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  • 1 जनवरी से इन लोगों को नहीं मिलेगा राशन

    Free Ration Card Scheme 2023: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (Pradhan Mantri Garib Kalyan Yojana)के कुछ लाभार्थियों के लिए ये खबर काफ़ी निराशा भरी है। वहीं क्योंकि सरकार ने मुफ्त राशन योजना (free ration scheme) में कुछ बदलाव भीं किये हैं।
    बता दें जिसके तहत लाखों एसे लोग हैं जिन्हें 1 जनवरी 2023 से पूरे साल फ्री गेंहू, चावल, चने का लाभ नहीं मिलने वाला । बता दें हाल ही में सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA)के तहत फ्री राशन (free ration)देने का ऐलान भी कर दिया था। वहीं अब सिर्फ गरीब राशन कार्ड धारकों को ही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKAY)के तहत फ्री गेंहू, चावल दिया जाएगा। और जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है, ऐसे लोग अब सुविधा का लाभ भी नहीं ले पाएंगे।
    आपको बता दें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKAY) के तहत सरकारी आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल 81.3 करोड़ लोग फ्री राशन योजना (Free Ration Card Scheme 2023) का लाभ उठा रहे हैं। पर इनमें 1 करोड़ से ज्यादा लोग ऐसे भी हैं जिनके पास राशन कार्ड ही नहीं है। वहीं क्योंकि 2020 में जब इस योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने की थी उस समय कोरोना से लोग त्राहीमाम कर रहे थे और इसलिए उस टाइम किसी को भी राशन की दुकान पर आकर फ्री राशन लेने की सुविधा दी गई थी। और तभी से ये सुविधा लागातार चल भी रही है और हाल ही में सरकार ने फिर से 2023 में फ्री राशन देने की घोषणा भी करी है। पर अब बिना राशन कार्ड वाले लोग सुविधा का लाभ नहीं उठा पाएंगे क्योंकि सरकार ने तत्काल प्रभाव से बिना राशन कार्ड वालों को फ्री राशन देने पर प्रतिबंध का आदेश जारी किया हैं।
    जानिए क्या हुआ बदलाव
    अभी तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गेहूं, चावल मोटा अनाज 1 रुपये से लेकर 3 रुपये प्रतिकिग्रा के हिसाब से मिलता आया है। पर अब केन्द्र सरकार के मुताबिक ये पूरी तरह फ्री पात्र लोगों को राशन वितरण किया जाएगा। वहीं दिसंबर 2023 तक किसी से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा लेकिन बिना कार्ड धारकों को पैसे देकर भी राशन सुविधा (Free Ration Card Scheme 2023)का लाभ नहीं मिलने वाला। क्योंकि सरकार का मानना है कि स्कीम का लाभ ऐसे भी करोड़ों लोग ले रहे हैं, जो वास्तव में इसके लिए पात्र ही नहीं है और कई लोग फ्री राशन लेने कार से भी जाते हैं।

  • सड़क दुर्घटना मामले में दिल्ली अव्वल

    देश- भारत एक ऐसा देश है जहां सड़क दुर्घटना में लाखों लोगों की मौत हो चुकी है। आय दिन सड़क दुर्घटना में लोग घयाल हो रहे हैं और उन्हें अपने जीवन से हाथ धोना पड़ता है। वहीं कई राज्य ऐसे हैं जहां सबसे अधिक सड़क दुर्घटना के मामले सामने आते हैं।
    केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2021 में यदि सबसे अधिक सड़क दुर्घटना कहीं हुई हैं तो वह राज्य है दिल्ली। दिल्ली में 2021 में 1,239 लोगों की मौत सड़क दुर्घटना के दौरान हुई है। दिल्ली के बाद सबसे अधिक सड़क दुर्घटना वाले राज्य की लिस्ट में दूसरा नाम चेन्नई का आता है।चेन्नई जहां सड़क दुर्घटनाओं में 998 मौतें हुईं, जबकि तीसरे नंबर पर बेंगलुरु में 654 मामले दर्ज किए गए।
    वहीं श्रीनगर, अमृतसर और जमशेदपुर की स्थिति सबसे अच्‍छी रही. ये शहर इस सूची में सबसे निचले स्थान पर रहे है। भारत में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु के कुल मामलों के 43.13 फीसदी से अधिक मामले दस लाख से ज्‍यादा आबादी वाले टॉप-10 शहरों में रहे हैं।

