Category: national

  • गृह मंत्रालय ने पांच राज्यों को 1,816.162 करोड़ की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (UNION MINISTER AMIT SAHA)की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति (HLC) ने 2022 के दौरान बाढ़, भूस्खलन, बादल फटने से प्रभावित पांच राज्यों को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) के तहत अतिरिक्त केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी है। इसके तहत केंद्र ने पांच राज्यों को 1,816.162 करोड़ की अतिरिक्त सहायता राशि स्वीकृत की गई है। गृह मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि NDRF से कुल 1,816.162 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि को मंजूरी दी गई है। इसमें असम को 520.466 करोड़ रुपये, हिमाचल प्रदेश(HIMANCHAL PRADESH) को 239.31 करोड़ रुपये, कर्नाटक को 941.04 करोड़, मेघालय(MRGHALYA) को 47.326 करोड़ और नागालैंड को 68.02 करोड़ दिए जाएंगे।

    एक अधिकारी ने बताया कि यह अतिरिक्त सहायता केंद्र द्वारा राज्यों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष में जारी की गई धनराशि के अतिरिक्त है, जो पहले से ही राज्यों को स्वीकृत किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान 25 राज्यों को उनके NDRF में 15,770.40 करोड़ और एनडीआरएफ से 4 राज्यों को 502.744 करोड़ जारी किए जा चुके हैं। गृह मंत्रालय ने कहा कि यह राशि प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने वाले पांच राज्यों के लोगों की मदद करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PRIME MINISTER NARENDRA MODI) के नेतृत्व में केंद्र सरकार(CENTRAL GOVERNMENT) के संकल्प को दर्शाता है।

  • दिल्ली पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए ट्रूकॉलर के साथ किया समझौता

    दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में साइबर धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए एक आईडी कॉलिंग ऐप ट्रूकॉलर के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। समारोह की अध्यक्षता पुलिस मुख्यालय में ट्रूकॉलर इंडिया के विशेष पुलिस आयुक्त संजय सिंह और प्रज्ञा मिश्रा ने की। पुलिस उपायुक्त सुमन नलवा और मिश्रा के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए और आदान-प्रदान किया गया।

    एमओयू के अनुसार, ट्रूकॉलर अपनी दिल्ली पुलिस डायरेक्ट्री सर्विसेज पर दिल्ली पुलिस के प्रतिनिधियों की आधिकारिक संख्या प्रदर्शित करेगा और सभी सत्यापित नंबरों पर एक हरा बैज और एक नीला टिक मार्क होगा, जिस पर एक सरकारी सेवा टैग हाइलाइट होगा। नलवा ने कहा, “ट्रूकॉलर के साथ साझेदारी जनता को सत्यापित नंबरों की पहचान करने और सरकारी अधिकारियों के नाम पर साइबर धोखाधड़ी और प्रतिरूपण घोटालों से बचाने में मदद करेगी।”

    उन्होंने कहा, “दिल्ली पुलिस नियमित रूप से फोन नंबरों की एक सूची साझा करेगी, जिसके खिलाफ उन्हें ट्रूकॉलर के साथ उत्पीड़न, घोटाले या उनके खिलाफ पंजीकृत मुद्दों के बारे में शिकायतें मिली हैं, ताकि उन्हें नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्लेटफॉर्म पर स्पैम या धोखाधड़ी के रूप में चिह्न्ति किया जा सके और इन नंबरों के मामले में उन्हें सतर्क किया जा सके। साइबर खतरों को विफल करने के लिए ट्रूकॉलर दिल्ली पुलिस के सहयोग से दिल्ली में नागरिकों को प्रशिक्षित करके साइबर सुरक्षा जागरूकता पैदा करेगा।

    समारोह के दौरान, स्पेशल सी.पी. सिंह ने याद किया कि कैसे दिल्ली पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया ने बढ़ते साइबर अपराधों को रोकने में मदद की। उन्होंने आगे कहा कि साइबर जागरूकता फैलाना अनिवार्य हो गया है, क्योंकि आजकल अधिक से अधिक लोग डिजिटल माध्यमों को अपना रहे हैं।

