Category: national

  • सरकार ने साबित किया वह है देशद्रोही

    देश– किसान आंदोलन को 2 साल पूरे हो चुके हैं। किसानों की कई मांगे अभी भी लंबित हैं। इसी परिपेक्ष्य में किसान आज राजभवन तक मार्च निकालेंगे। किसान नेताओं ने कहा, सरकार ने हमारी कई मांगे पूरी नहीं की है। हम आज इस मार्च के माध्यम से सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करेंगे।
    उन्होंने कहा, किसान नेताओं ने दावा किया कि सरकार ने उन्हें लिखित में दिया था कि वह चर्चा करके फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानून लाएगी, लेकिन अब तक कुछ नहीं किया गया। सरकार ने यह साबित कर दिया है कि वह देशद्रोही है और उसने देश के किसानों को धोखा दिया है।
    बता दें एसकेएम ने केंद्र सरकार पर लंबित मांगें पूरी नहीं करने का आरोप लगाते हुए 26 नवंबर को देश भर में राजभवन तक मार्च निकालने की घोषणा की थी. 26 नवंबर 2020 को कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन शुरू हुआ था. हालांकि बाद में इन कृषि कानूनों को रद्द कर दिया गया।

  • राष्ट्रपति भवन में आयोजित होगा जनजातियों भोज

    देश– देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति भवन में एक राज भोज का आयोजन किया जाएगा। यह पहली दफा होगा जब राष्ट्रपति भवन में अनुसूचित जाति के शिक्षकों को बुलाकर उन्हें भोज करवाया जाएगा।
    बता दें अनुसूचित जाति आयोग पिछले कई दिनों से देश के 104 विश्वविद्यालयों में जनजाति को लेकर कार्यक्रम कर रहा है। इस कार्यक्रम के समापन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आमंत्रित किया गया था। लेकिन उन्होंने सभी शिक्षकों को राज भोज के लिए राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित कर लिया है। 
    सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति भवन में आयोजित राज भोज में 100 वाइस चांसलर और 400 से ज्यादा विश्वविद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों बुलाया गया है। अनुसूचित जातियों को लेकर राष्ट्रपति भवन में पहली बार इतनी बड़ी बैठक शायद पहले कभी हुई ही हो. राष्ट्रपति मुर्मू के सामने जनजाती समुदाय से जुड़े मुद्दे रखे जाएंगे।

  • प्रोफेसर ने छात्र को बोला आतंकवादी, ओवैसी ने की बच्चे की तारीफ

    देश– देश से मानो एकता का भाव खत्म हो गया है। हिन्दू मुस्लिम आज एक दूसरे को अपना दुश्मन समझ रहे हैं। दोनो ही धर्म की ऐसी बेड़ियों में जकड़े है कि उनमें मानवता मानो बची ही नहीं है। वही अब कर्नाटक के एक स्कूल में एक छात्र को कसाब कहा गया है। जो सोशल मीडिया पर जमकर ट्रेड कर रहा है
    असल मे वीडियो कर्नाटक के एक स्कूल का है। बच्चे को अजमल कसाब कहा गया। लेकिन उसपर बच्चे में जिस तरह अपना पक्ष रखा वह काबिल ए तारीफ है। वही अब इस मामले पर ऑल इंडिया मुस्लिम इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
    उन्होंने कहा, जिस तरह उस बच्चे ने अपना पक्ष रखा है हम सभी को वैसा करना चाहिए। अपने मुकद्दर के फैसले करना शुरू करोगे तो जो तुमको आतंकवादी कह रहे हैं वो कल तुम्हारे आगे सिर झुकाकर कहेंगे कि बोलो बॉस क्या आदेश है। वही एक बच्चे को आतंकवादी कहना वास्तव में भारतीय संविधान का अपमान है।
    वह आगे बोले, देश की आवाम में जगह घोला जा रहा है। अल्पसंख्यक समाज मे नफरत के भाव से देखे जा रहे हैं। बुरका पहनने वालो और दाढ़ी वालों को आतंकी बताया जा रहा है। वही हद तो तब हो गई जब एक निजी यूनिवर्सिटी में एक बच्चे से प्रोफेसर ने उसका नाम पूंछा और जब उसने अपना नाम बताया तो उससे पूंछा जाता है तू कसाब है। अजमल कसाब। 
    लेकिन उस बच्चे की हिम्मत की दांत देनी होगी। उसने प्रोफेसर से सवाल किया। प्रोफेसर ने उसे अपने बेटे की तरह बताया तो उसने पूंछा आप अपने बेटे को आतंकवादी कहते हो क्या। हमे संघर्ष करना होगा हिंसा नहीं।

