Category: national

  • क्राइम फाइटर’ गेम खेलकर नाबालिग बेटे ने माँ-बहन को उतारा मौत के घाट

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    दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा से हत्या का एक बेहद ही चैंकाने वाला मामला सामने आया है. दरअसल यहाँ पर मां-बहन की हत्या करने के बाद फरार हो चुके नाबालिग बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने मृतका अंजलि के फरार 15 वर्षीय बेटे को वाराणसी से बरामद कर लिया है. बता दें कि नाबालिग लड़के ने मोबाइल गेम से इंस्पायर होकर अपनी मां और बहन को मौत के घाट उतार दिया.

    बता दें कि बीते मंगलवार को ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी टू के टावर जी के फ्लैट नंबर 1446 के दरवाजे को जब खोला गया तो वहाँ मौजूद सभी लोग हैरान हो गये, क्योंकि अन्दर का नजारा बेहद ही खौफनाक था. घर के अन्दर खून से लिपटी मां-बेटी की लाश पड़ी हुई थी. इन दोनों की ही निर्ममता से हत्या करके आरोपी घर के बाहर ताला लगाकर फरार हो गया था. जब ये वारदात हुई तो घर में कुल तीन लोग थे. मां, बेटी और बेटा. मगर दरवाजा खुला तो लाश सिर्फ मां और बेटी की मिली बेटा गायब था.

    घटना के बाद जब बेटा नहीं मिला तो पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी जिसके बाद आरोपी नाबालिग बेटे को वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया गया है और आज वह इस हत्याकांड से जुड़े कुछ अहम खुलासे कर सकता है.

    आरोपी बेटे की गिरफ्तारी और उसके जुर्म कबूल करने के बाद ग्रेटर नोएडा में मां-बेटी के कत्ल की गुत्थी सुलझती नजर आ रही है. उसने पूछताछ में अपनी मां और बहन के कत्ल की बात कबूल कर ली है. शुक्रवार की रात पुलिस ने वारदात के बाद से फरार चल रहे अंजलि के बेटे को वाराणसी से बरामद किया.

    किशोर का बैग कहीं छूट जाने से उसके पास पैसे नहीं बचे थे जिस वजह से वह कई घंटों तक भूखा रहा। किशोर ने भूख से परेशान हो कर आखिरकार अपने पिता को फोन किया। किशोर के पिता ने इस बात की जानकारी पुलिस को दी। फिर पुलिस ने उसको बनारस के घाट से बरामद कर वापस ग्रेटर नोएडा ले आई।

    पुलिस ने बताया कि बच्चे की उसके मोबाइल के आधार पर लास्ट लोकेशन पहाड़गंज थी. पहाड़गंज से फिर वह ट्रेन पकड़कर मुगलसराय चला गया. वहां से उसने शुक्रवार की सुबह किसी के फोन से अपने पिता को फोन किया. पिता ने फौरन पुलिस को इसकी जानकारी दी.

    नोएडा पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक नाबालिग बेटे ने ही अपनी माँ और बहन की हत्या की थी और तभी से वो फरार चल रहा था. आरोपी बेटे को अब पुलिस हिरासत में लेकर पूछतांछ की जा रही है और जल्द ही इस निर्मम हत्याकाण्ड से जुड़े और भी पत्ते खुल जाएंगे. पुलिस के मुताबिक कत्ल करने की वजह क्राइम फाइटर गेम को बताया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक लड़के ने बैट से दोनों की पीट-पीट कर हत्या की थी. अब पुलिस शनिवार को उसे लेकर नोएडा आ रही है.

