हरियाणा उपनिवेश से बसों को खरीदने के लिए सरकार के प्रस्ताव पर नाराज हुआ
मतगणना ड्यूटी में लगे दर्जनों कर्मी हुए पुलिस बर्बरता के शिकार
देवरिया कार्यालय
देवरिया। अपराधियों से कोसों दूर भागने वाली देवरिया पुलिस का बर्बर रवैया मतगणना कवरेज करने गए पत्रकारों पर बरपा। पुलिस की बर्बरता के शिकार भाजपा कार्यकर्ता भी हुए। विवाद की शुरूआत पानी पीने को लेकर हुई। इस दौरान हिन्दी दैनिक राष्ट्र की परम्परा के संपादक श्री चन्द्रप्रकाश पाण्डेय के सिर में गंभीर चोटे आयीं। आनन फानन में उन्हें जिला अस्पताल पहंुचाया गया।
निकाय चुनाव का कार्य दुव्यवस्थाओं के माहौल में शुरू हुआ। निर्धारित समय करीब डेढ़ घण्टे विलंब से एजेंटो को अंदर जाने दिया गया। परिसर के अंदर मीडिया व पास धारक अन्य लोगों को दी जाने वाली सुविधाएं नगण्य थी। दोपहर के 12ः30 बजते ही परिसर में मौजूद लोग मारे प्यास के व्याकुल होने लगे। परिसर में मौजूद भाजपा कार्यकर्ता पानी के लिए मतगणना कैंपस में दाखिल होने जा रहा था जिसे सीओ संदीप सिंह व कोतवाल राय साहब यादव के आदेश पर दर्जनों की संख्या में मौजूद रंगरूट सिपाहियों ने दौड़ा लिया।
भागता हुआ भाजपा कार्यकर्ता मीडिया सेंटर में जा पहुंचा। सिपाहियों ने उसकी तो पीटाई कर ही दी साथ ही मतगणना कवरेज कर रहे पत्रकारों पर भी जमकर लाठियां बरसायीं। समाचार कवरेज कर रहे हिन्दी दैनिक राष्ट्र की परम्परा के संपादक के पैर पर पुलिस वालों ने कई लाठियां बरसायीं। इस बीच वह चिल्लाते रहे कि मै पत्रकार हूं फिर वर्दी का रौब चढ़ा चुके पुलिस वालों पर इस बात का कोई असर नहीं हुआ। रंगरूट सिपाहियों ने उनके सिर पर डंडे बरसाने शुरू कर दिये। जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आयी। आस-पास मौजूद लोगों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
मतगणना स्थल पर पुलिस की बर्बरता के शिकार पत्रकारों के अलावे मतगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारी भी हुए। सीओ और कोतवाल के गैर जिम्मेदाराना आदेश ने मतगणना स्थल का पूरा माहौल खराब कर दिया। तानाषाही आदेश का पालन करने वाले पुलिस के गुंडो ने मतगणना की छवि को तार-तार कर दिया। जहां सबकुछ शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था वहां चीख-पुकार मच गई। साफ-सुथरा कपड़ों में मतगणना कवरेज करने गए पत्रकारों के कपड़े खून से सन गए। ड्यूटी में तैनात कर्मचारी लाठियों मार से कराह रहे थे। चारों तरफ चीख पुकार मची हुई थी। वहीं सीओ संदीप सिंह व कोतवाल राय साहब यादव अपनी इस करतूत फूले नहीं समा रहे थे।
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टूट गए लाखों के मोबाईल व लैपटाॅप
पुलिस की बर्बरता के शिकार पत्रकार व सरकारी कर्मचारियों के अलावे लाखों रूपये कीमत के मोबाइल व लेपटाॅप भी हुए। डंडे की मार से कराहते लोग जमीन पर लोट-पोटकर अपनी जान बचाने को आतुर दिखे। पत्रकारों के मोबाईल लेपटाॅप सब जमीन पर बिखरे पड़े थे। जिसे जूतों से रौंदते हुए पुलिस के गुंडे कहर बरपा रहे थे।
उपकरण टूटने के चलते नहीं भेज पाए खबर
