Category: national

  • ईरान जवाब देना जानता है हमारे जवाब से टूटेगा शीश महल

    विदेश– ईरान की ओर से एक बार पुनः सऊदी अरब को चेतावनी दी गई है। जिसमे ईरान ने साफ कहा है कि अगर हमारा सब्र का बांध टूट गया तो शीशे का महल टूट जाएगा।
    उन्होंने आगे कहा, हनारा रणनीतिक सब्र कितने दिन रहेगा इसकी हम गारंटी नही ले सकते हैं। अगर हनारा सब्र टूट गया। तो सऊदी अरब का शीश महल टूट कर बिखर जाएगा।
    अगर ईरान ने सजा देना शुरू किया। तो स्थिति बेहद निराशाजनक होगी। हालाकि आप यह जानते हैं कि ईरान सजा देना जानता है। हमारी सजा से आपके यहाँ सब बिखर सकता है।
    जानकारी के लिए बता दें ईरान में इस समय हिजाब को लेकर महिलाएं प्रदर्शन कर रही है। जगह जगज हिजाब जलाए जा रहे हैं। वही ईरान का मानना है कि उसके यहां जो प्रदर्शन आज हो रहा है उसको अमेरिका और सऊदी अरब के साथ अन्य पड़ोसी देशों ने हवा दी है।
    इस्माइल खतीब ने कहा सऊदी अरब को चेताते हुए कहा, एक देश की तरक्की अन्य देश से जुड़ी होती है। अगर आप चाहते हैं कि सब स्थिर रहे तो आपको अपने पड़ोसी के खिलाफ साजिश नही रचनी चाहिए। 
    अगर एक देश मे अस्थिरता आती है। तो इसका प्रभाव सिर्फ उस देश तक ही नही रहता बल्कि उससे आसपास के पड़ोसी देश भी प्रभावित होते हैं। ईरान की अस्थिरता का प्रभाव सऊदी अरब पर देखने को मिल सकता है।

  • तुर्की में हुआ हमला 6 लोगो की मौत 81 घायल

    विदेश– तुर्की के शहर इस्तांबुल में एक महिला हमलावर ने आत्मघाती हमले से सभी को डरा दिया है। हमला काफी भयानक था। यह तुर्की के उस इलाके में हुआ जो काफी व्यस्त माना जाता है। इस हमले में मौके पर 6 लोगो की मौत हो गई और 81 लोग इस हमले में घयाल हुए हैं।
    घटना की पुष्टि उप राष्ट्रपति फुआत ओक्टे ने की है। उन्होंने कहा है कि आत्मघाती हमले में तुर्की के शहर इस्तांबुल का माहौल बिगाड़ दिया है। कई लोग इस हमले की चपेट में आ गए हैं। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया है। उनका इलाज जारी है।
    हमले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा यह हमला बेहद डरावना था। इस्तांबुल के गवर्नर अली येरलिकया ने ट्वीट किया हमला करीब 4:30 मिनट पर हुआ है। अभी तक इस बात की पुष्टी नही हुई है कि इस हमले के पीछे अमुख कारण क्या था। हालाकि सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि इसके पीछे क्या कारण थे।

  • अपनी मां की याद में बेटा बनवा रहा है भव्य मंदिर, जाने वजह

    देश– कहते हैं मां से बढ़कर इस जीवन मे कोई नही हो सकता। एक मां ही है जो हमे निस्वार्थ प्रेम कर सकती है। वही अब अपनी मां की याद में एक बेटा भव्य मंदिर का निर्माण करवाने जा रहा है।
    खबर आंध्रप्रदेश की है। जहां श्रीकाकुलम में एक बेटा अपनी मां की याद में भव्य मंदिर का निर्माण करवा रहा है। बेटे का कहना है कि वह अपनी पीढ़ियों के लिए एक मिशाल बनना चाहता है। 
    बेटे का कहना है कि इस मंदिर में उसकी मां की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इस मंदिर का काम उसने साल 2019 में शुरू करवाया था। वही अब जल्द ही यह मंडी5बनकर तैयार हो जाएगा।
    बेटे का नाम श्रवण कुमार है। बेटा का कहना है कि इस मंदिर में उनकी मां की 6 फीट ऊंची मूर्ति स्थापित की जाएगी। मैं अपनी मां से अत्यधिक प्रेम करता था। वह मेरे लिए मेरा ईश्वर थी। अभी कुछ साल पहले मैंने उन्हें खो दिया है। लेकिन अब मैं उनका मंदिर बनावा रहा हूँ। मुझे लगेगा मेरी मां मेरे साथ है।

