देश– पुलिस ऑफिसर किशोर रजक पर उनकी पत्नी वर्षा ने कई संगीन आरोप लगाए हैं। वर्षा का दावा है कि आज उनके पति जो अफसर बने घूम रहे हैं उन्हें यहां तक उन्होंने ही पहुंचाया है। किशोर रजक की पत्नी ने कहा हमने उन्हें डीएसपी बनाया लेकिन शादी के बाद से सब बदल गया उनके घरवाले हमे परेशान करने लगे और दहेज की मांग करने लगे। इतना ही नही किशोर रजक के अन्य महिलाओं के साथ सम्बंध होने का दावा भी उनकी पत्नी वर्षा की ओर से किया गया है।
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अफसर की पत्नी बोली मैंने बनाया DSP अब मुझे ही कर रहे हैं प्रताड़ित
मामला झारखंड के रामगढ़ के DSP का है। किशोर रजक ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा था कि उनकी पत्नी पहले उनके साथ मारपीट करती है। उनके साथ गलत व्यवहार करती है और बाद में उनके खिलाफ मारपीट की तहरीर दर्ज करवाती है। लेकिन किशोर रजक की पत्नी का दावा है कि उनके पति ने जो वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है वह एडिटेड है। उनके द्वारा जो भी बाते कही जा रही है सब झूठ है।वर्षा ने कहा पूरा झारखंड जानता है मैने उनकी पढ़ाई में उनका कितना सहयोग किया है। मैंने उनकी पढ़ाई के लिये लाखो रुपये खर्च किये हैं। हमारी मुलाकात 2014- 15 में हुई थी। यह पढाई के लिये दिल्ली आए थे और यह यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। उस समय मैं जॉब करती थी। इन्हें कई दफा पैसे की जरूरत हुई तो मैंने इनकी मदद की और ट्रेनिंग के दौरान भी इन्हें मैं पैसे देती रही।वर्षा ने कहा हमने साल 2017 में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी की है। किशोर रजक यह आरोप लगा चुके हैं कि पत्नी ने उन्हें रेप की धमकी देकर शादी की थी। लेकिन वर्षा ने इसके जवाब में पूंछा क्या धमकी देकर कोर्ट में शादी हो सकती है।उन्होंने कहा शादी के बाद ही हमारे रिश्ते में विवाद शुरू हुआ। किशोर के घरवाले उनकी दूसरी शादी करवाना चाहते थे। उन्होंने मुझसे 50 लाख दहेज की मांग की। किशोर के एक अन्य महिला के साथ संबंध है वह घर से गायब रहते हैं और होटल में रात गुजारते है।वीडियो का काफी हिस्सा ट्रिम कर दिया गया है। वह मुझे पीट रहे हैं मैं सिर्फ अपना बचाव कर रही है। वह बेहरहमी से पिटाई करता है। वही बच्चो का भरण पोषण भी मैं खुद कर रही हूं वह बच्चो के लिये भी पैसा नही देता। कहते हैं तुमने जन्म दिया तुम ही संभालो। -
अगर चीन की नजर में चढ़ा ताइवान तो हमे करेंगे ताइवान की रक्षा- अमेरिका
विदेश– जब से अमेरिका की सांसद ताइवान दौरे पर गई है तब से कही न कही चीन अमेरिका से चिढ़ा बैठा है। हालाकि चीन ने कभी भी प्रत्यक्ष रूप से अमेरिका का विरोध नही किया है। लेकिन अमेरिका ने इस मुद्दे को लेकर एक ऐसा बयान दे दिया है कि चीन तिलमिला उठा है।
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा, अगर चीन ताइवान पर हमला करता है और ताइवान को नुकसान पहुंचता है। तो हम ताइवान की मदद करेगे और उसके लिये कवच बनकर खड़े होंगे। अमेरिका एक यह बयान चीन को खटक रहा है। क्योंकि चीन कई सालों से ताइवान पर अपनी नजर गढ़ाए बैठा है और अब अमेरिका चीन से की हेकड़ी निकाले में लग गया है।जानकारी के लिए बता दें सीबीएस न्यूज पर प्रसारित 60 मिनट्स प्रोग्राम में बाइडेन से पूछा गया था कि अगर, आइंदा चीन ताइवान पर हमला करता है तो क्या अमेरिकी बल, अमेरिकी पुरुष व महिलाएं ताइवान की रक्षा करेंगे? इसका जवाब बाइडेन ने “हां” में दिया. बस बाइडन के इस बेबाक बयान ने चतुर और बेचैन चीन के माथे पर बल डाल दिए हैं। -
यूएनईएस की बैठक में भारत को लेकर गलत बोला पाकिस्तान तो लगाई गई जमकर लताड़
विदेश– यूएनईएस में अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर हो रही बैठक में एक बार पुनः पाकिस्तान ने भारत का जिक्र किया और कहा भारत मे इस्लामोफोबिया है। इस बैठक के दौरान पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने कश्मीर का मुद्दा उठाया और भारत के अल्पसंख्यक को लेकर टिप्पणी की।
