Category: national
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कमल हासन की पार्टी का कांग्रेस में होगा विलय
देश- कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा का समापन 30 जनवरी को जम्मू कश्मीर में होने जा रहा है। यात्रा के समापन में विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हो सकते हैं। वहीं अब खबर यह भी आ रही है कि कमल हासन अपनी पार्टी का कांग्रेस के साथ विलय करने वाले हैं।सूत्रों के मुताबिक मक्कल निधि मय्यम के प्रमुख कमल हासन अपनी पार्टी का विलय 30 जनवरी को भारत जोड़ो यात्रा के समापन के दौरान कांग्रेस के साथ करेंगे।हालाकि उन्होंने यह साफ किया था कि वह कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में राजनीतिक परिपेक्ष्य से नहीं शामिल हुए हैं। वह भारत की एकता, अखंडता और भारत को जोड़ने के लिए यात्रा का हिस्सा बने हैं। लेकिन अब अचानक से उनकी पार्टी के कांग्रेस में विलय की खबर से उनके कांग्रेस की यात्रा में शामिल होने के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। -
पाकिस्तान में रुला रहा प्याज दाम, सुनकर हो जाएंगे सुन्न
विदेश– आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान के हालात काफी खराब हैं। लोग भूंख से तड़प रहे हैं। न लोगों के पास रोटी का कोई माध्यम है और न ही कोई रोजगार। अभी तक जहां पाकिस्तान के लोग आटे के महंगे दामों से तहिमाम कर रहे थे। वहीं अब यहां प्याज के दाम लोगों का दिल दहला रहे हैं।वर्तमान मे पाकिस्तान में प्याज की कीमत 220 से 250 तक है। लोगों का कहना है कि हमें अब समझ नहीं आ रहा है कि हम क्या करें। अभी तक जब हमें कोई सब्जी नहीं मिलती थी तो हम प्याज से खाना खा लेते थे। लेकिन अब तो प्याज के दाम भी आसमान छू रहे हैं। ऐसे में अब हमें कोई ओर माध्यम नहीं नज़र आ रहा है अपना पेट भरने का।किसानों का कहना है कि उनका कहना है कि बाढ़ के कारण फसल खराब हो गई और बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। किसानों के मुताबिक अगले महीने प्याज के दाम कम हो सकते हैं क्योंकि तब नई फसल बाजार में होगी।फिलहाल पाकिस्तान में ताजिकिस्तान और ईरान से भी प्याज आ रहा है जिसकी कीमत स्थानीय प्याज से करीब 20 रुपये प्रति किलो कम है -
भीलवाड़ा में पीएम की शिरकत, क्या बदल देगी राजस्थान की सियासत
डेस्क। राजस्थान में विधानसभा का चुनाव वैसे तो इस वर्ष के अंत में होना है पर साथ ही राजनीतिक दल तैयारी में जुट गए हैं। भीलवाड़ा में गुर्जर समाज के देवता माने जाने वाले भगवान देवनारायण के 1111 वी जयंती में पीएम नरेंद्र मोदी खुद शामिल हो रहे हैं।वैसे तो यह एक सरकारी यात्रा है। पर राजनीतिक तौर पर इसे अहम माना जा रहा है। भीलवाड़ा के आसींद उपमंडल के मालासेरी में प्रसिद्ध देवनारायण डूंगरी मंदिर में पूजा-अर्चना और सभा को संबोधित भी करने वाले हैं।साथ ही जानकार यह बताते हैं कि गुर्जर समाज की भगवान देवनारायण में आस्था है और राजनीतिक दलों को लगता है कि उनके सहारे उनकी नैया पार भी हो सकती है। राजस्थान की राजनीति में गुर्जर समाज की भूमिका काफी प्रभावी रहती है और बीजेपी के रणनीतिकारों को ऐसा लगता है कि कांग्रेस नेता सचिन पायलट की काट के लिए ऐसा करना काफी जरूरी भी है।