Category: national

  • विवेक अग्निहोत्री बोले – अगर पेशाब करने वाला खान होता तो क्या करते

    डेस्क। Vivek Agnihotri On Air India Flight Incident: बॉलीवुड फिल्ममेकर विवेक रंजन अग्निहोत्री (Vivek Ranjan Agnihotri) इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘द वैक्सीन वॉर’ (The Vaccine War) को लेकर काफी ज्यादा सुर्खियों में हैं। साथ ही वह अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपने बेबाक अंदाज के लिए भी काफी जाने जाते हैं। आपको बता दें अब हाल ही में एअर इंडिया की फ्लाइट में बुजुर्ग महिला पर पेशाब करने वाले शंकर मिश्रा मामले पर विवेक अग्निहोत्री ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
    वहीं दरअसल जर्नलिस्ट राजदीप सरदेसाई (Rajdeep Sardesai) ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा था कि अगर अरोपी मिश्रा की जगह कोई खान होता तो उसके खिलाफ अब तक बहुत लोग बोलने के लिए खड़े हो गए होंगे। 
    इसी पर फिल्ममेकर ने रिएक्शन देते हुए लिखा कि कानून सभी के लिए समान भी होता है। साथ ही यह तो मीडिया है जो भेदभाव करती है।
    फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri) ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि ‘कानून सबके लिए एक है, ये तो मीडिया (आपके अनुसार गिद्ध मीडिया) है जो भेदभाव करने का काम करती है। वहीं मुझे यकीन है कि अगर वो शख्स मिश्रा की जगह खान होता तो अब तक आप जैसे लोगों ने उसे विक्टिम की तरह प्रोजेक्ट करना शुरू कर दिया गया होता। विवेक अग्निहोत्री ने आगे लिखा कि प्लीज इस बारे में आप जरूर सोचिएगा।’
    आपको यह बता दें कि 26 नवंबर 2022 को न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही फ्लाइट में शंकर मिश्रा नामक के एक व्यक्ति ने शराब के नशे में धुत होकर 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला पर पेशाब कर दिया था। और इस घटना पर एयरलाइन ने कोई भी एक्शन नहीं लिया था। महिला द्वारा टाटा ग्रुप के चेयरमैन से शिकायत के बाद इस मामले पर एक्शन लिया गया है। साथ ही पुलिस ने 7 जनवरी को आरोपी शंकर मिश्रा को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है और फिलहाल कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। 

  • जाने 25 या 26 में कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी

    आध्यत्मिक- सरस्वती पूजा हिंदूओ का प्रमुख त्यौहार है। इस दिन विधि विधान से माता ज्ञान की देवी माता सरस्वती की पूजा की जाती है। कहते हैं जो व्यक्ति सरस्वती माता की पूजा अर्चना करता है उसे मन चाही चीजें प्राप्त होती हैं और उसके घर मे सुख समृद्धि का वास होता है।
    हर साल माता सरस्वती की पूजा के लिए पूरे भारत मे बसंत पंचमी मनाई जाती है। इस साल बसंत पंचमी का त्यौहार 26 जनवरी को मनाया जाएगा। बसंत पंचमी 25 जनवरी को 12:35 से आरंभ होगी और 26 जनवरी को 10:30 पर समाप्त होगी। कहते हैं इस दिन आप किसी भी समय कोई भी शुभ कार्य कर सकते हैं। लेकिन अगर आप सुबह जल्दी उठकर माता सरस्वती की पूजा करते हैं तो आपको अच्छा फल मिलता है।

    जाने क्यों होती है पूजा-

    बसंत पंचमी की पूजा ज्ञान की देवी माता सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए की जाती है। कहते हैं यह पर्व इस बात का सबूत होता है कि अब हरियाली आने वाली है। इसका सम्बंध पीले रंग से होता है। लोग इस दिन पीले वस्त्र धारण करते हैं और चमेली की माला भी पहनते हैं।