लेकिन पाकिस्तान के इस कथन को सुनकर संयुक्त सचिव श्रीनिवास गोत्रू भड़क उठे उन्होंने कहा पाकिस्तान में अल्पसंख्यक के हितों का क्या। पाकिस्तानी में हमेशा अल्पसंख्यक के अधिकारों का शोषण होता रहा है। उसकी इन हरकतों का लम्बा चौड़ा इतिहास है। पाकिस्तान की जो भी नीति अल्पसंख्यक के खिलाफ रही है उसे पूरे विश्व ने देखा है।संयुक्त सचिव श्रीनिवास गोत्रू ने आगे कहा, पाकिस्तान ने अपने यहां अल्पसंख्यक को खत्म कर दिया है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक असुरक्षित महसूस करता है। यहां आय दिन महिलाओं का अपहरण होता है। हिन्दू, ईसाई और अन्य अल्पसंख्यक को रोज प्रताड़ना सहनी पड़ती है। अल्पसंख्यक महिलाओं का जबरन धर्म परिवर्तन करवाया जाता है।लेकिन आज पाकिस्तान ने जब यह मुद्दा उठाया है तो यह अद्भुत है। क्योंकि वहां अल्पसंख्यक की स्थिति ठीक नही है। वही अगर हम भारत की बात करे तो भारत में अल्पसंख्यक के हित हेतु काम हो रहा है। लगातार भारत सरकार अल्पसंख्यक को अधिकार दिलाने का प्रयास कर रही है।उन्होंने आगे कहा, पाकिस्तान जहां अब अल्पसंख्यक कल्याण की बात नही होती। आज भी लोग वहां घुट घुट कर जी रहे हैं। आप लोगो ने अब इस विषय पर डेटा प्रकाशित करना बंद कर दिया है। वही आप अन्य पर अंगुली उठा रहे हैं।जानकारी के लिये बता दें विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने संयुक्त राष्ट्र में दावा किया था कि भारत एक हिंदू राज्य में बदल रहा है। आज इस तरह के इस्लामोफोबिया की सबसे बुरी अभिव्यक्तियों में से एक हिंदुत्व से प्रेरित भारत में है. मुसलमानों के खिलाफ नफरत बढ़ रही है। -
डिवाइडर पर सो रहे 4 लोगो को ट्रक ने रौंदा हुई मौत
Delhi– दिल्ली घनी आबादी वाला शहर है। इस शहर में दिन और रात एक जैसे होते हैं। वही कल एक ट्रक ने डिवाइडर पर सो रहे चार लोगों को कुचल दिया है। पुलिस के मुताबिक ट्रक तेज रफ्तार में जा रहा था जिसके कारण यह हादसा हुआ है।
सूत्रों ने बताया है कि इस हादसे में चार लोगों की मौके पर मौत हो गई है और 2 लोग गम्भीर रूप से घयाल हुए हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।दिल्ली पुलिस के मुताबिक तेज रफ़्तार ट्रक दिल्ली के सीमापुरी की डीटीसी डिपोट रेड लाइट को पार करने की कोशिश कर रहा था। तभी यह हादसा हो गया।Delhi | An unknown speeding truck mowed down 4 people & injured 2 persons who were sleeping on the road divider, while crossing DTC Depot Redlight in Seemapuri: Police https://t.co/71EgsKQFo6 pic.twitter.com/iRT2HlodJU
— ANI (@ANI) September 21, 2022
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बारिश ने मचाया कोहराम, 200 सड़के हुए पानी से लबालब, बन्द किए गए स्कूल
Delhi – बीते 24 घण्टे से दिल्ली एनसीआर में झमाझम बारिश हो रही है। यह बारिश अब दिल्ली वासियों के लिये आफत बनती जा रही है। क्योंकि 24 घण्टे से हो रही बारिश के कारण सड़को पर जलभराव शुरू हो गया है और लोगो का घर से बाहर निकलना दुर्लभ है।
दिल्ली में भारी बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने दिल्ली एनसीआर में यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगो को सतर्क रहने की हिदायत दी है और कहा है कि आज यानी शुक्रवार के दिन दिल्ली एनसीआर में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। सभी लोगो को सतर्क रहने की आवश्यकता है।बारिश के कारण नोएडा और गाजियाबाद में सभी 8 वीं तक के स्कूल बन्द कर दिये गए हैं। यह आदेश गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद जिला प्रशासन की ओर से आया है। बारिश के कारण हर ओर पानी पानी दिखाई दे रहा है। हालात काफी खराब है। लोग न तो ऑफिस जा पा रहे हैं और न सुचारू तरीके से अपना काम कर पा रहे हैं।सूत्रों का कहना है कि तेज रफ्तार में हुई बारिश के कारण करीब 200 से अधिक सड़को पर पानी भर गया है। स्थिति काफी खराब है। लंबे लम्बे जाम लगे हुए हैं और लोगो को काफी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। -