  • करणी सेना संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी का हुआ निधन

    देश– करणी सेना संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी का देर रात निधन हो गया है। सूचना मिली है उनका निधन हार्ट अटैक से हुआ है। बताया जा रहा है कालवी का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में आज दोपहर 2:30 बजे किया जाएगा।

    बताते चलें बीते साल इनको ब्रेन स्ट्रोक की समस्या हुई थी। जिसका इलाज चल रहा था। यह काफी दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे थे। लेकिन बीते रात उनका हार्ट अटैक से निधन हो गया।
    लोकेंद्र सिंह कालवी ने 18 साल पहले करणी सेना की नींव रखी थी। आज राजस्थान में करणी सेना का अलग ही महत्व है। लोग इसे जनसेवक समुदाय के रूप में जानते हैं। 
    लोकेंद्र सिंह कालवी समाजसेवी स्वभाव है इन्होंने जनता के हित के लिए कई बड़े काम किये हैं।
    यह संजय लीला भंसाली की फ़िल्म पद्मावत के विरोध के परिपेक्ष्य में काफी सुर्खियों में रहे। इन्होंने संजय लीला भंसाली और दीपिका पादुकोण को धमकी भी दी थी। यह कल्याण सिंह की सरकार में कुछ समय के लिए मंत्री भी रहे हैं।

  • गैर-नागरिकों को आरटीआई से वंचित करना भारतीय संविधान के खिलाफ : दिल्ली हाईकोर्ट

    दिल्ली उच्च न्यायालय ने माना है कि भारतीय नागरिकों और गैर-नागरिकों दोनों की सूचना के अधिकार (आरटीआई) तक पहुंच है, और इसे सीमित करना आरटीआई अधिनियम और भारतीय संविधान दोनों के खिलाफ होगा। सेंट्रल तिब्बतन स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन (सीटीएसए) द्वारा नियोजित जन सूचना अधिकारी (पीआईओ) एएस रावत, केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) द्वारा उन पर 2,500 रुपये का जुर्माना लगाने लगाने के आदेश के खिलाफ अदालत में मामला पेश कर रहे थे।

    न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह की एकल न्यायाधीश वाली पीठ ने कहा- आरटीआई अधिनियम की धारा 3, जिसमें कहा गया है कि सभी नागरिकों को सूचना का अधिकार है, को गैर-नागरिकों पर प्रतिबंध के बजाय नागरिकों के पक्ष में अधिकार की सकारात्मक पुष्टि के रूप में देखा जाना चाहिए। एक पूर्ण रोक (गैर-नागरिकों के खिलाफ) बनाना आरटीआई अधिनियम के उद्देश्य के विपरीत होगा, और इस तरह के पूर्ण प्रतिबंध को आरटीआई अधिनियम में नहीं पढ़ा जा सकता है।

    अदालत ने, फिर भी, स्पष्ट किया कि गैर-नागरिकों को जानकारी का खुलासा मांगी गई जानकारी के प्रकार और भारत के संविधान के तहत ऐसे वर्ग के व्यक्तियों को गारंटीकृत अधिकारों की मान्यता पर निर्भर करेगा। आदेश में कहा गया है, जब भी गैर-नागरिकों द्वारा जानकारी मांगी जाती है, यह देखते हुए कि धारा 3 (आरटीआई अधिनियम) के तहत दिए गए अधिकार नागरिकों पर सकारात्मक रूप से हैं, यह अधिकारियों के विवेक पर होगा कि वह ऐसी जानकारी का खुलासा करें या नहीं।

