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  • कंझावला कांड: अमित शाह ने जल्द से जल्द मांगी इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट

    कंझावला कांड: गृह मंत्री मंत्री अमित शाह ने कंझावला कांड को संज्ञान में लेते हुए दिल्ली के बाहरी इलाके में नव वर्ष के के जश्न में चूर लोगों की गाड़ी से फंसकर एक लड़की की मौत हो गई। इस मामले की उन्होंने विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। 
    वहीं कंझावला कांड को लेकर पूरे देश मे गुस्सा देंखने को मिल रहा है। 20 वर्षीय महिला की स्कूटी को एक कार ने टक्कर मार दी थी और उसे करीब 10-12 किलोमीटर तक घसीटा गया था। 
    दिल्ली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विशेष आयुक्त शालिनी सिंह की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन किया और उनसे जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

  • किस आधार पर सही है नोटबन्दी का फैसला

    देश- कल सुप्रीम कोर्ट ने नोटबन्दी के परिपेक्ष्य में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, केंद्र सरकार द्वारा नोटबन्दी का फैसला सही था। सरकार ने आरबीआई के साथ 6 माह पूर्व ही इसके सन्दर्भ में रूपरेखा बना ली थी। 
     सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एस नज़ीर की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने अपने फ़ैसले में नोटबंदी के फ़ैसले को सही ठहराया है। लेकिन बेंच के फैसले को सवालों में कटघरे में उतारते हुए जस्टिस नागरत्ना ने अपने फ़ैसले में इसे ग़ैर-क़ानूनी बताया है।
    जस्टिस गवई ने कहा है कि भारतीय रिज़र्व बैंक क़ानून की धारा 26(2) में दी गयी शक्तियों के आधार पर किसी बैंक नोट की सभी सिरीज़ को प्रतिबंधित किया जा सकता है. और इस धारा में इस्तेमाल किए गए शब्द ‘किसी’ को संकीर्णता के साथ नहीं देखा जा सकता।
    उन्होंने कहा कि इस धारा में जिस ‘किसी’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है, उसकी प्रतिबंधित व्याख्या नहीं की जा सकती. आधुनिक चलन व्यावहारिक व्याख्या करना है. ऐसी व्याख्या से बचना चाहिए जिससे अस्पष्टता पैदा हो. और व्याख्या के दौरान क़ानून के उदेश्य को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
    इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को सेंट्रल बोर्ड के साथ सलाह-मशविरा करने की ज़रूरत होती है और ऐसे में ये इनबिल्ट सेफ़गार्ड है; आर्थिक नीति के मुद्दे पर बेहद संयम बरतने की ज़रूरत।
    हालांकि, जस्टिस नागरत्ना ने कहा है कि ‘सभी नोटों को प्रतिबंधित किया जाना, बैंक की ओर से किसी बैंक नोट की किसी सिरीज़ को चलन से बाहर निकाले जाने से कहीं ज़्यादा गंभीर है. ऐसे में इस मामले में सरकार को क़ानून पास कराना चाहिए था।
    जस्टिस नागरत्ना ने कहा, जब नोटबंदी का प्रस्ताव केंद्र सरकार की ओर से आता है तो ये आरबीआई क़ानून की धारा 26(2) के तहत नहीं आता है. इस मामले में क़ानून पास किया जाना चाहिए था. और अगर गोपनीयता की ज़रूरत होती तो इसमें ऑर्डिनेंस लाने का रास्ता अपनाया जा सकता था।