  • जम्मू कश्मीर में पुलिस ने चरमपंथी को किया ढेर

    देश– जम्मू कश्मीर पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद के एक चरमपंथी को ढेर करने का दावा किया है। पुलिस सूत्रों ने कहा दक्षिण कश्मीर में आज सुबह तड़के सुरक्षाकर्मियों और चरमपंथी के मध्य मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में सुरक्षा कर्मियों ने अपने पराक्रम के बलबूते पर चरमपंथी को मार गिराया। 
    बताया जा रहा है कि पुलिस ने जिस चरमपंथी को ढेर किया उसका नाम कामरान है। यह आतंकी कुलग्राम और शोपियां में सक्रिय रहता है। यही एरिया इसके टारगेट में था। पुलिस ने इस इलाके की जांच पड़ताल शुरू करदी है।

  • कोर्ट ने दिया राजीव गांधी की हत्या के आरोपियों की रिहाई के आदेश, कांग्रेस भड़की

    देश– राजीव गांधी हत्याकांड के आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से समय से पूर्व रिहाई मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर कांग्रेस ने गुस्सा जाहिर किया है और इसे गलत ठहराया है।
    कांग्रेस ने ट्वीट करते हुए कहा, सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों को रिहा कर दिया है। उनकी रिहाई समय से पूर्व हुई है। कांग्रेस पार्टी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की आलोचना करती है और इसे गलत बताती है।
    उन्होंने आगे कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सुप्रीम कोर्ट ने भारत की भावनाओ को नही समझा और उसके अनुरूप काम नही किया।
    जानकारी के लिए बता दें सुप्रीम कोर्ट ने 18 मई 2022 को संविधान के अनुच्छेद 142 को लागू करते हुए पेरारीवलन को रिहा कर दिया था जिसने राजीव हत्याकांड में 30 साल से अधिक जेल की सज़ा काट ली थी.
    सुप्रीम कोर्ट ने कहा, राजीव गांधी हत्याकांड के दोषी नलिनी श्रीहरन और आरपी रविचंद्रन समेत सभी दोषियों को रिहा किया जाए।पेरारीवलन के मामले में पारित आदेश नलिनी और रविचंद्रन दोनों पर लागू होता है.
    कोर्ट ने कहा, दोषी काफी वक्त जेल में बिता चुके हैं। जेल में उनका व्यवहार संतोष जनक रहा है। उनके आचरण में कोई खोट नही देखा गया। जिसे देखते हुए कोर्ट ने यह निर्णय लिया है।

