Category: national

  • ‘ट्वेंटी वन मंथ्स ऑफ हेल’: केरल सेंसर बोर्ड ने की एक और फिल्म खारिज

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    सेंसर बोर्ड पर एक बार फिर फिल्म पास न करने का आरोप लगा है. इस बार केरल के एक डायरेक्टर यदु विजयकृष्णन ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि उनकी डॉक्युमेंट्री फिल्म ‘ट्वेंटी वन मंथ्स ऑफ हेल’ जो कि अपातकाल पर आधारित है को  केरल स्थित फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया है.

    [object Promise]फिल्मकार के मुताबिक उनकी फिल्म को पूरी तरह से रिजेक्ट कर दिया गया है और इसका कोई कारण और सुधार तक नहीं बताया है. यदु ने बताया कि उनकी फिल्म को अब पुनःसमीक्षा के लिए फिल्म प्रमाणन बोर्ड के मुंबई मुख्यालय भेजा जाएगा.

    सेंसर बोर्ड पर अब तक आरोप लगते आए हैं कि वह बीजेपी और आरएसएस के ऐजेंडे से इतर फिल्मों को प्रमाण नहीं देते हैं लेकिन इस बार यदु ने केरल स्थित सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन पर वामपंथी और कांग्रेसी मानसिकता से ग्रसित होने का आरोप लगाया है. क्योंकि केरल बोर्ड में ज्यादातर सदस्य वामपंथी और कांग्रेसी हैं.

    यदु के तर्क के अनुसार उनकी  फिल्म अपातकाल के बाद आरएसएस और जनसंघ के लोकतंत्र को पुनर्स्थापित करने के संघर्ष को दर्शाती है, शायद इसी कारण से बोर्ड ने उनकी फिल्म रिजेक्ट कर दी है.

  • इस व्यक्ति ने हाफिज सईद की रैली में शिरकत करके नई दिल्ली को कर दिया हैरान

    यूएन में भारत का समर्थन पाने वाले फलस्तीन के राजदूत ने हाफिज सईद को गले लगाया

    फलस्तीन के पाकिस्तान स्थित राजदूत वलीद अबू अली ने शुक्रवार को रावलपिंडी में हाफिज सईद की रैली में शिरकत करके नई दिल्ली को हैरान कर दिया

    नई दिल्ली, हाल में भारत ने यूएन में जिस फलस्तीन के पक्ष में अमेरिका के खिलाफ वोट दिया और एक तरह से इजराइल की भी अनदेखी की उसी फलस्तीन के पाकिस्तान स्थित राजदूत वलीद अबू अली ने शुक्रवार को रावलपिंडी में हाफिज सईद की रैली में शिरकत करके नई दिल्ली को हैरान कर दिया। इस रैली में हाफिज सईद भी मौजूद था। रैली में अमेरिकी समेत कई गैर इस्लामी देशों और साथ ही भारत की भी निंदा की गई।

    फलस्तीन के पाकिस्तान स्थित राजदूत वलीद अबू अली ने शुक्रवार को रावलपिंडी में हाफिज सईद की रैली में शिरकत करके नई दिल्ली को हैरान कर दिया

    फलस्तीनी राजदूत की यह हरकत न केवल भारतीय हितों की अनदेखी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय तौर पर घोषित एक आतंकी का खुला समर्थन भी है। ज्ञात हो कि इस माह के प्रारंभ में भारत ने यूएन जनरल एसेंबली मेँ आए उस प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया था जिसमें यरुशलम को इजराइल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने और अमेरिकी दूतावास को वहीं स्थानांतरित करने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले की आलोचना की गई थी।
    हालांकि उक्त प्रस्ताव के पक्ष में भारत समेत 127 देशों ने वोट दिया था, लेकिन विदेश नीति के कई जानकारों का कहना था कि भारत को अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जाने के बजाय इस वोटिंग से अनुपस्थित रहना चाहिए था। फलस्तीनी राजदूत की हरकत के बाद यह नजरिया सही जान पड़ रहा है। माना जा रहा है कि फलस्तीन के पाकिस्तान स्थित राजदूत ने हाफिज सईद की रैली में शामिल होने का काम भारत और अमेरिका को चिढ़ाने के लिए किया है।

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  • पुलवामा हमले में शहीद जवान के परिवार को मिला 20 लाख का मुआवजा

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    हिमाचल प्रदेश सरकार ने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकवादियों के आत्मघाती हमले में शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 185वीं बटालियन के इंस्पेक्टर कुलदीप राय के परिवार को 20 लाख रुपए का मुआवजा दिया है.