चार महीनों में राजस्थान की होगी तीसरी यात्रापिछले चार महीनों में यह प्रधान मंत्री मोदी की राजस्थान की तीसरी यात्रा होगी और इस यात्रा को राज्य के लिए काफी महत्वपूर्ण भी माना जा रहा है, जहां इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं वहीं नवंबर 2022 में, आदिवासी नेता गोविंद गुरु को श्रद्धांजलि देने के लिए मोदी ने बांसवाड़ा जिले के मानगढ़ धाम का दौरा भी किया जाएगा। साथ ही अक्टूबर में जनसभा के लिए सिरोही जिले का दौरा भी किया गया था।देवनारायण हैं भगवान विष्णु का अवतारदेवनारायण को भगवान विष्णु का अवतार भी माना जाता है और उनका जन्म 10वीं शताब्दी में मलसेरी में हुआ था। वहीं यह पीएम की ‘धार्मिक’ यात्रा है, और बीजेपी की नजर इस कार्यक्रम में मोदी की मौजूदगी से राजनीतिक लाभ लेने पर भी है। उम्मीद है कि पीएम काशी, अयोध्या और उज्जैन की तर्ज पर आसींद अनुमंडल में देवनारायण कॉरिडोर बनाने की घोषणा भी कर सकते हैं। साथ ही केंद्र से अनुसंधान और सर्वेक्षण दल पहले ही इस क्षेत्र का दौरा कर भी चुके हैं और देवनारायण से जुड़े ऐतिहासिक साक्ष्यों, साहित्य और धार्मिक दस्तावेजों का अध्ययन भीं कर रहे हैं। वहीं राजस्थान के अलावा, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और जम्मू और कश्मीर में गुर्जरों की काफी मौजूदगी भी है। -
बीबीसी की डाक्यूमेंट्री पर बवाल, हम भी दिखाएंगे कश्मीर फाइल्स
देश- साल 2002 में हुए गुजरात दंगे के परिपेक्ष्य में बीबीसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाई। यह डॉक्यूमेंट्री जैसे ही रिलीज हुई विवादों में घिर गई। लोगों का कहना है कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रोपेगैंडा चला रही है।वहीं कई लोगों का दावा है कि यह उस दौर के सत्य को दिखा रही है। अगर हम इस डाक्यूमेंट्री की बात करें तो इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन और मुस्लिम समाज की दशा पर काम किया गया है।बीबीसी की डाक्यूमेंट्री को सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्वीटर और यू ट्यूब पर बैन कर दिया गया है। लेकिन कई डार्क साइट ऐसी हैं जिनपर बीबीसी की डाक्यूमेंट्री मौजूद है। वहीं जामिया, जेएनयू, हैदराबाद यूनिवर्सिटी और पुडुचेरी में इसकी स्क्रीनिंग को लेकर बवाल मचा हुआ है।स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया कॉलेज कैंपस में इसकी स्क्रीनिंग कर रही है। वहीं पुडुचेरी यूनिवर्सिटी में एबीवीपी और स्टूडेंट्स के बीच इसके चलते झड़प हुई। जिंसमे पांच लोग घायल हो गए।वहीं अगर हम केरल के तिरुवनंतपुरम की बात करें तो वहां इस डाक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग कांग्रेस पार्टी द्वारा की जा रही है। कांग्रेस मुख्यालय पर भी यह डाक्यूमेंट्री दिखाई गई। कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी जीएस बाबू का कहना है कि हमें इसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है। हम अन्य जगहों पर इस डाक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग करेंगे।एक ओर जहां एसएफआई वाले लोग बीबीसी की डाक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग कर रहे हैं। वहीं एबीवीपी वालों का कहना है कि वह भी हिंदी फिल्म द कश्मीर फाइल्स की स्क्रीनिंग करेंगे। -
एकता हमारी ताकत- पीएम मोदी