    Read More : मां-बाप की लाशों के पास 40 घंटे अकेली बैठी रही 3 साल की बच्ची

  • क्राइम फाइटर’ गेम खेलकर नाबालिग बेटे ने माँ-बहन को उतारा मौत के घाट

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    दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा से हत्या का एक बेहद ही चैंकाने वाला मामला सामने आया है. दरअसल यहाँ पर मां-बहन की हत्या करने के बाद फरार हो चुके नाबालिग बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने मृतका अंजलि के फरार 15 वर्षीय बेटे को वाराणसी से बरामद कर लिया है. बता दें कि नाबालिग लड़के ने मोबाइल गेम से इंस्पायर होकर अपनी मां और बहन को मौत के घाट उतार दिया.

    बता दें कि बीते मंगलवार को ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी टू के टावर जी के फ्लैट नंबर 1446 के दरवाजे को जब खोला गया तो वहाँ मौजूद सभी लोग हैरान हो गये, क्योंकि अन्दर का नजारा बेहद ही खौफनाक था. घर के अन्दर खून से लिपटी मां-बेटी की लाश पड़ी हुई थी. इन दोनों की ही निर्ममता से हत्या करके आरोपी घर के बाहर ताला लगाकर फरार हो गया था. जब ये वारदात हुई तो घर में कुल तीन लोग थे. मां, बेटी और बेटा. मगर दरवाजा खुला तो लाश सिर्फ मां और बेटी की मिली बेटा गायब था.

    घटना के बाद जब बेटा नहीं मिला तो पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी जिसके बाद आरोपी नाबालिग बेटे को वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया गया है और आज वह इस हत्याकांड से जुड़े कुछ अहम खुलासे कर सकता है.

    आरोपी बेटे की गिरफ्तारी और उसके जुर्म कबूल करने के बाद ग्रेटर नोएडा में मां-बेटी के कत्ल की गुत्थी सुलझती नजर आ रही है. उसने पूछताछ में अपनी मां और बहन के कत्ल की बात कबूल कर ली है. शुक्रवार की रात पुलिस ने वारदात के बाद से फरार चल रहे अंजलि के बेटे को वाराणसी से बरामद किया.

    किशोर का बैग कहीं छूट जाने से उसके पास पैसे नहीं बचे थे जिस वजह से वह कई घंटों तक भूखा रहा। किशोर ने भूख से परेशान हो कर आखिरकार अपने पिता को फोन किया। किशोर के पिता ने इस बात की जानकारी पुलिस को दी। फिर पुलिस ने उसको बनारस के घाट से बरामद कर वापस ग्रेटर नोएडा ले आई।

    पुलिस ने बताया कि बच्चे की उसके मोबाइल के आधार पर लास्ट लोकेशन पहाड़गंज थी. पहाड़गंज से फिर वह ट्रेन पकड़कर मुगलसराय चला गया. वहां से उसने शुक्रवार की सुबह किसी के फोन से अपने पिता को फोन किया. पिता ने फौरन पुलिस को इसकी जानकारी दी.

    नोएडा पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक नाबालिग बेटे ने ही अपनी माँ और बहन की हत्या की थी और तभी से वो फरार चल रहा था. आरोपी बेटे को अब पुलिस हिरासत में लेकर पूछतांछ की जा रही है और जल्द ही इस निर्मम हत्याकाण्ड से जुड़े और भी पत्ते खुल जाएंगे. पुलिस के मुताबिक कत्ल करने की वजह क्राइम फाइटर गेम को बताया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक लड़के ने बैट से दोनों की पीट-पीट कर हत्या की थी. अब पुलिस शनिवार को उसे लेकर नोएडा आ रही है.

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  • PM मोदी पर ‘नीच’ टिप्पणी के लिए अय्यर को निष्कासित करे कांग्रेस: मुलायम

    इटावा। समाजवादी पार्टी (सपा) संरक्षक मुलायम सिंह यादव का कहना है कि प्रधानमंत्री के लिए ‘‘नीच’’ शब्द का इस्तेमाल करने वाले कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर को पार्टी से निष्कासित कर दिया जाना चाहिए। मुलायम ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘काँग्रेस नेता द्वारा प्रधानमंत्री के लिए ‘नीच’ शब्द का इस्तेमाल करना निश्चित तौर पर गलत है। इस तरह की भाषा बोलने वाले व्यक्ति को न केवल निलंबित कर दिया जाना चाहिए बल्कि उसे पार्टी से भी निष्कासित कर दिया जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में बहुत बड़ा अन्तर आया है। पहले की राजनीति और अब की राजनीति मे बड़ा बदलाव हुआ है।