  • पाकिस्तान में अल्पसंख्यक के साथ हो रही बर्बरता निंदनीय

    विदेश- पाकिस्तान में हिंदुओ पर हो रहे अत्याचार किसी से छुपी नहीं है। अभी हाल ही में पाकिस्तान में हिन्दू महिला की बर्बरता से हत्या कर दी गई। महिला की हत्या का मामला विश्व स्तर पर उठाया जा रहा है। पाकिस्तान के कई संगठनों ने इसका खुले तौर पर विरोध किया है। वहीं भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की बात कही है।
    उन्होंने कहा, पाकिस्तान की सरकार को अल्पसंख्यक के जीवन पर ध्यान देना चाहिए। क्योंकि यह उनकी जिम्मेदारी है। विदेश मंत्री द्वारा यह बयान तब आया जब पाकिस्तान में एक हिन्दू महिला के सर काट देने की घटना तूल पर है। वहीं इस मामले को इंगित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, हम पहले भी कह चुके हैं कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक के हित हेतु हमें आवाज उठानी होगी।
    वहीं पाकिस्तान को अपने देश के अल्पसंख्यक के हित का ध्यान रखना चाहिए और जिस तरह की बर्बरता पाकिस्तान में अल्पसंख्यक में साथ होती है वह निंदनीय है। पाकिस्तान में जो सलूक अल्पसंख्यक के खिलाफ होता है वह अनुचित है पाकिस्तान की सरकार को इस परिपेक्ष्य में कदम उठाने चाहिए और अल्पसंख्यक के हित हेतु आगे आना चाहिए।

  • लूना बने तीसरी बार ब्राजील के राष्ट्रपति

    International :- लुइस इनासियो लूला डि सिल्वा ने ब्राजील के राष्ट्रपति के रूप में तीसरी बार ब्राजील की कमान संभाली है। इन्हें ब्राजील में वामपंथी नेता लूना के नाम से जाना जाता है।
    लूना साल 2003 से 2010 तक ब्राजील के राष्ट्रपति रह चुके हैं। वहीं अब उन्होंने पुनः ब्राजीली के राष्ट्रपति के रूप में ब्राजील के पुनर्निर्माण की शपथ ली है।
    उन्होंने अपने भाषण के दौरान पूर्व के राष्ट्रपति पर तंज कसा, वह बोले उन्होंने संकट के समय ब्राजील को अकेला छोड़ दिया। वहीं पूर्व राष्ट्रपति ने लूना के शपथ ग्रहण समारोह से पूर्व ही अमेरिका जाने का फैसला किया।

  • बढ़ते कोरोना को लेकर इन देशों ने लगाई अंतराष्ट्रीय यात्रियों पर पाबंदी, WHO ने भी मांगी रिपोर्ट

    डेस्क। भारत, फ्रांस और ब्रिटेन समेत 10 देशों ने चीन से आने वाले यात्रियों के लिए अपने नियमों को सख्त कर दिया हैं। वहीं भारत ने कहा है कि आरटीपीसीआर टेस्ट में निगेटिव रिपोर्ट आने पर ही चीन से कोई भी व्यक्ति वापस भी आ सकता है। साथ ही इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चीन से कोरोना से हो रही मौत पर और अधिक डेटा की मांग भी की है। वहीं WHO ने चीन से यह भी कहा है कि वह कोरोना संक्रमण की स्थिति को लेकर नियमित अपडेट भी दे। 
    साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने यह कहा है कि उन्होंने चीनी अधिकारियों के साथ मुलाकात की और चीन में महामारी की स्थिति पर विशिष्ट और रियल टाइम आंकड़े की मांगे भी की हैं। वहीं WHO ने अधिक जेनेटिक सिक्वेंसिंग डेटा, अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या, ICU में भर्ती मरीजों की संख्या, मरीजों की मौत और टीकाकरण की स्थिति की जानकारी भी मांगी है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के टीकाकरण की आखिर क्या स्थिति है?
    वहीं इंग्लैंड ने यह कहा है कि 5 जनवरी से चीन से आने वाले यात्रियों को विमान में सवार होने से दो दिन पहले का निगेटिव कोविड पीडीटी (pre-departure test) रिपोर्ट भी दिखाना होगा। साथ ही यूके सरकार ने कहा है कि ये कदम चीन से संभावित नए वेरिएंट का पता लगाने की देश की क्षमता को और बेहतर बनाने के लिए एहतियाती और अस्थायी उपाय साबित होने वाला हैं। 
    साथ ही भारत, अमेरिका, जापान, इटली और ताइवान ने चीनी से आने वाले यात्रियों की अनिवार्य कोरोना जांच करने की घोषणा भी की है। वहीं फ्रांस, स्पेन, दक्षिण कोरिया और इजराइल ने भी कहा है कि चीन से आने वाले यात्रियों को निगेटिव कोरोना टेस्ट रिपोर्ट भी दिखाना होगा। 
    वहीं चीन के कोरोना संक्रमित लोग दूसरे देशों की यात्रा भी कर रहे हैं। और इटली के मिलान एयरपोर्ट पर यात्रियों की कोरोना टेस्ट से चौंकाने वाली जानकारी भी सामने आई है। यहां चीन से आए यात्रियों की कोरोना जांच की गई तो 50 फीसदी से अधिक का रिपोर्ट पॉजिटिव पाया गया है।

