Category: national
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ट्वीटर में होगा बड़ा बदलाव मस्क ने दिए संकेत
Technology – ट्वीटर के नए मालिक एलन मस्क इस समय सुर्खियों में बने हुए हैं। हर कोई यह कयास लगा रहा है कि अब ट्वीटर में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। वही अब यह संकेत मिले हैं कि ट्वीटर में मैसेज लिखने की सीमा जो अभी तक 280 वर्ड की थी अब खत्म हो जाएगी।इस बात को खुद एलन मस्क ने कन्फर्म किया है। अगर वास्तव में यह होता है तो इसे ट्वीटर के लिए बड़ा बदलाव माना जाएगा। बता दें ट्वीटर की खरीद से पहले ही एलन मस्क यह साफ कर चुके थे कि उन्हें लगता है कि ट्वीटर पर छोटे ट्वीट की वजह से लोग बाते स्पष्ट नही कह पाते हैं। इसे खत्म करना चाहिए।एलन मस्क ने 44 बिलियन डॉलर में ट्वीटर को खरीदा है। ट्वीटर खरीद के बाद एलन मस्क ने ट्वीटर के CEO पराग अग्रवाल, लीगल पॉलिसी चीफ विजया गाड्डे और CFO नेड सेगल सहित टॉप एक्जीक्यूटिव को बाहर का रास्ता दिखाया है. -
पत्रकारों की सुरक्षा पर हो बात, लगातार मिल रही धमिकियां और हो रही मौत
विदेश– पत्रकार जो आपको घटनाओं से अवगत करवाता है। पत्रकार जो आपको तथ्यों के साथ देश दुनिया की खबर बताता है और अपनी जान जोखिम में डालकर आपको खतरे से पहले की उसकी चेतावनी देता है। आज पूरे विश्व मे उनकी हटायें हो रही है। यह वास्तव में चिंता का विषय है।वही अब पत्रकारों की हो रही हत्या के परिपेक्ष्य में संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि दुनियाभर में 70 से अधिक पत्रकारों को मौत मिली है। यह वास्तव में चिंता की बात है।पत्रकारों की हत्या के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ज्यादा तर पत्रकार जेल में बन्द है। उन्हें तरह तरह की धमकियां दी जा रही है। जो चिंता का विषय है। क्योंकि अब पत्रकारों की सुरक्षा पर बात करना आवश्यक है। इसे अंतराष्ट्रीय स्तर पर देखना चाहिए और पत्रकारों की सुरक्षा के सम्बंध में कदम उठाने चाहिए।बता दें गुटेरेस की टिप्पणी उस वक्त आई है जबकि 2 नवंबर को ‘इंटरनेशनल डे टू एंड इम्प्युनिटी फॉर क्राइम्स अगेंस्ट जर्नलिस्ट्स’ आयोजित किया जा रहा है।गुटेरेस पत्रकारों की अहमियत बताते हुए कहा कि ‘स्वतंत्र प्रेस’ लोकतंत्र के लिए काम करने वाले, गलत कामों को उजागर करने वाले और सतत विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। -
कल मोरबी पहुचेंगे पीएम मोदी
देश– कल गुजरात के मोरबी में पुल टूटने से बड़ा हादसा हो गया है और मौके पर सैकड़ो लोगो की मौत हो गई। बीजेपी के सभी वरिष्ठ नेताओं ने मोरबी में हुई घटना के प्रति दुख जाहिर किया है।वही अब गुजरात की सत्ताधारी बीजेपी सरकार की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक कल देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात केमोरबी पहुंचेंगे।सीएम ऑफिस की ओर से जारी ट्वीट के मुताबिक गुजरात मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीड़ित के परिवारों से मिलेंगे। इसके साथ ही घटना स्थल का जायजा भी करेंगे।पीएम ने मोरबी में हुई घटना को इंगित करते हुए कहा, मेरा मन मोरबी के पीड़ितों से जुड़ा है. शायद ही जीवन में मैंने बहुत कम ऐसी पीड़ा अनुभव की होगी. जिन लोगों को अपना जीवन गंवाना पड़ा हैं, मैं उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। -
आत्महत्या से पीड़ित की मां से राहुल ने क्या कहा
देश– साल 2016 में अहमदाबाद युनिवर्सिटी में कथित रूप से प्रताड़ित किये जाने पर रोहित वेमुला ने आत्महत्या कर ली थी। वही अब भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने रोहित वेमुला की मां राधिका वेमुला से मुलाक़ात की।मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने ट्वीट किया और कहा रोहित वेमुला मेरे सामाजिक भेदभाव और अन्याय के विरुद्ध मेरे संघर्ष का प्रतीक है, और रहेगा। आज उनकी माता से मुलाकात हुई।रोहित की मां ने भारत जोड़ो यात्रा में नई जान डाल दी। हमारे कदम साहस के साथ आगे बढ़े हैं। हम इस लड़ाई में आगे बढ़ते जायेगे और अपने संघर्ष को जारी रखेंगे। -
