विदेश- अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप(America Former president Donald Trump) काफी दिन तक सोशल मीडिया(social media) से गायब रहे। बीते कुछ महीने पहले इनकी ट्वीटर(Twitter) पर वापसी हुई। वहीं अब 2 साल बाद ट्रम्प की यू ट्यूब(you tube) पर वापसी हुई है।
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जानें क्यों सोशल मीडिया पर ट्रम्प की हुई वापसी
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump)ने अपने यू ट्यूब(You tube) और सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक (social media platform Facebook)पर अपना एक वीडियो शेयर करते हुए कहा, आई एम बैक। ये वीडियो उनकी एक चुनावी रैली का है जिसमें वो कह रहे हैं, “आपको इंतज़ार कराने के लिए माफ़ी, ये जटिल मामला है।जानकारी के लिए बता दें साल 2020 में हुए चुनाव में ट्रम्प की हार से निराश समर्थकों ने काफी हंगामा किया था। जिसके बाद टट्रम्प के सोशल मीडिया अकाउंट को फ्रिज कर दिया गया था।सूत्रों का दावा है कि ट्रम्प पुनः चुनाव लड़ने के लिए स्वयं को तैयार कर रहे हैं। इसी के चलते ट्रम्प को पुनः सोशल मीडिया पर आने की अनुमति प्राप्त हुई है। -
भाजपा ने टीएसपीएससी परीक्षा पेपर लीक मामले में केसीआर से इस्तीफे की मांग की
तेलंगाना राज्य लोक सेवा आयोग (टीएसपीएससी) द्वारा आयोजित एक परीक्षा के प्रश्नपत्र के लीक होने के मामले में भाजपा ने शनिवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के इस्तीफे की मांग की। पार्टी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन से मुलाकात की और उनसे लाखों उम्मीदवारों के भविष्य को बचाने के लिए मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। पूर्व मंत्री एटाला राजेंदर के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से शिकायत की कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार की लापरवाही के कारण पेपर लीक हुआ।
प्रतिनिधिमंडल में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डी.के. अरुणा, बी. नरसैय्या गौड़, एम. शशिधर रेड्डी और अन्य नेता शामिल थे। उन्होंने टीएसपीएससी कार्यालय में सीसीटीवी के काम न करने पर संदेह व्यक्त किया और मांग की कि टीएसपीएससी के अध्यक्ष और सदस्यों को इस्तीफा देना चाहिए, यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो सरकार को उन्हें बर्खास्त करना चाहिए।
भाजपा नेताओं ने मांग की कि सरकार प्रश्न पत्रों के लीक होने की जांच सिटिंग जज से कराने का आदेश दे। राज्यपाल से मुलाकात के बाद राजेंद्र ने संवाददाताओं से कहा कि मुख्यमंत्री को प्रश्नपत्र लीक होने की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को केवल राजनीति में दिलचस्पी है और उन्हें बेरोजगार युवाओं के जीवन की कोई चिंता नहीं है।
बीजेपी नेता ने मांग की कि टीएसपीएससी तुरंत चारों परीक्षाओं को फिर से आयोजित करे और प्रत्येक उम्मीदवार को 1 लाख रुपये का भुगतान करे ताकि वे परीक्षा के लिए फिर से तैयारी कर सकें।
इस बीच प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बंदी संजय ने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र लीक होने से 30 लाख बेरोजगारों का भविष्य चौपट हो गया है। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि सरकार वर्तमान न्यायाधीश द्वारा जांच का आदेश देने में अनिच्छुक क्यों है।