  • गर्ल फ्रेंड पर 3 करोड़ खर्च करने वाला महा ठग हुआ गिरफ्तार

    देश :- शातिर ठग बजरंग बहादुर उर्फ सावन सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। ठग के पास से पुलिस को टाटा सफारी कार और असलहा भी बरामद हुआ है। बता दें नाके पर पुलिस जांच कर रही थी। तभी एक टाटा सफारी वहां से फरहार हुई। पुलिस ने देखा की उसकी नेम प्लेट टूटी हुई है।
    शक हुआ तो फरारी का पीछा किया गया और छावनी थाना हनुमान गंज तिराहे पर बजरंग बहादुर को गिरफ्तार कर लिया गया। यह वही ठग है जो एटीयम बदल कर लोगों को चूना लगाता था। यह ठग सरगना बजरंग बहादुर प्रतापगढ़ जिले के जेठवार का रहने वाला है। इसने ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई कर रखी है। 
    यह अय्याशी और अपने महंगे शौक के लिए जाना जाता है। अपने शौक के कारण इसने अपनी गर्ल फ्रेंड पर 3 करोड़ रुपये खर्च किये। इसने अपने शौक पूरे करने के लिए एक बड़ा गिरोह बनाया और यह पूरे देश मे ठगी करने लगा। हालाकि अब यह महा ठग पुलिस कस्टडी में है।

  • Iran Protest Total Deaths: अब तक मारे गए 300 से भी ज्यादा प्रदर्शनकारी

    डेस्क। ईरान में विरोध प्रदर्शनों के मीडिया कवरेज पर प्रतिबंध लगा रखा है। वहीं इस राज्य से जुड़े मीडिया ने डेथ टोल भी जारी नहीं किया है और मुख्य रूप से सुरक्षा बलों पर हमलों पर ध्यान भी केंद्रित किया है।
    Iran Protest Total Deaths: ईरान में 16 सितंबर को महसा अमिनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद से विरोध प्रदर्शन जारी है। वहीं रेवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक जनरल ने विरोध प्रदर्शन में मारे गए लोगों की अनुमानित संख्या भी बताई है। इस कड़ी में ईरान रेवोल्यूशनरी गार्ड्स के जनरल अमीराली हाजीज़ादेह ने यह बताया है कि हिजाब के खिलाफ शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शनों में अब तक 300 से अधिक लोग मारे गए हैं।
    वहीं एक समाचार एजेंसी के अनुसार, गार्ड्स के एयरोस्पेस डिवीजन के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल अमीराली हाजीज़ादेह ने यह कहा है कि, “महसा अमिनी की मौत से देश में हर कोई प्रभावित तो हुआ ही है। वहीं मेरे पास नवीनतम आंकड़े नहीं हैं, लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि इस घटना के बाद से देश में शायद 300 से अधिक लोग मारे भी गए हैं। जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं।
    जानिए ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट का डेटा क्या कहता है?
    आपको बता दें कि गौर करने वाली बात यह है कि ईरान के जनरल का अनुमान मानवाधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा रिपोर्ट किए गए टोल की तुलना में काफी कम भी है। इसी कड़ी एक्टिविस्ट ग्रुप का यह कहना है कि अशांति शुरू होने के बाद से अब तक 451 प्रदर्शनकारी और 60 सुरक्षा कर्मी मारे गए हैं और 18,000 से अधिक लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।
    ईरान में अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शनों के मीडिया कवरेज को भी प्रतिबंध कर रखा भी है। इसी कड़ी में राज्य से जुड़े मीडिया ने डेथ टोल जारी नहीं किया है और मुख्य रूप से सुरक्षा बलों पर हमलों पर ध्यान भी केंद्रित किया है। अधिकारियों ने सुरक्षाकर्मियों की मौत के लिए उग्रवादी और अलगाववादी समूहों को दोषी भी ठहराया है।
    ईरान रेवोल्यूशनरी गार्ड्स के जनरल अमीराली हाजीज़ादेह ने आधिकारिक दावे को दोहराते हुए कहा है कि पश्चिमी देशों और सऊदी अरब सहित ईरान के दुश्मनों ने विरोध प्रदर्शन को भी बढ़ावा दिया है। वहीं उधर, प्रदर्शनकारियों का यह कहना है कि वे दशकों के सामाजिक और राजनीतिक दमन से तंग भी आ चुके हैं। साथ ही प्रदर्शनकारियों ने विदेशी एजेंडे से भी इनकार कर दिया है।

