Category: national
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दहशत में दिल्ली- महिलाओं के खिलाफ अपराध में हुआ 56 फीसदी इजाफा
Delhi – देश मे बढ़ते अपराध देखकर हर कोई चिंतित हैं। वही अगर हम राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की बात करे तो यहां अपराध की रफ्तार तेजी से बढ़ी है। दिल्ली में करीब 440 फीसदी अपराध में बढ़ोतरी देखी गई है। जो वास्तव में चिंता का विषय बनी हुई है।जानकारी के लिए बता दें दिल्ली में बढ़ते अपराधों के परिपेक्ष्य में प्रजा फाउंडेशन द्वारा ‘स्टेट ऑफ पुलिसिंग और लॉ एंड ऑर्डर इन दिल्ली‘ ने एक आकड़ा प्रस्तुत किया है। इस आंकड़े में यह दावा किया गया है कि दिल्ली में 440 फीसदी अपराध में बढ़ोतरी हुई है और दिल्ली प्रशासन से अपराध पर त्वरित कार्यवाही भी नही की है।उनकी रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में साल 2012 से लेकर 2021 के बीच अपराध में बढ़ोतरी हुई है और दिल्ली में चोरी, रेप , मारपीट जैसी घटनाएं ज्यादा सामने आई है। रिपोर्ट को देखकर यह तो साफ है कि अब लोग अपराध बर्दाश्त नही कर रहे हैं और अपने खिलाफ होने वाले अनन्या के खिलाफ कानून का सहारा ले रहे हैं। लेकिन एक सवाल यह भी है कि कानून उनकी कितनी मदद कर रहा है।प्रजा फाउंडेशन की ओर से रिपोर्ट जारी करते हुए कहा गया, दिल्ली में अपराध की बढ़ती गति चिंताजनक है। क्योंकि अपराध कभी भी लोगो को सुख नही देता। अपराधों की अगर बात करे तो महिलाओ के खिलाफ होने वाले अपराध की संख्या में 56 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसे रोकने के लिए प्रशासन को कठोर कदम उठाने चाहिए। क्योंकि न्याय में देरी कही न कही अपराधियों को बढ़ावा देती है। -
इमरान खान हैं नए बेनजीर भुट्टो
इस्लामाबाद | पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हत्या की नाकाम कोशिश से रावलपिंडी में कई समीकरण बदलने की संभावना है, पाकिस्तानी सेना का मुख्यालय जहां वर्तमान में शीर्ष जनरलों को आलोचनाओं और आरोपों की बाढ़ से निपटना होगा। दरअसल, घायल इमरान खान आईएसआई-निदेशालय सी के प्रमुख मेजर जनरल फैसल नदीम पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा चुके हैं। नदीम को कुछ दिनों पहले, खान द्वारा ‘डर्टी हैरी’ के रूप में उपनाम दिया गया था।
नदीम और उनके एक सेक्टर कमांडर हाल ही में पीटीआई के एक वरिष्ठ नेता आजम स्वाति को कथित रूप से प्रताड़ित करने के लिए चर्चा में थे। स्वाति को सेना को बदनाम करने वाले एक कथित ट्वीट के लिए हिरासत में लिया गया था। स्वाति ने नदीम और एक अन्य आईएसआई अधिकारी पर उसके कपड़े उतारकर बेरहमी से पीटने का आरोप लगाया। इमरान खान ने दोनों आईएसआई अधिकारियों को ‘डर्टी हैरी’ कहकर तत्काल बर्खास्त करने की मांग की थी।
प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद से ही इमरान खान सेना प्रमुख जनरल जावेद कमर बाजवा और उनके अन्य अधिकारियों पर लगातार निशाना साध रहे हैं। खान पहले बाजवा के आश्रित नहीं थे, जिन्होंने अपने पूर्व बॉस राहील शरीफ के साथ मिलकर उन्हें सत्ता तक पहुंचाया था। सत्ता संघर्ष में बेनजीर भुट्टो और इमरान खान की कहानी एक जैसी ही लगती है। इमरान के निष्कासन ने उन्हें अधिक से अधिक सार्वजनिक समर्थन के लिए प्रेरित किया और तब, बेनजीर भुट्टो के पाकिस्तान लौटने के बाद उनके सख्त सेना-विरोधी रुख को लोगों के बीच सहानुभूति मिली थी।
इमरान खान की गाथा पूर्व प्रधान मंत्री बेनजीर भुट्टो की कहानी के समानांतर है, जिनकी दिसंबर 2007 में हत्या कर दी गई थी। वह इमरान खान की तरह भाग्यशाली नहीं थी, बेनजीर सेना को चुनौती देने के लिए सत्ता संभालने की राह पर थी तब उन्हें मार दिया गया था। उन्होंने भी कई आईएसआई अधिकारियों और राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ पर उनकी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था। इमरान खान की तरह, उसने भी कुछ आईएसआई अधिकारियों और अन्य लोगों का नाम लिया था, जिनमें मुशर्रफ के करीबी विश्वासपात्र, ब्रिगेडियर एजाज शाह शामिल थे, जिनकी आतंकवादी समूहों के साथ संलिप्तता सर्वविदित थी। बाद में पता चला कि बेनजीर को तत्कालीन आईएसआई प्रमुख नदीम ताज ने उस रैली में शामिल नहीं होने की चेतावनी दी थी जिसमें वह मारी गई थीं।
