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  • Republic Day 2023:- संविधान सिर्फ अधिकार नहीं देता, जानें क्या हैं आपके कर्तव्य

    26 जनवरी:- भारत इस साल अपना 74 वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। प्रत्येक भारत वासी इस दिन गर्व से झूमता है। क्योंकि यह दिन भारत के गौरव का दिन है। इस दिन देश मे गणराज्य लागू हुआ था और भारत के प्रत्येक नागरिक को अधिकारों वाला संविधान मिला था। 
    संविधान की नजर में समाज मे मौजद सभी व्यक्ति अपनी स्वेक्षा से जीवन जीने का अधिकार रखते हैं और कोई किसी पर अपनी विचारधारा या अपने स्मार्थ्य को नही थोप सकता। भारत की आजादी के बाद जब संविधान लागू हुआ तो इसने भारत के नागरिकों को आजादी का मतलब बताया और उन्हें आजादी के मूल से परिचित करवाया।
    संविधान के मुताबिक समाज मे प्रत्येक व्यक्ति मनुष्य है। कोई भी किसी के साथ जाति धर्म सम्प्रदाय के आधार पर भेदभाव नही कर सकता। प्रत्येक व्यक्ति के पास अपना जीवन अपने नियम और निर्देश के मुताबिक जीने का अधिकार है। वहीं व्यक्ति जो चाहें अपनी स्वेक्षा से कर सकता है कोई भी उसके जीवन में दखल नहीं कर सकता।
    भारतीय संविधान के मुताबिक जहां भारत के प्रत्येक नागरिक के पास कई मूलभूत अधिकार हैं वहीं देश के प्रति उसके कुछ मूल कर्तव्य भी हैं। जिनका पालन करना व्यक्ति के लिए आवश्यक है। संविधान के मुताबिक व्यक्ति के 11 मौलिक कर्तव्य हैं। जो इस प्रकार हैं।

    भारत के नागरिकों के मूलभूत कर्तव्य-

    1. प्रथम कर्तव्य यह है कि समस्त भारतीय नागरिकों को संविधान का आदर-सम्मान करना होगा और साथ ही उसको सर्वमान्य मानकर उसका पालन करना होगा और इसके साथ ही तिरंगा व राष्ट्रगान का आदर-सम्मान करना।
    2. जिन गौरवपूर्ण व्यक्तियों के कार्यों ने हमें आजादी दिलवाई एवं भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में जिन्होंने अपना बलिदान दिया उनका आदर व सम्मान करना।
    3. राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करना और उसका आदर एवं गौरवपूर्ण सम्मान करना।
    4. राष्ट्र की विचारधारा और राष्ट्र के आदर्श मूल्यों की रक्षा करना।
    5. भारतीय संस्कृति का संरक्षण कर उसे बढ़ावा देना।
    6. प्रत्येक नागरिकों को एकसमान आदर एवं सम्मान देना एवं उसको प्राप्त अधिकारों का सम्मान करना।
    7. प्राकृतिक संपदा का संरक्षण करना और उसकी वृद्धि हेतु अनेको प्रयत्न करना।
    8. वैज्ञानिक मानदंडों को अपनाना और राष्ट्र के विकास हेतु नवीन ज्ञान के क्षेत्र में वृद्धि करना।
    9. भारतीय सार्वजनिक संपत्ति की प्रत्येक परिस्थिति में रक्षा करना उसे हानि न पहचाना।
    10. राष्ट्र के विकास हेतु सामाजिक कार्यो में अपना योगदान देना।
    11. यह प्रत्येक माता-पिता का उत्तरदायित्व होगा कि वह अपने बच्चो को प्राथमिक निःशुल्क शिक्षा (6 से 14 वर्ष) प्रदान करवाए।