    राय हिमाचल में हमीरपुर जिले के टिक्कर खत्रियां गांव के रहने वाले थे.

    राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राय के शहीद होने पर उनके परिवार से संवेदना जताई और उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की.

    ठाकुर ने कहा कि राज्य के बहादुर जवान देश की रक्षा में हमेशा सन्नद्ध रहते हैं. उन्होंने कहा कि शहीदों के बलिदान को देश हमेशा याद रखेगा.

    दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के एक शिविर पर रविवार सुबह से पहले भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने हमला किया था जिसमें चार जवान शहीद हो गए और तीन अन्य घायल हो गए थे.

  • ‘मन की बात’ में बोलें पीएम मोदी- मुस्लिम महिलाओं को ‘महरम’ से मिली आजादी

    मन की बात

    नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2017 के आखिरी दिन देशवासियों के साथ ‘मन की बात’ साझा करते नए साल की शुभकामनाएं दी और कहा कि नए साल पर हम नई बात करेंगे। पूरे कार्यक्रम के दौरान ‘न्‍यू इंडिया’ के सपने को साकार करने पर उनका जोर रहा। पीएम मोदी ने कहा कि यह जातिवाद, सांप्रदायिकता, आतंकवाद, भ्रष्‍टचार, गंदगी और गरीबी के जहर से मुक्‍त होगा। वहीं तीन तलाक के साथ ही मुस्लिम महिलाओं को ‘महरम’ से आजादी मिलने का भी जिक्र किया। इस प्रथा के तहत हज यात्रा के दौरान मुस्लिम महिलाओं को बिना किसी पुरुष सदस्‍य के जाने की इजाजत नहीं थी। मगर अब वह जा सकती हैं।

    2017 के आखिरी दिन के साथ ही ‘मन की बात’ कार्यक्रम का भी इस वर्ष का आखिरी दिन था। पीएम मोदी ने कहा कि ‘मन की बात’ का इस वर्ष का यह आखिरी कार्यक्रम है और संयोग देखिए कि आज, वर्ष 2017 का भी आखिरी दिन है। इस पूरे वर्ष बहुत सारी बातें हमने और आपने साझा की। विचारों का ये आदान-प्रदान, मेरे लिए हमेशा नई ऊर्जा लेकर आता है।

    ‘मन की बात’ की मुख्‍य बातें

    – पीएम मोदी ने कहा कि 1 जनवरी का दिन विशेष है। जो लोग 21 में जन्म हैं, वो लोग वोटर बन जाएंगे। भारतीय लोकतंत्र 21 वीं सदी के वोटरों का स्वागत करता है।

    – पीएम मोदी ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम में मैं देश के युवाओं से बात करना चाहता हूं। उन्‍होंने कहा, ‘युवा आगे आएं और मंथन करें कि कैसे बनेगा न्यू इंडिया। मेरा विश्वास है कि हमारे ऊर्जावान युवाओं के कौशल और ताकत से ही न्‍यू इंडिया का सपना सच होगा।’

    – पीएम मोदी ने यह भी कहा कि लोगों से बातचीत के दौरान मुझे यह आइडिया मिला है कि क्‍या हम भारत के हर जिले में ‘मॉक पार्लियामेंट’ आयोजित कर सकते हैं? यह 15 अगस्‍त के आस-पास होना चाहिए।

    – पीएम मोदी के अनुरोध पर बड़ी संख्‍या में लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। उन्‍होंने कहा, ‘उत्साह से भरा व्यक्ति अत्यन्त बलशाली होता है। पॉजिटिविटी और उत्साह से भरे व्यक्ति के लिए कुछ भी असंभव नहीं। मुझे बहुत खुशी हुई कि भारी संख्या में लोगों ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी।’

    – पीएम मोदी ने बताया कि कुछ देशवासियों ने इस वर्ष के उन घटनाक्रमों को साझा किया, जिनका उनके मन पर विशेष प्रभाव पड़ा, सकारात्मक प्रभाव पड़ा। कुछ लोगों ने अपनी व्यक्तिगत उपलब्धियों को भी शेयर किया।

    – पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में देश को पूरी तरह से स्‍वच्‍छ बनाने पर भी जोर दिया। उन्‍होंने कहा कि पूज्‍य बापू के अधुरे काम गंदगी से मुक्‍त भारत को हमें पूरा करना है। यह भी कहा कि स्‍वच्‍छता केवल सरकार करे एेसा नहीं है, यह नागरिकों की भी जिम्‍मेदारी है।

    – पीएम मोदी ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता के स्तर की उपलब्धियों का आकलन करने के लिए आगामी 4 जनवरी से 10 मार्च 2018 के बीच दुनिया का सबसे बड़ा सर्वे ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2018’ किया जाएगा।

    – पीएम मोदी ने कहा कि हाल में ही मुझे पता चला कि यदि कोई मुस्लिम महिला हज यात्रा पर जाना चाहती है तो वह किसी पुरुष सदस्य के बिना नहीं जा सकती। मैं इस पर हैरान था कि यह कैसा भेदभाव है, लेकिन अब वह अकेली हज यात्रा पर जा सकती हैं।

    – पीएम मोदी ने यह भी बताया कि 26 जनवरी के मौके पर 10 आसियान देशों के नेता मुख्य अतिथि के रूप में आएंगे। ऐसा भारत के इतिहास में नहीं हुआ है।

    – पीएम मोदी ने कहा कि हाल ही में मुझे अंजुम बशीर खान के बारे में पता चला, जिन्‍होंने आतंकवाद और नफरत भरे माहौल से निकलकर कश्‍मीर प्रशासनिक सेवा में अव्‍वल स्‍थान हासिल किया है। वह ना सिर्फ जम्‍मू-कश्‍मीर बल्कि पूरे भारत के लिए एक प्रेरणास्‍त्रोत हैं।

    – पीएम मोदी ने हाल ही में जम्‍मू-कश्‍मीर की कुछ बेटियों के साथ हुई मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्‍होंने कहा कि जिस तरह से वो अपने सपने को साकार करने में लगी हुई हैं, उनसे वह काफी प्रभावित हुए हैं।

    – पीएम मोदी ने नए साल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सबके लिए खुशियां लेकर आए। जनवरी में मकर संक्रांति मनाया जाता है। यह पंजाब लोहड़ी और यूपी बिहार में खिचड़ी और असम में बिहू के तौर पर मनाया जाता है। सभी देशवासियों को इन त्यौहारों की ढेरों शुभकामनाएं।

  • ज्योतिषियों की भविष्यवाणी : 2019 में भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं, कांग्रेस मजबूत होगी

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    Prediction of Astrologers

    जालंधर : देश में बदल रही राजनीतिक फिजा के बीच ज्योतिषियों की भविष्यवाणी भी कांग्रेस के पक्ष में आनी शुरू हो गई है। हालांकि ज्योतिषियों के मुताबिक 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों में भाजपा फिर सरकार बनाने की स्थिति में आ जाएगी लेकिन उसे 2014 जैसा बम्पर बहुमत नहीं मिलेगा और पार्टी 210 से 230 सीटों तक सिमट सकती है जबकि दूसरी तरफ कांग्रेस के लोकसभा में तिहाई के आंकड़े पर पहुंचने की भविष्यवाणी की गई है। जालंधर में चल रहे 60वें सरस्वती ज्योतिष सम्मेलन के दौरान हुए राजनीतिक सत्र में देश के नामी ज्योतिषविदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, दोनों पाॢटयों की कुंडली और देश की कुंडली के आधार पर आने वाले राजनीतिक परिदृश्य की भविष्यवाणी की है।

    2018 कांग्रेस के लिए नुक्सानदायक: कुमार गणेश

    अंक गणित के विशेषज्ञ कुमार गणेश का मानना है कि 2018 का साल कांग्रेस के लिए राजनीतिक तौर पर नुक्सान वाला साल है। पार्टी आने वाले विधानसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकेगी। हालांकि 2019 के लिए कुमार गणेश ने कांग्रेस के लिए अच्छी भविष्यवाणी की है। कुमार गणेश का कहना है कि 2019 में सितारे कांग्रेस के अनुकूल हो जाएंगे जिसका उसे लोकसभा चुनाव में फायदा होगा। 2020 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेहत को लेकर कुछ समस्याएं पैदा हो सकती हैं लेकिन भाजपा 2019 में एक बार फिर सरकार बनाने की स्थिति में तो जरूर आ जाएगी। 2018 के दौरान कांग्रेस के हाथ से कर्नाटक भी निकल सकता है। इसके अलावा पूर्वोत्तर में भी पार्टी को सीटों का नुक्सान होगा। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी कांग्रेस को उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिलेंगे।

