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  • पुतिन से ऐसा क्या बोले पीएम मोदी की फ़्रांस ने बांध दिए तारीफ के पुल

    देश– पुतिन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि आज का जमाना अब युद्ध का जमाना नही रहा है। उनका यह बयान अब हर ओर सुर्खियों में है। फ्रांस के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री के इस बयान का समर्थन किया है और कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो पुतिन से कहा वह ठीक है।

    फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों संयुक्त राष्ट्र की आम सभा को सम्बोधित करते हुए बोले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते हफ़्ते समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में आए थे। उन्होंने वहां पुतिन से मुलाकात की और पुतिन को युक्रेन विवाद सुलझाने की सलाह दी।
    फ़्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ठीक कहा था यह समय किसी से भी युद्ध का नही है। यह समय है सभी स्वतंत्र देशों के सामूहिक तौर पर भविष्य की चुनौतियों से लड़ने का।
    उन्होंने कहा आज के समय मे हमे इस बात पर विचार करना चाहिए कि हम शान्ति के पथ पर कैसे विचार कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान विदेशों में सुर्खियां बटोर रहा है और लोग उनकी सराहना भी कर रहे हैं

  • अगर मर्जी से लिया है पति से तलाक तो आप नही मांग सकती है मेंटीनेंस-कोर्ट

    कोर्ट– महिलाएं जब अपने पति से अलग होती है तो वह पति से गुजारा भत्ता मांगती है। लेकिन अब इस परिपेक्ष्य में मद्रास हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला लिया है। कोर्ट ने कहा है कि यदि कोई महिला अपनी मर्जी से अपने पति को तलाक देती है और उससे अलग रहना चाहती है। तो वह अपने पति से गुजारा भत्ता नहीं मांग सकती है।

    जानकारी के लिये बता दें हाईकोर्ट के जज भारथा चक्रवर्ती ने महिला की रिवीजन पटीशन को खारिज करते हुए कहा कि वो मेंटीनेंस की हकदार नहीं है। महिला ने फैमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी और अपने पति से सालाना 1 लाख के मेंटीनेंस की मांग की थी।
    इसके अलावा उसने याचिका में अपने 35 साल के बीमार बेटे का जिक्र किया था और उसकी बीमारी के इलाज के लिए 5.80 करोड़ रुपये की डिमांड की थी। महिला की यह याचिक फैमिली कोर्ट में खारिज कर दी गई थी जिसके बाद महिला ने हाई कोर्ट की ओर रुख किया था। 
    वही इस मामले में पति की याचिका दायर थी जिसमें उसे 80 हजार रुपये प्रतिमाह देने के लिए कहा गया था। यह रकम बेटे के इलाज के लिये दी जानी थी। पति ने अपील की थी कि हाई कोर्ट यह रकम 20 हजार कर दे।
    इन दोनों पति पत्नी का 2005 में हिंदू मैरिज एक्ट के सेक्शन 13बी के तहत तलाक हुआ था। उस समय पत्नी ने यह कहकर मेंटीनेंस लेने से इनकार किया था की उसका पति बेटे की देखभाल कर ले। लेकिन अब जब हाई कोर्ट में महिला ने मुआवजा मांगा है तो उसने अपना पक्ष बताते हुए कहा है कि पति बेटे की ठीक तरीके से देखभाल नही कर रहा है।
     जिस कारण अब उसे मेंटीनेंस की आवश्यकता है और बेटे के इलाज के लिए पैसे की। क्योंकि वह अपने बेटे का इलाज अमेरिका जाकर करवाना चाहती है। कोर्ट ने कहा है कि मुझे नही लगता पति की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी है कि वह इतनी रकम दे पाए।

  • कुल्लू में हुआ हादसा, 7 लोगो की जान 10 गम्भीर रूप से घयाल

    देश– हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में रविवार शाम टैम्पो से भीषण दुर्घटना हुई। इस दुर्घटना में मौके पर ही 7 लोगो की मौत गई और 10 लोग गम्भीर रूप से घयाल हुए हैं। घयाल लोगो को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

    जानकारी के मुताबिक टैम्पो की रफ्तार बहुत तेज थी जिससे वैलेंस बिगड़ गया और टैम्पो खाई में गिर गया। घटना की वीडियो बीजेपी के स्थानीय विधायक सुरेंद्र शौरी ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। जिसमें वो कह रहे हैं कि दुर्घटना कुल्लू की बंजार तहसील में हुई है।
    बंजार के विधायक ने बताया है कि पर्यटक राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली से थे और उनकी शिनाख़्त की जा रही है। राहत और बचाव कार्यों में स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन की मदद की है। कुल्लू ज़िले के एसपी गुरदेव सिंह ने कहा यह घटना कल रात 8 बजे की है।