  • जोशीमठ- NTPC के प्रोजेक्ट पर मंडराया खतरा, लग सकता है ताला

    देश– जोशीमठ में हुए भू धंसाव को लेकर हर ओर हल्ला मचा हुआ है। केंद्र सरकार यह दावा कर रही है कि उन्हें लोगों की सुरक्षा का पूरा खयाल है। वह लगातार उनके हित हेतु कदम उठा रहे हैं। वही इस भू धंसाव ने एनटीपीसी के 520 मेगावाट का तपोवन-विष्णुगाड़ पनबिजली प्रोजेक्ट को संकट में डाल दिया है।
    क्योंकि जोशी मठ के लोगों का कहना है कि एनटीपीसी के इस प्रोजेक्ट की वजह से आज उनके ऊपर यह संकट आया है। लगातार इस प्रोजेक्ट की आलोचना हो रही हैं। जिसके बाद अब जांच आरम्भ हो गई है।
     जल शक्ति मंत्रालय की हायपर एक्सपर्ट कमिटी जांच कर रही है। वहीं रुड़की के राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (एनआईएच) के वैज्ञानिक टनल और जोशीमठ के रिसाव के पानी के नमूनों की जांच कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि दोनो नमूनों को मिलाया जाएगा और अगर यह एक ही निकले तो एनटीपीसी के प्रोजेक्ट पर ताला लग सकता है। 

    जाने क्या है एनटीपीसी टनल-

    एनटीपीसी यहां तपोवन से लेकर विष्णुगाड़ तक 12 किलोमीटर लंबी टनल बना रही है। तपोवन एक सिरा है और विष्णुगाड़ दूसरा। बीच में ऊंची पहाड़ी के ढलान पर जोशीमठ बसा है। एनटीपीसी की योजना तपोवन में बह रही सहायक नदी धौलीगंगा के पानी से बिजली बनाने की है। ये पानी तपोवन से टनल के जरिये एनटीपीसी के पावर हाउस सेलंग तक आएगा। बिजली बनाने के बाद इस पानी को विष्णुगाड़ स्ट्रीम के रास्ते अलकनंदा नदी में छोड़ दिया जाएगा।

  • आज महिलाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगी भारत जोड़ो यात्रा

    देश- राहुल गांधी के नेतृत्व में जारी भारत जोड़ो यात्रा अपने अंतिम पड़ाव पर है। वहीं आज इस यात्रा का अनोखा अंदाज देंखने को मिलेगा। क्योंकि आज यात्रा में सिर्फ महिलाएं नजर आएगी। 
    कांग्रेस सांसद का कहना है कि राहुल गांधी महिला सशक्तिकरण को बढाने हेतु हर सम्भव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने राजस्थान में महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के साथ कदम ताल किया था।
    वहीं आज एक बार पुनः भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी महिलाओं के साथ कदम से कदम मिलाते हुए नजर आएंगे।

  • पाक में भुखमरी के हालात, ऐसी बनी है स्तिथि

    डेस्क। पकिस्तान की आर्थिक हालत लगातार बिगड़ती ही जा रही है। वहीं गरीबों को दो वक्त की रोटी भी ठीक से नसीब नहीं हो पा रही है। साथ ही आटा भी इतना महंगा हो गया है कि गरीब आदमी खरीद तक नहीं पा रहा है और शहबाज शरीफ सरकार की ओर से कोई बड़ी मदद भी गरीबों की नहीं गई है।
    पाकिस्तान की खाद्य मुद्रास्फीति (फूड इन्फ्लेशन) में लगातार तेजी भी देखी जा रही है और खासतौर पर साल 2022 में आई बाढ़ के बाद से खाद्य मुद्रास्फीति की हालत और भी ज्यादा गंभीर हो गई है।
    वहीं अगस्त साल 2022 में पाकिस्तान की खाद्य मुद्रास्फीति की दर 30 फीसदी को पार कर गई थी, जो दिसंबर आते-आते रिकॉर्ड 37.9 फीसदी पर थी। वहीं साथ ही शहरी इलाकों की बात करें तो यह सितंबर 2022 पर 30 फीसदी थी जो अगले महीने अक्टूबर में रिकॉर्ड 34.7 फीसदी, नवंबर में गिरकर 29.7 फीसदी तो दिसंबर फिर बढ़कर 32.7 पर पहुंच गई है।
    पाकिस्तान में खाद्य मुद्रास्फीति के बढ़ने की घरेलू खाद्य संकट समेत कई बड़ी वजह रहीं हैं जिनमें अंतराष्ट्रीय बाजार में खाद्य आइटमों के महंगे दाम, पाकिस्तानी रुपये का कमजोर होना, प्रतिबंधों की वजह से आयात में कमी जैसे कई कारण शामिल हैं।
    मौजूदा समय में पाकिस्तान गेहूं संकट से भी जूझ रहा है। आटे का दाम आसमान छू चुका है। गरीब लोगों को रोटियां नसीब होना भी मुश्किल हो चुका है। हालांकि, पाकिस्तान सरकार के अधिकारियों का यह मानना है कि ऐसा कोई संकट नहीं है। और बाढ़ की वजह से गेहूं की फसल का जितना नुकसान सोचा गया था, उतना नहीं भी हुआ है।
    अधिकारियों का यह भी मानना है कि इस साल भी देश अपने 28.4 मिलियन टन गेहूं उत्पादन के टारगेट को पूरा कर लेगा। 

