Category: national

  • हम वामपंथी से निपटने के लिये बना रहे हैं रणनीति

    देश– केंद्रीय बैठक में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि पिछले 4 दशक के बाद 2022 में नागरिकों और सुरक्षा बलों की मृत्यु की संख्या 100 से कम हुई है। यह भारत के लिए बड़ी सफलता है।

    बता दें गृहमंत्रालय की कंसल्टेटिव कमेटी की बैठक में कमेटी के सभी सदस्यों ने अपने अपने विचार रखे और वामपंथी उग्रवाद से लड़ने के केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना की। 
    अमित शाह ने आगे कहा, हम वामपंथी से निपटने के लिए रणनीति बना रहे हैं। हमारे प्रमुख तीन स्तम्भ हैं- उग्रवादी हिंसा पर Ruthless Approach के साथ लगाम कसना, केंद्र-राज्य के बीच बेहतर समन्वय और विकास से जन-भागीदारी के माध्यम से वामपंथी उग्रवाद के प्रति समर्थन खत्म करना है।
    हम नक्सलवाद इलाकों में लॉगऑन को शिक्षा के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। इन जगहों पर एकलव्य विद्यालय खोले गए हैं। 90 जिलों में 245 को स्वीकृति दी गई जिसमें से 121 एकलव्य विद्यालय खोला जा चुका है। इन इलाकों में एटीएम का जाल भी बुना जा रहा है।
    वहीं हम लोगों के साथ संवाद बढाने का प्रयास कर रहे हैं। बीते कई सालों में नक्सलवाद इलाकों में कई पोस्ट ऑफिस खोले गए हैं। नक्सलवाद प्रभावित इलाकों में कुल 4903 पोस्ट ऑफिस खोले गए हैं। इनमें से करीब 3114 पोस्ट ऑफिस तो विगत 1 साल में ही खोले गए हैं।

  • डीयू दीक्षांत समारोह में अंग्रेजी गाउन की जगह भारतीय अंगवस्त्र धारण करने का आग्रह

    दिल्ली विश्वविद्यालय का 99वां दीक्षांत समारोह 25 फरवरी को है। इस अवसर पर एक बड़ा बदलाव करते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों को अंग्रेजी गाउन की जगह भारतीय अंगवस्त्र धारण करने के आग्रह का किया है। हर वर्ष दिल्ली विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में अनेक छात्र अंग्रेजी गाउन पहनकर डिग्री लेते हैं। वर्षों से चली आ रही पाश्चात्य परम्परा के स्थान पर अब भारतीय अंगवस्त्र पहनने का आग्रह किया गया है। विश्वविद्यालय का कहना है कि यह अपने आप में नया तथा भारतीय संस्कृति को दुनिया से अवगत कराने वाला कदम है।

    छात्र संगठनों ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन के इस निर्णय का समर्थन किया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) का मानना है कि विश्वविद्यालय का ये कदम छात्र हित में तथा भारतीय संस्कृति को पुनजार्गृत एवं अंगीकार करना है, जिसपर अंग्रेजी आधिपत्य के समय अंग्रेजों ने अपनी छाप डाल दी थी। इससे छात्रों के मन में भारतीय संस्कृति की जड़े मजबूत होगी।

    इसके अलावा दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा प्रत्येक महाविद्यालयों में प्रत्येक कोर्स के लिए एक अनाथ छात्र तथा एक अनाथ छात्रा को मु़फ्त में शिक्षा देने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय के इस निर्णय से शिक्षा की सुविधाओं से वंचित हजारों छात्र लाभान्वित होंगे एवं शिक्षा प्राप्त कर देख के विकास में कार्य कर सकेंगे। छात्रों ने विश्वविद्यालय के इस कदम पर खुशी जाहिर करते हुए विश्वविद्यालय के इस निर्णय को ऐतिहासिक तथा भारतीय संस्कृती को मजबूती प्रदान करने वाला निर्णय है।

    वर्तमान में देश के कई शिक्षा संस्थानों में विभिन्न पद रिक्त हैं, जिसके कारण शिक्षा की गुणवत्ता तथा व्यवस्था की स्थिति डांवाडोल है। इस स्थिति को देखते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, केन्द्रीय विद्यालयों,नवोदय विद्यालयों तथा उच्च शिक्षा संस्थानों सहित राज्य सरकारों के अंतर्गत आने वाले शिक्षा संस्थानों में रिक्त पड़े शैक्षणिक तथा गैर-शैक्षणिक पदों को शीघ्र भरने की मांग की है।

