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  • कार चालक का तांडव, बाइक सवार को टक्कर मारने के बाद बाइक को 1 किलोमीटर तक घसीटा

    गाजियाबाद | गाजियाबाद में एक कार सवार का वीडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि इसमें बाइक सवार को टक्कर मारने के बाद कार के नीचे फंसी बाइक को करीब 1 किलोमीटर तक घसीटा और उससे चिंगारी निकलती रही। लेकिन इस कार सवार ने कार नहीं रोकी। जब राहगीरों ने इसका पीछा किया और जबरदस्ती इससे कार रुकवाई तब जाकर इस कार सवार ने कार रोकी। मिली जानकारी के मुताबिक गाजि़याबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक कार सवार युवक द्वारा एक मोटरसाइकिल को घसीटा जा रहा है। जिसमें से तेज चिंगारी निकल रही है। वायरल वीडियो गुरूवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे का है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। हालांकि लोगों ने कार चालक को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया था। जिसके बाद दोनों पक्षों में फैसला भी हो गया था।

    आपको बता दें गाजियाबाद के थाना इंदिरापुरम क्षेत्र के भोवापुर निवासी दो युवक गुरूवार देर रात करीब साढ़े ग्यारह बजे किसी काम से मोटरसाइकिल से जा रहे थे, जब दोनों युवक मंगल चौक के पास पहुंचे तो एक कार सवार युवक ने मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी जिससे मोटरसाइकिल सवार दोनों युवक गिर पड़े दोनों को मामूली चोट आई है इससे खबरा कर कार सवार युवक कार लेकर भागने लगा कार की टक्कर से सड़क पर गिरी मोटरसाइकिल कार के अगले हिस्से में फंस गई, लेकिन इसकी जानकारी कार चालक को नहीं हुई, कार के साथ घिसटती मोटरसाइकिल से चिंगारी निकलने लगी जिसे देख सड़क पर चल रहे लोगों ने कार सवार का पीछा शुरू कर दिया। लोगों को पीछा करते देख कार सवार ने और तेजी से कार बढ़ा दी और करीब एक किलोमीटर दूर जाकर लोगों ने कार सवार को पकड़ लिया और इसकी सूचना पुलिस को दे दी।

    पुलिस ने कार चालक को हिरासत में ले लिया। हालांकि बाद में इस प्रकरण में मोटरसाइकिल सवार और कार चालक का आपस में समझौता हो गया और मोटरसाइकिल सवार युवकों ने इसकी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई। शुक्रवार देर शाम इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई जिसके बाद हड़कंप मच गया, हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अब इस प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई में जुटी है।

  • Free Ration card: इन लोगों को नहीं मिलेगा फ्री राशन, 10 लाख कार्ड हुए रद्द

    Free Ration card: अगर आप भी फ्री राशन के लाभार्थी (free ration beneficiary)हैं तो यह खबर बस आपके लिए है क्योंकि अब लोगों को फ्री में गेंहूं, चना चावल नहीं मिलेंगे। 
    सरकार करीब 10 लाख राशन कार्ड रद्द करने का प्लान बना रही है। वहीं काफी समय के बाद विभाग ने देशभर से 10 लाख फर्जी राशन कार्डों (10 lakh fake ration cards) को चिंहित भी किया है। वहीं राशन कार्डों की समीक्षा भी अभी चल रही है, और कुछ दिन बाद यह संख्या बढ़ भी सकती है। तो आइये जानते हैं किन लोगों के राशन कार्ड रद्द (ration card canceled) होने की कितनी संभावना है।
    फ्री राशन (Free Ration card)का लाभ देश में 80 करोड़ से ज्यादा लोग ले रहे हैं पर देश में करोड़ों लोग ऐसे भी हैं जो इस सुविधा का लाभ लेने के पात्र ही नहीं है. इसके बावजूद भी फ्री राशन सुविधा (ration facility) का लाभ वो सालों से उठा रहे हैं। वहीं हाल ही में सरकार ने 10 लाख अपात्र राशन कार्ड धारकों को चिंहित भी किया है। जिन्हें अब फ्री गेंहू, चना चावल का लाभ नहीं मिल सकेगा क्योंकि अपात्र राशन कार्ड धारकों (ineligible ration card holders) की लिस्ट राशन डीलरों को भेजने के आदेश दिये जा चुके हैं। राशन डीलर नाम चिंहित कर ऐसे कार्ड धारकों की रिपोर्ट जिला मुख्यालयों को सौंपेंगे जिसके बाद इनके कार्ड भी रद्द कर दिये जाएंगे।
    एनएफएसए के मुताबिक जो कार्ड धारक इनकम टेक्स पे करते हैं वह इसके अलावा जिनके पास 10 बीघा से ज्यादा जमीन हैं। ऐसे लोगों की भी लिस्ट तैयार की है साथ ही वहीं कार्ड कैंसिल होने वालों में ऐसे लोग भी शामिल हैं जिन्होने पिछले 4 माह में फ्री राशन नहीं लिया है।
    साथ ही कुछ लोग ऐसे हैं जो फ्री राशन लेकर व्यापार करते हैं और ऐसे लोगों को भी चिंहित किया गया है। यह बताया जा रहा है कि फर्जी तरीके से राशन कार्ड का यूज करने वालों में सबसे ज्यदा संख्या यूपी की बताई जा रही है पर अभी भी राशन कार्ड धारकों की पात्रता चैक करने का काम जारी है।