    रावत पर यह जुमार्ना इसलिए लगाया गया क्योंकि उन्होंने एक शिक्षक दावा ताशी से जानकारी छुपाई, जिसने सीटीएसए से उनके पुष्टिकरण पत्र और अन्य लाभों के बारे में विवरण मांगा था। ताशी एक तिब्बती नागरिक थे, इसलिए रावत ने उन्हें यह जानकारी अस्वीकार कर दी थी। सीआईसी ने तब रावत के व्यवहार को दुर्भावनापूर्ण घोषित किया और अपने आदेश में उन पर जुर्माना लगाया। मामले के तथ्यों और सूचना के अधिकार विधेयक के प्रावधानों के साथ-साथ आरटीआई अधिनियम पर संसदीय समिति की बहस की समीक्षा करने के बाद, न्यायाधीश सिंह ने पाया कि नागरिक, लोग, और व्यक्तियों शब्दों का परस्पर उपयोग किया गया है।

    संसदीय समिति का विचार जिसने विधेयक पर चर्चा की और केवल नागरिकों को अधिकार बनाए रखने का समर्थन किया, ऐसा प्रतीत होता है कि यह एक गलत धारणा पर आधारित है कि संविधान के तहत मौलिक अधिकार केवल नागरिकों के लिए उपलब्ध हैं, जो एक गलत आधार था। इस प्रकार, इस अदालत की राय है कि सूचना का अधिकार नागरिकों और गैर-नागरिकों के लिए उपलब्ध होना चाहिए, जो मांगी गई जानकारी के प्रकार और भारत के संविधान के तहत व्यक्तियों के ऐसे वर्ग को गारंटीकृत अधिकारों की मान्यता पर निर्भर करता है। जहां अदालत ने बिंदुवार सूचना की आपूर्ति के संबंध में सीआईसी के आदेश को बरकरार रखा, वहीं जुर्माना लगाने के निर्देश को रद्द कर दिया।

  • उम्मीद है कि चीनी शैली के आधुनिकीकरण से दुनिया को फायदा होगा

    14वीं एनपीसी का पहला सत्र 13 मार्च को पेइचिंग में समाप्त हुआ है। हाल के कई दिनों में चीन में स्थित कई देशों के राजदूतों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रधानों ने संवाददाता से कहा कि चीनी शैली का आधुनिकीकरण चीन की वास्तविकता से मेल खाता है। उम्मीद है कि चीनी शैली के आधुनिकीकरण से न सिर्फ चीनी जनता को बल्कि दुनिया को भी फायदा पहुंचेगा।

    चीन स्थित म्यांमार के राजदूत टिन माओरेइ ने कहा कि आशा है म्यांमार और चीन ज्यादा से ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय बहुपक्षीय सहयोग कर सकेंगे, और दोनों के पारस्परिक लाभ व समान जीत के लिये सहयोग को गहन कर सकेंगे।

    शांगहाई सहयोग संगठन के उप महासचिव सोहेल खान ने कहा कि विश्वास है चीन का नया नेता समूह चीनी जनता का नेतृत्व करके अपना विकास प्राप्त करने के साथ आसपास के ज्यादा से ज्यादा देशों को भी लाभ देगा। चीन स्थित जि़म्बाब्वे दूतावास के अधिकारी डिजा कुम्बिराई के विचार में चीनी शैली का आधुनिकीकरण मार्ग चीन की वास्तविकता के अनुरूप है और इसमें अद्वितीय चीनी विशेषताएँ हैं। अपने स्वयं के विकास के आधार पर चीन का अपना आधुनिकीकरण मार्ग अन्य देशों के लिये सीखने के योग्य है।

  • पीएम गति शक्ति: पोर्ट्स एंड शिपिंग के तहत 60,872 करोड़ रुपये की 101 परियोजनाओं की पहचान की गई

    पीएम गति शक्ति पहल के तहत अब तक कार्यान्वयन के लिए 60,872 करोड़ रुपये की बंदरगाहों और शिपिंग के संबंध में कुल 101 परियोजनाओं की पहचान की गई है। इनमें से 4,423 करोड़ रुपये की 13 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। राज्यों में गुजरात में 20399.15 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली सबसे अधिक 19 परियोजनाएं हैं। महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में क्रमश: 9955.85 करोड़ रुपये और 5871.05 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 13 परियोजनाएं हैं।

    पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) संबंधित मंत्रालयों/विभागों में एकीकृत और समग्र योजना के लिए एक परिवर्तनकारी ²ष्टिकोण है, ताकि मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार किया जा सके और व्यवधानों को कम करने और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर ध्यान देने के साथ लोगों और सामानों की निर्बाध आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की कमी को दूर किया जा सके।

