Category: national
-
दिवाली:- जहरीली हुई दिल्ली की सुबह
देश– दिवाली की सुबह दिल्ली और एनसीआर के लिए जगह बन गई है। क्योंकि वायु गुणवत्ता खराब दर्ज हुई है। पूर्वानुमान एवं अनुसंधान (सफर) के मुताबिक, दिवाली की रात 12 बजे दिल्ली का AQI 323 दर्ज किया गया।वहीं, यूपी के नोएडा का इससे भी बुरा हाल है, यहां AQI 342 दर्ज किया गया. वहीं सबसे ज्यादा खराब स्थिति दिल्ली यूनिवर्सिटी क्षेत्र की है, यहां एक्यूआई 365 तक पहुंच गया. जो बेहद खराब श्रेणी में आता है।बता दें दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगाया था। लेकिन दिल्ली वालों ने अरविंद केजरीवाल द्वारा लगाई गई पाबंदियां नही मानी और उनकी धज्जियां उड़ाते हुए जमकर आतिशबाजी की।दिल्ली में पटाखों के उपयोग पर पाबंदी लगी हुई थी। सरकार ने निर्देश दिये थे कि जो भी दिल्ली में पटाखे फोड़ेगा उसको 6 महीने की सजा मिलेगी और उसपर 200 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। हालाकि दिल्ली वालों ने अरविंद केजरीवाल सरकार के इस नियम को नही माना और जमकर पटाखे फोड़े। -
रूस युक्रेन को लेकर भारत ने व्यक्त किया अपना मत
विदेश– युक्रेन और रूस के मध्य जारी युद्ध को आधा साल हो चुका है। इस युद्ध का प्रभाव वैश्विक स्तर पर देखने को मिल रहा है। भारत कई दफा इस मसले पर अपना रुख स्पष्ट कर चुका है।भारत ने हमेशा यही कहा है कि दोनो देशो को आपसी सूज बूझ का परिचय देते हुए। बातचीत के माध्यम से इस युद्ध को सुलझा लेना चाहिए।लेकिन दोनो देश अपनी जिद्द पर अड़े हुए हैं और यह युद्ध टलने का नाम नही ले रहा है। वही अब इस मामले पर एक बार पुनः भारत ने अपना पक्ष रखा है। भारत ने कहा है कि, युक्रेन को लेकर उसका क्या रुख है यह जन केंद्रीत होगा।लेकिन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में यह भी कहा कि भारत खाद्य, ईंधन और उर्वरकों की कीमतों में बढ़ोतरी से प्रभावित देशों का समर्थन करना भी जारी रखेगा।संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उप स्थायी प्रतिनिधि राजदूत आर. रवींद्र ने UNSC की ब्रीफिंग में कहा, हम युक्रेन की मानवीय मदद कर रहे हैं और अपने पड़ोसी देशों की आर्थिक। आज कई देश , ईंधन और उर्वरकों की बढ़ती कीमतो से परेशान हैं। इन कीमतों में उछाल रूस-यूक्रेन संघर्ष का ही परिणाम है। -
क्यों केंद्र के चिंतन शिविर का हिस्सा नही बनेगी ममता बनर्जी
देश– हरियाणा के सूरजकुंड में केंद्र द्वारा बुलाई गई चिंतन शिविर की बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नही शामिल होंगी।एक वरिष्ठ अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक पश्चिम बंगाल सरकार गृह सचिव बी.पी. गोपालिका या पुलिस महानिदेशक मनोज मालवीय को भी बैठक में नहीं भेजेगी।बल्कि अतिरिक्त महानिदेशक (होमगार्ड) नीरज कुमार सिंह को दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ में भाग लेने का जिम्मा देगी।अधिकारियों ने कहा, यह त्योहार का समय है. बहुत सारी चीज़ें निर्धारित की गई हैं।भाईफोटा’ और ‘छठ पूजा’ भी शुरू होने वाले हैं, इसलिए मुख्यमंत्री का राज्य छोड़कर जाना फिलहाल संभव नहीं है. हमारे गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक भी इसी कारण से चिंतन शिविर’ में शामिल नहीं हो पाएंगे। -
इस कारण से बंद हो जाएगी आपकी पेंशन लागू हुआ नया नियम