  • जल्द खत्म हो जाएगी बॉन्ड नीति

    देश– डॉक्टर्स बॉन्ड नीति से काफी परेशान हैं। वही अब खबर है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) सिफारिश के आधार पर इस बॉन्ड नीति को खत्म करने का प्रयास कर रहा है।
    आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी है कि Bond Policy के अनुसार, डॉक्टरों को अपनी अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट डिग्री पूरी करने के बाद राज्य के अस्पतालों में एक विशिष्ट अवधि के लिए सेवा देने की जरूरत होती है, और ऐसा न करने पर उन्हें राज्य या मेडिकल कॉलेज को जुर्माना का भुगतान करना होता है।
    सूत्र ने बताया कि अगस्त 2019 में, सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों की बॉन्ड नीति को बरकरार रखा था और इस बात पर गौर किया गया कि कुछ सरकारें कठोर शर्तें लगाती हैं. 
    इसने सुझाव दिया कि केंद्र और तत्कालीन मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को सरकारी संस्थानों में प्रशिक्षित डॉक्टरों द्वारा प्रदान की जाने वाली अनिवार्य सेवा के संबंध में एक समान नीति तैयार करनी चाहिए जो सभी राज्यों में लागू होगी.
    सूत्र ने कहा, एनएमसी ने अपनी टिप्पणियों में कहा कि विभिन्न राज्यों द्वारा बॉन्ड नीति की घोषणा के बाद से, देश में मेडिकल एजुकेशन में बहुत कुछ बदल गया है और इसलिए, विभिन्न राज्यों द्वारा इस नीति की खूबियों/रभावशीलता की समीक्षा करना उचित हो सकता है.

  • हिंदूवादी नेता पर मंदिर के बाहर चली गोली हुई मौत

    देश– भारत मे हिंदूवादी होना मानो आज के समय मे नफरत का पात्र होना है। वही अब खबर पंजाब के अमृतसर से है। जहां एक हिन्दू वादी नेता पर गोली चलाई गई है और मौके पर उनकी मौत हो गई हैं।
    सूत्रों का दावा है कि सुधीर सुरी पर गोपाल मंदिर के बाहर हमला हुआ है। हमले में वह गम्भीर रुप से घायल हुए हैं। उन्हें इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
    इनका नाम बीते साल भी सुर्खियों में था। यह कट्टर हिन्दू थे और अपने धर्म खिलाफ कुछ भी सुनना इन्हें बर्दाश्त नही था। बीते साल इन्होंने एक विशेष समुदाय को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी जिस कारण इन्हें जेल में रहना पड़ा था।