    एनएमपी का उद्देश्य बंदरगाहों और शिपिंग क्षेत्र सहित विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों के लिए मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्च र के विकास को सुगम बनाना है। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए राज्यों द्वारा पूंजीगत व्यय में वृद्धि के लिए, वित्त मंत्रालय, व्यय विभाग ने वर्ष 2022-23 के लिए पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना के भाग-2 (पीएम-गति शक्ति संबंधित व्यय के लिए) के माध्यम से शून्य ब्याज दर पर दीर्घकालीन ऋण के रूप में राज्यों के बीच वितरण के लिए 5000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया है।

    बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने व्यापार करने में आसानी के लिए कई पहल की हैं। मॉडल रियायत समझौते, रियायतकर्ताओं के लिए लचीलापन, नए टैरिफ दिशानिर्देश आदि जैसे प्रोत्साहन जारी किए गए हैं जो प्रमुख बंदरगाहों के प्रदर्शन में सुधार करते हैं। हालांकि, पीएम गति शक्ति के तहत, किसी भी उच्च प्रदर्शन वाले बंदरगाह को अतिरिक्त प्रोत्साहन से संबंधित कोई परिकल्पित संरचना नहीं है। यह जानकारी केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंगलवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

  • तीसरे बच्चे के जन्म पर मिलेंगे 50 हजार

    देश- एक ओर देश की जनसंख्या बढ़ती जा रही है। सरकार जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने का विचार कर रही है। वहीं एक समाज ऐसा है जो तीसरा बच्चा होने पर 50 हजार रुपये देने का विचार बना रहा है। 

    जानकारी के मुताबिक माहेश्वरी समाज की घटती जनसंख्या से इस समाज के लोग काफी परेशान हैं। समाज से जुड़े एक संगठन ने एलान किया है कि अगर दम्पत्ति तीसरा बच्चा करते हैं तो उन्हें 50 हजार की एफडी दी जाएगी।
    बताया गया है यह राशि सिर्फ उन लोगों को मिलेगी जो तीसरे बच्चे को जन्म देंगे। तीसरा बच्चा लड़का हो या लड़की आपको हर परिस्थिति में पैसा मिलेगा। यह घोषणा राजस्थान में आयोजित सेवा सदन की बैठक में लिया गया है।

  • श्रीलंका ने फरवरी में पर्यटन से 169.9 मिलियन डॉलर कमाए

    पर्यटन मंत्री हरिन फर्नांडो ने सोमवार को कहा कि श्रीलंका ने फरवरी में पर्यटन से 169.9 मिलियन डॉलर कमाए। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, फर्नांडो ने मीडिया को बताया कि यह आंकड़ा एक साल पहले के 169.4 मिलियन डॉलर से अधिक है। मंत्री के अनुसार, 2023 के पहले दो महीनों में 210,000 से अधिक पर्यटक श्रीलंका पहुंचे और उद्धृत अवधि में 331.7 मिलियन डॉलर कमाए गए।

    दक्षिण एशियाई देश ने जनवरी में 102,545 और फरवरी में 107,639 पर्यटकों का आगमन दर्ज किया। मंत्री ने कहा कि 8 मार्च तक पर्यटकों की संचयी संख्या 234,547 थी, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 9.6 प्रतिशत अधिक है। पर्यटन विकास प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में अब तक रूस, भारत और जर्मनी श्रीलंका के पर्यटकों के शीर्ष तीन सोर्स मार्केट थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, श्रीलंका का लक्ष्य 2023 में लगभग 1.5 मिलियन और 2024 में 3 मिलियन पर्यटकों को आकर्षित करना है।