    गौरतलब है कि केन्द्रीय शिक्षा राज्यमंत्री द्वारा संसद में एक लिखित उत्तर के माध्यम से यह बताया गया है कि केन्द्र सरकार के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों तथा उच्च शिक्षा संस्थानों में 58,000 से अधिक शैक्षणिक तथा गैर-शैक्षणिक पद रिक्त हैं। इसी तरह की स्थिति विभिन्न राज्यों में भी है।

    अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने कहा कि देश के सरकारी शिक्षा संस्थानों में विभिन्न रिक्त पदों के कारण शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। केन्द्र तथा राज्य सरकारों द्वारा मिशन मोड पर पारदर्शी ढंग से नियुक्तियां करने की दिशा में शीघ्रता से कदम बढ़ाने होंगे। वर्तमान में संविदा आधारित या अन्य विकल्पों के माध्यम से चल रही खानापूर्ति की स्थिति में बदलाव होना चाहिए। अभाविप की मांग है कि केन्द्र तथा राज्य सरकारों को शिक्षा में हर संभव निवेश तथा उच्चस्तरीय परिणामों के लिए शीघ्र कदम उठाने चाहिए, जिससे देश का भविष्य बेहतर हो सके।

  • बिग टेक को व्यक्तिगत डेटा एकत्र करने से रोकने के लिए सख्त कानून की जरूरत: जो बाइडेन

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बड़ी टेक कंपनियों पर निशाना साधते हुए कहा है कि बिग टेक को व्यक्तिगत डेटा एकत्र करने से रोकने के लिए द्विदलीय कानून पारित करने का समय आ गया है। अपने दूसरे स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण के दौरान, बाइडेन ने कहा कि बिग टेक को बच्चों और किशोरों पर ऑनलाइन डेटा एकत्र करने से रोकना होगा, उन्होंने कहा, बच्चों के लिए टारगेट विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाएं, और इन कंपनियों द्वारा हम सभी पर एकत्र किए जाने वाले व्यक्तिगत डेटा पर कठोर सीमाएं लागू करें।

    बाइडेन ने कांग्रेस से उपयोगकर्ता डेटा गोपनीयता की रक्षा करने और तकनीकी उद्योग में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए नए नियम पारित करने का अह्वान किया। बाइडेन ने जोर देकर कहा, अविश्वास प्रवर्तन को मजबूत करने और बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को अपने स्वयं के उत्पादों को अनुचित लाभ देने से रोकने के लिए द्विदलीय कानून पारित करें।

    द वर्ज की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल अपने पहले स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन के दौरान बाइडेन ने जो कुछ कहा था, वह बहुत कुछ प्रतिध्वनित हुआ। बाइडेन ने चिप्स एंड साइंस एक्ट की भी सराहना की जिसमें यूएस सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्च रिंग को बढ़ावा देने के लिए 52 बिलियन डॉलर की फंडिंग शामिल थी।

    उन्होंने कहा, मुझे कोई खेद नहीं है, हम अमेरिका को मजबूत बनाने के लिए निवेश कर रहे हैं। अमेरिकी नवाचार में निवेश, उद्योगों में जो भविष्य को परिभाषित करेंगे और चीन की सरकार हावी होने का इरादा रखती है। पिछले साल दिसंबर में, फीनिक्स, एरिजोना में नया प्रोसेसर कारखाना खोलने के बाद, बाइडेन और एप्पल के सीईओ टिम कुक ने यूएस में बने चिप्स का उपयोग शुरू करने की योजना की घोषणा की थी।

    पिछले साल अगस्त में, बाइडेन ने ऐतिहासिक 280 बिलियन डॉलर के चिप्स एंड साइंस एक्ट पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें घरेलू सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 52 बिलियन डॉलर शामिल थे। चिप्स एंड साइंस एक्ट बाइडेन प्रशासन की चाल है कि वह चिप निर्माताओं को रिवर्स कोर्स करने और अमेरिका में फैब बनाने और चीन पर निर्भरता कम करने के लिए प्रोत्साहित करे।

