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  • अब दिवाली पर न्यूयॉर्क में होगी छुट्टी

    देश– दिवाली हिंदूओ का प्रमुख त्योहार है। भारत मे इसकी खूब धूम देखने को मिलती है। वही जो भारतीय भारत छोड़कर विदेश जा बसे हैं। वह विदेशों में दिवाली का त्योहार मनाते हैं।
    लेकिन विदेशों में दिवाली के त्योहार पर स्कूलों में सार्वजनिक अवकाश नही होता था। लेकिन इस बार न्यूयॉर्क ने यह घोषणा की है। कि साल 2023 से न्यूयॉर्क सिटी में स्कूलों में छुट्टी होगी।
    बता दें न्यूयॉर्क में दिवाली की छुट्टी का प्रस्ताव न्यूयॉर्क असेंबली की सदस्य जेनिफर राजकुमार ने पेश किया था. वही इसकी छुट्टी के संदर्भ में मेयर एरिक एडम्स ने यह घोषणा की है.

  • नैतिक शास्त्र पढ़ाने वाले शिक्षक ने उतरवाए छात्राओं के कपड़े

    देश– अपराध उफान पर है। कानून व्यस्था की धज्जियां उड़ाते हुए अपराधी अपने कृत्य को अंजाम देने से बाज नहीं आ रहे है। वही घटना मध्यप्रदेश के ग्वालियर से सामने आई है। जहाँ नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाला शिक्षक मासूम छात्राओं के लिए दरिंदा बन गया। प्राइमरी स्कूल में शिक्षक के पास बच्चो को नैतिकता का पाठ पढ़ाने की जिम्मेदारी थी। वह स्कूल की छात्राओं को डराता था और उनके कपड़े उतरवाकर उनके साथ गलत काम करता था. 
    वही जब छात्राएं उसे रोकती तो वह उन्हें जान से मारने की धमकी देता था और उन्हें परीक्षा में फेल करने को कहता।  शिक्षक की हरकतों से ऊबी छात्रों ने स्कूल जाना बंद कर दिया था। वही कई छात्रों ने इस घटना की जानकारी अपने अभिभावकों को दी। अभिभावकों ने इस मामले की तहरीर उंटीला पुलिस थाने में दर्ज करवाई और पुलिस ने एफआईआर के आधार पर आरोपी शिक्षक को हिरासत में लिया है। 
    पुलिस ने इस मामले के परिपेक्ष्य में कहा है कि घटना  उंटीला थाना इलाके के एक गांव के शासकीय प्राथमिक विद्यालय की है। शिक्षक का नाम मुंशीलाल माहौर है। इसकी उम्र ५८ साल है। यह ६ से ८ साल के उम्र की बच्चियों के साथ गंदी हरकत करता था. आरोप है की शिक्षक ने ४ बच्चियों के साथ अश्लील हरकत की है। 
    उसके बाद पुलिस ने ग्वालियर से आरोपी शिक्षक को भी गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले की जानकारी मिलने पर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने आरोपी शिक्षक को बर्खास्त कर दिया है.

  • श्री लंका ने क्यों भारत को कहा अपना बड़ा भाई

    विदेश– भारत और श्री लंका अपने अच्छे रिश्ते के लिए जाने जाते हैं। श्री लंका को जब भी भारत की आवश्यकता पड़ी है भारत ने आगे बढ़कर श्री लंका का साथ दिया है। वही अब श्री लंका के कृषि मंत्री महिंदा अमरवीरा ने भारत को श्री लंका का सच्चा साथी और बड़ा भाई बताया है।
    उन्होंने कहा, जब हम आर्थिक संकट से जूझ रहे थे तब भारत ने बिना सोचे समझे हमारी ओर मदद का हाथ बढ़ाया। हमारी सहायता की और सच्चे दोस्त होने का परिचय दिया। 
    भारत श्री लंका का बड़ा भाई है। जो हमेशा श्री लंका की रक्षा करता है। हमे भारत के प्रधानमंत्री पर विश्वास है। वही भारत एक मात्र देश था जो संकट के समय सबसे पहले हमारी मदद के लिये आगे आया।
    उन्होंने आगे कहा आज श्री लंका के लोग भारत के प्रधानमंत्री पर विश्वास करते हैं। उन्हें यकीन है वह इस आर्थिक संकट से हमे निकालने में मदद करेंगे। वही हम सबसे पहले अपना ध्यान खाद्य उत्पादन पर केंद्रित कर रहे हैं। 
    क्योंकि हमने उर्वरक आयात की व्यवस्था की है और भोजन का उत्पादन आवश्यक है। इससे ही सभी गतिविधि संचालित हो सकती है। बिना भोजन के सब स्थिर हो जाएगा।
    उन्होंने आगे कहा, पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के अचानक रासायनिक उर्वरक पर प्रतिबंध लगाने के फैसले से देश में कृषि संकट पैदा हो गया था. मगर अब रासायनिक उर्वरक पर बैन समाप्त हो गया है तो हमें उम्मीद है कि स्थिति में सुधार होगा।

