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  • VIDEO: नेता ने बिना तलाक लिए की शादी, पत्नी ने रोका तो उसे खूब पीटा

    VIDEO: नेता ने बिना तलाक लिए की शादी, पत्नी ने रोका तो उसे खूब पीटा

     

     

    काफी चौंकाने वाली घटना में तेलंगाना राष्ट्र समिति के नेता पी श्रीनिवास रेड्डी अपनी पत्नी से गालीगलौच और उसे पीटते हुए नजर आए. पत्नी की गलती केवल इतनी थी कि उसने रेड्डी के बिना तलाक लिए दूसरी लड़की से शादी करने का विरोध किया था.

    अपने परिवार के कुछ सदस्यों के साथ संगीता रविवार को रेड्डी के घर न्याय मांगने पहुंची थी. रेड्डी ने पहले तो उसकी पिटाई की फिर उसे धक्का मार कर घर से बाहर निकाल दिया.

    संगीता ने मीडिया को बताया, ‘पिछले कुछ महीनों से मेरे ससुराल वाले दहेज के लिए मुझे प्रताड़ित कर रहे थे. मेरे पति भी मेरे साथ दुर्व्यवहार कर रहे थे. वो मुझसे नौकरों जैसा सलूक करते. ये स्थिति और भी ज्यादा खराब हो गई जब मैंने एक बच्ची को जन्म दिया. उन्होंने यहां तक कह दिया कि ये बच्ची उनकी नहीं है. मुझे घर से बाहर निकाल फेंका गया. अब उन्होंने मेरी जानकारी के बिना किसी दूसरी लड़की से शादी कर ली है. मैं अपने मां-बाप के साथ न्याय की मांग करने यहां आई थी.’

    बता दें 2013 में रेड्डी और संगीता की शादी हुई थी. ये रेड्डी की दूसरी शादी थी. संगीता ने जून में रेड्डी और उनके परिवार के खिलाफ शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करने की शिकायत दर्ज करवाई थी. अगस्त में श्रीनिवास ने दूसरी लड़की से शादी कर ली.मामले की पड़ताल कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब पीड़िता अपने पति के घर गई तो उसके साथ दुर्व्यवहार हुआ और उसे पीटा गया. शिकायत और वीडियो सबूत को ध्यान में रखते हुए हमने धारा 307, 290 और 506 के तहत मामला दर्ज कर लिया है.

  • दिल्ली की हवा फिर ‘वेरी पुअर’ हुई

    दिल्ली की हवा फिर ‘वेरी पुअर’ हुई

     

     

    दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में
    हवा की गुणवत्ता में सोमवार को अचानक गिरावट आई और ये ‘पुअर’ से ‘वेरी पुअर’ हो गई. अधिकारियों ने इसके संभावित कारणों में पड़ोसी राज्यों में पुआल जलाने में वृद्धि को बताया है.

    तापमान में गिरावट आने और पंजाब और हरियाणा से आने वाली उत्तर पश्चिमी हवाओं की गति में कमी आने से राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में लोगों के कुछ और दिनों तक विषाक्त हवा में सांस लेने की संभावना है. हरित अदालत के आदेश के बावजूद पंजाब और हरियाणा में बीते तीन दिनों में पुआल जलाने में वृद्धि हुई है.

    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सदस्य सचिव ए सुधाकर ने आईएएनएस से कहा, ‘पुआल जलाने के कारण क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर में वृद्धि होने की संभावना है.’

    राष्ट्रीय वैमानिकी एवं अंतरिक्ष प्रशासन (नासा) के उपग्रह चित्रों में सोमवार को हरियाणा और पंजाब के अमृतसर, तरन तारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, भटिंडा, मोगा व कपूरथला जिलों में बीते दो दिनों में पुआल जलाने में वृद्धि को दिखाया गया है.सुधाकर ने कहा, ‘दिल्ली की औसत हवा की गुणवत्ता कई कारणों से ‘पुअर’ से ‘वेरी पुअर’ के बीच कुछ दिनों तक बनी रहेगी.’