    सकारात्मक राजनीति लुप्त हो गयी है। एक दूसरे पर कीचड़ उछालना आम बात हो गयी है। मुलायम ने एक सवाल के जवाब में कहा कि देश में जो हालात चल रहे हैं और जिस तरह से सरकार चल रही है…., सरकार के कामकाज को लेकर एक बड़े आन्दोलन की जरूरत है। आगे आने वाले समय में आन्दोलन चलाया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के कामकाज को लेकर मुलायम ने कहा कि इस सरकार में सभी परेशान हैं चाहे किसान, कामगार, मजदूर, कारोबारी हो या सरकारी कर्मचारी हो, सब परेशान हैं। विकास कार्य ठप है। हमने अपनी सरकार में पाँच चीजों सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, बिजली को प्राथमिकता पर रखा था। इससे नौजवानों को रोजगार भी मिला था और प्रदेश में विकास भी हुआ था।

  • तेजस्वी ने ED के भूखंड जब्त किये जाने को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया

    पटना। बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पटना स्थित 45 करोड़ रुपये मूल्य के तीन भूखंडों को जब्त किए जाने को राजनीतिक बदले के तहत की गयी कार्रवाई और साजिश बताया है। पटना में पत्रकारों को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने ईडी द्वारा राजद प्रमुख लालू प्रसाद और उनके परिवार की कथित संलिप्तता वाले आईआरसीटीसी होटल आवंटन घोटाले से जुड़ी अपनी जांच के तहत के की गयी उक्त कार्रवाई को विपक्षी दलों पर दबाव बनाने की सोची समझी रणनीति बताते हुए आरोप लगाया कि केंन्द्र और राज्य सरकार राजनीतिक षड्यंत्र के तहत कार्य कर रही है।

    ईडी द्वारा आज संपत्ति जब्त किए जाने को लेकर तेजस्वी ने कहा कि अगर कुछ गलत किया गया है तो इस मामले में अब तक चार्जशीट दाखिल क्यों नहीं की गई है । क्यों सिर्फ एफआईआर दर्ज करके छोड़ दिया गया है। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग तथा सीबीआई पर भाजपा की बी टीम बनकर काम करने का का आरोप लगाते हुए कहा कि केंन्द्र और राज्य सरकार अपना राजनीतिक एजेंडा इन एजेंसियों के माध्यम से साध रही है। लम्बे समय से गरीब गुरबा का विश्वास डिगाने के लिए इतनी जुगत लगाई जा रही है। तेजस्वी ने पूछा कि अब तक जय शाह पर कर्रवाई तो दूर जांच के आदेश तक नहीं दिए गए हैं। सत्ता पक्ष के लिए अलग और विपक्ष पर दबाव बनाने के लिए अलग —अलग मापदंड कैसे हो सकते हैं। उन्होंने कहा ​कि हमें झूठे मुकदमों के माध्यम डराने की जो कोशिश हो रही है उससे हम डरने वाले नहीं। तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर प्रहार करते हुए कहा कि जिन्हें डरकर उनसे हाथ मिलाना था, राज्य में सरकार बनानी थी, वे पहले ही उनके सामने नतमस्तक होकर साथ सरकार बना चुके हैं।