वहीं इमरान खान के मामले में हाल ही में, आईएसआई प्रमुख नदीम अंजुम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया था, जिसमें इमरान खान पर कई चीजों का आरोप लगाया था, जिसमें जनरल बाजवा को ‘आजीवन विस्तार’ के साथ लुभाना भी शामिल था। आईएसआई प्रमुख के बयान को लेकर व्यापक रूप से हड़कंप मच गया लेकिन इमरान खान ने इसे ‘झूठ’ बताकर खारिज कर दिया और इस्लामाबाद तक अपने लंबे मार्च के साथ आगे बढ़ गए।
अपने अनौपचारिक निष्कासन के बाद से, इमरान खान ने सेना के नेतृत्व को ‘जानवर’, ‘तटस्थ’ और ‘देशद्रोही’ कहने के आरोपों पर भी वह खुलकर कुछ नहीं बोले। आईएसआई के प्रमुख दबाव के बाद, उन्होंने आईएसआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ‘डर्टी हैरी’ को बर्खास्त करने का आह्वान करते हुए उनसे सीधा मुकाबला करने का फैसला किया था, जिन्होंने कथित तौर पर उनकी पार्टी की सहयोगी और सीनेटर स्वाति को प्रताड़ित किया था।
सेना के भीतर घबराहट स्पष्ट है। इमरान खान पिछले कुछ समय से नेतृत्व के बीच बांटने वाले एजेंट रहे हैं। कुछ जनरल बाजवा के छोड़ने से खुश नहीं थे। मध्य रैंकों और सैनिकों के भीतर भी इसी तरह के मतभेद थे। कहा जाता है कि बाजवा को व्यक्तिगत रूप से तूफान को शांत करना पड़ा। वह कितना सफल रहा, यह ज्ञात नहीं है। दरअसल, पूर्व आईएसआई प्रमुख जहीरुल इस्लाम समेत सेना के कई सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी इमरान और उनकी पार्टी पीटीआई के समर्थन में खुलकर सामने आए थे। रावलपिंडी में कई ऐसे हैं जो सोचते हैं कि सेना की ओर से अपने आश्रितों के साथ संबंध तोड़ना जल्दबाजी होगी। उन्हें लगता है कि नेतृत्व हवा की दिशा को समझने में विफल रहा है। इमरान, चाहे उनकी असफलताएं कुछ भी हों, आज अपने विरोधियों की तुलना में कहीं अधिक लोकप्रिय नेता हैं।
इमरान खान को सीधे चुनौती देने की सेना की योजना, जिस पर आईएसआई प्रमुख स्पष्ट रूप से कह रहे थे, काम नहीं आई। दरअसल, हत्या की नाकाम कोशिश के साथ ही बेनजीर भुट्टो की तरह इमरान खान की भी लोगों के बीच लोकप्रियता बढ़ी है। इमरान खान की लोकप्रियता बढ़ने के साथ, लोगों के साथ सेना का नाता भी उतना ही चौंका देने वाला रहा है, जिसमें से अधिकांश जनरल जावेद कमर बाजवा की विफलताओं को उजागर करते हैं। अगर बाजवा और उसके लोग इमरान खान के खिलाफ आगे बढ़ते हैं, तो यह पाकिस्तान के लोगों के साथ सेना का सबसे दुर्बल करने वाला संघर्ष होगा।
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एंप्लॉय की छटनी पर बोले मस्क मेरे पास कोई अन्य ऑप्शन नही था
देश– ट्विटर खरीदने के बाद एलन मस्क ने भारत के ट्वीटर कर्मचारियों की छटनी कर दी है। लोग बेरोजगार हो गए हैं। लोग एलन मस्क की निंदा कर रहे हैं। लेकिन मस्क इसे ट्वीटर की आवश्यकता बता रहे हैं।मस्क का कहना है कि रोज ट्विटर घाटे में जा रहा है। हमारे पास इसके अलावा कोई अन्य विकल्प नही था। कम्पनी को चार मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है।मस्क ने ट्वीट करते हुए एम्प्लॉय की छटनी पर पहली बार अपना पक्ष रखा। वह बोले , मेरे पास लोगों को नौकरी से निकालने के अलावा दुर्भाग्य से दूसरा कोई विकल्प नहीं था.कंपनी को प्रतिदिन चार मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है. बाहर निकाले गए सभी लोगों को तीन महीने की एक्सट्रा सैलरी दी गई है जो कि कानूनी रूप से आवश्यक से 50% अधिक है.Regarding Twitter’s reduction in force, unfortunately there is no choice when the company is losing over $4M/day.