ऋषि सुनक के पीएम बनने से बढ़ी इन भारतीयो की समस्याएं
डेस्क। ऋषि सुनक ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने के बाद अपने मंत्रिमंडल की घोषणा की है तो उसमें पिछली सरकार की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन को इसी मंत्रालय में बनाए रखा गया है। सुएला ब्रेवरमैन भारतीय प्रवासियों के ब्रिटेन आकर बसने के खिलाफ बयान देने के कारण काफी चर्चा में रहीं हैं।उन्होंने हाल ही में यह कहा था कि – ‘ब्रिटेन में विदेशों से आकर बसने वालों को देखिए जो लोग यहां आकर नियम से ज्यादा टिक जाते हैं, उनमें भारतीय ही सबसे अधिक हैं।इसी के साथ यह माना जाए कि ऋषि सुनक सरकार प्रवासियों के लिए उसी नीति पर चलेगी जिस नीति का समर्थन करती सुएला ब्रेवरमैन नजर आती हैं। वहीं इस बारे में अभी और बातें स्पष्ट होनी हैं पर ब्रिटिश मीडिया को ऐसा लगता है कि ऋषि सुनक आप्रवासियों की आमद में कटौती भी कर सकते हैं।ये भारतीय लोगों के लिए बुरी खबर होगी क्योंकि हाल ही के वर्षों में ब्रिटेन में सबसे ज्यादा दक्षिण एशिया और खासकर भारत के लोग जाकर भी बस रहे हैं। वहीं ब्रिटेन में वीजा नियम सख्त होते हैं तो इसका सबसे ज्यादा असर भारतीय लोगों पर पड़ेगा।जानकारी के लिए बता दें इससे पहले ब्रिटेन की गृहमंत्री रहीं प्रीति पटेल भी आप्रवासियों के आने पर सख्ती करने के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने फ्रांस से समुद्र के रास्ते नावों से आने वाले प्रवासियों और रिफ्यूजी लोगों को वापस धकेल देने की नीति भी बनाई थी। इसे पुशबैक पॉलिसी नाम से भी जाना जाता है। वहीं तब के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इस नीति पर कभी अमल होने नहीं दिया और समुद्र से आने वाले प्रवासियों का मामला गृह मंत्रालय से लेकर रक्षा मंत्रालय को सौंप दिया गया था।सुनक, ब्रेवरमैन और पटेल तीनों यूरोपियन यूनियन से ब्रिटेन के बाहर आने (ब्रेक्जिट) के समर्थक बताए जाते हैं। इसकी एक वजह ये है कि यूरोपियन यूनियन में देशों के बीच आने-जाने पर पाबंदी नहीं और ब्रेक्जिट समर्थकों को लगता है कि यूरोपियन यूनियन में रहने से तमाम तरह के प्रवासी ब्रिटेन यहां आकर बस भी जाएंगे। -
डेनमार्क:- प्रधानमंत्री देंगी अपने पद से इस्तीफा
विदेश– विदेशी राजनीति में हलचल मची हुई है। अभी हाल ही में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री लिज ट्र्स ने अपने पद से इस्तीफा दिया है और अब ऋषि सुनक ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बन गए हैं।वही अब डेनमार्क के प्रधानमंत्री ने यह घोषणा की है कि वह जल्द ही अपने पद से इस्तीफा देने वाले हैं। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट फ्रेडरिक्सन ने साफ किया वह अपने पद से इस्तीफा देने वाली है। इस्तीफे के बाद वह नए तरीके से सरकार गठन का काम करेगी। -
नोबल पुरस्कार विजेता बोले गांव के ज्ञान का करे इस्तेमाल
देश– नोबल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी ने भारत की महिलाओं की सराहना की है। उन्होंने विद्या भवन ऑडिटोरियम में सेवामंदिर की और से आयोजित बेयॉन्ड पॉवर्टी में कहा, पानी और जलवायु एक बड़ी समस्या है।आज भी हमारे देश का एक वर्ग पानी और जलवायु से जुड़ा हुआ है। उसे नकारा नही जा सकता है। ग्रामीण समाज के पास पानी से जुड़ी समस्या है। उनके पास इन समस्याओं के समाधान का भी उपाय है।लोग उनके नजरिये को नही जानते। मैंने उन्हें देखा है। लोगो को उनसे जुड़ना चाहिए। पानी को संरक्षित रखने के उनके ज्ञान का उपयोग करना चाहिए। क्योंकि उनका ज्ञान उपयोगी है।वही अगर हम महिलाओ की बात करे तो महिलाओ के पास काफी प्रतिभा है। मैं उनकी सराहना करता है। अभी भी गरीबी देश के लिए बड़ी समस्या है। -