  • पहली बार अंतरिक्ष में महिला पायलट को भेजेगा सऊदी

    विदेश– सऊदी अरब अब धीरे धीरे महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे लाने के लिए तैयार हो रहा है। शायद अब इस देश ने यह स्वीकार लिया है कि महिलाएं किसी भी मामले में पुरुषों से कम नही है। अभी जहां 4 साल पहले सऊदी अरब ने महिलाओं को कार चलाने की इजाजत दी थी। वही अब सऊदी अरब महिलाओं को अंतरिक्ष मे भेजने को तैयार हो गया है।

    इस संदर्भ में किंगडम में पहली अंतरिक्ष यात्रा कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को अंतरिक्ष भेजना है। महिलाएं पुरुष अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अंतरिक्ष भेजी जायेगी। यह कार्यक्रम किंगडम के विजन 2030 का हिस्सा है। सऊदी अंतरिक्ष कमीशन ने कहा यह कार्यक्रम सऊदी के अंतरिक्ष यात्रियों को सेफ्टी और टिप्स की जानकारी देता है।
    इस कार्यक्रम के तहत पहली उड़ान साल 2023 में शुरू की जायेगी। इस उड़ान में पहली महिला पायलट को अंतरिक्ष मे उड़ान भरने का मौका दिया जाएगा। सऊदी लगातार यह कोशिश कर रहा है कि यह मिशन जल्द पूरा हो जाए और एक इतिहासिक घटना दर्ज हो।

  • पाकिस्तान की हालत बिगड़ी लोग तरस रहे हैं रोटी को

    पाकिस्तान– पाकिस्तान इस समय भीषण आर्थिक संकट से जूझ रहा है। कई देशों के कर्ज से पाक की पीठ दबी हुई है। वही बाढ़ से पाकिस्तान की आधी से अधिक आबादी ऊब चुकी है। हर ओर पानी पानी दिख रहा है। लोगो के पास न तो खाना है और न सरकार की ओर से बेहतर स्वास्थ्य की व्यवस्था।

    पाकिस्तान के लोगो की हालात इस समय काफी खराब है। हजारों लोगों ने बाढ़ के कारण अपनी जान गवा दी है। लेकिन पाक की सरकार उनकी सुरक्षा को लेकर कोई खास कदन नही उठा पाई। वही अब खबर यह भी आ रही है कि पाकिस्तान भीषण खाघ संकट से जूझ रहा है।
    जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान में यह खाद्यय संकट बाढ़ के कारण उपजा है। बाढ़ ने पाकिस्तान के 1500 लोगों की जान ले ली है और पाक में सभी लोगो की फसल नष्ट हो गई है। अभी तक तो हर ओर पानी था लेकिन अब जब पानी कम हो रहा है तो लोगो की जिंदगी नरक सी बन गई है।
    लोगो के घर मे एक वक्त की रोटी नही है। लोग न तो ठीक से खा पा रहे हैं और न वह ठीक से रह पा रहे हैं। दशा यह है कि अब लोग बीमारी से जूझने लगे हैं। लेकिन पाकिस्तान की सरकार का लोगो की व्यथा पर कोई खास ध्यान नही है।

  • अनुच्छेद 370 हटाने के विरोध में दायर याचिका पर सुनवाई करने को तैयार हुआ सुप्रीम कोर्ट

    देश– जम्मू कश्मीर में धारा 370 हटाने के संदर्भ में उसको चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने के लिये सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा दशहरा के बाद वह इस याचिका पर सुनवाई करेंगे।

    जानकारी के लिये बता दें यह याचिका जम्मू कश्मीर में धारा 370 हटाने जाने के विरोध में दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि यह मामला काफी आवश्यक है। चीफ जस्टिस यूयू ललित को इस मामले में सुनवाई करनी चाहिए। 
    याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना पक्ष रखते हुए कहा इस मामले पर सुनवाई की आवश्यकता है। कोर्ट इस मामले में 9 अक्टूबर के बाद किसी भी तारीख को सुनवाई कर सकता है। वही जस्टिस यूयू ललित ने कहा कि इस मामले पर दशहरा के बाद सुनवाई होगी। 
    जानकारी के लिये बता दें 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करने की घोषणा की गई थी। वही इस समय जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा भी दिया गया था।

