कोलकाता । भारत में फ्रांस की विरासतों के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए भारतीय आर्किटेक्ट ऐश्वर्या टिपनिस को फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया है। कोलकाता में आयोजित समारोह में फ्रांस के राजदूत एलेक्जेंडर जिगलर ने 37 वर्षीय ऐश्वर्या को नाइट ऑफ द लिजिनियर ऑफ ऑनर से सम्मानित किया। कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करनेवालों को यह सम्मान दिया जाता है। सन 2012 में भारतीय थिएटर के वयोवृद्ध कलाकार अब्राहम अलकाजी को यह सम्मान मिला था। आर्किटेक्चर के क्षेत्र में ऐश्वर्या से पहले यह सम्मान मशहूर आर्किटेक्ट राज रेवाल को मिल चुका है। टिपनिस ने देश के विभिन्न कोने में बनी फ्रांस की विरासत की पहचान के गंभीर प्रयास किए। चंदननगर स्थित फ्रेंच कॉलोनियों के संरक्षण कार्य ने शहरी क्षेत्रों में विरासतों के संरक्षण की पूरी प्रक्रिया को नया आयाम प्रदान किया। सम्मान से अभिभूत ऐश्वर्या ने कहा कि यह सम्मान साबित करता है कि छोटे प्रयासों से भी बड़े बदलाव हो सकते हैं।
उनके मुताबिक दिल्ली के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्ट (एसपीए) में पढ़ाई के दौरान उनके साथ रहे साथी आज नई-नई इमारतों की इबारत लिख रहे हैं, उन्होंने उल्टी दिशा पकड़ ली। उन्होंने कहा कि मैं ऐतिहासिक महत्व की इमारतों के संरक्षण और उन्हें फिर से इस्तेमाल योग्य बनाने में जुट गई। टिपनिस ने स्कॉटलैंड की डुंडी यूनिवर्सिटी से यूरोपियन अर्बन कंसर्वेशन में मास्टर डिग्री हासिल की है।
पहले तो मर्द औरतों की बोली लगाते थे लेकिन अब ऐसा समय आ गया है जब औरतें मर्दों की बोली लगाती हैं। राजधानी दिल्ली में मर्दों के जिस्म का कारोबार बड़ी तेजी से पनप रहा है। आलम यह है कि यहां के कई प्रमुख वीवीआईपी इलाकों की मार्केट में मर्दों का बाजार रात 10 बजे से भोर के 4 बजे तक सजता है। इस मंडी को जिगोलो मार्केट कहते हैं।
राजधानी के सरोजनी नगर, लाजपत नगर, पालिका मार्केट और कमला नगर मार्केट समेत कई इलाकों में रात होते ही मर्दों की जिस्म फरोशी के धंधे की मार्केट सज जाती है। दिल्ली के इस मार्केट में बड़े परिवार की महिलाएं आकर मर्दों की बोली लगाती हैं। दिल्ली का जिगोलो मार्केट में खुलेआम युवा अपने जिस्म का सौदा करते हैं। राजधानी की सड़कें जब सुनसान होती हैं तब यहां इनका बाजार सजता है।
[object Promise]
Gigolo
खास बात ये है कि युवा जिस्म की खरीददार उन घरानों या इलाकों की महिलाएं होती हैं जिन्हें आम बोलचाल में इज्जतदार, अमीर कहा जाता है और इनके इलाकों को पॉश।जिगोलो का सौदा यहां के कई नामी पब, डिस्को और कॉफी हाउस में होता है । जिगोलो को बुक करने का काम हाईफाई क्लब, पब और कॉफी हाउस में भी होता है।
[object Promise]
mardo ki mandi
कुछ घंटों के लिए जिगोलो की बुकिंग 4000 से 6000 हजार रुपए और पूरी रात के लिए 10000 रुपये तक में होती है। इसके अलावा युवाओं के गठीले और सिक्स पैक ऐब्स के हिसाब से 20 हजार रूपए तक कीमत दी जाती है। युवाओं के जिस्म के सौदेबाजी का काम बेहद नियोजित तरीके से होता है। यही वजह है कि कमाई का 20 प्रतिशत हिस्सा इन्हें अपनी संस्था को देना होता है, जिनसे ये जुड़े हुए हैं।
[object Promise]
Gigolo Market of India