डेस्क। दीवाली सीजन में केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए कई बड़े ऐलान किए है। त्योहार शुरू होने से ठीक पहले महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत में बढ़ोतरी का ऐलान भी हुआ है।इस कड़ी में केंद्र सरकार ने रेलवे कर्मचारियों के लिए परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव की घोषणा भी करी है। इन सभी फैसलो से केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों को फायदा भीं मिला है। वहीं सैलरी और ग्रेच्युटी में बढ़ोतरी के साथ ही रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन बढ़ाने का फैसला भी हुआ साथ ही बढ़ोतरी का नया नियम केंद्रीय कर्मचारियों के लिए लागू हो चुका है और धीरे-धीरे राज्य सरकारें भी इसे लागू कर रही हैं।केंद्र सरकार की तरफ से पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ लोगों को मिल रहा है, पर इसका एक नियम याद रखना बेहद जरूरी है। यह ऐसा नियम है जिसकी अनदेखी या अवहेलना आपको भारी पड़ सकती है। यह नियम सेंट्रल सिविल सर्विसेज (पेंशन) रूल्स, 2021 का है जो यह कहता है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी अपनी नौकरी के दौरान किसी भी गंभीर गलत कार्य में लिप्त पाया जाता है, वहीं अपनी ड्यूटी से खिलवाड़ भी करता है, तो उसकी पेंशन और ग्रेच्युटी रोक दी जाएगी। वहीं सीसीएस (पेंशन) रूल्स, 2021 के रूल 8 पर सरकार की तरफ से एक नोटिफिकेशन भी जारी किया गया है।इस नोटिफिकेशन में संशोधन के बारे में यह भी बताया गया है कि गलती पकड़े जाने पर पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ बंद किया जा सकता है और इसका निर्णय लेने का अधिकार केवल कुछ अधिकारियों को दिया गया है। इन अधिकारियों में राष्ट्रपति, प्रशासनिक विभाग के सचिव, ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया हैं। ये तीनों अधिकारी किसी सरकारी कर्मचारी की पेंशन और ग्रेच्युटी को रोक सकते हैं।वहीं 7 अक्टूबर को प्रकाशित संशोधित नियम 8 के अनुसार, ऊपर बताई गई एजेंसियों (अधिकारियों) के पास पेंशन को पूरी तरह से या आंशिक रूप से रद्द करने का अधिकार भी है यदि रिटायर्ड व्यक्ति किसी भी विभागीय या विभाग में “नौकरी की अवधि के दौरान गंभीर कदाचार (मिसकंडक्ट) या गड़बड़ी” का दोषी पाया जाता है तो रिटायरमेंट के बाद की जाने वाली कोई दूसरी नौकरी या सर्विस की भी जांच होगी। -
मस्क का हुआ ट्वीटर सीईओ पराग अग्रवाल और सीएफओ नेड सेगल ने छोड़ा मुख्यालय
Technology – टेस्ला कम्पनी के सीईओ एलन मस्क के हाथ मे ट्वीटर की बागडोर आ गई है। सूत्रों ने दावा किया है कि उन्होंने इंचार्ज के रूप में ट्वीटर की कमान संभाली है।खबर यह भी है कि ट्विटर के सीईओ पराग अग्रवाल और सीएफओ नेड सेगल ने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित कंपनी का मुख्यालय भी छोड़ दिया है।कहा जा रहा है अब यह दोनो ट्वीटर के ऑफिस में वापसी नही करेगे। जानकारी के लिए बता दें एलन मस्क ने ट्वीटर प्रोफाइल में बदलाव किया है।वही अपनी प्रोफाइल में ट्वीटर प्रमुख लिख दिया है। यह दोनो बाते संकेत दे रही है कि अब ट्वीटर पर मस्क की चलेगी। -
शिया मुस्लिम के पवित्र स्थल पर सुन्नी चरमपंथी ने किया हमला, 15 की मौत 40 घायल
विदेश– ईरान के दक्षिणी शहर शिराज में शिया पवित्र स्थल पर कल ताबड़तोड़ गोली चली और इस घटना में मौके पर 15 लोगो की मौत हो गई और दर्जनों लोग घयाल हुए।ईरान के एक टीवी चैनल ने इस घटना के लिए तकफिरियों को जिम्मेदार बताया है। तकफिरियों शब्द का इस्तेमाल सुन्नी मुस्लिम चरमपंथी के लिए उपयोग किया जाता है।बताया जा रहा है कि इन लोगो ने जानबूझकर शिया बहुमत समाज को अपना निशाना बनाया है। यह वास्तव में निंदनीय घटना है। लेकिन इस घटना का ईरान में चल रहे हिजाब विवाद से कोई सम्पर्क नही है।जानकारी के लिए बता दें हमला ईरान के सबसे पवित्र स्थल शाह चेराग मस्जिद पर हुआ है। इस मामले में 2 लोगो को हिरासत में ले लिया गया है। जबकी एक व्यक्ति फरहार चल रहा है। बताया जा रहा है इस घटना में 40 लोग घयाल हुए हैं।बताते चले ईरान में यह कोई नई घटना नही है। यह शिया और सुन्नी मुस्लिम एक दूसरे के विरोधी है। आय दिन सुन्नी मुस्लिम शिया मुस्लिम को अपना निशाना बनाते हैं और उनके पवित्र स्थलों पर हमला करते दिख जाते हैं। -
शाह चेराग तीर्थ पर हमलावर ने बरसाई गोलियां, 15 की मौत
