अपराध: देश में अपराध तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। आय दिन दरिंदगी की घटनाएं सामने आ रही है। जिन्हें सुनकर दिल दहल जाये। वही अब खबर तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई की है। जहां एक 50 साल के टीचर ने 4 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी की सभी हदें पार कर दी। वही जब इस मामले का खुलासा हुआ तो पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है और इस मामले की तहकीकात में जुट गई है।
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50 साल के टीचर ने 4 साल की मासूम के साथ की दरिंदगी
जानकारी के मुताबिक टीचर सरकारी स्कूल में पढ़ाता था। यह तिरुवन्नामलाई जिले के पास के गांव उलगमपट्टी में सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में मैथ्स का टीचर है। छात्र स्कूल में यूकेजी की स्टूडेंट थी। सूत्रों का कहना है कि कामराज की पत्नी प्रभावती चेतपेट के पास गंगईसूदमनी गांव में एक प्राइवेट स्कूल में कॉरेसपोंडेंट है. इस स्कूल में 1500 से ज्यादा स्टूडेंट्स पढ़ते हैं। कामराज इस स्कूल में जाया करता है।जानकारी मिली है आरोपी ने पुलिस के सामने इस बाद को कुबल किया है कि उसने बच्ची के साथ दरिंदगी की है। उसने चॉकलेट देने के बहाने से बच्ची को अपने पास बुलाया और बाद में उसके साथ हैवानियत की।घटना का खुलासा तब हुआ जब वह स्कूल से अपने घर पहुंची। वहाँ अचानक से उसके पेट में दर्द शुरू हुआ। दर्द को देखकर परिजन घबरा गए। वह बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में इस बात का खुलासा हुआ कि बच्ची के साथ यौन शोषण हुआ है।माता पिता ने इस मामले में तहरीर दर्ज करवाई है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। एसपी के कार्तिकेयन के अनुसार, पोलूर अखिल महिला पुलिस में एक FIR दर्ज की गई और मुख्य संदिग्ध को 28 अगस्त को हिरासत में लिया गया। -
कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के मैदान में उतर सकते हैं शशि थरूर
राजनीति: बीते कई दिनों से कांग्रेस पार्टी में अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए कैंडीडेट की तलाश जारी है। सोनिया गांधी ने अशोक गहलोत का नाम सुझाया था। लेकिन उन्होंने इसके लिए न बोल दिया और राहुल गांधी को पुनः कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की बात कही। वही अब खबर आ रही है कि कांग्रेस नेता शशि थरूर कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ सकते हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शशि थरूर ने चुनाव में उतरने का मन बना लिया है और जल्द ही वह इस बात की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं। हालाकि इस मामले में अभी शशि थरूर ने कोई टिप्पणी नही की है। उन्होंने न हां बोली है और न ही इनकार किया है कि वह इस मुकाबले में मैदान में नही उतरेंगे।दैनिक अखबार मातृभूमि में एक लेख लिखा है, जिसमें उन्होंने ‘स्वतंत्र एवं निष्पक्ष’ चुनाव कराने का आह्वान किया है. इस लेख में उन्होंने कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की दर्जन भर सीटों के लिए भी पार्टी को चुनाव की घोषणा करनी चाहिए। -
देश का विदेशी मुद्रा भंडार गिरा, इतने का हुआ नुकसान
डेस्क। देश का विदेशी मुद्रा भंडार निचले स्तर पर पहुंच चुका है। भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक 19 अगस्त को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 6.687 अरब डॉलर से घटकर 564.053 अरब डॉलर पर आ गिरा है वहीं 12 अगस्त को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में 2.238 करोड़ डॉलर की गिरावट भी आई थी और यह घटकर 570.74 अरब डॉलर पर आ गया था। इसके साथ ही 19 अगस्त को समाप्त सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में आई गिरावट का मुख्य कारण विदेशी मुद्रा आस्तियों और स्वर्ण भंडार का कम होना बताया जा रहा है।