  • सुप्रीम कोर्ट ने यूपी दिल्ली और उत्तराखंड को दिए निर्देशक नफरत भरे भाषण देने वालो पर हो कार्यवाही

    देश– सुप्रीम कोर्ट ने नफरती भाषण देने के संदर्भ में उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश और दिल्ली की सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं कि जो लोग ऐसे भाषण दे रहे हैं उनपर सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। 
    कोर्ट ने संविधान के धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र की परिकल्पना का जिक्र करते हुए यह निर्देश जारी किया है कि इन राज्यों की सरकार नफरत भरे भाषण देने वाले लोगो के खिलाफ तहरीर दर्ज होने का इंतजार न करे बल्कि उनपर त्वरित कार्यवाही करें।
    अदालत ने कहा, ‘भारत का संविधान एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र और बंधुत्व… सम्मान के साथ भाईचारा की परिकल्पना करता है. राष्ट्र की एकता और अखंडता प्रस्तावना में निहित मार्गदर्शक सिद्धांतों में से एक है.
    कोर्ट ने कहा, जब तक अलग अलग धर्म के लोग सद्भाव का परिचय नही देंगे तब तक बंधुत्व स्थापित नही किया जा सकता है। याचिकाकर्ता ने जिक्र किया है कि ऐसे मामलों में अलग अलग सजा का प्रावधान होने के बाद कोई कार्यवाही नही हुई है। संवैधानिक नियमो पर अमल की आवश्यकता है।
    बता दें जस्टिस के. एम. जोसेफ और जस्टिस हृषिकेश रॉय की बेंच ने जर्नलिस्ट शाहीन अब्दुल्ला की याचिका पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को नोटिस जारी किया. पीठ ने कहा कि राष्ट्र के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को बनाए रखने के लिए नफरती भाषण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

  • इटली में बनी नई सरकार, आज होगा शपथ ग्रहण समारोह

    विदेश– इटली में कल गठबंधन के साथ नई सरकार बन गई है। जियोर्जिया मेलोनी ने गठबंधन के साथ नई सरकार कक गठन किया है। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद यह पहली बार हुआ है जब दक्षिण पंथी दल की इटली में सरकार बनी है।
    सूत्रों के मुताबिक नई सरकार में इटली की प्रधानमंत्री के रूप में जियोर्जिया मेलोनी शपथ लेंगी। उन्हें मंत्रीमंडल शपथ दिलाएगा। आज इनका शपथ ग्रहण समारोह होगा।
    बताते चले मेलोनी की नव-फ़ासीवादी जड़ों वाली पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली को अच्छा समर्थन मिला है। और यह पार्टी एक बड़ी पार्टी के रूप में उभर कर आई है। आम चुनाव में मेलोनी की पार्टी को सबसे अधिक वोट प्राप्त हुए हैं।

  • भारत के 22 लाख से अधिक युवा विदेश जाते हैं पढ़ने, यह राज्य नम्बर वन

    देश– भारत का परिदृश्य दिन प्रति दिन बदलता जा रहा है। अब अभिभाव अपने बच्चो को बेहतर शिक्षा देने के लिए हर सम्भव प्रयास करते हैं। 
    कई लोग अपने बच्चो को भारत मे ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देते हैं। तो कई लोग अपने बच्चो को विदेश में शिक्षा पढाई करने के लिए भेजते हैं।
    कई लोगो को यह लगता है कि विदेश पढ़ने बड़े शहर के अभिभावकों के बच्चे जाते हैं। लेकिन आज हम आपको इस रिपोर्ट में बताने जा रहे हैं कि आखिर किस राज्य के बच्चे सबसे ज्यादा जाते है विदेश पढाई करने के लिये।
    यदि हम आकड़ो में समझे तो भारत के करीब 22.7 लाख विद्यार्थी बाहर यानी विदेश पढाई करने के लिए जाते हैं। वही दिल्ली या मुंबई नही बल्कि चंड़ीगढ़ वह राज्य है जहां के लोग सबसे अधिक बाहर पढाई करने के लिये जाते हैं।
    चंड़ीगढ़ के बाद, पंजाब, दिल्ली, गोवा, केरल, गुजरात के लोग सबसे अधिक विदेश पढाई करने जाते हैं। वही अगर हम सबसे कम विदेश पढाई के लिए अपने छात्रों को भेजने वाले राज्य की बात करे। तो इस लिस्ट में उत्तरप्रदेश और त्रिपुरा शामिल हैं।