कारोबार को दिल्ली के कई युवा अपना प्रोफेशन बना चुके हैं तो कई अपनी लक्जरी जरूरतों की पूर्ति के लिए इस दलदल में फंस रहे हैं। इनमें इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी करने वाले छात्र सबसे ज्यादा हैं। युवा जिस्म का यह बाजार रात 10 बजे से सुबह 4 बजे के बीच सजता है। युवा पॉश इलाकों और साऊथ एक्सटेंसन, जेएनयू रोड, आईएनए, अंसल प्लाजा, कनॉट प्लेस, जनकपुरी डिस्ट्रिक सेंटर जैसे प्रमुख बाजारों की मुख्य सड़कों पर खड़े हो जाते हैं. यहां गाड़ी रुकती है, जिगोलो बैठता है और सौदा तय होते ही गाड़ी चल देती है।
जिगोलो की डिमांड उसके गले में बंधे पट्टे पर निर्भर करती है। आप सुनकर दंग रह जाएंगे कि गले में बंधा पट्टा जिगोलो के लिंग की लंबाई दर्शाता है। जिगोलो दिल्ली के बड़े होटलों से भी मिलते है। इसके आलावा साउथ दिल्ली के कई जाने-माने होटलों में भी यह धंधा जमकर फलफूल रहा है। मगर यहां जिगोलो की पहचान गले में पहने पटटे से नहीं बल्कि ड्रेस से होती है। दरअसल साउथ दिल्ली के कई होटलों में जिगोलो के हाथ में लाल रुमाल और गले में पटटे की बजाय काली पतलून और सफेद शर्ट पहचान होती है। सूत्रों के मुताबिक जिगोलो इन होटलों के रेस्तरां में बैठकर काफी की चुस्कियां लेते हुए अपने ग्राहक की तलाश करते है।
भारत-पाक सीमा पर बढ़ रहे तनाव को कम करने के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच डीजीएमओ (सैन्य आपरेशन, महानिदेशक) स्तर की बात चीत हो सकती है। नियंत्रण रेखा और कामकाजी सीमा पर ताजा विश्वास बहाली उपायों के जरिये तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान डीजीएमओ स्तर की बातचीत के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।
पाकिस्तान के समाचार पत्र ‘डॉन’ की खबर के मुताबिक, पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने मंगलवार (17 जनवरी) को एक बैठक में सीनेट की रक्षा समिति को बताया था कि डीजीएमओ की मुलाकात के एक ”ताजा प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। इस दौरान सीनेटरों को सीजफायर उल्लंघन की ताजा घटनाओं के बारे में भी जानकारी दी।
भारत-पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच अक्सर हॉटलाइन पर सम्पर्क किया जाता है लेकिन करीब चार साल पहले उनके बीच आमने-सामने मुलाकात हुई थी। इस दौरान इनकी नियोजित बैठक में विश्वास बहाली उपाय के तहत एलओसी पर इस्तेमाल किए जा रहे हथियारों के ‘कैलिबर’ में कमी पर विचार करने सहित कई मुद्दों पर विचार किया जा सकता है।
वहीं इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक भारत सरकार ने इस मामले में कहा है कि अब तक पाकिस्तान की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं आया है। यदि ऐसा कोई प्रस्ताव पाकिस्तानी सेना द्वारा आता है तो उस पर बातचीत क फैसला लिया जाएगा।
बता दें कि बीते सोमवार (15 जनवरी) एलओसी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय सेना ने पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ कर रहे 6 आतंकियों को मार गिराया था वहीं एलओसी पाकिस्तानी की ओर से की गई सीजफायर का मुहतोड़ जवाब देते हुए उसके सात सैनिक भी मारे गए थे। इस दौरान सेना दिवस के मौके पर आर्मी चीफ बिपिन रावत ने अपने संबोधन में पाकिस्तान को ललकारते हुए कहा था कि सुधर जाओ पाकिस्तान नहीं तो समझा देंगे।