टीएसपीएससी ने विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों में सहायक इंजीनियर, नगरपालिका सहायक इंजीनियर, तकनीकी अधिकारी और जूनियर तकनीकी अधिकारी की 833 रिक्तियों के लिए 5 मार्च को परीक्षा आयोजित की थी। कुल 55,000 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी।
हालांकि, आयोग को प्रश्नपत्र के लीक होने का संदेह था और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। 13 मार्च को पुलिस ने टीएसपीएससी के दो कर्मचारियों सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आयोग ने परीक्षा रद्द कर दी और इस महीने के अंत में होने वाली अन्य परीक्षाओं को भी स्थगित कर दिया।
इस संदेह के बीच कि आरोपी ने कुछ अन्य परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक किए होंगे, आयोग ने शुक्रवार को ग्रुप आई प्रीलिम्स सहित तीन अन्य परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया। 16 अक्टूबर 2022 को आयोजित ग्रुप- आई परीक्षा में ग्रुप आई पदों के लिए लगभग 2.86 लाख उम्मीदवार उपस्थित हुए थे।
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वाराणसी के पैक हाउस से पूर्वांचल की सब्जी और फलों का होगा सीधे एक्सपोर्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 मार्च को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के प्रस्तवित दौरे में पूर्वांचल के किसानो को बड़ी सौगात देंगे। इंटीग्रेटेड पैक हाउस फॉर फूड एंड वेजिटेबल एक्सपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री करेंगे, इस दौरान यूपी के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे। पैक हाउस में लगे सभी उपकरण मेक इन इंडिया हैं। इसके शुरू होने के बाद बनारसी लंगड़ा आम सीधे जापान, ऑस्ट्रेलिया, कोरिया, इंग्लॅण्ड और यूरोपियन देशों को एक्सपोर्ट किया जा सकेगा।
डबल इंजन की सरकार पूर्वांचल ही नहीं पश्चिमी बिहार के एफपीओ, किसानों और कृषि उद्यमियों के बीच से बिचौलियों को हटाकर उन्हें निर्यातक बनाने में जुटी है। इसके लिए कृषि और खाद्य प्रसंस्कृत उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) लगातार प्रयास कर रहा है।
पूर्वांचल की सब्जियां और फलों की खेप अब वाराणसी के पैक हाउस से सीधे विदेशों में एक्सपोर्ट होंगे। अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुसार पेरिशेबल फूड उत्पाद को तैयार किया जाएगा। एयरपोर्ट से क?ीब 10 किलोमीटर दूर करखियांव में स्थित इंटीग्रेटेड पैक हाउस फॉर फूड एंड वेजिटेबल एक्सपोर्ट का निर्माण योगी सरकार ने कराया है। इस पैक हाउस से एक्सपोर्ट के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस भी होगा, जिससे निर्यात करना आसान होगा। इंटीग्रेटेड पैक हाउस जल, थल और नभ से निर्यात करने के लिए उचित संसाधनों से लैस होगा। 15.78 करोड़ की लागत से लगभग 4461 स्क्वायर फिट एरिया में पैक हाउस बनकर तैयार हो चुका है। यहां किसान उद्यमियों को इंटरनेशनल मार्केट की मांग के अनुसार कृषि उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। सहारनपुर और लखनऊ के बाद ये यूपी का तीसरा तथा पूर्वांचल का पहला इंटीग्रेटेड पैक हाउस होगा।
पैक हाउस का सबसे अहम काम उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार करना है। अलग-अलग देशों की अलग-अलग तरह की डिमांड होती हैं। उनके डिमांड को पूरा करने के लिए पैक हाउस काम करता है। पूर्वांचल में किसानों की आय दोगुना करने के लिए एपीडा निर्यात के लिए सक्रिय है।