देश- बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री ने देश मे बवाल मचा रखा है। सरकार द्वारा इसे बैंन किये जाने के बाद भी कई यूनिवर्सिटी में इसकी स्क्रीनिंग हो रही है। हैदराबाद यूनिवर्सिटी से लेकर जेएनयू तक मे इस डाक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग पर बवाल हुआ।वहीं अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करियप्पा परेड ग्राउंड में एनसीसी (राष्ट्रीय कैडेट कोर) की रैली को संबोधित करते हुए बिना कोई नाम लिए डॉक्यूमेंट्री के परिपेक्ष्य में कटाक्ष किया है।उन्होंने कहा, भारत की एकता ही भारत के विकास और उसके महान बनने का माध्यम है। आज कई लोग खाई पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। वह लोग जो प्रयास कर रहे हैं उसमें वह सफल नही हो सकते। आज पूरा विश्व हमारी ओर देख रहा है। हम आगे बढ़ रहे हैं। यह आप आप सबकी वजह से हुआ है। युवाओं के साथ से देश महान बन पाया है।आजादी के बाद से हमने देश के लिए जीने का संकल्प लिया है। कई लोग आए जो देश को तोड़ने के तरीके लाए। लोगों ने अलग अलग प्रयास किया। लेकिन मां भारती की संतानों के बीच दरार लाने में वह असफल रहे। लाख कोशिश होने के बाद भी मां भारती के दूध में दरार नहीं आ सकती है।एकता में बड़ी ताकत है। यह वह औषधि है जो हमें मजबूत बनाती है एकता हमारे विकास और हमारे आगे बढ़ने का संकल्प है। भारत को भव्य बनाने का एक मात्र यही रास्ता है। गोधरा कांड के बाद 2002 में हुए गुजरात दंगों पर बीबीसी की डॉक्यूमेंटरी को लेकर हो रहे विवाद के बीच आया है। इसे केन्द्र सरकार ने देश में प्रतिबंधित कर दिया है। -
परीक्षा पर चर्चा- प्रधानमंत्री ने कहा सफल वहीं जो लक्ष्य पर फोकस करता है
देश – आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों के साथ परीक्षा पर चर्चा की है। इस चर्चा में छात्रों के साथ अभिभावक और शिक्षक मौजूद रहे। प्रधानमंत्री यह चर्चा बच्चों का मार्गदर्शन करने के उद्देश्य से करते हैं।उनका मानना है कि बोर्ड परीक्षा के दौरान बच्चों के मन मे डर और भय होता है। बच्चों को मार्गदर्शन और मोटिवेशन की आवश्यकता होती है। जिससे वह अपना ध्यान फोकस कर सकें और सफल हो जाएं।आज परीक्षा पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, जब हम कोई काम करने के लिए अपने कदम बढ़ाते हैं। तो हमारे ऊपर दबाव होता है। कि हमें अपने प्रतिद्वंद्वी से बेहतर करना होगा। बेहतर करने की चाहत में हम कोई विकल्प घोजते है और यह सिर्फ परीक्षा के समय नही होता है।जब चुनाव आता है तो हमारे ऊपर अधिक सीट जीतने का दबाव होता है। लेकिन हम अपनी रणनीति के मुताबिक अपने लक्ष्य को भेदने के लिए अडिग रहते हैं। ठीक वैसे ही आपकी पढाई है। लोग अपने बहुत कुछ कहेंगे जब आप अपने आसपास देखोगे। तो आपको बहुत कुछ मिलेगा।लेकिन आपको अपना ध्यान उससे भटकाने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि जब आप अपना ध्यान केंद्रित नहीं रखते हैं तो आपको समस्या होती है और आप अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं। उन्होंने आगे कहा, आज के जीवन मे सफल वही है जो अपने लक्ष्य पर अपना ध्यान केंद्रित रखता है। -
बजट 2023:- वित्त मंत्री सीतारमण आज पेश करेंगी आर्थिक सर्वेक्षण