रतलाम, मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के नामली कस्बे के एक विद्यालय में ‘भारत माता की जय’ का घोष करने पर कथित तौर पर परीक्षा से वंचित किए गए 31 बच्चों को लोगों का समर्थन मिला है। लोगों ने नामली कस्बे को सोमवार को बंद रखकर अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व (एसडीएम) नेहा भारतीय और पुलिस अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। नामली कस्बे में स्थित सेंट जोसफ कॉन्वेंट स्कूल में पिछले दिनों (शुक्रवार) 9वीं कक्षा के 31 बच्चों को जमीन पर बैठाया गया और उन्हें परीक्षा देने से वंचित कर दिया गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बच्चों ने एसेंबली में ‘भारत माता की जय’ का घोष किया था, जिससे उन्हें परीक्षा से वंचित किया गया। स्कूल प्रबंधन की इस कार्रवाई के खिलाफ हिंदूवादी संगठनों के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने सोमवार को बाजार बंद कर रैली निकाली और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। साथ ही स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, स्कूल प्रबंधन इस मसले पर कोई बात करने को तैयार नहीं है। नामली के थाना प्रभारी आर.सी. कोली ने आईएएनएस से कहा, स्थानीय लोगों ने एक ज्ञापन दिया है, जिसमें कहा गया है कि 31 छात्रों को सिर्फ इसलिए परीक्षा देने से वंचित किया गया है क्योंकि उन्होंने भारत माता की जय का घोष किया था। इसके अलावा इन बच्चों को जमीन पर बैठाया गया था।
कोली के मुताबिक, बच्चों को परीक्षा में बैठने को मिल रहा है या नहीं, यह मामला देखना शिक्षा विभाग का कार्य है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है।
नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पासपोर्ट में बदलाव के फैसले को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। दरअसल, अब पासपोर्ट धारक के पते के प्रमाण के तौर पर नहीं रखा जा सकता है। जिसको लेकर राहुल गांधी ने भाजपा की अगुवाई वाली सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि ये फैसला सरकार की भेदभावपूर्ण मानसिकता दर्शाता है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘इस फैसले से यह जाहिर होता है कि सरकार भारतीय प्रवासियों के साथ दूसरे दर्जे के नागरिक जैसा रवैया अपना रही है। भारतीय प्रवासियों को दूसरा दर्जा देना बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई भाजपा की भेदभावपूर्ण मानसिकता को दर्शाती है।’
आपको बता दें कि विदेश मंत्रालय द्वारा पासपोर्ट का स्वरूप बदलने का फैसला लिया गया है। जिसके तहत अब पासपोर्ट के आखिरी पन्ना खाली रहेगा, जिसका मतलब यह है कि अब यात्रा संबंधित दस्तावेज पते के मान्य प्रमाण के रूप में काम नहीं सक सकेंगे यानी पासपोर्ट को अब एड्रेस प्रूफ के तौर पर इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। बता दें कि पासपोर्ट के आखिरी पन्ने में धारक के पिता और अभिभावक का नाम, माता का नाम, पत्नी का नाम और पता छपा होता है। जो पासपोर्ट के नए स्वरूप के मुताबिक अब खाली रहेगा।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘जैसा कि पासपोर्ट का आखिरी पन्ना अब खाली रहेगा, ईसीआर (इमिग्रेशन चेक रिक्वायर्ड) स्टेटस वाले पासपोर्ट धारकों को नारंगी रंग पासपोर्ट जैकेट के साथ पासपोर्ट जारी किया जाएगा और नॉन-ईसीआर स्टेटस वाले लोगों को नीले रंग के पासपोर्ट जारी किए जाएंगे।’
मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्रालय के अधिकारियों और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधिकारियों के तीन सदस्यीय समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया गया और यह निर्णय लिया गया कि पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत जारी किए गए पासपोर्ट और अन्य यात्रा दस्तावेजों के अंतिम पृष्ठ और पासपोर्ट नियम 1980 अब प्रिंट नहीं होंगे। गौरतलब है कि अभी तक पासपोर्ट नेवी ब्लू, मैरून और सफेद रंग में जारी होता है।