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    देश को युद्ध की तरफ धकेल सकते हैं मोदी: भांबी

    दिल्ली के प्रसिद्ध ज्योतिषी अजय भांबी ने भी एक बार फिर नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने की भविष्यवाणी की है। हालांकि उनका यह भी मानना है कि दूसरी पारी में प्रधानमंत्री देश को युद्ध जैसी खतरनाक स्थिति में भी लेकर जा सकते हैं। भांबी ने यह आकलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली में चल रही महादशा के आधार पर किया है। भांबी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली में 2011 से चंद्रमा की महादशा चल रही है जो 2021 में समाप्त हो जाएगी। इस महादशा की समाप्ति के बाद मंगल की दशा शुरू होगी और मंगल प्रधानमंत्री की कुंडली में अच्छा नहीं है। लिहाजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसी गलतियां करेंगे जिनसे उनकी लोकप्रियता में कमी आएगी। इसका एक कारण यह भी है कि देश की कुंडली में भी इस समय चंद्रमा की महादशा चल रही है और दोनों तरफ चंद्रमा की महादशा होने के कारण कुछ ऐसे फैसले लिए जा सकते हैं जो राजनीतिक रूप से नुक्सानदायक होंगे।

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    2019 में बिगड़ सकता है मोदी का स्वास्थ्य

    बैतूल के ज्योतिषी हिरेंद्र शुक्ला ने भी 2019 के चुनाव के लिए भाजपा के पक्ष में भविष्यवाणी की है। हालांकि उनका भी यह मानना है कि भाजपा की सीटों की संख्या आने वाले लोकसभा चुनावों के दौरान कम हो जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली के आधार पर भविष्यवाणी करते हुए शुक्ला ने कहा कि मोदी की कुंडली वृश्चिक लग्न की है और उनकी कुंडली के लग्न में मंगल के साथ बैठा चंद्रमा रोचक योग बना रहा है और चंद्रमा की महादशा में ही मोदी को सत्ता के सर्वोच्च स्थान पर पहुंचाया है लेकिन यह महादशा 21 को खत्म होगी। उस महादशा के खत्म होने से पहले चंद्रमा में केतू की महादशा के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में यह भी हो सकता है कि देश के लिए नेतृत्व कोई और व्यक्ति करे।

    ‘2018 में ही लोकसभा के चुनाव करा सकती है BJP’

    ग्रह करवा सकते हैं मोदी से गलतियां: मोहन भाई पटेल

    अहमदाबाद के प्रसिद्ध ज्योतिष मोहन भाई पटेल का भी मानना है कि आने वाले दिनों में देश की राजनीति में काफी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है। हालांकि उन्होंने चुनावों का सीटों की संख्या के लिहाज से विश्लेषण नहीं किया लेकिन उन्होंने कहा कि मोदी की कुंडली में कई ऐसे योग हैं जिन्होंने उन्हें सत्ता पर पहुंचाया है परंतु कुछ ऐसे योग भी हैं जो मोदी के लिए खतरनाक हैं। आने वाले वर्षों में ग्रहों की यह दशा ही प्रधानमंत्री मोदी से कुछ ऐसी गलतियां करवा सकती है जिसका खमियाजा उन्हें राजनीतिक तौर पर भुगतना पड़ेगा। कांग्रेस के लिए भविष्यवाणी करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए आने वाला समय बेहतर है क्योंकि वह अपना सबसे बुरा समय पीछे छोड़ चुकी है। आने वाले चुनावों में राहुल गांधी का नेतृत्व उभर कर सामने आएगा। हालांकि राहुल गांधी को पूरी तरह स्थापित होने में समय लग सकता है।

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  • जिग्नेश, उमर, कन्हैया और शहला रशीद एक ही मां के बेटे हैं , जानिए कौन है ये औरत

