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  • नफरती भाषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आया बड़ा बयान

    कोर्ट – सुप्रीम कोर्ट ने नफरती भाषण के परिपेक्ष्य में हो रही सुनवाई के दौरान इस संदर्भ का ब्यौरा माँगा है.चीफ जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस एसआर भट की बेंच ने याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा आप यह ठीक कह रहे है की जो नफरती भाषण दिए जा रहे है उनसे देश का माहौल खराब हो रहा है। इन पर अंकुश भी लगना चहिये। लेकिन इस मामले को लेकर तथ्यात्मक कार्यवाही होना आवश्यक है। बिना तथ्यों के इसका कोई आधार नहीं है। 
    कोर्ट ने कहा , यह एक मनमानी याचिका है, इसमें ५८ ममलों का जिक्र किया गया है। कोर्ट सबपर ध्यान केंद्रित नहीं कर सकता है क्योंकि कोर्ट को यह नहीं पता है की क्या मामला है और किस मामले में क्या केस दर्ज है , यह वास्तव में विचार का मुद्दा है की कही न कही अभद्र भाषणों से देश का माहौल बिगड़ता है और हिंसा भी भड़कती है. लेकिन बिना तथ्यों के कोई भी कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की जा सकती है। 
    जानकारी के लिए बता दें यह याचिका हरमनप्रीत ने दायर की थी. उन्होंने कहा था जो अभद्र भाषण है वह तीर की तरह है जो सीधे व्यक्ति के मस्तिष्क को प्रभावित करते है इन्हे कोई वापस नहीं ले सकता क्योंकि यह एक ही पल में समाज को प्रभावित कर चुके होते है और समाज का वातावरण इससे प्रभावित हो चुका होता है। कोर्ट ने इस मामले में याचिकार्ता से किसी तत्कालीन केस का ब्यौरा मांगा है। कोर्ट ने कहा की हम तभ ही कर्यवाही कर सकते है जब हमारे सामने आधार प्रस्तुत किये जायें। 
    कोर्ट ने याचिकार्ता को इस मामले में एकअतिरिक्त हलफनामा दायर करने को कहा जो कुछ चुनिंदा घटनाओं पर केंद्रित हो.हलफनामा दायर करने की अंतिम तारीख ३१ अक्टूबर है। बता दें इस मामले की अगली सुनवाई नवंबर महीने में होगी।

  • अल्लाह के नाम का दुरुपयोग इमाम के खिलाफ छिड़ा अभियान

    विदेश– लंदन की एक प्रमुख मस्जिद धर्मावलंबियों में ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की याद में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में इमाम शेख़ मोहम्मद महमूद भी शामिल हुए थे। वही अब महारानी के कार्यक्रम में इनके शामिल होने पर सवाल उठाए जा रहे हैं और इसको लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। बता दें यह बंगलादेशियों की सबसे बड़ी मस्जिद है।
    जानकारी के लिए बता दें इमाम शेख़ मोहम्मद महमूद ने हाल ही में रीजेंट पार्क मस्जिद में महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय की स्मृति में आयोजित सभा में अतिथि वक्ता थे. इस कार्यक्रम में बच्चों ने ब्रिटेन का राष्ट्रगान ‘गॉड सेव द किंग’ गाया था। लेकिन कब अचानक से सोशल मीडिया पर इमाम की आलोचना हो रही है और लोग इनके विरोध में अभियान चला रहे हैं।
    1000 से अधिक लोग उन्हें उनके पद से हटाने की मांग उठा रहे हैं। इमाम के खिलाफ एक याचिका भी दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि आप किसी ऐसे व्यक्ति से क्या उम्मीद करते हैं जो औपनिवेशिक मेडल स्वीकार करता है और आपके बच्चों से ‘गॉड सेव द किंग’ गाने को कहता है, अपने बच्चों को इन इमामों के पास क्यों भेजें?” इमाम शेख़ मोहम्मद महमूद को ब्रिटेन का मानद पदक “ऑर्डर ऑफ ब्रिटिश एम्पायर” (ओबीई) मिला है.
    जानकारी के लिए बता दे इमाम महमूद पर आरोप है कि उन्होंने “न केवल अल्लाह के घर का दुरुपयोग किया, बल्कि बच्चों को गुमराह भी किया. हमारे माता-पिता की पीढ़ी ने अपने बच्चों को इस्लाम सिखाने और उन्हें ‘पश्चिमी सभ्यता’ से बचाने के लिए मस्जिदें बनाईं, लेकिन ये इमाम मुस्लिम बच्चों को वेस्टर्न स्टाइल में ढालना चाहते हैं।