सप्ताह में एफसीए 5.77 अरब डॉलर घटकर 501.216 अरब डॉलर रह गयी है वहीं स्वर्ण भंडार का मूल्य 70.4 करोड़ डॉलर से घटकर 39.914 अरब डॉलर ही रह गया है।
साथ ही अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के पास जमा विशेष आहरण अधिकार 14.6 करोड़ डॉलर से घटकर 17.987 अरब डॉलर पर आ गया है आईएमएफ में रखे भारत के मुद्रा भंडार भी 5.8 करोड़ डॉलर से गुरकर 4.936 अरब डॉलर ही रह गया है।
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चीन ने बनाया बादल बम, Atom बम से भी ज्यादा खतरनाक
डेस्क। चीन अपनी चालबाजी से बाज नहीं आ रहा। अब पड़ोसियों के साथ ही इसमें दूर देशों को भी चिंता देनी शुरू कर दी है। इस कड़ी में उसका जो नया खेल सामने आया है, वो कुदरत को भी चुनौती देने जैसा लगता है।
बीजिंग के स्वयंभू बादशाह बादल-बम बनाने में लगे हुए हैं। धरती की सुरक्षा और भविष्य के खतरों पर गौर करें तो ये कोई छोटा-मोटा बम नहीं होगा क्योंकि इसको एटम बम से भी खतरनाक बताया जा रहा है।
अपने इस नए बम के जरिए चीन असीम ब्रह्मांड को मुट्ठी में मिलना चाहता है। जिनपिंग ने दावा भी किया है कि इस बादल-बमों को किसी ATOM बम से कम मत समझिए।
बता दें कि ड्रैगन के ये बम दूसरे देशों के लिए तबाही बन सकते हैं साथ ही दूसरे देशों के मौसम को हाईजैक भी कर सकते हैं। इतना ही नहीं बादलों में विस्फोट कराकर चीन बिना मौसम के बारिश कराने के लिए टेकनीक बनाने में भी पैसा पानी की तरह बहा रहा है।
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आखिर पाकिस्तान ने क्यों अदा किया चीन शुक्रिया
International: पाकिस्तान की हालत बेबदतर होती जा रही है। एक ओर जहां पाक की कानून व्यवस्था खस्ता पड़ी है। महिलाओं के साथ आय दिन अत्यचार की घटनाएं सामने आ रही है। वही यह बड़े आर्थिक संकट से भी जूझ रहा है। तंगी से पाक की हालत खस्ता है। कर्ज दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
वह अब इस बीच पाक के लिये मुद्रा कोष (आईएमएफ़) की तरफ़ से राहत भरी खबर सामने आई है। आईएमएफ़ पाकिस्तान को 1.2 अरब डॉलर का कर्ज़ देने के लिए तैयार हो गया है। इस पैसे से पाक अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिये कुछ सुचारु कदम उठा सकता है।आईएमएफ़ द्वारा कर्ज दिए जाने की मंजूरी के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि यह पाक के लिए राहत की बात है। हमने आर्थिक संकट से उभरने के लिए पहला कदम उठाया है। यह हम सब के लिए राहत भरी खबर है।पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ़्ता इस्माइल ने आईएमफ़ से राहत दिलाने में मदद करने के लिए चीन, सऊदी अरब, क़तर और यूएई का शुक्रिया अदा किया है। जानकारी के लिए बता दें पाकिस्तान अभी भी बाढ़ के संकट से जूझ रहा है। पाकिस्तान के लोगों के पास खाने की किल्लत है और लोग काफी परेशानी का सामना कर रहे हैं। पाक की आधी से अधिक आबादी इस संकट में फसी हुई है। -
नबी के समर्थन में 64 नेताओ ने छोड़ी कांग्रेस
राजनीति: अभी हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस के नेतृत्व पर गम्भीर आरोप लगाए। वही अब गुलाम नबी आजाद के पार्टी से जाने के बाद इस्तीफों की झड़ी लग गई है। नबी के समर्थन में जम्मू कश्मीर कांग्रेस के 50 अधिक नेताओ में पार्टी में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
50 नेताओ के इस्तीफे में जम्मू कश्मीर के पूर्व डिप्टी सीएम तारा चंद भी शामिल हैं। वही अगर हम बात समाचार एजेंसी एनआईए के दावे की बात करे तो उसके मुताबिक कांग्रेस के अब तक 64 नेताओ ने नबी के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।जानकारी के लिए बता दें गुलाम नबी आजाद ने बीते सप्ताह कांग्रेस पार्टी का दामन छोड़ा था। उन्होंने सोनिया गांधी को पांच पन्ने का पत्र लिखकर कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दिया था। नबी ने अपने इस्तीफे के पत्र में राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाए थे और कहा था अभी वह बचकानी बाते करते हैं। -