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    पिछले साल अगस्त में हुए उना कांड के बाद चर्चा में आए जिग्नेश मेवाणी अब वडगाम से एक विधायक बन गए हैं। उना कांड में जिग्नेश ने लगभग 20 हजार दलितों को एक साथ मरे जानवर न उठाने और मैला न ढोने की शपथ दिलाई थी। मेवाणी ने कहा था की दलित अब सरकार से अपने लिए दूसरे काम की बात करेंगे।

    इस दौरान जिग्नेश मेवाणी ने ‘दलित अस्मिता यात्रा’ भी निकाली। इसी यात्रा की अहमदाबाद में समाप्ति थी और एक जनसभा का रूप दिया गया। जिसमें पहली बार जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र अध्यक्ष कन्हैया कुमार और उमर खालिद ने भी शिरकत की।

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    Gauri lankesh
    ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट मुकुल सिन्हा के ‘जन संघर्ष मंच’ को भी जिग्‍नेश ने ज्वाइन किया था।  इसके साथ ही मेहसाणा जिले में जन्मे जिग्नेश ‘आजादी कूच आंदोलन’ चला चुके हैं। जिसमें 20 दलितों  के साथ मिलरकर मरे जानवरों को ना उठाने और मैला ना ढोने की शपत दिलाई थीदौरान उन्होंने दंगा पीड़ितों और वर्कर यूनियन के लिए लड़ाई लड़ी। बाद में आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता बने।
    राज्य में दलितों का वोट प्रतिशत करीब सात फीसदी है। जिग्नेश दलित आंदोलन के दौरान एक काफी पॉपुलर नारा दिया था। ‘गाय की पूंछ तुम रखो हमें हमारी जमीन दो’ इस सभा में रोहित वेमुला की मां भी शामिल हुई थी। इस सभा दलित, पिछड़े और मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखने वाले युवा नेता भी शामिल हुए। इसके अलावा भी जिग्नेश मेवाणी और कन्हैया कुमार ने कई रैलियों को एक साथ संबोधित किया है।

    इस सभा में साथ आने के बाद जिग्नेश मेवाणी का कद गुजरात के साथ-साथ जेएनयू में भी बढ़ा। जिग्नेश मेवाणी प्रचार-प्रसार के लिए जेएनयू आने लगे। उन्हें यहां होने वाली सेमिनारों में बुलाया जाने लगा।

    जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष शेहला रशीद ने जिग्नेश मेवाणी को चर्चाओं और सेमिनार में बुलाया। आज हुई ‘युवा हुंकार रैली’ का पूरा आयोजन और समर्थकों को जुटाने का पूरा जिम्मा शेहला रशीद ने उठाया। जब रैली को परमिशन नहीं मिली तो ट्वीट के माध्यम से दिल्ली पुलिस को प्रतिक्रिया दी।

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    जेएनयू के ही एक छात्र और हैं उमर खालिद। उमर खालिद के साथ जिग्नेश मेवाणी पिछले एक साल से टच में है। शौर्य दिवस को भीमा कोरेगांव में हिंसा हुई।  पुलिस का आरोप है कि उमर खालिद और जिग्नेश मेवाणी ने 31 दिसंबर को आयोजित एक कार्यक्रम में भड़काऊ भाषण दिया और इसी वजह से 1 जनवरी को भीमा कोरेगांव में हिंसा भड़की।

    इसके अलावा जेएनयू के इन तीनों छात्रों और जिग्नेश मेवाणी का एक और संबंध। ये सभी एक ही मां के बेटे हैं। मतलब ये कि जिग्नेश मेवाणी, कन्हैया कुमार, शेहला रशीद और उमर खालिद को कन्नड़ की वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश ने गोद लिया था। पिछले साल पांच सितंबर 2017 को कुछ हिंदूवादी लोगों ने गौरी लंकेश की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

  • मिलिए हर रोज 500 लोगों को सिर्फ 5 रुपये में भरपेट खाना खिलाने वाले अनूप से

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    अनूप हर महीने अपनी ओर से 30,000 रुपये सिर्फ किचन में लगा देते हैं. हालांकि कई समाजसेवी और अच्छे लोग भी उनको दान करते हैं. अनूप बताते हैं कि हर रोज उन्हें स्टाल लगाने के लिए 2,500 रुपये खर्च करने पड़ जाते हैं.