  • बीबीसी डाक्यूमेंट्री बैन, सरकार कर रही आलोचना रोकने की कोशिश- मीनाक्षी गांगुली

    विदेश- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी बीबीसी की डाक्यूमेंट्री भारत मे विवाद का विषय बनी हुई है। यू ट्यूब और ट्वीटर पर इसे बैन कर दिया गया है। वहीं कई डार्क साइट पर यह डाक्यूमेंट्री अभी भी मौजूद है और कई जगहों पर इसकी स्क्रीनिंग हो रही है।
    अब इसी बीच न्यूयॉर्क स्थित मानवाधिकार संस्था ‘ह्यूमन राइट्स वॉच ने 2002 के दंगों पर बनी बीबीसी की डाक्यूमेंट्री को रोकने की आलोचना की है और कहा है कि आलोचना पर लगाम लगाने के लिए सरकार की एक ओर कोशिश।
    ह्यूमन राइट्स वॉच की दक्षिण एशिया निदेशक मीनाक्षी गांगुली कहती हैं। बीते दिन बीबीसी ने अपनी डॉक्यूमेंट्री का पहला पार्ट ‘द मोदी क्वोश्चन’ रिलीज़ किया। 
    यह डाक्यूमेंट्री गुजरात दंगों पर बनी है। यह डॉक्यूमेंट्री ब्रिटेन के विदेश विभाग की एक पूर्व अप्रकाशित रिपोर्ट के निष्कर्षों को बताती है। इसमें गुजरात दंगों की जांच की गई। इस समय गुजरात मे मोदी सीएम थे।
    उन्होंने कहा, डाक्यूमेंट्री रिलीज हुई। भारत मे आईटी नियमों के तहत इसे सोशल मीडिया पर बैन कर दिया गया।
    ब्रिटेन की इस रिपोर्ट में पाया गया कि जिस माहौल में यह हिंसा हुई, उस ‘बेख़ौफ़ माहौल’ के लिए मोदी ‘सीधे तौर पर ज़िम्मेदार’ था।
     लेकिन साल 2014 में पीएम मोदी प्रधानमंत्री बने और देश के अधिकारियों ने इनकी छवि बनाने के लिए कोशिश की। उन्होंने मोदी सरकार पर मुसलमानों के ख़िलाफ़ भेदभावपूर्ण क़ानून और नीतियां लागू करने का आरोप लगाया है. साथ ही स्वतंत्र संस्थानों पर लगाम लगाने का आरोप भी मढ़ा है

  • पिता ने मारी बेटी को गोली

    विदेश- पाकिस्तान में अपराध की रफ्तार तीव्रता से बढ़ती जा रही है। हर कोई महंगाई और बेरोजगारी से परेशान है। वहीं अब एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे। 
    सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के करांची में स्थित एक कोर्ट में एक पिता ने अपनी बेटी की हत्या गोली मारकर कर दी।
    समाचार एजेंसी पीटीआई से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने बताया कि महिला कोर्ट में अपना बयान दर्ज करवाने आई थी कि वह अपनी मर्जी से शादी करने जा रही है। लेकिन उसके पिता ने उसे गोली मार दी।
    महिला की मौके पर मौत हो गई थी। वहीं इस घटना में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक महिला वज़ीरिस्तान के आदिवासी इलाके की रहने वाली थी। उसने एक डॉक्टर से अपनी मर्जी से शादी कर ली थी।