पुलिस के जूते तले टूट चुके मोबाईल व लेपटाॅप के चलते अधिकांश मीडियाकर्मी मतगणना की कवरेज नहीं कर पाये। जिन मोबाईलों से समय-समय के अपडेट वाट्सअप व काल के जरीये दिए जा रहे थे। वह या तो गायब हो एक या फिर पुलिस ने जूतों तले रौंद दिया। वहीं इलेक्ट्रानिक मीडिया वालों के लेपटाॅप पुलिस वालों ने तोड़ दिया।
मोरबी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात चुनाव में प्रमख मुद्दा बने जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स बता कर उनकी सरकार पर हमला करने वाले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर आज एक नए अंदाज में जवाबी वार करते हुए कहा कि इस कर प्रणाली को लेकर कई नए अर्थशास्त्री ( गांधी) ग्रांड स्टुपिड थॉट (भारी बेवकूफी वाला विचार) व्यक्त कर रहे हैं। मोदी ने यहां चुनावी सभा में कहा, मैं हैरान हूं कि कई नए अर्थशास्त्री और बुद्धिमान लोग जिन्होंने जिंदगी भर जनता की तिजोरी पर डाका मारा हो, उन्हें डाकुओं के सिवाय कुछ याद नहीं आता। इसलिए आज एक नया ग्रांड स्टुपिड थॉट यानी जीएसटी की बात हो रही है।
उन्होंने कहा कि ये गरीब की बात करते हैं और चाहते हैं कि नमक, जूते, सस्ते कपड़े और सामान्य लोगों के जरूरत की चीजों पर 18 प्रतिशत कर लगा दिया जाये और शराब, कैंसरकारक सिगरेट, महंगी गाडियों जैसी चीजों को सस्ता कर दिया जाए। इन पर कर 28 से घटा कर 18 प्रतिशत कर दिया जाये। इस ग्रांड स्टुपिड थॉट से बड़ी गरीब विरोधी बात क्या हो सकती है। मोदी ने कहा कि जीएसटी के बारे में सरकार के फैसलों में छोटी बड़ी चूक रह गई हो तो जनता के कहने पर इसे बदल दिया जाएगा। मोरबी के सिरामिक उद्योग के मामले में भी दर घटा दिया गया।
मोदी ने नोटबंदी को भी बड़ा चुनावी मुद्दा बना रही कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा, श्देश की तिजोरी लूटने के बाद जनकल्याण की बात करने वाले अब भी नोटबंदी-नोटबंदी-नोटबंदी कहते फिर रहे हैं। इससे आम लोगों को कोई तकलीफ नहीं हुई पर जिसे तकलीफ पड़ी है उसके आंख के आंसू 12 माह बाद भी नहीं सूख रहे। तुमने जनता को लूटा है मोदी तुम्हारे पास से यह सब निकाल देगा।
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नई दिल्ली।. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप लौट चुकी हैं, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी के साथ डिनर का सीसीटीवी फुटेज मंगलवार यानी 28 नवंबर को कुछ चैनल पर लाइव हो गया था. इसके बाद सिक्युरिटी इश्यू को लेकर विवाद खड़ा हुआ. इवांका और खुद पीएम मोदी के लिए बड़े पैमाने पर सिक्युरिटी अरेंजमेंट के बाद होटल फलकनुमा पैलेस का सीसीटीवी फीड बाहर आना सुरक्षा में सेंध माना जा रहा है. बता दें कि ळम् समिट 2017 में हिस्सा लेने के लिए इवांका दो दिन हैदराबाद में रही थीं.।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, हैदराबाद के कुछ स्थानीय चैनलों (तेलुगु चैनल) ने डिनर का सीसीटीवी फुटेज लाइव किया था. इसके बाद कुछ नेशनल चैनलों पर भी इस फुटेज के चलाए जाने की जानकारी मिली. रिपोर्ट के मुताबिक, यह फुटेज मंगलवार की शाम 9.42चउ का था, जब पीएम मोदी, तेलंगाना के सीएम के चंद्रराव और गवर्नर ईएसएल नरसिम्हन सोफा पर बैठकर एक दूसरे से बात कर रहे थे.।