एपीडा के उप महाप्रबंधक डॉ सी.बी.सिंह ने बताया कि इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का प्रोडक्ट तैयार करने के लिए इंटीग्रेटेड पैक हाउस में फलों और सब्जियों को कई प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी ताजगी, स्वाद और अन्य गुण बरकरार रहता है। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है की इन उत्पादों में कीट और किसी भी तरह की बीमारी न हो। खास तौर पर बनारसी लंगड़ा आम को वेपर हीट और हॉट वाटर ट्रीटमेंट प्रक्रिया से गुजरान पड़ता है, तब कही जाकर लंगड़ा आम विदेशों में एक्सपोर्ट किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इंटीग्रेटेड पैक हाउस फॉर फूड एंड वेजिटेबल एक्सपोर्ट में लगे उपकरण स्वेदशी है।
1 वेपर हीट ट्रीटमेंट यूनिट – 2500 किलोग्राम / बैच (प्रति 4 घंटे)
2 हॉट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट – 500 किलोग्राम / बैच (प्रति 1 घंटे )
3 मैंगो / फ्रूट प्रोसेसिंग, ग्रेडिंग एवं सॉटिर्ंग लाइन – 2000 किलोग्राम / घंटा
4 वेजिटेबल प्रोसेसिंग लाइन – 1000 किलोग्राम / घंटे
5 कोल्ड रूम – 2 से 20 – एमटी
6 प्री कोल्ड रूम – 2 से 15 -एमटी
7 राईपिनिंग रूम – 1 से 10 – एमटी
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रद्द होगी राहुल की सदस्यता
देश– कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में भाषण दिया। राहुल के भाषण को लेकर बीजेपी लगातार उनकी आलोचना कर रही है। लोगों का मत है कि राहुल ने विदेशी धरती पर देश का अपमान किया है। बीजेपी नेताओं की मांग है कि सदन में राहुल गांधी की सदस्यता को रद्द किया जाए या राहुल गांधी माफी मांगे।
बीजेपी नेताओं की मांग पर कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी ने ऐसा कुछ नहीं किया है कि उनको माफी मांगनी पड़े या उनकी सदस्यता रद्द की जाए।परंतु बीजेपी इस मामले पर कड़ी कार्यवाही करवाने की योजना में है।बीजेपी के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेष समिति बनाकर उनको सस्पेंड करने या सदस्यता खत्म करने के पक्ष में हैं।निशिकांत दुबे ने कहा कि राहुल की लोकसभा सदस्यता खत्म करने के लिए एक विशेष समिति बनाई जाए. 2005 में प्रश्न के बदले पैसे लेने के मामले में विशेष समिति बनाई गई थी। -
क्यों डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा अपने समर्थकों को ईमेल और कहा हम वाइट हाउस जीतेंगे
विदेश- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 2016 में किए गए कैम्पन अनियमित भुगतान मामले में सुनवाई हो रही है। सूत्रों का कहना है कि आज किसी भी वक्त उनकी गिरफ्तारी हो सकती है।
वहीं अब डोनाल्ड ट्रंप ने अपने समर्थकों को एक ई मेल लिखकर कहा, यह मेरी तरफ से अंतिम लेटर होगा। आपसे जो समर्थन मिला उसके लिए आभारी हूँ। इस लड़ाई में हमारी जीत होगी हम पुनः वाइट हाउस जीतेंगे।बताया जा रहा है कि आज डोनाल्ड ट्रंप की गिरफ्तारी के विरोध में उनके समर्थक प्रदर्शन पर उतर सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि उन्हें दोषी करार दिया जा सकता है। हालाकि अभी तक इस मामले पर ज्यूरी का कोई फैसला नहीं आया है। -
राम नवमी में अयोध्या के राम पहनेंगे इस रंग की विशेष पोशाक
देश- रामनवमी के दिन अयोध्या में राम लला को विशेष तरीके से तैयार किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इस बार राम लला पीले रंग की पोशाक धारण करेंगे।
पीले रंग की पोशाक भगवान राम को पहनाने की परंपरा 1984 से हर है। हर साल रामनवमी पर भगवान राम के पीले पीले वस्त्र सिलवाकर उनको सजाया जाता है और रामनवमी के दिन उनकी पूजा आराधना की जाती है।जानकारी के लिए बता दें रामलला की यह आखिरी राम नवमी होगी जब वह अस्थाई मंदिर में मनाई जाएगी। साल 2024 में अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा।वहीं राम मंदिर का उद्घाटन बड़े धूम धाम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। उद्घाटन के बाद से राम लला से जुड़े सभी पर्व राम मंदिर में सेलीब्रेट होंगे। -