  • PFI Ban latest Update: सरकार ने क्या दिया तर्क

    डेस्क। गृह मंत्रालय (एमएचए) ने बुधवार सुबह पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और उसके सहयोगियों, जिसमें रिहैब इंडिया फाउंडेशन (आरआईएफ) और कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया शामिल हैं, को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया।
    एमएचए ने पीएफआई और उसके सहयोगियों पर प्रतिबंध भी लगा दिया है और पांच दिनों में कट्टरपंथी संगठन पर दूसरी राष्ट्रव्यापी कार्रवाई के एक दिन बाद राजपत्र अधिसूचना भी जारी की है, जिसमें सात राज्यों में पुलिस टीमों ने मंगलवार को छापेमारी भी की और 270 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। 
    मंत्रालय ने अपनी अधिसूचना में कहा कि पीएफआई और उसके सहयोगी और मोर्चे गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त हैं, जो भारत की अखंडता, संप्रभुता और सुरक्षा के लिए हानिकारक हैं, जिनमें सार्वजनिक शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने और आतंकवाद का समर्थन करने की क्षमता है। 
    साथ ही “केंद्र सरकार की राय है कि यूएपीए अधिनियम की धारा 3 की उप-धारा (1) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करना आवश्यक है क्योंकि पीएफआई कई आपराधिक और आतंकी मामलों में शामिल है और संवैधानिक प्राधिकरण के प्रति सरासर अनादर दिखाती रहती है। 
    वहीं देश और बाहर से धन और वैचारिक समर्थन के साथ यह देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा भी बन गया है, विभिन्न मामलों में जांच से पता चला है कि पीएफआई और उसके कार्यकर्ता बार-बार हिंसक और विध्वंसक कृत्यों में लिप्त रहे हैं। 
    पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने के बाद, एमएचए ने शक्ति के प्रतिनिधिमंडल की विषय पंक्ति के साथ एक और अधिसूचना जारी की है और कहा कि गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की धारा 42 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग के तहत, केंद्र सरकार राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश को निर्देश भी देती है। 
    पहली अधिसूचना में, एमएचए ने कहा कि पीएफआई के कुछ संस्थापक सदस्य स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के नेता भी हैं और कट्टरपंथी संगठन के जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के साथ संबंध भी हैं, जो दोनों ही प्रतिबंधित संगठन है। 
    आपको बता दें कि अधिसूचना में रिहैब इंडिया फाउंडेशन (आरआईएफ), कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई), ऑल इंडिया इमाम काउंसिल (एआईआईसी), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (एनसीएचआरओ), नेशनल कॉन्फेडरेशन सहित कई सहयोगियों या सहयोगियों या मोर्चों के बारे में भी बात की गई है। 
    एमएचए ने यह भी कहा, “अन्य लोगों के साथ-साथ एक अच्छी तरह से तैयार की गई आपराधिक साजिश के हिस्से के रूप में बैंकिंग चैनलों, और हवाला, दान आदि के माध्यम से भारत और विदेशों से धन भी जुटा रहे हैं, और फिर इन फंडों को वैध के रूप में प्रोजेक्ट करने के लिए कई खातों के माध्यम से ट्रांसफर, लेयरिंग और एकीकृत करना और अंततः इन फंडों का उपयोग भी भारत में विभिन्न आपराधिक, गैरकानूनी और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए करने का है।
    जारी अधिसूचना के अनुसार, आयकर विभाग ने आयकर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) की धारा 12ए या 12एए के तहत पीएफआई को दिए गए पंजीकरण को रद्द कर दिया है क्योंकि इसके लिए कई बैंक खातों के संबंध में जमा के स्रोत नहीं थे। 

  • सड़को पर उतरी लोगो की भीड़ नही रुका प्रदर्शन पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

    International – ईरान में हिजाब को लेकर हंगामा मचा हुआ है। लगातार महिलाएं सड़को पर उतर कर प्रदर्शन कर रही है और हिजाब जला रही है। वही रविवार को फ्रांस में महसा की मौत से गुस्साए लोगों ने ईरान एंबेसी की तरफ मार्च शुरू किया। 