1 सितंबर से होने वाले ये बदलाव सीधे आपकी जेब पर करेंगे प्रहार
डेस्क। 3 दिन में अगस्त का महीना खत्म हो जाएगा ऐसे में नए महीने की शुरुआत के साथ ही कई नियम बदलने वाले हैं जो सीधे आपकी जेब पर प्रभाव डालता है। वहीं इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ता है। आइए हम आपको 1 सितंबर 2022 से बदलने वाले कुछ नियमों के बारे में जानकारी दे देते हैं।
सबसे पहले तो अगर आप दिल्ली आने जाने के लिए यमुना एक्सप्रेस वे का इस्तेमाल करते हैं तो आपकी जेब पर अप टोल का बोझ बढ़ जाएगा। यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने टोल में बढ़ोतरी की मंजूरी दे दी है। वहीं छोटे वाहन जैसे कार पर आपको प्रति किलोमीटर 10 पैसे ज्यादा लोन देना पड़ेगा। वहीं बड़े कमर्शियल गाड़ियों पर प्रति किलोमीटर 52 पैसे ज्यादा टोल देना पड़ने जा रहा है।
वहीं अब IRDAI ने जनरल इंश्योरेंस के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है। अब इंश्योरेंस कमीशन पर एजेंट को 30 से 35 प्रतिशत के बजाय केवल 20 प्रतिशत ही कमीशन दिया जाएगा। इससे लोगों के प्रीमियम में कमी आएगी और साथ ही उन्हें राहत मिलने वाली है।
साथ ही अगर आप ऑडी की कार खरीदना चाहते है तो आपको बता दें कि इस कंपनी की सभी मॉडल की कारें महंगी होने जा रहीं हैं यह बढ़ोतरी 2.4 फीसदी की होगी और इसका नया प्राइस 20 सितंबर 2022 से लागू होगा।
नेशनल पेंशन स्कीम का खाता खोलने पर जो प्वाइंट ऑफ प्रजेंस का कमीशन मिलता है उसे अब 15 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दिया गया है।
वहीं अगर आप गाजियाबाद में प्रॉपर्टी खरीदने की सोच रहे हैं तो आपकी जेब पर सीधा असर दिखने वाला है क्योंकि गाजियाबाद का सर्किट रेट भी बढ़ा दिया गया है। इसमें 4 से 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। यह नया सर्किल रेट 1 सितंबर 2022 से लागू होने वाला है।
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पुतिन का एक ऑर्डर क्या अब तबाह कर देगा पूरा युक्रेन और मचेगा हाहाकार
विदेश: रूस और युक्रेन के मध्य जारी युद्ध को 6 महीने से अधिक समय हो गया है। लेकिन दोनो देश पीछे हटने को तैयार नही है। इस युद्ध को विराम देने के परिपेक्ष्य से कई बार दोनो देशो के मध्य वार्ता हुई है। लेकिन यह वार्ता बेनतीजा रही। वही अब रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने एक बयान जारी कर यह स्पष्ट कर दिया है कि रूस का मूड पीछे हटने का नही है।
पुतिन में रूसी सेना के अन्य जवानों को युक्रेन भेजने का आदेश दिया है। उनके इस आदेश से यह स्पष्ट है कि यह युद्ध अभी और भीषण स्वरूप ले सकता है। क्योंकि क्रीमिया में भीषण जंग के लिए मॉस्को से हथियारों का एक बड़ा जखीरा भेजा गया है। वही अमेरिका लगातार रूस के खिलाफ इस युद्ध मे युक्रेन का खुलकर समर्थन कर रहा है। वह युक्रेन को हथियार दे रहा है। अमेरिका के इस रुख का असर वैश्विक स्तर पर देखने को मिल रहा है।वही दोनो देशो के मध्य जारी युद्ध के खत्म होने के आसार नही दिखाई दे रहे हैं। जिस तरह से हथियारों को एकत्र किया जा रहा है। उससे यह साफ पता चल रहा है कि आगामी समय मे युद्ध भीषण होने वाला है। रूस और युक्रेन दोनो तबाही की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और अगर यह युद्ध भीषण आकर में हुआ तो पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था इससे प्रभावित होगी।जानकारी के लिए बता दे जब से युक्रेन और रूस के मध्य युद्ध छिड़ा है। यूक्रेन तबाह हो गया है। युक्रेन अपनी जिद्द से पीछे नही हटना चाहता और रूस युक्रेन के सामने झुकना नही चाह रहा है। युक्रेन और रूस के युद्ध मे अमेरिका कही न कही आग में घी डालने का काम कर रहा है।अमेरिका युक्रेन को हथियार मुहैया करवा कर उसे युद्ध करने के लिए प्रेरित कर रहा है। इस युद्ध मे युक्रेन तहस नहस हो गया है। लाखो लोगो की इस युद्ध मे जान चली गई है और रूस ने युक्रेन की व्यवस्था ध्वस्त कर दी है। लेकिन अब रूस युक्रेन दोनो इस युद्ध को भीषण स्वरूप देने की योजना बना रहे हैं। -