बता दें कि यह इवेंट पूरी तरह से मीडिया के दायरे से बाहर रखा गया था. जब कुछ चैनल इसके फुटेज चलाने लगे तो पीएमओ ने इस बात का संज्ञान लिया और स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (ैच्ळ) को अलर्ट किया. इसके बाद ही एसपीजी ने तेलंगना पुलिस से इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए लाइव ब्रॉडकॉस्टिंग रोकने के लिए कहा. इसके बाद पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर्स, निजी सचिव और सीनियर पुलिस अफसर हरकत में आए. उन्होंने टीवी चैनल से सीसीटीवी फीड के लाइव प्रसारण से रोका.।
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नयी दिल्ली। चीन की महत्वाकांक्षी वन बेल्ट, वन रोड परियोजनाओं से जुड़ा विवाद जारी रहने के बीच भारत दो दिवसीय आसियान-भारत कनेक्टिविटी शिखर सम्मेलन का आयोजन कर रहा है जिससे भारत की एक्ट ईस्ट नीति को नयी ताकत मिलेगी। यह शिखर सम्मेलन 11 और 12 तारीख को आयोजित हो रहा है जिसमें वियतनाम, कंबोडिया समेत 10 आसियान देश भी शामिल होंगे। जापान एक अकेला देश होगा जो इसमें अलग से हिस्सा लेगा।
सम्मेलन के दौरान भारत और एशियाई देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और औद्योगिक संबंध जैसे मुद्दों पर बात होगी। इसका खासा जोर कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने पर होगा। विदेश मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिखर सम्मेलन का विषय ‘‘21वीं सदी में एशिया में डिजिटल एवं भौतिक सम्पर्क बढ़ाने की पहल’’ है। इसमें सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग, पोत परिवहन और जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी, संचार मंत्री मनोज सिन्हा, विदेश राज्य मंत्री वी के सिन्हा और एम जे अकबर और विदेश मंत्रालय की सचिव (पूर्व) प्रीति सरन हिस्सा लेंगी।
आसियान से वियतनाम के उप सूचना एवं संचार मंत्री पी ताम, कंबोडिया के लोकनिर्माण एवं परिवहन राज्य मंत्री टी चानकोसल हिस्सा लेंगे। मंत्रालय ने बयान में कहा गया है कि एआईसीएस सरकार के नीति निर्धारकों, वरिष्ठ अधिकारियों, निवेशकों, उद्योगपतियों और व्यापार संगठनों के प्रतिनिधियों और उद्यमियों को एक ही मंच पर लाएगा। जापान ने 5 दिसंबर को भारत के साथ एक्ट ईस्ट फोरम का उद्घाटन किया। इसमें जापान की अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जीका) और जापान के विदेश व्यापार संगठन (जेट्रो) द्वारा प्रतिनिधित्व किया गया। इसका उद्देश्य भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में जापान के साथ सहयोग आधारभूत ढांचा और कनेक्टिविटी बढ़ाना है।
भारत में जापानी राजदूत केंजी हिरामात्सु ने हाल ही में कहा है कि एक्ट ईस्ट फोरम का उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत में जापान के साथ मिलकर विकास कार्यों को गति देना है। आसियान-इंडिया कनेक्टिविटी समिट भारत और जापान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसे चीन के ओबोर परियोजना के जवाब के रूप में देखा जा रहा हैं। ऐसी रिपोर्ट है कि ओबोर के जरिए चीन उन देशों को कर्ज में दबा सकता है, जहां से होकर यह गलियारा निकलेगा या फिर निवेश परियोजनाएं लगेंगी।
बहरहाल, चीन की वन बेल्ट, वन रोड पहल की पृष्ठभूमि में ईरान, रूस, भारत के समन्वय वाले बहुपक्षीय परिवहन कार्यक्रम अन्तरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन कोरिडोर (आईएनएसटीसी) का महत्व काफी बढ़ गया है। ये परियोजना हिन्द महासागर और फारस की खाड़ी को ईरान के जरिये कैस्पियन सागर से जोड़ेगी और फिर रूस से होते हुए उत्तरी यूरोप तक पहुंच बनाएगी।
विदेश मामलों के विशेषज्ञ ए सतोब्दन ने कहा कि एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि अन्तरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन कोरिडोर (आईएनएसटीसी) के अमल में आने पर माल को पहुंचाने के समय और लागत में 30 से 40 प्रतिशत की कमी आयेगी। इस परियोजना में ईरान के चाबहार बंदरगाह की महत्वपूर्ण भूमिका होगी जिसका विकास भारत के सहयोग से होने जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि हमें चाबहार बंदरगाह का सर्वश्रेष्ठ उपयोग करना चाहिए जो हमारे लिए सम्पूर्ण मध्य एशिया के द्वार खोल देगा।
भारत में बाबरी मस्जिद का विध्वंस आजादी के बाद की सबसे अहम घटनाओं में से एक है। 6 दिसंबर 1992 की यह तारीख भारतीय राजनीति में एक बहुत बड़ी घटना रही है। इसी दिन अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस हुआ था।
आज इस घटना को 25 साल पूरे हो रहे हैं। 25वीं सालगिरह को देखते हुए अयोध्या समेत पूरे उत्तर प्रदेश में कड़ी सुरक्षा के प्रबंध किए गए हैं। वीएचपी ने इस दिवस को शौर्य दिवस मानएगी।
वहीं दूसरी तरफ वीएचपी के अलावा पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी कोलकाता में इस पर रैली करेंगी और लेफ्ट पार्टियां भी बाबरी मस्जिद गिरने का विरोध करेंगी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे एक खत में उनसे संवेदनशील जगहों पर पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती करने और अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा है, ताकि शांति व्यवस्था में खलल डालने की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके।
6 दिसंबर, 1992 को जब हजारों की संख्या में कारसेवक श्एक धक्का और दो, बाबरी मस्जिद तोड़ दोश् के नारे लगा रहे थे और 16वीं सदी की इस मस्जिद को ढहा रहे थे, जिसके बाद देश के कई हिस्सों में सांप्रदायिक दंगे हुए. जब विवादित ढांचा गिराया गया, उस समय राज्य में कल्याण सिंह की सरकार थी।
लखनऊ। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने छात्र छात्राओं को जीवन में कभी मर्यादा न तोड़ने की सीख देते हुये कहा कि जीवन में मर्यादाओं का पालन करने से इंसान बड़ा बनता है और भारत का गृह मंत्री होकर भी वह मर्यादाओं को कभी नहीं तोड़ते। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘‘ संकल्प लेकर हम भारत को विश्व गुरु बनायेंगे। भारत के पास बहुत कुछ है, गुरुत्वाकर्षण का नियम, पाइथागोरस थ्योरम भारत की देन है। कई ऐसी चीजे हैं जो भारत ने दी हैं। बस हम सबको संकल्प लेने की आवश्यकता है कि भारत को विश्व गुरु बनायेंगे, फिर भारत को विश्व गुरु बनने से कोई रोक नहीं सकता।