  • श्रीलंका की तर्ज पर जल रहे यूरोपीय देश, उल्टी पड़ गई ये चाल

    डेस्क। Protest against Inflation In Europe: यूक्रेन पर रूस ने हमला एक दो वजहों से नहीं बल्कि कई कारणों के चलते हुआ। डोनबास में यूक्रेन ने जमकर कत्लेआम भी मचाया, वहीं मिंस्क समझौते का उल्लंघन करने की जीद पर अड़ गया। इसके अलावा कई और गलतियों के चलते रूस को यूक्रेन को सबक सिखाने के लिए सैन्य अभियान खोला था। यहीं पर अमेरिका और नाटो को मौका मिल गया कि रूस को क्षति पहुंचाई जा सके।  
     अमेरिका और नाटो ने यूक्रेन की आड़ में रूस को कमजोर करने की भरपूर कोशिश भी की। रूस के खिलाफ कड़े से कड़े प्रतिबंध लगाये पर इन प्रतिबंधों का असर रूस से बजाया उलटा पश्चिमी (Protest against Inflation In Europe) देशों पर पड़ने लगा। जिस कारण से आज कई पश्चिमी देशों में हाहाकार मचा हुआ है। वहीं लोग नाटो के इन फैसलों के खिलाफ सड़कों पर हैं। 
     यूरोप (Protest against Inflation In Europe) में हर जरूरी चीज के दामों में भारी इजाफा हुआ है। अब यूरोप की भी जनता का कहना है कि, नाटो को इस जंग से पीछे हट लेना चाहिए। पहले अपने लोगों और देश का ध्यान रखना चाहिए वहीं रूस तो नहीं लेकिन यूरोप इससे जरूर टूट गया है।
    यूरोप रूस से मिलने वाले तेल और गैस पर निर्भर है। और प्रतिबंधों के चलते इसपर जब असर पड़ा तो पूरे यूरोप में हाहाकार मच गया। जर्मनी में तो कई सदियों पूराने कारखाने भी बंद हो चुके हैं। महंगाई वहां पर चरम पर जा रही है। वहीं ब्रिटेन तो की मार झेल रहा है। इसकी अर्थव्यवस्था भारत की भी नीचे जा गिरी है। वहीं सबसे ज्यादा बुरा हाल इस वक्त ग्रिस का है।

  • 54 के टीचर ने 15 छात्राओं का किया यौन उत्पीड़न, मामला दर्ज

    देश– आज देश मे महिलाओं के खिलाफ अपराध तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। अब यह नही समझ आता है कि कौन महिलाओं का हितैषी है और कौन उनके खिलाफ साजिश रच रहा है।
    वही इस बीच बेंगलुरु के एक सरकारी स्कूल से टीचर द्वारा छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि टीचर को हिरासत में ले लिया गया है। उसकी उम्र 54 साल है। उसपर 15 छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न करने का मामला दर्ज किया गया है।
    टीचर का नाम अंजनप्पा हेब्बल है। यह सरकारी स्कूल में बच्चो को फिजिकल एजुकेशन पढ़ता था। इसकी इन गंदी हरकतों का खुलासा तब हुआ। जब 9 वीं व 10 वीं की छात्राओं ने इसकी हरकतों के बारे में अपने परिजनों को बताया।
    माता पिता ने इस बात की जानकारी स्कूल प्रिंसिपल को दी। स्कूल प्रिंसिपल ने जांच करवाई। तो पता चला की टीचर लंच के दौरान बच्चियों को गलत तरीके से छूता था और उनको चूमता था। जब आरोप की पुष्टि हुई तो पुलिस ने शिक्षक को हिरासत में ले लिया है।
    शिक्षक पर यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण यानी Pocso एक्ट और भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

  • श्रद्धा मर्डर केस- पुलिस को मिले शरीर के 10 टुकड़े जांच जारी

    देश– आफ़ताब और श्रद्धा की कहानी ने पूरे देश को दहला दिया है। लोगो का किसी पर विश्वास करना मुश्किल हो रहा है। जिस बेहरहमी से आफ़ताब ने श्रद्धा को मौत के घाट उतार दिया उसे सुनकर रूह कांप जाए। 
    वही पुलिस लगातार इस मामले की तह तक जाने की कोशिश में लगी है। आफताब को गिरफ्तार करने के बाद उससे पूंछताछ की जा रही है। वही अब पुलिस ने इस मामले में दिल्ली के महरौली के जंगल और नाले से कुछ हड्डियों को बर्बाद किया है।
    हड्डियों को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है। यह रीढ़ की हड्डी है। पुलिस को करीब 10 हड्डियां मिली है। वही आफ़ताब के घर की जांच पड़ताल में किचन में खून के धब्बे देखे गए हैं। सभी के सैम्पल को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। वही आफताब से इस केस के परिपेक्ष्य में पूंछताछ जारी है।
    बता दें श्रद्धा आफ़ताब की प्रेमिका थी। दोनो लिव इन रिलेशनशिप में रहते थे। परिजनों के इनकार के बाद श्रद्धा आफ़ताब के साथ अपना सब छोड़कर चली आई थी। श्रद्धा आफताब दिल्ली से मुंबई आए थे। वही जब श्रद्धा ने आफ़ताब पर शादी का दवाब बनाया तो उसने उसे गला घोंटकर मार दिया और उसके शरीर के 35 टुकड़े किए।