Everyone exited was offered 3 months of severance, which is 50% more than legally required.
— Elon Musk (@elonmusk) November 4, 2022
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भाजपा विधायक की विधानसभा की सदस्यता रद्द
मुजफ्फरनगर | दो लोगों की हत्या के बाद 2013 में हिंसक प्रदर्शन के दौरान सरकारी काम में बाधा डालने के मामले 2 साल की सजा के ऐलान के बाद खतौली विधानसभा से भाजपा विधायक विक्रम सैनी को एक और बड़ा झटका लगा है। उनकी विधानसभा की सदस्यता को रद्द कर दिया गया है।
मुजफ्फरनगर जिले की सांसद/विधायक अदालत द्वारा 11 अक्टूबर को सुनाई गई सजा के बाद शुक्रवार को विधानसभा सचिवालय में विक्रम सैनी की सदस्यता समाप्त करते हुए, विधान सभा सचिवालय ने खतौली सीट रिक्त घोषित किए जाने संबंधी सूचना न्याय विभाग की रिपोर्ट आने के बाद ही सीट रिक्त घोषित करने पर निर्णय किया जाएगा।
दो लोगों की हत्या के बाद 2013 में हिंसक प्रदर्शन के दौरान सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में भाजपा विधायक विक्रम सैनी समेत 12 लोगों को दो साल की कैद की सजा सुनाई थी। साथ ही 10 हजार रुपये का जुमार्ना भी लगाया गया था।
गौरतलब हो कि वह 2017 से उसी विधानसभा सीट से दो बार विधायक हैं। वह कवाल गांव के मुखिया थे, जब उन पर 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों से संबंधित हत्या के प्रयास और अन्य आरोपों का आरोप लगाया गया था।
दो भाइयों की हत्या के बाद, अगस्त और सितंबर 2013 में मुजफ्फरनगर में दो समुदायों के बीच महीने भर तक झड़पें हुईं।
11 अक्टूबर को एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) की कोर्ट में भाजपा विधायक विक्रम सैनी को दोषी करार कर दिया था।अभियोजन अधिकारी राजीव शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने विक्रम सैनी को 2 साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई गई। इसके बाद विक्रम सैनी के अधिवक्ता की ओर से जमानत का प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। जिस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए 25-25 हजार के दो जमानती दाखिल करने पर अपील दाखिल तक विक्रम सैनी को अंतरिम जमानत दे दी थी।
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वेश्यालय में नाबालिग लड़की ने जबरदस्ती यौन संबंध बनाने की शिकायत की तो ग्राहक को नहीं छोड़ा जा सकता: कर्नाटक उच्च न्यायालय
बेंगलुरू | कर्नाटक उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर फैसला सुनाया कि अगर वेश्यालय में एक नाबालिग लड़की शिकायत करती है कि एक व्यक्ति ने जबरदस्ती यौन संबंध बनाए हैं, तो उसे ग्राहक के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जा सकता है और उसे छोड़ा नहीं जा सकता है। न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना की अध्यक्षता वाली एकल-न्यायाधीश पीठ ने 45 वर्षीय मोहम्मद शरीफ उर्फ फहीम हाजी की याचिका पर विचार करते हुए आदेश दिया, जिसमें उनके खिलाफ कार्यवाही को रद्द करने की मांग की गई थी।
पीठ ने कहा कि छापेमारी के दौरान पकड़े जाने वालों को ग्राहक माना जा सकता है। लेकिन अगर पीड़ितों, जो नाबालिग हैं, उन्होंने आरोपी के खिलाफ शिकायत की है, तो उन्हें केवल ग्राहक नहीं माना जा सकता है। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया था कि आरोपी एक ग्राहक था और उस पर मानव तस्करी का मामला दर्ज किया गया। यह भी तर्क दिया गया था कि जांच अधिकारी ने एक मामले के लिए कई प्राथमिकी दर्ज की थी, और इसलिए, मामले को रद्द कर दिया जाना चाहिए।