नई दिल्ली.। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल की 25वीं बैठक में आज अहम फैसले लेते हुए कुल 49 वस्तुओं पर कर की दरें कम की गईं। इसके साथ ही 29 हैंडीक्राफ्ट वस्तुओं को जीरो टैक्स स्लैब में लाया गया। यह जानकारी उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने दी। गौरतलब है कि यह आम बजट 2018 से पहले होने वाली अहम बैठक है। काउंसिल की इस बैठक में जीएसटी फाइलिंग की प्रक्रिया को और सरल बनाने पर कोई फैसला नहीं किया गया है। इस पर चर्चा करने के लिए जीएसटी काउंसिल 10 दिन बाद 26वीं बैठक करेगी।
[object Promise]
gst-1
यह बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होना तय हुआ है। वहीं हैंडीक्राफ्ट आइटम्स पर जीएसटी को पूरी तरह से हटा दिया गया है। 1 फरवरी को पेश किए जाने वाले बजट से ठीक पहले आज हुई जीएसटी परिषद की बैठक में आम आदमी को बड़ी राहत मिली है.मोदी सरकार ने 29 चीजों पर जीएसटी घटाकर 0 प्रतिशत कर दिया है. जिन उत्पादों के टैक्स स्लैब में राहत दी गई है उनमें अधिकतर हैंडीक्राफ्ट उत्पाद हैं. इनके अलावा 39 और वस्तुओं की टैक्स दर को 5 फीसदी व 12 फीसदी कर दिया. कुछ मामलों में फैसला नहीं हो सका जिनमें जीएसटी रिटर्न भरन, रियल एस्टेट व पेट्रोल डीजल को जीएसटी दायरे में लाना शामिल है।
[object Promise]
GST-affect-Indian-Businesses
बैठक होने तक यही उम्मीद जताई गई थी कि परिषद रियल इस्टेट को जीएसटी के दायरे में ला सकती है। बैठक में पेट्रोल-डीजल पर भी फैसला होने की उम्मीद थी.घ्दरअसल पूरे देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं.खुदरा व्यापारियों ने भी माल एवं सेवाकर (जीएसटी) को सरल बनाने की मांग की थी. आपको बता दें कि काउंसिल की बैठक ऐसे समय पर हुईघ्जब राजस्व में लगातार कमी आई है. नवंबर महीने में जीएसटी से सिर्फ 80, 808 करोड़ रुपये की आमदनी हुई जबकि जुलाई में जीएसटी से 94 हजार करोड़ मिले थे।
अमेठी में एक पोस्टर के माध्यम से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को राम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रावण बताने पर कांग्रेस नेता रामा शंकर शुक्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर बीजेपी नेता ने उस पोस्टर के विरोध में दर्ज करवाई है।
बता दें कि कांग्रेस के अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी पहली बार अमेठी का दौरा कर रहे थे। इस दौरान शहर के कई इलाकों में ऐसे पोस्टर लगाए गए थे जिनमें राहुल गांधी को राम बताया गया था और पीएम मोदी को रावण। इस पोस्टर में लिखा था 2019 में राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने के बाद राम राज्य आएगा।
[object Promise]
Poster seen in Lucknow ahead of Congress president Rahul Gandhi’s visit today
इसके अलावा लखनऊ में भी कुछ ऐसे ही पोस्टर लगाए गए हैं। इसमें राहुल गांधी को भगवान श्री कृष्ण के रूप में बताया गया है और इसमें लिखा है। संघर्ष से विजय की ओर चले दो महारथी। श्रीकृष्ण रूपी राहुल गांधी का सुदामा रूपी अवस्थी का लखनऊ आगमन पर हार्दिक स्वागत।
दिल्ली स्थित बवाना के प्लास्टिक गोदाम में शनिवार शाम को भीषण आग लग गई। न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक इसमें नौ लोगों की मौत हो गई है, साथ ही कई लोगों के घायल होने की खबर है। गोदाम से उठती विकराल लपटों को देख बस्ती मे अफरातफरी मच गई।
मौके पर 10 दमकल गाड़ियां मौजूद पहुंच गई हैं। अभी कारण का पता नहीं चल पाया है। बचाव कार्य अभी जारी है।