  • कांग्रेस अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला ने छोड़ा अपना पद

    देश- जम्मू कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस बात की जानकारी कांग्रेस की ओर से मिली है और बताया गया है कि अगले महीने दिसम्बर में नए अध्यक्ष का चुनाव होगा।
    कांग्रेस की ओर से जारी ट्वीट में कहा गया, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फारुख अब्दुल्ला ने अपने पद से इस्तीफा देने की बात कही है । उन्हें समझाने का हर सम्भव प्रयास किया गया है। लेकिन वह अपनी बात पर अडिग रहे।
    हालाकि अब संवैधानिक व्यवस्था के आधार पर दिसम्बर में अध्यक्ष पद का चुनाव होगा और जम्मू कश्मीर कांग्रेस को नया अध्यक्ष मिल जाएगा।

  • 80 हजार कर्मचारियों को मिलने जा रही प्रमोशन की सौगात, भारतीय रेलवे ने दी खुशखबरी

    डेस्क। Railway News : रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अब लेवल 6 के कर्मचारी लेवल 7 और 8 तक आसानी से पहुंच पाएंगे। इससे रेलवे पर आर्थिक रूप से कोई भार भी नहीं पड़ेगा।
    Railway News : रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज रेल कर्मचारियों के लिए बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी दे डाली है। वहीं रेल मंत्री ने रेलवे के सुपरवाइज़र ग्रेड यानी ग्रेड 7 के अंतर्गत आने वाले रेलवे के 80 हज़ार कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर दी है और यह बताया गया कि मौजूदा व्यवस्था में इन कर्मचारियों का प्रमोशन नहीं हो पाता था और अगर होता भी था तो ये बहुत मुश्किल हो पाता था। 
    रेल मंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बताया कि इस समस्या को दूर कर लिया गया है वहीं रेल मंत्री ने यह बताया कि रेलवे में अस्सी हज़ार का कैडर है, जो रेलवे की रीढ़ बना हुआ है। इसमें स्टैगनेशन की समस्या भी बनी हुई थी और उनको प्रमोशन नहीं मिल पाता था वहीं इस समस्या का हल निकाला गया है। 
    उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अब लेवल 6 के कर्मचारी लेवल 7 और 8 तक पहुंच सकेंगे और कुछ लोग लेवल 9 तक भी पहुंच सकेंगे वहीं ग्रुप A के अधिकारियों के समकक्ष तक पहुंच सकेंगे। इससे रेल परिवार में बहुत ख़ुशी आती दिख रही है। इससे पहले रेल कर्मचारियों के भीतर प्रमोशन न होने के कारण काफ़ी डिप्रेशन रहा करता था। इससे काम भी बहुत प्रभावित होता था।
    रेल मंत्री ने यह बताया कि सुपरवाइज़र ग्रेड लेवल 6 में आते हैं और इनमें स्टेशन मास्टर, जूनियर इंजीनियर, पाथ वे इन्स्पेक्टर आदि होते हैं। ये डिप्टी डायरेक्टर से नीचे की पोस्ट होती हैं और इस नए फ़ैसले से हर महीने ढाई से चार हज़ार रुपये महीने का फ़ायदा प्रति कर्मचारी को होता है। वहीं कुछ खर्चे कम हुए हैं, उनकी जगह ये फ़ायदा जरुर दिया जाएगा।
     इससे रेलवे पर आर्थिक रूप से कोई भार नहीं पड़ने वाला। वहीं इसमें कोई एलिजिबिलिटी आदि चेक नहीं की जानी है बल्कि सभी अस्सी हज़ार कर्मचारियों को इसका फ़ायदा मिलेगा ही मिलेगा। ये बहुत बड़ा मॉरल बूस्टर साबित होगा है।