हालांकि, अदालत इससे सहमत नहीं हुआ और याचिकाकर्ता की याचिका खारिज कर दी। इस मामले में 17 साल की एक लड़की अपने रिश्तेदार के साथ रहकर पढ़ाई कर रही थी। मदद की आड़ में उससे संपर्क करने वाले आरोपी ने उसे वेश्यालय में धकेल दिया। उन्होंने ग्राहकों के साथ लड़की का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था और उसे देह व्यापार करने के लिए मजबूर किया था।
आरोपी ने लड़की को धमकी दी थी कि अगर उसने उनकी बात नहीं मानी तो वह उसका वीडियो सोशल मीडिया पर डाल देंगे। जांच के अनुसार, याचिकाकर्ता ने नाबालिग लड़की के साथ यौन संबंध बनाए और उसे धमकाया।
आरोपी के चंगुल से बच निकलने में कामयाब रही किशोरी ने इसकी सूचना अपने माता-पिता को दी और पुलिस में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने याचिकाकर्ता सहित कई आरोपियों को व्यक्तियों की तस्करी (रोकथाम, संरक्षण और पुनर्वास) अधिनियम, यौन अपराधों से बच्चों की रोकथाम (पॉक्सो) अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया और आरोप पत्र अदालत में पेश किया।
अदालत ने कहा कि यह छापे का मामला नहीं है, और हालांकि पीड़ित एक इंसान है, उसके खिलाफ किए गए अपराध अलग प्रकृति के हैं, और सभी मामलों को एक मामले के रूप में जोड़ने की मांग करना संभव नहीं है।
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मस्क ने बेचे अपने 1 करोड़ 95 लाख शेयर
International – टेस्ला कम्पनी के मालिक एलन मस्क ने अपने 1 करोड़ 95 लाख शेयर बेच दिए हैं. इनकी कीमत करीब 3.95 अरब डॉलर है. इस बात की जानकारी यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन की ओर से प्राप्त हुई है।जानकारों का कहना है मस्क के इस फैसले ने टेस्ला निवेशकों को हिला कर रख दिया है। वही उन्होंने ऐसा तब किया है जब अभी हाल ही में उन्होंने 44 बिलियन डॉलर देकर ट्वीटर को खरीदा है।बताते चलें एलन मस्क ने इस साल के अप्रैल में 8.5 अरब डॉलर और अगस्त में करीब 7 अरब डॉलर के टेस्ला शेयर बेचे थे. -
चीन की सेना रहे युद्ध के लिए तैयार
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपनी नीतियों के लिए जाने जाते हैं। वही अब खबर आ रही है कि उन्होंने अपनी सेना को यह आदेश दिया है कि वह युद्ध हेतु अपनी कमर कस लें।शी जिनपिंग ने कहा है कि चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा अस्थिरता का सामना कर रही है। हमे खुद को मजबूत करने की आवश्यकता है। इसी कारण हमने यह आदेश दिया है कि हमारे सैनिक खुद को तैयार रखे।चीनी एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक चीन की पूरी सेना को युद्ध की तैयारी, लड़ने और जीतने की क्षमता बढ़ाने के लिए अपनी सारी शक्ति का इस्तेमाल करना चाहिए। -
गौतम नवलखा को हाउस अरेस्ट का आदेश पारित, कोर्ट ने बनाए यह नियम
देश– सुप्रीम कोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा की उस याचिका को स्वीकार कर लिया है। जिसमे उन्होंने कोर्ट से यह मांग की थी कि उनका स्वास्थ्य खराब है। उम्र अधिक हो गई है। जिस लहजे से उन्हें हाउस अरेस्ट किया जाना चाहिए।जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस ऋषिकेश रॉय ने ये आदेश पारित करते हुए कहा, उन्हें पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने में खर्च हुए दो लाख चालीस हज़ार रुपये भी जमा करने होंगे। वही अब उन्हें एक माह के लिए तलोजा जेल से हाउस अरेस्ट हेतु ट्रांसफर किया जाएगा।कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी को यह आदेश दिया है कि वह 48 घण्टे के भीतर उस जगह का जायजा ले लें जहां उन्हें रखा जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा है कि 1 महीने तक वह हाउस अरेस्ट रहेंगे वहां उन्हें इंटरनेट से जुड़ी कोई भी डिवाइस नही दी जाएगी। न वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर सकेंगे।कोर्ट ने यह भी कहा है कि यदि अधिक आवश्यक होता है। तो उन्हें 10 मिनट हेतु मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने की आवश्यकता है। यह भी वह पुलिस की मौजूदगी में ही कर सकेंगे। वही उनसे मिलने उनकी बहन और बेटी हफ्ते भर तीन बार जा सकती है। बाकी उन्हें बाहर की दुनिया से दूर रखा जाएगा। -
चढ़ाई रोकने से नाराज हैं रूसी सैनिक, हफ्तों से जारी था संघर्ष
डेस्क। Russia-Ukraine Crisis: रूस और यूक्रेन की 24 फरवरी को शुरू हुई जंग में अब एक नया मोड़ आता नजर आ रहा है। रूस ने अपनी सेना को खेरसॉन को छोड़ने का आदेश दे दिया है।
रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने बुधवार को मास्को के सैनिकों को दक्षिणी यूक्रेन के खेरसॉन शहर से हटने का आदेश दिया है जिस पर यूक्रेनी सेना हफ्तों से आगे की ओर चढ़ाई कर रही है।रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने यूक्रेनी इलाके में रूस के कमांडर सर्गेई सुरोविकिन के साथ एक टेलीविज़न बैठक के दौरान यह कहा, “सैनिकों को तुरंत बाहर निकालना शुरू करें।” रक्षा मंत्री ने कहा कि उन्होंने खेरसॉन से नागिरकों को वापस खींचने और नीपर नदी के बाएं किनारे पर सुरक्षित पहुंचाने का “कठिन निर्णय” देना पड़ा है।
इससे पहले रूस ने खेरसॉन में तैनात अपने नागरिकों को वहां से निकाल दिया था। साथ ही स्थानीय सरकार के हटने के एक हफ्ते बाद 3 नवंबर को रूसी अधिकारियों ने खेरसॉन प्रशासन भवन से अपने देश का झंडा भी हटा दिया था।खेरसॉन पर रूस ने अपने आक्रमण की शुरुआत के बाद ही वहां कब्जा कर लिया था। ऐसा कहा जा रहा है कि सर्गेई शोइगु की घोषणा ने रूस, यूक्रेन पर हासिल अपनी सबसे बड़ी बढ़त गंवाने जा रहा है साथ ही जनरल सर्गेई सुरोविकिन ने कहा कि खेरसॉन शहर में आपूर्ति करना अब संभव नहीं है। वहीं रूस के प्रभावशाली युद्ध ब्लॉगर्स ने खेरसॉन शहर से सेना वापस लेने के मास्को के कदम पर खेद भी व्यक्त किया है। वार ब्लॉगर्स ने इसे रूसी सेना के लिए एक काला अध्याय करार दिया है। -
क्या अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरा है एलन मस्क जाने क्या बोले बाइडेन
विदेश– एलन मस्क ने ट्वीटर खरीद लिया है। ट्वीटर खरीद के बाद से एलन मस्क ट्वीटर में खूब बदलाव कर रहे हैं। वही अब एलन मस्क को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बड़ा बयान दिया है।जो बाइडेन ने कहा, एलन मस्क के निवेश ने विदेशों के साथ कुछ गलत है या नही इसपर नजर रखी जा सकती है। उन्होंने ऐसा तब कहा जब एक पत्रकार ने उनसे सवाल पूंछा की एलन मस्क क्या अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा है।क्या एलन मस्क का सऊदी अरब और अन्य विदेशी राज्यो की सरकार के साथ निवेश अमेरिका की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर रहा है। इस सवाल पर जो बाइडेन ने कहा, हमे एलन मस्क में तकनीकी रिश्तों पर ध्यान देना चाहिए। हमे देखना चाहिए वह कॉरपोरेट तौर पर अन्य देशों के साथ जुड़े हैं।वह क्या कर रहे हैं। वह अनुचित है या उचित इसकी सलाह नही दी जा सकती है। जानकारी के लिए बता दें बाइडन प्रशासन में ट्विटर के 44 अरब डॉलर के अधिग्रहण की राष्ट्रीय सुरक्षा समीक्षा को लेकर चर्चा हो रही है.क्योंकि इस अधिग्रहण में सऊदी अरब के प्रिंस अलवलीद बिन तलाल और कतर का सॉवरेन वेल्थ फंड शामिल है.