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  • भगवत गीता पार्क में तोड़फोड़, प्रतीक चिह्न को भारी नुकसान

     

    डेस्क: कनाडा में भारतीयों के खिलाफ हिंसा के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है। अब यहां भगवत गीता पार्क के प्रतीक चिह्न को तोड़ने की घटना सामने आई है। वहीं इसकी पुष्टि मेयर पैट्रिक ब्राउन ने की है।हाल ही में इस पार्क का अनावरण किया गया था।

    इस घटना से पहले कनाडा के स्वामीनारायण मंदिर में भी तोड़फोड़ की खबर सामने आई और इसके बाद भगवत गीता पार्क की घटना ने सभी का ध्यान अपनी ओर केंद्रित किया  है। वहीं मेयर पैट्रिक ब्राउन ने इस घटना की निंदा भी की है और कहा कि हम इसके लिए जीरो टॉलरेंस रखते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। उन्होंने आश्वासन भी दिया है कि ऐसी घटनाओं के खिलाफ सरकार कड़े कदम उठाएगी।

    इससे पहले कनाडा में हुई गोलीबारी में एक भारतीय छात्र को गोली लग गई थी और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। वहीं इसके बाद भारत सरकार की ओर से कनाडा में रहने वाले छात्रों व अन्य नागरिकों के अलावा वहां की यात्रा करने वाले नागरिकों के लिए भी एडवाइजारी जारी की गई थी। इसमें यह भी कहा गया था कि हाल की घटनाओं को देखते हुए भारतीयों को ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है।

  • CBSE Board Exam 2023: आगामी परीक्षा से जुड़ा अबतक का सबसे बड़ा अपडेट

     

    CBSE Board Exam 2023 Datesheet: सीबीएसई परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स के लिए बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है।  जहां बच्चे एग्जाम की तैयारी में लगे हैं वहीं कुछ स्टूडेंट्स यह जानने में दिलचस्पी दिखा रहें हैं कि परीक्षाएं कब से शुरू होंगी।

    वहीं ऐसे में डेटशीट को लेकर नया अपडेट सामने आया है। साथ ही रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) दिसंबर में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की डेट शीट भी (CBSE Exam 2023) जारी करेगा। 

    साथ ही 2023 में होने वाली सीबीएसई परीक्षाएं नए सिलेबस के आधार पर होगी जो सीबीएसई द्वारा कब का ही जारी किया जा चुका है।

    सीबीएसई 10वीं 12वीं की परीक्षाएं 15 फरवरी, 2023 से आयोजित होने का कयास लगाया जा रहा है। वहीं सीबीएसई के अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि डेटशीट को दिसंबर में जारी किया जाएगा। बाद में जिसे वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। वहीं इसके अलावा, परीक्षा 100% सिलेबस पर आधारित होगी जैसे कि शैक्षणिक वर्ष 2019-20 में हुई थी। साथ ही इस साल 1 ही बार परीक्षाएं होगी आपको बता दें कि पिछले साल की तरह दो टर्म में एग्जाम नहीं करवाया जाएगा।

    आपको याद होगा कि बीते साल सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं दो टर्म में होने की वजह से एग्जाम भी लेट तक चला और रिजल्ट जारी होने में भी काफी समय लग गया हालांकि अब के हालातों को देखते हुए परीक्षाएं 1 बार ही होगी और रिजल्ट भी जल्दी ही जारी किया जाएगा।

    सीबीएसई ने 12 जुलाई को इसके नतीजे भी घोषित किए थे और इस साल 12वीं में ओवरऑल 92.71 प्रतिशत बच्चे पास भी हुए और 10वीं का रिजल्ट भी काफी शानदार रहा जिसमें 94.40 प्रतिशत बच्चे पास हुए थे। 

  • मस्क के ट्वीट ने मचाया बवाल , यूक्रेन के राष्ट्रपति भड़के, जर्मनी के नेता बोले भाड़ में जाओ