  • G20: लोगो थीम और वेबसाइट का अनावरण करेंगे भारत के प्रधानमन्त्री मोदी

    डेस्क। पीएम नरेंद्र मोदी आज भारत की जी20 की अध्यक्षता के लोगो, थीम और वेबसाइट का अनावरण भी करेंगे। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी देते हुए कहा कि जी20 की अध्यक्षता भारत को अंतरराष्ट्रीय महत्व के महत्वपूर्ण मुद्दों पर वैश्विक एजेंडे में योगदान करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करने वाली है।
    वहीं मंत्रालय ने यह कहा कि देश की जी20 की अध्यक्षता के ये लोगो, थीम और वेबसाइट भारत के संदेश और दुनिया के प्रति उसकी व्यापक प्राथमिकताओं को प्रतिबिंबित भी करेंगे।
    1 दिसंबर से जी20 की अध्यक्षता पाएगा भारत
    भारत एक दिसंबर से इंडोनेशिया से जी20 की अध्यक्षता ग्रहण करने वाला है। जी20 या 20 देशों का समूह दुनिया की प्रमुख विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को एक अंतर सरकारी मंच देता है। इसमें अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) भी शामिल हैं।
    इसी कड़ी में विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री आठ नवंबर को शाम 4 बजकर 30 मिनट पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए भारत की जी 20 की अध्यक्षता के लोगो, थीम और वेबसाइट का अनावरण करने वाले हैं। वहीं’ जी20 शिखर सम्मेलन 15-16 नवंबर को बाली में होगा और मोदी समेत शीर्ष नेताओं का इसमें शामिल होना भी एकदम तय है। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा है कि, ”प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण से निर्देशित, भारत की विदेश नीति वैश्विक मंच पर नेतृत्व की भूमिका निभाने की दृष्टि से भी उभर रही है।”
     भारत करेगा 200 बैठकें आयोजित 
    मंत्रालय ने आगे जानकारी देते हुए कहा है कि जी20 की अध्यक्षता के दौरान, भारत देशभर में विभिन्न स्थानों पर 32 विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित लगभग 200 बैठकें भी आयोजित करेगा। वहीं अगले साल होने वाला जी20 शिखर सम्मेलन भारत के द्वारा आयोजित किया जाने वाला शीर्ष स्तर के अंतररष्ट्रीय सम्मेलनों में से एक होने वाला है।” भारत वर्तमान में जी20 ट्रोइका (वर्तमान, पिछली और आगामी जी20 अध्यक्षता) का हिस्सा है जिसमें इंडोनेशिया, इटली और भारत भी शामिल हैं।

  • सर जे.जे.अस्पताल परिसर में मिली 132 साल पुरानी ब्रिटिश युग की सुरंग

    मुंबई | ब्रिटिश काल में बनी 132 साल पुरानी सुरंग राज्य सरकार द्वारा संचालित सर जे.जे. अस्पताल के परिसर में मिली है, अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। अस्पताल की डीन डॉ. पल्लवी सपले ने बताया कि लगभग 200 मीटर लंबी सुरंग मिली है, इसकी आधारशिला पर ‘1890’ की तारीख का उल्लेख है और बुधवार को एक चिकित्सा अधिकारी ने उसे सबसे पहले देखा।

    उन्होंने मीडियाकर्मियों को बताया कि जिस इमारत के नीचे ईंट की दीवारों वाली सुरंग की खोज की गई है, वह महिलाओं और बच्चों के लिए तत्कालीन सर डी.एम पेटिट अस्पताल था, जिसे मार्च 1892 में भायखला के विशाल अस्पताल परिसर में खोला गया था। अस्पताल परिसर में स्थित इस भवन को बाद में नसिर्ंग कॉलेज में बदल दिया गया। हालांकि परिसर में एक सुरंग की अटकलें थीं, इसका पता लगाने के लिए कोई आधिकारिक रिकॉर्ड या मानचित्र नहीं था।

    अस्पताल के एक चिकित्सक डॉ. अरुण राठौड़ ने अपने नियमित दौर के दौरान, नसिर्ंग कॉलेज की दीवार के पास एक छेद पाया, और जब उसने वहां जाकर देखा तो सुरंग की खोज हुई। पूर्व महिला और बच्चों के वाडरें को जोड़ने के लिए सुरंग का निर्माण कथित तौर पर किया गया हो सकता है, हालांकि सटीक विवरण अभी पता नहीं हैं।

    सर जेजे अस्पताल की नींव 3 जनवरी, 1843 को रखी गई थी, और अब मिले पत्थर पर तारीख (1890) के अनुसार, यह दर्शाता है कि सुरंग का निर्माण बहुत बाद में किया गया होगा। अस्पताल के अधिकारियों ने आगे की जांच के लिए मुंबई में कलेक्ट्रेट और पुरातत्व विभागों को खोज के सभी विवरण प्रदान करने की योजना बनाई है। इससे पहले, अगस्त 2016 में, महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल सी.वी. राव को राजभवन परिसर के नीचे 15,000 वर्ग फुट में फैले एक विशाल भूमिगत बंकर और सुरंग मिली थी।