डेस्क। ईरान के शीराज शहर में एक सिरफिरे हमलावर ने अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। एपी की रिपोर्ट के मुताबिक इस हमले में अब तक 15 लोगों की मौत भी हो गई है, वहीं कई लोग जख्मी भी बताए जा रहे हैं।साथ ही जानकारी के अनुसार यह हमला शिया के एक धार्मिक स्थल पर किया गया था वहीं हमले के वक्त काफी लोग धार्मिक स्थल पर मौजदू भी थे।यूएस न्यूज ने ईरानी राज्य समाचार एजेंसी आईआरएनए के हवाले ने बताया कि शीराज के शाह चेराग तीर्थ पर हुए इस हमले में करीब दस लोग घायल भी हुए हैं।वहीं ईरान की न्यायपालिका से जुड़े एक मीडिया आउटलेट ने कहा कि तीन हथियारबंद लोग ईरान के दक्षिणी शहर शीराज में स्थित धार्मिक स्थल में शाम करीब 5:45 बजे दाखिल भी हुए और उन्होने गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। -
Job in UP: नर्सिंग वालों के लिए बड़ा मौका, होने जा रहीं 312 भर्तियां
डेस्क। उत्तर प्रदेश के राजकीय मेडिकल कालेजों व स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों के अंतर्गत चलाए जा रहे 13 सरकारी नर्सिंग कालेजों में 312 शैक्षणिक पदों पर भर्ती होने जा रही है।
इन सभी खाली पदों पर शिक्षक संविदा पर भर्ती भी किए जाएंगे। प्रत्येक कालेज में एक प्रधानाचार्य या प्रोफेसर, एक वाइस प्रिंसिपल, एक एसोसिएट प्रोफेसर, तीन असिस्टेंट प्रोफेसर और 18 ट्यूटर रखे जाने हैं। नर्सिंग कालेजों में गुणवत्ता सुधार के लिए मिशन निरामया: भी चलाया जा रहा है। नवंबर 2022 से नर्सिंग कालेजों में नया शैक्षिक सत्र शुरू हो जाएगा।यूपी के जिन सरकारी मेडिकल कालेजों के अंतर्गत नर्सिंग कालेज चल रहे हैं वह जालौन, बदायूं, आजमगढ़, बांदा, अंबेडकरनगर व सहारनपुर में हैं। वहीं जिन स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के अंतर्गत नर्सिंग कालेज चल रहे हैं उनमें अयोध्या, बस्ती, बहराइच, फिरोजाबाद एवं सहारनपुर के महाविद्यालय भी शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त कालेज आफ नर्सिंग कानपुर व कन्नौज भी शामिल हैं। फिलहाल सरकारी व प्राइवेट दोनों नर्सिंग कालेजों में मानकों को पूर्ण कर गुणवत्तापरक शिक्षा देने पर जोर भी दिया जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नर्सिंग कालेजों का कायाकल्प हो रहा है।बता दें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अभियान चलाकर सरकारी व प्राइवेट नर्सिंग कालेजों का कायाकल्प किया जा रहा है जिसमें मान्यता के मानकों पर कालेज कितने खरे हैं इसे मिशन निरामया: के द्वारा परखा जाएगा।
वहीं जिन 13 नर्सिंग कालेजों में शैक्षणिक पदों को संविदा के आधार पर चिकित्सा शिक्षा विभाग भरेगा उनमें जालौन, बदायूं, आजमगढ़, बांदा, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, अयोध्या, बस्ती, बहराइच, फिरोजाबाद, शाहजहांपुर, कानपुर व कन्नौज के सरकारी नर्सिंग कालेज भी शामिल हैं। -
Saudi Arabia: तेल की कमी पर दुनिया को चेतावनी दे रहा सबसे बड़ा उत्पादक
Saudi Arab News: सऊदी अरब के वित्त मंत्री ने बुधवार को दुनिया को चेतावनी देते हुए बोला है कि, अगले 6 महीने तो गल्फ देशों के लिए काफी अच्छे रहने वाले हैं वहीं वर्ल्ड के लिए काफी मुश्किल भी होने वाले हैं।इसके साथ ही सऊदी ऊर्जा मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल्ला अल-जादानी ने कहा है कि, 6 महीने क्या, अगले 6 साल भी खाड़ी-अरब देशों के लिए काफी अच्छे होने वाले हैं इसी कड़ी में व्यापक मिडिल ईस्ट के लिए काफी मुश्किल भरे दिन भी आने वाले हैं। साथ ही रियाद के प्रमुख निवेश सम्मेलन एफआईआई में बोलते हुए सऊदी ऊर्जा मंत्री ने यह कहा है कि, अगले छह महीने वैश्विक स्तर पर कठिन होंगे और इस क्षेत्र की मदद करने के लिए भी सऊदी अरब की भूमिका काफी अहम होगी। उन्होंने यह भी कहा कि, सऊदी अरब ने कम आय वाले देशों और अन्य लोगों को भोजन और ऊर्जा सहित सहायता भी भेजी है।