  • मैं महिलाओं की शिक्षा के खिलाफ नहीं हूं मैं को एजुकेशन के खिलाफ हूँ- मौलाना अरशद मदनी

    देश– जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी (Maulana Arshad Madan) ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सह शिक्षा के परिपेक्ष्य में अतरंगा बयान दिया है। 
    उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि, को एजुकेशन सिस्टम मुस्लिम लड़कियों को धर्म त्याग की ओर ले जा रहा है। इसपर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए और अधिक से अधिक शिक्षण संस्थान खोले जाने चाहिए।
    उन्होंने आगे कहा, दुनिया भर में बढ़ता धर्म त्याग खतरा है। मुस्लिम के प्रति यह सुनियोजित तरीके से शुरू किया गया है। इसके तहत हमारी लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा है। यदि इस प्रलोभन को रोकने के लिये तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो यह विस्फोटक रूप धारण कर सकता है। भविष्य में इसका परिणाम बेहद खतरनाक होगा।
    उन्होंने कहा, मैंने इसका विरोध किया तो मीडिया ने इसे अलग ही प्रारूप में ढाल कर प्रस्तुत किया। मैं महिलाओं की शिक्षा के खिलाफ नहीं हूं मैं सह शिक्षा के खिलाफ हूँ। आज हम कई प्रकार की आर्थिक, राजनैतिक और सामाजिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। 
    अगर आप अपने बच्चों का बेहतर भविष्य चाहते हैं और उनकी तरक्की देंखने के लिए व्याकुल हैं। तो आपको अपने बच्चों के लिए अलग अलग शिक्षण संस्थान खोलनें होंगे। क्योंकि शिक्षा ही परिवर्तन लाती है।

  • क्या कोर्ट को हटा देना चाहिए धार्मिक स्थल कानून

    डेस्क। दिल्ली।  उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) उन याचिकाओं पर जल्द सुनवाई कर सकता है, जिनमें धार्मिक स्थलों पर दावा पेश करने पर रोक संबंधी 1991 के अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की वैधता को चुनौती भी दी गई है। 
    इसी कड़ी में संबंधित कानून के अनुसार, धार्मिक स्थलों के 15 अगस्त 1947 के स्वरूप में बदलाव के लिए वाद दाखिल भी नहीं किया जा सकता।
    प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा की पीठ ने पूर्व राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी सहित छह याचिकाओं को सोमवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध भी किया गया है, जिनमें इस कानून के प्रावधानों को चुनौती भी दी गई है।
    वहीं पिछले साल 14 नवंबर को केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह भी कहा था कि केंद्र सरकार की ओर से विस्तृत हलफनामा दाखिल किया जाएगा, जिनमें मामले के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश भी डाला जाएगा। और इसके साथ ही उन्होंने शीर्ष अदालत से और समय देने की गुजारिश भी की थी ताकि सरकार के विभिन्न स्तरों पर इस मुद्दे पर चर्चा भी की जा सके।
    वहीं पिछली सुनवाई में पीठ ने कहा था, ”अनुरोध के आधार पर हम 12 दिसंबर तक जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश भी देते हैं। साथ ही जवाबी हलफनामे के प्रति मामले के सभी वादियों को दी जाए।”