  • तालिबानी नेता ने उड़ाया पाक की नाकामी का मजाक, सोशल मीडिया पर वायरल

    डेस्क। Taliban Leader Mocks Pakistan: तालिबान नेता अहमद यासिर (Taliban Leader Ahmad Yasir ) ने तालिबान (Taliban) पर पाकिस्तान  के हमला करने को लेकर पाकिस्तान (Pakistan) पर निशाना साधते हुए मजाक बनाया है। 
    इसके साथ ही उन्होंने 16 दिसंबर 1971 की उस तस्वीर को साझा करते हुए ट्वीट किया है जिसमें पाकिस्तान (Pakistan) ने अपनी हार के बाद समझौते पर हस्ताक्षर भी किए थे। आपको बता दें तालिबान के नेता ने इस तस्वीर को साझा करते हुए लिखा, ‘पाकिस्तान के मंत्री! बहुत बढ़िया है सर! सीरिया में कुर्दों को निशाना बनाने के लिए अफगानिस्तान, सीरिया और पाकिस्तान तुर्की नहीं हैं। आगे उन्होंने लिखा, यह अफगानिस्तान, गौरवान्वित साम्राज्यों का कब्रिस्तान है। अगर हम पर हमले की सोचोगे तो भारत के साथ हुए शर्मनाक सैन्य समझौतों को फिर से हमें ही दोहराना पड़ेगा।”
    जानकारी के लिए आपको बता दें कि 16 दिसंबर साल 1971 में पाकिस्तानी सेना को भारतीय सेना के सामने घुटने टेकने पड़े थे। साथ ही इस युद्ध में महज 13 दिनों में ही पाकिस्तान की कलई भी खुल गई थी साथ ही जिसके बाद तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान के ढाका में पाकिस्तानी सेना के जनरल नियाजी भारतीय सेना के सामने सरेंडर करने से पहले रोने भी लग गए थे। वहीं इस युद्ध में 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों को भारतीय सेना के सामने सरेंडर भी करना पड़ा था।
    बता दें भारतीय जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा और तत्कालीन पाकिस्तानी जनरल के बीच ‘इंस्ट्रूमेंट ऑफ सरेंडर’ पर हस्ताक्षर करते हुए ये तस्वीर आज भी रिकॉर्ड्स में मौजूद है। वहीं सोमवार (2 जनवरी) को ये तस्वीर उस समय फिर से चर्चा में आ गई, जब तालिबानी नेता अहमद यासिर ने इसे सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए पाकिस्तान का मजाक बनाया।
    अब तालिबानी नेता का ये ट्वीट सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। और इस ट्वीट को जहां 1.1 मिलियन लोगों ने देखा है तो वहीं इसे 1276 लोगों ने रीट्वीट भी कर दिया है। इस ट्वीट को 6483 लाइक्स मिल चुके हैं और इस ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स लगातार कमेंट भी कर रहे हैं।

  • अब ब्रिटेन में 18 साल तक अनिवार्य हुई गणित की पढ़ाई

    डेस्क। ब्रिटेन में जल्द ही सभी छात्रों के लिए 18 वर्ष तक गणित की पढ़ाई अनिवार्य भी की जा सकती है। साथ ही प्रधानमंत्री ऋषि सुनक इस योजना पर काम भी कर रहे हैं।
    बता दें न्यूज एजेंसी के मुताबिक साल 2023 के अपने पहले भाषण से पहले पत्रकारों को दी गई जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री ब्रिटेन लोगों में बेहतर गणित की समझ को लेकर इस योजना की घोषणा भी कर सकते हैं।
    रिपोर्ट के मुताबिक सुनक का कहना है कि “एक ऐसी दुनिया में जहां डेटा हर जगह है और आंकड़े हर काम को रेखांकित भी करते हैं वहीं हमारे बच्चों की नौकरियों के लिए पहले से कहीं अधिक विश्लेषणात्मक कौशल की आवश्यकता भी पड़ेगी। साथ ही हमारे बच्चों को उन कौशलों के बिना दुनिया में जाने देना हमारे बच्चों को नीचा दिखाना ही है।”
    साथ ही इस रिपोर्ट के मुताबिक सुनक का या कहना है कि ब्रिटेन में 16 से 19 साल के बच्चों में से केवल आधे ही गणित पढ़ते भी हैं और इस आंकड़े में विज्ञान पाठ्यक्रम करने वाले छात्र और कॉलेज में पहले से ही अनिवार्य जीसीएसई का अध्ययन कर रहे छात्र भी शामिल हैं। साथ ही यह स्पष्ट नहीं है कि बीटेक सहित ह्यूमैनिटी या आर्ट्स की पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों के लिए इस योजना से क्या फर्क आने वाला है। इस कड़ी में डाउनिंग स्ट्रीट के प्रवक्ता ने कहा कि सरकार इसके बजाय मौजूदा योग्यताओं के साथ-साथ “अधिक नवीन विकल्प” की भी तलाश रही है।
    इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार मानती है कि अगले आम चुनाव से पहले इसे लागू करना संभव नहीं होगा और उम्मीद है कि प्रधानमंत्री इसी बार योजना पर काम करना शुरू भी कर देंगे। 
    बता दें एसोसिएशन ऑफ स्कूल एंड कॉलेज लीडर्स ने कहा कि ब्रिटेन में गणित शिक्षकों की पुरानी राष्ट्रीय कमजोरी बनी है।