  • बांग्लादेश में तोड़े गए 12 हिन्दू मंदिर

    देश- बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों को तोड़ने की घटना सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक बांग्लादेश के ठाकुरगांव ज़िले के बालियाडंगी उप ज़िले में 12 हिन्दू मंदिरों को तोड़ा गया है। यह मंदिर सड़क किनारे बने थे। इसमें 14 मूर्तियां थी जिन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया गया है।

    बांग्लादेश पुलिस का कहना है कि कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं मामले की जांच जारी है। पुलिस ने कहा कि मंदिर की कोई निगरानी नहीं थी। लोगों ने इसे तोड़ दिया। यह मंदिर काफी छोटे थे और यह कोई ज्यादा प्रचलित भी नहीं थे।
    उन्होंने आगे यह भी बताया कि मंदिर में प्रतिमा को अलग-अलग तरीके से तोड़ा गया है। किसी प्रतिमा का हाथ तोड़ा गया तो किसी प्रतिमा के सर को तोड़ दिया गया। यह तोड़फोड़ मोटरसाइकिल पर सवार लोगों ने की है। ऐसा प्रतीत होता है कि किसी दल से जुड़े लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया है।

  • बिहार : सारण हिंसा में घायल दूसरे युवक की मौत, सोशल साइट पर 10 फरवरी तक रोक

    बिहार के सारण जिला के मांझी थाना क्षेत्र में मुबारकपुर में मुखिया पति विजय यादव द्वारा कथित तौर पर तीन युवकों को बंधक बनाकर पिटाई से घायल एक और युवक ने बुधवार की रात दम तोड दिया। उधर, इलाके में 10 फरवरी तक सोशल साइटों पर रोक लगा दी गई है। पहले यह रोक आठ फरवरी तक लगाई गई थी। पुलिस के मुताबिक, मुबारकपुर में मुखिया पति विजय यादव द्वारा अपने मुर्गी फार्म में तीन युवकों की कथित पिटाई में घायल राहुल कुमार सिंह ने भी दम तोड दिया। इससे पहले पिटाई से अमितेश कुमार सिंह की मौत हो गई थी। इसके बाद क्षेत्र में आक्रोशित लोगों ने आरोपी के घर में जमकर उत्पात मचाया था।

    पुलिस के एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि मामले में फरार चल रहे चार आरोपियों विजय यादव, अजय यादव, दीपक यादव और विक्की यादव की संपत्तियों की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई प्रारंभ की गई है। क्षेत्र में सामाजिक और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए 10 फरवरी तक सोशल साइटों पर रोक लगा दी गई है। मांझी थाना क्षेत्र के मुबारकपुर गांव में घटना की शुरुआत 2 फरवरी को तब हुई थी, जब कुछ अज्ञात लोगों ने गांव की मुखिया के पति विजय यादव पर गोली चला दी थी। उस घटना में यादव और उसके साथियों को अमितेश सिंह, राहुल कुमार और आलोक कुमार पर शक था। विजय यादव ने युवकों को अपने मुर्गी फार्म पर बुलाया और उनके हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से पिटाई की। इस घटना में अमितेश की पहले ही मौत हो गई थी।

  • सीएमएफआरआई ने सी केज फामिर्ंग के लिए भारतीय समुद्र तट के साथ 146 संभावित स्थलों की पहचान की

    अतिरिक्त आजीविका विकल्पों के माध्यम से तटीय आबादी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से, आईसीएआर-केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान (सीएमएफआरआई) ने देश के तटीय राज्यों में समुद्री कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना तैयार की है। सीएमएफआरआई के निदेशक ए. गोपालकृष्णन ने सीएमएफआरआई में शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों के लिए समुद्री संवर्धन पर एक सत्र में इसकी घोषणा की।

    उन्होंने कहा- सीएमएफआरआई ने प्रति वर्ष 2.13 मिलियन टन की उत्पादन क्षमता के साथ भारतीय तटीय रेखा के साथ समुद्र में 10 किमी के भीतर सी केज फामिर्ंग (समुद्री पिंजरे की खेती) के लिए 146 संभावित स्थलों की पहचान की है और भू-संदर्भ दिया है। इनमें केरल से लगभग 1300 हेक्टेयर क्षेत्र में चार स्थल हैं। सीएमएफआरआई ने भारतीय तटीय और खुले पानी के लिए उपयुक्त स्वदेशी समुद्री पिंजरा तकनीक का विकास और मानकीकरण किया है। औसतन, 8 महीने की अवधि के भीतर 6-व्यास के पिंजरे में 3 टन तक मछली का उत्पादन किया जा सकता है। सीएमएफआरआई ने अनुमान लगाया है कि किसान प्रत्येक फसल से उगाई जाने वाली प्रजातियों के आधार पर 1.5 से 2.5 लाख रुपये तक का आर्थिक लाभ कमा सकते हैं।

