेरिका सैनिकों की वापसी के लिए तय समय सीमा का पालन करेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि समझौते के तहत पूर्व राष्ट्रपति ने अफगानिस्तान की सरकार पर 5,000 तालिबानी लड़ाकों को रिहा करने का दबाव बनाया, लेकिन तालिबान द्वारा बंदी बनाए गए एक मात्र अमेरिकी की रिहाई सुनिश्चित नहीं की। अपने कार्यकाल के अंतिम 11 महीनों में ट्रंप ने अमेरिकी सैनिकों की संख्या घटाने के कई आदेश जारी किए और जून 2020 तक अफगानिस्तान में मात्र 8,600 अमेरिकी सैनिक रह गए।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि एक अवर्गीकृत आदेश में, जिस पर ट्रंप के हस्ताक्षर हैं, अमेरिकी सेना को 15 जनवरी 2021 से पहले अफगानिस्तान से सभी सैनिकों को वापस बुलाने का निर्देश दिया गया था। एक सप्ताह बाद उस आदेश को रद्द कर उसकी जगह सैनिकों की संख्या घटाकर 2,500 करने के लिए कहा गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि सत्ता हस्तांतरण के दौरान ट्रंप प्रशासन ने सैनिकों की पूर्ण वापसी या वहां अमेरिकियों और अफगान सहयोगियों को निकालने के बारे में कोई योजना नहीं बताई। इसके चलते जब राष्ट्रपति जो बाइडेन 20 जनवरी 2021 को सत्ता में आए तो सैन्य स्थिति के लिहाज से तालिबान 2001 के बाद की सबसे मजबूत स्थिति में था। लगभग आधा देश या तो उसके कब्जे में था या वे वहां लड़ाई लड़ रहे थे जबकि अमेरिका के पास मात्र 2,500 सैनिक थे जो 2001 के बाद सबसे कम संख्या थी।

    अगस्त 2021 में अचानक सैनिकों की वापसी से अमेरिकी इतिहास के सबसे लंबे युद्ध का अंत हुआ। जब 15 अगस्त 2021 को अफगानिस्तान में तख्तापलट हुआ, काबूल हवाई अड्डे पर निराशाजनक दृश्य था। बड़ी संख्या में लोग तालिबान से भागना चाह रहे थे। हवाई अड्डे पर 26 अगस्त को दो आत्मघाती हमलावरों के बम विस्फोट में 170 अफगानी नागरिक और 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए। ये अमेरिकी सैनिक 1,20,000 लोगों को चंद दिनों के भीतर वहां निकालने का प्रयास कर रहे थे। रिपोर्ट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ह्वाइट हाउस में बैठे बेवकूफों पर गलतफहमी फैलाने का नया खेल – अफगानिस्तान में अपने अक्षम आत्मसर्पण के लिए ट्रंप को बदनाम करो – का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, बाइडेन जिम्मेदार है, कोई और नहीं!

  • ताइवान के राष्ट्रपति ने कहा ‘लोकतंत्र खतरे में’

    कैलिफोर्निया में यूएस हाउस के स्पीकर केविन मैक्कार्थी के साथ मुलाकात के दौरान ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन ने कहा कि ‘लोकतंत्र खतरे में है।’ सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2022 में तत्कालीन हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद, एक साल से भी कम समय में त्साई दूसरी बार किसी शीर्ष अमेरिकी सांसद से मिलीं। वह अमेरिकी धरती पर यूएस हाउस स्पीकर से मिलने वाली ताइवान की पहली राष्ट्रपति भी हैं। त्साई ने मैककार्थी के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, यह कोई रहस्य नहीं है कि आज हमने जो शांति बनाए रखी है और जिस लोकतंत्र को बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है, वह अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना कर रही है। हम एक बार फिर खुद को ऐसी दुनिया में पाते हैं, जहां लोकतंत्र खतरे में है और स्वतंत्रता की रोशनी को चमकते रहने की जरूरत को कम करके नहीं आंका जा सकता है।

    राष्ट्रपति ने कहा, जब हम एक साथ होते हैं तो हम मजबूत होते हैं, ताइवान के साथ खड़े होने के लिए हम अमेरिका के आभारी है। अपनी ओर से, हाउस स्पीकर ने कहा, ताइवान और अमेरिका के लोगों के बीच दोस्ती मुक्त दुनिया के लिए गहरा महत्व का विषय है। यह आर्थिक स्वतंत्रता, शांति और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। ताइवान एक सफल लोकतंत्र, संपन्न अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य और विज्ञान में वैश्विक नेता है। संवाद और आदान-प्रदान के माध्यम से हमारे सहयोग का विस्तार जारी है। मैं आशावादी हूं कि हम एशिया में आर्थिक स्वतंत्रता, शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका और ताइवान के लोगों के साथ मिलकर काम करने के तरीके ढूंढते रहेंगे। उधर, बीजिंग ने बैठक की निंदा की, विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि चीन इसका विरोध करता है और इसकी कड़ी निंदा करता है।

    सीएनएन ने बुधवार रात प्रवक्ता के हवाले से कहा, अमेरिका और ताइवान द्वारा की गई गलत कार्रवाई के जवाब में, चीन अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए मजबूत कदम उठाएगा। इसने अमेरिका से ताइवान मुद्दे का फायदा उठाकर चीन को रोकने और गलत और खतरनाक रास्ते पर आगे नहीं बढ़ने का भी आग्रह किया। त्साई की अमेरिका यात्रा मध्य अमेरिका की उनकी यात्रा का हिस्सा थी, जो उन्हें इस सप्ताह ग्वाटेमाला और बेलीज ले गई। ताइवान लौटने से पहले कैलिफोर्निया आखिरी पड़ाव था। वह पहली बार 29 मार्च को न्यूयॉर्क पहुंची थीं। गौरतलब है कि ताइवान खुद aको एक संप्रभु राज्य मानता है, जबकि चीन इसे अपने देश के एक टूटे हुए प्रांत के रूप में देखता है।