Category: national

  • जाने क्यों बदला तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव की पार्टी का नाम

    देश– तेलंगाना राष्ट्र समिति का नाम बदलकर भारत राष्ट्र समिति कर दिया गया है। हैदराबाद के तेलंगाना भवन में पार्टी की सामान्य मीटिंग के बाद इस फैसले पर मुहर लगी है कि अब से पार्टी का नाम भारत राष्ट्र समिति होगा।
    पार्टी के नाम बदलाव को लेकर हुई सामान्य बैठक में तेलंगाना के मुख्यमंत्री और तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (केसीआर), पार्टी के सांसद, विधायक और ज़िला स्तर के संयोजक इस दौरान तेलंगाना भवन में मौजूद रहे। 
    बता दें पार्टी को साल 2000 में लॉन्च किया गया था। पार्टी के लॉन्च के समय इसका दायर राज्य तक सीमित था। लेकिन अब इसे राष्ट्रीय पार्टी के तौर पर स्थापित किया जा रहा है। जिस कारण पार्टी का नाम बदलने का निर्णय लिया गया है।
    पार्टी के 280 कार्यकारी सदस्यों, सांसदों और विधायकों ने एक प्रस्ताव पास किया जिसमें टीआरएस को बीआरएस में शामिल कर लिया गया। जानकारों का कहना है कि चंद्रशेखर राव अब राष्ट्रीय राजनीति में अपनी धाक जमाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।

  • क्या इस साल का नोबल शान्ति पुरस्कार प्रतीक सिन्हा और मोहम्मद ज़ुबैर को मिलेगा

    देश– नोबल शान्ति पुरस्कार का वास्तविक हकदार कौन होगा इस बात का पता शुक्रवार यानी 7 अक्टूबर को चल जाएगा। इस पुरस्कार की घोषणा नॉर्वे के ओस्लो में 11 बजे की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि नोबल शान्ति पुरस्कार की रेस में इस बार भारत से फैक्ट चेक वेबसाइट ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक प्रतीक सिन्हा और मोहम्मद ज़ुबैर का नाम शामिल है।
    बता दें फैक्ट चेक वेबसाइट ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक प्रतीक सिन्हा और मोहम्मद ज़ुबैर अभी कुछ दिनों पहले सुर्खियों में थे। मोहम्मद ज़ुबैर को भारतीय दंड संहिता की धारा 153A और 295 के तहत गिरफ्तार किया गया था। ज़ुबैर पर यह आरोप लगाए गए थे कि उन्होंने हिन्दू धर्म का अपमान किया है। 
    जानकारी के लिए बता दें शान्ति का नोबल पुरस्कार उन लोगो को दिया जाता है। जिन्होंने अपना लाभ छोड़कर समाज के हित के लिए काम किया हो। विजेता का चयन नॉर्वेइयन नोबेल कमेटी करती है जिसमें पांच सदस्य हैं. इस कमेटी को नॉर्वे की संसद नियुक्त करती है। 
    बीते साल 2021में नोबेल शांति पुरस्कार मारिया रेस्सा और दिमित्री मुरातोव को दिया गया था. इन दोनों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के प्रयास करने के लिए ये पुरस्कार दिया गया था।

  • जाने एम्स बिलासपुर के उद्घाटन में हिमाचल को लेकर मोदी ने क्या कहा

    India – आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश में एम्स बिलासपुर का उद्घाटन किया है। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा आज हिमाचल प्रदेश को मेडिकल टूरिज्म की आवश्यकता है। अगर आप दुनिया मे कही घूमने का विचार कर रहे हैं तो आपको हिमाचल जरूर आना चाहिए।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र ने कहा, हिमाचल का वातावरण अच्छा है। यहां की हवाओ में ताजगी है स्वच्छ वातावरण है। बेहतर स्वास्थ्य है और यहां आकर लोगो का मन अच्छा हो जाता है। हमारा उद्देश्य हिमांचल का बेहतरीन विकास करना और हिमांचल में टूरिज्म को बढ़ाना है।
    उन्होंने आगे कहा, हमारी प्राथमिकता में गरीब है। कई बार पैसे की कमी के कारण उन्हें अच्छा इलाज नहीं मिल पाता है। लेकिन हम यह प्रयास कर रहे हैं कि गरीब और मध्यमवर्ग के लोगो को न सिर्फ बेह्तरीन इलाज मिले बल्कि उनको सुविधाएं भी प्राप्त हो।
    अब हिमाचल विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज हिमाचल में सेंट्रल यूनिवर्सिटी भी है, आईआईटी, आईआईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी हैं. देश में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य का सबसे बड़ा संस्थान, एम्स भी अब बिलासपुर की शान बढ़ा रहा है।

  • राजनेताओं के खोखले वादों पर लगाम कसने के लिए चुनाव आयोग ने उठाया बड़ा कदम

    देश– चुनाव के दौरान राजनेता जनता को लुभाने के लिए कई बड़े बड़े वादे करते हैं। उनके वादों को कुछ पर तो विश्वास किया जा सकता है लेकिन कुछ वादे ऐसे होते हैं जिन्हें सुनकर हँसी आ जाती है। कि आखिर इन वादों को अगर इनकी सरकार बनी तो यह कैसे पूरा करेगे।
    वही अब खोखले वादों पर लगाम कसने के लिए चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को एक पत्र लिखकर उनसे कहा है कि वह जनता से चुनाव के दौरान खोखले वादे न करे। क्योंकि वह जो वादे करते हैं वह जनता को प्रभावित करते हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि उन वादों की प्रमाणिकता हो।
    आयोग ने कहा है कि आचार संहिता दिशानिर्देश 2015 के लिए राजनीतिक दलों को चुनावी वादों के वित्तपोषण के संभावित तरीकों और साधनों के औचित्य की व्याख्या करने की आवश्यकता है। वही आयोग ने दावा किया है कि उस समय जो भी वादे किए गए उनमे स्त्यता नही थी।
    वही चुनावी वादों को लेकर जो भी खुलासा हुआ है उसे अब नजरअंदाज तो नही किया जा सकता है। क्योंकि यह वादे जनता को प्रभावित करते हैं।
    आयोग ने वित्त आयोग, आरबीआई, एफआरबीएम, सीएजी और बजट में उपयोग किए गए मानक मापदंडों को व्यापक रूप से कैप्चर करते हुए मिनट एक प्रकटीकरण प्रोफार्मा निर्धारित किया है. आयोग के मुताबिक, डिस्क्लोजर प्रोफार्मा में फिजिकल कवरेज की मात्रा, वादे के वित्तीय निहितार्थ और वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता की घोषणा अनिवार्य है।

  • CNG-PNG के दामो में आया उछाल

    देश– फेस्टीवल सीजन चल रहा है। महंगाई से आम आदमी पहले ही कराह रहा है। वही अब आज महंगाई की एक और गाज आम आदमी पर गिरी है। आज दिल्ली एनसीआर के लोगो को बड़ा झटका लगा है। 
    नेचुरल गैस कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने सीएनजी खुदरा बिक्री के लिए कीमत में तीन रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी है।
    इसके साथ ही आईजीएल ने घरेलू पीएनजी के दामों में भी तीन रुपए प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (एससीएम) बढ़ोतरी कर दी। अब दिल्ली में सीएनजी पर तीन रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है. नई कीमतें 8 अक्टूबर यानी आज सुबह 6 बजे से लागू हो गई है।

  • कांग्रेस नेता ने राष्ट्रपति के लिए उपयोग किये आपत्तिजनक शब्द

    राजनीति– कांग्रेस नेता उदित राज ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर आपत्तिजनक शब्दो का प्रयोग किया है। उनके इस बयान पर बीजेपी भड़क उठी है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने उनके बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि जिस प्रकार के शब्द कांग्रेस नेता ने राष्ट्रपति के लिए उपयोग किये हैं यह आपत्तिजनक है।
    संबित पात्रा ने कहा, कांग्रेस नेता के द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए जिस प्रकार के शब्दों का प्रयोग किया गया है। यह चिंताजनक है। लेकिन कांग्रेस के लिए यह आम बाद है। कांग्रेस नेता के मुख से हम पहले भी ऐसा सुन चुके हैं। इससे पहले, अधीर रंजन चौधरी जी ने किया…वो भी हमने सुना है।
    उन्होंने आगे कहा, यह सब कही न कही कांग्रेस की ओछी मानसिकता का प्रदर्शन करता है। यह बताता है कि कांग्रेस आदिवासी विरोधी है। कांग्रेस को इस बात के लिए माफी मांगनी चाहिए।
    इसके साथ ही राष्ट्रीय महिला आयोग ने उदित राज को नोटिस भेजकर इस मामले में माफ़ी मांगने को कहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा, देश की सर्वोच्च शक्ति और एक महिला, जो अपनी अथक मेहनत से इस पद पर पहुंची है, के ख़िलाफ़ एक बेहद आपत्तिजनक बयान है. डॉ उदित राज को इस अपमानजनक बयान के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए।

  • जाने क्यों अमेरिका ने लगाई ईरान पर पाबंदी

    विदेश– ईरान में जारी हिजाब विवाद अब सिर्फ ईरान का आंतरिक मुद्दा नही बचा है। क्योंकि इस विरोध प्रदर्शन का अंतराष्ट्रीय स्तर पर खूब समर्थन किया जा रहा है। अलग अलग देश की महिलाएं ईरान में जारी एंटी हिजाब मूवमेंट का समर्थन कर रही है
    वही अब अमेरिका ने ईरान पर एक बार पुनः प्रतिबंध लगा दिए हैं।अमेरिका के ट्रेजरी ऑफिस ने ईरान में इंटरनेट सेवा बंद करने, लोगों की आवाज को दबाने और प्रदर्शनकारियों और नागरिकों के खिलाफ हो रही हिंसा की वजह से ईरान के उच्चाधिकारियों पर ये पाबंदियां लगाई गई हैं।
    इससे पहले भी अमेरिका ने ईरान पर इसी मामले मे पाबंदियां लगाई थी. इस दौरान अमेरिका ने वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने प्रतबंदों के लिए ईरानी खुफिया और सुरक्षा मंत्रालय के साथ कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी नामजद किया था. जिसके बाद वह अमेरिका में संपत्ति और बैंक खातों के इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे.

  • जबरन मदरसे में घुसे लोग की पूजा लगाए जय श्री राम के नारे

    देश– देश मे अब धर्म के नाम पर हिंसा के मामले सामने आना कोई बड़ी बात नहीं रह गई है। धर्म के ठेकेदार आम नागरिकों में मन मे नफरत का जहर घोलकर उन्हें कट्टरपंथी से जोड़ रहे हैं। लोग अब धर्म के नाम पर एक दूसरे का कत्ल करने पर अमादे है।
    वही कर्नाटक से खबर सामने आई है कि यहां कुछ लोग जबरन मदरसे में घुस गए और उन्होंने वहां पूजा की है। मामला कर्नाटक के बीदर का बताया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में तहरीर दर्ज कर ली है और इस मामले में 9 लोगो के खिलाफ मामला दर्ज किया है।  
    सूत्रों का कहना है कि यह भीड़ दशहरा के कार्यक्रम में शमिल हुई थी। इसी बीच यह लोग मदरसे में घुस गए। वहां इन लोगो ने नारेबाजी की और पूजा भी की। पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई है हालाकि अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नही हुई है जिससे मुस्लिम समाज गुस्से में है। 
    मुस्लिम समाज ने कहा है कि यदि कल तक आरोपियों को हिरासत में नही लिया गया। तो वह सड़को पर उतर कर इस मामले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे।
    बता दें कुछ लोग सुरक्षाकर्मी को धक्का मारकर जबरदस्ती मदरसे में घुस गए. 1460 के दशक में निर्मित, बीदर में महमूद गवां मदरसा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अंतर्गत आता है. ये राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों की सूची में भी शामिल है. 
    जानकारी के मुताबिक पूजा करने से पहले लोगों ने मदरसे की सीढ़ियों पर खड़े होकर “जय श्री राम” और “हिंदू धर्म जय” के नारे लगाए. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें सीढ़ियों पर खड़ी भारी भीड़ इमारत के अंदर जाने की कोशिश कर रही है.

  • भारत जोड़ो यात्रा से जुड़ी अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी

    देश– कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में कर्नाटक से कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी शामिल हुई है। आज कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा का 29 वां दिन है। इस यात्रा में कांग्रेस की ओर से देश मे रफ्तार के साथ बढ़ रही महंगाई और बेरोजगारी की समस्या को उठाया गया है।
    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी सोनिया गांधी का स्वास्थ्य उतना बेहतर नही है। वह स्वास्थ्य समस्याओं के कारण कुछ देर तक राहुल गांधी के साथ कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा का हिस्सा रहेगी और बाद में पुनः दिल्ली लौट जाएगी।
    बताया जा रहा है मसूरी से प्रियंका गांधी भी कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होंगी। कर्नाटक में ये यात्रा 21 दिन चलेगी. और इस दौरान 511 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी।

  • जल्द देश को मिलेंगे नए प्रधान जज

    देश– न्यायालय देश की न्याय व्यवस्था को निर्धारित करता है। न्यायालय का निर्णय अंतिम निर्णय माना जाता है। प्रत्येक व्यक्ति न्यायालय यह उम्मीद लगाकर जाता है कि न्यायधीश कभी उसके साथ अन्याय नही होने देंगे।
    वही अब खबर आई है कि देश के अलग अलग जगहों के हाई कोर्ट में कुल 153 नए जजों की नियुक्ति हुई है। अब यह जज देश के लिए लोगो की उम्मीद बनेंगे।
    सूत्रों ने कहा है कि अभी देश के अलग अलग हिस्सों में 153 जजों की नियुक्ति हुई है और यह संभावनाएं हैं कि आगामी समय मे अन्य कई जजों की नियुक्ति होगी। 
    बता दें बंबई हाईकोर्ट में गुरुवार को 6 एडिशनल जजों की नियुक्ति की गई. ऐसी जानकारी है कि सरकार जल्दी ही बंबई हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता को शीर्ष अदालत (सुप्रीम कोर्ट) में लाने पर फैसला कर सकती है.
     
    अगर दत्ता को सुप्रीम कोर्ट में लाया जाता है तो शीर्ष अदालत में जजों की संख्या बढ़कर 30 हो जाएगी. सुप्रीम कोर्ट में ‘चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया’ (CJI) सहित टोटल जजों के 34 पद स्वीकृत हैं।
    खबर यह भी है कि अगले सप्ताह से देश के नए प्रधान न्यायाधीश की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
    इस प्रक्रिया के तहत केन्द्रीय कानून मंत्रालय ‘चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया’ को लैटर लिखकर अपना उत्तराधिकारी नामित करने की अपील करेगा।
    क्योंकि अभी हाल ही में उदय उमेश ललित को प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। वह अब रिटायर होने वाले हैं और अब न्यायमूर्ति धनंजय वाई. चन्द्रचूड़ सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जज बनेंगे. यूयू ललित देश के 49 वें प्रधान न्यायाधीश है।