    विदेश– एलन मस्क के एक ट्वीट ने सोशल मीडिया पर बवाल मचा दिया है। एलन मस्क ने एक ट्वीट के माध्यम से रूस और युक्रेन के मध्य जारी युद्ध मे अपनी टांग अड़ा दी है और इस युद्ध को शान्ति पूर्वक खत्म करवाने हेतु एक उपाय सुझाया है। इस उपाय ने एलन मस्क को सुर्खियों का विषय बना दिया और सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना शुरू हो गई।
    मस्क ने ट्वीट किया है कि रूस के कब्ज़े वाले यूक्रेन के हिस्से में जनमत संग्रह संयुक्त राष्ट्र की देख-रेख में फिर किया जाए। क्राइमिया रूस का आधिकारिक हिस्सा है, जो साल 1783 से रहा है। क्राइमिया में पानी की आपूर्ति को सुनिश्चित किया जाए। यूक्रेन निष्पक्ष बना रहे।
    मस्क के इस ट्वीट पर पलटवार करते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा, आप लोग कौन से एलन मस्क को पसन्द करते हैं। वह जो युक्रेन का समर्थन करते हैं। या उन्हें जो रूस का समर्थन करते हैं। वही जर्मनी के एक नेता ने एलन मस्क के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, मैं मस्क को लेकर सिर्फ इतना कह सकता हूँ की भाड़ में जाओ।

     

  • CBI ने इस विशेष कारण से बनाया सोशल मीडिया अकाउंट, इतिहास में पहली बार

    डेस्क। सोशल मीडिया से हमेशा दूर रहने वाली भारत की प्रमुख जांच एजेंसी CBI (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) ने आगामी इंटरपोल महासभा से पहले ट्विटर और इंस्टाग्राम पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। यह पहली बार है जब इसने सोशल मीडिया पर अकाउंट बनाया है।

    इस महासभा में 195 देशों के हिस्सा लेने की उम्मीद भी है। वहीं इसकी जानकारी अधिकारियों ने रविवार को दी है। साथ ही अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने 18 अक्टूबर से शुरू होने वाली तीन दिवसीय 90वीं महासभा के लिए यूजर आईडी ‘सीबीआई_सीआईओ’ के साथ दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपने अकाउंट भी बनाए हैं।

    इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) के उलट सीबीआई ने सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी और प्रेस रिलीज जारी करने की सदियों पुरानी प्रथा को ही चलता रहा। अधिकारियों ने आगे बताया कि इंटरपोल महासभा साइबर क्राइम, पैसों से जुड़े अपराधों और इंटरनेट पर सर्कुलेट होने वाले चाइल्ड पोर्नोग्राफी कंटेंट पर ध्यान केंद्रित करने वाली है। 1997 में एक महासभा का आयोजन कर चुके भारत को आजादी के अमृत महोत्सव के मद्देनजर एक वोट के माध्यम से इस कार्यक्रम को आयोजित करने का मौका दिया जा रहा है। 

    गृह मंत्री अमित शाह ने इस संबंध में इंटरपोल के महासचिव जुर्गन स्टॉक को एक प्रस्ताव भी दिया था, जिन्होंने अपनी भारत यात्रा के दौरान मंत्री से मुलाकात की थी। आपको बता दें कि महासभा इंटरपोल का सर्वोच्च शासी निकाय है, जिसमें 195 सदस्य देशों में से प्रत्येक के प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं, जो यहां पर सालाना मिलते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि हर एक सदस्य देश का प्रतिनिधित्व एक या कई प्रतिनिधि कर सकते हैं, जो आम तौर पर मंत्री, पुलिस प्रमुख, उनके इंटरपोल ‘नेशनल सेंट्रल ब्यूरो’ के प्रमुख और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी होते हैं।

    जानकारी के लिए सीबीआई को इंटरपोल के लिए भारत के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के रूप में नामित भीं किया गया है। एजेंसी ने इंटरपोल से सूचना पर आधारित दो हालिया अभियानों (ऑनलाइन बाल यौन शोषण सामग्री के खिलाफ ऑपरेशन मेघ चक्र और नशीले पदार्थों के खिलाफ ऑपरेशन गरुड़) में सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे।