  • सिंगापुर की फैक्ट्री में लगी आग, भारतीय नागरिक की भी मौत की खबर

    डेस्क। Singapore Factory Fire: सिंगापुर के एक इंडस्ट्रियल एरिया में भीषण आग लगने के कारण एक भारतीय नागरिक समेत 38 लोगों की मौत हो गई है। वहीं सिंगापुर में औद्योगिक एरिया में आग लगने से ये बीते साल की 46वीं घटना है, जो 2016 के बाद से सबसे ज्यादा हुई है, जो यह बताता है, कि सिंगापुर में मजदूरों की जिंदगी के साथ कितना ज्यादा खिलवाड़ किया जाता है और देश में फैक्ट्रियों के अंदर कामकाज को लेकर कितनी गड़बड़ियां होती हैं।
    इस एरिया में लगी भीषण आग
    सिंगापुर के मिनिस्ट्री ऑफ मैनपावर (एमओएम) ने शनिवार को यह कहा है कि, प्रारंभिक जांच के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 21 तुआस एवेन्यू-3 साइट पर लगी आग बेकाबू हो गई जिसमें 38 लोगों की मौत भी हो गई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है, कि इंडस्ट्रियल एरिया में सिलेंडरों से अनियंत्रित एसिटिलीन गैस रिलीज होने के कारण भीषण आग लग गई थी जिसको अब काबू में कर लिया गया है। साथ ही आग लगने की वजह से मारे गए भारतीय नागरिक की पहचान अभी तक उजागर नहीं की गई है। वहीं इस आग में एक 43 वर्षीय चीनी नागरिक भी झुलस गया है जिसका इलाज सिंगापुर जनरल अस्पताल में हो रहा है।
    सरकार ने क्या कार्रवाई करी, ये भी जानिए
    सिंगापुर के एमओएम ने बताया है कि, उसने एशिया टेक्निकल गैस के नियोक्ता को ज्वलनशील गैस सिलेंडरों की जांच और रखरखाव से संबंधित सभी गतिविधियों को फौरन बंद करने का आदेश दिया है। और स्ट्रेट्स टाइम्स अखबार ने मंत्रालय का हवाला देते हुए कहा है कि “ज्वलनशील गैसों वाले गैस सिलेंडरों से निपटने के दौरान ऐसी गैसों के किसी भी लीकेज को रोकने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करने के लिए उपाय किए जाने चाहिए, कि काम का माहौल इग्निशन स्रोतों से एकदम ही मुक्त हो।”
    जानकारी के लिए बता दें सिंगापुर में साल 2016 के बाद से साल 2022 में कार्यस्थलों पर सबसे अधिक मौतें दर्ज की गई हैं जिसमें 66 लोगों की मौत भी हुई है। वहीं मंत्रालय ने नियोक्ताओं को याद दिलाया है, कि श्रमिकों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और प्रमुख सुरक्षा चूक वाले लोगों को जवाबदेह भी ठहराया गया है। साथ ही सरकार की तरफ से कहा गया है कि, उन्हें वित्तीय दंड, काम रोकने के आदेश, विदेशी जनशक्ति प्रतिबंध और कानून का सामना करना भी पड़ सकता है। 