  • छात्रों की आवाज को लाठी की मार से दबाने की हो रही कोशिश

    देश- बिहार के युवाओं का रोजगार के लिए संघर्ष जारी है। पुलिस ने एक बार पुनः युवाओं पर लाठियां बरसाई है और सरकार ने युवाओं पर हो रहे लाठीचार्ज के परिपेक्ष्य में मौन धारण कर रखा है।
    जानकारी के लिए बता दें कल बीएसएससी के खिलाफ छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने बिना सूचना के उनपर लाठीचार्ज कर दिया। वहीं प्रशासन ने सफाई देते हुए महज इतना कहा कि युवाओं ने कानून हाथ मे लेने का प्रयास किया। जिसके चलते मजबूरी में हमें यह कदम उठाना पड़ा।
    पुलिस के लाठी चार्ज के कई छात्रों को चोट आई है और लोगों के मन मे नीतीश सरकार के खिलाफ काफी गुस्सा है। कई युवाओं का कहना है कि आज तक जो विपक्ष में होते हुए हमारे साथ खड़े थे। अब जब सत्ता में हैं तो हमारे पक्ष में बोलने से और निर्णय लेने से घबराते हैं। 
    23 दिसंबर को बिहार स्टाफ़ सेलेक्शन कमीशन के ग्रेजुएट लेवल की दो चरणों की परीक्षा हुई थी। 24 दिसंबर को इसके तीसरे चरण की परीक्षा हुई, लेकिन 23 तारीख़ की परीक्षा के पहले चरण का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद इसे रद्द कर दिया गया। छात्रों का यह प्रदर्शन तीसरे चरण की परीक्षा रद्द करवाने के संदर्भ में था।
    छात्रों ने यह कहा, हम शांति पूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। जब एक पेपर लीक हुआ तो आप यह कैसे कह सकते हैं कि दूसरा पेपर लीक नहीं हुआ होगा। वो हमसे सबूत मांग रहे हैं। हम कहां से लाएंगे? 2 हजार 250 सीटों के लिए परीक्षा हुई थी, जिसमें 9 लाख बच्चे शामिल हुए थे। हमारी मांग बस परीक्षा को रद्द करवाने की है। लेकिन हमारी बात को लाठियों की मार से दबाने का हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है।

  • 2024 के तैयारी में जुटी है भाजपा

    राजनीति- भाजपा मिशन 2024 के लिए अपनी कमर कस चुकी है। जमीनी स्तर पर भाजपा के लोग जनता के मूड को समझने की कवायद में जुट गए हैं। सियासी माहौल जानने के लिए लोग अपना ताना बाना बुनने लगे हैं। वहीं इस संदर्भ में सरकार और संगठन का भी मत लिया जा रहा है।
    वहीं बीएल सन्तोष ने पार्टी और संगठन को लोगों को चुनावी रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी से जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की बात कही है और प्रत्येक राज्य को दो दो लोकसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी है।
    भाजपा साल 2019 में 62 लोकसभा सींटो पर जीत हासिल की थी और केंद्र में बीजेपी की सरकार बनी थीं। वहीं इस बार भाजपा का लक्ष्य अधिक से अधिक सींटो पर जीत हासिल करना और पुनः केंद्र में अपनी सरकार बनाना है।