  • भारत में कैसे हुआ वाशिंग पाउडर या बार सोप का जन्म

    डेस्क। क्या आप जानते हैं, 19वीं शताब्दी के आखिरी दशक के पहले तक भारत में ना तो सर्फ था और ना ही कपड़ा धोने वाला साबुन और ड्राई क्लीनिंग जैसी कोई तकनीक भी नहीं थी। ये वो समय हुआ करता था जब आज की तरह भारतीयों के पास ज्यादा कपड़े नहीं होते थे वहीं उनके पास गिने चुने कपड़े होते थे। इसके साथ ही उन्हीं को साफ करके वो अपना काम चलाया करते थे।
    वहीं राजे-रजवाड़ों की बात अलग है और उनके पास तो एक से एक महंगे कपड़ों के परिधान भी हुआ करते  थे।  लेकिन तब भारत में कपड़े आखिर साफ कैसे किये जाते थे क्या आप ये जानते हैं। 
    क्या आप जानना चाहेगें कि किस तरीके से कपड़े धुलते थे कि साफ होकर चमचमाते थे और आर्गनिक तरीके से साफ होते थे तो शरीर की त्वचा पर भी वो कोई खराब असर नहीं पैदा करते थे।
    वहीं क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि जब साबुन और सर्फ नहीं रहे होंगे तो कपड़े कैसे धुले जाते होंगे राजा-रानियों के महंगे कपड़े कैसे साफ होकर चमकते रहे होंगे कैसे आम साधारण व्यक्ति भी अपने कपड़े धोता रहा होगा.

    भारत में आधुनिक साबुन की शुरुआत 130 साल के बाद से पहले  ब्रिटिश शासन में हुई थी। लीबर ब्रदर्स इंग्‍लैंड ने भारत में पहली बार आधुनिक साबुन बाजार में उतारने का काम किया तो वहीं पहले तो ये ब्रिटेन से साबुन को भारत में आयात करती थी और उनकी मार्केटिंग भी होती थी। जब भारत में लोग साबुन का इस्तेमाल करने लगे तो फिर यहां पहली बार उसकी फैक्ट्री भी लगाई गई ।

    ये फैक्ट्री नहाने और कपड़े साफ करने दोनों तरह के साबुन बनाया करती थीं।  बनाती थी. नॉर्थ वेस्‍ट सोप कंपनी पहली ऐसी कंपनी थी जिसने 1897 में मेरठ में देश का पहला साबुन का कारखाना लगाया और ये कारोबार खूब फला फूला। उसके बाद जमशेदजी टाटा इस कारोबार में पहली भारतीय कंपनी के तौर पर बिजनेस में कूदे।

    वहीं जब भारत में साबुन का इस्तेमाल नहीं होता था तो सोड़े और तेल के इस्तेमाल से साबुन बनाने की कला लोगों को नहीं मालूम थी तो कैसे कपड़ों को धोकर साफ किया जाता था।

    रीठा का  होता था  इस्तेमाल

    भारत वनस्पति और खनिज से हमेशा ही संपन्न रहा है वहीं यहां एक पेड़ होता है जिसे रीठा कहा जाता है। और तब कपड़ों को साफ करने के लिए रीठा का ही खूब इस्तेमाल होता था। बता दें कि राजाओं के महलों में रीठा के पेड़ अथवा रीठा के उद्यान लगाए जाते थे और महंगे रेशमी वस्त्रों को कीटाणु मुक्त और साफ करने के लिए रीठा आज भी सबसे बेहतरीन ऑर्गेनिक प्रोडक्ट के तौर पर देखा जाता है।

  • रेलवे देने जा रहा 11.27 लाख कर्मचारियों को फेस्टिक बोनस

    डेस्क। रेलवे त्योहारी सीजन में अपने लाखों कर्मचारियों के लिए बोनस एलान जरूर आई है। ताकि उसके कर्मचारी रेलवे को बेहतर बनाने की दिशा में हमेशा काम करें। वहीं इस बार भी सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए बुधवार को सभी अराजपत्रित रेल कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के वेतन के बराबर बोनस को मंजूरी  दी है।

    साथ ही एक आधिकारिक बयान में यह भी कहा गया है कि इस फैसले से लगभग 11.27 लाख अराजपत्रित रेल कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। वहीं इसमें आरपीएफ/आरपीएसएफ कर्मियों को भी शामिल नहीं किया गया है। वहीं इस बयान के अनुसार, बोनस का भुगतान दशहरा और दिवाली पूजा की छुट्टियों से पहले किया जाएगा।

    साथ ही बयान में यह भी कहा गया है कि उत्पादकता से जुड़ा बोनस (पीएलबी) रेलवे कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन के तौर पर काम करता है। वहीं इससे कर्मचारी रेलवे के निष्पादन और संचालन में तेजी से काम करेंगे। इसके साथ ही यह कहा गया है कि बोनस के भुगतान से आगामी त्योहारी सीजन में अर्थव्यवस्था को भी बूस्ट मिलना हैं।

