Category: national

  • क्या चीन करेगा पुतिन वाली गलती

    विदेश– ताइवान मुद्दे को लेकर अमेरिका और चीन में तना तनी जारी है। जब से अमेरिकी सांसद नैंसी पेलोसी का ताइवान दौरा हुआ है। चीन बौखलाक़या हुआ है और बार बार ताइवान को धमका रहा है। 
    वही अब ताइवान के पक्ष में अपना मत रखते हुए अमेरिका के शीर्ष जनरल ने मार्क मिले ने कहा है कि अगर चीन अपनी हरकतों से बाज नही और ताइवान पर चीन हमला करता है। तो चीन के लिए बड़ी समस्या बन सकता है। 
    उन्होंने आगे कहा, चीन के लिए यह हमला बड़ी रणनीतिक चूक होगा। यह युक्रेन और रशिया के समान सतही5पैदा कर सकता है। वही चीन अगर नही सम्भाल तो उसकी यह गलती वैसी ही होगी जैसी पुतिन ने की है। यह विद्रोह ऐसा होगा जिसका कोई निष्कर्ष नही निकल पायेगा।

  • फ्लाइट में मास्क लगाने को लेकर सरकार ने दिया बडा बयान

    देश– कोविड के तांडव से हर कोई एक समय परेशान हो गया है। जब कोविड पीक पर था तो मास्क हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुका था। उस समय ऐसा प्रतीत होने लगा था कि जैसे जीवन के लिए पानी और हवा के साथ साथ मास्क की भी आवश्यकता है।
    सरकार ने भी लोगो को मास्क लगाने की हदायत दी थी। और जो लोग मास्क नही लगा रहे थे उनपर कई कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। इसी कड़ी में यह नियम भी बना था की फ्लाइट में मास्क लगाना अनिवार्य है। वही जो व्यक्ति फ्लाइट में मास्क नही लगाता था। उसके लिए जुर्माने का प्रावधान किया गया था।
    लेकिन अब उड्डयन मंत्रालय ने साफ किया है कि फ्लाइट में मास्क लगाना अभी भी आवश्यक है। लोग अपनी सुरक्षा के लिए अपने स्तर पर अगर अपने फेस को कवर कर सकते हैं। वही जो व्यक्ति ऐसा नही करेगा। उसपर सख्त कार्यवाही होगी और उसे जुर्माना भी भरना पड़ेगा।
    उड्डयन मंत्रालय ने ऐसा इसलिए कहा है कि अभी भी कोरोना का कहर कम नही हुआ है। लोग अभी भी कोविड के तांडव को झेल रहे हैं और खतरा अभी भी देश पर मंडरा रहा है। जानकारी के लिए बता दें देश में में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 501 नए मामले सामने आने से देश में अब तक संक्रमित हो चुके लोगों की संख्या बढ़कर 4,46,66,676 पर पहुंच गई।

  • भीषण धमाके में गई 6 लोगो की जान 16 घायल

    विश्व– इराक के सुलेमानी शहर में भीषण धमाका होने से अफरा तफरी मच गई है और लोग घबरा गए हैं। धमाका काफी खतरनाक था। धमाके के कारण मौके पर 6 लोगो की मौत हो गई है और 16 लोग घायल हुए हैं जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।
    इराकी मीडिया की खबरों के मुताबिक कुर्दिस्तान के सुलेमानियाह में एक पेट्रोलियम गैस सिस्टम में यह विस्फोट हुआ है। इस घटना में तीन इमारतें ध्वस्त हो गई है। वही जिस घर मे यह धमाका हुआ है उस घर मे 20 लोग मौजूद थे।
    सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि इमारत के मलवे के नीचे 10 से 12 लोग दबे हुए हैं। इन लोगो मे बच्चे भी शामिल हैं। सभी को निकालने का काम जारी है।

  • रूस ने गिराई पोलैंड पर मिशाइल जेलेन्स्की ने की पोलैंड के राष्ट्रपति से बात

    विदेश– पोलैंड पर रूस की मिशाइल गिरने से हड़कंप मच गया है। वही इस हादसे के बाद युक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने पोलैंड के राष्ट्रपति से तुरंत बातचीत की है।
    राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने पोलैंड के राष्ट्रपति से बातचीत के दौरान कहा, हमे साथ मिलकर रूस के आतंक से देश को बचाना होगा। रूस लगातार आत्मघाती होता जा रहा है।
    वही इस हमले में पोलैंड के 2 नागरिकों को मौत हो गई है। नागरिकों की मौत पर राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शोक व्यक्त किया और उनकी आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की।