    उन्होंने कहा कि 150 दिनों के बाद भी अगर चार्जशीट दाखिल ना की जाए तो उस कार्रवाई के बारे में क्या कहा जा सकता है । इतना विलम्ब क्यों? सवाल पूछने पर धमकाने के लिए केन्द्रीय एजेंसियों की सेवा ली जा रही है। नामी सम्पति को कुर्क कर उन्हें बेनामी का नाम दिया जा रहा है । तेजस्वी ने कहा कि वे चाहते हैं कि दुष्प्रचार के दुष्चक्र को विराम लगाते हुए जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल की जाए ताकि इनकी वास्तविक मंशा जल्द जनता के सामने आए इस बीच, बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी जो कि लालू प्रसाद और उनके परिवार की कथित बेनामी संपत्ति को लगातार उजागर करते आए हैं, ने आज कहा कि प्रवर्तन निदेशालय की जांच-पड़ताल के बाद लालू परिवार की 44.7 करोड़ रुपये की सम्पत्ति जब्त होने से साबित हुआ कि लारा कंपनी के जरिये भ्रष्ट तरीके से सम्पत्ति बनाने के उनके आरोप सही थे।

    सुशील ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव ईडी की पूछताछ में बिंदुवार जवाब नहीं दे पाते, लेकिन कार्रवाई होने पर राजनीतिक बयानबाजी करते हैं। बिहार में भाजपा के साथ सत्ताधारी जदयू के प्रदेश प्रवक्ता संजय सिंह ने कटाक्ष करते हुए कहा ‘‘लालू जी आज से आपका और आपके परिवार काउंट डाउन शुरू हो गया है। ईडी ने ना जाने कितनी बार नोटिस किया था लेकिन आपके परिवार के लोग नहीं जाते थे। अब ईडी ने अपना एक्शन शुरू कर दिया है। अब आपकी सम्पति की कुर्की जब्ती शुरू हो गई। जो अकूत सम्पति बनाई थी अब वो आपकी नहीं रहेगी। उन सम्पतियों पर स्कूल-?कॉलेज बनेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लालू जी, जब आप सत्ता में थे तो गरीबों के लिए तो कुछ नहीं किया लेकिन अब आपकी सम्पति गरीबों के काम आएगी।

  • गुजरात में बदलाव के आसार नहीं, कांग्रेस चूक गई हार्दिक, अल्पेश और जिग्नेश के इस्तेमाल से

    गुजरातियों को लगता है कि एक गुजराती देश का ताकतवर प्रधानमंत्री है। इस गुजराती प्रधानमंत्री की वजह से दुनिया में गुजरातियों की हैसियत बढ़ी है। कांग्रेस की तरफ से एक मजबूत नेता की कमी, विजय रुपाणी की कमजोरी को ढंक ले रही है। इसलिए मोदी के बदले हुए गुजरात को गुजराती 2017 में तो बदलता नहीं दिख रहा है।

    young Gujarat OBC leader Alpesh Thakore on Saturday announced he was joining the Congress, as state Congress chief .

    अल्पेश-जिग्नेश-हार्दिक की साझा ताकत को इस्तेमाल करने से कांग्रेस चूक गई है। यह बात भी गुजरात में घूमते हुए साफ समझ में आती है। अब गुजरात चुनाव के नतीजे ही तय करेंगे कि क्या अल्पेश-जिग्नेश-हार्दिक के नेतृत्व वाले समूहों के आपसी विरोध की वजह से ही तीनों एक साथ मिलकर कांग्रेस के साथ नहीं आ पाए। हार्दिक की उम्र चुनाव लड़ने की नहीं है, इसलिए सवाल है कि उनके पीछे खड़ी भीड़ किसे वोट करेगी? कुछ हद तक इसका जवाब नवरंगपुरा की दर्शन सोसायटी के सामने के सैलून में बाल कटाते मुङो मिला। मेरे यह कहने पर कि पाटीदार तो बहुत नाराज हैं, उनको भाजपा से कुछ मिला नहीं। पाटीदारों को नहीं मिला तो मिला किसको? भाजपा के राज में पाटीदारों की हैसियत सबसे ज्यादा रही है। कारोबार से लेकर सरकार तक पाटीदारों को ही भाजपा के राज में तवज्जो मिली है। ऐसे में हार्दिक के साथ भीड़ तो इकट्ठा हो रही है, लेकिन सीधे तौर पर लाभ पाए इस समूह के लोग मतदान केंद्र में कमल के निशान को अनदेखा कर पाएंगे, ऐसा कहना मुश्किल है। साबरमती रिवरफ्रंट जिस तरह से लोगों की शाम तनाव मुक्त होने का जरिया बना है, इसे समझना चाहिए। यहां आने पर शाम हिंदू-मुसलमान या दूसरे लोगों की भी एक बराबर तनाव मुक्त हो रही है। राज्य के स्थानीय चैनलों पर भाजपा और कांग्रेस के चुनाव प्रचार में 22 साल का राज ही प्रमुख है। भाजपा के चुनावी प्रचार कह रहे हैं कि भाजपा के राजनीतिक तौर पर मरने का मतलब होगा, गुजरात का गुजराती अस्मिता का मरना। कांग्रेस, 22 साल में भाजपा सरकार क्या-क्या नहीं कर सकी है, उसको उभार रही है।