  • लोकतंत्र पर सवाल, भारत का अपमान- प्रधानमंत्री मोदी

    देश– कांग्रेस नेता राहुल गांधी बीते कई दिनों से ब्रिटेन में दिए अपने भाषण को लेकर सुर्खियों में हैं। बीजेपी नेताओं का कहना है कि विदेशी धरती पर राहुल गांधी ने देश का अपमान किया है। राहुल गांधी को माइक बंद करने की बात को लेकर सभापति जगदीप धनकड़ ने फटकार लगाई है।

    वहीं अब उनके बयान को इंगित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक में बिना उनका नाम लिए उनपर कटाक्ष किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कुछ लोग लंदन गए। वहां उन्होंने भारत के लोकतंत्र पर सवाल उठाए। वह वही जगह है जहां गुरु बसवेश्वर की प्रतिमा स्थापित है। वह विदेश में कर्नाटक के लोगों के साथ भारत के 130 करोड़ लोगों का अपमान कर रहे हैं। कर्नाटक को इन लोगों से सावधान रहने की आवश्यकता है।
    उन्होंने आगे कहा, भारत सबसे बड़े लोकतंत्र वाला देश है। लोकतंत्र का जन्म स्थल भारत को माना गया है। मेरा सौभाग्य था कि लंदन में कुछ वर्ष पहले मुझे गुरु बसवेश्वर की प्रतिमा का अनावरण करने का मौका मिला। लेकिन अब कुछ लोग विदेशी धरती पर भारत के लोकतंत्र पर सवाल उठा रहे हैं। दुनिया की कोई ताकत भारत के लोकतंत्र पर सवाल नहीं कर सकती। लेकिन कुछ लोग सत्य जानते हुए भारत के लोकतंत्र पर सवाल उठाते हैं।

  • स्वाति मालीवाल यौन शोषण:- वो बेहद क्रूर थे, शराब पीकर बहुत मारते थे, 38 साल झेला दर्द- स्वाति मालीवाल

    देश – दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल अपने बयानों को लेकर चर्चाओं में है। बीते दिनों उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि उनके पिता ने उनका यौन शोषण किया था। वहीं डीसीडब्ल्यू महिला दिवस पुरस्कार समारोह में मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने पिता के खौफनाक सच पर खुलकर बात की।

    उन्होंने कहा, मैं उस समय बहुत छोटी थी। मुझे समझ नहीं थी। मेरे पिता ने मेरा यौन उत्पीड़न किया। वह एयरफोर्स में थे। वह एक शराबी थे। उन्हें शराब बहुत पसंद थी। उनके भीतर एक बूंद शराब की गई तो वह पूरी बोतल खत्म कर देते थे। शराब के नशे में वह उपद्रव करते थे। वह बिना किसी कारण हमपर हाथ उठाते। हमें दीवार पर पटक देते थे। खुन निकलता था लेकिन उन्हें तरस नहीं आता।
    उन्होंने आगे कहा, वह मेरे लिए बेहद खराब समय था। पिता ने कई बार मेरा यौन उत्पीड़न किया। मैं इससे बहुत सालों में उभर पाई। मुझे अपने पिता की क्रूरता पर बात करने में काफी समय लग गया। 38 साल बाद मैं इस विषय पर बात कर पाई हूँ।
    आज मैंने इतने सालों बाद इस विषय पर खुलकर अपना मत रखा है। इसके दो कारण है। पहला अगर मैं न बोलती तो शायद मेरे सर पर पुरुष के अत्याचार का बोझ रहता। वहीं दूसरा कारण यह भी है कि मेरे जैसी कई लड़कियां हैं जिनके ऊपर अत्याचार हुआ है। वह इस विषय पर बोल नहीं पाती हैं। लेकिन शायद इससे वह हिम्मत जुटा पाएं और अपने हक के लिए लड़ सकें।
    स्वाति मालीवाल ने कहती हैं यह आसान नहीं है। आप सबसे लड़ सकते हैं लेकिन अपनो से नहीं। जब आपके साथ आपका दोस्त, कोई अजनबी या बॉस गलत करता है तो आप उससे लड़ते हैं। लेकिन अगर यही काम आपके अपने पिता करते हैं तो इस परिस्थिति से निकलना बेहद दर्दनाक होता है। यह मृत्यु के समान दर्दनाक है।