  • RBI ने कर दिया इस बैंक का लाइसेंस रद्द, जानिए अब आपके पैसों का क्या होगा

    डेस्क। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने पुणे स्थित एक बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है साथ ही केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा है कि कंपनी की कमाई की संभावनाओं और पूंजी की कमी के कारण उसका लाइसेंस कैंसिल (RBI Cancel License of Co-Operative Bank) कर दिया गया है। 
    वहीं अगर आपका इस बैंक में खाता हो तो आइए जानते हैं आपके पैसे का क्‍या होगा और बैंक के लाइसेंस रद्द होने से जमाकर्ताओं पर क्‍या प्रभाव पड़ सकता है।
    आपको बता दें कि रिजर्व बैंक की ओर से 10 अक्‍टूबर, 2022 को एक आदेश जारी किया गया है, जिसमें “दी सेवा विकास को-ऑपरेटिव बैंक लि. पुणे, महाराष्‍ट्र” (The Seva Vikas Co-operative Bank Ltd) का लाइसेंस कल यानी सोमवार से रद्द करने को भी कहा गया है। लाइसेंस रद्द होने से बैंकिंग बिजनेस भी नहीं कर होता है। इस बैंक के सभी तरह के व्‍यवसाय को अब बंद कर दिया गया है।
    इसके अतिरिक्त आरबीआई ने कहा है कि सहकारिता आयुक्त और सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार, महाराष्ट्र से भी बैंक को बंद करने और बैंक के लिए एक परिसमापक नियुक्त करने का निर्देश रिक्वेस्‍ट किया है। वहीं बयान में आगे कहा गया है कि पुणे स्थित को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द, बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ धारा 11(1) और धारा 22 (3)(डी) के प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने पर हुआ है।
    रिजर्व बैंक की ओर से यह भी कहा गया है कि अगर इस बैंक का लाइसेंस नहीं रद्द किया जाता है तो यह ग्राहकों के हितों के बिल्कुल उलटा है और ग्राहकों का पैसा भी इसमें डूब सकता था। वहीं इसके साथ ही यह बैंक ग्राहकों के पैसों का वापस भुगतान करने में असमर्थ होगा। अब इस बैंक में पैसों को जमा नहीं किया जा सकता  साथ ही इससे निकासी पर भी पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है।

  • श्रीलांका ने खुद को गरीब देश किया घोषित

    डेस्क। श्रीलंका सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सहायता पाने के लिए खुद को कम आय वाला देश घोषित कर दिया है श्रीलंका सरकार ने यह कदम अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों से मिली सलाह के बाद लिया है। आपको बता दें कि श्रीलंका को उम्मीद है कि इस फैसले के बाद विश्व बैंक और अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष खुलकर उनकी सहायता के लिए आगे बढ़ेंगे। 
    आर्थिक दुर्दशा से उबरने के लिए श्रीलंका कैबिनेट प्रवक्ता ने मंगलवार को एक प्रस्ताव पास किया है, जिसमें उसने देश को कम आय वाला राष्ट्र घोषित कर दिया। वहीं श्रीलंका सरकार ने यह कदम अंतरराष्ट्रीय संगठनों से मिल रही वित्त सहायता में और अधिक आर्थिक रियायत पाने के लिए भी इस्तेमाल किया है।
    श्रीलंका सरकार का यह भी कहना है कि बीते 1 साल में देश की अर्थव्यवस्था को काफी गहरी चोट पहुंची है और जून तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद सुकड़ कर सालाना 8.4 प्रतिशत की दर पर जा गिरा है, जो उस तिमाही की सबसे बड़ी गिरावट भी है। 
    विश्व बैंक की माने तो साल 2021 में प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद 3,815 डॉलर वाले देशों को निम्न-मध्य अर्थव्यवस्था श्रेणी में रखे जाने का नियम है। वहीं श्रीलंका कैबिनेट द्वारा पास किये गये प्रस्ताव पर प्रवक्ता बंडुला गुणवर्धने ने कहा कि कैबिनेट ने विश्व बैंक की सूची में श्रीलंका को “कम आय” में डाउनग्रेड करने का फैसला लिया है। 
    इसके अलावा गुणवर्धने ने कहा, “श्रीलंका जिस गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहा है, उसे देखते हुए अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने हमें बताया कि अगर श्रीलंका को कम आय वाले देश की श्रेणी में रखा जाएगा तो वैश्विक आर्थिक मदद मिलने की आसानी भी रहेगी।”
    आपको यह भी मालूम हो कि भारत का पड़ोसी मुल्क श्रीलंका साल 1948 में स्वतंत्र हुआ था। उसके बाद से आज यह श्रीलंका की सबसे खराब स्थिति बताई जा रही है। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण श्रीलंका का पर्यटन उद्योग पूरी तरह से बर्बाद हो गया वहीं विदेशों मुद्रा की कमी, तेल की बढ़ती कीमतों, लोकलुभावन सरकारी वादों और पिछले साल कृषि को तबाह करने वाले रासायनिक उर्वरकों के आयात पर प्रतिबंध के नियम के कारण श्रीलंका की स्थिति बिगड़ती ही चली गई।  आज हालात यह है कि लोगों को दूध और राशन के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।अस्पतालों में मरीजों का सही से इलाज नहीं मिल रहा, जो मरीज इलाज के लिए भर्ती हैं, उन्हें दवाइयां भी नहीं मिल पा रही है।