  • हैदराबाद: शादी के एक महीने बाद फोन से दिया तीन तलाक, केस दर्ज

    हैदराबाद: शादी के एक महीने बाद फोन से दिया तीन तलाक, केस दर्ज

     

     

    तीन तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट भले ही इसे गैरकानूनी बता चुका है. लेकिन फिर भी देशभर में तीन तलाक के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. तीन तलाक का ऐसा ही एक मामला हैदराबाद से सामने आया है. जहां शादी के एक महीने बाद ही शौहर ने अपनी बीवी को फोन कर तीन तलाक दे दिया. पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है.

    हैदराबाद की अथिया बेगम नाम का महिला ने बताया कि उसकी शादी को एक महीना हुआ है. महिला का आरोप है कि उसका पति शेख सरदार मजहर 13 नवंबर को घर से बाहर गया. इसके कुछ घंटे बाद उसने फोन किया और उसे तीन तलाक दे दिया.

    पीड़ित आथिया के अनुसार, उसके पति ने कहा कि वो उसके साथ रहना नहीं चाहता है, उसने एक और लड़की से शादी की थी. अथिया ने कहा, ‘मेरी शादी से पहले, मैंने उसे लगभग 2 लाख रुपये दिए थे. यहां तक कि लगभग 6 लाख रुपये खर्च भी किए. अब मैं चाहती हूं कि उसे दंडित किया जाए.’

    पीड़िता ने कुल्लमपुरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है.

  • पद्मावती विवाद पर बोले BJP नेता- ‘हर थियेटर को जलाने की रखते हैं ताकत’

    पद्मावती विवाद पर बोले BJP नेता- ‘हर थियेटर को जलाने की रखते हैं ताकत’

     

     

    फिल्म ‘पद्मावती’ विवाद के बीच संजय लीला भंसाली और दीपिका पादुकोण के सिर कलम पर इनाम की घोषणा करने वाले बीजेपी नेता सूरज मल अमू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इसके बाद बीजेपी नेता ने एक और भड़काऊ बयान दिया है.

    मंगलवार को उन्होंने कहा, “हिंदुस्तान के हर सिनेमाहॉल में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा. इस देश का युवा और क्षत्रिय समाज एक-एक सिनेमा हॉल को जलाने की ताकत रखता है.”

    बता दें कि बीजेपी नेता सूरज मल अमू ने रविवार को कहा था कि जो भी संजय लीला भंसाली और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण का सिर कलम करेगा उसे 10 करोड़ का इनाम दिया जाएगा.

    इसी से नाराज होकर गुरुग्राम के एक शख्स ने बीजेपी नेता सूरजपाल अमू के खिलाफ मंगलवार को एफआईआर दर्ज कराई है.उन्होंने कहा था, ‘मैं उन लोगों के परिवार की देखरेख करूंगा, जो भंसाली और दीपिका का सिर काटकर लाएंगे.’ उन्होंने धमकी दी थी कि वो अभिनेता रणवीर सिंह के पैर तोड़ देंगे, अगर उन्होंने अपने शब्द वापिस नहीं लिए.
    बता दें कि फिल्म पद्मावती को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. इस विवाद में सिर्फ बीजेपी नेता ही नहीं कांग्रेस के कुछ नेता भी शामिल हैं. जहां मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में इस फिल्म को रिलीज न होने देने की बात कही है, वहीं पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी कहा कि इतिहास से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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    पद्मावती विवाद पर बोले कमल हासन, ‘मैं चाहता हूं कि दीपिका का सिर बचा रहे’

  • भोपाल गैंगरेप पीड़िता को ‘राष्ट्रमाता पद्मावती’ पुरस्कार दे सकती है शिवराज सरकार

    भोपाल गैंगरेप पीड़िता को ‘राष्ट्रमाता पद्मावती’ पुरस्कार दे सकती है शिवराज सरकार

     

     

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राज्य स्थापना दिवस की देर शाम गैंगरेप का शिकार बनी छात्रा को ‘राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा सकता है. इस पर सरकार विचार कर रही है.

    राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को पद्मावती फिल्म के प्रदर्शन पर रोक के ऐलान के साथ ही महिलाओं के सम्मान के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्ति को ‘राष्ट्रमाता पद्मावती’ पुरस्कार और वीरता के लिए महाराणा प्रताप पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की थी.

    राज्य के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह से मंगलवार को जब संवाददाताओं ने पूछा कि क्या भोपाल की गैंगरेप पीड़िता को सम्मानित किया जा सकता है? इस पर मंत्री ने कहा, ‘मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महिला सम्मान के लिए काम करने वाले को राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार देने का ऐलान किया है. सरकार भोपाल गैंगरेप पीड़िता को यह सम्मान देने पर विचार कर रही है.’