  • भारत ने G-20 के लिए पाक को दिया न्योता

    डेस्क। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Prime Minister Shehbaz Sharif) ने कुछ दिन पहले कहा था कि उनके देश ने तीन युद्धों से काफी सबक सीखा है। वहीं उन्होंने यह भी कहा था कि उनका देश भारत के साथ शांति से रहना भी चाहता है। वहीं अब नई दिल्ली ने गोवा मे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए इस्लामाबाद (Islamabad) को न्योता भी भेजा है।
    2011 में आईं थीं हिना रब्बानी
    विदेश मंत्री एस जयशंकर (External Affairs Minister S Jaishankar) की ओर से इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के माध्यम से उनके पाकिस्तानी समकक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी (Bilawal Bhutto Zardari) को बैठक के लिए निमंत्रण भी भेजा गया है। वहीं मई के पहले सप्ताह में गोवा में 4 और 5 मई को बैठक भी होगी।
    साथ ही अगर पाकिस्तान न्योता स्वीकार करता है, तो यह लगभग 12 वर्षों में इस तरह की पहली यात्रा होगी। वहीं हिना रब्बानी खार (Hina Rabbani Khar) जुलाई 2011 में भारत आने वाली अंतिम पाकिस्तानी विदेश मंत्री थीं।
    SCO में भारत और पाकिस्तान के अलावा चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। इसी तरह का निमंत्रण मध्य एशियाई देशों के साथ चीन और रूस के विदेश मंत्रियों को भी भेजा गया है। लेकिन द्विपक्षीय संबंधों में अब तक के सबसे निचले स्तर को देखते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री (Pakistan Foreign Minister) को भारत का निमंत्रण विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया है।
    जानकारी के लिए पाकिस्तान का दौरा करने वाली अंतिम विदेश मंत्री दिसंबर 2015 में इस्लामाबाद में हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन के लिए सुषमा स्वराज थीं। साथ ही इसके बाद पठानकोट (जनवरी 2016), उरी (सितंबर 2016) और पुलवामा (फरवरी 2019) में हुए आतंकवादी हमलों से द्विपक्षीय संबंध भी बिगड़ गए हैं।

  • हनुमान चालीसा की चौपाई गाकर बाबा बोले डरना नहीं!

    डेस्क। Bageshwar Dham Baba: छतरपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि। जान से मारने की धमकी मिलने के बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री मीडिया के सामने आए और उन्होंने कहा कि डरना नहीं है।
    आगे वो बोले मुझे अपने इष्ट बागेश्वर हनुमान जी पर पूरा भरोसा है। भारत में जब भी सनातन की बात आई है, इस तरह की बातें भी सामने आईं हैं। उन्होंने हनुमान चालीसा की चौपाई सुनाते हुए यह कहा, साधु संत के तुम रखवाले…। आगे उन्होंने कहा, वे हनुमान चालीसा के उपासक हैं। भारत का नागरिक होने के नाते मध्य प्रदेश सरकार और भारत सरकार पर भरोसा भी है। उनसे जब यह पूछा गया कि धमकी की घटना के बाद किसी राजनेता ने संपर्क किया है तो कहा कि हम राजनीति में पड़ते नहीं हैं। अध्यात्म और सनातन से संबंधित जीवन की यात्रा है, जो सनातनी है वो हमारा भी है।
    जानकारी के लिए बता दें धमकी देने के मामले में चर्चा है कि पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है, वह अपनी किसी समस्या से परेशान भी था और बागेश्वर धाम से संपर्क नहीं हो पाने के कारण उसने उनके चाचा से संपर्क कर धमकी भरे लहजे में बात भी की है। वहीं पुलिस गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं कर रही है। एसपी सचिन शर्मा ने एसएसपी विक्रम सिंह के निर्देशन में टीम गठित भी की है, वहीं बागेश्वर धाम की सुरक्षा को भी बढ़ा दिया गया है।

  • मोदी ने इस अंदाज में लोगों को दी गणतंत्र दिवस की बधाई

    देश- आज भारत अपना 74 वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। पूरे देश मे देशभक्ति के रंग देंखने को मिल रहे हैं। वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
    उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा- गणतंत्र दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं। इस बार का यह अवसर इसलिए भी विशेष है, क्योंकि इसे हम आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान मना रहे हैं। देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने के लिए हम एकजुट होकर आगे बढ़ें, यही कामना है। Happy Republic Day to all fellow Indians!
    वहीं आज कर्तव्य पथ पर 10:30 बजे से परेड होगी और 23 झांकियां देंखने को मिलेंगी।

  • पंडित धीरेंद्र शास्त्री का क्या है सुहानी शाह से कनेक्शन

    डेस्क। Bageshwar Dham controversy: बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र शास्त्री को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक महिला की भी चर्चा जोरों से हो रही है। वहीं इस लड़की को एक बेहतरीन जादूगर के रूप में ख्याति भी प्राप्त है। टीवी पर यह लड़की आपको अक्सर दिख ही जाएगी। हम बात कर रहे हैं 32 साल की सुहानी शाह के बारे में।
     सुहानी टेलीविजन पर ‘लोगों के दिमाग को पढ़ रही हैं’ और इनके प्रेजेंटेशन को कई लोगों ने स्क्रिप्टेड करार दिया है। साथ ही सुहानी शाह का दावा है कि ‘दिमाग को पढ़ना’ एक कला आती है बागेश्वर सरकार का दावा है कि किसी को ‘दैवीय शक्तियों’ (दिव्य शक्तियाँ) की आवश्यकता ही नहीं है तो आइये आपको सुहानी शाह के बारे में विस्तार से बताते हैं। 
    जानिए कौन हैं सुहानी शाह?
    कक्षा 1 के बाद कभी स्कूल नहीं जाने वाली सुहानी शाह खुद को जादू-टोने की कला में माहिर भी बताती हैं। वही 7 साल की उम्र में अपना पहला स्टेज शो करने वाली सुहानी शाह ढाई दशक से जादू के क्षेत्र में सक्रिय भी हैं। साथ ही बता दें उन्होंने अपना पहला स्टेज शो 7 साल की उम्र में 22 अक्टूबर 1997 को अहमदाबाद के ‘ठाकोर भाई देसाई’ हॉल में किया था।
    क्या है बचपन का सपना
    सुहानी कई इंटरव्यू में कह चुकी हैं कि वह बचपन से ही जादूगर बनना भी चाहती थीं। वहीं अब जादू परी के नाम से मशहूर सुहानी शाह पिछले 25 सालों से जादू भी कर रही हैं। साथ ही उन्होंने पांच साल की उम्र में जादू टोना सीखना शुरू भी कर दिया था।
    जादू के अलावा जानिए क्या करती हैं सुहानी?
    एक प्रसिद्ध जादूगर होने के अलावा सुहानी एक कॉर्पोरेट ट्रेनर, लाइफ कोच, पेशेवर हिप्नोथेरेपिस्ट और 5 पुस्तकों की लेखिका भी रही हैं। दो दशकों से भी अधिक समय से वह दुनिया भर में यात्रा कर रही हैं और अपने शो से लोगों को प्रभावित भी करती आ रही हैं वहीं इतना ही नहीं वे अन्य जादूगरों को प्रशिक्षण भी दे रही है।
    जब उन्होंने दुनिया भर की यात्रा की तो कई लोग उनके पास अलौकिक शक्तियों के बारे में उनसे पूछने आए। जिसने उन्हें लोगों के मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन को सीखने के लिए प्रोत्साहित भी किया। जिसके बाद, उन्होंने लोगों के मनोवैज्ञानिक आकलन सीखने के अपने अनुभव के बारे में एक किताब लिखने का फैसला भी किया।
    कितनी है सुहानी शाह की लोकप्रियता
    सुहानी शाह स्टेज शो में माइंड रीडिंग परफॉर्म करने के अलावा सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं। साथ ही सुहानी शाह का यूट्यूब चैनल 21 अक्टूबर 2007 से चला भी रही है और सुहानी शाह ने करीना कपूर, जाकिर खान, साइना नेहवाल और संदीप माहेश्वरी सहित कई समाचार चैनलों और शो पर लाइव जादू भी किया है।