  • दुष्कर्म पीड़ित 12 साल की मासूम ने दिया बच्चे को जन्म, बच्चा लेने को कोई नही राजी

    गाजियाबाद– देश आज भी अपराध की बेड़ियों में जकड़ा है। प्रशासन कितना भी दावा कर ले लेकिन महिलाओ के साथ अपराध रुकने का नाम नही ले रहे हैं। आय दिन प्रशासन के दावे फेल होते दिखाई देते हैं। वही अब एक 12 साल की सामुहिक दुष्कर्म की शिकार हुई लड़की ने एक बच्चे को जन्म दिया है। 
    लेकिन उस 12 साल की मासूम के बच्चे को मेडिकल से कोई भी ले जाने को तैयार नही है। न पुलिस उस मासूम के मासूम बच्चे को ले जाने के लिए हामी भर रही है और न बच्ची के परिजन उसके बच्चे को लेना चाहते हैं। 12 साल की मासूम ने जिस बच्चे को जन्म दिया है वह बच्चा बिल्कुल स्वस्थ्य है।
    अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जब तक कोर्ट इस मामले में कोई निर्णय नही ले लेता तब तक बच्ची अस्पताल में ही अपने बच्चे के साथ रहेगी। क्योंकि परिजन और पुलिस उसे साथ नही ले जाना चाहते है और हम नही चाहते उस मासूम बच्ची के साथ किसी भी तरह का अब दुर्व्यवहार हो। 
    एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. वीडी पांडेय ने बताया की बच्ची के परिवार वाले उसके बच्चे का गलत इस्तेमाल करने का इरादा कर चुके थे। इसलिए हमने यह निर्णय लिया है कि जब तक इस मामले में कोर्ट कोई फैसला नही लेता है तब तक वह बच्ची और उसका बच्चा अस्पताल में ही रहेगा।
    जब पुलिस से से उसे ले जाने के लिए कहा गया तो उन्होंने मना कर दिया। पुलिस चाहती है कि बच्चा यहीं से सीधा कोर्ट में चला जाए और वहां तय हो कि बच्चा कहां जाएगा। इसलिए मेडिकल प्रबंधन ने यह निर्णय लिया है कि जब तक इस मामले में कोर्ट कोई फैसला नही लेता। तब तक बच्ची की अस्पताल से छुट्टी नही होगी और वह बच्ची और उसका बच्चा पुलिस की निगरानी में अस्पताल में ही रहेंगे।

  • क्यों पुतिन ने मार्क जुकरबर्ग की कम्पनी को कहा आतंकी संगठन

    विदेश – मेटा को लेकर रूस ने बड़ा बयान दिया है। सबसे बड़े संगठन मेटा को रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने आतंकी संगठन घोषित करते हुए कट्टरपंथी करार दिया है। पुतिन ने ऐसा इसलिए कहा है क्योंकि मेटा के सोशल प्लेटफार्म पर युक्रेन को खूब समर्थन मिल रहा है।
    रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने मेटा के सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक और इंस्टाग्राम व ट्वीटर को अपने यहां के नागरिकों के लिए तब बैन किया था। जब रूस और युक्रेन के मध्य युद्ध जारी हुआ था।
    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक रूस के खिलाफ मार्क जुकरबर्ग के मेटा की सहयोगी कम्पनियों पर युक्रेन का समर्थन हो रहा है। वही पुतिन ने मेटा विरोधी बताया है और कहा है कि यह आतंकी संगठन है।

  • अगर लड़कियां बेपर्दा हुई तो बढ़ेगी आवारगी- सपा सांसद

    देश– सुप्रीमो कोर्ट ने आज कर्नाटक के हिजाब विवाद पर अपना फैसला दिया। फैसला दो जजों की बेंच में आया और दोनो जजों की राय इस फैसले पर अलग अलग रही। वही अब इस मसले को सुनवाई हेतु बड़ी बेंच के पास भेजने की सिफारिश की गई है।
    हिजाब मामले पर आज भी कोई निष्कर्ष भरा फैसला नही आया। लेकिन आज सुनवाई के बाद से इस मामले पर राजनैतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने इस मसले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा, अब महिलाओ को हिजाब से एतराज है। दुनिया भर में महिलाएं हिजाब का विरोध कर रही है। हम सुप्रीम कोर्ट से इस मसले के परिपेक्ष्य में बेहतर फैसले की उम्मीद करते हैं।
    वही सपा सांसद शफ़ीकुर्रहमान बर्क ने हिजाब का समर्थन करते हुए विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा, यह मजहब का मामला है। इस्लाम की बात है। इस्लाम के अंदर कहा गया है कि महिलाओं को बापर्दा रहना चाहिए। अगर वह बेपर्दा घूमेगी तो आवारगी बढ़ेगी।
    उनके इस बयान पर बीजेपी भड़क उठी। बीजेपी ने कहा कि उनका यह बयान तालिबानी है। वह लड़कियों को पढ़ता हुआ नहीं देखना चाहते हैं। दुर्भाग्य से वो संसद के सदस्य हैं, जो इस तरह की भाषा बोलते हैं।

  • पैसे के लालच में दम्पति में दो महिलाओं की दी बलि

    देश– समय काफी बदल गया है और लोगो ने अब खुद को काफी मॉर्डर भी बना लिया है। लेकिन इस बदलते समय के बाद भी देश मे कई लोग ऐसे है जो आज भी अंधविश्वास की बेड़ियों में जकड़े हुए हैं। इस अंधविश्वास के कारण लोग किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हो जाते हैं। वही अब खबर केरल से है जहां मानक हत्या का मामला सामने आया है।
    सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह सब पैसे की कमी को।दूर करने के लिए जादू टोने के तहत किया गया है। पहले दो महिलाओं का अपहरण किया गया फिर उन महिलाओं की अंधविश्वास के नाम पर बलि दी गई और उन्हें दफना दिया गया। पुलिस को जब इस घटना की जानकारी मिली तो इस मामले में कुछ लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है और शवों को बाहर निकालने की कार्यवाही की जा रही है।
    मामला केरल राज्य के पथानामथिट्टा जिले के तिरुवल्ला के एलनथूर गांव का है। जहां एक दम्पत्ति ने दो महिलाओं का अपहरण कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया है।
    पुलिस ने इस मामले की पुष्टि करते हुए कहा है कि इन लोगो ने आर्थिक संपन्नता के हित हेतु दो महिलाओं को मौत के घाट उतार दिया है। महिला जिनकी बलि दी गई है उनका नाम रोजलिन और पद्मा है। इसके लापता होने की तहरीर पुलिस के समक्ष जून और सितंबर मे दर्ज करवाई गई थी।

  • तेज रफ्तार आ रही पुलिस के बस ने बाइक सवार युवकों को रौंदा मौके पर हुई मौत

    देश – सिताब दियारा में कल गृह मंत्री अमित शाह का एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गए थे और बड़ी संख्या में यहां पुलिस कर्मी तैनात थे। कर्यक्रम के बाद पुलिसकर्मियों को लेकर लौट रही बस से बड़ा हादसा हो गया है। इस हादसे में बस की एक मोटरसाइकिल से टक्कर हुई है और बाइक सवार ३ युवको की मौके पर मौत हो गई है.
    सूत्रों से मिली जानकरी के मुताबिक घटना सीवान-छपरा मुख्य पथ पर रिविलगंज थाना क्षेत्र के टेकनीवास देवरिया ए 1 चिमनी के पास हुई है। बीएस तेज रफ्तार में चल रही थी और इसने बाइक सवारों को रौंद दिया. युवको की मौत के बाद इलाके में बवाल मच गया लोगो की भीड़ ने पुलिस पर हमला बोल दिया और बीएस को आग के हवाले कर दिया. पुलिस कर्मी किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागे है लेकिन इलाके में लोग गुस्से में आग बबूला है। 
    मृतकों की पहचान कोपा थाना क्षेत्र के रेवाड़ी पंचायत के पकड़भिंढा निवासी सत्यनारायण मांझी के 28 वर्षीय पुत्र संजय मांझी व इसी गांव निवासी सुखल मांझी के 16 वर्षीय पुत्र कुंदन कुमार मांझी और भगवान बाजार थाना क्षेत्र के मंगाई डीह निवासी 22 वर्षीय किशोर कुमार के रूप में की गई है. स्थानीय लोगो का कहना है की बीएस में करीब ४० से ५० पुलिसकर्मी बैठे थे. बस की रफ्तार काफी तेज थी बस ने एक झटके में तीनो युवको को कुचल दिया और उनकी मौके पर मौत हो गई।
    हालत को बिगड़ता देख सभी पुलिसकर्मी बस को वहां छोड़कर भाग गए. लोगो ने जमकर गुस्सा किया और बवाल काटा। लोग यही नहीं रुके उन्होंने बस को आग के हवाले किया और सड़क पर जाम लगा दिया। हालाकि अब पुलिस ने लोगो को समझा बुझाकर मामला शांत करवाया है।

  • बारिश ने यूपी , उत्तराखंड और दिल्ली में मचाया हाहाकार,जरी किया गया हाई अलर्ट

    देश – बीते दो दिनों से बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। राजधानी दिल्ली समेत उत्तरप्रदेश , उत्तराखंड में मुश्लाधार बारिश हुई है। बारिश के तांडव से आम आदमी परेशान है। किसानो को अपनी फसल की चिंता खाये जा रही है। बीते २४ घंटे में इन राज्यों में इतनी बारिश हुई है की सभी रिकॉर्ड टूट गए है। बारिश के कारण मौसन विभाग ने चेतावनी जारी की है और लोगो को सचेत रहने की हिदायत की है। मौसम विभाग ने हाई अलर्ट जारी करते हुए कहा उत्तरप्रदेश , दिल्ली , उत्तराखंड में आगामी २४ घंटे में तेज बारिश होने की संभावना है। सभी को एहतियात बरतना चहिये और सचेत रहने की आवश्यकता है।  
    बीते दिनों में उत्तरप्रदेश में बारिश के कारण उथल पुथल देखने को मिली है। कई जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने से लोगो को हादसे का शिकार होना पड़ा है। ११ लोगो की मौत बिजली गिरने से हुई है वही जगह जगह जल भराव हो गया है लोगो का अपने घरो से निकलना दुर्लभ हो गया है। लेकिन उत्तरप्रदेश में बारिश का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है. लगातार अभी भी यूपी में झमाझम बारिश जारी है आज बारिश के कारण यूपी के १२ वीं तक के सभी स्कूलों में छुट्टी दी गई है। 
    वही अगर हम बात उत्तराखंड की करे तो यहां बारिश के कारण १२० सड़को पर जलभराव हो गया है। जगह जगह पानी है बारिश के कारण यहाँ २ लोगो की मौत हुई है वही प्रशाशन ने लोगो को सचेत रहने की हिदायत दी है। जानकारी के लिए बता दें उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में भारी बारिश को देखते हुए संबंधित जिला प्रशासन ने मंगलवार को भी 12वीं तक के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों को बंद करने का फैसला किया है.