    बता दें, राजधानी भोपाल में एक पुलिसकर्मी दंपति की बेटी के साथ एक नवंबर को हुए गैंगरेप के मामले में पुलिस ने रिपोर्ट तक लिखने में हीला-हवाली की थी. पीड़िता को दो दिन तक थानों के चक्कर लगाना पड़े थे. मामला मीडिया पर आने के बाद सरकार हरकत में आई और विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर जांच शुरू की. इसके बाद तीन थाना प्रभारी और दो उपनिरीक्षकों (सब इंस्पेक्टर) को निलंबित कर दिया गया, वहीं एक नगर पुलिस अधीक्षक को पुलिस मुख्यालय में संलग्न किया गया.इस मामले को लेकर राजनीति भी खूब गरमाई हुई है. कांग्रेस ने राजधानी से लेकर जिला मुख्यालय स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया. इसके अलावा महिला सुरक्षा पर भी खूब सवाल उठे.

  • कश्‍मीर: बड़े नेताओं पर हमले की फिराक में तिलमिलाए हुए आतंकी

    कश्‍मीर: बड़े नेताओं पर हमले की फिराक में तिलमिलाए हुए आतंकी

     

     

    देश में कुछ बड़े राजनेताओं खास कर बीजेपी नेताओं, कुछ केंद्रीय मंत्रियों और कुछ मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा को लेकर एक नए खुलासे से हड़कंप मचा हुआ है. भारत की खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सीमापार के कई आतंकी संगठन मिल कर देश के कुछ राजनेताओं पर हमला करने की फिराक में हैं. हालांकि, सरकार की तरफ से इस खबर पर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

    खुफिया एजेंसी ने सरकार को दी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों ने मिलकर यह मास्टर प्लान तैयार किया है. जैश-ए-मोहम्मद का मुखिया मौलाना मसूद अजहर इस प्लान का मास्टर माइंड है. गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के हाथों लगातार शिकस्त झेलने की वजह से आतंकी संगठनों ने अपना निशाना घाटी से दूसरी तरफ मोड़ दिया है.

    इंटेलिजेंस एजेंसी को जानकारी मिली है कि आतंकी संगठन भारत में किसी बड़े राजनीतिक शख्सियत की हत्या की योजना पर जोर-शोर से काम कर रहे हैं. आईबी की इस रिपोर्ट के बाद केंद्र और राज्य सरकारें मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा को लेकर चौकन्ना हो गई हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक खुफिया एजेंसियों ने इस बारे में पिछले दिनों ही सरकार के साथ जानकारी साझा की है.

    इस आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए आतंकी संगठन बांग्लादेशी कैडर का इस्तेमाल कर रहे हैं. इन आतंकी संगठनों ने भारत के वैसे केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को निशाना बनाने की योजना बनाई है, जिनकी सुरक्षा अपेक्षाकृत ज्यादा कड़ी नही होती है.

    जम्मू-कश्मीर में पिछले चार-पांच दिनों में ही सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में 11 आतंकी मारे गए हैं, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर का भांजा ताल्हा रशीद भी शामिल है. माना जा रहा है कि भारतीय सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई के बाद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का चीफ अजहर खासा नाराज है. जैश प्रमुख अजहर मसूद को अपने भांजे की मौत से गहरा सदमा पहुंचा है.

    बता दें कि ताल्हा रशीद जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में बड़े आतंकी वारदात में मुख्य भूमिका अदा कर रहा था. पुलवामा पुलिस कैंप पर हमला हो या फिर श्रीनगर एयरपोर्ट पर हुए हमले में उसकी भूमिका काफी अहम थी.

    पिछले दिनों भारतीय सुरक्षा बलों ने एक और मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर जकीउर रहमान लखवी के भतीजे सहित छह आतंकियों को भी एक मुठभेड़ में मार गिराया था.

    एक तरफ मोदी सरकार आने के बाद पिछले कुछ सालों में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों की कार्रवाई ने आतंकियों की कमर तोड़ दी है तो दूसरी तरफ घाटी के भटके युवा भी अब मुख्यधारा में लौटने लगे हैं. इन सारी घटनाओं से आतंकी संगठनों के आकाओं में तिलमिलाहट पैदा हो गई है. दोनों आतंकी संगठनों को इन दो घटनाओं ने इतना परेशान किया कि वह अब तिलमिलाहट में बीजेपी के कुछ नेताओं को निशाना बनाना चाह रही है.

    देश के जाने-माने रक्षा विशेषज्ञ और वरिष्ठ पत्रकार क़मर आगा फर्स्टपोस्ट हिंदी से बात करते हुए कहते हैं, ‘बदलते घटनाक्रम में दो बात सामने आ रही है. एक तो पाकिस्तान की कश्मीर पॉलिसी बिल्कुल फेल हो गई है. इनके 190 लोग मर गए हैं. सारे कमांडर लगभग मर गए हैं. कमांडर से मेरा मतलब है वो जो आतंकी संगठन को लीड कर सके. इनको पाकिस्तान से कमांडर भेजना पड़ रहा है. लखवी के भतीजे को भेजा जो कि बहुत ही अनुभवी था, जिसके बारे में सोचा भी नहीं था कि वह मर जाएगा. इनके पास अब लोग भी नहीं बचे हैं. बॉर्डर पर भारतीय सुरक्षाबल काफी मुस्तैद और सतर्क है.’

    कमर आगा आगे कहते हैं, ‘देखिए आतंकवादियों का मुख्य काम होता है आतंक फैलाना. जब भी उनकी तरफ से कोशिश की जाती है वे एनकाउंटर में मारे जा रहे हैं. कश्मीर में और ग्लोबली मुसलमानों को भी इस बात का एहसास हो गया है कि मिलिटेंसी के जरिए कोई ऑब्जेक्टिव पूरा होने वाला नहीं है. जो पुराने आतंकी जो घाटी में हैं वह फंस चुके हैं. वह वहां से निकलना चाहें तो भी नहीं निकल सकते. अब इन लोगों की कोशिश होगी कि आतंक बना रहे. अब यह जरूरी नहीं है कि वह सत्ता पक्ष के लोगों पर ही सिर्फ टारगेट करें, विपक्षी लीडर्स पर भी टारगेट कर सकते हैं. कुल मिलाकर हम कह सकते हैं आतंकी संगठन न्यूज में बने रहना चाहते हैं.’

    गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा अभी भी एक खतरनाक संगठन बना हुआ है. घाटी में अभी भी इस संगठन के स्थानीय और विदेशी लड़ाकू मिलाकर लगभग 100 आतंकी मौजूद हैं.

    घाटी में सक्रिय आतंकी संगठनों में हिज्बुल मुजाहिदीन सबसे बड़ा आतंकी संगठन है. जबकि, सीमा पार से लगातार घुसपैठ और स्थानीय लोगों की दिलचस्पी के कारण लश्कर-ए-तैयबा दूसरा आतंकी संगठन बना हुआ है.

    पिछले सप्ताह ही घाटी के एक आतंकवादी ने आतंक का रास्ता छोड़ कर घर वापसी की थी. माजिद इरशाद खान नाम का यह आतंकी अपनी मां की अपील के बाद मुख्यधारा में लौटा था. इससे भी आतंकी संगठनों के कमर टूटने की बात साबित होती है. ऐसे में आतंकी संगठनों के आकाओं ने नए मास्टर प्लान के जरिए फिर से घाटी के युवाओं का विश्वास हासिल करने के लिए हमला करने की रणनीति बनाई है.

    दूसरी तरफ आतंकी संगठन अल-कायदा ने भी भारत में अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं. इंडियन एक्प्रेस ने कुछ दिन पहले ही अल-कायदा के बारे में एक नया खुलासा किया था. इस खुलासे में कहा गया था कि अल-कायदा भारत के पढ़े-लिखे युवा मुस्लिमों के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में जिहादी साहित्य की बिक्री शुरू कर दी है. खास बात यह है कि यह बिक्री सोशल साइट्स के जरिए की जा रही है.

    अलकायदा खासकर डॉक्टर और इंजीनियर जैसे नौकरी पेशा करने वाले मुस्लिम युवाओं को उकसाने का काम कर रहा है. जिहादी साहित्य के साथ सोशल साइट्स पर भारतीय भाषाओं में वीडियो भी उपलब्ध करवाया जा रहा है.

  • अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में जीत के लिए ये थी भारत की रणनीति, सुषमा की बड़ी भूमिका

    अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में जीत के लिए ये थी भारत की रणनीति, सुषमा की बड़ी भूमिका

     

     

    अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में जज के पद के लिए न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी को जून में अपना उम्मीदवार घोषित करने के बाद से भारत ने करीब 175 देशों से समर्थन मांगा. कई देशों से उच्चतम स्तर पर संपर्क कर भंडारी के पक्ष में समर्थन मांगा गया और आज आखिकार वह आईसीजे में दोबारा चुने गए.

    अधिकारियों के मुताबिक, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने खुद करीब 60 देशों के अपने समकक्षों से बात कर भंडारी के पक्ष में समर्थन मांगा था.

    एक अधिकारी ने बताया कि भंडारी के फिर से निर्वाचन के लिए भारत ने गहन सकारात्मक अभियान चलाया. उसे हर संभव मंच पर विभिन्न स्तरों पर इस मुद्दे को उठाया.

    अधिकारी ने कहा कि उच्चतम स्तर पर भी प्रधानमंत्री ने विश्व नेताओं के साथ अपनी बैठकों के दौरान इस मुद्दे को उठाया. एक अधिकारी ने बताया, ‘भारत ने कभी भी नकारात्मक अभियान नहीं चलाया. हमारे उम्मीदवार की मजबूती, भारत की मजबूती और मजबूत संवैधानिक प्रणाली के दम पर यह अभियान चलाया गया.’ये भी पढ़ें
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  • आर्थिक प्रतिबंधों से बौखलाए उत्तर कोरिया ने पार्टियों पर पाबंदी लगाई

    आर्थिक प्रतिबंधों से बौखलाए उत्तर कोरिया ने पार्टियों पर पाबंदी लगाई

     

     

    दक्षिण कोरियाई जासूसों का दावा है कि
    उत्तर कोरिया पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों से बौखलाए
    तानाशाह किम जोंग उन ने अब अपने देश में शराब पीने और गाना बजाने वाली पार्टियों पर प्रतिबंध लगा दिया है.

    दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय खुफिया सेवा ने संसद को बताया कि लगातार मिसाइल और परमाणु हथियारों के परीक्षण के कारण संयुक्त राष्ट्र के लगाए प्रतिबंधों से उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने लगा है. ऐसे में प्योंयांग इससे अपने नागरिकों के बीचे विरोध के किसी भी स्वर को उठने से पहले ही रोक देना चाहता है.

    एजेंसी के मुताबिक उत्तर कोरिया ने शराब पीने, गाना बजाने और दूसरे मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगा दिया है जिससे किसी भी प्रकार की भीड़ इकट्ठा होती है. साथ ही वो बाहरी सूचनाओं पर नियंत्रण को मज़बूत कर रही है.

    रिपोर्ट ऐसे वक्त पर आया है जब ब्रिटेन में चीन के राजदूत ने प्रतिबंधों को केवल एक माध्यम बताया, उद्देश्य नहीं. साथ ही जोड़ा कि और अधिक प्रतिबंध नहीं लगाने चाहिए. चीन ने 2006 से लगातार संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों का समर्थन किया है.अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ख़ासतौर पर चीन और रूस का ज़िक्र करते हुए अपने हाल के एशिया प्रशांत क्षेत्र के दौरे के दौरान कहा था कि इन देशों को उत्तर कोरिया के साथ व्यापार संबंधों को पूरी तरह ख़त्म कर देना चाहिए.

    इससे पहले ट्रंप ने चीन पर अपने कम्युनिस्ट पड़ोसी को परमाणु महत्वाकांक्षाओं को त्यागने के लिए किसी भी तरह की कोशिशें नहीं करने का आरोप लगाया था.

    दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय खुफिया सेवा ने कहा कि फिलहाल उत्तर कोरिया की तरफ से किसी नए परमाणु परीक्षण के भले ही संकेत ना मिले हों, लेकिन किम जोंग के दृढ़ निश्चय को देखते हुए परमाणु परीक्षण किसी भी समय होने से इंकार नहीं किया जा सकता.