    वहीं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बोनस को मंजूरी देने के लिए पूरे रेल परिवार की ओर से मेरा धन्यवाद। साथ ही रेलवे कर्मचारियों ने यात्री और माल सेवाओं के प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई है जिसने अर्थव्यवस्था के लिए उत्प्रेरक के रूप में काम किया है।

    राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर ने अपने बयान में यह भी कहा कि वास्तव में, रेलवे कर्मचारियों ने लॉकडाउन अवधि के दौरान भी आवश्यक वस्तुओं जैसे भोजन, उर्वरक, कोयला और अन्य वस्तुओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की थी। वहीं  रेलवे से सुनिश्चित किया है कि परिचालन के क्षेत्र में ऐसी वस्तुओं की कोई कमी नहीं है।

  • पानी की बोतल में रेस्टोरेंट ने दिया एसिड, चल रही थी बर्थडे पार्टी

    डेस्क। पाकिस्तान में लाहौर से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां रेस्टोरेंट में चल रही जन्मदिन की पार्टी में पानी की बोतल में तेजाब परोस दिया गया। वहीं इसके इस्तेमाल के बाद दो बच्चों की हालत भी बिगड़ गई है। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती भी कराया गया है।
    वहीं इस मामले की शिकायत लारी अड्डा पुलिस स्टेशन में भी की गई।
    शिकायतकर्ता मोहम्मद आदिल ने पुलिस को यह बताया कि वो 27 सितंबर को अपने परिवार के साथ जन्मदिन की पार्टी में पोएट रेस्तरां भी गए थे। साथ ही वहां बैठने के बाद रेस्तरां के स्टाफ ने पीने के लिए पानी की बोतल रखीं थीं। मेरे भांजे ने हाथ धोने के लिए जैसे ही बोतल से पानी हाथ पर डाला वह जोर-जोर से चिल्लाने लग गया। साथ ही हाथ में जबरदस्त जलन भी होने लगी। वहीं तुरंत ही इसकी जानकारी उन्होेंने रेस्तरां के मैनेजर को दी कि इन बोतल में पानी नहीं बल्कि एसिड रखा हुआ है।
    तभी उनकी ढाई साल की भांजी भी उल्टी करने लग गई। क्योंकि उसने दूसरी बोतल से पानी पी लिया था। उसमें एसिड भी था और दोनों को लेकर हम अस्पताल की तरफ दौड़े, जहां दोनों की हालत गंभीर अभी भी बनी हुई है। पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायात स्थानीय थाने में की थी और पुलिस ने रेस्तरां के मैनेजर समेत 5 लोगों के खिलाफ पाकिस्तान पीनल कोड 336B के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

  • Lal Bahadur Shastri Jayanti 2022: आज तक पहेली बना हुआ है मौत का सच

    डेस्क। देश के दूसरे प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को वाराणसी में हुआ।  लाल बहादुर 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 तक देश के प्रधानमंत्री रहे। बता दें कि 11 जनवरी 1966 को उज्बेकिस्तान के ताशकंद में उनकी मौत हुई थी। वहीं साल 1965 के युद्ध के बाद वह पाकिस्तान से वार्ता करने के लिए भी वहां गए थे।

    वहीं बैठक में भारत के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान ने युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर भी किए थे। 

    आपको बता दें 11 जनवरी 1966 की रात को संदिग्ध परिस्थितियों में शास्त्री जी की मौत हो गई थी। पर उनकी मौत कैसे हुई, यह 49 साल के बाद बीत जाने के बाद भी आज तक एक राज बना पड़ा है।

    वहीं मेडिकल रिपोर्ट में कहा गया है कि शास्त्रीजी की मौत हार्ट अटैक के चलते हुई थी लेकिन उनकी पत्नी का आरोप था कि उन्हें जहर देकर मारा गया था।