ब्रह्मोस को रक्षा मंत्रालय से मिली इतने करोड़ की सौगात
Defence Ministry Signs Deal For 35 BrahMos missiles: रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार के दिन ब्रह्मोस एयरोस्पेस (BrahMos Aerospace Thiruvananthapuram Ltd- BATL) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर भी किया है। वहीं इसके तहत 1,700 करोड़ रुपये की लागत से स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक के दो पी-15बी वर्ग के लिए सतह से सतह पर मार करने वाली 35 लड़ाकू (Combat) और तीन अभ्यास ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों (Practice BrahMos Supersonic Surface-To-Surface Cruise Missiles) की भारतीय नौसेना को आपूर्ति भी की जानी है।
इसके साथ ही रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में यह भी कहा, “दोहरी भूमिका वाली इन मिसाइलों (Dual-Role Capable Missiles) को शामिल करने से नौसेना के बेड़े की परिसंपत्ति (Navy Fleet Assets) की परिचालन क्षमता में काफी इजाफा होगा हुआ है।”
इसके साथ ही लगभग 29,643.74 करोड़ रुपये की परियोजना लागत से प्रोजेक्ट-15बी के तहत चार स्टील्थ गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर (Stealth Guided Missile Destroyers) का निर्माण किया जा रहा है जोकि कोलकाता क्लास (15-A) विध्वंसक (Destroyers) के आगे की कड़ी में है।
आपको बता दें कि इनका नामकरण – विशाखापत्तनम, मोरमुगाओ, इंफाल और सूरत- देश के चारों कोनों के प्रमुख शहरों के नाम पर किया जाता है। वहीं आईएनएस विशाखापत्तनम (INS Visakhapatnam) नवंबर 2021 नौसेना को भी मिल चुका है और शेष तीन को पानी में उतारा गया है।
वहीं इनका डिजाइन नौसेना के नेवी डिजाइन निदेशालय द्वारा किया गया है और निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (Mazagon Dock Shipbuilders Limited) मुंबई ने करवाया हैं।
वहीं 7,400 टन के विस्थापन के साथ, वे उन्नत स्टील्थ सुविधाओं की सुविधा देते हैं जिसके चलते रडार क्रॉस सेक्शन भी कम हो जाता है। ये ब्रह्मोस और बराक -8 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के साथ ही अत्याधुनिक हथियारों और सेंसर से भरे हुए होते हैं।
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सिर्फ शान्ति के लिए हम नही मानेगे रूस की बात- जर्मनी के चांसलर
विदेश– रूस युक्रेन के मध्य जारी युद्ध को 7 महीने होने को हैं। रूस ने पूरे युक्रेन को तबाह कर दिया है। आम आदमी का युक्रेन में जीना मुश्किल हो गया है। अब तक इस युद्ध के कारण युक्रेन में हजारों लोग अपनी जान गवा चुके हैं। वही अब इस युद्ध को रोकने के परिपेक्ष्य में जर्मनी के चांसलर ओलाफ़ शॉल्ट्स ने बड़ा बयान दिया है।
जर्मनी के चांसलर ओलाफ़ शॉल्ट्स ने संयुक्त राष्ट्र की आम सभा मे कहा है कि हम रूस की सभी शर्ते नही मान सकते हैं यूक्रेन और रूस के बीच जारी विवाद को खत्म करवाने के लिये।उन्होंने कहा पुतिन तब तक पीछे नही हटेंगे जब तक उन्हें यह नही महसूस होता कि युद्ध जीतना असंभव है। लेकिन हम शान्ति के लिये उनकी शर्तो को नहीं मान सकते हैं। यही वजह है कि हम शांति के लिए हम रूसी शर्तों को स्वीकार नहीं करेंगे और इसलिए यूक्रेन रूस के हमलों का सामना करने के लिए सक्षम होना चाहिए।उन्होंने आगे कहा, रूस जिस तरह युक्रेन को तबाह करने में लगा हुआ है यह वास्तव में चिंता की बात है और यह चिंता सिर्फ युक्रेन के लिये नही बल्कि पूरे विश्व के लिये है। यह पूरे विश्व को तबाही की आग में झोंक सकता है। -
भारत अमेरिका के मजबूत रिश्ते का सम्पूर्ण श्रेय मोदी को जाता है- विदेश मंत्री
देश– अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी में सम्बोधन के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, आज भारत और अमेरिका का रिश्ता काफी मजबूत हुआ है। हम एक दूसरे के साथ खड़े हैं। यह सब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बदौलत हो पाया है। हमे सतर्कता, सावधानी और संदेह से बाहर निकलने के लिये काफी संघर्ष करना पड़ा।