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे हुए नोएडा में सामाजिक कार्यकर्ता अनूप खन्ना द्वारा ऐसा ही प्रयास किया जा रहा है. अनूप गरीबों को सिर्फ पांच रुपये में दाल चावल और घी लगी हुई रोटी की व्यवस्था करते हैं. अनूप ने कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर ‘दादी की रसोई’ शुरू की है. उनका मकसद कम से कम पैसों में गरीबों को अच्छा भोजन उपलब्ध करवाना है. खन्ना ने बताया, ‘हम ऐसा भोजन उपलब्ध करवा रहे हैं जो न केवल पौष्टिक होता है बल्कि खाने पर घर के जैसा स्वाद मिलता है. हम उन लोगों के लिए काम कर रहे हैं जो पैसे के आभाव में अच्छा खाना नहीं खा पाते हैं.’

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    एक आधुनिक कहावत है कि गरीबों की प्लेट में उतने फल नहीं होते जितने अमीरों के शैंपू में होते हैं. कहने को ये बात मजाक में कही गई लगती है, लेकिन भारत की हकीकत कुछ ऐसी है जहां अभी आबादी का एक बड़ा हिस्सा अभी भी दो वक्त की रोटी की तलाश में ही रहता है. हाल ही में जारी की गई वैश्विक भुखमरी सूचकांक में 119 देशों की सूची में भारत को 100वां स्थान मिला है जो कि काफी दयनीय स्थिति है.

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    अनूप खुद इस पहल की देखरेख करते हैं और ध्यान रखते हैं कि गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए. इसके लॉन्च होने के सिर्फ एक महीने के भीतर ही पूरे शहर में इसकी चर्चा होने लगी. यहां पर रिक्शा चलाने वाले से लेकर दुकानदार, फेरीवाले, मजदूर जैसे लोग भोजन करने के लिए आते हैं. दिन में सिर्फ दो घंटे के लिए दोपहर 12 बजे से लेकर 2 बजे तक यह रेस्टोरेंट खुलता है और इस दरम्यान लगभग 500 लोगों का पेट भरा जाता है. भुखमरी से लड़ने के लिए रोटी बैंक जैसी और कई पहले चल रही हैं, लेकिन अनूप सिर्फ 5 रुपये में ही 500 लोगों का पेट भर रहे हैं.

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    नोएडा में दादी की रसोई के दो स्टाल हैं. एक सेक्टर 17 में है जो कि सुबह 10 से 11.30 तक खुलता है दूसरा सेक्टर 29 में है जो कि 12 से 2 बजे तक खाना खिलाने का काम करता है. यहां पर लंच करने को लेकर लंबी लाइन लग जाती है. इस पहल को शुरू करने का श्रेय अनूप की बेटी स्वाति को जाता है. हालांकि अनूप का पूरा परिवार इस पहल को सपोर्ट करता है. अनूप हर महीने अपनी ओर से 30,000 रुपये सिर्फ किचन में लगा देते हैं. हालांकि कई समाजसेवी और अच्छे लोग भी उनको दान करते हैं. अनूप बताते हैं कि हर रोज उन्हें स्टाल लगाने के लिए 2,500 रुपये खर्च करने पड़ जाते हैं.

    आस-पास के दुकानदार भी अनूप की मदद करते हैं और उन्हें दाल, चावल, मसाले और नमक जैसी चीजें काफी कम दाम में उपलब्ध करवा देते हैं. वहां आसपास रहने वाले लोग जन्मदिन, शादी और किसी अन्य समारोह के दौरान बचने वाला खाना और खाद्य सामग्री दान कर देते हैं. अनूप पूरे नोएडा में ऐसी पहल शुरू करना चाहते हैं. वे कहते हैं कि ऐसा करना ज्यादा मुश्किल नहीं है, बस नीयत अच्छी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के लिए रोटी, कपड़ा और दवा जैसी चीजें तो हर व्यक्ति की बुनियादी जरूरते हैं और इसके बिना आज जिंदगी की कल्पना संभव नहीं है.

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    अनूप इसके अलावा एक और पहल चला रहे हैं जिसके तहत गरीब और बेसहारा लोगों को कपड़े, जूते और किताबें जैसी चीजें दान की जाती हैं. उन्होंने नोएडा में पहली प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की भी स्थापना की है. इस योजना के तहत किफायती दाम में गरीबों को दवाईयां उपलब्ध करवाई जाती हैं. अनूप इलाके में दवाएं की दो दुकानें संचालित करते हैं. आसपास कोई हादसा होने पर लोग सबसे पहले अनूप को ही बुलाते हैं और वे सिर्फ एक फोन करने पर फौरन जगह पर मौजूद हो जाते हैं. अनूप के पिता स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रह चुके हैं और उन्हीं से अनूप ने समाजसेवा की प्रेरणा ली है. साभार:yourstory.com

  • AMU से लापता पीएचडी छात्र मनान वानी बना हिज्बुल का “आतंकी”

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    नई दिल्ली. बशीर वानी को लेकर सस्पेंस बढ़ता जा रहा है। 3 जनवरी से लापता मन्नान वानी के एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है, इस तस्वीर में मन्नान के हाथ में ऑटोमैटिक राइफल है और उस फिर उसके हिज़बुल में शामिल होने की बात लिखी हुई है।

    अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के लापता पीएचडी छात्र मनान वानी की तलाश में यूपी पुलिस ने यूनिवर्सिटी में छापेमारी शुरू की है. एसएसपी के नेतृत्व में जिला पुलिस की एक टीम हॉस्टलों में जाकर मनान वानी की तलाश कर रही है. जम्मू-कश्मीर के रहने वाले मनान को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया है.

    इस बीच एडीजे कानून और व्यवस्था आनंद कुमार ने पुष्टि की है कि मन्नान अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का छात्र है. उसके साथ ही हॉस्टल के कमरे में रहने वाला एक अन्य छात्र मुजम्मिल भी पिछले चार महीने से लापता है. हॉस्टल के मेस वाले ने बताया कि मन्नान को दो जनवरी को अंतिम बार देखा गया था.

    Read More :पूरी दुनिया हैरान रह गई यह जानकर कि यह महिला अपना दिल सीने में नहीं, अपने बैग में लेकर घूमती है !

    बता दें, एएमयू के पीएचडी के छात्र मनान वानी ने कथित रूप से आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन जॉइन कर लिया है. बताया जा रहा है कि एसएसपी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल हॉस्टल हबीब हॉल में छात्र के कमरे की तलाशी में जुटा हुआ है. इस बीच एएमयू के छात्र के आतंकी संगठन में शामिल होने की अटकल से विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों में हड़कंप मच गया है. एएमयू प्रशासन मनान वानी के मामले पर चुप्पी साधे हुए है. साथ ही किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इनकार कर रहा है.

    स्थानीय मीडिया रिपोर्ट की मानें तो मनान वानी पिछले 5 साल से AMU में रहकर MPhil की डिग्री ली थी. फिलहाल वो पीएचडी कर रहा था.

    रिसर्च स्कॉलर मनान के आतंकी बनने की खबरें इसलिए भी चौंकाने वाली हैं क्योंकि वो एक उच्च शिक्षित युवा है.पिछले साल घाटी में आई बाढ़ के बाद उसने जीआईएस तकनीक और रिमोट सेंसिंग को लेकर एक रिपोर्ट बनाई थी जिसके लिए उसे पुरस्कार भी मिला था.

    हालांकि उसकी तस्वीरें वायरल होने के बाद वो सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के रहार पर आ गया है.

  • इस भिखारी की है तीन बीवियां, कमाता है ये आपकी सैलरी से कहीं ज्यादा

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    40 साल के छोटू बैरक दिव्यांग है इनके शरीर का निचला हिस्सा काम नहीं करता है।

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    कई बार आपने रेलवे स्टेशनों पर देखा होगा लेकिन झारखंड के रेलवे स्‍टेशन पर एक एक लखपति भिखारी बैठता है जिसकी महीने की कमाई 30 हजार से भी ऊपर है। सबसे खास बात तो ये है कि उस भिखारी की तीन बीवियां हैं। वहीं उसका सिमडेगा में एक बर्तन की दुकान भी है कुछ लोग उसे छोटू बारिक के रूप में जानते हैं तो वहीं कुछ लोग उसे लखपतिया भिखारी के नाम से जानते हैं।

    छोटू बारिक महीने भर में कितना कमा लेता है। आप कहेंगे 2 हजार, 3 हजार या ज्यादा से ज्यादा 5 हजार। लेकिन, हम आपको एक ऐसे भिखारी के बारे में बताने जा रहे हैं जो भीख मांगकर महीने में 30 हजार और साल का चार लाख रुपये कमा लेता है। सिर्फ यहीं नहीं महंगाई के इस जमाने में ये इनके पास एक-दो नहीं बल्कि तीन बीवियां हैं। जी हां, इनका नाम है छोटू बैरक। झारखंड के रहने वाले 40 साल के छोटू बैरक दिव्यांग है इनके शरीर का निचला हिस्सा काम नहीं करता है।

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    लेकिन, अपने शरीर की कमजोरियों को इन्होंने अपने लिए अड़चन नहीं बनने दिया। च्रकधरपुर रेलवे स्टेशन पर छोटू बैरक भीख मांगते हैं। भीख मांगने के साथ-साथ छोटू अपना बिजनेस भी चलाते हैं। ये एक कम्पनी के पर्सनल केयर प्रॉडक्ट्स भी बेचते हैं और लोगों को उस कम्पनी का मेम्बर भी बनाते हैं। भीख से मांगे पैसों को ये अपने बिजनेस में लगाते हैं। सिमडेगा जिले में छोटू की एक बर्तनों की भी दुकान है। एक पत्नी दुकान चलाने में इनका हाथ बंटाती हैं। छोटू बताते हैं, शुरू में मैंने पैसे कमाने की खूब कोशिश की लेकिन गरीब ही रहा। फिर मैंने भीख मांगनी शुरू की और अब मैं एक दिन में एक हजार से 12 सौ तक कमा लेता हूं।

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  • लंदन में ममता के साथ गए वरिष्ठ पत्रकारों पर लगा चांदी का चम्मच सामान चुराने का आरोप

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    नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ आधिकारिक दौरे पर लंदन में साथ गए वरिष्ठ पत्रकारों पर चांदी का सामान चुराने का आरोप लगा है. यहां जब लग्जरी होटल में मेहमानों के लिए डिनर का आयोजन किया गया तो यह मामला सामने आया. आउटलुक की रिपोर्ट के मुताबिक होटल के सुरक्षा अधिकारी भी इस घटना से काफी हैरत में पड़ गए जब उन्होंने सीसीटीवी में वीवीआईपी मेहमानों को ऐसा करते देखा. उन्होंने सीसीटीवी में देखा कि कुछ लोग चांदी के चम्मच चुराकर पर्स और बैग में डाल रहे थे. जब उन्होंने पता लगाया कि यह लोग कौन है तो अधिकारी हैरान रह गए. ये लोग ममता के साथ गए वरिष्ठ पत्रकार और संपादक थे.

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    रिपोर्ट के अनुसार सबसे पहले टेबल से जिस शख्स ने चम्मच चुराया वह बंगाल के सम्मानित समाचार पत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार थे. एक अन्य वरिष्ठ पत्रकार ने भी वहीं हरकत की. वह अन्य समाचार प्रकाशन के संपादक हैं. यह जानकारी मुख्यमंत्री के अधिकतर विदेशी दौरों पर साथ रहने वाले एक पत्रकार ने दी. बंगाली पत्रकार ने बताया जब पत्रकार चोरी कर रहे थे तो उनको लगा कि उनके आसपास लगे कैमरे काम नहीं कर रहे हैं क्योंकि बंगाल में अक्सर ऐसा होता है कि सीसीटीवी कैमरे काम नहीं करते. यहां उससे उलट हुआ, यहां सारे कैमरे काम भी कर रहे थे और सुरक्षा अधिकारी उन पर नजर भी बनाए हुए थे. सुरक्षा अधिकारियों की नजर में ही सबसे पहले ये हरकत आई.

    उन्होंने देखा कि कुछ लोग होटल के सामान की चोरी कर बैग में डाल रहे हैं. जब उनसे पूछताछ हुई तो उन्होंने पहले कहा कि उन्होंने कुछ नहीं लिया है पर जब उनको सीसीटीवी फुटेज दिखाई गई तो सच्चाई सामने आई. होटल के सुरक्षा दस्ते ने सहयोग न करने पर पूरे मामलों को सार्वजनिक करने की धमकी भी दी. इसपर आरोपी ने चोरी की बात को स्वीकारा. इसके बाद उन्हें 50 पौंड का जुर्माना भरना पड़ा. वे कैमरे में चांदी का सामान अपने बैग में डालते दिखे. अभी तक ममता सरकार की ओर से इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है.

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