  • बजट 2023 में इनको मिल सकती है सौगात, देश को ये उम्मीदें

    डेस्क। बजट 2023 तारीख और समय: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2023-24 के लिए बजट लेकर आएंगी।
    यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पांचवां और आखिरी पूर्ण बजट होने वाला है। वहीं केंद्रीय बजट का भाषण 1 फरवरी को सुबह 11 बजे शुरू भी होगा। साथ ही बजट सत्र 31 जनवरी को शुरू होने भी जा रहा है। वहीं इस आम बजट से लोगों को नौकरीपेशा से लेकर बच्चों की पढ़ाई और होम लोन से स्वास्थ्य बीमा तक के नियमों में बदलाव होने की उम्मीद भी लगाई जा रही है।
    जानिए क्या हैं इस बार के बजट से उम्मीदें?
    सरकार बजट 2023 में नए क्षेत्रों के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI स्कीम का ऐलान कर सकती है। वहीं इसके अलावा एक जिला एक प्रोडक्ट स्कीम को बढ़ावा देने के लिए नए ऐलान भी हो सकते हैं। साथ ही इसका मकसद भारत में एक्सपोर्ट हब बनाना और इससे नई नौकरियां पैदा करना होगा।
    मोदी सरकार बजट में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी रूकावटों को भी हटा सकती है वहीं इसके अलावा सरकार बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और न्यायिक सुधारों का भी ऐलान कर सकती है और सरकार ने साल 2025 तक स्वास्थ्य पर
    जीडीपी का 2.5 फीसदी खर्च करना भी लक्ष्य रखा है। इसी के साथ सरकार के इस बजट 2023 में लोगों को कितनी राहत मिल सकती है यह तो बजट पेश होने के बाद ही पता चलेगा भी। मगर लोगों को मोदी सरकार से भरपूर उम्मीदें भी हैं।
    वहीं साथ ही आम बजट से टैक्स पेयर्स सबसे अधिक प्रभावित भी होते हैं। साथ ही करदाताओं का एक बड़ा हिस्सा वेतनभोगी करदाताओं का है। बजट में सरकार से राहत की उम्मीद भी की जा रही है, क्योंकि इस वित्त वर्ष में महंगाई, छंटनी, बेरोजगारी आदि के कारण उनकी जेब पर भारी असर पड़ा है और अभी कर मुक्त आय की सीमा 2.5 लाख रुपए सालाना है। वहीं इससे ऊपर आय होने पर टैक्स भी चुकाना पड़ता है। यह सीमा वित्त वर्ष 2014-15 में निर्धारित की गई थी और तब से इसमें कोई भी बदलाव नहीं हुआ है। साथ ही विशेषज्ञों के मुताबिक, महंगाई को देखते हुए इस सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया भी जाना चाहिए इससे करदाताओं की क्रय शक्ति भी बढ़ेगी।
    यहां से मिलेगी सारी जानकारी
    Union Budget App आपकी बजट से जुड़े हर सवाल का जवाब देगा वहीं आप लोगों की जानकारी के लिए बता दें कि बजट 2023 पेश होने के बाद आप लोग इस ऐप के जरिए अंग्रेजी और हिंदी दोनों ही भाषाओं में बजट से जुड़ी हर जरूरी जानकारी को पढ़ भी पाएंगे।
    इस ऐप को लाने के पीछे सरकार का मकसद यह था कि आम जनता तक बजट से जुड़ी हर जरूरी जानकारी आराम से उपलब्ध हो पाए। आपको बता दें कि इस ऐप को National Informatics Centre द्वारा डेवलप किया गया है।