उन्होंने पूरे समय के एक उदाहरण का जिजर5करते हुए कहा, मैं यह नही कह सकता की गलती किसकी थी। लेकिन 1940 से 2000 तक भारत ने यूएस को अगल नजरिए से देखा है. जबतक कि बिल क्लिंटन भारत दौरे पर नहीं आए थे. भारत अमेरिका को संदेह की नजर से देखता था।उन्होंने चीन का जिक्र करते हुए कहा हम दोनों ही विकास की ओर रफ्तार से आगे बढ़ रहे हैं। हमे हित की बात करनी चाहिए और उसके विषय मे ही सोचना चाहिए। अगर हम ऐसा नही करते हैं तो यह एशिया के विकास को प्रभावित करेगा।उन्होंने आगे कहा हमने अपनी आंखों के सामने देश मे होने वाले बदलाव को देखा है। चीन तेजी से प्रगति कर रहा है इस बात को हम नकार नही सकते। अगर हम तुलनात्मक रूप से देखे तो भारत की अप्रत्याशित प्रगति कुछ कम दिखती है।लेकिन भारत का विकास उसके गुणों के आधार पर आंका जा सकता है। आपके पास चीन और भारत दोनो है। इन दोनों देशों ने प्रगति की है और यह दोनो अपने अपने स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आज हमारे लिए अमुख मुद्दा यह है कि कैसे हम विकास को निर्धारित कर सके और एशिया को शिखर पर लेकर जाएं। -
इमाम उमर अहमद से की RSS प्रमुख मोहन भागवत ने पूछताछ
डेस्क। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने 22 सितंबर, गुरुवार को दिल्ली में ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के चीफ, डॉ इमाम उमर अहमद इलियासी से भेट की है वहीं इस मुलाकात से पहले उन्होंने कई और मुस्लिम बुद्धिजीवियों के साथ चर्चा भी की थी। इसके आलावा मोहन भागवत इलियासी से मिलने के लिए दिल्ली के कस्तूरबा गांधी मार्ग मस्जिद में स्थित उनके कार्यालय गए थे। इस मुलाकात पर कई आम लोगों के साथ ही कांग्रेस नेताओं ने भी कटाक्ष किया है।
दोनों के बीच एक घंटे हुई मुलाकात
बता दें कि दोनों के बीच हुई मुलाकात को लेकर आरएसएस के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेडकर ने यह भी कहा है कि वह सभी क्षेत्रों के लोगों से मुलाकात करने वाले हैं, यह एक सतत सामान संवाद प्रक्रिया का हिस्सा भी है। वहीं मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इमाम इलियासी और भागवत के बीच करीब 1 घंटे से ज्यादा की बातचीत भी हुई है।
कांग्रेस नेत्री अलका लांबा ने इमाम और मोहन भागवत के बीच हुई मुलाकात पर तंज कसते हुए लिखा है कि, ‘मुस्लिम तुष्टीकरण…राम-राम, तौबा – तौबा, संबित पात्रा देखो ये क्या हो रहा है?’
इसी कड़ी में कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कटाक्ष कर कमेंट भी किया है कि भारत जोड़ो यात्रा का असर दिखने लगा है।
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ईरानी महिलाएं सड़क पर उतरी जलाया हिजाब किया उग्र प्रदर्शन
विदेश– ईराक में हिजाब को लेकर महिलाएं जमकर प्रदर्शन कर रही है। महिलाओं को अब हिजाब से मुक्ति चाहिए। सोशल मीडिया पर।कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसमे महिलाएं हिजाब जलाते हुए दिखाई देती है। महिलाओ के इस रुख से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि ईरानी महिलाओ को अब कैद से रिहा होना है।
ईरान की महिलाओं ने इस कट्टरपंथी को अस्वीकार कर दिया है और अब वह विद्रोह के लिए मैदान में उतर आई है। महिलाओं ने सड़को पर उतरकर हिजाब को जलाया है और सरकार की इन कट्टर नीतियो का विरोध किया है। ईरानी महिलाओं ने दावा किया है कि उन्हें अपना जीवन अपने अनुकूल जीने का अधिकार है वह कब तक इन बेड़ियों में जकड़ी रहे।अब वह हिजाब का हिसाब चाहती है और इस पर्दे से उन्हें आजादी चाहिए। हालाकि ईरानी की सरकार महिलाओं की इस मांग से असंतुष्ट है और इसे अनसुना कर रही है। जानकारी के लिए बता दें हिजाब को लेकर विद्रोह की आग तब भड़क उठी जब महसा की हिजाब नहीं पहनने के लिए गिरफ्तारी हुई थी. महसा की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी.