Category: national

  • क्यों पाकिस्तान के पीएम ने मोदी से की बात करने की गुज़ारिश

    विदेश- पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था शून्य पर पहुंच गई है। लोग रोटी को टतरस रहे हैं। महंगाई दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। लोग भूख से बिलख रहे हैं। कर्ज से पाक कराह रहा है। वहीं इन सब समस्याओं के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के सुर भारत के परिपेक्ष्य में बदले बदले नजर आ रहे हैं।
    उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हम हर समस्या पर बातचीत करने के लिए तैयार हैं। मैं भारत के प्रधानमंत्री से अपील करता हूँ कि हमें बात करनी चाहिए और साथ बैठकर समस्यओं का हल खोजना चाहिए।
    उन्होंने आगे कहा, हम पड़ोसी हैं। हमे यह देखना होगा कि हम कैसे रहते हैं। यह हमारे ऊपर निर्भर करता है कि हम शांति से रहते हैं। यह आपस मे लड़ते हैं और अपने संसाधनों को बर्बाद करते हैं। 
    हमने तीन बार भारत के साथ युद्ध किया। तीनों बार इस युद्ध के परिणाम नकारात्मक देंखने को मिले। हर बार हमें महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट से जूझना पड़ा। हम अब सिर्फ शांति चाहते हैं।
    मैं यह समस्या खत्म करना चाहता हूं मैं विवाद खत्म करना चाहता हूं। मेरी भारत के प्रधानमंत्री से अपील है कि वह बात करें और मिलकर शांति के लिए उपाय खोजें। पाकिस्तान अब अपने धन को बम और हथियार बनाने में नहीं खर्च करना चाहता है।

  • नेपाल में हुआ बीते 30 वर्ष का सबसे भयंकर विमान हादसा

    देश- नेपाल के पोखरा हवाईअड्डे पर लैंडिंग से पूर्व बड़ा प्लेन हादसा हुआ है। इस हादसे में 4 भारतीयों समेत 72 लोगों की मौत हो गई है। यह विमान येति एयरलाइंस का था। बीते 30 वर्षों में यह सबसे भयावह विमान हादसा माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक अब तक इस हादसे में 60 लोगों की मौत हुई है।
    वहीं अधिकारियों का कहना है कि वह यात्रियों को बचाने हेतु हर सम्भव प्रयास कर रहे हैं।नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (CAAN) द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, येति एयरलाइंस का ATR-72 विमान काठमांडू से उड़ान भरने के बाद पोखरा में पुराने और नए हवाई अड्डे के बीच सेती नदी की खाई में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है।

  • मैं आती हूँ मध्यवर्गीय परिवार से उनकी समस्या से मैं परिचित हूँ

    देश- साल 2023 का बजट आने वाला है। बजट पेश करने से पूर्व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के मध्यमवर्गीय परिवार के परिपेक्ष्य में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, वह मध्यमवर्गीय परिवार की परिस्थितियों को समझती हूँ। उन्हें कोई समस्या न हो इसलिए उनपर कोई टैक्स नहीं लगाया गया है।
    वहीं इस बार 1 फरवरी को जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट प्रस्तुत करेंगी। तो उम्मीद जताई जा रही है कि वह मीडिया क्लास को ध्यान में रखेंगी और उनके हित को केंद्रित करते हुए बजट प्रस्तुत करेंगी। 
    वहीं बीते दिन उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, मैं मध्य वर्ग परिवार से आती हूँ। उनकी समस्याओं से मैं भली भांति परिचित हूँ। मोदी सरकार निरंतर मध्यवर्गीय परिवार के हित हेतु प्रयास कर रही है। वहीं 5 लाख तक की आमदनी को टैक्स मुक्त किया जाएगा।
    सरकार ने कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने के लिए 27 शहरों में मेट्रो रेल नेटवर्क विकसित करने और 100 स्मार्ट सिटी बनाने जैसे कई उपाय किए हैं। वहीं उन्होंने दावा किया है कि हम मध्यवर्गीय परिवार को टैक्स मुक्त रखेंगे। क्योंकि मोदी सरकार ने मध्य वर्गीय परिवार के लिए काफी कुछ किया है और आगे भी उनका प्रयास है कि वह उनका करते रहें।

  • Budget update:- इस बार के बजट से किसे मिल सकता है लाभ

    देश- बजट की तारीख नजदीक आती जा रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। वहीं इसबार के बजट से आम आदमी को काफी उम्मीदें हैं। 
    जानकारी मिली है कि इस बार के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम आदमी को केंद्र में रखकर बजट प्रस्तुत करेगी और केंद्र कर्मचारियों को भी इस बजट से काफी लाभ मिल सकता है।
    हालाकि बजट आम आदमी की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। वहीं खबर यह भी है कि किसानों के हित समेत हर किसी को लाभ देने के उद्देश्य से बजट का मसौदा तैयार किया गया है। 
    विशेषज्ञ का कहना है कि महंगाई उफान पर है। करदाताओं की समस्या बढ़ती जा रही है। अभी तक कर मुक्त आय की सीमा 2.5 लाख रुपए सालाना है। लेकिन इस बजट में इसे बढाकर 5 लाख कर दिया जाएगा।
    इसके साथ ही धारा 80EEA (आवास ऋण पर ब्याज का भुगतान) और 80EEB (इलेक्ट्रिक वाहन ऋण पर ब्याज का भुगतान) के तहत कटौती के लिए लॉक-इन अवधि को भी दो साल तक बढ़ाने की उम्मीद की जा रही।
    होम लोन पर चुकाए गए ब्याज पर 2 लाख रुपए तक की छूट धारा 24(b) के तहत मिलती है. यह सीमा भी वित्त वर्ष 2014-15 में 1.5 लाख से बढ़ा कर 2 लाख की गई थी।तब से अब तक प्रॉपर्टी की कीमत लगभग दोगनी हो चुकी हैं. ऐसे में विशेषज्ञ इस कटौती को बढ़ाकर 3 लाख रुपए करने की उम्मीद कर रहे हैं।

  • दलित ने किया मंदिर में प्रवेश, सवर्ण ने की पिटाई मचा हंगामा

    देश– जोशीमठ में हालात बेकाबू हैं। घरों की दीवारों के साथ लोगों के दिल भी दरक रहे हैं। वहीं उत्तरकाशी के सुदूर इलाके मोरी सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का मामला सामने आया है। 
    10 दिन पहले यहां एक दलित युवक को जमकर पीटा गया और उसे जलाने का प्रयास किया गया। कारण सिर्फ इतना था कि उसने मंदिर में प्रवेश किया था। युवक का अस्पताल में इलाज जारी है। डॉक्टर का कहना है हालत ठीक है लेकिन उसे सदमा लगा है। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया है।
    इस घटना के बाद मोरी में आंदोलन छिड़ गया है। दलित समाज के लोगों ने मंदिर में प्रवेश के अधिकार को लेकर प्रदर्शन आरम्भ कर दिया है।

    जानें मामला-

    सालरा के पड़ोसी बैनोल गांव के रहने वाले 22 साल के एक दलित युवक आयुष नौ जनवरी की रात क़रीब आठ बजे मंदिर में गए। उनपर आरोप लगा है कि उन्होंने मंदिर की संदूक व अन्य सामग्री को नुकसान पहुँचाया है। वहीं घटना के बाद बैनोल गांव के कुछ सवर्णों ने कई घंटे तक मारपीट की और उन्हें जलाने का प्रयास किया। उनकी हालत काफी बिगड़ गई। 
    सालरा, बैनोल और आसपास के दलित मंदिरों में प्रवेश नहीं करते हैं। आसपास के लोगों का कहना है कि इस मंदिर में दलित प्रवेश नहीं करते हैं यह परंपरा सालों से चली आ रही है।
    आयुष की पिटाई किए जाने के अगले ही दिन गांव वालों ने आयुष के परिजनों को मंदिर को अपवित्र करने के लिए दंड स्वरूप सवा लाख रुपये और एक बकरा देने का आदेश सुना दिया।
    इसके अलावा उन्हें मंदिर के शुद्धिकरण का ख़र्च देने और देवता के केदारनाथ स्नान (जो 12 साल में एक बार होता है) का खर्च, 20 लाख रुपये, देने का भी आदेश दिया।
    भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह नौटियाल बीते शनिवार को बैनोल गांव पहुंचे और प्रशासन की मौजूदगी में ही कह दिया कि “जिस मंदिर में दलितों को प्रवेश करने से रोका जा रहा है उस पर वह बुल्डोज़र चलवा देंगे.”
    स्थानीय लोगों ने तो इसका विरोध किया ही करणी सेना भी इस मामले में कूद गई है. बीते सोमवार को करणी सेना के नेता शक्ति सिंह के नेतृत्व में मोरी बाज़ार में एक विरोध जुलूस निकाला और नौटियाल की गिरफ़्तारी की मांग की गई।
    इस विवाद के तूल पकड़ने के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य अंजूबाला और पूर्व भाजपा सांसद तरुण विजय भी बैनोल पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिले. इसके बाद वह देहरादून में आयुष से भी मिले।