भारत को विश्व गुरु बनाने में युवाओं का बहुत महत्तपूर्ण स्थान होगा।’’ लखनऊ विश्वविद्यालय के 60 वें दीक्षांत समारोह में आज गृह मंत्री विशिष्ठ अतिथि थे। इस अवसर पर उन्हें विश्वविद्यालय द्वारा डीएससी की मानद उपाधि से भी सम्मानित किया गया। दीक्षांत समारोह में कुल 97 छात्रों को 192 मेडल से सम्मानित किया गया। इसमें सबसे ज्यादा 161 मेडल लड़कियों को दिए गए। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति राम नाइक औरउप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा भी मौजूद थे। सिंह ने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय का देश के विकास में योगदान है। उन्होंने कहा विश्वविद्यालय में भविष्य में होने वाले दीक्षांत समारोह में माता पिता की तरह गुरुओं का भी जिक्र होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति से कहा था कि मुझे मानद डिग्री नहीं दी जाए। मैं अपने को इसके लायक नहीं मानता। कुलपति ने परंपरा का हवाला दिया, तब मैं इसके लिए तैयार हुआ।’’ राजनाथ ने कहा, ‘‘मनुष्य के जीवन में चरित्र का बहुत महत्व होता है, मैं अपने सारे छात्रों से कहना चाहूंगा कि जीवन में मर्यादाओं को कभी मत तोड़ना। आज मैं भारत का गृह मंत्री हूं फिर भी मर्यादाओं को कभी नहीं तोड़ता। मर्यादाओं का पालन केवल आपको प्रिय ही नहीं बनाता है बल्कि यदि आपने मर्यादाओं का पालन किया तो आपको लोगों का पूज्य भी बना देता है।
मनुष्य के जीवन में संस्कारों और मर्यादाओं की बहुत अहमियत है, और यह सोच शिक्षा के माध्यम से आती है। कुछ समाज के माध्यम से भी आती है।’’ उन्होंने टामस फ्रीजमैन के गार्जियन में छपे एक लेख इन्फोसिस बनाम अलकायदा का उदाहरण देते हुये कहा कि दोनों में युवा जी जान से मेहनत से काम करते हैं लेकिन एक युवा देश के विकास के लिये काम करते हैं जबकि अलकायदा के युवा विध्वसंकारी कामों के लिये काम करते हैं। गृह मंत्री ने कहा कि ‘मैं राजनीतिक क्षेत्र में काम कर रहा हूं, लोग कहेंगे कि राजनीतिक क्षेत्र में काम करने वाला व्यक्ति मुझे उपदेश दे रहा है।
मैं जानता हूं कि स्वंत्रत भारत की राजनीति में नेताओं की कथनी और करनी में अंतर होने के कारण भारत की राजनीति और भारत के जन नेताओं पर से जन सामान्य का विश्वास पहले की अपेक्षा कम हुआ है। लेकिन नौजवान साथियों आप इस सच्चाई को भी नकार नहीं सकते कि आपके जीवन को भी राजनीति की यह व्यवस्थायें प्रभावित करती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ वह राजनीति जो अपना अर्थ भी खो चुकी है अपना भाव भी खो चुकी है क्या आप यह संकल्प नहीं लोगे कि उसको हम पुन: स्थापित करेंगे, इस काम को कौन करेगा।
राजनीतिक व्यवस्था से अपने को अलग रखने की कोशिश मत करो। राजनीति शब्द दो शब्दों को मिलाकर बना है राज और नीति। नये नौजवानों का आह्वान करता हूं कि राजनीति का जो भाव और संकल्प खो गया है उसे पुन: पाने का प्रयास करें। युवा विकास की राजनीति से जुड़े क्योंकि भारत को हम सबको महान भारत बनाना है। ऐसा भारत जो ज्ञानवान भी हो, धनवान भी हो, ऐसा भारत जो महान भी हो। जो ज्ञान और विज्ञान दोनों में विश्व का नेतृत्व कर सकें ऐसे भारत का निर्माण करना है।’’