  • इस बैंक ने नए साल पर अपने ग्राहकों को दी बड़ी सौगात

    डेस्क। PNB Bank gave a big gift । सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने विभिन्न परिपक्वता अवधि वाली एफडी पर ब्याज दरों में आधा प्रतिशत की वृद्धि भी की है।
    साथ ही बैंक ने यह कदम अधिक जमा प्राप्त करने के इरादे से उठाया है। और पीएनबी ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि दो करोड़ रुपये से कम की एक साल से तीन साल की सावधि जमा पर अब 6.75 प्रतिशत ब्याज आपको मिलेगा।
    बता दें अभी तक यह दर 6.25 प्रतिशत थी।
    बैंक ने यह भी कहा कि नई दरें एक जनवरी, 2023 से लागू हो गई हैं। और बैंक ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को दो करोड़ रुपये से कम की जमा पर 0.5 प्रतिशत का अतिरिक्त ब्याज भी दिया जाएगा। वहीं इसके साथ ही पीएनबी उत्तम योजना के तहत ब्याज दर को 6.30 से बढ़ाकर 6.80 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही इस योजना में परिपक्वता से पहले निकासी का विकल्प नहीं होता है।
    बैंक ने यह भी कहा है कि 666 दिन की सावधि जमा पर 8.1 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर को कायम भी रखा गया है।

  • नोटबंदी का विरोध करने वाली कौन हैं जस्टिस बीवी नागरत्ना

    डेस्क। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court judge) में नोटबंदी (Demonetisation) के फैसले के खिलाफ 58 याचिकाएं दाखिल की गई थीं। साथ ही सोमवार 2 जनवरी, 2023 को उन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने नोटबंदी की प्रक्रिया को गलत मानने से भी इनकार कर दिया था। 
    साथ ही बता दें पांच में चार जजों (जस्टिस अब्दुल नज़ीर, बीआर गवई, एएस बोपन्ना और वी रामासुब्रमण्यम शामिल) ने माना की सरकार का फैसला सही था पर एक जस्टिस बीवी नागरत्ना (Justice BV Nagarathna) ने नोटबंदी के फैसले के खिलाफ टिप्पणी करी थी। 
    इसी कड़ी में उन्होंने नोटबंदी को गैरकानूनी बताते हुए कहा था, “नोटबंदी का फैसला केन्द्र सरकार की अधिसूचना के जरिए ना होकर विधेयक के जरिए होना चाहिए था और ऐसे महत्वपूर्ण फैसलों को संसद के सामने भी रखना चाहिए था।
    आपको बता दें आरबीआई द्वारा दिए गए रिकॉर्ड से ये साफ होता है कि रिजर्व बैंक द्वारा स्वायत्त रूप से कोई फैसला नहीं लिया गया और सबकुछ केन्द्र सरकार की इच्छा के मुताबिक हुआ था। वहीं नोटबंदी करने का फैसला सिर्फ 24 घंटे में ही ले लिया गया था। साथ ही संसद के बिना लोकतंत्र फल-फूल नहीं सकता… ऐसे महत्वपूर्ण फैसलों पर संसद को अलग भी नहीं छोड़ा जा सकता।”
    जानिए कौन हैं बीवी नागरत्ना? (Who Is Justice BV Nagarathna?)
    जस्टिस बीवी नागरत्ना न्यायमूर्ति ईएस वेंकटरामैया की बेटी हैं और वेंकटरामैया 1989 में लगभग छह महीने के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश रह चुके थे। जस्टिस बीवी नागरत्ना ने दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के फेकल्टी ऑफ लॉ से एलएलबी (LLB) की पढ़ाई पूरी की है। साथ ही बता दें न्यायमूर्ति नागरत्ना ने बेंगलुरु में लॉ की प्रैक्टिस शुरू की थी।
    2008 में वह कर्नाटक उच्च न्यायालय की अतिरिक्त न्यायाधीश भी बनी थी। इसके बाद 2010 में उन्हें परमानेंट जज के रूप में पदोन्नत किया गया था और साल 2021 उन्हें सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किया गया।
    जस्टिस नागरत्ना 25 सितंबर, 2027 को भारत की चीफ जस्टिस भी बन सकती हैं। साथ ही उनका कार्यकाल एक महीने से अधिक का होगा। उनके भारत की 54वीं चीफ जस्टिस बनने की संभावना हैं।