  • इमरान खान बोले कुर्ते में जाकर फंस गई थी चार गोलियां, लोगों ने ली चुटकी

    डेस्क। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान उनके ऊपर हुए हमले के बाद शनिवार को पहली बार समर्थकों के बीच गए है और इस दौरान उन्होंने वजीराबाद में एक जनसभा में कहा हैं कि तीन हमलावरों की बंदूक से निकली चार गोलियां उनके साथी इमरान इस्माइल के कुर्ते में जाकर फंस गई, जिससे उनकी जान भी बच गई।
    उनके इस बयान को लेकर पाकिस्तानी लोग यह कहते हुए उनका जमकर मजाक भी उड़ा रहे हैं कि पता नहीं वे कौन सा नशा करते हैं, जो ऐसी बातें कह रहे हैं। साथ ही उन्होंने ट्विटर पर इमरान के इस बयान पर एक यूजर ने लिखा, कॉमेडी नाइट विद इमरान खान। इसी अलावा एक ने लिखा, खान पेनकिलर्स के हाई डोज पर हैं। 
    बता दें कि तीन नवंबर को पंजाब के वजीरिस्तान इलाके में बंदूकधारियों ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष खान पर हमला कर दिया था, जिसमें उनके दाएं पैर में गोली भी लगी थीं। उस समय वह सरकार पर जल्द चुनाव कराने का दबाव बनाने के लिए आयोजित मार्च का नेतृत्व भी कर रहे थे। 
    बता दें खान ने शनिवार रात शहर में अपनी पार्टी की एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए यह कहा कि पहले जिन दो हमलावर की पहचान की जा चुकी है, उनमें से एक ने उन पर और ‘पीटीआई’ के अन्य नेताओं पर गोली चलाई थी और दूसरे शूटर ने कंटेनर के सामने वाले हिस्से पर गोलीबारी की जबकि तीसरे हमलावर को पहले हमलावर को खत्म करने का काम दिया गया था। 
    इसके बाद खान ने यह दावा भी किया कि इस तीसरे हमलावर ने रैली में एक व्यक्ति को मार डाला, और वह पहले हमलावर को मारने की कोशिश में था। हमले के एक दिन बाद लाहौर के शौकत खानम अस्पताल से राष्ट्र को संबोधित करते हुए खान ने यह भी कहा था कि दो हमलावरों ने उनके दाहिने पैर में चार गोलियां मारी थीं और उन्होंने कहा कि वह एक कंटेनर पर थे तभी उन पर ‘गोलियों की बौछार करने’ का निर्देश भी दिया गया था।
    इसके बाद उन्होंने यह भी कहा कि फिर दूसरा हमला किया गया, उसमें दो लोग शामिल थे। खान ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह भी आरोप भी लगाया कि उनकी हत्या के असफल प्रयास में जिन तीन लोगों का हाथ था, वे उन्हें फिर से निशाना बनाने की कश्मकश कर रहे हैं।

  • सुप्रीम कोर्ट दोहराएगा अपना इतिहास

    देश– आज एक बार पुनः सुप्रीम कोर्ट अपना इतिहास पुनः दोहराने जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक आज एक बार पुनः देश की सबसे बड़ी अदालत में एक बेंच ऐसी बैठेगी जिंसमे सभी जज महिलाएं होंगी। 
    जानकारी के लिए बता दें मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कल बुधवार को जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की बेंच गठित की। वही 3 जजों में से एक महिला जज (जस्टिस बी वी नागरत्ना) 2027 में देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनेंगी। 
    बताते चलें पहली बार साल 2013 में ऐसा हुआ था। इसके बाद दूसरा मौका साल 2018 में आया। वही अब साल 2022 में पुनः इतिहास दोहराया जा रहा है।
    जस्टिस कोहली और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की बेंच के पास 32 मामले लिस्टेड हैं, जिसमें वैवाहिक विवादों से जुड़ी 10 स्थानांतरण याचिकाएं (transfer petitions) और 10 जमानत मामले (bail matters) शामिल हैं।