  • PM Kisan Samman Nidhi: इस तारीख से इतना बढ़ जाएगा आपका पैसा

    PM Kisan Samman Nidhi: 1 फरवरी 2023 में पेश होने वाले आगामी बजट से नौकरीपेशा और क‍िसानों दोनों को काफी उम्‍मीदें भी हैं। साथ ही इस बार नौकरीपेशा को आयकर छूट के मामले में राहत म‍िलने की संभावना भी जताई जा रही है।
    इसके अलावा क‍िसानों के ल‍िए भी अच्‍छी खबर आ रही है जिसमें व‍ित्‍त मंत्री न‍िर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) की तरफ से की जाने वाली घोषणाओं पर इस बार सबकी न‍िगाहें रहने वाली हैं। साल 2024 के चुनाव को ध्‍यान में रखते हुए सरकार की तरफ से कई लोकलुभावन वादें क‍िये भी जा सकते हैं।
    सूत्रों ने यह दावा है क‍ि इस बार के बजट में केंद्र सरकार किसानों को बड़ा तोहफा भी दे सकती है। साथ ही वित्त मंत्री न‍िर्मला सीतारमण किसानों के लिए पीएम क‍िसान न‍िध‍ि (PM Kisan Nidhi) की राश‍ि बढ़ाने का ऐलान भी कर सकती हैं। साथ ही सूत्रों का कहना है क‍ि पीएम क‍िसान सम्‍मान न‍िध‍ि (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) में हर साल म‍िलने वाले 6 हजार रुपये की राशि को बढ़ाये जाने की उम्‍मीद भी है। साथ ही सरकार यह फैसला क‍िसानों की आमदनी बढ़ाने के मकसद से भी कर सकती है।
    यह भी बताया जा रहा है क‍ि क‍िसानों को तीन क‍िस्‍तों में दी जाने वाली राश‍ि को 3 की बजाय अब 4 बार द‍िया जा सकता है। वहीं इसमें हर तिमाही 2000 रुपये द‍िये जाने की उम्‍मीद भी है। और अभी हर चार महीने में क‍िसानों के खाते में 2000 रुपये ट्रांसफर भी क‍िये जाते हैं पर बदलाव के बाद हर त‍िमाही 2000 रुपये द‍िए जाएंगे। 
    पीएम क‍िसान सम्‍मान न‍िध‍ि की 13वीं क‍िस्‍त जनवरी 2023 में आने की उम्‍मीद है और इससे पहले सरकार की तरफ से क‍िसानों के खाते में सीधे 12 क‍िस्‍तों को ट्रांसफर भी क‍िया जा चुका है।  

  • अब चीजें बर्दाश्त के बाहर हैं, डिम्पल के खिलाफ नहीं बर्दाश्त करेंगे एक भी अपशब्द- शिवपाल सिंह यादव

    उत्तरप्रदेश– उत्तरप्रदेश में सपा- भाजपा के मध्य सियासी घमासान जारी है। सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा है कि भाजपा के खिलाफ हम सड़क से लेकर सदन तक लड़ेंगे और डिंपल यादव के खिलाफ एक भी आपत्तिजनक शब्द नहीं बर्दाश्त किया जाएगा।
    उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, भाजपा नेताओं द्वारा जो डिम्पल यादव के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। वह बर्दाश्त के बाहर है। अब स्थिति बेकाबू होती जा रही है। इसे सहन नहीं किया जाएगा।
    जानकारी के लिए बता दें अखिलेश के चाचा शिवपाल यादव का यह बयान तब सामने आया है। जब उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ BJP और मुख्य विपक्षी दल सपा के बीच सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियों को लेकर एक दूसरे के नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज करवाया है।

    2024 चुनाव पर क्या बोले शिवपाल-

    शिवपाल सिंह यादव ने कहा साल 2024 में होने वाले चुनाव में भाजपा का सफाया होगा। सरकार की नीतियों की वजह से जनता तहिमाम कर रही है। प्रदेश में अपराध तीव्र गति से बढ़ता जा रहा है। भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है। युवा रोजगार के लिए तरस रहे हैं और महंगाई आसमान पर पहुंच गई है।

  • अब चीजें बर्दाश्त के बाहर हैं, डिम्पल के खिलाफ नहीं बर्दाश्त करेंगे एक भी अपशब्द- शिवपाल सिंह यादव

    उत्तरप्रदेश– उत्तरप्रदेश में सपा- भाजपा के मध्य सियासी घमासान जारी है। सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा है कि भाजपा के खिलाफ हम सड़क से लेकर सदन तक लड़ेंगे और डिंपल यादव के खिलाफ एक भी आपत्तिजनक शब्द नहीं बर्दाश्त किया जाएगा।
    उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, भाजपा नेताओं द्वारा जो डिम्पल यादव के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। वह बर्दाश्त के बाहर है। अब स्थिति बेकाबू होती जा रही है। इसे सहन नहीं किया जाएगा।
    जानकारी के लिए बता दें अखिलेश के चाचा शिवपाल यादव का यह बयान तब सामने आया है। जब उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ BJP और मुख्य विपक्षी दल सपा के बीच सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियों को लेकर एक दूसरे के नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज करवाया है।

    2024 चुनाव पर क्या बोले शिवपाल-

    शिवपाल सिंह यादव ने कहा साल 2024 में होने वाले चुनाव में भाजपा का सफाया होगा। सरकार की नीतियों की वजह से जनता तहिमाम कर रही है। प्रदेश में अपराध तीव्र गति से बढ़ता जा रहा है। भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है। युवा रोजगार के लिए तरस रहे हैं और महंगाई आसमान पर पहुंच गई है।