देश- आज से संसद का बजट सत्र शुरू होगा। बजट सत्र दोनों सदनों में होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने अभिभाषण के साथ इस सत्र का शुभारंभ करेंगी। वही 2 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करेंगी।सत्र के पहले हिस्से में 13 फरवरी तक संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण और आम बजट पर चर्चा होगी। इस दौरान प्रधानमंत्री अभिभाषण पर होने वाली चर्चा का जवाब देंगे।पहले हिस्से में संसद के दोनों सदनों में कोई विधेयक पेश या पारित नहीं किया जाएगा। विधायी कार्य 13 मार्च से छह अप्रैल तक चलने वाले दूसरे हिस्से के दौरान निपटाए जाएंगे। सत्र के दूसरे हिस्से में ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पर होने वाली चर्चा का जवाब देंगी। -
राम चरित मानस की प्रतियां जलाना निंदनीय, सनातनियों को होना चाहिए एकजुट
देश- बीते दिन सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्या के समर्थन में राम चरित मानस की प्रतियां जलाई गई। इस घटना के सन्दर्भ में अब बाघेश्वर धाम के शास्त्री धीरेंद्र कृष्ण का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने सनातनियों को एकजुट होने की बात कही है।उन्होंने कहा, राम चरित मानस की प्रतियां जलाना निंदनीय है। यह हिंदूओ को टारगेट करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। यह कोई एक व्यक्ति नहीं कर रहा। यह कई लोग हैं। यह सब सोची समझी साजिश के तहत हो रहा है।उन्होंने कहा, अब वक्त आ गया है जब हिंदुओ को एकजुट होने की जरूरत है। सनातन की रक्षा करना हमारा धर्म है। यह सीधे तौर पर हमारे सनातन पर प्रहार है। सनातनियों को अब एक साथ आकर अपनी ताकत का परिचय देना चाहिए। -
2023-02-03 शहबाज के बयान ‘आईएमएफ दे रहा है हमें कठिन समय’ के बाद गिरा पाक रुपया
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के यह कहने के बाद कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) पाकिस्तान को ‘कठिन समय’ दे रहा है, शुक्रवार को पाकिस्तानी रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ऐतिहासिक निचले स्तर पर गिर गया, स्थानीय मीडिया ने इसकी जानकारी दी। जियो न्यूज की बताया- प्रधान मंत्री ने पेशावर में शीर्ष समिति की बैठक में बोलते हुए कहा, आईएमएफ का प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद में है (ऋण प्रोग्राम पर बातचीत कर रहा है) और वित्त मंत्री और उनकी टीम को बहुत कठिन समय दे रहा है। उन्होंने आर्थिक चुनौतियों को अकल्पनीय करार दिया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पीएम की टिप्पणी के बाद, इंटरबैंक बाजार में ग्रीनबैक के मुकाबले स्थानीय मुद्रा में और गिरावट आई। एक्सचेंज कंपनीज एसोसिएशन ऑफ पाकिस्तान (ईसीएपी) के अनुसार- इंट्रा-डे ट्रेड के दौरान, पाक रुपया डॉलर के मुकाबले दोपहर 12:48 बजे (स्थानीय समय) 279 तक पहुंच गा, जो एक दिन पहले 271.35 रुपये था।
विश्लेषकों ने जोर देकर कहा है कि डिफॉल्ट से बचने के लिए देश को वाशिंगटन स्थित ऋणदाता के बेलआउट कार्यक्रम की आवश्यकता है- एक ऐसा खतरा जो पिछले कुछ महीनों से इस्लामाबाद पर मंडरा रहा है। एए कमोडिटीज के निदेशक अदनान आगर ने कहा कि जब तक पाकिस्तान आईएमएफ के साथ कर्मचारी स्तर का समझौता नहीं कर लेता, तब तक रुपये में गिरावट की उम्मीद है।
जियो न्यूज ने बताया कि विश्लेषक ने कहा कि आईएमएफ द्वारा सरकार के सामने रखी गई मांगों पर आने वाली खबरों पर बाजार प्रतिक्रिया दे रहा है। आगर ने चेतावनी दी कि अगर सरकार समझौते को सुरक्षित करने में विफल रहती है, तो रुपये को और नुकसान उठाना पड़ेगा। अगर आईएमएफ डील समय पर हो जाती है तो कुछ हद तक राहत मिल सकती है। जियो न्यूज ने बताया कि काला बाजार पर अंकुश लगाने और आईएमएफ मांगों को पूरा करने के लिए, सरकार और विनिमय कंपनियों ने डॉलर कैप को हटा दिया है।
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2023-02-03 भारतीय खदानों में औपनिवेशिक भावनाओं का राज : अमिताभ घोष
NEWS:– प्रसिद्ध लेखक और ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता अमिताभ घोष ने कहा है कि शोषणकारी अर्थव्यवस्था पिछली शताब्दियों में दुनिया भर में उपनिवेशवाद की पहचान रही। उन्होंने कहा कि वही अर्थशास्त्र झारखंड और ओडिशा की खनिज समृद्ध खदानों में आज भी शासन कर रहा है। घोष ने यहां मातृभूमि इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ लेटर्स (एमबीआईएफएल) में यह बात कही। घोष यहां के प्रतिष्ठित सेंटर फॉर डेवलपमेंट स्टडीज में फैकल्टी रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि संसाधन लोगों के लिए अभिशाप बन गए हैं। उनकी जमीन शोषक अर्थव्यवस्था के चंगुल में फंस गई है।खनन कंपनियां झारखंड की यूरेनियम खदानों का उन सभी स्थानीय लोगों की कीमत पर शोषण कर रही हैं, जिनका जीवन उनके पास मौजूद संसाधनों के कारण बर्बाद हो गया है। एक और अच्छा उदाहरण ओडिशा में नियामगिरी है। यह आदिवासियों के लिए पवित्र पर्वत है, लेकिन उन्हें उनकी जमीन से हटा दिया गया है और उनकी भूमि खनन कंपनियों द्वारा जब्त कर ली गई है।
अपनी पुस्तक ‘द नटमेग कर्स’ की पृष्ठभूमि पेश करते हुए घोष ने कहा कि बांदा द्वीप समूह में 1,621 लोगों का नरसंहार जायफल के व्यापार को नियंत्रित करने के लिए किया गया जो कि एक मूल्यवान वस्तु है, जो केवल उसी इलाके में पैदा होता है। यह बाद में लोगों की गुलामी का कारण बन गया और कई लोगों को बांदा में जायफल के बागानों में काम करने के लिए दक्षिण भारत से लाया गया।
इतिहास ऐसे उदाहरणों से भरा पड़ा है जहां वाणिज्यिक हितों के आगे लोग बेबस हो गए। घोष ने कहा, सौभाग्य से भारत में कुछ वर्षों के लिए हम एक्सट्रा एक्टिविज्म को दूर रखने में सक्षम थे, लेकिन अब यही काफी उग्र हो गया है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था में एक मॉडल बन गया है। घोष ने कहा, यह एक ऐसी सोच है जो 17वीं शताब्दी के यूरोपीय ²ष्टिकोण में निहित है कि पृथ्वी एक मशीन है जिसे किसी भी तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका विरोध यूरोप में भी हुआ क्योंकि जमीन को पवित्र मानने वाले लोगों ने इसके खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। इस लड़ाई में महिलाएं सबसे आगे थीं।
इतिहासकार दस्तावेजों पर भरोसा करते हैं लेकिन पेड़, पहाड़ या ज्वालामुखी जैसे प्रकृति के तत्व शायद ही कभी इस इतिहास का हिस्सा रहे हैं। लेकिन इसने मानव जाति के इतिहास में जो भूमिका निभाई वह निर्णायक है। दुनिया भर के एलीट गैर-मानव चीजों को निष्क्रिय मानता है। यह एक ऐसा ²ष्टिकोण है जिसे एक उपनिवेशवादी संसाधनों के रूप में मानव और गैर-मानव का उपयोग करता है जिसके चलते कुछ प्रजातियां विलुप्त हो गई हैं।