  • क्यों बाइडेन पर बरस गए सुनक

    विदेश– ब्रिटेन की बागडोर भारतीय मूल के ऋषि सुनक के हाथों में है। प्रधानमंत्री बनते ही उन्होंने ब्रिटेन के हित हेतु कई बड़े निर्णय लिए है। वही अब वह अंतराष्ट्रीय स्तर पर अपना पक्ष रख रहे हैं।
    इसी बीच इंडोनेशिया के बाली शहर में चल रहे जी20 सम्मेलन में ऋषि सुनक ने अमेरिका पर हमला बोला और बाइडेन की आलोचना की है। 
    उन्होंने कहा, बाइडेन सरकार वैश्विक स्तर पर अपनी जिम्मेदारियों को सुचारू तऱीके से नही निभा रही है। उन्होंने घरेलू मुद्दों को दबाया है और हिंसा को बढ़ावा दिया है।
    आज युक्रेन और रूस आपस मे लड़ रहे हैं। साल भर होने को है। लेकिन युद्ध थमने का नाम नही ले रहा है। इस युद्ध को बैधता का चोला पहनाकर पुतिन प्रशासन स्वार्थ की राजनीति कर रहा है।

  • WHO: दुनिया के 70 करोड़ लोग हो जाएंगे बहरे, कारण जान उड़े लोगों के होश

    डेस्क। दुनिया भर में लगभग दस लाख युवाओं को हेडफोन सुनने या तेज संगीत वाले स्थानों पर जाने से बहरेपन का खतरा है। डब्ल्यूएचओ ने इसे लेकर दुनिया को चेताया भी है। वहीं कई लोगों को हेडफोन लगाकर तेज आवाज में गाना सुनना बेहद पसंद भी है।
    हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के विशेषज्ञ ने इसको लेकर चेतावनी दी है कि ये आदत लोगों पर भारी पड़ सकती है।
    बीएमजे ग्लोबल हेल्थ पत्रिका में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, हेडफोन लगाकर तेज आवाज में संगीत सुनने से श्रवण क्षमता खत्म होने लग जाती है और बहरेपन का खतरा भी बढ़ जाता है। इस शोध के मुताबिक, 43 करोड़ से अधिक लोग यानी दुनिया की आबादी के पांच प्रतिशत से भी अधिक लोग वर्तमान में सुनने की अक्षमता से पीड़ित हो गए हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुमान के अनुसार, 2050 तक यह संख्या बढ़कर 700 मिलियन (70 करोड़) हो सकती है।  
    डब्ल्यूएचओ ने भी इस शोध का नेतृत्व करते हुए युवाओं को चेताया है। उसके अनुमान के अनुसार, 2050 तक इस खतरे से प्रभावितों की यह संख्या बढ़कर 700 मिलियन (70 करोड़) होने वाली है। 43 करोड़ से अधिक लोग यानी दुनिया की आबादी का पांच प्रतिशत से भी अधिक लोग वर्तमान में सुनने की अक्षमता से काफी पीड़ित हैं।
    वहीं इस शोध में पिछले दो दशकों में अंग्रेजी, स्पेनिश, फ्रेंच और रूसी में प्रकाशित 33 अध्ययनों के आंकड़ों का आकलन भी किया गया है। जिसमें 12-34 आयु वर्ग के 19,000 से अधिक प्रतिभागियों को शामिल भी किया गया था। वहीं इसके नतीजे बेहद गंभीर पाए गए।

  • पाक ने अपनी ऑस्कर एंट्री फिल्म पर लगाई रोक

    डेस्क : पाकिस्तान में एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री को लेकर बवाल मचा है। जहाँ पर पड़ोसी मुल्क ने इस समय अपनी उस फिल्म को बैन कर दिया है जिससे उसे ऑस्कर में एंट्री मिल पाई थी।
    वहीं फिल्म की कहानी को लेकर विवाद खड़ा हो रहा है। वहीं इस फिल्म का नाम जॉयलैंड है जिसकी कई देश सराहना भी कर चुके हैं पर आखिर ऐसा क्या हुआ कि इस फिल्म को पकिस्तान ने बैन करने का फैसला लिया?