    ईरान की सड़कों पर कल जमकर बवाल देंखने को मिला । मनसा की मौत के विरोध में महिलाओं ने जमकर प्रदर्शन किया। भीड़ इतनी अधिक थी की सामान्य तौर पर पुलिस उसे नियंत्रित करने में असफल रही और पुलिस ने भीड़ के ऊपर आंसू गैस के गोले छोड़े।
    बताया जा रहा है कि ईरान एंबेसी के बार जब लोग प्रदर्शन कर रहे थे तो पुलिस ने उन्हें रोकने का हर सम्भव प्रयास किया और प्रदर्शनकारियों और पुलिस के मध्य झड़प हुई। बता दें यह प्रदर्शन महसा को न्याय दिलाने के परिपेक्ष्य में हो रहा है। ईरान में हिजाब नहीं पहहने पर महसा अमीनी को गिरफ्तार करना और पुलिस कस्टडी में उसकी मौत हुई थी। ततपश्चात ईरानी महिलाओं ने हिजाब के खिलाफ विद्रोह छेड़ दिया।
    बता दें कल दूसरा दिन था जब ईरान में इतना भयंकर प्रदर्शन किया गया। लगातार पुलिस और प्रदर्शनकारियों के मध्य झड़प होती रही। पुलिस ने जब अनहोनी का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया तो बात और बिगड़ गई और प्रदर्शनकारियों ने बैरीगेट तोड़ दी।

  • जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे पीएम मोदी

    देश– देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय जापान की यात्रा पर गए हुए हैं। वह जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने जापान पहुंचे हैं। जानकारी के लिए बता दें पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के राजकीय अंतिम संस्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत 20 देशो के राष्ट्राध्यक्ष उपस्थित रहेंगे।

    बता दें आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी PM फुमियो किशिदा से मिले। उन्होंने कहा, मुझे यह यकीन है कि आपके नेतृत्व में भारत और जापान के सम्बंध और मजबूत होंगे और हमारे रिश्ते को एक नई दिशा मिलेगी।
    जानकारी के लिए बता दें पीएम मोदी आबे की पत्नी से भी मुलाकात करेंगे. आबे के अंतिम संस्कार में दुनियाभर के 100 से ज्यादा विदेशी प्रतिनिधि भी भाग लेंगे. टोक्यो के निप्पॉन बुडोकन में भारतीय समय के अनुसार सुबह 10.30 बजे आबे का अंतिम संस्कार किया जाएगा.

  • जबर्दस्ती खतना करके खिलाया गाय का मास, दिल दहला देगा धर्म परिवर्तन का यह मामला

    डेस्क। कर्नाटक के हुबली-धारवाड (Hubli-Dharwad) जिले में एक हिन्दू युवक के जबरन धर्म परिवर्तन कराने का मामला चर्चा में आया है। हुबली की पुलिस ने इस मामले में 12 लोगो को नामजद अभियुक्त भी बनाया है और पूरे मामले की तह तक जाने के लिये जांच भी शुरू कर दी है।
    आपको बता दें यह मामला इसी साल मई के महीने का है। वहीं पुलिस द्वारा दायर FIR के मुताबिक 26 साल का श्रीधर गंगाधर (Shreedhar Gangadhar) मूल रूप से मण्डया का रहने वाला बताया गया है। साथ ही वह कुछ आर्थिक तंगी से भी गुजर रहा था। प्राइवेट कंपनी में काम कर रहे श्रीधर ने अपनी तकलीफ अपने एक साथी अताउर रहमान को बातायी भी है। अताउर मदद के नाम पर उसे बेंगलुरु की एक मस्जिद में ले गया और मस्जिद में श्रीधर को एक कमरे में बंद कर जबर्दस्ती उसका खतना कर दिया गया और उसके बाद बलपूर्वक उसे गाय का मांस खाने को मजबूर भी किया गया।
    श्रीधर का धर्म परिवर्तन कराने के लिये आरोपियों ने सादे कागज पर उससे साइन भी करवा लिये और गंगाधर को नया मुस्लिम नाम मोहमद सलमान (Gangadhar aka Mohammad Salman) दे दिया। वहीं धर्म परिवर्तन (religious Conversion) करने वालो ने श्रीधर उर्फ सलमान के हाथ में एक रिवॉल्वर दे कर उसकी एक तस्वीर भी खींच ली।
    आपको बता दें कि हुबली में चार दिन पहले श्रीधर गंगाधर अपनी एक फेस बुक मित्र से मिलने पहुंचा था, जहां उस पर कुछ अज्ञात लोगों ने एकदम से हमला कर दिया। श्रीधर को जब हुबली के थाने लाया गया तो उसने अपनी आप बीती पुलिस को बताई जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज करते हुए जांच करना शुरू कर दिया है।