  • इस देश मे आप वाहन खरीद तो सकते हैं लेकिन उसे आसानी से चला नही सकते

    विदेश– मोटरसाइकिल खरीदना आज के समय मे आम बात है। लोग आसानी से अपनी पसन्द की मोटर साइकिल खरीद लेते हैं। लेकिन एक देश ऐसा भी है जहां मोटरसाइकिल खरीदने से अधिक महंगा है मोटर साइकिल चलाना।
    असल में सिंगापुर में वाहन के उपयोग के अधिक उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक परमिट का नियम लागू किया गया है। यह परमिट जो लोग सिंगापुर में लेते हैं उन्हीं के पास यह अधिकार होता है कि वह सड़क पर अपने वाहन दौड़ा सके।
    वही अगर आप यह परमिट नही लेते हैं। तो आपके लिए सिंगापुर में कोई भी वाहन खरीदना व्यर्थ है। क्योंकि आप उसे सड़क पर नही दौड़ा सकेंगे। जानकारी के लिए बता दें 
    सिंगापुर में मोटरसाइकिलों की सीमा करीब एक लाख 42 हजार और कारों की संख्या 6 लाख 50 हजार तक सीमित है।

  • नाटो ने रूस के खिलाफ शुरू की न्यूक्लियर एक्सरसाइज

    विदेश– रूस और युक्रेन के मध्य जारी युद्ध को आधा साल पूरा होने को है। आशंका जताई जा रही है कि अब दोनो देश एक दूसरे को तबाह करने के लिए अमादे है और दोनो ही न्यूक्लियर हमले की तैयारी में जुटे हुए हैं।
    वही इस सबके बीच नाटो से रूसी सेना के खिलाफ न्यूक्लियर एक्सरसाइज की खबर तेज हो गई है। सूत्रों ने दावा किया है कि रूस के खिलाफ न्यूक्लियर एक्सरसाइज में ICBM’s और SLBM और बॉम्बर लॉन्चर्स भी ड्रिल में शामिल होंगे।
    जानकारी के लिए बता दें अभी हाल ही में कुछ दिन पहले नाटो ने न्यूक्लियर एक्सरसाइज की थी। जिसके बाद रूस ने भी न्यूक्लियर एक्सरसाइज शुरू की थी। वही अब एक बार पुनः नाटो न्यूक्लियर एक्सरसाइज करने को तैयार है।

  • क्या पीएम पद की रेस से बाहर होंगे ऋषि सुनक

    विदेश– ब्रिटेश प्रधानमंत्री पद से लिज ट्र्स ने इस्तीफा दे दिया है और अब ब्रिटिश की राजनीति में बड़ी हलचल देंखने को मिल रही है। लगातार यह बातें सामने आ रही है कि अब ऋषि सुनक ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बन सकते हैं।
    वही अब बड़ी खबर यह आ रही है कि पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ऐसा बिल्कुल भी नही चाहते हैं। उन्होंने ऋषि सुनक से कहा है कि वह प्रधानमंत्री की रेस से अपना नाम बाहर ले लें।
    सूत्रों का कहना है कि ऋषि सुनक पर अपने साथ आने का दवाब डाल रहे हैं।लंदन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, बोरिस जॉनसन कंजरवेटिव सांसदों के लिए एक बड़ा मुद्दा बना रहे हैं. 
    उनका कहना है कि केवल वही पार्टी को दिसंबर 2024 में होने वाले चुनावों में हार का सामना करने से बचा सकते हैं. वहीं, विपक्ष द्वारा तत्काल मध्यावधि चुनाव कराने की मांग की जा रही है. वहीं, सत्तारूढ़ दल में ट्रस के उत्तराधिकारी के चुनाव को लेकर ऊहापोह की स्थिति है.

  • सुनक को मिला समर्थन तो जॉनसन कैसे देगे टक्कर

    विदेश– ब्रिटेन में एक बार फिर राजनैतिक हलचल मची हुई है। प्रधानमंत्री लिज ट्र्स ने अपने पद से महज 45 दिन का कार्यभार संभालने के बाद इस्तीफा दे दिया है। 
    वही अब नए प्रधानमंत्री को लेकिन कहा जाता है कि अब ब्रिटेन की बागडोर ऋषि सुनक के हाथों में होगी। वही ऋषि को अब 100 सांसदों का समर्थन का दावा किया है।
    जानकारों का कहना है कि ऋषि सुनक को जहां 100 सांसदों का समर्थन मिला है। वही पीएम की रेस में बोरिस जॉनसन भी शामिल हैं।
    जानकार यह दावा कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री के चुनाव में मुख्य मुकाबला पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक और पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के बीच होगा।
    हालाकि सुनक और जॉनसन में से किसी ने भी अभी तक पार्टी का नेता बनने के लिए चुनाव लड़ने की औपचारिक घोषणा नहीं की है।