  • बदलेगी देश के रेलवे स्टेशनों की सूरत, ये होगा नया डिज़ाइन

    बदलेगी देश के रेलवे स्टेशनों की सूरत, ये होगा नया डिज़ाइन

     

     

    रेलवे की सूरत बदलने के मकसद से देश के कई रेलवे स्टेशनों की शक्ल बदलने की तैयारी है. इनमें दिल्ली का पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन भी शामिल है. पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन को दोबारा विकसित करने का प्लान भी तैयार किया जा चुका है.

    स्टेशन के डिज़ाइन में कोई बदलाव नहीं होगा, यानी वही लाल और सफ़ेद रंग की क़िलेनुमा दीवारें, दो ऊंची मीनारें और उनके बीच में एक बड़ी सी गोल पुराने ज़माने की एनालॉग घड़ी, ये सब कुछ पहले जैसा रहेगा. लेकिन साफ़ सफ़ाई और ज़्यादा सुविधाओं के ज़रिये बड़े बदलाव किये जाएंगे.

    स्टेशन में ऐसी कई जगह हैं, जहां कूड़ा करकट जमा रहता है. कई ऐसी जगह हैं जहां अंधेरा रहता है, लेकिन नए प्लान के मुताबिक सफ़ाई पर खास ध्यान दिया जाएगा और स्टेशन पर कहीं भी अंधेरा नहीं होगा. ऐसी जगहों की भी पहचान की गई है, जहां स्टेशन पर सबसे ज़्यादा भीड़ जमा होती है, इन जगहों से भीड़ कम करने के लिए भी कुछ बड़े कदम उठाए जाएंगे.

    ये काम तीन चरणों में पूरा होगा. 6 महीने से एक साल के वक़्त में पूरे होने वाले काम पहले चरण में रखे गए हैं. दूसरे चरण में वो काम रखे गए हैं जिनमें डेढ़ साल तक का वक़्त लगेगा और तीसरा चरण वो है जिसमें होने वाले काम क़रीब 2 साल में पूरे होंगे.दो साल में पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन में वो सारे काम पूरे करने की योजना है, जिनके बाद स्टेशन की शक्ल पूरी तरह से बदल जाएगी. सबसे बड़े बदलाव आपको पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफ़ॉर्म पर देखने को मिलेंगे. जहां पुराने फ़ुटओवर ब्रिज की जगह पर दो नए फ़ुटओवर ब्रिज दिखाई देंगे. ये नए ब्रिज ज़्यादा चौड़े और खूबसूरत होंगे.

    प्लेटफ़ॉर्म पर लगने वाले बोर्ड बदले जाएंगे, नए रंग रोगन से स्टेशन को नई शक्ल दी जाएगी.
    प्लेटफ़ॉर्म पर ट्रेन का इंतज़ार कर रहे लोगों के बैठने के लिए पहले से ज़्यादा बेंच लगाई जाएंगी, जो पहले से ज़्यादा ख़ूबसूरत भी होंगी.

    जिन लोगों को कई घंटे तक ट्रेन का इंतज़ार करना पड़ता है और वो प्लैटफ़ॉर्म पर ही बिस्तर लगा कर सोने को मजबूर हो जाते हैं, उनके लिए हाईटेक वेटिंग रूम बनाए जाएंगे, ताकि यात्रियों को स्टेशन पर कोई तकलीफ़ ना हो।

    स्टेशन के अंदर, यानी रेलवे स्टेशन के मेन गेट से दाखिल होने से प्लैटफॉर्म तक की जगह में आपको कई बड़े बदलाव दिखाई देंगे. नया फ़र्श बिछाया जाएगा. खास रंगों की थीम स्टेशन की दीवारों में नई जान फूंकने का काम करेगी.

    पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर लगे कई CCTV कैमरे काम नहीं करते थे. लेकिन अब हर कैमरा काम करेगा और कुल कैमरों की गिनती पहले से क़रीब दोगुनी से भी ज़्यादा की जाएगी. भीड़ को काबू करने के लिए टिकट खिड़कियों की गिनती बढ़ाई जाएगी और कुछ ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन भी लगाई जाएंगी.

    सामान की जांच के लिए एयरपोर्ट की तर्ज़ पर स्कैनिंग मशीनों का इस्तेमाल होगा और लोगों के बैठने के लिए बढ़िया सोफ़े लगाए जाएंगे. पीने के पानी के लिए जगह जगह आपको डिस्पेंसिंग मशीनें मिलेंगी, मोबाइल चार्जिंग की जगह मिलेगी, और हर कोने पर कूड़ेदान होंगे.