    बंकर, लगभग 110 साल से अधिक पुराना बताया गया। उसमें 13 कमरे थे, और उचित वेंटिलेशन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के साथ 20 फीट ऊंचे गेट से यहां पहुंचा जा सकता था। बंकर को साफ, मजबूत और संरक्षित किया गया जिसके बाद पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने यहां शहीद संग्रहालय का उद्घाटन किया।

    बाद में, नवंबर 2018 में, गवर्नर राव ने अरब सागर के सामने राजभवन परिसर की ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों से 22 टन वजन वाली दो विशाल ब्रिटिश-युग की युद्ध तोपों की खोज में मदद की। दो विशाल तोपों को क्रेन द्वारा उठाया गया और संरक्षित किया गया।

  • कल दिल्ली के स्कूल रहेंगे बन्द 10 नवम्बर को SC दिल्ली के प्रदूषण पर करेगा सुनवाई

    देश– प्रदूषण से दिल्ली की हवा जहरीली है। लोग लगातार केजरीवाल सरकार से सवाल पूंछ रहे हैं कि वह दिल्ली में प्रदूषण को रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं। 
    वही अब दिल्ली सरकार ने कहा है कि शनिवार को दिल्ली के सभी प्राइमरी स्कूल बंद रहेंगे। यह बात दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कही है।
    बता दें दिल्ली में लोगो की हालत खराब है। रोज वायु की गुणवत्ता खराब होती जा रही है। वही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में बड़े प्रदूषण पर कहा, हालत खराब है स्थिति पर कोर्ट का दखल आवश्यक है।
    कोर्ट ने यह भी कहा है कि वह दिल्ली में बढ़े वायु प्रदूषण के संदर्भ में 10 नवम्बर को सुनवाई करेगे। बता दें दिल्ली में बढ़े प्रदूषण के संदर्भ में एक याचिका कोर्ट में दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने को तुरंत रोका जाना चाहिए।
    जस्टिस यूयू ललित ने इस परिपेक्ष्य में कहा है कि यह मामला संजीदा है। सुनवाई होनी चाहिए क्योंकि हवा खराब है और लोग इससे पीड़ित हैं। इस मामले में हम 10 नवम्बर को सुनवाई करेगे।

  • कांग्रेस नेता – हिन्दू का अर्थ शर्मनाक यह भारत का है ही नही

    देश– कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सतीश लक्ष्मणराव जारकीहोली ने हिन्दू शब्द को लेकर बयान दिया है और वह अपने बयान के चलते बीजेपी के निशाने पर आ गए।
    उन्होंने अपने बयान में हिन्दू शब्द का अर्थ बताया और कहा, एसक मतलब शर्मनाक है। यह एक फारसी शब्द है। इसका भारत मे कोई मूल नही है। लोग ऐसे शब्द को कैसे मान सकते हैं जिसका भारत से ताल्लुक ही नहीं है।
    उनके बयान पर बीजेपी ने कहा, यह वोट बैंक की राजनीति है। कांग्रेस नेता का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिंसमे वह हिन्दू शब्द की उत्पत्ति का जिक्र कर रहे हैं। वह बता रहे हैं क्या यह शब्द अपना है।
    उन्होंने कहा आप विकीपीडिया देख ले। यह शब्द कहां से आया है। जब यह अपना है ही नही तो आप इसे इतना ऊपर क्यों रखे हुए हैं। 
    अगर आप इसका मूल मतलब समझ जायेंगे। तो आपको शर्म आएगी। यह गंदा शब्द है। बीजेपी ने कहा कांग्रेस नेता का यह बयान आपत्तिजनक है। यह लोगो को उकसाने वाला है। 
    वही इसके बाद कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी इस बयान की आलोचना कि और पार्टी को इससे अलग कर लिया. उन्होंने ट्वीट किया, “हिंदू धर्म जीवन का एक तरीका है और एक सभ्यतागत वास्तविकता है. कांग्रेस नेएक ऐसे देश का निर्माण किया है जहां हर धर्म, आस्था और आस्था का सम्मान होता है.यही भारत का सार है. ”