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    मगर प्रचार अभियान पर जनता से बात करने पर एक बात जो समझ में आती है कि 22 सालों और खासकर 2002 के बाद मोदी की अगुवाई में भाजपा के राज में गुजरातियों की जीवनशैली में जो स्थिरता आई है, उसे तोड़ने की मनरूस्थिति गुजरातियों की बनती नहीं दिख रही है। रात के 11 बजे महिलाएं जिस तरह से गुजरात के शहरों में अपने लिए खरीदारी करती नजर आ जाती हैं, वह दूसरे राज्यों के लिए कल्पना नहीं की जा सकती है। हां, सीधे तौर पर इसे कहा जा सकता है कि गुजरात में दंगे अब नहीं होते और गुजरात में सुरक्षा का अद्भूत भाव है। इसके खिलाफ दिल्ली में बैठकर सबसे बड़ा तर्क यही आता है कि गुजरात में मुसलमानों में जो असुरक्षा का भाव है, उसकी बात कोई नहीं करता। 2002 के दंगे दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक हैं। उस दौरान हिंदू-मुसलमान के बीच की खाई भी बढ़ी। मगर पिछले 15 सालों में हिंदू-मुसलमान की एक से ज्यादा पीढ़ियां बड़ी हो गई हैं और उनको मीडिया सतर्क न करे तो उनके लिए हिंदू-मुस्लिम विभाजन रोजमर्रा में लगभग न के बराबर है। इसका अहसास मुझे साबरमती रिवरफ्रंट पर हुआ। 2 दिसंबर की रात साढ़े दस बजे के आसपास रिवरफ्रंट के खानपुरा की तरफ मैं भी घूम रहा था। रिवरफ्रंट के बड़े इलाके में बड़े मजे से मुसलमान लड़के-लड़कियां और महिला-पुरुष घूमते-बैठे दिखे। गुजरात के विकास में मुसलमानों की हिस्सेदारी बहुत कम है। नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री के तौर पर अपने व्यक्तित्व को जितना बड़ा कर लिया, उस लिहाज से विजय रुपाणी कम जोर नजर आते हैं। कांग्रेस की तरफ से एक मजबूत नेता की कमी, विजय रुपाणी की कमजोरी को ढंक ले रही है। इसलिए मोदी के बदले हुए गुजरात को गुजराती 2017 में तो बदलता नहीं दिख रहा है।

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  • राजसमन्द की घटना को सांप्रदायिक रंग नहीं दिया जाए: नकवी

    नयी दिल्ली। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि राजस्थान के राजसमन्द में एक मजदूर की निर्मम हत्या अपराध की घटना है और इसे सांप्रदायिक रंग नहीं दिया जाना चाहिये। नकवी ने संवाददाताओं से कहा, ‘अपराध को अपराध की तरह से देखना चाहिए। अपराधियों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार होना चाहिए। इसे सांप्रदायिक रंग देना ठीक नहीं है। इस तरह की घटना को सांप्रदायिक रंग देने से नुकसान होता है।”