    सीएमएफआरआई के निदेशक ने भारत के समुद्री कृषि की स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि भारत से वर्तमान समुद्री उत्पादन 4 से 8 मिलियन टन की अनुमानित क्षमता के मुकाबले प्रति वर्ष 0.1 मिलियन टन से कम है। उन्होंने कहा, देश में अंतर्देशीय और खारे पानी की जलीय कृषि के सफल विस्तार को चरणबद्ध तरीके से समुद्री कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पूंजीकृत किया जा सकता है।

  • भूमध्य सागर में जहाज की तबाही के बाद 73 प्रवासी लापता, उन्हें मृत माना गया : आईओएम

    अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) ने बुधवार को कहा कि लीबिया के तट पर एक जहाज के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से कम से कम 73 प्रवासी लापता हैं और उन्हें मृत मान लिया गया है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, आईओएम ने एक बयान में कहा कि करीब 80 लोगों को लेकर नाव कथित तौर पर 14 फरवरी को कसर अलकायार से यूरोप के लिए रवाना हुई थी।

    आईओएम ने कहा कि सात जीवित बचे लोग जो बेहद गंभीर परिस्थितियों में तैरकर लीबिया के तटों पर वापस आए, इस समय एक अस्पताल में हैं, और लीबिया रेड क्रीसेंट और स्थानीय पुलिस ने अब तक 11 शवों को निकाला है। आईओएम ने कहा कि इस त्रासदी ने केंद्रीय भूमध्यसागरीय मार्ग पर मरने वालों की संख्या को इस साल 130 से अधिक कर दिया है। साल 2022 में आईओएम मिसिंग माइग्रेंट प्रोजेक्ट द्वारा 1,450 से अधिक मौतें दर्ज की गईं।

  • पंजाब के नए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पदभार संभाला

    आईएएस अधिकारी सिबिन सी. ने बुधवार को पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) का पदभार ग्रहण कर लिया। 2005 बैच के अधिकारी सिबिन सी. ने 2017 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान पंजाब के अतिरिक्त सीईओ रूप में कार्य किया था।

    कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कहा कि राज्य में लोकतांत्रिक संस्था का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी मिलने पर वह सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 17 वर्षो के दौरान चुनाव आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने और मतदाता सूची की शुद्धता बढ़ाने के लिए बहुत कुछ किया है।

    उन्होंने कहा, “पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी का कार्यालय लोकतांत्रिक भावना को बनाए रखने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ काम करेगा और मतदाता पंजीकरण से लेकर मतदान तक मतदाताओं के लिए चुनावी प्रक्रिया को आसान बनाना सुनिश्चित करेगा।” सिबिन सी. ने यह भी कहा कि बेहतर चुनाव प्रबंधन और संचालन के लिए पारदर्शिता लाने और मतदाता सेवाओं को आसान बनाने के लिए प्रौद्योगिकी को आगे प्रमुख साधन बनाया जाएगा।

  • क्या रूस कर देगा ब्रिटेन की संसद पर हमला

    विदेश:- रूस और युक्रेन के मध्य जारी युद्ध को साल भर होने को है। युद्ध मे हजारों लोगों की मौत हुई है। कभी युद्ध मे रूस ने युक्रेन को लहूलुहान किया तो कभी युक्रेन रूस पर भारी पड़ा।