    रिलीज़ पर क्यों लगी रोक

    बीते 3 नवंबर को जॉयलैंड का ट्रेलर रिलीज़ किया गया था। वहीं यह फिल्म 18 नवंबर को रिलीज़ भी की गई थी। इसी बीच फिल्म को लेकर बड़ा बवाल सामने आता नजर आ रहा है। ऑस्कर 2023 में देश की ओर से एंट्री करने वाली इस फिल्म को पकिस्तान सरकार ने बैन किया है। साथ ही जॉयलैंड को पकिस्तान में काफी आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ रहा है। 
    बता दें कान फिल्म फेस्टिवल समेत दूसरे विदेशी फिल्म फेस्टिवल में इस फिल्म को काफी सराहा गया था वहीं इसके अलावा फिल्म ने कई अवार्ड्स भी अपने नाम किए थे।
    बता दें कि पाकिस्तान में रिलीज के कुछ महीनों पहले ही जॉयलैंड को स्क्रीनिंग के लिए सर्टिफिकेट भी दिया गया है। इसके बावजूद सरकार ने इसे बैन कर दिया है। पाक के सूचना प्रसारण मंत्रालय ने फिल्म के अत्याधिक आपत्तिजनक कंटेंट का हवाला देते हुए इसपर बैन लगा दिया है।
    इसी कड़ी में 17 अगस्त को फिल्म को सर्टिफिकेट जारी कर देने के बाद भी जॉयलैंड को रिलीज़ नहीं होने दिया जा रहा है। साथ ही फिल्म के कंटेंट को लेकर देश में हाल ही में प्रदर्शन भी देखने को मिला और इसी कारण सूचना प्रसारण मंत्रालय को यह कदम उठाया पड़ा।
    बता दें इस फिल्म को सलीम सादिक ने डायरेक्ट किया है जो बतौर निर्देशक अपना डेब्यू भी करने जा रहे हैं। फिल्म की खानी पितृसत्ता और दकियानूसी विचारों को प्रदर्शित करती है। जॉयलैंड में एक परिवार है जो अपना वंश चलाने के लिए एक बेटा चाहता है और परिवार का सबसे छोटा बेटा चोरी-छुपे एक इरॉटिक डांस थिएटर जाता है और उसे जॉइन कर लेता है। वहीं इस थिएटर में उसे एक ट्रांसजेंडर महिला से प्यार हो जाता है। आप इस फिल्म का ट्रेलर आराम से यूट्यूब पर देख सकते हैं।

  • पेंशनर्स के लिए बुरी खबर, ये नहीं किया तो नहीं निकाल पाओगे पैसा

    डेस्क। पेंशनर्स को नवंबर महीने के अंत तक अपना लाइफ सर्टिफिकेट भी जमा करना होता है। वहीं इस साल भी पेंशनर्स के लिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की डेडलाइन 30 नवंबर हो गई है। हालांकि वैसे पेंशनर जो अपनी पेंशन, एंप्लाइज पेंशन स्कीम (EPS),1995 के तहत एम्पलाइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) से प्राप्त भी करते हैं उनके लिए यह समय सीमा लागू नहीं होती।
    EPFO ने अपने ऑफिशियल टि्वटर हैंडल से यह जानकारी भी दी है कि हमारे पेंशनर्स, पिछली बार जमा करने की तारीख से लेकर 1 साल के भीतर कभी भी अपनी लाइफ सर्टिफिकेट को जमा कर सकते हैं। 
    इस कड़ी में अपने ट्वीट के माध्यम से ईपीएफओ (EPFO) ने यह बताया कि अगर आपने पिछले साल 31 दिसंबर को अपना लाइफ सर्टिफिकेट जमा किया था तो इस साल भी उसी डेट से पहले आपको अपना लाइफ सर्टिफिकेट आपको जमा करना होगा। अगर आपने 31 दिसंबर तक अपना लाइफ सर्टिफिकेट जमा नहीं किया तो 1 जनवरी से आप अपनी पेंशन की रकम को निकाल नहीं पाएंगे। वहीं शुरुआत में सभी EPS पेंशनर्स को अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) नवंबर महीने में ही जमा भी करना होता था। 
    लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के लिए ये डॉक्यूमेंट हैं बेहद जरूरी
    अगर आप अपनी लाइफ सर्टिफिकेट (Life certificate) जमा करना चाह रहे हैं तो आपके पास पीपीओ नंबर (PPO number), आधार नंबर, बैंक अकाउंट डिटेल्स और आधार कार्ड से लिंक्ड मोबाइल नंबर का होना बेहद ही जरूरी है। वहीं आपको बता दें कि EPS को साल 1995 में लॉन्च भी किया गया था और इस योजना में मौजूदा और नए ईपीएफ सदस्य शामिल भी हो सकते हैं। एंप्लाइज पेंशन स्कीम (EPS) में प्रत्येक महीने एंप्लॉयर का हिस्सा 8.33 पर्सेंट और सेंट्रल गवर्नमेंट का 1.16 पर्सेंट हिस्सा शामिल होता है।