  • एलपीजी सिलेंडर के दाम में आया उछाल

    देश– एक ओर पूरा देश नए साल के जश्न में डूबा हुआ है। वहीं दूसरी ओर आम आदमी को महंगाई का झटका लगा है। सुबह सुबह एलपीजी सिलेंडर के दामों में उछाल आया है। यह उछाल कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में आया है। हालाकि घरेलू गैस सिलेंडर के दाम स्थिर रहे हैं।
    कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 24 रुपये से लेकर 25.5 रुपये तक की तेजी आई है। दिल्ली में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 25 रुपये का इजाफा देखने को मिला है और दाम 1769 रुपये हो गए हैं।

  • गंगा की सफाई पर खत्म हुआ करोड़ो का धन फिर भी मैली रही गंगा

    देश– गंगा की सफाई के का उद्देश्य लेकर केंद सरकार ने गंगा के सफाई हेतु 13000 करोड़ रुपये खर्च किए। इस धन में सबसे अधिक राशि उत्तरप्रदेश की आवंटित हुई। उपलब्ध विवरण के अनुसार केंद्र ने वित्तीय वर्ष 2014-15 से 31 अक्टूबर, 2022 तक NMCG को कुल 13,709.72 करोड़ रुपये जारी किए हैं। 
    उस राशि का अधिकांश 13,046.81 करोड़ रुपये NMCG द्वारा खर्च किया गया। इसमें से 4,205.41 करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) को जारी किए गए, जो राज्यों में सबसे अधिक है। 
    गंगा की 2,525 किलोमीटर लंबाई का लगभग 1,100 किलोमीटर उत्तर प्रदेश में पड़ता है। केंद्र सरकार ने जून 2014 में 20,000 करोड़ रुपये के कुल बजटीय परिव्यय के साथ नमामि गंगे कार्यक्रम शुरू किया था।
    उत्तर प्रदेश के बाद बिहार (3,516.63 करोड़ रुपये), पश्चिम बंगाल (1,320.39 करोड़ रुपये), दिल्ली (1,253.86 करोड़ रुपये) और उत्तराखंड (1,117.34 करोड़ रुपये) का नंबर आता है। 
    नमामि गंगे कार्यक्रम (Namami Gange programme) के तहत धन प्राप्त करने वाले अन्य राज्यों में झारखंड (250 करोड़ रुपये), हरियाणा (89.61 करोड़ रुपये), राजस्थान (71.25 करोड़ रुपये), हिमाचल प्रदेश (3.75 करोड़ रुपये) और मध्य प्रदेश (9.89 करोड़ रुपये) शामिल है।

  • बलूचिस्तान में विरोध प्रदर्शन पर लगा प्रतिबंध

    विदेश– पाकिस्तान के बलूचिस्तान में प्रांतीय सरकार ने इस सप्ताह के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ हुए हिंसक संघर्ष में एक पुलिसकर्मी की मौत के बाद बंदरगाह शहर ग्वादर में विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने के साथ कर्फ्यू लागू कर दिया है।
    मौलाना हिदायतुर रहमान के नेतृत्व में हक दो तहरीक (एचडीटी) नामक संगठन से जुड़े प्रदर्शनकारी लगभग दो महीने से स्थानीय मछुआरों की जगह मशीनीकृत नौकाओं के जरिए अवैध रूप से मछली पकड़ने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

  • आज से फिर भारत को जोड़ने के लिए चलेंगे राहुल गांधी

    देश- विराम में बाद आज से पुनः भारत जोड़ो यात्रा शुरू होगी। इस यात्रा के परिपेक्ष्य में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का यातायात परामर्श जारी है। क्योंकि आज भारत जोड़ो यात्रा राष्ट्रीय राजधानी के मध्य हिस्से से शुरू होकर लोनी बॉर्डर से होते हुए उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगी।
    सूत्रों से मिली सूचना के मुताबिक यात्रा लाल किले के पास यमुना बाजार में हनुमान मंदिर, मरघट वाले बाबा से मंगलवार को सुबह करीब 10 बजे फिर से शुरू होगी और दोपहर तकरीबन 12 बजे लोनी बॉर्डर पहुंचेगी।