  • क्यों खेरसॉन से नागरिकों को निकालने को बोले पुतिन

    विदेश– रूस और युक्रेन के मध्य जारी युद्ध ने हर किसी की नाक में दम कर रखा है। वैश्विक स्तर पर इस युद्ध का प्रभाव देखने को मिल रहा है। 
    लेकिन रूस के राष्ट्रपति पुतिन पीछे हटने को तैयार नही है। वही अब पुतिन ने रूस के कब्जे वाले स्थान खेरसॉन से सभी नागरिकों को निकालने की बात कही है।
    उन्होंने साफ कर दिया है कि बमबारी से किसी भी नागरिक को कोई परेशानी नही होनी चाहिए। वही रूसी सेना का दावा है कि वह खेरसॉन से पांच हजार लोगों को निकाल चुके हैं।
    बता दें खेरसॉन पर रूस ने अपना आधिपत्य कर लिया था। लेकिन युक्रेन लगातार इसे वापस प्राप्त करने की कोशिश में बमबारी कर रहा है। यह एरिया इस युद्ध का अहम पार्ट है। अगर युक्रेन रूस से इसे छीन लेता है तो यह रूस के लिए बड़ी हानि होगी।

  • अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केन्याई-भारतीय को 1 साल की जेल, 25 लाख रुपये जुर्माना लगाया

    नई दिल्ली | सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेशों की जानबूझ कर अवज्ञा किये जाने पर कड़ाई से संज्ञान लेते हुए भारतीय मूल के एक केन्याई नागरिक को एक साल की कैद की सजा सुनाई और 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। केन्याई नागरिक (पेरी कंसाग्रा) को अपने बेटे का संरक्षण खुद से दूर रह रही पत्नी (स्मृति मदन) से प्राप्त करने में धोखाधड़ी कर दीवानी एवं आपराधिक मानहानि करने को लेकर यह सजा सुनाई। बच्चा, जिसे केन्या और यूनाइटेड किंगडम की दोहरी नागरिकता प्राप्त है, भारत का एक प्रवासी नागरिक (ओसीआई) है।

    2020 में, पिता को बच्चे की स्थायी कस्टडी देते हुए, जिसके पास केन्याई पासपोर्ट है, शीर्ष अदालत ने पेरी कंसाग्रा को बच्चे को केन्या ले जाने के लिए दो सप्ताह के भीतर केन्याई अदालत से मिरर ऑर्डर प्राप्त करने के लिए कहा था। एक बच्चे के हितों की रक्षा के लिए मिरर आदेश पारित किए जाते हैं जो एक क्षेत्राधिकार से दूसरे क्षेत्र में पारगमन में है।

    बाद में, स्मृति कंसाग्रा ने एक आवेदन दायर किया जिसमें कहा गया कि केन्याई उच्च न्यायालय से कथित रूप से जाली या गलत दर्पण आदेश लिया गया। यह भी आरोप लगाया गया था कि उसने न केवल मां को मिलने के अधिकार देने के निर्देशों का पालन करने से इनकार कर दिया, बल्कि भारतीय अधिकार क्षेत्र की अमान्यता की घोषणा के लिए केन्याई अदालत का रुख किया।

    मुख्य न्यायाधीश यू.यू. ललित और न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा ने देखा कि पेरी कंसाग्रा ने जानबूझकर और स्पष्ट इरादे से अवमानना के गंभीर कार्य किए। पिछले साल पेरी की धोखाधड़ी के सामने आने के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को बच्चे को केन्या से वापस लाने और पिता के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया। पिता को अवमानना का नोटिस भी दिया।

    पेरी को सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेशों की जानबूझकर अवज्ञा करने के लिए 12,50,000 रुपये के जुर्माने के साथ छह महीने की कारावास की सजा दी गई है और न्याय के प्रशासन में बाधा डालने और अदालत के अधिकार को कम करने के लिए अदालत की आपराधिक अवमानना के लिए भी छह महीने की सजा और 12,50,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। यानी दीवानी और आपराधिक अवमानना, प्रत्येक के लिए 12.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए प्रत्येक अपराध के लिए छह महीने की कैद की सजा सुनाई।

    लाइव लॉ के मुताबिक- अदालत ने आगे स्पष्ट किया कि इन सजाओं को लगातार पूरा किया जाएगा और कुल जुर्माना यानी 25,00,000 (पच्चीस लाख) रुपए चार सप्ताह के भीतर न्यायालय की रजिस्ट्री में अवमाननाकर्ता द्वारा जमा किया जाना है और स्मृति कंसाग्रा को उसके द्वारा दायर एक आवेदन पर जारी किया जाएगा। गृह मंत्रालय, भारत सरकार को उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।