स्क्रीनिंग की लत खतरनाक, ऐसे बचें स्क्रीनिंग से
देश– आज हमारे दिन की शुरुआत मोबाइल के साथ होती है। हम सोते है मोबाइल देखते हुए। उठते हैं तो सबसे पहले मोबाइल देखते हैं। लेकिन हम यह नहीं सोचते की मोबाइल की लत हमारे स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव डाल रही है। इसका अधिक उपयोग हमारे नेत्रों को कैसे प्रभावित करता है और धीरे-धीरे हम कई बड़ी बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं।
वहीं एक रिसर्च में ख़िलास हुआ है कि आज के समय मे लोगों का स्कीन टाइम बढ़ गया है। जो लोगों को नेत्रहीन बना रहा है। अचानक से लोग आंखों से अंधे हो रहे हैं किसी का शरीर पैरालाइज्ड हो जा रहा है। तो कोई तनाव, डिप्रेशन का शिकार हो रहा है।रिसर्च के मुताबिक कोरोना काल मे लोग फ्री थे। उनके पास अधिक काम नहीं था। लोग अपने घरों में रहते थे। तो उनके समय बिताने का सबसे अमुख पैमाना मोबाइल फोन बन गया। लोग पूरा दिन मोबाइल पर सोशल मीडिया चलाते, तरह-तरह के वीडियो देखते और अपने 11 घंटे से अधिक मोबाइल पर बिता देते।कोविड में समय बिताने स्व शुरू हुई यह आदत आज लोगों की जरूरत बन गई है। अब सभी गतिविधि सामान्य हो गई हैं। लेकिन लोगों का स्क्रीन टाइम बढ़ता जा रहा है। लोग मोबाइल का उपयोग कम करने का नाम नहीं ले रहे हैं। अपने स्वास्थ्य को ताक पर रखकर लोग बड़े मजे के साथ मोबाइल फोन का उपयोग करते हैं।रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 54 फीसदी लोग ऐसे हैं जो अपना समय स्कीनिंग मे व्यतीत करते हैं। वहीं 27 फीसदी लोग स्कीनिंग में टाइम अपने काम के कारण व्यतीत करते हैं। लोग अपने साथियों के सम्पर्क में आकर भी इस आदत के शिकार हो रहे हैं।कैसे बचें स्कीनिंग से-
स्कीनिंग से वैसे तो कोई नहीं बच सकता। यह शराब की लत के समान है। जब तक इसका इस्तेमाल नहीं किया जाए यह हमारे दिमाग मे चढ़ा रहता है। लेकिन अगर आप स्कीनिंग पर अपना टाइम कम करना चाहते हैं तो आप अपने शेड्यूल तैयार कीजिए। समय को निर्धारित कीजिए कि आप किस काम को पूरे दिन करेंगे।स्कीनिंग कम करने का सबसे बेहतर तरीका व्यवस्थित जीवन है। आप किताबों को अधिक वक्त दें। समय पर सोने का प्रयास करें। सुबह जल्दी उठकर योगा करें तो कोशिश करें कि सुबह उठते ही मोबाइल के संपर्क में न आएं। इसके अलावा आप जब फ्री हों तो आप अपने दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम एक्सपेड करें। -
चीन के साथ भारत की स्थिति बेहद ‘नाजुक’
भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद पर विदेश मंत्री एस जयशंकर का बड़ा बयान आया है। उन्होंने लद्दाख के पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में भारत और चीन के बीच की स्थिति को ‘नाजुक’ और ‘खतरनाक’ बताया। इंडिया टूडे कॉन्क्लेव में बोलते हुए एस. जयशंकर ने कहा कि लद्दाख के कुछ हिस्सों में सैन्य बल एक-दूसरे के बहुत करीब तैनात हैं।
उन्होंने कहा, ‘2020 के मध्य में क्षेत्र में दोनों पक्षों के संघर्ष में हमारे 20 सैनिक शहीद हुए थे, जबकि उनके 40 से अधिक मारे गए या फिर घायल हुए, लेकिन कूटनीतिक और सैन्य वार्ता के दौर के माध्यम से स्थिति को शांत कर दिया गया था। दिसंबर में दोनों देशों के बीच अचिह्नित सीमा के पूर्वी क्षेत्र में हिंसा भड़क उठी थी, लेकिन किसी की मौत नहीं हुई।
विदेश मंत्री ने और क्या कहा?