जानिए सऊदी ऊर्जा मंत्री की चेतावनीसऊदी अरब के वित्त मंत्री ने बुधवार को कहा है कि, जीवाश्म ईंधन से ग्रीन एनर्जी में ट्रांसफॉर्म होने में अभी दुनिया को कम से कम 30 सालों का और समय भी लग सकता है, लिहाजा इसके ऊर्जा के पारंपरिक साधनों में लगातार निवेश की आवश्यकता भी है, ताकि सप्लाई चेन प्रभावित ना हो। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, इस वक्त वैश्विक अर्थव्यवस्था कम से कम 6 महीने के लिए काफी कठनाई का सामना कर रही है। वहीं मोहम्मद अल-जादान ने कहा कि, खाड़ी अरब तेल उत्पादकों के लिए स्थिति काफी अच्छी है और संभवत: अगले 6 सालों तक अच्छे दिन भी रहने वाले हैं। इसी कड़ी में सऊदी अरब, जो दुनिया के शीर्ष तेल निर्यातक देश है, उसने और उसके ओपेक के साथी उत्पादकों ने पहले ही चेतावनी दे रखी है, कि वो हाइड्रोकार्बन में कम निवेश करेंगे वहीं तेल का अतिरिक्त उत्पादन क्षमता पहले से ही कमजोर है, साथ ही पूरी दुनिया में तेल की डिमांड काफी है।सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री ने आगे कहा कि, भले ही जलवायु परिवर्तन की वजह से ऊर्जा के नवीनीकरण की बात हो रही हो और ग्रीन एनर्जी की तरफ बढ़ने की कोशिश की जा रही हो, पर ऊर्जा को लेकर ये बदलाव का फेज कोई एक साल के लिए नहीं है और ना ही 10 सालों के लिए है, बल्कि इसमें कम से कम 30 साल और लग जाएंगे। इसलिए हमें अपनी ऊर्जा सुरक्षा में निवेश करने की भी आवश्यकता है, लेकिन हम जलवायु परिवर्तन की उपेक्षा भी नहीं कर सकते हैं।साथ ही सऊदी अरब में इन्वेस्टमेंट फोरम एफआईआई में बोलते हुए सऊदी ऊर्जा मंत्री ने कहा हैं कि, ‘सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था में विविधता लाने के लिए और विदेशी पूंजी निवेश को आकर्षित करने के लिए सऊदी क्राउन प्रिंस नई आर्थिक नीतियों पर काम भी कर रहे हैं।’ साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, हम कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए काफी कोशिशें कर रहे हैं, वहीं हम पारंपरिक ऊर्जा में भी निवेश कर रहे हैं और जलवायु परिवर्तन रोकने की दिशा में काम कर रहे हैं। -
एनआईए ने पीएफआई के पूर्व केरल सचिव सीए रऊफ को गिरफ्तार किया
नई दिल्ली | राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार रात प्रतिबंधित पीएफआई के केरल राज्य के पूर्व सचिव सीए रउफ को पलक्कड़ जिले के पट्टांबी स्थित उनके आवास से आतंकवाद से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया।
यह मामला पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई), केरल में इसके पदाधिकारियों, सदस्यों और सहयोगियों से संबंधित है, जो विभिन्न धर्मों और समूहों के सदस्यों के बीच दुश्मनी पैदा करने और प्रतिकूल गतिविधियों को अंजाम देने जैसी गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने की साजिश रचते पाए गए हैं। सार्वजनिक शांति और शांति को भंग करने और भारत के खिलाफ असंतोष पैदा करने के इरादे से सांप्रदायिक सद्भाव के लिए।
“वे वैकल्पिक न्याय वितरण प्रणाली का प्रचार करते हुए भी पाए गए हैं जो आपराधिक बल के उपयोग को सही ठहराते हैं जिसके परिणामस्वरूप लोगों में अलार्म और भय पैदा होता है, कमजोर युवाओं को लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया सहित आतंकवादी संगठनों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। (आईएसआईएस)/दाएश और अल-कायदा और हिंसक जिहाद के हिस्से के रूप में आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देकर भारत में इस्लामी शासन स्थापित करने की साजिश, “एक अधिकारी ने कहा।
गिरफ्तार आरोपी पीएफआई का राज्य सचिव था और केरल में इसके मीडिया और पीआर विंग को संभाल रहा था और इस मामले में मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है। मामले में आगे की जांच जारी है।