  • विदेशों से आने वाले इतने लोग कोरोना पॉजिटिव, वैक्सीन कितनी प्रभावी

    डेस्क। विदेश से आने वाले 19227 यात्रियों की कोरोना जांच की गई है जिनमें से 124 संक्रमित भी पाए गए। संक्रमित पाए गए सैंपल का जिनोम सिक्वेसिंग भी किया जा रहा है।
    साथ ही इनमें से 40 सैंपल की जिनोम सिक्वेंसिंग में 11 तरह के वैरिएंट भी मिले हैं। साथ ही इन सभी वैरिएंट की संक्रामता और उनपर भारतीय वैक्सीन की कारगरता की जांच करी जा रही है।
    बता दें स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि चीन समेत दुनिया के कई देशों में कोरोना संक्रमण की ताजा लहर के लिए जिम्मेदार बीएफ-7 वैरिएंट पर भारतीय वैक्सीन की कारगरता की जांच रिपोर्ट हमें मिल चुकी है। उन्होंने यह कहा कि बीएफ-7 वैरिएंट पर भारतीय वैक्सीन पूरी तरह से कारगर भी पाई गई हैं। साथ ही इसका मतलब है कि बीएफ-7 वैरिएंट से भारत में संक्रमण बढ़ने की आशंका कम हो गई है।
    वहीं ध्यान देने की बात है कि बीएफ-7 वैरिएंट भारत में पिछले साल जुलाई महीने में ही पहली बार मिला था। और इसके बाद इसके चार केस सामने भी आ चुके हैं, पर इस वैरिएंट में भारत में वैसी संक्रामकता नहीं देखने को मिली है। साथ ही उन्होंने कहा कि इसकी वजह भारतीय वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन की इस वैक्सीन पर कारगरता है। साथ ही भारत में कुल 97 फीसद लोगों को वैक्सीन की एक डोज, 91 प्रतिशत को दोनों डोज और 28 फीसद आबादी को सतर्कता डोज भी लगाई जा चुकी है।
    स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने यह बोला है कि विदेश से आने वाले यात्रियों में बड़ी संख्या में कोरोना वायरस के वैरिएंट का मिलना चिंता का सबब भी बना हुआ है। साथ ही 40 सैंपल की जिनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट में 11 तरह से वैरिएंट मिलने से यह साफ है कि कोरोना का वायरस तेजी से म्यूटेट हो भी सकता है और उसका कोई वैरिएंट घातक निकल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा अब भी बरकरार है और इसके लिए सतर्क रहना बेहद ही जरूरी है।
    वहीं इसके अलावा भारत में भी कोरोना संक्रमण और वैरिएंट पर कड़ी नजर रखी जा रही है और भारत में अब भी कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 2554 के न्यूनतम स्तर पर बनी हुई है और संक्रमण दर का साप्ताहिक औसत 0.12 फीसद दर्ज किया गया है।

  • रूप युक्रेन युद्ध पर भारत के सुर में बोला अमेरिका

    विदेश- युक्रेन रूस युद्ध को एक बरस पूर्ण होने वाला है। वहीं भारत समेत कई देश अब चाहते हैं कि युद्ध समाप्त हो जाए। क्योंकि यह युद्ध पूरे विश्व के लिये समस्या बन रहा है और इससे सभी की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। भारत बीते कई महीनों से इस युद्ध पर विराम लगवाने की कोशिश में जुटा हुआ है।
    वहीं अब अमेरिका भी भारत के सुर में सुर मिलाकर रूप युक्रेन युद्ध पर पूर्ण विराम लगावने का पक्षधर बन गया है। अमेरिका विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, हम भारत के साथ हैं। रूस युक्रेन युद्ध मे शान्ति आवश्यक है। हम भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस बात से सहमत हैं कि यह युग युद्ध का युग नहीं है। अब दोनो देशों को शान्ति की ओर आगे बढ़ना चाहिए।
    उन्होंने आगे कहा, हम अंतराष्ट्रीय स्तर पर युक्रेन और रूस युद्ध की समाप्ति के परिपेक्ष्य में बात कर सकते हैं। क्योंकि यह आवश्यक है। इससे पूरा विश्व प्रभावित हो रहा है। वहीं अंतरराष्ट्रीय समुदाय यूक्रेन में अत्याचारों के लिए रूस को जवाबदेह ठहराने की जरूरत को मजबूती से स्वीकार करता है।
    उन्होंने कहा कि बीजिंग ने दक्षिण चीन सागर पर दावों के लिए कोई ठोस व सुसंगत कानूनी आधार पेश नहीं किया है। दक्षिण चीन सागर में चीनी गतिविधियां रोजमर्रा की चर्चा का विषय हैं।