एस. जयशंकर ने कहा, ‘मेरे दिमाग में स्थिति अभी भी बहुत नाजुक बनी हुई है, क्योंकि ऐसी जगहें हैं, जहां हमारी तैनाती बहुत करीब है और सैन्य आकलन भी काफी खतरनाक है। भारत-चीन संबंध सामान्य नहीं हो सकते, जब तक कि सितंबर 2020 में अपने चीनी समकक्ष के साथ हुए सैद्धांतिक समझौते के अनुसार सीमा विवाद का समाधान नहीं हो जाता।’
जयशंकर ने आगे कहा, हालांकि दोनों पक्षों की सेनाएं कई क्षेत्रों से हट गई हैं और अनसुलझे बिंदुओं पर चर्चा जारी है। हमने चीनियों को यह बहुत स्पष्ट कर दिया है कि हम शांति भंग नहीं कर सकते। आप समझौते का उल्लंघन नहीं कर सकते हैं।
जयशंकर ने कहा कि इस महीने भारत द्वारा आयोजित जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर चीन के नए विदेश मंत्री किन गैंग के साथ स्थिति पर चर्चा की। इस साल जी-20 में भारत की अध्यक्षता के बारे में, जयशंकर ने उम्मीद जताई कि नई दिल्ली फोरम को ‘वैश्विक जनादेश के लिए और अधिक सच’ बना सकता है।
उन्होंने कहा, ‘जी-20 को केवल वैश्विक उत्तर का एक बहस क्लब या एक क्षेत्र नहीं होना चाहिए। वैश्विक चिंताओं की संपूर्णता पर ध्यान देने की आवश्यकता है। हमने पहले ही उस बिंदु को बहुत मजबूती से रखा है। पिछले तीन हफ्तों में भारत में जी-20 की दो मंत्रिस्तरीय बैठकें यूक्रेन पर रूस के 13 महीने के आक्रमण से प्रभावित रही हैं।’
source- Amar ujala
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खकिस्तानी समर्थकों नें उतारा भारत का झंडा
India – ब्रिटेन की राजधानी लंदन में खकिस्तानी समर्थक और अलगाववादी ने भारतीय उच्चायोग में तिरंगा लगा था। तिरंगे को बीते दिनों उतार दिया गया। वहीं अब इस मामले में भारत नें दिल्ली में सबसे वरिष्ठ ब्रितानी राजनयिक को तलब किया है।
सूत्रों ने मिली जानकारी के मुताबिक राजनायिक को कल देर रात तलब किया गया। उससे सुरक्षा के परिपेक्ष्य में सवाल किए गए और इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगा गया।बताते चले सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में खालिस्तान समर्थक लंदन में भारतीय उच्चायोग में लगे तिरंगे को उतारते दिखाई दे रहे हैं।#WATCH | United Kingdom: Khalistani elements attempt to pull down the Indian flag but the flag was rescued by Indian security personnel at the High Commission of India, London.
(Source: MATV, London)
(Note: Abusive language at the end) pic.twitter.com/QP30v6q2G0
— ANI (@ANI) March 19, 2023
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RAHUL GANDHI- राहुल को हुई 2 साल की सजा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी(CONGRESS LEADER RAHUL GANDHI) को मोदी(MOD) सरनेम केस में सूरत की अदालत ने २ साल की सजा सुनाई है। सूरत की अदालत ने फैसला सुनाते हुए राहुल गांधी(RAHUL GANDHI) को मानहानी मामले में दोषी करारा दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि राहुल गांधी की संसद की सदस्यता रद्द हो सकती है।
कोर्ट में राहुल गांधी(RAHUL GANDHI) ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा, मेरे बयान का कोई गलत मतलब नहीं था न मेरा इरादा किसी को नुकसान पहुंचाने का था। मेरे बयान से किसी को कोई हानि नहीं हुई है। मुझे जो सजा दी गई है उसे कम किया जाना चाहिए। राहुल ने कोर्ट में अपने बयान को लेकर माफी मांगने से इंकार किया है। वहीं कोर्ट में उनको इस मामले में बेल मिल गई है। राहुल को मिली सजा पर बीजेपी नेता अश्विनी चौबे ने कहा राहुल गांधी कोर्ट के कटघरे में हैं राहुल गांधी लोकतंत्र के कटघरे में हैं। यहां आने के बाद उनको माफी मांगने की हिम्मत नहीं हो रही है।