    रूस के पास अधिक स्मार्थ्य था। रूस ने युक्रेन को काफी क्षतिग्रस्त किया। लेकिन जब युक्रेन की मदद के लिए पश्चिमी देश खड़े हुए। तो युक्रेन ने रूस के प्रहार का करारा जवाब दिया।
    लेकिन इस सबने रूस को पश्चिमी देशों का विरोधी बना दिया है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन के सहयोगी ने पश्चिमी देशों पर हमले की बात कही है। वहीं उन्होंने यह भी मांग की है कि ब्रिटेन की संसद पर हमला होना चाहिए।
    व्लादिमीर सोलोवयोव जनता से कहते हैं- क्या हम लंदन को निशाना नहीं बना सकते। इसमें कोई समस्या नहीं है। मैं सिर्फ सैन्य ठिकानों पर हमले की बात नहीं कर रहा हूँ। मैं यह कहता हूँ कि संसद को भी निशाना बनाया जा सकता है।
    उन्होंने आगे कहा, वह रूस के विरोध में युक्रेन की मदद करने जा रहे हैं। हम किसी के समर्थन से नहीं स्वयं के निर्णय से काम करते हैं। यह कठिन होगा- रूस को आप क्या समझते हैं यह आप निर्धारित करेंगे।
    ऐसे में हम भी किसी को मान्यता नहीं देंगे। हमारे लिए कोई इंग्लैंड नहीं होगा, कोई फ्रांस नहीं और न ही कोई जर्मनी। यह कुछ नाजी देश हैं जो कि रूस की हर चीज के खिलाफ खड़े हैं। 
    इसलिए हमें गंभीर होने की जरूरत है। क्या उन्हें लगता है कि उनके कदमों की कोई सीमा नहीं है। ठीक है, हम उन्हें दिखाते हैं कि हमारी कार्रवाई की भी कोई सीमा नहीं है। उन पर हमला करते हैं।

  • कैसे भारत में निवेश का केंद्र बना यूपी

    भगवान राम और कृष्ण की पवित्र जन्मस्थली के रूप में जाना जाने वाला उत्तर प्रदेश अपने बिलकुल नए अवतार में भारत और दुनिया के शीर्ष व्यापारिक घरानों को निवेश करने के लिए आकर्षित कर रहा है। हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 में मुकेश अंबानी से लेकर कुमार मंगलम बिड़ला, टाटा समूह के एन. चंद्रशेखर से लेकर ज्यूरिख एयरपोर्ट एशिया के सीईओ डेनियल बिचर समेत कॉर्पोरेट जगत की कई दिग्गज हस्तियां ना केवल मौजूद थी बल्कि उन्होंने राज्य में कुल मिलाकर 33.50 लाख करोड़ की राशि के निवेश की घोषणा की।

    ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में निवेश प्रस्तावों के लागू होने से 92.50 लाख (9.25 मिलियन) रोजगार के अवसर पैदा होंगे। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 में 33.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को प्राप्त करने वाली राज्य सरकार 17.3 लाख करोड़ रुपये के संशोधित लक्ष्य से लगभग दोगुना और आयोजन के लिए 10 लाख करोड़ रुपये के शुरुआती लक्ष्य से तीन गुना से अधिक निवेश हासिल करने में सफल रही है। कुल मिलाकर 18,645 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इनमें बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए 4.28 लाख करोड़ रुपये और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए 9.55 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव भी शामिल हैं।
    यदि हम पीछे मुड़कर देखें, तो उत्तर प्रदेश को 2018 में 4.68 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। जिसमें से 4 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जमीनी स्तर पर कार्य शुरू भी हो चुका है। इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्राप्त निवेश को जमीनी स्तर पर लागू करने के मामले में भी उत्तर प्रदेश देश में टॉप पर है। उत्तर प्रदेश ने अपनी नई औद्योगिक नीति बनाई है। राज्य ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए पुरानी नीति में संशोधन किया है। इतना ही नहीं उद्यमियों को पूंजीगत अनुदान भी दिया जा रहा है। जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के कारण व्यापारियों को होने वाली समस्या का भी समाधान किया गया। वे पूंजीगत सब्सिडी या जीएसटी का विकल्प चुन सकते हैं। नई औद्योगिक नीति को निवेशकों के लिये माकूल बनाने के लिए न केवल विभिन्न राज्यों के औद्योगिक नीतियों का अध्ययन किया गया, बल्कि उत्कृष्ट नियमों को स्वीकारा भी गया।
    अब सवाल यह है कि उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य से निवेशकों के पसंदीदा गंतव्य के रूप में कैसे बदल रहा है? जानकारों का कहना है कि पहले केवल कुछ ही उद्योगपति उत्तर प्रदेश में निवेश करना चाहते थे, लेकिन परिदृश्य तेजी से बदला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश का सुनहरा दौर शुरू हो गया है। आज, भारत दुनिया भर के निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बन चुका है और भारत में, उत्तर प्रदेश निवेशकों के लिए प्रमुख और पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभरा है।
    यूपी में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़ा निवेश किया गया है। बीजेपी के सत्ता में आने से पहले राज्य में मात्र दो एयरपोर्ट थे, भाजपा सरकार ने नौ हवाई अड्डों के निर्माण में तेजी दिखाई। नए एयरपोर्टों का काम जारी है। जल्द ही, राज्य में घरेलू उड़ानों के लिए 21 और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए पांच हवाई अड्डे होंगे। 2024 की शुरुआत में जेवर एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स का ट्रायल रन शुरू होगा। ज्यूरिख एयरपोर्ट एशिया, जेवर एयरपोर्ट बना रहा है।
    यकीनन,एक इन्वेस्टर समिट में इतना बड़ा निवेश शायद किसी और राज्य में कभी भी नहीं हुआ है । उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए विदेशी और घरेलू दोनों ही तरह के निवेशकों ने उत्साह दिखाया है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री के कहने पर 16 देशों के 21 शहरों में अंतरराष्ट्रीय रोड शो करने के लिए आठ टीमों को विदेश भेजा था और इन टीमों ने लगभग 7.12 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त किया था। उत्तर प्रदेश जीआईएस 2023 में 10 साझेदार देश हैं। विभिन्न देशों के राजनयिकों ने शिखर सम्मेलन से पहले राज्य में निवेश का वादा करते हुए मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात की थी।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 का उद्घाटन किया। उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 उत्तर प्रदेश सरकार का प्रमुख निवेश शिखर सम्मेलन है।
    ज्यूरिख एयरपोर्ट एशिया के सीईओ डेनियल बिर्चर ने कहा कि जिस तरह भारत आजादी के 75 साल का जश्न मना रहा है, उसी तरह ज्यूरिख एयरपोर्ट भी अपनी 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। उन्होंने भारत के साथ लंबे समय से चली आ रही साझेदारी का उल्लेख किया। कहा कि ज्यूरिख हवाई अड्डे ने दो दशक पहले बेंगलुरु हवाई अड्डे के विकास में सहयोग दिया था और अब वर्तमान में नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का विकास कर रहा है। उन्होंने यमुना एक्सप्रेसवे के साथ नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सीधी कनेक्टिविटी के महत्व को भी रेखांकित किया।
    शायद बहुत अधिक लोग इस तथ्य से वाकिफ नहीं होंगे कि भारत में बिकने वाले 65 प्रतिशत मोबाइल फोन उत्तर प्रदेश में ही निर्मित होते हैं। अब एक तरह से उत्तर प्रदेश मोबाइल फोन उद्योग की राजधानी बन गया है। इसका श्रेय यूपी सरकार को मिलना चाहिए। यूपी की प्रोगेसिव नीतियों का इसमें अहम योगदान है। इन्वेस्टर्स समिट के दौरान डिक्सन टेक्नोलॉजी के चेयरमैन रवि वचानी ने कहा कि डिक्सन टेक्नोलॉजीज लगभग 100 अरब डॉलर मूल्य के मोबाइल फोन के निर्यात पर विचार कर रही है। अन्य सभी उद्योगपतियों ने भी उत्तर प्रदेश में उभर रहे अवसरों के प्रति आशावादी रूख दिखाया।
    उत्तर प्रदेश की धरती अपने सांस्कृतिक वैभव, गौरवशाली इतिहास और समृद्ध विरासत के लिए जानी जाती है। लेकिन, इसे खराब कानून व्यवस्था की स्थिति वाला एक बीमारू राज्य या उलटा प्रदेश भी कहा जाता था। हालांकि, 5-6 साल के भीतर उत्तर प्रदेश ने अपनी एक नई पहचान बना ली है। अब उत्तर प्रदेश सुशासन, बेहतर कानून व्यवस्था, शांति और स्थिरता के लिए जाना जाता है। यहां उत्तर प्रदेश में वेल्थ क्रिएटर्स के लिए नए अवसर बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रयास रंग ला रहे हैं। यूपी जल्द ही 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाले एकमात्र राज्य के रूप में जाना जाएगा। फ्रेट कॉरिडोर राज्य को सीधे महाराष्ट्र के समुद्री तट से जोड़ेगा। यूपी के विकास प्रक्रियाओं का अन्य राज्यों को भी अनुसरण करना चाहिए तभी प्रधानमंत्री मोदी का सपना पूरा हो सकेगा ।

    लेखक वरिष्ठ संपादक, स्तंभकार और पूर्व सांसद:- आर.के. सिन्हा