कांग्रेस ने जारी की गुजरात के उम्मीदवारों की पहली सूची
अहमदाबाद | कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी ने गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए 43 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। कांग्रेस की पहली सूची में राज्यसभा सदस्य अमी याज्ञनिक को अहमदाबाद शहर की घाटलोदिया सीट से चुनाव मैदान में उतारा है, जहां वह मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को चुनौती देंगी।
पार्टी की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष और विपक्ष के पूर्व नेता अर्जुन मोढवाडिया पोरबंदर सीट से चुनाव लड़ेंगे। अन्य चेहरों की बात करें तो सयाजीगंज से वडोदरा नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष अमी रावत, गांधीनगर दक्षिण से हिमांशु पटेल, सूरत पश्चिम से संजय पटवा और ओलपाड निर्वाचन क्षेत्र से दर्शन नायक को टिकट दिया है। कोली समुदाय के नेता और भाजपा के पूर्व विधायक कनुभाई कलसारिया को भावनगर जिले की महुवा सीट से मैदान में उतारा गया है।
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इंदिरा रसोई योजना के विरोधियों के खिलाफ क्या बोल गए अशोक गहलोत
राजनीति– कांग्रेस दिन प्रतिदिन खुद को गढ़ने में जुटी है। भारत जोड़ो यात्रा के माध्यम से राहुल गांधी की छवि जनता के बीच कही न कही बदल गई है। वही अब अशोक गहलोत ने एक ट्वीट के माध्यम से बिना किसी का नाम लिए उन लोगो पर निशाना साधा है जो राजस्थान कांग्रेस की इन्दिरा रसोई योजना पर सवाल उठा रहे हैं।अशोक गहलोत ने ट्वीट करते हुए कहा, इन्दिरा रसोई में 8 रुपये में गुणवत्तापूर्ण एवं ताजा भोजन उपलब्ध करवाया जाता है। प्रदेश की 900 इन्दिरा रसोइयों में अभी तक 7.75 करोड़ थाली भोजन लाभार्थियों ने खाया है। कोई भी शिकायत मिलने पर कार्रवाई भी की गई है। परन्तु कुछ लोगों को इन्दिरा रसोई की सफलता से परेशानी हो रही है।गरीब विरोधी मानसिकता वाले ऐसे लोग के साथ इन्दिरा रसोई के खिलाफ कैंपेन चला रहे हैं। उन्हें सोचना चाहिए कि इससे जिन अच्छी संस्थाओं ने काम संभाला है, उनका हौसला टूटता है। हमारी सरकार कोई भूखा ना सोए के संकल्प को साकार कर रही है।मैं पुन: सभी जनप्रतिनिधियों से अपील करना चाहूंगा कि महीने में कम से कम एक दिन इन्दिरा रसोई में भोजन करें जिससे इनकी गुणवत्ता और अच्छी हो।गरीब विरोधी मानसिकता वाले ऐसे लोग के साथ इन्दिरा रसोई के खिलाफ कैंपेन चला रहे हैं। उन्हें सोचना चाहिए कि इससे जिन अच्छी संस्थाओं ने काम संभाला है, उनका हौसला टूटता है। हमारी सरकार कोई भूखा ना सोए के संकल्प को साकार कर रही है।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) November 5, 2022
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आजाद भारत के पहले मतदाता का हुआ निधन , वोट डालना सबसे जरूरी मानते थे
देश– आजादी के बाद जब भारत में पहली बार मतदान हुआ तो श्याम सरन नेगी ने अपना पहला वोट डाला। यह दिन उनके लिए काफी खास था। क्योंकि वह लोकतंत्र के मूल को समझ चुके थे। लेकिन 2 नवम्बर को इन्होंने अपना अंतिम वोट डाला और आज इनका निधन हो गया है।श्याम सरन नेगी की उम्र 106 साल थी। यह हिमाचल प्रदेश के निवासी थे। 2 नवंबर को हिमाचल प्रदेश में इन्होंने अपने घर से ही अपना वोट डाला और कहा मतदान महादान है। हम सब को अपने वोट का प्रयोग जरूर करना चाहिए। मतदान करना जीवन के लिए आवश्यक है यह लोकतंत्र के निर्माण का पर्व है।बता दें नेगी ने 1951 से हर चुनाव में मतदान किया है. पेशे से शिक्षक रहे नेगी ने अपने जीवनकाल में कभी भी मतदान करने का अवसर नहीं छोड़ा। इनका मानना था कि मतदान जीवन के लिए महत्वपूर्ण है।