स्मृति ईरानी ने किया लेखपाल को फोन तो उसने पहचानने से कर दिया इनकार, फिर जो हुआ
डेस्क। हेलो दीपक जी, मैं स्मृति ईरानी बोल रही हूं …फोन डिस्कनेक्ट ..फिर सीडीओ ने नंबर डायल किया। हैलो लेखपाल जी, अंकुर को जानते हैं…..मैं स्मृति ईरानी बोल रही हूं साहब ….. अमेठी से सांसद।
शनिवार को अमेठी जिले के दौरे पर आई केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी जब कादूनाला स्मारक पर शहीदों को पुष्प अर्पित करके लौट रही थी तो गौतमपुर पूरे पहलवान गांव निवासी करुणेश सिंह अपनी अर्जी लेकर उनके पास पहुंच गए। उन्होंने यह कहा कि पिता जी परिषदीय स्कूल में शिक्षक थे और उनकी मृत्यु हो गई है।
मां सावित्री देवी को पेंशन मिलनी है पर लेखपाल द्वारा सत्यापन नहीं किया जा रहा है। इस पर स्मृति ने लेखपाल का नंबर मांगा और सीडीओ ने तुरंत उसे डायल किया।
पहली बार फ़ोन डिस्कनेक्ट हो जाने के बाद फिर से नंबर डायल किया तो लेखपाल दीपक कुमार केंद्रीय मंत्री को पहचान ही नहीं पाएं। वहीं स्मृति ने सीडीओ को फोन दिया तो लेखपाल सीडीओ को भी नही पहचान सके, इस पर सीडीओ ने लेखपाल को विकास भवन आकर उनसे मिलने को कहा।
करुणेश ने बताया कि लेखपाल द्वारा काम को लेकर टरका दिया जा रहा है वही इस संबंध में एसडीएम सविता यादव ने बताया कि लेखपाल को थोड़ा ऊंचा सुनाई देता है।
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स्पेन में हो रहा बड़ा प्रदर्शन, गैंगरेप कानून से जुड़ा है मामला
डेस्क। बीते गुरुवार को स्पेन की संसद ने इस क़ानून को मंज़ूरी दी गई है। 205 सांसदों ने इसका समर्थन और 141 ने विरोध किया और तबसे ही स्पेन में विवाद सातवें आसमान पर जा पहुँचा है।
अब स्पेन के इस कानून का बस अधिकारिक गजट में प्रकाशित होना बचा है। और फिर कुछ सप्ताह के भीतर ही यह प्रभावी हो जाएगा।
स्पेन में सरकार चला रहे वामपंथी गठबंधन का यह कहना है कि ये दुनिया में महिलाओं के अधिकारों के लिए सबसे मज़बूत क़ानूनों में शामिल होगा।
हालांकि इसके आलोचकों का यह कहना है कि ये क़ानून की नज़र में बराबरी और ‘अपराध साबित ना होने तक क़ानून की नज़र में निर्दोष होने की धारणा’ का भी उल्लंघन करता है।
आपको बताते हैं इस क़ानून और इसके पीछे के कारणों के बारे में
इस क़ानून की जड़ें स्पेन के एक चर्चित कथित गैंगरेप मामले से जुड़ी हुई मिलती हैं।
ला मनाडा नाम से चर्चित इस मामले में 2016 में पांच लोगों के समूह ने एक 18 साल की लड़की का गैंगरेप किया था जिसको लेकर यह कानून आया है। बता दें कि ला मनाडा (समूह) एक व्हाट्सएप ग्रुप का नाम था।
इस समूह में शामिल पांच पुरुषों ने साल 2016 के पैम्पोलिना में हुए सैन फर्मिन फ़ेस्टिवल के दौरान एक लड़की के साथ गैंगरेप किया था।
वहीं स्पेन की अदालत ने इस मामले में अभियुक्तों को यौन उत्पीड़न का तो दोषी पाया था लेकिन यौन हिंसा और आक्रामकता का दोषी नहीं, इस कारण से अभियुक्तों को नौ साल की सज़ा हुई और अंतिम फ़ैसला आने तक वो ज़मानत पर रिहा भी हो गए।
जिसके बाद में स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने सज़ा को नौ साल से बढ़ाकर 15 साल किया
इस मामले के बाद स्पेन में महिलाओं के ख़िलाफ़ यौन हिंसा को लेकर कई प्रदर्शन होने लगे। वहीं प्रदर्शनकारियों ने सख़्त क़ानून बनाने और अपराधियों के लिए सख़्त सज़ा का प्रावधान करने की भी मांग की थी।
इन प्रदर्शनों के बाद स्पेन की सरकार ने नया क़ानून बनाने की प्रक्रिया भी शुरू की थी। इस नए क़ानून के तहत यौन हिंसा से जुड़े क़ानून में अहम बदलाव किए गए हैं और पीड़ित महिलाओं की बेहतर देखभाल का प्रावधान भी रखा गया।