    उन्होंने कहा, ‘‘ किसी भी आपराधिक घटना की निंदा होनी चाहिये। इस मामले में राजस्थान के प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है और अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है। आगे जरूरत होगी तो और कार्रवाई की जाएगी।” हाल ही में राजसमन्द में अफराजुल नाम के मजदूर पर कुल्हाड़ी से वार कर उसे जिंदा जला दिया गया था। इसका वीडियो वायरल होने के बाद आरोपी शंभूलाल को गिरफ्तार किया गया। यह मजदूर पश्चिम बंगाल के मालदा जिले का निवासी था।

    शुरू में इस घटना को कथित ‘लव जेहाद’ से जोड़ा गया, हालांकि पुलिस ने आरम्भिक जांच में इससे इनकार किया है। गुजरात में भाजपा के एक नेता की ओर से अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित तौर पर दिये विवादित बयान के बारे में पूछे जाने पर नकवी ने कहा, “आजकल बयानवीरों के बयानों की बाढ़ आई है और मुझे लगता है कि इसमें सभी को नहीं डूबना चाहिए।”

  • जायरा छेड़छाड़ मामला: घटना से स्तब्ध हैं महबूबा मुफ्ती

    श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि वह ‘दंगल’ की अभिनेत्री जायरा वसीम के साथ विमान में कथित तौर पर हुई छेड़छाड़ की घटना से स्तब्ध हैं। उन्होंने इस मामले में तेजी से कार्रवाई की मांग की है। अभिनेत्री ने आरोप लगाया है कि दिल्ली-मुंबई विमान में एक सहयात्री ने उनके साथ छेड़छाड़ की। जायरा ने इंस्टाग्राम लाइव वीडियो के जरिए अपनी आपबीती बताई।

    महबूबा ने ट्विटर पर लिखा, ‘ महिलाओं के साथ होने वाले किसी तरह के उत्पीड़न और अपराध का निपटारा तेजी और प्रभावी तरीके से किया जाए। दो बच्चों की मां होने के नाते मैं जायरा के साथ हुई घटना से स्तब्ध हूं। आशा करती हूं कि संबंधित अथॉरिटी कड़ी कार्रवाई करेंगी।’ जायरा ने इंस्टाग्राम लाइव वीडियो में कहा था कि वह मेरे कंधों को कोहनी मार रहा था और लगातार अपने पैर मेरी कमर और गर्दन पर रगड़ रहा था।

  • प्रधानमंत्री के भाषणों में विकास गुम क्यों है? : राहुल

    नयी दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला तेज करते हुए सवाल किया कि गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान उनके भाषणों में विकास का उल्लेख क्यों नहीं किया जा रहा है। राहुल ने कहा कि उन्होंने गुजरात के रिपोर्ट कार्ड के बारे में प्रधानमंत्री मोदी से जो दस सवाल पूछे थे उनमें से एक का भी जवाब नहीं आया है जबकि भाजपा 22 साल से सत्ता में है।

    उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘ गुजरात में 22 सालों से भाजपा की सरकार है। मैं केवल इतना पूछूंगा-क्या कारण है इस बार प्रधानमंत्री जी के भाषणों में ‘विकास’ गुम है? मैंने गुजरात के रिपोर्ट कार्ड से 10 सवाल पूछे, उनका भी जवाब नहीं। पहले चरण का प्रचार ख़त्म होने तक घोषणा पत्र नहीं।’’ गुजरात विधानसभा के लिए आज पहले चरण का मतदान है।

    राहुल ने ट्वीट कर पहली बार वोट डाल रहे युवा मतदाताओं का विशेष तौर पर उल्लेख किया। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘ मतदाताओं की भागीदारी लोकतंत्र की आत्मा होती है। गुजरात चुनाव में पहली बार वोट डाल रहे युवा साथियों का बहुत स्वागत और अभिनन्दन। गुजरात की जनता से अपील है कि भारी संख्या में मतदान कर लोकतंत्र के इस पर्व को सफल बनाएं।

  • मां-बाप की लाशों के पास 40 घंटे अकेली बैठी रही 3 साल की बच्ची

    अहमदनगर. मोबाइल के हुएघ्झगड़े के बाद पति ने गला दबाकर पत्नी की हत्या कर दी और बाद में खुद भी फंदे से झूल गया.घ्मां-बाप की लाशों के पास करीब 40 घंटे तक तीन साल की बच्ची घर में अकेली बैठी रही और किसी को वारदात का पता नहीं चला.घ्40 घंटे बाद जब बच्ची का नाना घर पहुंचा तो मामले का खुलासा हुआ. अकोले निवासी प्रकाश निवृत्ती बंदावणे (33) पत्नी चित्रा बाबू राजपूत के साथ अकोले के धुमालवाडी रोड पर सार्थक बंगले में रहते थे.घ्घटना वाली रात पति – पत्नी में मोबाइल को लेकर झगड़ा हो गया.घ्

    झगड़ा सुबह हुआघ्था और शाम को प्रकाशघ्के घर पहुंचने पर दोनों फिर लडने लगे.घ्झगड़ा इतना बढ़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई. प्राथमिक जांच में पता चला कि पहले तो प्रकाश ने चित्रा का गला दबाकर हत्या की फिर खुदकुशी कर ली.घ्दोनों जब झगड़ रहे थे तब घर में उनकी बेटी भी थी.घ्मां-बाप की लाशों के पास करीब 40घ्घंटे बच्ची बैठी रही और घर में जो खाना पड़ा था उसी को खाती रही.घ्घटना के काफी देर बाद जब बच्ची के नाना घर पहुंचे तो वारदात का खुलासा हुआ. दरअसल घटना वाले दिन सुबह जब प्रकाशघ्काम पर गया था तो वे घर को बाहर से ताला लगा गया था.घ्शाम को भी वे खिड़की से घर में दाखिल हुआघ्था.घ्ताला लगा होने के कारण बच्ची घर से बाहर भी नहीं जा सकती थी.

  • भाजपा के लिए बुरी खबर, गुजरात में मतदान से एक दिन पहले इस सांसद ने छोड़ी पार्टी

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    नई दिल्ली । 9 दिसंबर को गुजरात में मतदान है। इस मतदान से एक दिन पीएम मोदी के लिए बुरी खबर है। ये खबर आई है महाराष्ट्र से। महाराष्ट्र में भाजपा नेता नाना पटोले ने शुक्रवार को घोषणा की कि उन्होंने लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है और पार्टी भी छोड़ दी है। पटोले ने इस्तीफा देने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली पर सवाल उठाया है। भंडारा-गोंदिया से सांसद पटोले ने कहा कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के कार्यालय को और भाजपा नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। पटोले ने यह कदम गुजरात विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के मतदान (शनिवार) से ठीक एक दिन पहले उठाया है। हाल के महीनों में भाजपा नेतृत्व के जोरदार आलोचक रहे पटोले ने कहा कि वह पार्टी इसलिए छोड़ रहे हैं, क्योंकि वह काफी दुखी और पार्टी द्वारा खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

    लोकसभा सचिवालय को अपना इस्तीफा सौंपने के तत्काल बाद उन्होंने मीडिया से कहा, जिस वजह से मैं पार्टी(भाजपा) में शामिल हुआ था, वह झूठा साबित हुआ। लेकिन अब मैं(इस्तीफा देने के बाद) अपने भीतर की बैचेनी से मुक्त हो गया हूं। पटोले ने कहा कि उन्होंने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वह किस पार्टी में शामिल होंगे, लेकिन वह किसी समान विचारधारा वाले राजनीतिक दल में शामिल होने पर विचार करेंगे।

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