  • ऑनलाइन इनकम टैक्स भरने वालों को उठानी पड़ेगी ये दिक्कत

    डेस्क। अगर आप ऑनलाइन इनकम टैक्स भरते हैं तो ये खबर केवल आपके लिए है। टैक्स चुकाने से पहले आपको यह पता होना चाहिए कि आपका बैंक टैक्स पेमेंट सुविधा रूट से जुड़ा हुआ और इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल ने ई-पे टैक्स की सेवा भी शुरू कर दी है।
    बैंक ई-पे ऐसे ग्राहकों के कर से जुड़ा होगा जो बैंक TIN-NSDL वेबसाइट से नए ई-फाइलिंग पोर्टल पर माइग्रेट हो चुके हैं। ऐसे ग्राहकों को ही ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा मिलेंगी।
    कई बैंक जो नए आयकर पोर्टल पर माइग्रेट हो गए हैं, उन्हें ई-फाइलिंग आयकर पोर्टल पर कर भुगतान की सुविधा मिल रही है और सीबीडीटी (केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड) के अनुसार, कई बैंकों ने कर की OLTAS ई-भुगतान प्रणाली से TIN-NSDL वेबसाइट पर स्विच भी किया है। नई प्रत्यक्ष कर भुगतान प्रणाली को CPC 2.0 – TIN 2.0. नाम दिया है। और हम आपको ऐसे बैंकों के बारे में बता रहे हैं जो नए इनकम टैक्स पोर्टल पर माइग्रेट हो चूके हैं। पर ये बैंक एनएसडीएल पोर्टल पर आयकर भुगतान के लिए अभी उपलब्ध नहीं हैं।
    इन बैंकों ने नए आयकर पोर्टल पर नहीं किया माइग्रेट 
    जिन बैंकों ने नए आयकर पोर्टल पर माइग्रेट नहीं किया है उनमें शामिल हैं, एक्सिस बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, इंडियन बैंक, करूर वैश्य बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, फेडरल बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक भी।
    मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो एक रिपोर्ट में कहा गया है कि नए टैक्स पोर्टल पर माइग्रेट करने वाले बैंकों के ग्राहकों को संबंधित बैंक द्वारा सूचित कर दिया गया है। वहीं आईसीआईसीआई बैंक की ओर से खाताधारकों को भेजे गए संदेश में यह लिखा है कि आयकर विभाग ने प्रत्यक्ष कर भुगतान के लिए आईसीआईसीआई बैंक को नए कर सूचना संस्करण 2.0 में माइग्रेट भी कर दिया है।

  • मुझे बचा लो…श्रद्धा ने फ्रेंड्स को सुनाई थी आप बीती

    डेस्क। श्रद्धा वाकर (Shraddha Walker) की खौफनाक हत्या मामले में लगातार नए खुलासे हुए हैं। वहीं मृतका के दोस्तों ने यह बताया है कि हत्या से पहले उसके बॉयफ्रेंड आफताब पूनावाला ने कई बार उसके साथ मारपीट भी की थी।
    उन्होंने यह बताया कि एक वक्त ऐसा आया था, जब श्रद्धा को आभास हो गया था कि उसकी हत्या हो सकती है और उसने खुद को बचाने के लिए दोस्तों से मदद भी मांगी थी।
    श्रद्धा के दोस्त लक्ष्मण नादर ने इंडिया टुडे से बात करते हुए हुए घटनाक्रमों के बारे में जानकारी दी है साथ ही उन्होंने कहा,’उन लोगों के बीच बहुत मारपीट होती थी और एक बार उसने मुझे वॉट्सऐप पर मैसेज भी किया और कहा कि मैं उसे उसके घर से बचा कर ले जाऊंगा।
    उसने यह भी कहा था कि ‘अगर मैं उसके (पूनावाला) साथ आज रुकूंगी तो वो मुझे मार देगा’ साथ ही हम लोग उस दिन उसे उसके घर से बचा कर लाए थे पर हमने आफताब को चेतावनी भी दी थी कि हम पुलिस में उसकी शिकायत करेंगे वहीं श्रद्धा के कहने पर हमने ऐसा नहीं किया था।’
    नादर ने ही श्रद्धा के भाई को अगस्त महीने में बताया था कि वो ढाई महीने से भी अधिक समय से दोस्तों के संपर्क में नहीं रही है। वहीं श्रद्धा के भाई ने ये बात अपने पिता को बताई, जिन्होंने मानिकपुर पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई थी।
    बता दें अगस्त महीने से मुझे चिंता होने लगी थी क्योंकि दो महीने से भी ज्यादा समय से श्रद्धा की किसी से बात नहीं हुई थी और उसने मेरे किसी भी मैसेज का जवाब नहीं दिया, और उसका फोन स्विच ऑफ था। इसी के चलते मुझे चिंता भी होने लगी थी वहीं मैं बाकी दोस्तों से उसके बारे में पूछने लगा और फिर उसके भाई को इसकी जानकारी भी दे दी।’
    बता दें इस बीच पूनावाला के पड़ोसियों ने यह बताया कि उन्होंने श्रद्धा को 2019 में कई मौकों पर पूनावाला के घर पर जाते हुए देखा था। पूनावाला का एक छोटा भाई भी है और वो श्रद्धा के साथ शिफ्ट होने से पहले अपने माता-पिता के साथ वसई वेस्ट में रह करता था।