  • आज 10:30 बजे होगी परेड, 21 तोपों की सलामी के साथ होगा राष्ट्रगान

    देश 74 वां गणतंत्र दिवस मना रहा है और हर ओर देशभक्ति का रंग देंखने को मिल रहा है। दिल्ली के कर्तव्य पथ पर मिस्र के सैन्य दल के सदस्य भव्य आयोजन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीं पहली बार मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल-सीसी को गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है।
    स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर सप्ताह भर चलने वाले समारोह की शुरुआत हुई।इस अवसर को चिह्नित करने के लिए 23 जनवरी और 24 जनवरी को दिल्ली में एक तरह का सैन्य टैटू और जनजातीय नृत्य उत्सव ‘आदि शौर्य- पर्व पराक्रम का’ आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम 30 जनवरी को समाप्त होगा, जिसे शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।
    आज सुबह 10:30 बजे ध्वजारोहण होगा और परंपरा के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा और उसके बाद 21 तोपों की सलामी के साथ राष्ट्रगान होगा। परेड की शुरुआत राष्ट्रपति मुर्मू की सलामी लेने के साथ होगी। परेड की कमान परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ संभालेंगे। दिल्ली मुख्यालय क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल भवनीश कुमार परेड में सेकेंड-इन-कमांड होंगे।

  • This Day in History: गणतंत्र दिवस नहीं इस लिए भी महत्वपूर्ण है ये दिन

    डेस्क। 26 जनवरी 1950 से भारत में इस दिनांक को गणतंत्र दिवस के तौर पर बड़े ही उत्साह और बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। लेकिन 26 जनवरी को केवल गणतंत्र दिवस के लिए ही नहीं बल्कि भारत एवं विश्व इतिहास में कई बड़ी प्रमुख घटनाओं के लिए भी जाना जाता रहा है।
    26 जनवरी ही वो दिनांक है जिस दिन भारत में ब्रिटिश शासन के अंतर्गत भारत में पहली बार स्वराज दिवस को मनाया गया था। इसके अतिरिक्त विश्व इतिहास में इस दिन हुमायूं की मौत, शांति संधि, अनाक्रमण संधि के लिए भी जाना जाता है। इसके अतिरिक्त बिल गेट्स को ‘नाइट’ की उपाधि भी इसी दिन ही दी गई थी।
    भारत में 26 जनवरी की ये हैं प्रमुख बड़ी घटनाएं:-
    1931- ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ के दौरान ब्रिटिश सरकार से बातचीत के लिए महात्मा गांधी रिहा भी किए गए हैं।
    1950- भारत एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित हुआ और भारत का संविधान भी लागू हुआ।
    1950- स्वतंत्र भारत के पहले और अंतिम गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी ने अपने पद से त्यागपत्र भी दिया और डा. राजेंद्र प्रसाद देश के पहले राष्ट्रपति भी बने हैं।
    1963- मोर के अद्भुत सौंदर्य के कारण भारत सरकार ने 26 जनवरी को इसे राष्ट्रीय पक्षी भी घोषित किया है।
    1972- युद्ध में शहीद सैनिकों की याद में दिल्ली के इंडिया गेट पर ‘अमर जवान राष्ट्रीय स्मारक’ की स्थापना भी की गई थी।
    1981- पूर्वोत्तर भारत में हवाई यातायात सुगम बनाने को ध्यान में रखते हुए हवाई सेवा वायुदूत भी प्रारम्भ हुई है।
    1982- पर्यटकों को विलासितापूर्ण रेल यात्रा का आनंद दिलाने के लिए भारतीय रेल ने ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ सेवा भी शुरू की।
    2000- कोंकण रेलवे परियोजना पूर्ण हुई और प्रथम यात्री गाड़ी चलाई गई थी।
    2001- गुजरात के भुज में 7.7 तीव्रता का भीषण भूकंप आया और इस भूकंप में हजारों लोग मारे भी गए।
    2003- ईरान के राष्ट्रपति सैयद मोहम्मद खातमी गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल भी हुए।
    2008- 59वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने परेड की सलामी ली थी।
    2008- एन.आर. नारायणमूर्ति को फ्रांस सरकार के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑफिसर ऑफ द लीजन ऑफ ऑवर’ से सम्मानित भी किया गया था।