  • लोगों की आवाज कुचलना चाह रहे हैं शी जिनपिंग

    चीन में शी जिनपिंग की नीतियों का विरोध आरम्भ हो गया है। उनकी जीरो कोविड पॉलिसी का लोग जमकर विरोध कर रहे हैं। बीजिंग, शंघाई समेत कई जगहों पर सरकार के विरोध में लोग सड़कों पर उतरें हैं। 
    चीन के लोगों को अंतरराष्ट्रीय समर्थन प्राप्त हो रहा है। लेकिन शी जिनपिंग की सरकार उनकी आवाज को अपनी कुटिल नीतियों के तले दबाना चाह रही है। सरकार लगातार लोगों को शान्त करवाने का प्रयास कर रही है।
    वही लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट से लेकर चीन के पत्रकारों पर सरकार की नजर है। पत्रकार प्रतिबंधित हैं और सरकार विरोधी गतिविधियों को उन्हें दिखाने से रोकने का हर सम्भव प्रयास शी जिनपिंग द्वारा किया जा रहा है।

  • राज्य सरकार ने लिया फैसला, मेडिकल कॉलेज के टीचर्स को मिलेगा 50 फीसदी अधिक भत्ता

    रोजगार– पहाड़ी इलाकों में जो मेडिकल कॉलेज के टीचर है उनकी तनख्वाह में जल्द ही इजाफा होने वाला है। खबर है कि इन प्रोफेसरों की तनख्वाह में 50 फीसदी अधिक भत्ता दिया जाएगा। 
    उत्तराखंड सरकार के मुताबिक रेगुलर और कॉन्टेक्ट प्रोफेसर की सैलरी में उन्हें 50 फीसदी भत्ता दिया जाएगा।प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि इसका शासनादेश जारी कर दिया गया है. राज्य सरकार का यह निर्णय नियमित और संविदा पर तैनात दोनों प्रकार के शिक्षकों पर लागू होगा।
    रावत ने बताया कि काफी प्रयासों के बावजूद पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व सहायक प्रोफेसर उपलब्ध नहीं हो पा रहे थे. इसका एक प्रमुख कारण कम वेतनमान और पर्याप्त सुविधाएं न मिल पाना सामने आया था।

  • आतंकवादी ओसामा बिन लादेन के बेटे ने बताया उसका सच

    विदेश– आतंकवादी ओसामा बिन लादेन अपने खूंखार इरादों की लिए जाना जाता है। इसका एक मात्र उद्देश्य तबाही मचाना था। हालाकि अमेरिका ने इसे मौत के घाट उतार दिया। लेकिन अब आतंकवादी ओसामा बिन लादेन के बेटे उमर बिन लादेन ने अपने पिता को लेकर बड़ा खुलासा किया है।
    बेटे ने कहा, वह चाहते थे मैं वैसा बनू जैसे वह हैं। वह मुझे अपनी राह पर ले जाना चाहते थे। उन्होंने अफगानिस्तान में पहली बार मुझसे बंदूक चलवाई। उस समय मैं बच्चा ही था। वह कुत्ते पर रासायनिक पदार्थ का परीक्षण करवाते थे। मैं उनकी नीतियों से हमेशा नाखुश रहा। मैं एक पीड़ित हूँ और मैं उनके साथ की अपनी यादों को भुलाना चाहता हूँ।
    जानकरी के लिए बता दें आतंकवादी ओसामा बिन लादेन का बेटा पेशे से चित्रकार है। उसने तब ही अफगानिस्तान छोड़ दिया था जब लादेन ने अमेरिका पर हमला करने की योजना बनाई। वह इस समय अपनी पत्नी के साथ फ्रांस में रह रहे हैं। 
    उन्होंने आगे कहा, उनका मानना था मैं चुना बेटा हूँ। उन्होंने कभी नहीं कहा मैं अलकायदा में शामिल हो जाऊं लेकिन उन्होंने यह हमेशा चाहा कि मैं उनके काम को आगे ले जाऊं। हालाकि जब मैंने यह मना किया तो उन्हें दुख हुआ लेकिन वह कुछ नहीं बोले। उस दौर की यादें बेहद बुरी हैं और मैं उन्हें भूलने की हर सम्भव कोशिश करता हूँ।