  • बीबीसी की मोदी पर बनी डाक्यूमेंट्री प्रोपेगैंडा, सुनक ने कही बड़ी बात

    देश- बीबीसी द्वारा गुजरात दंगों पर बनी डॉक्यूमेंट्री सवालों के घेरे में है। ब्रिटिश सरकार और भारत सरकार ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के खिलाफ भ्रामक प्रचार बताते हुए प्रोपेगैंडा करार दिया है।
    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अमरिंदर बागची ने कहा, हम यह तो नहीं जानते कि यह डाक्यूमेंट्री क्यों बनाई गई है। लेकिन यह गलत है। निष्पक्ष है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दुष्प्रचार है। यह डाक्यूमेंट्री भारत विरोधी है। यह भारत की नकारात्मक छवि स्थापित कर रही है।
    उन्होंने आगे कहा, डॉक्यूमेंट्री से स्पष्ट है कि इससे जुड़े लोग एक विशेष संगठन से सम्बंध रखते हैं। यह उचित नहीं है। यह गुलामी के एजेंडे को दर्शाता है। यह उचित नहीं है।
    बीबीसी की डाक्यूमेंट्री पर ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक कहते हैं कि इसमें जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिखाया गया है। उससे मैं असहमत हूँ। ब्रिटिश सरकार की स्थिति साफ है हम दुनिया के किसी भी कोने में होने वाली हिंसा को सहन नहीं करेंगे।
    जानकारी के लिए बता दें गुजरात दंगे के परिपेक्ष्य में बनी यह डाक्यूमेंट्री 17 जनवरी को बीबीसी के यू ट्यूब पर आई थी। इसका दूसरा एपीसोड 24 जनवरी को आना था। लेकिन उससे पूर्व ही उसे डिलीट कर दिया गया। इस डाक्यूमेंट्री के डिस्क्रिप्शन में लिखा था कि यह मोदी और मुस्लिम अल्पसंख्यक के मध्य के तनाव पर प्रकाश डालती है।

  • Jacinda Ardern:- न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने दिया इस्तीफा

    Jacinda Ardern: न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने इस्तीफा देने का एलान कर चौंका दिया। गुरुवार को पार्टी की वार्षिक कॉकस बैठक में जेसिंडा ने कहा कि काम करने के लिए अब ऊर्जा नहीं बची है। अब इस्तीफा देने का समय है।
    मैं जा रही हूं, क्योंकि इस तरह की खास भूमिका के साथ जिम्मेदारी जुड़ी होती है। यह जानने की जिम्मेदारी कि आप नेतृत्व करने के लिए कब सही व्यक्ति हैं और कब नहीं। मुझे पता है कि इस काम के लिए कितनी मेहनत लगती है। मुझे पता है कि मेरे पास इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए अब पर्याप्त शक्ति नहीं बची है।

  • अब कोई नहीं उठा सकेगा राम सेतु पर उंगली

    डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने राम सेतु को राष्ट्रीय स्मारक के रूप में मान्यता देने की मांग वाली सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई है। वहीं इस मामले में केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि राम सेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने के लिए प्रक्रिया जारी है। साथ ही वहीं स्वामी ने बताया कि इस संबंध में संस्कृति मंत्रालय ने बैठक भी की थी और तत्कालीन मंत्री के रूप में प्रह्लाद पटेल ने इस मामले पर चर्चा करी थी लेकिन, बाद में उन्हें दूसरा मंत्रालय दे दिया गया लेकिन मेरी दलील सिर्फ इस बात पर है कि आप अपने पैर इससे क्यों खींच रहे हैं?
    इस पर सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने यह भी कहा कि मैं और जस्टिस पारदीवाला एक कोरम में एक आदेश पारित करेंगे लेकिन जस्टिस नरसिम्हा के साथ यह नहीं हैं। वहीं न्यायमूर्ति नरसिम्हा का यह कहना है कि वह सेतु समुद्रम परियोजना मामले में तमिलनाडु राज्य का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं, इसलिए वे इस मामले की सुनवाई भी नहीं कर सकते।
    साथ ही कोर्ट ने बीजेपी नेता स्वामी से यह भी कहा है कि मामले से जुड़े अतिरिक्त सबूत मंत्रालय को दे सकते हैं। वहीं उन्होंने इसपर कहा कि वह और सबूत मंत्रालय को क्यों दें? और उन्होंने बताया कि पहले ही वह मंत्रालय को कई पत्र भी भेज चुके हैं लेकिन उन्होंने अभी तक किसी का भी जवाब नहीं दिया है।
    आदेश के बाद भी केंद्र ने नहीं दिया हलफनामा
    सुब्रमण्यम स्वामी ने राम सेतु को ऐतिहासिक स्मारक के रूप में मान्यता देने के लिए याचिका दायर की है और स्वामी ने अपनी याचिका में कहा है कि राम सेतु लाखों हिन्दुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है, लिहाजा इसे न तोड़ा जाए और साथ ही राम सेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित भी किया जाना चाहिए। वहीं उनका यह कहना है कि कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक दिसंबर तक हलफनामा दाखिल कर अपना रुख स्पष्ट करने को भी कहा था, लेकिन अब तक केंद्र ने कोई हलफनामा दायर भी नहीं किया है।
    सुब्रमण्यम स्वामी ने यह कहा कि ऐसे में कैबिनेट सेक्रेटरी को कोर्ट में तलब भी किया जाए वहीं इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि हलफनामा तैयार भी हो रहा है। साथ ही फरवरी के पहले सप्ताह तक यह तैयार भी हो जाएगा।