    समय से या देरी से चलने वाली रेलगाड़ियों की जानकारी देने वाले सारे बोर्ड डिजिटल तो होंगे ही, साथ ही बड़ी सी स्क्रीन पर यात्रियों के लिए टीवी देखने का विकल्प भी होगा.

    पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सबसे बड़ी परेशानी स्टेशन की मेन एंट्री की जगह है. जहां गंदगी भी है और बेतहाशा भीड़ भी है. इसके लिए भी खास योजना तैयार की गई है. साफ़ सफ़ाई रखने की तैयारी तो है ही, गंदगी फैलाने वालों पर CCTV के ज़रिये निगरानी भी होगी और कड़ा जुर्माना भी रखा जाएगा.

    स्टेशन में पार्किंग के लिए अलग से जगह रखी जाएगी, ताकि यात्रियों के खड़े होने की जगह पर लोगों को गाड़ियां लेकर ना पहुंचना पड़े. प्राइवेट कैब ऑपरेटर्स के लिए स्टेशन के मेन एंट्री गेट पर अलग से काउंटर लगाए जाएंगे. ये बहुत कुछ एयरपोर्ट की तर्ज पर होगा, जैसे देश के कुछ और स्टेशनों पर पहले से किया गया है.

    रिक्शा और ऑटो के लिए अलग से लेन तय की जाएगी और ये सुनिश्चित किया जाएगा कि यात्रियों को कोई परेशानी ना हो.

  • कांग्रेस के ‘हार्दिक’ बोनस को ऐसे छीन सकती है BJP

    कांग्रेस के ‘हार्दिक’ बोनस को ऐसे छीन सकती है BJP

     

     

    (राजीव पाठक)

    गुजरात चुनाव के लिए मतदान से पहले कांग्रेस को पाटीदारों का समर्थन मिल गया है. हार्दिक ने साफतौर पर कह दिया है कि कांग्रेस ने जो प्रपोजल दिया है उससे वो काफी हद तक सहमत हैं. जिस तरह से पटेल समाज का समर्थन कांग्रेस को मिला है, इससे पार्टी को फायदा मिलेगा.

    जब से कांग्रेस ने लिस्ट जारी की थी तब से पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पास) और कांग्रेस में मतभेद की खबरें आ रही थीं. इससे कांग्रेस को राहत मिल गई है, क्योंकि हार्दिक ने साफतौर पर कहा है कि उसने कोई टिकट नहीं मांगी है. अगर पास का कोई कार्यकर्ता निर्दलीय भी लड़ता है, तो वो कांग्रेस के साथ रहे.

    दूसरी ओर बीजेपी के पास मौका है ये दिखाने का कि हार्दिक पूरी तरह कांग्रेस के साथ है. ये पाटीदारों की संस्था नहीं है.हालांकि गौर करने वाली बात है कि गुजरात में पाटीदारों से जुड़ी दो संस्थाएं हैं, लेउवा पटेलों की खोड़ाधाम और कड़वा पटेलों की उनियाधाम. इन दोनों संस्थाओं ने अभी तक किसी को भी समर्थन नहीं दिया है. ये दोनों संस्थाएं क्या रुख अपनाती हैं इससे चुनाव पर गहरा असर पड़ेगा. ये दोनों ही इंडिपेंडेंट संस्था हैं. वो राजनीति में शामिल नहीं होगीं. वो पाटीदारों के हित के लिए सामाजिक आंदोलन करेंगे.

    बीजेपी की कोशिश होगी के वो इनका समर्थन हासिल करे. अगर बीजेपी इनको साथ ले आती है, तो इससे हार्दिक का असर भी काफी कम हो सकता है. हार्दिक का असर युवाओं में ज्यादा है, सब पर नहीं. दूसरी तरफ कांग्रेस को ये ध्यान रखना है कि उसे पाटीदारों का जो भी वोट मिलेगा वो बोनस वोट होगा.

    लेकिन कांग्रेस इसका कितना फायदा ले पाती है, ये देखने वाली बात होगी. दूसरी ओर दोनों इंडिपेंडेंट संस्थाओं का चुप रहना कांग्रेस को फायदा पहुंचा सकता है.

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