    बताया जाता है कि लालबहादुर शास्त्री की मौत के बाद उनका शरीर नीला पड़ गया था जिससे इस बात को तूल मिला कि उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से नहीं, बल्कि उनको जहर दिया गया था। इसके बाद उनकी ड्यूटी पर तैनात बटलर को गिरफ्तार भी किया गया था, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं मिलने पर उसे छोड़ दिया गया। वहीं बटलर के बयान पर भी कई सवाल खड़े हुए। साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय में वह केस फाइल मौजूद है, लेकिन उसे अभी भी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

    शास्त्री जी की मौत की पहली जांच राज नारायण ने की थी, वहीं इसमें कोई नतीजा नहीं निकला था। साथ में यह भी आरोप लगाए जाते हैं कि शास्त्री जी का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था। और साल 2009 में केंद्र सरकार ने कहा कि शास्त्री के निजी डॉक्टर आरएन चुग और रूस के कुछ डॉक्टरों ने मिलकर उनकी मौत की जांच की पर सरकार के पास उसका कोई रिकॉर्ड ही नहीं है।

  • सुलझ सकता है लेबनान और इजरायल के मध्य जारी सीमा विवाद

    International – लेबनान और इसराइल के बीच समुद्री सीमा विवाद के परिपेक्ष्य में एक अमेरिकी प्रस्ताव पर दोनो देश चर्चा कर रहे हैं। अगर दोनो देश के नेताओ में सहमति हुई तो इस बैठक के बाद दोनो देश समुद्र के संसाधनों का पता लगाने की अनुमति दे सकता है।

    लेबनान का कहना है कि अमेरिकी दूत अमोस होचस्टीन से एक लिखित “ऑफर” मिला, जो दोनों दुश्मन देशों के बीच बातचीत में मध्यस्थता कर रहे हैं। इस लिखित ऑफर में यहकहा गया है कि वह लेबनान और इजरायल के मध्य चल रहे सीमा विवाद को खत्म करना चाहते हैं।
    अंग्रेजी समाचार एजेंसियों का कहना है कि दोनो देशो के विवाद को सुलझाने के प्रस्ताव को भले ही सार्वजनिक नही किया गया है। लेकिन लम्बे समय के बाद इस विवाद को सुलझाने का यह सकारात्मक कदम उठाया गया है।
    इस प्रस्ताव में अगर दोनो देशो ने सहमति दिखाई तो दोनो देशो के मध्य सीमा संसाधनों पर समझौता हो सकता है। क्योंकि लेबनान इस समय आर्थिक संकट से जूझ रहा है और लेबनान की नज़र समुद्री सीमा क्षेत्र में मौजूद संभावित गैस संसाधनों पर है।

  • PM KISAN: 12वीं किस्त को लेकर सरकार का बड़ा अपडेट

    डेस्क। प्रधानमंत्री किसान योजना की 12वीं किस्त का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बड़ा अपडेट है। आपको बता दें अगर सबकुछ ठीक रहा है तो इस महीने के दूसरे या फिर तीसरे हफ्ते यानी दिवाली से पहले केंद्र सरकार किसानों खाते में 12वीं किस्त के पैसे ट्रांसफर भी कर सकती है।

    वहीं इससे पहले सरकार ने किसान योजना को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव भी किया है। इसके कारण कई किसानों के नाम योजना से कट भी सकते हैं। वहीं अब कोई भी किसान पोर्टल पर जाकर आधार नंबर से अपना स्टेटस नहीं देख पाएगा।  और अब किसानों को स्टेटस देखने के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालना अनिवार्य भी हो गया है।

    वहीं इससे पहले किसान अपना आधार या फिर मोबाइल नंबर दोनों में से कुछ भी डाल कर अपना स्टेटस चेक कर सकते है और इसके बाद में ये नियम आया कि किसान मोबाइल नंबर से नहीं, बल्कि आधार नंबर से स्टेटस देख सकते हैं। वहीं अब नए नियम के तहत किसान आधार नंबर से नहीं बल्कि मोबाइल नंबर से भी अपना स्टेटस देख पाएंगे।

    मोबाइल नंबर से कैसे देखें अपना स्‍टेटस

    पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर विजिट करें।

    अब होम पेज पर फॉर्मर कॉर्नर के नीचे Beneficiary Status पर जाएं।

    अब नया पेज खुल जाएगा।

    यहां अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज कर दें।

    अब नीचे दिख रहा कैप्चा कोड भर दें।

    इसके बाद गेट डाटा पर क्लिक करते ही आपका स्‍टेटस सामने आ जाएगा।