  • क्या चीन का स्मार्टफोन बिजनेस खत्म कर देगा भारत

    देश- भारत उन देशों में है जिसने अपने बलबूते पर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। अपनी उम्दा रणनीति के लिए भारत आज हर देश मे प्रसिद्ध है और वैश्विक मंच पर भारत की सराहना हो रही है। 
    वहीं अब अनुमान यह लगाया जा रहा है कि क्या भारत व्यापार के मामले में स्वयं को चीन से आगे ले जाना चाहता है। क्या तकनीकी के क्षेत्र में भारत कुछ ऐसे प्रयोग कर रहा है वह स्वयं को बेहतर व्यापारिक देश बना सके। 
    वहीं इन सब सवालों के बीच एक सवाल जो सबसे ज्यादा चर्चा में है। वह यह है कि आखिर स्मार्टफोन ज्यादातर चीन के क्यों बिक रहे हैं। असल मे इसके पीछे का मुख्य कारण कीमत बताई जा रही है। 
    आज के समय मे लोग बेहतर चीजें कम दाम में में खरीदने में विश्वास रखते हैं। लोगों की धारणा है कि वह अपना अधिक धन स्मार्टफोन खरीदने में व्यय नहीं करना चाहते हैं।
    वहीं चीन कम दामों में अपने उपभोक्ताओं को बेहतरीन फीचर्स के साथ फोम मुहैया करवा रहा है। वहीं भारत भी अब इस रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत का लक्ष्य कम दाम में अपने उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मुहैया करवाना है। 
    वहीं स्मार्टफोन बिक्री के संदर्भ में इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन की रिपोर्ट में कहा गया कि साल 2022 में भारत मे सबसे अधिक भारत के बनाये हुए मोबाइल फोन की बिक्री हुई।
    यह रिपोर्ट इस ओर इशारा कर रही है कि अब लोग मेक इन इंडिया की ओर बढ़ रहे हैं और अपने देश के रोजगार को बढाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। 
    वहीं चीन की तुलना में भारत लगातार स्वयं को मजबूत कर रहा है। भारत का उद्देश्य अर्थव्यवस्था के परिपेक्ष्य में स्वयं को सर्वश्रेष्ठ पद पर ले जाना है।

  • ये भारतीए कम्पनियां इस साल सैलरी में करेंगी बढ़ोतरी

     डेस्क। भारतीय कंपनियां इस साल वेतन में औसतन 9.8 प्रतिशत की वृद्धि करने वाली हैं। यह पिछले वर्ष 2022 में 9.4 प्रतिशत की वृद्धि से थोड़ा अधिक भी है। कोर्न फेरी के नवीनतम सर्वेक्षण के अनुसार शीर्ष प्रतिभाओं के लिए यह वेतन वृद्धि कहीं अधिक भी होगी।
    वहीं कंपनियां विभिन्न प्रतिभा प्रबंधन कदमों और क्षतिपूर्ति योजनाओं के माध्यम से महत्वपूर्ण और प्रमुख प्रतिभाओं को बनाए रखने पर ध्यान भी दे रही हैं। साथ ही सर्वेक्षण में लगभग 800,000 से अधिक कर्मचारियों वाले 818 संगठनों को शामिल भी किया गया है। वही इस सर्वेक्षण के अनुसार 2023 में भारत में वेतन में 9.8 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान भी है।
    महामारी से प्रभावित वर्ष 2020 में वेतन वृद्धि 6.8 प्रतिशत से काफी कम थी और मौजूदा वृद्धि का रुख मजबूत और बेहतर स्थिति को दर्शाती भी है। वहीं भारत के बढ़े हुए डिजिटल क्षमता निर्माण पर ध्यान दिये जाने के अनुरूप, सर्वेक्षण में जीवन विज्ञान और स्वास्थ्य देखभाल और उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में क्रमशः 10.2 प्रतिशत और 10.4 प्रतिशत तक की वृद्धि का अनुमान भी लगाया गया है।
    साथ ही कोर्न फेरी के अध्यक्ष और क्षेत्रीय प्रबंध निदेशक नवनीत सिंह ने यह कहा है, ”हालांकि दुनिया भर में मंदी और आर्थिक नरमी की चर्चा भी हो रही है, वहीं भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के छह प्रतिशत की दर से आगे बढ़ने का आशा भी की जा रही है।”