जानकारी के मुताबिक, आग पटाखा, प्लास्टिक और कार्पेट फैक्ट्रियों में लगी है। इससे 9 लोगों की मौत हो गई है। घटना आज शाम करीब 6 बजकर 20 मिनट पर लगी।
घटना पर मौजूद पुलिस ने बताया कि आग लगभग 3.30 बजे लगी थी जिसपर अब काबू पा लिया गया है।
बता दें कि अभी हाल ही में दिल्ली के नरेला इंडस्ट्रियल एरिया में रविवार (14 जनवरी) देर रात एक फैक्ट्री में भीषण आग लगी थी। आग प्लास्टिक फैक्ट्री में लगी थी। इससे पहले रविवार (14 जनवरी) राजधानी के श्रीनिवासपुरी इलाके में भी आग लगी थी। यहां झुग्गी-बस्ती आग लगी थी, जिसमें 21 लोग झुलस गए थे, जिनका उपचार सफदरजंग अस्पताल में किया जा रहा है। जिसमें चार लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।
सीबीआई की विशेष अदालत के जज बीएच लोया की मौत की जाँच की माँग करने वाली जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (16 जनवरी) को महाराष्ट्र सरकार को जज लोया की मौत से जुड़े सभी दस्तावेज दोनों याचिकाकर्ताओं को देने का आदेश दिया। मामले की सुनवाई कर रही पीठ के न्यायाधीश अरुण मिश्रा ने कहा ने अदालत में कहा कि इस मामले में याचिकाकर्ताओं को सब कुछ जानना चाहिए। मंगलवार को जस्टिस मिश्रा और जस्टिस मोहन एम शांतनागौदर की पीठ ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।
रिपोर्ट के अनुसार शीर्ष अदालत ने मंगलवार शाम को लिखित आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया, ‘सभी दस्तावेज सात दिनों के अंदर जमा करें और उचित हुआ तो उसकी प्रतियां याचिकाकर्ताओं को दी जाएं। और मामले को उचित पीठ के सामने रखा जाए।’ अदालत के आदेश से मीडिया में ये चर्चा चल पड़ी कि इस मामले को किसी और पीठ को सौंपा जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के चार न्यायाधीशों जस्टिस जे चेलेश्वरम, जस्टिस जस्टिस जे चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस कूरियन जोसेफ ने 12 जनवरी को प्रेस वार्ता करके सुप्रीम कोर्ट में मामलों को विभिन्न पीठों को सुनवाई के लिए आवंटित करने पर सवाल उठाया था। प्रेस वार्ता में जस्टिस गोगोई ने इशारा किया था कि जज बीएच लोया की मौत की जाँच से जुड़ी पीआईएल की सुनवाई को लेकर चीफ जस्टिस से उनके मतभेद हैं।
12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार बीआर लोने और पूर्व कांग्रेसी नेता तहसीन पूनावाला की पीआईल पर सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र सरकार को जज बीएच लोया की मौत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज अदालत में पेश करने का आदेश दिया था। 16 जनवरी को महाराष्ट्र सरकार की तरफ से पेश हुए सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे ने शीर्ष अदालत को सीलबंद लिफाफे में दस्तावेज सौंपे और कहा कि इनमें से कुछ दस्तावेज गोपनीय प्रकृति के हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हरीश साल्वे ने कहा कि वो ये दस्तावेज याचिकाकर्ताओं को इस आश्वासन के बाद दे सकते हैं कि उन्हें सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।
जज लोया की मौत दिसंबर 2014 में हुई थी। मृत्यु के समय वो सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामले की सुनवाई कर रहे थे। इस मामले में अमित शाह भी एक अभियुक्त थे जिन्हें बाद में इससे बरी कर दिया गया। सरकारी दस्तावेज के अनुसार जज बीएच लोया की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। नवंबर 2017 में द कारवां पत्रिका में प्रकाशित रिपोर्ट में जज लोया की मौत पर सवाल उठाए गये। रिपोर्ट में जज की बहन और कुछ अन्य रिश्तेदारों ने मृत्यु की परिस्थिति को लेकर सवाल उठाए थे। हालांकि बाद में जज लोया का परिजनों और हाल ही में उनके बेटे ने मीडिया से कहा कि उन्हें इस मामले में किसी तरह शंका नहीं है।
बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन ने आठ जनवरी को बॉम्बे हाई कोर्ट में भी जज लोया की मौत की जाँच से जुड़ी एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की हुई है जिस पर अदालत सुनवाई कर रही है।
अहमदाबाद : विश्व हिंदू परिषद के नेता प्रवीण तोगडिय़ा ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि काफी बर्षों से मेरी आवाज को दवाने का प्रयास किया जाता रहा था। उन्होंने कहा कि में हमेशा हिन्दुओं की ऐकता की बात करता आया हँु जो कई वर्षों से हिंदुओं की जो आवाज थी’ राम मंदिर-गोहत्या का कानून, कश्मीरी हिंदूओं को बसाना आदि। मंगलवार सुबह प्रेस कांफ्रेंस कर अपने गायब होने के राज का पर्दाफाश किया। तोगडिय़ा ने कहा कि मेरे विरुद्ध कानून भंग के केस दर्ज कर मुझे डराने की कोशिश की जा रही है। मकर संक्रांति के दिन राजस्थान पुलिस का काफिला मुझे गिरफ्तार करने के लिए आया था, यह हिंदुओं की मेरी आवाज दबाने का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मैंने 10 हजार डॉक्टरों को तैयार किया, लेकिन सेंट्रल आईबी ने उन्हें भी डराने की कोशिश की। कल मैं मुंबई में भैयाजी जोशी के साथ कार्यक्रम कर रहा था, उन्होंने कहा मैने पुलिस को ढाई बजे आने कंो कहा पर सुबह एक व्यक्ति आया तो कहा कि मेरा एनकाउंटर करने की बात हो रही है।
जनकरी के अनुसयार तोगडिय़ा सोमवार सुबह से ही लापता थे, करीब 11 घंटे बाद वह अचेत अवस्था में मिले थे। उसके बाद उनको चंद्रमणि अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तोगडिया के गायब होने की खबर से एक तरह से हड़कंप मच गया और गुसाए उनके समर्थकों ने गुस्से में कई जगह प्रदर्शन भी किया। तोगडिय़ा को राजस्थान या गुजरात पुलिस के द्वारा गिरफ्तार करने की खबर से अहमदाबाद में हंगामा भी हुआ था। इसके अलावा वीएचपी कार्यकर्ताओं ने उनके गायब होने के विरोध में अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत, राजकोट, मोरबी और नर्मदा में विरोध प्रदर्शन किया। विनोद बंसल ने कहा है कि पूरे देश में कार्यकर्ता तोगडिय़ा को लेकर चिंतित थे। किसी को पता नहीं था कि वह कहां गए। हमने सभी कार्यकर्ताओं से धैर्य बनाए रखने की अपील की थी।
दुसरी तरफ अहमदाबाद के जॉइंट पुलिस कमिश्नर जेके भट्ट ने कहा था कि तोगडिय़ा को न गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार किया और न राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया। तोगडिय़ा का इलाज कर रहे डॉ. आरएम अग्रवाल ने कहा है कि तोगडिय़ा को बेहोशी की हालत में भर्ती कराया गया था। उनकी शुगर कम हो गई थी और इसी वजह से वह बेहोश हो गए थे. उन्होंने बताया कि तोगडिय़ा को एंबुलेस अस्पताल लेकर आई थी. डॉ. अग्रवाल ने कहा है कि अब उनकी हालत पहले से बेहतर है। जनकारी के मुताबिक राजस्थान पुलिस को उनकी तलाश एक पुराने केस के सिलसिले में थी। राजस्थान पुलिस के डीजीपी ओपी गलहोत्रा ने कहा है कि तोगडिय़ा की गिरफ्तारी नहीं हुई है। राजस्थान के गंगापुर शहर में प्रवीण तोगडिय़ा के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। इसमें तोगडिय़ा को कोर्ट के सामने पेश होना था, लेकिन उनकी पेशी नहीं हुई थी। इसके बाद कोर्ट ने तोगडिय़ा के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था।